Author: NewseDay

  • Hamdard को मिली सुप्रीम कोर्ट में बड़ी राहत, Rooh Afza को फ्रूट ड्रिंक मानकर 12.5% की बजाय देना होगा 4% VAT

    Hamdard को मिली सुप्रीम कोर्ट में बड़ी राहत, Rooh Afza को फ्रूट ड्रिंक मानकर 12.5% की बजाय देना होगा 4% VAT

      नई दिल्ली

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हमदर्द (वक्फ) लैबोरेटरीज के लोकप्रिय ड्रिंक 'रूह अफ़ज़ा' (Rooh Afza) को लेकर बड़ा और अहम फैसला सुनाया. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि रूह अफ़ज़ा को फ्रूट ड्रिंक/प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट की कैटेगरी में रखा जाएगा और इस पर 12.5% के बजाय केवल 4% वैट लगेगा. यह फैसला उत्तर प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स एक्ट, 2008 (यूपी वैट अधिनियम) के तहत कर निर्धारण से जुड़ा है.

    जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि कई राज्यों में रूह अफ़ज़ा को पहले से ही रियायती दर पर टैक्स के दायरे में रखा गया है, जिससे हमदर्द की दलील मजबूत होती है. पीठ ने यह भी माना कि उत्पाद को फ्रूड ड्रिंक मानने की व्याख्या 'न तो कृत्रिम थी और न ही अव्यावहारिक, बल्कि व्यावसायिक रूप से मान्य और वास्तविक' थी.

    अदालत ने कहा कि रूह अफ़ज़ा को अधिनियम की अनुसूची-II की प्रविष्टि 103 के तहत फ्रूट ड्रिंक/प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है. इसलिए संबंधित आकलन वर्ष के दौरान यह उत्पाद 4 प्रतिशत की रियायती वैट दर पर कर योग्य होगा. इस फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हमदर्द (वक्फ) लैबोरेटरीज की अपील स्वीकार कर ली और इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें रूह अफ़ज़ा को नॉन-फ्रूट और कृत्रिम तत्वों से तैयार ड्रिंक मानते हुए अधिक वैट लगाने की बात कही गई थी.

    असेसमेंट ईयर 2007-08 और 2008-09 के लिए, हमदर्द ने रूह अफ़ज़ा की बिक्री पर 4 प्रतिशत की कम दर से वैट का भुगतान किया, यह दावा करते हुए कि यह प्रोसेस्ड या प्रिजर्व्ड फ्रूट, फ्रूट स्क्वैश, फ्रूट ड्रिंक और फ्रूट जूस की श्रेणी में आता है. कर अधिकारियों ने इससे असहमति जताई और रूह अफ़ज़ा को नॉन-फ्रूट और कृत्रिम तत्वों से तैयार ड्रिंक माना जिस पर उच्च वैट लागू होता है. प्रथम अपीलीय प्राधिकरण और कमर्शियल टैक्स ट्रिब्यूनल के समक्ष हमदर्द की अपीलें खारिज हो गईं.

    ट्रिब्यूनल ने माना कि आम बोलचाल और व्यावसायिक भाषा में, हमदर्द के इस उत्पाद को फ्रूट ड्रिंक के बजाय शरबत के रूप में समझा जाता है. जुलाई 2018 में, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हमदर्द द्वारा दायर रिव्यू पिटीशन याचिकाओं को खारिज कर दिया और ट्रिब्यूनल के निर्णय को बरकरार रखा. हमदर्द ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने कर अधिकारियों और हाई कोर्ट के तर्क को खारिज कर दिया और हमदर्द के पक्ष में फैसला सुनाया.

  • इजरायल में पीएम मोदी की पहुंच, ‘एअर इंडिया वन’ विमान फ्लाइट रडार पर सबसे अधिक सर्च हुआ

    इजरायल में पीएम मोदी की पहुंच, ‘एअर इंडिया वन’ विमान फ्लाइट रडार पर सबसे अधिक सर्च हुआ

    नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल पहुंच गए हैं. इजरायल यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्लाइट लोकेशन को दुनिया में इस वक्त सबसे ज्यादा ट्रैक किया जा रहा है. दुनिया भर के विमानों के मूवमेंट पर नजर रखने वाला पॉपुलर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फ्लाइटरडार के डेटा बताते हैं कि इस वक्त पीएम मोदी की फ्लाइट मूवमेंट को विश्व में सबसे ज्यादा ट्रैक किया जा रहा है. 

