Author: NewseDay

  • जालंधर पुलिस ने खाली करवाया परिसर, एपीजे स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी

    जालंधर पुलिस ने खाली करवाया परिसर, एपीजे स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी

    जालंधर.

    पंजाब के जालंधर जिले के रामा मंडी स्थित स्कूल एपीजे को बम से उड़ाने की धमकी मिली। आरोपितों ने आतंकी संगठनों का नाम लेकर स्कूल को उड़ाने की धमकी दी है। हालांकि, यह किसी आतंकी संगठन की तरफ से आया है, यह अभी साफ नहीं हुआ। सूचना मिलते ही स्कूल में दहशत फैल गई।

    सारे बच्चों को और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। पुलिस जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि एपीजे स्कूल सहित कई अन्य स्कूलों को भी इस संबंध में थ्रेट ईमेल आई है, लेकिन अभी तक बाकी स्कूलों में जानकारी कंफर्म नहीं हो पाई है। इस समय फाइनल परीक्षाएं चल रही है, ऐसे में स्कूलों के साथ-साथ विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में भी एक बार फिर से डर का माहौल सा बन गया है।

  • JRF परीक्षा में कोमलदीप सिंह ने पाई 6वीं रैंक, पंजाब के बकरी पालक ने रचा इतिहास

    JRF परीक्षा में कोमलदीप सिंह ने पाई 6वीं रैंक, पंजाब के बकरी पालक ने रचा इतिहास

    बुढलाडा.

    जून 2024 के दौरान यूजीसी नेट परीक्षा पास करने के बाद कस्बा बोहा के युवक कोमलदीप सिंह ने एक बार फिर जेआरएफ (ज्वाइंट रिसर्च फैलोसिप) परीक्षा में देश में 6वां रैंक हासिल करके पंजाब और मानसा जिले का नाम रोशन किया है। इस परीक्षा में 8 हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। कोमलदीप सिंह अब पीएचडी की पढ़ाई करेगा।

    बोहा के एक साधारण परिवार में जन्मे और पले बढ़े कोमलप्रीत सिंह की माता घर पर सिलाई का काम करती हैं और उसके पिता उसकी पढ़ाई व घर चलाने के लिए ईट भट्टे पर काम करते हैं और कोमलप्रीत भी कभी अपने पिता के साथ भट्टे पर काम करता है तो कभी बकरियां चराने के अलावा किताबों को हर समय अपने साथ रखते खाली समय में अपनी पढ़ाई भी पूरी कर लेता है और इस मेहनत के दम पर उसने यूजीसी नेट परीक्षा पास कर ली गई, लेकिन आगे बढ़ने के लिए पैसों की तंगी के कारण उसे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन यूनिवर्सिटी अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दी गई सलाह ने उसे तरक्की का रास्ता दिखाया और अपनी मेहनत के बल पर जेआरएफ की परीक्षा को पास करने के बाद कोमलदीप को अब पीछे लौटकर देखने की जरूरत नहीं है।

    बकरी पालन के साथ साथ शिक्षा में प्रतिभावान बेटे की इस कामयाबी पर परिवार में हर किसी के चेहरे पर मुस्कान है और कहा जा रहा है कि उनका बकरी पालक किसी से कम नहीं है, यह सिर्फ मां लखवीर कौर और पिता हरजिंदर सिंह की मेहनत की जीत नहीं है, बल्कि यह हर उस नौजवान के लिए एक रास्ता है जो सोचता है कि हालात मात दे जाते हैं। नहीं उन्हें जीता जा सकता है। साथ ही वह मिसाल है जो बताती है कि हुनर और मेहनत से हालात को भी चुनौती दी जा सकती है।

    पूर्व विधायक मंगत राय बंसल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलवंत राय सिंगला, ठेकेदार गुरपाल सिंह, नगर काउंसिल अध्यक्ष व भाजपा नेता सुखपाल सिंह ने परिवार को बधाई दी और कहा कि कोमलदीप ने मुश्किलों को पीछे छोड़कर ऊंचाइयों को छूने के लिए अपनी जिंदगी समर्पित कर दी है और यूजीसी परीक्षा के बाद अब जेआरएफ परीक्षा पास करके इतिहास रच दिया है।

  • भोपाल में पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 19 फरवरी को भी मिला था इसी तरह का मेल

