Author: NewseDay

  • अल्सर से कैसा डर! समय पर पहचान, सफल उपचार

    अल्सर से कैसा डर! समय पर पहचान, सफल उपचार

    हमारा पेट नाजुक टिश्यू से बना है। थोड़ी-सी गड़बड़ी सेहत से जुड़ी कई समस्याएं खड़ी कर देती है। पेट में दर्द, जलन व सूजन का एहसास, सीने में जलन व उल्टी की शिकायत-सुनने में भले ही अजीब लगे, पर ऐसा ही होता है, जब पेट में अल्सर की शिकायत होती है। खुद को इसका शिकार बनने से कैसे रोक सकते हैं, बता रहे हैं हम…

    जीवनशैली और खान-पान में बदलाव का नतीजा है कि किशोर और युवाओं में पेट के अल्सर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सामान्य भाषा में कहें तो पेट में छाले व घाव हो जाने को अल्सर कहा जाता है। सोने का नियत समय न होना, ऑफिस में बेहतर प्रदर्शन का तनाव, जंक फूड का बढ़ता चलन और अधिक डाइटिंग से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। उस पर धूम्रपान, एल्कोहल और तंबाकू का सेवन पेट की परत को नुकसान पहुंचाने का कारण बन जाता है।

    क्या है पेप्टिक अल्सर:- पेट में घाव या छाले होने को चिकित्सकीय भाषा में पेप्टिक अल्सर कहते हैं। पेट में म्युकस की एक चिकनी परत होती है, जो पेट की भीतरी परत को पेप्सिन और हाइड्रोक्लोरिक एसिड से बचाती है। इस एसिड की खासियत यह है कि जहां यह एसिड पाचन प्रक्रिया के लिए जरूरी होता है, वहीं शरीर के ऊतकों को नुकसान भी पहुंचाता है। इस एसिड और म्युकस परतों के बीच तालमेल होता है। इस संतुलन के बिगड़ने पर ही अल्सर होता है। आमतौर पर यह आहार नली, पेट और छोटी आंत के ऊपरी भाग की भीतरी झिल्ली में होता है।
     
    गैस्ट्रिक अल्सर: यह पेट के अंदर विकसित होता है। इसोफैगियल अल्सरः यह भोजन नली (इसोफैगस) में होता है, जो भोजन को गले से पेट में ले जाती है। यह अल्सर कम देखने में आता है।

    ड्योडेनल अल्सर: यह छोटी आंत के ऊपरी भाग में होता है, जिसे ड्योडनम कहते हैं। इसके मामले अधिक सामने
    आते हैं।

    मानसून में रखें खास एहतियात:- पेप्टिक अल्सर का सबसे प्रमुख कारण एच. पायरोली बैक्टीरिया है, जिसका संक्रमण मल और गंदे पानी से फैलता है। बरसात के मौसम में गंदगी की समस्या दूसरे मौसमों के मुकाबले अधिक होती है। शारीरिक सक्रियता कम होने और रोग प्रतिरोधक तंत्र में होने वाले बदलाव भी इसके कारण बन सकते हैं। अधिक तला-भुना, मसालेदार भोजन और चाय-कॉफी लेना पेट में एसिड के स्तर को प्रभावित करता है। इसके संक्रमण से बचने का सबसे आसान और सस्ता तरीका साफ-सफाई का खास ध्यान रखना है।

    लक्षण:- पेट में दर्द होना इसका प्रमुख लक्षण है। खाली पेट होने पर यह दर्द और तेज हो जाता है। पेट का एसिड अल्सरग्रस्त कोशिकाओं पर असर डालने लगता है। रात के समय पेट में जलन बढ़ जाती है। कुछ मामलों में खून की उल्टी होना, मल का रंग गहरा हो जाना, जी मिचलाना, भार में तेजी से कमी आना या भूख प्रक्रिया में बदलाव आने जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं।

    ये देते हैं अल्सर को बुलावा:-

    -हेलिकोबैक्टर पायरोली बैक्टीरिया का संक्रमण।
    -तनाव व डायबिटीज।
    -आनुवंशिक कारण।
    -अत्यधिक मात्रा में पेट में एसिड का स्राव।
    -तैलीय और मसालेदार भोजन अधिक खाना।
    -अधिक मात्रा में शराब, कैफीन और तंबाकू का सेवन।
    -ऑस्टियोपोरोसिस के उपचार के लिये ली जाने वाली दवाएं। लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में दर्द निवारक दवाओं, एस्प्रिन और ज्वलनरोधक दवाओं का सेवन करना।

    समय रहते उपचार है जरूरी:- पेप्टिक अल्सर के कारण एनीमिया, अत्यधिक रक्तस्राव और लंबे समय तक बने रहने पर स्टमक कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। आंतरिक रक्तस्राव होने के कारण शरीर में खून की कमी हो जाती है। पेट या छोटी आंत की दीवार में छेद हो जाते हैं, जिससे आंतों में गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। पेप्टिक अल्सर पेट के ऊतकों को भी क्षतिग्रस्त कर सकता है, जो पाचन मार्ग में भोजन के प्रवाह में बाधा पहुंचाता है। इस कारण पेट जल्दी भर जाना, उल्टी होना और वजन कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    दवा से मिलता है आराम:- पेप्टिक अल्सर का उपचार आसान है। कई मामलों में एंटीबायोटिक दवाएं, एंटा एसिड व दूसरी दवाओं से ही आराम आ जाता है। घरेलू उपचार भी इसमें काफी राहत पहुंचाते हैं।