    पीएम नरेंद्र बुधवार को दो दिनों की इजरायल यात्रा पर निकले हैं. फ्लाइटरडार एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो लाइव फ्लाइट ट्रैकिंग करता है. इसका मुख्य काम है दुनिया भर में उड़ रहे विमानों की रियल-टाइम लोकेशन, स्पीड, ऊंचाई, रूट, फ्लाइट नंबर आदि दिखाना है. फ्लाइटरडार के अनुसार बुधवार शाम पौने चार बजे जब पीएम मोदी की फ्लाइट सऊदी अरब से जॉर्डन में एंट्री कर रही थी उस वक्त इसे 7184 लोग लाइव ट्रैक कर रहे थे. 

    पीएम मोदी का विमान इजरायल के लिए पाकिस्तान और ईरान के एयर स्पेस को पूरी तरह से एवॉइड कर रहे हैं. पीएम मोदी की फ्लाइट दिल्ली से निकलकर गुजरात होते हुए अरब सागर को पार कर ओमान पहुंचा, इसके बाद सऊदी अरब पहुंचा, यहां से उनका प्लेन सऊदी अरब के एयर स्पेस बीच से होकर गुजरा. इसके बाद उनका विमान जॉर्डन पहुंचा. जॉर्डन के बाद इजरायल की सीमा शुरू हो जाती है. 

    पीएम मोदी एयर इंडिया वन से इज़रायल जा रहे हैं.  यह भारत सरकार का विशेष विमान है, जो प्रधानमंत्री और अन्य उच्च पदाधिकारियों के लिए इस्तेमाल होता है. आमतौर पर यह Boeing 777-300ER या कभी-कभी दो विमानों का फ्लीट होता है, जो स्पेशल कॉन्फ़िगरेशन के साथ आता है. इस विमान में कमांड सेंटर, सिक्योर कम्युनिकेशन और डिफेंस सिस्टम्स शामिल होते हैं. 

    पीएम मोदी 25 फरवरी 2026 को सुबह पालम एयर फोर्स स्टेशन से रवाना हुए. उनका विमान तेल अवीव के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ. भारत से इजरायल की डायरेक्ट फ्लाइट लगभग 6-7 घंटे की होती है. 

  • होलिका दहन और होली उत्सव पर निर्णय, ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी का समापन

    होलिका दहन और होली उत्सव पर निर्णय, ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी का समापन

    होलिका दहन, धूडेली, होली उत्सव, चल समारोह हेतु हुआ निर्णय

    ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी संपन्न

     भोपाल
     इस वर्ष तारीख दो की रात्रि को भद्रा के पुच्छकाल में होलिका दहन किया जाएगा। इस दिन पूरी रात्रि भर पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी। लेकिन 3 तारीख को होलिका दहन का प्रश्न ही नहीं उठाता धर्म सिंधु निर्णय सिंधु आदि ग्रंथों के अनुसार प्रतिपदा तिथि को होलिका दहन नहीं करना चाहिए चाहे भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन क्यों ना करनी पड़े।होलिका दहन का कर्म काल रात्रि कालीन होता है अतः 3 तारीख को रात्रि में  पूर्णिमा तिथि नहीं रहेगी , ग्रहण का सूतक तथा ग्रहण की समाप्ति पश्चात रात्रि में प्रतिपदा तिथि आ जाएगी । 

    अतः होलिका  दहन के कर्मकाल हेतु यह तिथि उपयुक्त नहीं है । ग्रहण रात्रि दूषित मानी जाती है जो होलिका दहन के लिए अशुभता देगी । यह जरूर है की 2 तारीख की रात्रि में होलिका दहन  पश्चात धुलेंडी  उत्सव प्रारंभ हो जाता है। परंतु इस वर्ष ग्रहण के सूतक काल की वजह से यह कार्य प्रभावित होगा, साथ ही होलिका दहन के दूसरे दिन होने वाला होली उत्सव,चल समारोह भी ग्रहण होने के कारण  4 तारीख को ही किया जाना चाहिए। 