    भोपाल में पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 19 फरवरी को भी मिला था इसी तरह का मेल

    भोपाल

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को ये धमकी ई-मेल के जरिए मिली है, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और यूनिवर्सिटी परिसर की जांच शुरू कर दी गई। सुरक्षा को देखते हुए कैंपस में अलर्ट जारी कर छात्रों को परिसर से बाहर किया गया है। फिलहाल जांच जारी है।

    मिली जानकारी के अनुसार, धमकी 10 दिन के भीतर दूसरी बार शहर में स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली है। प्रबंधन को एक ई-मेल मिला, जिसमें लिखा है- 'आपके कॉलेज में सायनाइड पॉइजन वाले बम रखे गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे ब्लास्ट करेंगे। सुबह 11:00 बजे तक डॉक्टर और स्टूडेंट्स को निकाल लें! अल्लाह हू अकबर।'

    पुलिस और बम स्क्वॉड ने की सर्चिंग

    धमकी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को यूनिवर्सिटी बुलाया गया। टीम ने कैंपस के अलग-अलग हिस्सों, क्लासरूम, हॉस्टल और पार्किंग एरिया में सघन तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई।

    पहले भी मिली थी धमकी

    इससे पहले 19 फरवरी को भी पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय भी पुलिस और बम स्क्वॉड ने जांच अभियान चलाया था। हालांकि परिसर में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था।

    ई-मेल भेजने वाले की तलाश जारी
    पुलिस अब उस ई-मेल आईडी और आईपी एड्रेस का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिससे धमकी भेजी गई। साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर ली जाएगी।

       प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा
    लगातार दूसरी बार धमकी मिलने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस की सुरक्षा बढ़ा दी है। गेट पर चेकिंग सख्त कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने छात्रों और स्टाफ से भी अपील की है कि, अगर उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन या पुलिस को दें।

    दूसरी बार मिली धमकी
    जानकारी के मुताबिक, पीपुल्स यूनिवर्सिटी को 19 फरवरी को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। उस समय भी ई-मेल के जरिए विश्वविद्यालय को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। पुलिस ने उस मामले में भी जांच की थी, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी। अब दोबारा धमकी मिलने के बाद पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

  • कोख में बच्चा और 3 बेटियों के साथ पत्नी की हत्या, बीवी को धमकी देने के बाद किया खौ़फनाक कदम

    कोख में बच्चा और 3 बेटियों के साथ पत्नी की हत्या, बीवी को धमकी देने के बाद किया खौ़फनाक कदम

    नई दिल्ली

    दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में गर्भवती पत्नी और तीन बेटियों का गला काट देने वाले मुनचुन केवट ने गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि किस तरह वह क्रिकेट और अन्य खेलों पर सट्टेबाजी की वजह से भारी कर्ज में आ गया था। इसे चुकाने के लिए उधार लिया और उसमें से भी एक लाख सट्टेबाजी में गंवा बैठा। फिर जब वसूली के लिए एक कॉल आया तो कथित तौर पर उसे कुछ ऐसी बातें कहीं गईं जिसके बाद उसने सबको खत्म कर देने का फैसला कर लिया। इस फोन कॉल के कुछ देर बाद ही वह 90 रुपये में कटलहल काटने वाला चाकू भी खरीदकर ले आया, जिससे पूरे परिवार की गर्दन, सांस नली तक काट डाली।

    वह सिरसपुर के चंदन पार्क में किराये के एक कमरे में 3 बेटियों और पत्नी सं ग रहने वाला मुनचुन मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। वह आजादपुर मंडी में सब्जी बेचने का काम करता था। वह जुए और सट्टेबाजी की लत में आ चुका था। वह क्रिकेट मैचों और अन्य खेलों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी करता था। सट्टेबाजी में उसे काफी घाटा हो चुका था जिसकी वजह से भारी भरकम कर्ज में था।
    कर्ज चुकाने के लिए उधार, उसमें भी आधा जुए में हार गया

    जांचकर्ताओं के अनुसार, मुनचुन ने पूछताछ के दौरान बताया कि पिछले महीने उसने ससुरालवालों से 2 लाख रुपये उधार लिए। उसने 60 हजार रुपये मिथिलेश नाम के एक कर्जदाता को कुछ हिस्सा चुकाया और 40 हजार एक लहसन आपूर्तिकर्ता को दिए। लेकिन बाकी बचे एक लाख रुपये उसने फिर जुए में लगा दिए और हार बैठा। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार बहुत ज्यादा कर्ज और आर्थिक संकट में था जिसकी वजह से घरेलू तनाव था।