    यह न खाएं:-
    -चाय, कॉफी और सोडा का सेवन न करें। इससे पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ जाता है, जो अल्सर को बढ़ाता है।
    -अधिक तेल और मसालेदार भोजन न खाएं।
    -ऐसे खाद्य पदार्थ, जिनमें साइट्रिक एसिड की मात्रा अधिक होती है, अल्सर के दौरान इनके सेवन से पेट के घावों को नुकसान पहुंचता है। नीबू, मौसंबी, संतरा, अंगूर, अनन्नास, फलों का जूस, जैम और जैली में सिट्रिक एसिड अधिक होता है।
    -लाल मांस, मैदे से बनी चीजें, सफेद ब्रेड, चीनी, पास्ता और प्रोसेस्ड फूड भी कम से कम खाएं।
    -खान-पान में साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। खुले में रखे खाद्य पदार्थों को खाने से बचें। देर से कटा रखा हुआ सलाद न खाएं। खाने से पहले हाथ जरूर धोएं।

    क्या कहते हैं आंकड़े:-
    -जिन लोगों का ब्लड ग्रुप ए होता है, उनमें कैंसरयुक्त स्टमक अल्सर होने की आशंका अधिक होती है, हालांकि इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
    -स्वीडन में हुए एक शोध के अनुसार जो लोग सप्ताह में तीन बार दही का सेवन करते हैं, उन लोगों में अल्सर होने की आशंका उन लोगों से कम होती है, जो इसका सेवन नहीं करते।
    -विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पेप्टिक अल्सर के 50 प्रतिशत मामलों का कारण एच. पायलोरी बैक्टीरिया होता है।
    -डेनमार्क में हुए एक अध्ययन के अनुसार जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, उनमें पेप्टिक अल्सर होने की आशंका कम होती है।
    -हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जो लोग प्रतिदिन एक नाशपति का सेवन करते हैं, उनमें छोटी आंत का अल्सर होने की आशंका 31 प्रतिशत कम होती है।

    इन्हें खाने से मिलेगी राहत:-
    खान-पान का ध्यान रख कर ना केवल पेट में अल्सर बढ़ने से रोका जा सकता है, बल्कि हमेशा के लिए इसका शिकार होने से भी बचा जा सकता है।
    -केले में एंटी बैक्टीरियल तत्व प्रचुरता में होते हैं, जो पेट के अल्सर को बढ़ने से रोकते हैं। नाश्ते के बाद केला खाएं।
    -नाशपति में फ्लेवोनॉएड और एंटी-ऑक्सीडेंट काफी मात्रा में होते हैं, जो अल्सर के लक्षणों को कम करने में सहायता करते हैं। यह एच. पायलोरी के संक्रमण को भी रोकती है। इसमें फाइबर होते हैं, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं। नियमित रूप से नाशपति का सेवन करने वालों में छोटी आंत का अल्सर होने की आशंका काफी कम हो जाती है।
    -पत्ता गोभी में एस. मेथाइलमेथियोनिन होता है, जिसे विटामिन यू भी कहा जाता है। अल्सर पेट के पीएच में असंतुलन के कारण होता है और विटामिन यू शरीर को एल्कलाइन करने में सहायता करता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसमें अमीनो एसिड ग्लुटामिन भी पाया जाता है, जो पाचन नली की म्युकोसल लाइनिंग को मजबूत करता है और पेट की ओर रक्त के प्रवाह को सुधारता है। यह ना केवल अल्सर को रोकता है, बल्कि घावों को भी तेजी से भरता है।
    -नाश्ते के पहले एक चम्मच शहद जरूर खाएं। शहद बैक्टीरिया से लड़ता है, डिहाइड्रेशन से बचाता है और शरीर में नमी बनाए रखता है। यह ऊतकों को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है और नए ऊतकों की विकास प्रक्रिया तेज करता है।
    -फूलगोभी खाएं, इसमें सल्फोराफैन होता है। यह पाचन मार्ग के बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है।
    -रोज अपने खाने के साथ एक-दो कलियां लहसुन की खाएं। इसमें एंटी-अल्सर गुण होते हैं।
    -दही में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, जो एच.पायलोरी के विकास को रोकते हैं। घावों को भरने में सहायता करते हैं।

     

  • बजट यूज़र्स के लिए खुशखबरी! ₹5999 में लॉन्च हुआ पावरफुल बैटरी और 50MP कैमरे वाला स्मार्टफोन

    बजट यूज़र्स के लिए खुशखबरी! ₹5999 में लॉन्च हुआ पावरफुल बैटरी और 50MP कैमरे वाला स्मार्टफोन

