Author: NewseDay

  • बाल धोने का सही तरीका: ऑयली, ड्राई और नॉर्मल बालों के लिए कितनी बार शैंपू करें?

    बाल धोने का सही तरीका: ऑयली, ड्राई और नॉर्मल बालों के लिए कितनी बार शैंपू करें?

    अच्छे और चमकदार बाल न केवल आपकी सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि ये आपकी पर्सनल हाइजीन का भी हिस्सा हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि बालों को कितनी बार धोना चाहिए?

    सच तो यह है कि इसका कोई एक तय नियम नहीं है। यह पूरी तरह से आपके बालों के प्रकार, आपकी लाइफस्टाइल और आपके वातावरण पर निर्भर करता है। आइए जानें इन फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए आपको हफ्ते में कितनी बार बाल धोने चाहिए?

    बालों को धोने की फ्रीक्वेंसी आपकी स्कैल्प की कंडीशन पर निर्भर करती है-

        ऑयली स्कैल्प- अगर आपकी जड़ें जल्दी चिपचिपी हो जाती हैं, तो आपको हफ्ते में 3 से 4 बार बाल धोने की जरूरत पड़ सकती है। बहुत ज्यादा तेल जमने से डैंड्रफ और बाल झड़ने की समस्या हो सकती है।
        ड्राई या कर्ली बाल- सूखे और घुंघराले बालों को कम धोने की सलाह दी जाती है. क्योंकि नेचुरल ऑयल इन बालों के लिए जरूरी होता है। ऐसे लोगों के लिए हफ्ते में 1 या 2 बार बाल धोना काफी है।
        नॉर्मल बाल- अगर आपके बाल न ज्यादा ऑयली हैं और न ही ड्राई, तो हफ्ते में 2 से 3 बार धोना सबसे अच्छा बैलेंस है।
        एक्सरसाइज और पसीना- अगर आप जिम जाते हैं या धूल-मिट्टी वाले वातावरण में काम करते हैं, तो आपको बालों को ज्यादा बार धोने की जरूरत हो सकती है, ताकि पसीना और गंदगी साफ हो सके। इसके लिए हफ्ते में 4-5 बार बाल धोने पड़ सकते हैं।

    बाल धोते समय ध्यान रखने वाली बातें

    सिर्फ बाल धोना काफी नहीं है, उन्हें सही तरीके से धोना भी जरूरी है।

    पानी का तापमान- बालों के लिए कभी भी बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल न करें। गर्म पानी बालों की नमी छीन लेता है और उन्हें बेजान बना देता है। हमेशा गुनगुने या ठंडे पानी का इस्तेमाल करें।
        सही शैम्पू चुनें- हमेशा अपने बालों के टाइप के अनुसार सल्फेट-फ्री शैम्पू चुनें। शैम्पू को सीधे बालों पर लगाने के बजाय, उसे थोड़े पानी में घोलकर इस्तेमाल करें। ध्यान रहे कि शैम्पू का मुख्य काम स्कैल्प की सफाई करना है, इसलिए इसे जड़ों पर ज्यादा फोकस करें।
        कंडीशनर है जरूरी- शैम्पू के बाद कंडीशनर लगाना कभी न भूलें। कंडीशनर बालों को हाइड्रेटेड रखता है और उन्हें टूटने से बचाता है। याद रखें, कंडीशनर को सिर्फ बालों के सीरों पर लगाएं, जड़ों में नहीं।
        सुखाने का सही तरीका- गीले बाल सबसे कमजोर होते हैं। उन्हें तौलिये से जोर-जोर से न रगड़ें। इसके बजाय, माइक्रोफाइबर तौलिये या पुरानी सूती टी-शर्ट से हल्के हाथों से पानी थपथपाकर सुखाएं। हेयर ड्रायर का इस्तेमाल कम से कम करें।
        कंघी कैसे करें- गीले बालों में कंघी न करें। बाल सूखने के बाद चौड़े दांतों वाली लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करें।

     

  • आंखों को बनाना है बड़ा और आकर्षक? बिना फिल्टर के काम करेंगी ये 5 मेकअप ट्रिक्स

    आंखों को बनाना है बड़ा और आकर्षक? बिना फिल्टर के काम करेंगी ये 5 मेकअप ट्रिक्स

    बड़ी और चमकदार आंखें हर चेहरे की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती हैं। ऐसी आंखें न सिर्फ अट्रैक्टिव दिखती हैं, बल्कि पर्सनेलिटी में एक अलग ही निखार लाती हैं।

    हर किसी की आंखें नेचुरली बड़ी नहीं होतीं। अगर आपकी आंखें छोटी हैं या थकी हुई दिखती हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान और स्मार्ट मेकअप ट्रिक्स अपनाकर आप अपनी आंखों को बड़ा, ब्राइट और अधिक डिफाइन्ड लुक दे सकती हैं। यहां कुछ असरदार मेकअप हैक्स, की जानकारी दी गई है जो आपकी आंखों को देंगे इंस्टेंट बिग-आई इफेक्ट।  आइए जानते हैं इनके बारे में