  • बजट की खोलेंगे नायाब पोटली, CM सैनी आज पेश करेंगे हरियाणा का बजट

    बजट की खोलेंगे नायाब पोटली, CM सैनी आज पेश करेंगे हरियाणा का बजट

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के सीएम नायब सैनी बतौर वित्त मंत्री आज दूसरी बार बजट पेश करेंगे। यह बजट 2.15 लाख करोड़ रुपए तक का हो सकता है। इस बार बजट में उद्योग, खेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास, महिलाओं, युवाओं, एआई, प्राकृतिक खेती पर फोकस और लाडो लक्ष्मी योजना का आकार बढ़ाने वाला बजट हो सकता है।  

    इसके अलावा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) उद्योग सेक्टर को बड़ी राहत मिलने की भी संभावना है। वहीं किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन को लेकर भी छूट मिल सकती है। इसके अलावा राज्य में खाली पड़े ग्रुप-D के पदों को भरने को लेकर भी ऐलान हो सकता है।

    10.51 लाख महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ
    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 27 फरवरी को सदन में बताया था कि पंडित दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना एप पर 10 लाख 51 हजार 29 महिलाओं ने आवेदन किए। 10 फरवरी को इसकी चौथी किश्त जारी की। 9 लाख से अधिक बहनों के खातों में 193 करोड़ रुपए भेज दिए गए हैं। अब तक 637 करोड़ रुपए भेजे गए हैं। अब 1 लाख 80 हजार वाली माताएं जिनके तीन बच्चे नहीं हैं, उन्हें भी दिया जा रहा है। फरवरी 2026 से 1100 रुपए की राशि बैंक खातों में और एक हजार रुपए की राशि एफडी की जाएगी। योजना का विशेष पहलू यह है कि परिवार की सभी पात्र महिलाएं लाभ ले सकती हैं।

  • सौ प्रतिशत से नीचे राखी वृद्धि दर, संशोधन के बाद जमीन की नई गाइड लाइन घोषित

    सौ प्रतिशत से नीचे राखी वृद्धि दर, संशोधन के बाद जमीन की नई गाइड लाइन घोषित

    दुर्ग.

    संशोधन उपरांत जमीन की नई गाइडलाइन दर घोषित कर दी गई है नवीन दर के अनुसार शहर में स्टेशन रोड पटेल चौक से फरिश्ता काम्प्लेक्स, ग्रीन चौक तक की जमीन सबसे महंगी है वहीं करहीडीह के जमीन की दर सबसे कम है.

    जारी नई गाइड लाइन दर के मुताबिक स्टेशन रोड पटेल चौक से फरिश्ता काम्प्लेक्स, शिवममाल होते ग्रीन चौक तक मुख्य मार्ग के जमीन की दर प्रति वर्ग मीटर 1 लाख 55 हजार एवं मुख्य मार्ग से अंदर 50 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर है. इसी प्रकार शनिचरी बाजार से भाजपा कार्यालय होते माजार तक भी मुख्य मार्ग की जमीन प्रति वर्ग मीटर 1 लाख 55 हजार वहीं अंदर की 45000 रुपए प्रतिवर्ग मीटर है जबकि करहीडीह में सबसे कम 7500 रुपए प्रतिवर्ग मीटर दर निर्धारित है.

    संशोधन के बाद वृद्धि दर को रखा सौ प्रतिशत से नीचे
    यहाँ यह बताना लाजिमी है कि पूर्व में नवम्बर माह में घोषित जमीन की दरों में 400 से 500 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी गई थी इसे लेकर लोगों बहुत रोष व्याप्त था. इसके विरोध में आंदोलन भी हुए इसके बाद इसमें पुनर्विचार पश्चात अब वृद्धि दर को सौ प्रतिशत से नीचे रखा गया जानकारों के अनुसार दुर्ग शहर में संशोधन पश्चात यह वृद्धि औसत लगभग 50 प्रतिशत तक आ गया है. नवम्बर में घोषित दर में कहीं 6500 से 6000 रुपए प्रतिवर्ग मीटर को 15000 प्रति वर्ग मीटर कर दिया था, इसे 11000 प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है.