    नई दिल्ली

    भारतीय ब्रैंड Ai+ ने अपना नया और क‍िफायती स्‍मार्टफोन Ai+ Pulse 2 लॉन्‍च कर दिया है। इसमें 50 मेगापिक्‍सल का कैमरा और 6 हजार एमएएच बैटरी दी गई है। इसकी कीमत बेहद कम 5999 रुपये रखी गई है। वहीं, सैमसंग ने नया 60W का कॉम्‍पैक्‍ट पावर एडप्‍टर पेश किया है। iQOO Z11x की इंडिया में लॉन्‍च डेट सामने आ गई है। ओपो ने बताया है कि वह OPPO K14 5G को इसी महीने पेश करने जा रही है। सभी खबरों को वि‍स्‍तार से जानते हैं।

    Ai+ Pulse 2 लॉन्‍च हुआ 5999 रुपये में
    Ai+ Pulse 2 को भारत में 5999 रुपये में लॉन्‍च किया गया है। हालांकि कंपनी ने कहा है कि यह कीमत शुरुआती 24 घंटों के लिए प्रभावी रहेगी। इसकी सेल 11 मार्च को दाेपहर 12 बजे से फ्लिपकार्ट पर होगी।
    इस फोन में 6.745 इंच का HD+ वी-नॉच डिस्‍प्‍ले दिया गया है। 120Hz का रिफ्रेश रेट है। फोन की पीक ब्राइटनैस 400 निट्स है। इसमें 50 मेगापिक्‍सल का मेन रियर कैमरा दिया गया है। फ्रंट कैमरा 8MP का है। Ai+ Pulse 2 में Unisoc T7250 प्रोसेसर दिया गया है। फोन में 6 हजार एमएएच बैटरी है, जो 18वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके 4GB + 64GB मॉडल की कीमत 5999 और 6GB + 128GB मॉडल के दाम 7999 रुपये हैं।

    Samsung 60W पावर एडप्‍टर लॉन्‍च
    Samsung ने अपना 60W पावर एडप्‍टर भारतीय मार्केट में भी पेश कर दिया है। इसे पिछले साल सबसे पहले लाया गया था। अब ये इंडियन मार्केट में भी मिलेगा। दावा है कि इसे स्‍मार्टफोन्‍स के साथ-साथ, लैपटॉप और ईयरबड्स को चार्ज करने के लिए बनाया गया है। यह पावर एडप्‍टर, गैलियम नाइट्रेड (GaN) टेक्‍नोलॉजी पर काम करता है। इससे इसका डिजाइन कॉम्‍पैक्‍ट रखने में मदद मिलती है जबकि इसकी क्षमता बढ़ जाती है। इसकी कीमत 3,499 रुपये है और यह Samsung.com के साथ-साथ Amazon, Flipkart आदि पर मिलेगा।

    OPPO K14 5G इंडिया लॉन्‍च डेट
    OPPO K14 5G को भारत में 9 मार्च को लॉन्‍च किया जाएगा। यह पिछले साल आए K13 5G की जगह लेगा। नए ओपो फोन में 7 हजार एमएएच की बैटरी मिलने वाली है। यह 45 वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। फोन में Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट दिया जाएगा जो पिछले साल दिए गए Snapdragon 6 Gen 4 के मुकाबले डिसेंट अपग्रेड है। इसके बाकी फीचर्स अभी सामने नहीं आए हैं।

    iQOO Z11x लॉन्‍च डेट
    iQOO Z11x को भारत में 12 मार्च को लॉन्‍च किया जाएगा। यह Z सीरीज में कंपनी का नया स्‍मार्टफोन होने वाला है और MediaTek Dimensity 7400 Turbo चिपसेट से पावर्ड होगा। दावा है कि यह 23 हजार रुपये की प्राइस रेंज में सबसे तेज फोन होगा। फोन में 7200 एमएएच की बैटरी दी जाएगी, जो पिछले साल आए मॉडल में दी गई बैटरी के मुकाबले बड़ा अपग्रेड होने वाला है। यह फोन 44 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग के साथ आएगा। लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 16 पर बेस्‍ड OriginOS 6 पर चलेगा। इसे एमेजॉन के साथ-साथ आईकू इंडिया की वेबसाइट पर सेल किया जाएगा।

  • होलिका दहन की असमंजस तारीख: भद्रा–ग्रहण के कारण बदला समय, यहां जानें पूरा विवरण

    होलिका दहन की असमंजस तारीख: भद्रा–ग्रहण के कारण बदला समय, यहां जानें पूरा विवरण

    बुराई पर अच्छाई की जीत का महापर्व होलिका दहन को लेकर इस साल बड़ा कंफ्यूजन बना हुआ है। कुछ लोग कह रहे हैं कि 2 मार्च को होलिका दहन होगा तो कुछ 3 मार्च की तिथि बता रहे हैं। दरअसल, इस बार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है जिस वजह से ये असमंजस बना हुआ है। शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को यह उत्सव बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाता है। हालांकि, इस वर्ष होलिका दहन पर 'भद्रा' का साया रहने के कारण शुभ मुहूर्त को लेकर काफी चर्चा है।

    भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित माना जाता है, इसलिए ज्योतिषीय गणना के अनुसार भद्रा के पुंछ काल में ही अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। आइए जान लेते हैं कि होलिका दहन इस साल आज किया जाएगा या कल और किस समय होगी पूजा…

    क्यों किया जाता है होलिका दहन?