    वॉटरलाइन पर न्यूड या व्हाइट काजल लगाएं
    काले काजल की जगह वॉटरलाइन पर न्यूड या सफेद काजल पेंसिल का इस्तेमाल करें। इससे आंखें खुली-खुली और ज्यादा बड़ी लगती हैं। यह ट्रिक खासकर तब बहुत असरदार होती है जब आपकी आंखें थकी हुई या छोटी दिख रही हों।

    इनर कॉर्नर को हाइलाइट करें
    आंखों के अंदरूनी कोने यानी इनर कॉर्नर पर शिमर या हाइलाइटर लगाने से आंखों को ब्राइटनेस मिलती है और वे ज्यादा ओपन दिखाई देती हैं। यह मेकअप ट्रिक आंखों को तुरंत जगमगाहट देती है।

    आईलैश कर्ल करें और मस्कारा लगाएं
    आईलैश कर्लर का इस्तेमाल करें और फिर अच्छी क्वालिटी का मस्कारा लगाएं। यह न केवल पलकों को लंबा और घना दिखाता है, बल्कि आंखों को भी बड़ा लुक देता है।

    स्मार्ट आईलाइनर का इस्तेमाल करें
    आईलाइनर को पूरा आंखों के चारों ओर लगाने से आंखें छोटी लग सकती हैं। बेहतर होगा कि आप विंग्ड लाइनर या स्मज्ड लाइन का इस्तेमाल करें। इससे आंखें लंबी और खुली नजर आती हैं।

    क्रीज एरिया पर मीडियम टोन आईशैडो लगाएं
    क्रीज एरिया पर मीडियम टोन आईशैडो लगाने के लिए, पहले एक साफ और तैयार पलक पर आईशैडो प्राइमर लगाएं। इसके बाद ब्राउन, टॉपी या मीडियम टोन शेड्स का इस्तेमाल क्रीज लाइन पर करें और अच्छी तरह ब्लेंड करें। यह आंखों को डेप्थ देता है, जिससे वे ज्यादा बड़ी और डीप लगती हैं।

    आईब्रो को सही शेप दें
    आईब्रो का अच्छा आर्च शेप आंखों को उठे हुए लुक में मदद करता है। साफ-सुथरी, घनी और संतुलित आईब्रो आंखों की फ्रेमिंग को बेहतर बनाती हैं।

    कंसीलर से डार्क सर्कल छुपाएं
    डार्क सर्कल्स आंखों को छोटा और थका हुआ दिखाते हैं। अच्छे कंसीलर से अंडरआई एरिया को ब्राइट करें, जिससे आंखें फ्रेश और बड़ी लगें।

    फॉल्स लैशेज का सहारा लें (ऑप्शनल)
    अगर किसी खास मौके पर ड्रमैटिक लुक चाहिए, तो नेचुरल लुक वाली फाल्स आईलैशेज लगाएं। इससे आपकी आंखें इंस्टेंटली बड़ी और ग्लैमरस दिखेंगी।

  • Samsung के नए फ्लैगशिप S26, S26+ और Ultra भारत में आए, जानें क्या खास है इन फीचर्स में

    Samsung के नए फ्लैगशिप S26, S26+ और Ultra भारत में आए, जानें क्या खास है इन फीचर्स में

    मुंबई 

    स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Samsung ने Galaxy Unpacked 2026 इवेंट में भारत और ग्लोबल मार्केट में Galaxy S26 सीरीज़ को लॉन्च कर दिया है. इस लाइनअप में Galaxy S26, Galaxy S26+ और Galaxy S26 Ultra मॉडल शामिल हैं. टॉप-स्पेक Galaxy S26 Ultra, Galaxy के लिए कस्टमाइज़्ड Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर के साथ आता है.

    इसके अलावा, इसमें अपग्रेडेड 200MP क्वाड रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. इसके साथ ही, स्टैंडर्ड और Plus वेरिएंट 2nm Exynos 2600 चिपसेट से लैस हैं और इनमें 50MP ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है. नया लाइनअप Samsung के वन UI 8.5 इंटरफ़ेस के साथ एंड्रॉयड 16 पर चलता है.

    साउथ कोरियन कंपनी ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन लाइनअप के साथ नई Galaxy Buds4 सीरीज़ को भी बाजार में उतारा है. दोनों TWS में ट्रांसपेरेंट क्लैमशेल-टाइप क्रैडल चार्जिंग केस और इयरपीस पर पिच कंट्रोल एरिया दिया है. जहां Buds4 Pro में Enhanced ANC के साथ Adaptive ANC मिलता है, वहीं Buds4 में सिर्फ Enhanced ANC दिया गया है. Pro मॉडल हैंड्स-फ्री जेस्चर कंट्रोल और नए चौड़े वूफर के साथ भी आता है.