     लगभग सभी पंचांगकर्ता एवं विद्वानों द्वारा यह जानकारी वेब संगोष्ठी कर प्रदान की गई।संगोष्ठी ज्योतिष मठ संस्थान द्वारा आयोजित की गई थी। संस्थान के संचालक ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया की वेब संगोष्ठी में होली का दहन एवं होली उत्सव को लेकर सभी पंचांगकरो एवं अनेक विद्वानों के तर्क वितर्क हुए एवं सर्वसम्मति से तारीख दो की  रात्रि 2:00 बजे के बाद पुच्छकाल भाद्रा पश्चात पूरे भारत देश में होलिका दहन किया जाएगा। तथा पर्व उत्सव 4 तारीख को मनाया जाएगा अतः भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है ।

  • डिप्टी CM शिवकुमार का बयान- पुरानी पीढ़ी नहीं रह सकती, पार्टी को चाहिए नया खून, बढ़ा सस्पेंस

    डिप्टी CM शिवकुमार का बयान- पुरानी पीढ़ी नहीं रह सकती, पार्टी को चाहिए नया खून, बढ़ा सस्पेंस

    बेंगलुरु 

    कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंत्रिमंडल में 'नए खून' को शामिल करने का समर्थन करते हुए कहा है कि पुरानी पीढ़ी हमेशा नहीं रह सकती और पार्टी के भविष्य के लिए 'नई सोच' जरूरी है। शिवकुमार ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में पहली बार विधायक बने नेताओं की मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देने की मांग का समर्थन किया।

    उन्होंने कहा, 'पार्टी को नए खून और नई सोच की जरूरत है। मैं नए खून का समर्थन करता हूं।' उन्होंने कहा, 'पुरानी पीढ़ी हमेशा नहीं रह सकती।' पहली बार निर्वाचित हुए विधायकों द्वारा संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत वरिष्ठ नेताओं को लिखे गए पत्र के संदर्भ में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए शिवकुमार ने यह बात कही।
    विधायकों ने की मंत्री पद की मांग

    कांग्रेस आलाकमान और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया तथा उप मुख्यमंत्री शिवकुमार समेत प्रदेश नेतृत्व को एक संयुक्त ज्ञापन में विधायकों ने आग्रह किया है कि कम से कम पांच नवनिर्वाचित विधायकों को मंत्री पद दिया जाए। विधायकों ने अपने पत्र में कहा, 'जैसा कि आप जानते हैं, कर्नाटक की जनता ने पहली बार कांग्रेस पार्टी से विधानसभा के लिए 38 सदस्यों को चुना है और इस तरह एक स्पष्ट संदेश दिया है कि वे विधानसभा में नए युवा चेहरों को देखना चाहते हैं।'
    दलित सीएम के मुद्दे पर बोले शिवकुमार

    दलित मुख्यमंत्री होने संबंधी मुद्दे पर अपने मंत्रिमंडल सहयोगी एच सी महादेवप्पा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्हें राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की कोई भी जानकारी नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'मैंने महादेवप्पा का बयान सुना। वह हमारे आलाकमान हैं और शायद उन्हें इस बारे में कुछ जानकारी हो। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।'

    जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी आलाकमान ने उन्हें और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को दिल्ली बुलाया है, तो उन्होंने स्पष्ट किया, 'मुझे कोई फोन नहीं आया है। मुझे अपने विभाग से संबंधित कुछ काम के लिए दिल्ली जाना है।' मंत्रियों के बयानों पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी चुप्पी की आलोचना पर शिवकुमार ने कहा, 'मंत्रियों और विधायकों को नियंत्रित करना मुख्यमंत्री का काम है। मैं पार्टी को इसकी जानकारी देने का काम कर रहा हूं।'

  • टी20 वर्ल्ड कप में बड़ा धमाका, पथुम निसांका पहुंचे 200+ रन क्लब में, विराट कोहली के साथ नाम दर्ज