    होलिका दहन क्यों किया जाता है वो सभी के लिए जानना बहुत जरूरी है। बता दें कि भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा और अधर्मी होलिका के अंत की यह कथा हमें नकारात्मकता को त्याग कर सकारात्मकता अपनाने का संदेश देती है। हालांकि होलिका दहन को लेकर कई सारी पौराणिक कथाएं प्रचलित है। आइए जानते हैं कि आज रात भद्रा कब तक रहेगी, पूजा का सबसे सटीक शुभ मुहूर्त क्या है और किस विधि से पूजा करने पर आपके परिवार में सुख-समृद्धि आएगी।

    होलिका दहन 2026: तिथि और पूर्णिमा का समय

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार तिथियों का गणित कुछ इस प्रकार है:

    पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 मार्च 2026, सोमवार शाम 05:55 बजे से।

    पूर्णिमा तिथि समापन: 3 मार्च 2026, मंगलवार शाम 05:07 बजे तक।

    विशेष: 2 मार्च को होलिका दहन होगा, 3 मार्च को चंद्र ग्रहण का प्रभाव रहेगा और 4 मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी।

    भद्रा का साया: क्यों है इस बार होलिका दहन खास?

    2 मार्च को जैसे ही पूर्णिमा तिथि शुरू होगी, वैसे ही भद्रा का प्रारंभ भी शाम 05:55 बजे से हो जाएगा, जो अगले दिन 3 मार्च की सुबह 05:28 बजे तक रहेगी। शास्त्रों में भद्रा मुख में होलिका दहन को 'अशुभ' माना गया है। ऐसी स्थिति में जब भद्रा पूरी रात व्याप्त हो, तब भद्रा पुंछ के समय में दहन करना शास्त्र सम्मत और कल्याणकारी होता है।

    कब किया जाएगा होलिका दहन जानें शुभ मुहूर्त?

    आज रात भद्रा के पुंछ काल में दहन का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त निम्नलिखित है:

    होलिका दहन मुहूर्त: मध्य रात्रि 12:50 बजे से 02:27 बजे तक (2 मार्च की रात)।

    नोट: इस सीमित समय में ही पूजा और दहन संपन्न करना लाभकारी रहेगा।

    होलिका पूजन की संपूर्ण विधि और मंत्र

    पूजा के समय अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें और नीचे बताई गई विधि अनुसार पूजा करें-

    जल अर्पण: पूजा स्थल पर दूध और घी मिश्रित जल छिड़कें।

    सामग्री अर्पण: अक्षत, फूल, रोली, हल्दी, मूंग, गुड़ और गेहूं की सात बालियां अर्पित करें।

    परिक्रमा: कच्चा सूत लेकर होलिका की 3 या 7 बार परिक्रमा करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।

    सिद्ध मंत्र: पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करें:

    ओम होलिकायै नम:

    ओम प्रह्लादाय नम:

    ओम नृसिंहाय नम:

    पूजा सामग्री की चेकलिस्ट

    शुभ फल की प्राप्ति के लिए पूजा में इन चीजों को शामिल करना न भूलें:

    सूखी लकड़ियां और गोबर के उपले (बड़कुल्ले) की माला।

    कच्चा सूत, अक्षत, रोली, फूल और हल्दी।

    गुलाल, बताशा, नारियल, मिठाई और कपूर।

    एक कलश में शुद्ध जल।

    धार्मिक महत्व: क्यों जलाई जाती है होली?

    होलिका दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि विश्वास की जीत है। यह कथा भक्त प्रह्लाद की अटूट आस्था और भगवान नरसिंह के अवतार की याद दिलाती है। मान्यता है कि होलिका की पवित्र अग्नि में घर की नकारात्मकता, बीमारियां और बुरी शक्तियां जलकर भस्म हो जाती हैं। सामूहिक रूप से दहन करने से सामाजिक एकता और भाईचारा बढ़ता है।

  • 14 के पैर में मारी गोली और 1 बदमाश ढेर, पटना पुलिस की 9 महीने में 15 मुठभेड़

    14 के पैर में मारी गोली और 1 बदमाश ढेर, पटना पुलिस की 9 महीने में 15 मुठभेड़

    पटना.