    Samsung Galaxy S26 सीरीज की कीमत
    नए Samsung Galaxy S26 Ultra तीन रैम और स्टोरेज वेरिएंट में आता है. इसके 12GB RAM + 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,39,999 रुपये है, जबकि 12GB RAM + 512GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 1,59,999 है. इसके अलावा, 16GB RAM + 1TB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,89,999 रुपये रखी गई है.

    वहीं, Samsung Galaxy S26 और Galaxy S26+ की बात करें तो ये 12GB RAM के साथ आते हैं. स्टैंडर्ड मॉडल के बेस 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 87,999 रुपये और 512GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,07,999 रुपये रखी गई है, जबकि Plus वेरिएंट के बेस 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 1,19,999 रुपये और 512GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,39,999 रुपये रखी गई है.

    पूरी Galaxy S26 सीरीज़ प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है और इसमें कोबाल्ट वायलेट, व्हाइट, ब्लैक और स्काई ब्लू जैसे शेयर किए गए कलर ऑप्शन हैं. यह डिवाइस पिंक गोल्ड और सिल्वर शैडो कलर में भी खास तौर पर Samsung.com पर उपलब्ध होगा. यह लाइनअप Samsung.com, Amazon, Vijay Sales और Croma जैसे ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म पर प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है. शुरुआती डिलीवरी 6 मार्च, 2026 से शुरू होगी.

    जो लोग नई स्मार्टफोन सीरीज़ को प्री-ऑर्डर करेंगे, उन्हें फ्री स्टोरेज अपग्रेड मिलेगा, जिसमें 256GB वेरिएंट के बजाय 512GB स्टोरेज मॉडल मिलेगा और 20,000 रुपये की बचत होगी. Samsung खरीद पर 9 महीने की नो-कॉस्ट EMI और Ultra वेरिएंट की खरीद पर 9,000 रुपये तक का कैशबैक भी दे रहा है.

    Samsung Galaxy S26 सीरीज में क्या है नया
    Galaxy S26 सीरीज़ में हल्का और स्लीक डिज़ाइन मिलता है, जिसमें गोल कर्वेचर और पूरे लाइनअप में एक जैसी डिज़ाइन पहचान है. Galaxy S26 Ultra अपने पिछले मॉडल से 0.3 mm पतला है और इसका वज़न 214 ग्राम है.

    Samsung ने Galaxy S26 Ultra के साथ अपना नया प्राइवेसी डिस्प्ले भी पेश किया है, जो अलग स्क्रीन प्रोटेक्टर की ज़रूरत के बिना साइड-एंगल व्यूइंग को लिमिट करता है. डिस्प्ले सामने से क्लियर रहता है, जबकि साइड से विज़िबिलिटी को कम कर देता है, ताकि आस-पास देखने वालों से ऑन-स्क्रीन कंटेंट को बचाने में मदद मिल सके.

    Samsung का कहना है कि, "यूज़र्स ज़्यादा आसानी के लिए प्राइवेसी डिस्प्ले को साइड बटन के डबल-प्रेस फ़ंक्शन पर भी असाइन कर सकते हैं." "साइड से देखने पर भी, कंटेंट छिपा रहता है — जिससे यह भीड़-भाड़ वाले पब्लिक ट्रांसपोर्ट या लिफ्ट में खास तौर पर काम आता है."

    Galaxy S26 सीरीज़ पर Galaxy AI में बेहतर कॉन्टेक्स्ट अवेयरनेस है और इसमें Now Nudge नाम का एक नया फ़ीचर भी है, जिसका मकसद कॉन्टेक्स्ट में ज़रूरी जानकारी दिखाकर ऐप स्विचिंग को कम करना है. उदाहरण के लिए, अगर कोई दोस्त मैसेजिंग ऐप पर शाम के प्लान के बारे में पूछता है, तो Galaxy AI कैलेंडर चेक करता है, कॉन्फ्लिक्ट का पता लगाता है, और एक खास 'Nudge' पॉप-अप दिखाता है.

    Galaxy S26 सीरीज़ Bixby, Gemini और Perplexity के साथ अपने AI इकोसिस्टम को भी बढ़ाती है, जिससे इसे खास सेटिंग्स को एडजस्ट करने के लिए नेचुरल लैंग्वेज कमांड से कंट्रोल किया जा सकता है, बिना उनका सही नाम जाने भी. उदाहरण के लिए, 'मेरी आंखें थकी हुई लग रही हैं' कहने पर Bixby आई कम्फर्ट शील्ड को एक्टिवेट करने का सुझाव देगा.