    टी20 वर्ल्ड कप में बड़ा धमाका, पथुम निसांका पहुंचे 200+ रन क्लब में, विराट कोहली के साथ नाम दर्ज

    नई दिल्ली
    भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे टी-20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका के बल्लेबाज पथुम निसांका शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने इस संस्करण में अब तक 208 रन बना चुके हैं और सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में साहिबजादा फरहान और शिमरन हेटमायर के बाद सूची में तीसरे नंबर पर हैं। पथुम निसांका ने टी-20 विश्व कप 2026 का पहला शतक जड़कर शतकों का सूखा खत्म किया था। उन्होंने इस संस्करण में 200 से अधिक रन बनाकर एक खास उपलब्धि हासिल की है और विराट कोहली और जोस बटलर के क्लब में शामिल हो गए हैं।

    टी-20 विश्व कप क्रिकेट के इतिहास पथुम निसांका ने विराट कोहली के उस विशेष रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है जिसे हासिल करना बेहद कठिन माना जाता है। श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका अब उस एलीट क्लब का हिस्सा बन गए हैं, जिन्हें टी-20 विश्व कप के अलग-अलग संस्करणों में तीन बार 200 से अधिक रन बनाने का गौरव हासिल है। भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और 'रन मशीन' के नाम से मशहूर विराट कोहली लंबे समय से इस रिकॉर्ड सूची में शीर्ष पर काबिज रहे हैं। कोहली ने टी-20 विश्व कप के 2014, 2016 और 2022 के संस्करणों में अपनी शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए हर बार 200 रनों का आंकड़ा पार किया था। विराट के बाद इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने भी इस खास रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। बटलर ने साल 2021, 2022 और 2024 के टी-20 विश्व कप आयोजनों में लगातार तीन बार 200 से ज्यादा रन बनाकर अपनी उपयोगिता साबित की है। अब निसांका इस सूची में शामिल होने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं।

    श्रीलंका के पथुम निसांका की इस उपलब्धि ने क्रिकेट पंडितों को प्रभावित किया है, क्योंकि उन्होंने बहुत ही कम समय में बड़े दिग्गजों की बराबरी कर ली है। निसांका ने साल 2021 और 2022 के टूर्नामेंट में अपनी शानदार बल्लेबाजी की छाप छोड़ी थी और अब 2026 के आंकड़ों के साथ उन्होंने तीसरी बार 200 से अधिक रन बनाने का कारनामा पूरा कर लिया है।

    टी-20 विश्व कप में सबसे अधिक बार 200 से अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज
    विराट कोहली- 2014, 2016, 2022
    जोस बटलर- 2021, 2022, 2024
    पथुम निसांका- 2021, 2022, 2026

    विराट कोहली ने 2014 के विश्व कप में 319 रन बनाए थे और भारत को फाइनल तक पहुंचाया था। 2016 के टी-20 विश्व कप में कोहली ने 273 रन बनाए थे। कोहली ने 2022 के विश्व कप में अपनी शानदार छाप छोड़ी थी और भारत को कुछ मैच जिताए थे। कोहली ने इस संस्करण में 296 रन बनाए थे। बटलर के लिए साल 2021 का टी-20 विश्व कप शानदार रहा था और इस पूरे संस्करण में उन्होंने 269 रन बनाए थे। दाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ने 2022 टी-20 वर्ल्ड कप 225 रन बनाए थे और 2024 के एडिशन में 214 रन जड़े थे। निसांका ने 2021 टी-20 विश्व कप में 221 रन बनाए थे। 2022 के एडिशन में उन्होंने 214 रन जोड़े और अब तक 2026 में 208 रन बना चुके हैं।

  • मुंबई में 25 बांग्लादेशी गिरफ्तार, कोलकाता से दिल्ली और गुजरात के रास्ते पहुंचे थे

    मुंबई में 25 बांग्लादेशी गिरफ्तार, कोलकाता से दिल्ली और गुजरात के रास्ते पहुंचे थे