    ऐसे ही अलग-अलग क्षेत्रों अलग-अलग तरीके से 100 प्रतिशत से नीचे रखा गया. वहीं कंडिका खतम करने से छोटी बड़ी सभी कालोनियों में जमीन की दर बराबर हो गई थी. इससे कई जगहों अप्रत्याशित तरीके से जमीन की दर बड़ गई थी. इसमें भी सुधार किया गया. ऐसे ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी जमीन की दरें कई गुना बढ़ गई थी इसे भी नवम्बर में घोषित दर से कम किया गया है.

  • दो संचालकों को हटाया, गरीबों के राशन में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त

    दो संचालकों को हटाया, गरीबों के राशन में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त

    जगदलपुर.

    राशन वितरण में गड़बड़ी पर जगदलपुर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। शहर की दो दुकानों के संचालक हटाए गए। स्टॉक और वितरण में भारी अंतर मिला। ग्रामीण क्षेत्रों की चार दुकानों की जांच जारी है। दोषियों पर निलंबन और एफआईआर की तैयारी है। कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी है। गरीबों के हक से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

    पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर है। कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप है। प्रशासनिक सख्ती का असर दिखने लगा है। पीडीएस व्यवस्था पटरी पर लाने की कोशिश तेज है। लगातार मिल रही शिकायतों और जांच में शॉर्टेज की पुष्टि के बाद यह कदम उठाया गया। कार्रवाई से राशन दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। विभागीय जांच में कई दुकानों पर राशन की कमी पाई गई। अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष भी 66 राशन दुकानों में शॉर्टेज का मामला सामने आया था। इसके बावजूद सुधार नहीं होने पर इस बार सीधे निलंबन की कार्रवाई की गई।

    एसडीएम को सौंपी जिम्मेदारी
    प्रशासन ने हर ब्लॉक में कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम को सौंपी है। जिन दुकानदारों ने समय पर राशन वितरण या राशि जमा नहीं की, उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है। कुछ दुकानदारों को पूर्व में चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन लापरवाही जारी रहने पर निलंबन किया गया।

    नई एजेंसियों को सौंपी जा रही दुकानें
    सूत्रों के मुताबिक, कई स्थानों पर नई एजेंसियों से राशन दुकानों का संचालन कराया जा रहा है, ताकि वितरण व्यवस्था सुचारु रह सके। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई संभव है।

  • महिला सशक्तिकरण की नई पहल: डीटीसी बसों में फ्री सफर अब पिंक मोबिलिटी कार्ड से

    महिला सशक्तिकरण की नई पहल: डीटीसी बसों में फ्री सफर अब पिंक मोबिलिटी कार्ड से

    नई दिल्ली

    केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ से प्रेरणा लेते हुए दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार राजधानी की महिला निवासियों के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की शुरुआत करने जा रही है। सोमवार 2 मार्च को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में एक विशेष व भव्य कार्यक्रम ‘सशक्त नारी समृद्ध दिल्ली’ में देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस महत्वाकांक्षी योजना (पिंक कार्ड) का शुभारंभ करेंगी।

    एक ही कार्ड से मेट्रो और रेपिड रेल में सफर
    मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता का कहना है कि यह कार्ड दिल्ली निवासी महिलाओं को डीटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा। साथ ही मेट्रो, रीजनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में एक ही स्मार्ट कार्ड के माध्यम से सशुल्क सुविधा देगा। मुख्यमंत्री के अनुसार यह पहल सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, सुरक्षित और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं के दैनिक यात्रा खर्च में कमी आएगी और उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य तथा सामाजिक अवसरों तक सुगम पहुंच मिलेगी।

    तीन तरह के कार्ड जारी होंगे
    मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत तीन प्रकार के एनसीएमसी कार्ड जारी किए जाएंगे। पिंक कार्ड दिल्ली निवासी पात्र महिलाओं के लिए होगा, जबकि ब्लू कार्ड सामान्य यात्रियों के लिए और ऑरेंज कार्ड मासिक पास उपयोगकर्ताओं के लिए जारी किया जाएगा। शुरुआती चरण में पिंक और ब्लू कार्ड लॉन्च किए जाएंगे, जिसके बाद ऑरेंज कार्ड लागू किया जाएगा।