    Galaxy S26 Ultra vs Galaxy S26+ vs Galaxy S26: स्पेसिफिकेशन

    कैटेगरी Galaxy S26 Ultra Galaxy S26+ Galaxy S26
    डिस्प्ले 6.9-इंच QHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz 6.7-इंच QHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz 6.3-इंच FHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz
    विशेष डिस्प्ले फीचर 10-bit कलर, प्राइवेसी डिस्प्ले (30° रेस्ट्रिक्शन) — —
    प्रोटेक्शन कॉर्निंग गोरिल्ला आर्मर 2
    प्रोसेसर Snapdragon 8 Elite Gen 5 (Galaxy कस्टम) Exynos 2600 Exynos 2600
    RAM 16GB तक 12GB 12GB
    स्टोरेज विकल्प 1TB तक 256GB / 512GB 256GB / 512GB
    सॉफ्टवेयर One UI 8.5 (Android 16)
    रियर कैमरा 200MP + 50MP (5x) + 50MP (UW) + 10MP (3x) 50MP + 10MP (3x) + 12MP (UW)
    फ्रंट कैमरा 12MP
    बैटरी 5,000mAh 4,900mAh 4,300mAh
    वायर्ड चार्जिंग 60W 45W 25W
    वायरलेस चार्जिंग सुपर फास्ट वायरलेस चार्जिंग फास्ट वायरलेस चार्जिंग 2.0

    Samsung Galaxy Buds4 सीरीज के स्पेसिफिकेश और फीचर्स
    भारत में Samsung Galaxy Buds4 की कीमत 16,999 रुपये रखी गई है, जबकि बेहतर Galaxy Buds4 Pro की कीमत 22,999 रुपये है. दोनों TWS 11 मार्च, 2026 से Amazon और Samsung India ऑनलाइन स्टोर से खरीदने के लिए उपलब्ध होंगे.

    Galaxy Buds4 ब्लैक और व्हाइट कलर में पेश किया गया है, जबकि Galaxy Buds4 Pro एक एक्स्ट्रा पिंक गोल्ड कलर ऑप्शन में मिलेगा. Galaxy Buds4 Pro में कैनाल-फिट आर्किटेक्चर, एक नया इंजीनियर्ड चौड़ा वूफर है, जो स्पीकर एरिया को लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का दावा करता है, और रिच बेस और डिटेल्ड ट्रेबल के लिए टू-वे स्पीकर सिस्टम है, जिसमें 24-bit/96kHz हाई-फाई ऑडियो का सपोर्ट है.

    इसमें बेहतर Adaptive EQ और Adaptive ANC भी मिलता है, जो कान के आकार और पहनने की कंडीशन के आधार पर समझदारी से एडजस्ट होते हैं, साथ ही हेड जेस्चर कंट्रोल और Bixby, Google Gemini, और Perplexity जैसे AI असिस्टेंट के लिए हैंड्स-फ्री एक्सेस भी है. Galaxy Buds4 में ओपन-फिट डिज़ाइन है, जो पूरे दिन पहनने के लिए है, साथ ही इसमें बेहतर एक्टिव नॉइज़ कैंसलेशन, अडैप्टिव EQ और सुपर क्लियर कॉल टेक्नोलॉजी भी मिलती है.

     

     

     

  • ग्रहण के बाद शुद्धिकरण के नियम: मंदिर, किचन और पूरे घर के लिए जरूरी बातें

    ग्रहण के बाद शुद्धिकरण के नियम: मंदिर, किचन और पूरे घर के लिए जरूरी बातें

    पंचांग के अनुसार, साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा यानी 3 मार्च 2026 को लगने जा रहा है. हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील समय माना जाता है. इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और भोजन आदि से परहेज किया जाता है. ऐसे में ग्रहण समाप्त होने के बाद घर, मंदिर और रसोई का शुद्धिकरण करना जरूरी माना गया है.आइए जानते हैं कि ग्रहण के बाद शुद्धिकरण कैसे किया जाता है और इसके क्या नियम हैं.

    क्या है चंद्र ग्रहण का धार्मिक महत्व?
    हिंदू मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का संबंध राहु और केतु से जोड़ा जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के समय राहु-केतु ने छल से अमृत पान किया था, जिसके बाद उनका सिर और धड़ अलग कर दिया गया. मान्यता है कि वही राहु-केतु समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को ग्रसित करते हैं, जिससे ग्रहण लगता है. इसी कारण ग्रहण काल को नकारात्मक ऊर्जा का समय माना जाता है और इसके बाद शुद्धिकरण की परंपरा निभाई जाती है.

    मंदिर का शुद्धिकरण कैसे करें?
        ग्रहण समाप्त होते ही सबसे पहले घर के सभी सदस्य स्नान करें. गंगाजल मिले पानी से स्नान करना शुभ माना जाता है.
        मंदिर की सफाई करें यानी घर के मंदिर को साफ कपड़े से पोंछें.
        पूरे मंदिर और घर में गंगाजल छिड़कें.
        यदि संभव हो तो मूर्तियों को गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान कराकर फिर से स्थापित करें.
        भगवान को ताजे फूल, नए वस्त्र और ताजा भोग अर्पित करें.
        शुद्धिकरण के बाद आरती और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है.