    मुंबई 
     मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित यारी रोड इलाके में वर्सोवा पुलिस स्टेशन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ये सभी लोग अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और पिछले कई वर्षों से मुंबई शहर में ठिकाना बनाए हुए थे। गिरफ्तार किए गए 25 लोगों में 21 ट्रांसजेंडर, 2 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि ये सभी लोग देर रात यारी रोड स्थित एक दरगाह में एकत्रित होने वाले हैं। सूचना के आधार पर वर्सोवा पुलिस की एंटी-टेरर सेल (एटीसी) टीम ने इलाके में छापा मारकर सभी को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में भारतीय और बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद किए हैं।

    उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी बांग्लादेश से अवैध रूप से पहले कोलकाता पहुंचे थे। इसके बाद वे दिल्ली और गुजरात होते हुए मुंबई आए। मुंबई पहुंचने के बाद आरोपियों ने फर्जी तरीके से भारतीय पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज भी बनवा लिए थे। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन दस्तावेजों को तैयार कराने में किन लोगों की भूमिका रही और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।

    वर्सोवा पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें वापस बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    अधिकारियों के अनुसार, आगे की जांच जारी है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। इन लोगों से पूछताछ की जा रही है, जिससे शहर में और लोगों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि अवैध रूप से रह रहे लोगों को खोजने के लिए टीम पहले ही बनाई गई थी, जो लगातार इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

  • नाथद्वारा में मनाया कोकिलाबेन का 92वां जन्मदिन, अंबानी परिवार ने श्रीनाथजी के किए दर्शन

    नाथद्वारा में मनाया कोकिलाबेन का 92वां जन्मदिन, अंबानी परिवार ने श्रीनाथजी के किए दर्शन

    जयपुर.

    पुष्टिमार्गीय वल्लभ सम्प्रदाय की प्रधान पीठ नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर मंडल की उपाध्यक्ष कोकिला बेन ने अपने जन्मदिन के अवसर पर पूरे परिवार के साथ श्रीजी प्रभु के दर्शन किए। पूरे परिवार ने युवाचार्य विशाल बावा से आशीर्वाद लिया। कोकिला बेन के 92वें जन्मदिन के अवसर पर पूरा अंबानी परिवार अपने ईष्ट प्रभु श्रीनाथजी के दर्शन करने पहुंचा।

    रिलायंस इंडस्ट्रीज के चैयरमेन मुकेश अंबानी, उनके भाई अनिल अंबानी, पुत्र आकाश अंबानी, बहु श्लोका अंबानी, पुत्र अनंत अंबानी, बहु राधिका अंबानी, अंशुल अंबानी, अनमोल अंबानी, नीना बेन कोठारी, दीप्ति सालगांवकर सहित पूरे अंबानी परिवार एवं धनराज नाथवानी ने श्रीजी प्रभु की संध्या आरती के दर्शन किए। दर्शन पश्चात युवाचार्य विशाल बावा ने अंबानी परिवार के सभी सदस्यों का फेंटा बांधकर, रजाई व ऊपरना ओढ़ाकर एवं प्रसाद प्रदान कर मंदिर की परंपरानुसार समाधान किया। सभी ने विशाल बावा का आशीर्वाद लिया। वल्लभ कुल की दीक्षिता बहू ने भी आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं।

    इस दौरान पूरे परिवार ने गोस्वामी तिलकायत इंद्रदमन (राकेश) महाराज और राजेश्वरी गोस्वामी से वीडियो कॉल पर आशीर्वाद लिया। तिलकायत ने कोकिला बेन को जन्मदिन पर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। महाप्रभुजी की बैठक में 51 वेदपाठी ब्राह्मणों ने स्वस्ति वाचन एवं मंगलाचरण के पाठ किए। मोती महल चौक में भजन गायन कर शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    अंबानी परिवार के दर्शन सहित सभी कार्यक्रमों के दौरान श्रीनाथजी मंदिर के अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, तिलकायत के मुख्य सलाहकार अंजन शाह, बोर्ड सदस्य समीर चौधरी, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, मंदिर मंडल के सीईओ जितेंद्र पांडेय, तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित, समाधानी उमंग मेहता, जमादार विट्ठल सनाढ्य, कैलाश पालीवाल, मोती महल निगरा गोपी वर्मा, सेवा विभाग सहित सेवादार मौजूद रहे।