    बिहार पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। यही कारण है कि पिछले 9 महीने में 15 एनकाउंटर हुए हैं, जिसमें से एक को ढेर कर दिया गया। हाल ही में पुलिस ने जेपी गंगा पथ पर पीएमसीएच के पास एक अपराधी का एनकाउंटर किया। उसकी पहचान वैशाली के हाजीपुर निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ वैशाली और पटना में पहले से आर्म्स एक्ट, हत्या का प्रयास सहित चार केस दर्ज हैं।

    28 जनवरी को अमित अपने साथी पीयूष के साथ सिविल कोर्ट में पेशी के लिए आए कुख्यात सुबोध सिंह गैंग के तातिया नाम के एक आरोपित की हत्या करने आया था। पुलिस ने उसके साथी को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अमित फरार था। तब से पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। तलाश में वैशाली से लेकर उसके सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। दो दिन पहले पुलिस को सूचना मिली कि वह पटना में छिपा है। जिसके बाद पुलिस उसके इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर भी नजर रख रही थी। जैसे ही उसने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट खोला, पुलिस को उसके लोकेशन की जानकारी मिल गई। उसका लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस की टीम जेपी गंगा पथ पर पहुंच गई। वहां उसने पुलिस को देखकर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी और उसे दबोच लिया।

    पुलिस ने अब तक 15 एनकाउंटर किए

    • 11 जून 2025 बिहटा में पुलिस हिरासत से भाग रहे हत्यारोपित को पैर में मारी थी गोली।
    • 13 जून खुशरूपुर में पुलिस टीम पर फायरिंग। अपराधी के पैर में गोली मारी गई।
    • 13 जून दानापुर में आरोपित ने की फायरिंग कर दी। पुलिस ने उसके पैर में मारी गोली।
    • 25 जून जेपी गंगा पथ पर एसटीएफ ने आठ मामलों में वांछित अपराधी के पैर में मारी गोली।
    • 7 जुलाई मालसलामी में ईंट-भट्ठे के पास पुलिस मुठभेड़ में विकास उर्फ राजा हुआ ढेर।
    • 13 जुलाई रानी तालाब में लूटपाट के मामले में गिरफ्तार आरोपित के पैर में मारी गई गोली।
    • 6 अगस्त कुख्यात को पकड़ने गई पुलिस पर फुलवारी क्षेत्र में फायरिंग। जवाब में अपराधी के पैर में मारी गोली।
    • 15 अगस्त रानी तालाब में आरोपित और पुलिस के बीच मुठभेड़, पुलिस ने आरोपित के पैर में मारी गोली।
    • 17 अगस्त आलमगंज में पुलिस और कुख्यात के बीच एक मुठभेड, पैर में मारी गई गोली।
    • 16 नवंबर खुशुरूपुर में पुलिस और इनामी अपराधी के बीच मुठभेड़। अपराधी के पैर मे लगी गोली।
    • 10 दिसंबर जानीपुर में बैंककर्मी से रंगदारी मांगने वाले आरोपित के साथ मुठभेड़, पैर में लगी गोली।
    • 2 जनवरी 2026 खगौल में इनामी अपराधी के साथ मुठभेड़, पुलिस ने उसके पैर में मारी गोली।
    • 15 जनवरी मनेर में पुलिस मुठभेड़ के बाद लूटकांड के आरोपित के पैर में गोली मार दी गई।
    • 22 जनवरी मसौढ़ी में लारेंस विश्नोई गैंग के अपराधी के साथ मुठभेड़, पुलिस ने पैर में मारी गोली।
    • 1 मार्च जेपी गंगा पथ पर पुलिस मुठभेड़, जवाबी कार्रवाई में अपराधी के पैर में लगी गोली।
  • बिहार से लखनऊ तक का सफर: लापता 5 नाबालिग लड़कियां इस स्थिति में मिलीं

    बिहार से लखनऊ तक का सफर: लापता 5 नाबालिग लड़कियां इस स्थिति में मिलीं

    सहरसा

    बिहार के सहरसा जिले से लापता हुई पांच लड़कियों का मामला सुलझा लिया गया है। ये पांचों लड़कियां उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर ली गई हैं। 27 फरवरी को घास काटने के लिए घर से निकली इन लड़कियों के अचानक गायब होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी (SIT) का गठन किया था।

    ऐसे मिली सफलता
    जांच के दौरान पुलिस को संदेह था कि लड़कियां ट्रेन के जरिए कहीं बाहर जा सकती हैं। इसी संभावना को देखते हुए एसआईटी ने प्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अलर्ट जारी कर दिया था और लड़कियों की तस्वीरें जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) को साझा की थीं। 28 फरवरी को जब ये लड़कियां लखनऊ के ऐशबाग स्टेशन पर देखी गईं, तो रेलवे पुलिस और आरपीएफ के जवानों ने तुरंत उनकी पहचान कर ली और उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।

    आखिर लखनऊ कैसे पहुंचीं लड़कियां?
    लड़कियों के सकुशल मिलने की खबर मिलते ही उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहीं, सहरसा पुलिस की एक टीम उन्हें लाने के लिए लखनऊ रवाना हो चुकी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि घास काटने निकली ये पांच लड़कियां बिहार से इतनी दूर लखनऊ कैसे पहुंचीं? क्या इसके पीछे कोई साजिश है या वे स्वयं घर से निकली थीं? इन तमाम सवालों के जवाब अब बिहार पुलिस लड़कियों से पूछताछ के बाद ही साफ कर पाएगी।

    जांच में जुटी पुलिस
    सहरसा पुलिस का कहना है कि लड़कियों के सुरक्षित मिलने के बाद अब प्राथमिकता इस बात की जांच करना है कि वे घर से कैसे निकलीं और लखनऊ तक किन परिस्थितियों में पहुंचीं। पुलिस इस पूरे मामले के हर पहलू को खंगाल रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