    किचन का शुद्धिकरण कैसे करें?
        ग्रहण के दौरान बना हुआ या रखा हुआ भोजन नहीं खाना चाहिए.
        चूल्हा, गैस स्टोव, बर्तन आदि अच्छी तरह धो लें.
        ग्रहण के बाद ताजा और सात्विक भोजन बनाना चाहिए.
        मान्यता है कि ग्रहण से पहले भोजन में तुलसी पत्र डालने से उसका प्रभाव कम होता है.

    पूरे घर का शुद्धिकरण
        घर में गंगाजल या गौमूत्र का छिड़काव करें.
        नमक मिले पानी से फर्श पोंछना भी शुभ माना जाता है.
        हवन या धूप-दीप जलाकर वातावरण को शुद्ध करें.

    ग्रहण के बाद क्या करें?
        दान-पुण्य करें, विशेषकर अन्न, वस्त्र या धन का दान और गरीबों को भोजन कराना शुभ माना जाता है.
        भगवान का ध्यान और मंत्र जाप करें.
        ग्रहण के बाद स्नान किए बिना पूजा न करें.

     

  • राजस्थान की भजनलाल शर्मा कैबिनेट का बड़ा फैसला, वरिष्ठ बीडीओ के 750 नए पद मंजूर

    राजस्थान की भजनलाल शर्मा कैबिनेट का बड़ा फैसला, वरिष्ठ बीडीओ के 750 नए पद मंजूर

    जयपुर.

    राजस्थान कैबिनेट ने बुधवार को एक बड़ा फैसला लिया। अब पंचायती राज संस्थाओं में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारियों को पदोन्नति का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। राज्य मंत्रिपरिषद ने वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी के 750 नए पद सृजित करने की स्वीकृति दी है।

    इसके लिए राजस्थान ग्रामीण विकास एवं अधीनस्थ सेवा नियम, 1998 में संशोधन किया गया है। प्रदेश में 11 हजार से अधिक ग्राम विकास अधिकारी कार्यरत हैं। प्रथम पदोन्नति के लिए पूर्व में सहायक विकास अधिकारी के 2465 पद स्वीकृत थे, जो पर्याप्त नहीं थे।

    संघ ने कहा महत्वपूर्ण निर्णय
    संगठन की मांग पर 3600 ग्रेड वेतन तथा वेतन स्तर-10 में 750 नए पद स्वीकृत किए हैं। संघ के प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा एवं प्रदेश महामंत्री शिवराज चौधरी ने निर्णय का स्वागत किया। जिलाध्यक्ष भरत कुमार पटोत ने कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।

  • ‘दो बच्चों’ वाली 30 साल पुरानी अनिवार्यता खत्म, राजस्थान में 3 संतान वाले भी लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव

    ‘दो बच्चों’ वाली 30 साल पुरानी अनिवार्यता खत्म, राजस्थान में 3 संतान वाले भी लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव

    जयपुर.

    राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव से पहले बड़ा बदलाव किया गया है। भजनलाल सरकार ने पंचायत और निकाय चुनाव लड़ने की योग्यता में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत अब राज्य में दो से अधिक संतान वाले भी स्थानीय चुनाव लड़ सकेंगे। यानी अब दो से ज्यादा बच्चे वाले भी सरपंच और पार्षद बन सकेंगे।

    उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल का कहना है कि दो से अधिक संतान होने पर चुनाव लड़ने का प्रतिबंध उस समय लागू किया गया था, जब जनसंख्या विस्फोट पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता थी। वर्ष 1991-94 के बीच प्रजनन दर 3.6 थी, जो वर्तमान में घटकर 2 रह गई है। ऐसे में इन प्रावधानों का प्रत्यक्ष प्रभाव अब कम होता जा रहा है। ऐसे में भजनलाल सरकार ने अब राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा-19 और राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा-24 में संशोधन करने का निर्णय लिया है।

    वर्तमान सत्र में ही पारित होंगे दोनों विधेयक
    कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्थान पंचायतीराज संशोधन बिल और राजस्थान नगरपालिका संशोधन बिल 2026 को मंजूरी दे दी है। इन संशोधनों के लागू होने के बाद दो से अधिक संतानों वाले व्यक्तियों पर निकाय और पंचायत चुनाव लड़ने की लगी रोक समाप्त हो जाएगी। पटेल ने कहा कि दोनों विधेयकों को वर्तमान सत्र में ही पारित कराया जाएगा। इस निर्णय से ऐसे कई जनप्रतिनिधियों और संभावित उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, जो अब तक इस प्रावधान के कारण चुनाव नहीं लड़ पा रहे थे।