  • The Bluff Review: प्रियंका का हॉलीवुड एक्शन देसी ‘एनिमल्स’ के लिए चुनौती, पसीने छूटेंगे

    The Bluff Review: प्रियंका का हॉलीवुड एक्शन देसी ‘एनिमल्स’ के लिए चुनौती, पसीने छूटेंगे

    मुंबई 

    देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा अमेजन प्राइम की फिल्म 'द ब्लफ़' में जिस अवतार में हैं, वो न जाने कितने मेल एक्टर्स का ड्रीम रोल है. फिल्म में प्रियंका कुछ को खंजर-तलवार से काट दे रही हैं. कुछ को जिंदा फूंक दे रही हैं. और कितनों को तो उन्होंने सीधा बम से उड़ा दिया है. हालांकि, एक-आध बार आप सोच सकते हैं कि उनका शिकार करने आए एक मीडियम साइज पाइरेट शिप में इतने ज्यादा आदमी फिट कैसे हुए! मगर ये सब बातें अभी साइड रखते हैं. जब प्रियंका इतनी भौकाली एक्शनबाजी के साथ अल्टिमेट पाइरेट अवतार में जलवाफरोश हों, तो कितने बंदे कट-पिट रहे हैं इससे क्या फर्क पड़ता है. आने दो.

    एक आइलैंड, एक पाइरेट और एक परिवार
    पाइरेट कैप्टन कॉनर (कार्ल अर्बन) ने आदतन समंदर में दिखी एक अनजान शिप पर कब्जा कर लिया है. जिसके कैप्टन टी एच बॉडेन (इस्माइल क्रूज कॉर्डोवा) के पास कॉनर को एक गोल्ड बिस्किट मिला है. सालों पहले कॉनर की पाइरेट गैंग से उसके एक साथी ने बगावत की थी और बक्सा भर सोना लेकर फरार हो गया था. बॉडेन के पास मिला बिस्किट उसी बक्से वाला है. सालों से अपना वो माल और उस गद्दार साथी को तलाश रहा कॉनर का अगला टारगेट अब वो आइलैंड है, जहां बॉडेन का घर है.

    घर में बॉडेन की बहन है, एक विकलांग बेटा है. इन्हें संभाल रही है बॉडेन की बीवी एरसेल (प्रियंका चोपड़ा). इन्हें उठाने गए कॉनर गैंग के पहले जत्थे को बहुत बुरी तरह 10 ही मिनट में पता चल जाता है कि एरसेल को सिर्फ एक हाउसवाइफ समझकर उन्होंने कितनी बड़ी गलती की है. गलतियां तो ठीक हो जाती हैं, पर उसके लिए आदमी जिंदा होना चाहिए. ईश्वर बेचारों की आत्मा को शांति दे.

    कॉनर की गैंग को जल्द ही पता चलने वाला है कि एरसेल कौन है, क्या कर सकती है और किस हद तक कर सकती है. उन पर होने वाली ये ज्ञानवर्षा स्टाइलिश, धारदार एक्शन और बिग स्क्रीन हीरोइज्म का शानदार शाहकार है. यहां 'ब्लफ़' भूगोल का शब्द है. समंदर की उफान मारती लहरों की काट-छांट से किनारे की जमीन में गुफानुमा खाली जगहें बन जाती हैं. बॉडेन के आइलैंड पर ऐसे ही एक 'ब्लफ़' में कॉनर गैंग का शिकार होना है. इसीलिए फिल्म का टाइटल है 'द ब्लफ़'.

    एक्शन का जलवा, राइटिंग का हलवा
    मार्वल की सुपरहीरो फिल्में और एक्शन थ्रिलर्स लेकर आने वाले रूसो बंधुओं के मामले में ये गारंटी रहती है कि एक्शन सांसें रोक देने वाला होगा. कॉनर के बंदों की एरसेल से पहली 'मीटिंग' का एक्शन सच में सांसें रोक देने वाला लगता है. दो वजहों से. एक तो आपको अनुमान नहीं है कि ऐसा होने वाला है और फाइट सीन्स का डिजाइन वाकई दमदार है. लेकिन जब आपको पता लग चुका है कि एरसेल क्या करने वाली है, तो आगे का सहारा यही बचता है कि एक्शन डिजाइन लगातार और धांसू होता जाए. 'द ब्लफ़' में ऐसा थोड़ा कम हुआ है.