    दिल्ली सरकार वहन करेगा सारा खर्चा
    उन्होंने बताया कि कार्ड जारी करने के लिए दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने हिंडन मर्केंटाइल लिमिटेड (मुफिनपे) और एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को अधिकृत किया है। ये कार्ड दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में पहले से लागू ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (एएफसीएस) से एकीकृत होंगे। पिंक कार्ड पात्र महिलाओं को पूर्णतः निःशुल्क दिया जाएगा और इसकी संपूर्ण लागत दिल्ली सरकार वहन करेगी।

    इन जगहों पर मिलेंगे पिंक कार्ड
    मुख्यमंत्री के अनुसार कार्ड जारी करने के लिए लगभग 50 केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनमें जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और एसडीएम कार्यालयों के साथ-साथ डीटीसी के चयनित केंद्र शामिल होंगे। यह कार्ड न्यूनतम दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा ताकि प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी रहे। प्रत्येक पिंक कार्ड लाभार्थी के मोबाइल नंबर और आधार से लिंक किया जाएगा। आधार के माध्यम से प्रमाणीकरण कर आयु (5 वर्ष से अधिक), लिंग (महिला) और दिल्ली निवास (दिल्ली पिन कोड के आधार पर) की पुष्टि की जाएगी, जिससे पात्रता सुनिश्चित होगी और डुप्लिकेशन रोका जा सकेगा।

    टिकट की जगह लेगा पिंक कार्ड
    यह एक टच-फ्री और सुरक्षित स्मार्ट कार्ड होगा। इससे हर यात्रा का सही डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। नकद लेन-देन कम होगा और आय का हिसाब-किताब अधिक साफ और पारदर्शी रहेगा। यात्रा के आंकड़ों की मदद से बस रूट तय करने, बसों की संख्या सही करने और बेहतर फैसले लेने में आसानी होगी। यही कार्ड पिंक पेपर टिकट की जगह लेगा, जिससे पूरी व्यवस्था ज्यादा आसान और आधुनिक बन जाएगी।

  • वर्ल्ड कप में भारत से हार के बाद पाकिस्तान के हर खिलाड़ी पर 50 लाख का जुर्माना, नकवी के बयान ने मचाई हलचल

    वर्ल्ड कप में भारत से हार के बाद पाकिस्तान के हर खिलाड़ी पर 50 लाख का जुर्माना, नकवी के बयान ने मचाई हलचल

    इस्लामाबाद 

    आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खराब प्रदर्शन का खामियाजा अब पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों को सीधे अपनी जेब से भुगतना पड़ेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने सख्त रुख अपनाते हुए टीम के हर खिलाड़ी पर जुर्माना लगाने का फैसला किया है. वर्ल्ड कप के सुपर-8 से बाहर होने और टीम इंडिया से ग्रुप स्टेज में मिली करारी हार के बाद यह कार्रवाई की गई है.

    हर खिलाड़ी पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टी20 विश्व कप खेलने वाले पाकिस्तान के हर खिलाड़ी पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये (करीब 16 लाख भारतीय रुपये) का जुर्माना लगाया गया है. यह रकम खिलाड़ियों की सैलरी या मैच फीस से काटी जाएगी. यानी पीसीबी खुद यह पैसा वसूल करेगा.

    लगातार चौथे आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाई है. ऐसे में बोर्ड ने साफ संदेश दिया है कि खराब प्रदर्शन अब सीधे आर्थिक नुकसान में बदलेगा. पाकिस्तान क्रिकेट में पहले भी नतीजों को लेकर सख्ती हुई है, लेकिन इस बार इतनी बड़ी रकम का जुर्माना चर्चा का विषय बन गया है.

    टूर्नामेंट में कैसा रहा प्रदर्शन

    पाकिस्तान ने अपने सभी मैच श्रीलंका में खेले, लेकिन घरेलू जैसे हालात का भी फायदा नहीं उठा सका. शुरुआत में उसने नीदरलैंड्स को 3 विकेट से हराया, हालांकि वह मैच भी काफी करीबी था. इसके बाद अमेरिका को 32 रन से हराया.