  • भीषण गर्मी की दस्तक: राजस्थान में दिन–रात बढ़ी तपिश, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं

    भीषण गर्मी की दस्तक: राजस्थान में दिन–रात बढ़ी तपिश, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं

    जयपुर

    राजस्थान में तापमान लगातार बढ़ रहा है और अब दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म होने लगी हैं। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 7 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। बाड़मेर में रात का तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस समय के लिहाज से ज्यादा है।

    पश्चिमी जिलों में तेज धूप के कारण लोग दिन के समय बाहर निकलने से बच रहे हैं। मौसम केंद्र मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा। साथ ही आने वाले दो से तीन दिनों में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और तेज होगा।

    रविवार को पूरे प्रदेश में आसमान साफ रहा और सुबह से शाम तक तेज धूप देखने को मिली। पिछले 24 घंटों में बाड़मेर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा जोधपुर में 35.1, फतेहपुर (सीकर) में 35.5, जैसलमेर में 34.7, बीकानेर में 34.4, फलोदी में 34.6, चित्तौड़गढ़ में 34.6, करौली में 33.3, जालोर में 33.5, दौसा में 33.4, नागौर में 33.2, चूरू में 33.6, कोटा में 33.4, पिलानी में 33.7, वनस्थली में 33.6, भीलवाड़ा में 33 और जयपुर में 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। बाड़मेर के अलावा जवाई डैम (पाली) में 20.6, जैसलमेर में 20, जालोर में 20.7, फलोदी में 19.8, बीकानेर में 18.9, कोटा में 18.8 और जयपुर में 18 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। इन सभी स्थानों पर रात का तापमान सामान्य से 2 से 7 डिग्री अधिक रहा। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार होली के बाद प्रदेश में गर्मी और तेज होने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में दिन और रात दोनों के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक वृद्धि हो सकती है, जिससे लोगों को और अधिक गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

  • वाल्व फेल होते ही बढ़ा खतरा, दौसा में गैस टैंकर रिसाव पर जयपुर रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई

    वाल्व फेल होते ही बढ़ा खतरा, दौसा में गैस टैंकर रिसाव पर जयपुर रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई

    दौसा

    दौसा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर बीती रात गैस से भरे टैंकर में रिसाव की सूचना से हड़कंप मच गया। घटना कैलाई बस स्टैंड के पास हुई, जब गुजरात से उत्तर प्रदेश जा रहा टैंकर कालाखोह के पास किसी अज्ञात वाहन से साइड में टकरा गया। टकराव से रोटो गेज वाल्व क्षतिग्रस्त हो गया और गैस रिसने लगी। चालक को इस रिसाव की जानकारी नहीं थी, लेकिन एक वाहन चालक ने कंट्रोल रूम को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। सिकंदरा पुलिस ने टोल प्लाजा से पहले टैंकर को रोककर करीब 300 मीटर दूर कैलाई देवनारायण मंदिर के पास एक खेत में खड़ा करा दिया। उपखंड अधिकारी सिकराय नवनीत कुमार, नायब तहसीलदार डोण्ढीराम मीना, थाना प्रभारी अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस भी तैनात की गईं।
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    जैविक और रासायनिक खतरे को देखते हुए जयपुर से सेफ्टी टेक्निकल टीम को बुलाया गया। टैंकर में करीब साढ़े 17 टन गैस भरी हुई थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त वाल्व को सुरक्षित रूप से बंद किया, जिससे संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। इसके बाद टैंकर को जयपुर स्थित आईओसी प्लांट ले जाकर गैस खाली कराई गई।

    सेफ्टी अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि अज्ञात वाहन से टकराने के कारण वाल्व में लीकेज हुआ था, जिसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। देर रात अफरा-तफरी के बीच प्रशासन की सतर्कता और तकनीकी टीम की तत्परता से सड़क मार्ग सुचारु रूप से चालू कर दिया गया। इस घटना में किसी प्रकार की हताहत की सूचना नहीं मिली।

  • हाईस्पीड कनेक्टिविटी: नमो भारत से मेरठ से दिल्ली मिनटों में, सफर बना सुपरफास्ट

    हाईस्पीड कनेक्टिविटी: नमो भारत से मेरठ से दिल्ली मिनटों में, सफर बना सुपरफास्ट

    मेरठ
    नमो भारत (RRTS) ट्रेन ने मेरठ को दिल्ली से इस कदर जोड़ दिया है कि अब देश की राजधानी के प्रमुख स्थल जैसे कनाट प्लेस, लालकिला, एम्स और आईजीआई एयरपोर्ट मेरठवासियों की सीधी पहुंच में आ गए हैं। नमो भारत और दिल्ली मेट्रो के बीच बढ़ते समन्वय ने न केवल समय की बचत की है, बल्कि यात्रियों को 'एक ही ऐप' से दोनों ट्रेनों की टिकट बुक करने की सुविधा भी दे दी है। अब यात्रियों को दिल्ली मेट्रो के लिए अलग से लाइन में लगने या ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है।