    फ्रैंक ई फ्लावर्स ने प्रियंका की एक्शन स्टार इमेज को एक लेवल और ऊंचा तो किया है. प्रियंका ने ये जिम्मेदारी अपने मजबूत कंधों पर खूब संभाली भी है. मगर इस एक्शन हाइवे के दाएं-बाएं थोड़ी माहौलबाजी के लिए कोई खोखा-टपरी नहीं है. कॉनर से डरने की एक ही वजह है कि खुद प्रियंका का किरदार उससे घबराता है. इसके अलावा कॉनर के पीछे ऐसा कोई सबप्लॉट नहीं है, जो उसका जलवा बताता हो. वो तो कार्ल अर्बन खुद इतने स्टाइलिश स्वैग वाले एक्टर हैं कि अपने काम से आपका ध्यान बांधे रखते हैं.

    प्रियंका के रहस्यमयी किरदार की बैकस्टोरी भी थोड़ी और गहराई चाहती थी. कॉनर के सेकंड इन कमांड ली (टेमुएरा मॉरिसन) और एरसेल का इंटरेक्शन माहौल बना रहा था. इसे फिल्म थोड़ा और एक्सप्लोर करती तो मजा आ जाता. हॉलीवुड में लंबे समय से कोई पाइरेट फिल्म नहीं बनी है. 'द ब्लफ़' ये कमी स्टाइलिश तरीके से पूरी तो करती है, पर एक बेहतरीन पाइरेट फिल्म बनने से कुछ मीटर पीछे रह जाती है.

    कुल मिलाकर 'द ब्लफ़' बहुत जल्दी तय कर लेती है कि उसे प्रियंका और कार्ल के फेस-ऑफ पर ही रहना है. उसे प्रियंका के किरदार का करंट खतरनाक अंदाज ही दिखाना है, पास्ट स्ट्रगल्स पर ज्यादा ध्यान नहीं देना. इसलिए कई किरदारों और बैकस्टोरीज को अधपका छोड़ दिया गया है, जिससे आधी फिल्म 'ये होता तो मजा आ जाता' अंदाज में देखनी पड़ती है. लेकिन ये कमी प्रियंका से इस बात का जरा भी क्रेडिट नहीं छीन सकती कि वो एक अल्टिमेट एक्शन स्टार हैं. और उनका ब्लडी पाइरेट अवतार 'द ब्लफ़' देख डालने की पर्याप्त वजह है.

  • ‘रॉयल डिलीवरी’ का मजेदार वीडियो, Blinkit वाले अंकल घोड़े पर बैठकर ऑर्डर लेकर पहुंचे

    ‘रॉयल डिलीवरी’ का मजेदार वीडियो, Blinkit वाले अंकल घोड़े पर बैठकर ऑर्डर लेकर पहुंचे

    जयपुर

    राजस्थान की रंगीन संस्कृति और शाही अंदाज की झलक दिखाता एक अनोखा वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक बुजुर्ग व्यक्ति घोड़े पर सवार नजर आता है और उसकी पीठ पर ब्लिंकिट का चमकीला पीला डिलीवरी बैग टंगा हुआ है. पारंपरिक सवारी और आधुनिक डिलीवरी सिस्टम का यह मेल लोगों का ध्यान खींच रहा है.

    वीडियो में दिख रहा है कि बुजुर्ग व्यक्ति आराम से घोड़े पर बैठकर सड़क से गुजर रहा है. उसके पीछे लटका ब्लिंकिट का बैग साफ दिखाई देता है, जो आमतौर पर कंपनी के डिलीवरी पार्टनर्स इस्तेमाल करते हैं. हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि वह सच में किसी ग्राहक का ऑर्डर पहुंचाने जा रहे थे या सिर्फ मजाकिया अंदाज में बैग लेकर निकले थे.