    समय-समय पर उठती रही बदलाव की मांग
    पिछली गहलोत सरकार के दौरान कांग्रेस विधायक हेमाराम चौधरी ने 2 बच्चों की शर्त हटाने की मांग की थी। पिछले साल बजट सेशन के दौरान चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने भी सवाल उठाते हुए पूछा था कि दो से ज्यादा बच्चों वाले लोगों को विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने की इजाज़त देने और पंचायत चुनाव लड़ने से रोकने के पीछे क्या वजह है? साथ ही इस नियम पर फिर से विचार करने की अपील की थी।

    जनप्रतिनिधि-नेताओं के समान अवसर की मांग पर संशोधन
    जनप्रतिनिधियों और कई नेताओं ने दो बच्चों की बाध्यता हटाने की पुरजोर मांग की थी। खुद मंत्री झाबर सिंह खर्रा इन नेताओं की बात को कई बार दोहरा चुके हैं कि विधायक और सांसद चुनाव में ऐसी बाध्यता नहीं है। वहीं, सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन में भी यह शर्त पहले ही हटाई जा चुकी है। ऐसे में निकाय चुनाव में यह बाध्यता क्यों हो? जनप्रतिनिधियों को भी समान अवसर मिलना चाहिए। इसी आधार पर सरकार में तय हुआ कि सभी योग्य और सक्रिय लोगों को चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए, विशेषकर उन लोगों को जिन्होंने वर्षों तक जमीनी स्तर पर काम किया है।

    उल्लेखनीय है कि वर्ष 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत के कार्यकाल में पंचायतीराज कानून और राजस्थान नगरपालिका कानून में संशोधन कर दो से अधिक संतानों वाले व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर रोक का प्रावधान जोड़ा गया था। उस समय इसका उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देना बताया गया था। नियम लागू होने के बाद कई निर्वाचित प्रतिनिधियों की सदस्यता समाप्त भी हुई थी। इस फैसले से राजस्थान की राजनीति गरमा गई थी। 1997 में राजस्थान हाईकोर्ट ने इस बदलाव को सही ठहराते हुए कहा था कि यह आबादी बढ़ने से रोकने के लिए एक ज़रूरी कदम है। लेकिन, अब 30 साल पहले लागू किए गए प्रावधान को बदलने के निर्णय के बाद प्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायतीराज की राजनीति में बदलाव की संभावना है।

  • CM के निर्देश पर भोपाल के वल्लभ भवन-सतपुड़ा और विंध्याचल में हाजिरी मॉनिटरिंग शुरू, अधिकारियों ने लिया फॉलो-अप

    CM के निर्देश पर भोपाल के वल्लभ भवन-सतपुड़ा और विंध्याचल में हाजिरी मॉनिटरिंग शुरू, अधिकारियों ने लिया फॉलो-अप

    भोपाल

    मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने वल्लभ भवन सहित प्रमुख मंत्रालयीन परिसरों में छापामार कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति, कार्यालय में आने-जाने का समय तथा अनधिकृत अनुपस्थिति की विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली में अनुशासन और जवाबदेही को मजबूत करना है।
    सुबह 10 से शाम 6 बजे तक होगी विशेष निगरानी

    निर्देशों के अनुसार आज सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा—तीनों कार्यालय परिसरों में विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव भले ही भोपाल से बाहर दौरे पर रहेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निर्धारित समयावधि में उपस्थिति से जुड़ी हर जानकारी संकलित की जाए। कर्मचारियों की हाजिरी, देरी से आने या समय से पहले जाने जैसी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
    सामान्य प्रशासन विभाग की टीमें तैनात

    सामान्य प्रशासन विभाग ने इस अभियान के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं, जिन्हें तीनों भवनों में तैनात किया गया है। ये टीमें मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगी और अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगी। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस संबंध में पूर्व सूचना दे दी गई है, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।
    अनुशासन और जवाबदेही पर सरकार का फोकस

    सरकार का मानना है कि समयपालन और नियमित उपस्थिति से प्रशासनिक कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले समय में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रह सकते हैं, जिससे शासकीय तंत्र में कार्यसंस्कृति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

    सीएम और मुख्य सचिव दौरे पर, फिर भी सख्ती

    बताया गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्तमान में भोपाल से बाहर दौरे पर हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग को सभी संबंधित दफ्तरों में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनाधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी एकत्र करने के आदेश दिए गए हैं।

    सामान्य प्रशासन विभाग की टीमें तीनों भवनों में तैनात होकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    समय पालन पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सभी अधिकारी और कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।

    उन्होंने संदेश दिया है कि यदि समय पालन में कोताही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

    पारदर्शी प्रशासन पर जोर

    राज्य सरकार का कहना है कि जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को पूर्ण जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।

    टार्गेट क्या है?

    इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल हाजिरी लगाना नहीं, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के आने-जाने का सटीक समय नोट करना और अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वालों की जानकारी संकलित करना है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए खास टीमों का गठन किया है, जो पूरे दिन इन दफ्तरों में उपस्थिति और काम की निगरानी करेंगी।

    पहले भी सीएम ने दी है वार्निंग
    यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय की पाबंदी को लेकर हिदायत दी है। इससे पहले भी वे सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि राज्य में हफ्ते में पांच दिन ही दफ्तर खुलने के बावजूद, कई अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तर नहीं पहुंचते हैं। सीएम का मानना है कि अधिकारियों की देरी से आने की आदत प्रशासनिक काम में बड़ी परेशानी पैदा करते हैं और आम जनता के काम रोकते हैं।

  • 600 किमी की रफ्तार से दौड़ती हवा में चलने वाली ट्रेन में CM योगी का मजेदार सफर

    600 किमी की रफ्तार से दौड़ती हवा में चलने वाली ट्रेन में CM योगी का मजेदार सफर

    लखनऊ / टोक्यो  

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी जापान यात्रा के आखिरी दिन यामानाशी में हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन का सफर किया. हाइड्रोजन ग्रीन एनर्जी प्लांट के बाद 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हाई स्पीड मैगलेव ट्रेन का अनुभव योगी आदित्यनाथ के लिए रोमांच भरा रहा. लीनियर मैग्लेव ट्रेन 500 किमी की स्पीड से चलती है. अभी जापान की बुलेट ट्रेन 300 किमी की स्पीड से दौड़ती है.

    लीनियर मोटर कार 500 की स्पीड से चलती है. अभी की जो जापान की बुलेट ट्रेन है, उसकी स्पीड 300 किलोमीटर प्रतिघंटा है. वहीं यह लीनियर मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय बल से चलती है या कहें हवा में 500 की स्पीड में उड़ती है. सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ इस रोमांचक ट्रेन पर सफर तय किया. 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान यात्रा के दूसरे दिन यामानाशी प्रांत में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का दौरा किया. इस दौरान योगी ने पानी से हाइड्रोजन और बिजली बनाने की तकनीक को समझा. टोक्यो से यामनाशी जाते हुए तुलसी नाम की एक साध्वी तुलसी अपने साथियों से योगी से मिलीं.

    साध्वी तुलसी ने बताया कि वे जापान में हिंदू और जैन धर्म का प्रचार कर रही हैं. उनके साथ मौजूद एक छोटे बच्चे ने योगी आदित्यनाथ के चरण स्पर्श करके संस्कृत में मंत्र भी सुनाया. योगी को यह दृश्य देखकर प्रसन्नता हुई और उन्होंने जापानी भक्तों को प्रसाद रूप में चॉकलेट दी. सीएम योगी आदित्यनाथ यामानाशी प्रांत पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चों ने उनका स्वागत किया. हाथों में भारत-जापान का झंडा पकड़े बच्चों के साथ योगी ने कुछ समय बिताया.

    इसके अलावा यामानाशी में रहने वाले स्थानीय लोगों ने योगी को एक खास पेंटिंग भी भेंट की. यामानाशी जापान में आधुनिक खेती और तकनीक के लिए जाना जाता है. यहां हाइड्रोजन एनर्जी, रोबोटिक सेंटर और हाई स्पीड ट्रेन का सेंटर है. इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध माउंट फ्यूजी पहाड़ भी आकर्षण का केंद्र है.

    मैग्लेव ट्रेन का सफर न सिर्फ रोमांचक रहा, बल्कि भविष्य की परिवहन तकनीक की झलक भी लेकर आया. जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय शक्ति पर आधारित है, जो इसे पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग बनाती है. यह ट्रेन पटरियों से ऊपर उठकर चलती है, यानी घर्षण लगभग खत्म हो जाता है और यही वजह है कि इसकी रफ्तार 500 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाती है. यामानाशी टेस्ट ट्रैक पर इस ट्रेन ने अपनी उच्चतम क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री भी प्रभावित नजर आए.

    वर्तमान में जापान की बुलेट ट्रेन लगभग 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, लेकिन मैग्लेव तकनीक इस गति को दोगुना करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. शिंकानसेन पहले ही दुनिया में तेज और सुरक्षित यात्रा का प्रतीक बन चुकी है, और अब मैग्लेव इसे और आगे ले जाने की तैयारी में है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाइड्रोजन आधारित ग्रीन एनर्जी प्लांट का भी अवलोकन किया. 

    मैग्लेव ट्रेन का सफर पूरी तरह से स्मूद और झटकों से मुक्त होता है. ट्रेन के अंदर बैठकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई विमान जमीन के बेहद करीब उड़ रहा हो. इस अनुभव को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे भविष्य की यात्रा बताया.

