Author: NewseDay

  • चंद्र ग्रहण 2026 LIVE: 6:48 बजे मोक्ष काल, भारत में कुछ मिनटों के लिए दिखेगा लालिमा लिए ‘ब्लड मून’

    चंद्र ग्रहण 2026 LIVE: 6:48 बजे मोक्ष काल, भारत में कुछ मिनटों के लिए दिखेगा लालिमा लिए ‘ब्लड मून’

    नई दिल्ली
    3 मार्च 2026, मंगलवार (फाल्गुन पूर्णिमा) को साल का पहला चंद्र ग्रहण शुरू हो चुका है। दोपहर 3:20 बजे ग्रहण का स्पर्श काल प्रारंभ हुआ और इसी के साथ यह खगोलीय घटना आधिकारिक रूप से शुरू मानी गई। यह खंडग्रास यानी आंशिक चंद्र ग्रहण है, जिसमें पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आकर अपनी छाया चंद्रमा के एक हिस्से पर डालती है। इसी कारण चंद्रमा का कुछ भाग ढका हुआ दिखाई देता है। खगोलीय दृष्टि से यह पूरी तरह प्राकृतिक और वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के कारण समय-समय पर होती रहती है। लेकिन धार्मिक और ज्योतिषीय परंपराओं में चंद्र ग्रहण को विशेष महत्व दिया जाता है। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगने के कारण इस ग्रहण को और भी अहम माना जा रहा है। यह भारत में ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिखाई देगा- यानी चंद्रोदय के समय ग्रहण का अंतिम चरण नजर आएगा।

    कब से कब तक रहेगा ग्रहण?
    भारतीय समयानुसार ग्रहण की प्रमुख टाइमिंग इस प्रकार है:
    ग्रहण प्रारंभ (स्पर्श): दोपहर 3:20 बजे
    ग्रहण मध्य: शाम 5:05 बजे
    ग्रहण समाप्ति (मोक्ष): शाम 6:48 बजे
    उपच्छाया समाप्ति: रात 7:55 बजे

    हालांकि यह पूरा समय भारत में दिखाई नहीं देगा। वजह यह है कि ग्रहण शुरू होने के समय देश में दिन रहेगा और चंद्रमा क्षितिज के नीचे होगा। भारत में यह ग्रहण ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिखाई देगा। यानी जब यहां चंद्रमा उदय होगा, तब तक ग्रहण अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका होगा।

    क्यों कहा जा रहा है ‘ब्लड मून’?- ग्रहण के दौरान जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा को ढकती है, तो सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते हुए चंद्रमा तक पहुंचती हैं। इस प्रक्रिया में लाल रंग की किरणें ज्यादा परावर्तित होती हैं। इसी वजह से चंद्रमा तांबे या लालिमा लिए दिखाई देता है। इसी कारण इसे आम भाषा में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।

    चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित- वैज्ञानिकों के अनुसार यह पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित घटना है। चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है और इसके लिए किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं होती।

    भारत में कितनी देर दिखेगा ग्रहण?- भारत में चंद्रमा शाम को उदय होगा, इसलिए लोग ग्रहण का केवल अंतिम हिस्सा ही देख पाएंगे। अधिकांश शहरों में यह दृश्य लगभग 20 से 25 मिनट तक ही दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिखाई देगा, इसलिए चंद्रोदय के बाद यानी लगभग 6:20–6:30 बजे के बीच (शहर अनुसार अलग-अलग) से लेकर 6:48 बजे तक ही इसका अंतिम हिस्सा नजर आएगा।

    उत्तर-पूर्वी राज्यों- जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और मणिपुर – में चंद्रमा सबसे पहले उदय होता है, इसलिए वहां दृश्यता का समय अपेक्षाकृत अधिक रहेगा। इसके बाद पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में ग्रहण नजर आएगा।

    दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत में ग्रहण लगभग 6:22 बजे के बाद दिखाई देगा और 6:48 बजे मोक्ष तक ही सीमित रहेगा। पश्चिमी भारत- मुंबई, गुजरात और राजस्थान- में यह अवधि और भी कम हो सकती है।

    सूतक काल का महत्व- ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस बार सूतक सुबह लगभग 6:20 बजे से प्रभावी है और ग्रहण समाप्ति यानी 6:48 बजे तक रहेगा। सूतक के दौरान परंपरागत रूप से मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं, शुभ कार्यों को टाला जाता है और कई लोग भोजन बनाने या ग्रहण करने से परहेज करते हैं। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण का दैनिक जीवन पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं माना जाता।

    2026 में कितने चंद्र ग्रहण?- साल 2026 में कुल दो चंद्र ग्रहण होंगे। हालांकि भारत में केवल 3 मार्च का ग्रहण ही दिखाई देगा। वर्ष का दूसरा ग्रहण भारत से दृश्य नहीं होगा।

     

  • चंद्र ग्रहण आज: भारत में 6:20 के बाद होगा दृश्य, 25 मिनट तक रहेगा असर

    चंद्र ग्रहण आज: भारत में 6:20 के बाद होगा दृश्य, 25 मिनट तक रहेगा असर

    साल के पहले चंद्र ग्रहण के लगने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है. आज दोपहर को 03 बजकर 20 मिनट पर इस चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो जाएगी. इस ग्रहण की समाप्ति शाम को 06 बजकर 46 मिनट पर हो जाएगी. ये ग्रहण 03 घंटे 26 मिनट तक रहेगा. चूंकि ये ग्रहण भारत में नजर आने वाला है, इसलिए इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है.