    इस अनोखे दृश्य ने सोशल मीडिया यूजर्स को खूब मनोरंजन दिया. कई लोगों ने इसे 'राजस्थान स्टाइल एक्सप्रेस डिलीवरी' करार दिया तो कुछ ने इसे 'रॉयल डिलीवरी सर्विस'का नाम दे डाला. एक यूज़र ने टिप्पणी की कि जहां देशभर में बाइक और स्कूटर से डिलीवरी होती है, वहीं राजस्थान में घोड़े से ऑर्डर पहुंचाना भी संभव है.

    कुछ लोगों ने इस वीडियो को परंपरा और आधुनिकता के सुंदर संगम के रूप में देखा. उनका कहना है कि यह दृश्य दिखाता है कि तकनीक और संस्कृति साथ-साथ चल सकती हैं. वहीं कई यूजर्स ने बुजुर्ग की ऊर्जा और आत्मविश्वास की भी तारीफ की.

    हालांकि कंपनी की ओर से इस वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह क्लिप इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन चुकी है.  
     

  • सीमा सुरक्षा पर भी होगी मैराथन बैठक, सीमांचल दौरे पर अमित शाह बनाएंगे बंगाल चुनाव की रणनीति

    सीमा सुरक्षा पर भी होगी मैराथन बैठक, सीमांचल दौरे पर अमित शाह बनाएंगे बंगाल चुनाव की रणनीति

    पूर्णिया.

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर पहुंच रहे हैं। 25 से 27 फरवरी तक के अपने इस दौरे में वे किशनगंज, अररिया व पूर्णिया जिले में सीमा सुरक्षा से संबंधित अलग-अलग बैठकों में भाग लेंगे और फिर कई कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। इस दौरान 25 फरवरी को किशनगंज तो 26 को पूर्णिया में रात्रि विश्राम होगा।

    नेपाल व बांग्लादेश की सीमा से सटे इस इलाके में उनकी यह यात्रा सामरिक दृष्टिकोण से काफी अहम है। उनके इस प्रवास के दौरान प्रदेश के कई दिग्गज पार्टी नेताओं के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के बड़े पार्टी नेताओं का जमावड़ा भी यहां लगेगा और व्यस्त शिडयूल के बीच इन नेताओं से भी उनकी बातचीत होनी तय है।

    बंगाल विधानसभा चुनाव की बनेगी रणनीति
    राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि देश की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले इस दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति को आकार देंगे। बता दें कि पश्चिम बंगाल का बड़ा इलाका सीमांचल से जुड़ता है। कभी गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर चर्चित इस इलाके पर भाजपा की पहले से भी पैनी नजर रही है। पहले के चुनावों में उनका प्रदर्शन भी बेहतर रहा है। हालांकि गत विधानसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम भाजपा को नहीं मिल पाया था। ऐसे में केंद्रीय गृहमंत्री के तीन दिवसीय सीमांचल प्रवास को उस नजरिए से भी देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल के इस परिक्षेत्र के कई बड़े नेता की मुलाकात भी केंद्रीय गृहमंत्री से संभव है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि उन नेताओं को चुनाव को लेकर गंभीर मंत्र भी मिलेंगे और फिर तय कार्ययोजना पर पार्टी काम करेगी। यह इसलिए भी अहम है कि गत बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिन इस इलाके में रहे और मुस्लिम बाहुल्य इस इलाके के 24 विधानसभा क्षेत्र में भी महागठबंधन हाशिए पर चला गया था।

    भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों के संबंधित मुद्दों पर होगी बैठक
    पूर्णिया। तय कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सात बजकर बीस मिनट पर अररिया से पूर्णिया पहुंचेंगे। यहां वे मे फेयर होटल में रात्रि विज्ञाम करेंगे। 27 फरवरी को वे दोपहर 12 बजे से एक घंटे के लंच ब्रेक के साथ शाम चार बजे तक होटल में ही भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों से संबंधित मुद्दों पर अहम बैठक करेंगे। शाम चार बजे बीस मिनट पर वे पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

    एक दिन पहले से ही बढ़ायी गई सुरक्षा
    केंद्रीय गृहमंत्री के आगमन को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन अभी से अलर्ट मोड में है। मंगलवार से ही एयरपोर्ट जाने वाले विभिन्न रास्तों के साथ-साथ शहरी परिक्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।