    9 साल के कार्यकाल में सीएम योगी का दूसरा विदेश दौरा

    जिस हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन में योगी आदित्यनाथ ने सफर किया, वह पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग है. यह ट्रेन पटरी को छूती नहीं, बल्कि चुंबकीय तकनीक के सहारे ट्रैक से ऊपर हवा में तैरते हुए तेज रफ्तार से दौड़ती है.

    बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर हैं, जो उनके नौ साल के कार्यकाल की दूसरी विदेश यात्रा है. इससे पहले 2017 में उन्होंने म्यांमार का सीमित दौरा किया था. लंबे अंतराल के बाद यह विदेश दौरा खास माना जा रहा है, क्योंकि इसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करना और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देना है.

     

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    समुंदर किनारे मस्ती करती दिखीं Natasa Stankovic, बिकिनी लुक ने उड़ाए सभी के होश

    मुंबई 
    नताशा स्टेनकोविक ने अपने करियर की शुरूआत सर्बिया में डांस और मॉडलिंग से की थी. 2012 में वो मुंबई आईं और बॉलीवुड में काम करना शुरू कर दिया.नताशा का फिल्मी करियर उतना शानदार नहीं रहा है, जितनी उम्मीद की जा रही थी. उन्हें असली लाइमलाइट भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पंड्या संग शादी के बाद मिली. 

    हार्दिक और नताशा की शादी चार साल चली और 2024 में दोनों तलाक लेकर अलग हो गए. नताशा और हार्दिक बेटे अगस्त्य की को-पेरेंटिंग कर रहे हैं. तलाक के बाद नताशा लाइफ में आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर नई तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वो गोवा में समंदर किनारे चिल करती दिख रही हैं.  वेकेशन फोटोज में नताशा बिकिनी में नजर आ रही हैं, उन्होंने अपनी खूबसूरती और अदाओं से लोगों का दिल जीत लिया. नताशा गोवा में लग्जूरियस लाइफस्टाइल को एंजॉय करती दिखीं. उन्होंने वहां का फूड और मौसम दोनों एंजॉय किया.      
         
    एक फोटो में उन्होंने बेडरूम की झलक भी दिखाई, जिसमें वो मिरर सेल्फी लेती नजर आ रही हैं. शॉर्ट ड्रेस में नताशा को खिलखिलाते देखा गया. उनके चेहरे की खुशी बता रही है कि उन्होंने गोवा में क्वालिटी टाइम बिताया है. नताशा को खुश देखकर इनके चाहने वाले भी बेहद खुश नजर आ रहे हैं. 

  • अपराध रोकने पुलिस में किया फेरबदल, मुजफ्फरपुर में कई थानों के थानाध्यक्ष बदले

    अपराध रोकने पुलिस में किया फेरबदल, मुजफ्फरपुर में कई थानों के थानाध्यक्ष बदले

    मुजफ्फरपुर.

    अपराध नियंत्रण व विधि व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने थानाध्यक्ष समेत 11 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया है। इसके तहत मनियारी, औराई, गायघाट समेत छह थानों में नए थानाध्यक्षों की तैनाती की गई है। पूर्व से जमे कई थानाध्यक्षों को क्राइम कंट्रोल में विफलता के लिए हटाया गया है।

    एसएसपी कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञिप्ति में बताया गया कि कार्यकुशलता, लोकहित एवं रिक्ति के आधार पर इन पुलिस पदाधिकारियों को पुलिस उपमहानिरीक्षक तिरहुत क्षेत्र के अनुमोदन उपरांत पदस्थापित किया गया है। जारी सूची के अनुसार अहियापुर के अपर थानाध्यक्ष दारोगा जितेंद्र महतो को मनियारी थानाध्यक्ष बनाया गया है। औराई थानाध्यक्ष राजा सिंह को गायघाट थानाध्यक्ष। औराई थाना में अनुसंधान इकाई में तैनात दारोगा हेमलता कुमारी को औराई थानाध्यक्ष। काजीमोहम्मदपुर थाना के अनुसंधान इकाई से दारोगा शिवचन्द्र यादव को बरियारपुर थानाध्यक्ष, अनुसंधान इकाई कांटी थाना से दारोगा यशवंत कुमार मिश्रा को बोचहां थानाध्यक्ष, अनुसंधान इकाई मोतीपुर थाना से दारोगा अमिता सिंह को महिला थानाध्यक्ष बनाया गया है।

    इसके अलावा मनियारी थानाध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता को वहां से बदलकर अनुसंधान इकाई साइबर थाना में तैनात किया गया है।
    बोचहां थानाध्यक्ष श्रीकांत चौरसिया को अनुसंधान इकाई सदर थाना में तैनात किया गया है। बरियारपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार को अनुसंधान इकाई अहियापुर थाना, महिला थानाध्यक्ष सबिता कुमारी को प्रभारी एएचटीयू कोषांग एसएसपी कार्यालय और गायघाट थानाध्यक्ष सरूण कुमार मंडल को अनुसंधान इकाई अहियापुर थाना में तबादला किया गया हैं।