    लेकिन भारत के खिलाफ 61 रन की बड़ी हार ने टीम की कमजोरियां उजागर कर दीं. इसके बावजूद पाकिस्तान किसी तरह सुपर-8 में पहुंच गया.

    सुपर-8 में भी मुंह की खाई 

    सुपर-8 में कहानी पूरी तरह बदल गई. न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबला बारिश में रद्द हो गया. फिर इंग्लैंड ने 2 विकेट से हरा दिया. श्रीलंका के खिलाफ जीत जरूर मिली, लेकिन खराब नेट रन रेट के कारण टीम अगले दौर में जगह नहीं बना सकी.

    कुल मिलाकर, टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और अब खिलाड़ियों को इसकी सजा आर्थिक रूप से भी झेलनी पड़ेगी. 

    भारत से हार ने बना दिया नकवी का मजाक

    दरअसल, इस वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान ने जमकर ड्रामेबाजी की थी. पाकिस्तान ने टीम इंडिया के साथ अपने मुकाबले के बायकॉट का ऐलान किया था. कई दिनों तक पीसीबी चीफ नकवी की नौटंकी चली. लेकिन आखिरकार पाकिस्तान मान गया और जब भारत से भिड़ा तो टीम इंडिया ने उसे बुरी तरह से हरा दिया. पाकिस्तान की इस हार ने उसे अपने ही देश में मजाक का पात्र बना दिया. इसलिए पीसीबी अपने खिलाड़ियों से बुरी तरह से खिसियाया हुआ है. 

  • भीड़ में फंसी कार, गुस्से में महिला ने स्कूटी लेकर क्रिकेट पिच पर किया धावा

    भीड़ में फंसी कार, गुस्से में महिला ने स्कूटी लेकर क्रिकेट पिच पर किया धावा

     दुर्गापुर

    पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर के 54 फुट इलाके स्थित चयोन मैदान में चल रहे तीन दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट के दूसरे दिन उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला स्कूटी लेकर सीधे मैदान की पिच पर पहुंच गई. अचानक हुई इस घटना से मैच रोकना पड़ा और मैदान में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई.

    इसलिए स्कूटी लेकर पिच पर पहुंची महिला

    जानकारी के मुताबिक कल्याण संघ क्लब की ओर से पिछले तीन वर्षों से आयोजित “तनमय नंदी-बप्पा हलदार स्मृति टूर्नामेंट” का यह दूसरा दिन था. स्थानीय सूत्रों के अनुसार मैदान के पास की सड़क संकरी होने के कारण वहां कुछ ऑटो और बाइक खड़ी थीं व दर्शक मैच देख रहे थे. इसी दौरान पास के एक फ्लैट में रहने वाले व्यक्ति की कार को निकलने में दिक्कत हुई.

    आरोप है कि रास्ता खाली कराने में थोड़ी देरी होने पर संबंधित व्यक्ति की पत्नी नाराज़ हो गईं और स्कूटी लेकर खेल के दौरान ही सीधे पिच के बीचों-बीच पहुंच गईं. जिससे मैच तत्काल रोकना पड़ा. महिला के इस कदम से मौजूद दर्शकों में आक्रोश फैल गया और कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. दो महिला पुलिसकर्मी पिच पर जाकर स्थिति संभालने की कोशिश कर रही थीं, तभी भीड़ के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई. इस दौरान एक महिला सिविक वॉलंटियर के घायल होने की भी खबर है.
    क्लब ने क्या कहा?

    हालात बिगड़ते देख एसीपी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया. पुलिस ने संबंधित महिला और कल्याण संघ के सचिव समर सिकदर को पूछताछ के लिए दुर्गापुर थाने ले गई. क्लब की ओर से दावा किया गया है कि उन्होंने किसी प्रकार की मारपीट नहीं की और वे केवल टूर्नामेंट के संचालन में व्यस्त थे.

    इस मामले पर एसीपी ने कहा कि क्रिकेट मैच को लेकर एक अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई थी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और यह देखा जा रहा है कि वास्तव में क्या हुआ? मैच दोबारा शुरू होगा या नहीं, इस पर भी प्रशासन विचार कर रहा है.

    पुलिस ने शुरू की जांच

    स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों का दावा है कि संबंधित महिला का पहले भी आसपास के लोगों से विवाद रहा है. पुलिस ने इस संबंध में किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है. फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना ने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.