    एम्स और शिक्षण संस्थानों के लिए वरदान
    स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिल्ली जाने वाले मरीजों के लिए नमो भारत एक लाइफलाइन साबित हो रही है। यदि किसी मरीज को स्ट्रेचर के साथ एम्स (AIIMS) ले जाना हो, तो ट्रेन में इसके लिए विशेष प्रबंध हैं। शताब्दीनगर स्टेशन से सराय काले खां और फिर मेट्रो के जरिए मात्र 77 मिनट में एम्स पहुंचा जा सकता है, जिस पर कुल 212 रुपये का खर्च आता है। इसी तरह, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) जाने वाले छात्र अब मात्र 78 मिनट में और 183 रुपये खर्च कर अपने कॉलेज पहुंच सकते हैं। वहीं, जेएनयू (JNU) जाने के लिए न्यू अशोक नगर रूट से 96 मिनट का समय और 214 रुपये का खर्च आता है।
     
    एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों की सीधी कनेक्टिविटी
    हवाई यात्रा करने वालों के लिए भी यह सफर अब तनावमुक्त हो गया है। शताब्दीनगर से आनंद विहार और वहां से मेट्रो की विभिन्न लाइनों का उपयोग कर यात्री केवल 96 मिनट में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (टर्मिनल-3) पहुंच सकते हैं। इस पूरी यात्रा का कुल खर्च लगभग 247 रुपये बैठता है। वहीं, कश्मीरी गेट आईएसबीटी (ISBT) जाने के लिए गाजियाबाद स्टेशन से मेट्रो बदलना सबसे सस्ता और तेज विकल्प है, जहां यात्री 65 मिनट में महज 153 रुपये में पहुंच सकते हैं।

    पर्यटन और प्रशासनिक केंद्रों तक आसान पहुंच
    दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनाट प्लेस और चांदनी चौक जैसे बाजारों तक पहुंचना अब बेहद सरल है। शताब्दीनगर से आनंद विहार होते हुए मात्र 59 मिनट में कनाट प्लेस और 70 मिनट में चांदनी चौक पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा, इंडिया गेट, सुप्रीम कोर्ट और नए संसद भवन (सेवा तीर्थ स्टेशन) जाने के लिए भी नमो भारत और ब्लू लाइन मेट्रो का तालमेल यात्रियों का समय बचा रहा है। प्रगति मैदान स्थित 'भारत मंडपम' जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन सबसे नजदीकी पॉइंट है, जहां मेरठ से आनंद विहार होकर आसानी से पहुंचा जा सकता है।

    स्मार्ट कनेक्टिविटी और पार्किंग की सुविधा
    नमो भारत का शताब्दीनगर स्टेशन शहर के कई हिस्सों को जोड़ता है और यहां पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होने के कारण यात्री इसे अपना मुख्य आधार बना रहे हैं। नमो भारत का मोबाइल ऐप न केवल टिकट बुकिंग में मदद करता है, बल्कि यात्रियों को यह भी गाइड करता है कि उन्हें किस स्टेशन पर ट्रेन बदलनी है, जिससे पहली बार दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए भी सफर काफी आसान हो गया है।

  • सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान

    सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान

    परंपरा से प्रगति तक: मूंज शिल्प ने बदली रजनी बाला की दुनिया

    ग्रामीण कला को बाजार से जोड़कर बढ़ाया मुनाफा

    सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान
        
    कई जिलों तक पहुंची रजनी बाला की मेहनत की पहचान

    सरकारी योजनाओं से मजबूत हो रही आत्मनिर्भरता की नींव

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में सामाजिक परिवर्तन और नई संभावनाओं का दौर जारी है। महिलाएं अपने संकल्प और परिश्रम से आत्मनिर्भर विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। सुल्तानपुर के कुड़वार ब्लाक के गांव हरखपुर की रहने वाली रजनी बाला इसका सशक्त उदाहरण हैं, जिन्होंने मूंज उत्पादों में सिकहुला, भउका, दौरी, डोलची और कप जैसी कलाकृतियों को बढ़ावा देकर अपनी अलग पहचान बनाई है।

    ग्रामीण कला को बाजार से जोड़कर बढ़ाया मुनाफा
    रजनी बाला ने 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। वह बताती हैं कि मूंज शिल्प का हुनर उन्हें अपनी मां से विरासत में मिला। उनकी मां भी मूंज के उत्पाद तैयार करती थीं, जिससे बचपन से ही रजनी को इस कार्य का पारिवारिक वातावरण और व्यावहारिक अनुभव मिलता रहा। उसी सीख और लगन के दम पर आज रजनी विभिन्न प्रकार के मूंज उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बनी हैं। उनके पति दिल्ली में एक निजी कंपनी में कैब चलाते हैं और रजनी के काम में पूरा सहयोग देते हैं। उनके दो बच्चे हैं, बेटा लखनऊ में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी सुल्तानपुर के एक विद्यालय में अध्ययनरत है। 

    सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान
    मूंज के प्रत्येक उत्पाद की कीमत अलग-अलग होती है, लेकिन लाभ की दृष्टि से यह व्यवसाय काफी मजबूत है। रजनी बाला बताती हैं कि औसतन हर उत्पाद पर लगभग 50 प्रतिशत तक शुद्ध लाभ हो जाता है। यदि किसी उत्पाद को तैयार करने में ₹100 की लागत आती है, तो उसका बाजार मूल्य लगभग ₹150 होता है। उनके व्यवसाय को अब अन्य राज्यों से भी पहचान मिल रही है। अब तक का उनका सबसे बड़ा और लाभदायक ऑर्डर राजस्थान से मिला, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने करीब 100 महिलाओं को रोजगार का अवसर दिया। इस तरह रजनी बाला न केवल स्वयं सशक्त बन रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी आजीविका से जोड़कर सामूहिक आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। 

    कई जिलों तक पहुंची रजनी बाला की मेहनत की पहचान
    रजनी बाला ने बताया कि उनके मूंज उत्पादों के निर्माण और विपणन में जिला उद्योग कार्यालय का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। विशेष रूप से जिला उपायुक्त सुश्री नेहा सिंह के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से उन्हें अपने उत्पादों को बड़े मंच तक ले जाने का अवसर मिला। इसी सहयोग के चलते उन्होंने नोएडा, सुल्तानपुर के साथ-साथ लखनऊ और आसपास के अन्य जिलों में भी स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की सफलतापूर्वक बिक्री की है। सरकारी समर्थन और अपने परिश्रम के बल पर रजनी बाला आज स्थानीय शिल्प को व्यापक बाजार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल बनी हैं।

    सरकारी योजनाओं से मजबूत हो रही आत्मनिर्भरता की नींव
    उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाएं प्रदेशभर में महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं। राज्य स्तर पर अब तक लाखों महिलाओं एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। इन योजनाओं के प्रभाव से सुल्तानपुर सहित कई जिलों में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जो युवा कभी बेरोजगारी से जूझ रहे थे, वे आज आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।

    योगी सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं और युवा इन योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में भागीदारी निभाएं। विभिन्न विभाग अपने स्तर पर आवेदकों को मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान कर रहे हैं, ताकि प्रक्रिया सरल और सुलभ बनी रहे। साथ ही, समय-समय पर जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन सफल युवाओं और महिलाओं की प्रेरक कहानियां न केवल अन्य लोगों के लिए उत्साह का स्रोत बन रही हैं, बल्कि सुल्तानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में विकास और आत्मनिर्भरता की नई रोशनी भी फैला रही हैं।

  • मिडिल ईस्ट संकट के कारण सोना हुआ महंगा, 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम, चांदी के रेट भी रिकॉर्ड तोड़

    मिडिल ईस्ट संकट के कारण सोना हुआ महंगा, 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम, चांदी के रेट भी रिकॉर्ड तोड़

    ग्वालियर
    ईरान-इजराइल के बीच शुरू हुए हमले के असर से एक बार सोने और चांदी के भाव में जोरदार तेजी देखी जा रही है। प्योर सोने के भाव में 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम की तेजी आई और सराफा बाजार में सोने के भाव फिर 1.71 लाख रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच गए। वहीं जेवराती सोना 1.59 हजार रुपए प्रति दस ग्राम बिका। इसके साथ ही चांदी में भी तेजी रही, 10 हजार रुपए प्रति किलो की बढ़त के साथ यह 2.82 लाख रुपए प्रति किलो बिकी। सराफा बाजार में एमसीएक्स के आधार पर सोने और चांदी के भाव तय होते हैं।
    युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी

    ग्वालियर शहर के सराफा व्यापारियों के मुताबिक यदि दोनों देशों के बीच हमले बढ़ते हैं तो भाव में और तेजी आ सकती है। सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन ने कहा, युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी है। हालांकि अभी ग्राहकी पर इसका खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। 24 कैरेट सोने का दाम 1,59,080 रुपए प्रति ग्राम रहा, जबकि आज 20000 रुपए की बढ़ोतरी के साथ सर्राफा बाजार में चांदी 3,20,000 रुपए प्रति किलो के आसपास बिक रही है।

    तेजी लेकिन दोनों धातु अभी रिकॉर्ड भाव से सस्ती

    दोनों धातुओं के भाव में तेजी के बावजूद सोना और चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड भाव से सस्ते बिक रहे हैं। सोना रिकॉर्ड भाव 29 जनवरी को 1 लाख 84 हजार 500 रुपए प्रति दस ग्राम था। वहीं चांदी का रिकॉर्ड भाव उसी दिन 4 लाख 5 हजार रुपए प्रति किलो था, यानी चांदी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से 1.23 लाख रुपए सस्ती बिक रही है।

    निवेशकों में डर का माहौल
    बीते दो दिनों से माहैल बदला हुआ है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद निवेशकों में डर का माहौल है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और तेहरान की ओर से जवाबी हमलों की खबरों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। ऐसे समय में लोग जोखिम भरे निवेश से बच रहे हैं और सोने-चांदी को सबसे सुरक्षित (Safe-Haven) मानकर खरीदारी कर रहे हैं।