    इस ग्रहण का सूतक काल आज सुबह 06 बजकर 20 मिनट पर ही लग गया है. देशभर में ग्रहण के सूतक काल के विशेष नियमों का पालन किया जा रहा है. मंदिरों के कपाट बंद हैं. घरों में पूजा-पाठ समेत तमाम धार्मिक कार्य और खानपान बंद है. भारत में जब चंद्रोदय होगा तो चांद को ग्रहण लगा हुआ होगा. भारत में यह चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदित रूप में नजर आने वाला है.

    भारत में 20 से 25 मिनट ही रहेगा ग्रहण का प्रभाव

    शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक पूर्ण चंद्र ग्रहण रहेगा. भारत में ये ग्रहण करीब 20 से 25 मिनट ही नजर ही नजर आने वाला है. भारत में आज शाम को 06 बजकर 20 मिनट के बाद ग्रहण लगा चांद दिखने लगेगा. चंद्रोदय होते ही भारत के कई हिस्सों में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा. इसके बाद 06 बजकर 46 मिनट पर ये चंद्र ग्रहण खत्म हो जाएगा.

    दिल्ली समेत इन बडे़े शहरों में ग्रहण के दिखने का समय

        दिल्ली-एनसीआर: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट पर दिखेगा.
        प्रयागराग: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 08 मिनट पर दिखेगा.
        कानपुर:यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 14 मिनट पर दिखेगा.
        वाराणसी: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बदकर 04 मिनट पर दिखेगा.
        पटना: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर दिखेगा.
        रांची: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर दिखेगा.
        कोलकाता: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 43 मिनट पर दिखेगा.
        भुवनेश्वर:यहां चंद्र ग्रहण 05 बजकर 54 मिनट पर दिखेगा.
        गुवाहाटी:यहां चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 27 मिनट पर दिखेगा.
        चेन्नई: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 06 बजकर 21 मिनट पर दिखेगा.
        बेंगलुरु: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 32 मिनट पर दिखेगा.
        हैदराबाद:यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट पर दिखेगा.
        ईटानगर:यहां चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 07 मिनट पर दिखेगा.

    इस सभी स्थानों पर ग्रहण शाम को 06 बजकर 46 मिनट पर समाप्त हो जाएगा.

    ग्रहण के बाद क्या करें?

    शाम को ग्रहण के समाप्त होने के बाद सबसे पहले पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें. खुद स्नान करें और फिर ताजा भोजन बनाकर ग्रहण करें.

  • विजय देवरकोंडा के गांव में रश्मिका का भव्य स्वागत, 3 हजार को खिलाया खाना, दिया दिलचस्प सरप्राइज

    विजय देवरकोंडा के गांव में रश्मिका का भव्य स्वागत, 3 हजार को खिलाया खाना, दिया दिलचस्प सरप्राइज

    मुंबई 

    रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा शादी के बाद हैप्पी लाइफ जी रहे हैं. कपल हनीमून पर ना जाकर रस्मों रिवाजों को पूरा कर रहा है. 4 मार्च को उनका वेडिंग रिसेप्शन होना है. इससे पहले कपल ने बची हुई रस्मों को पूरा किया. हैदराबाद में रश्मिका का ग्रैंड वेलकम हुआ. इसके बाद विजय देवरकोंडा के तेलंगाना स्थित गांव Thummanapeta में सोमवार को कपल का भव्य स्वागत किया गया| 

    रश्मिका-विजय का बड़ा ऐलान

    गांव के नए घर में गृहप्रवेश और सत्यनारायण पूजा रखी गई थी. विजय और रश्मिका ने पूजा में साथ बैठकर विधियों को पूरा किया. सिल्क साड़ी में नई नवेली दुल्हन रश्मिका की खुशी का ठिकाना नहीं था. अपने लव ऑफ लाइफ विजय संग वो खुश दिखीं. न्यूलीवेड कपल की एक झलक पाने को पूरा गांव वहां पर इकट्ठा हुआ. रश्मिका और विजय ने सभी का हाथ जोड़कर नमन किया. गांववालों ने कपल को सदा सुखी रहने का आशीर्वाद दिया | 

    विजय ने स्टेज पर आकर गांववालों को उनकी बहू रश्मिका से मिलवाया. एक्ट्रेस ने गांववालों का इतना प्यार देने के लिए शुक्रिया अदा किया. कपल ने गांव के 3000 लोगों को खाना खिलाया. इसके अलावा विजय ने एक बड़ा ऐलान भी किया. एक्टर ने देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत 9वीं और 10वीं क्लास के बच्चों को स्कॉलरशिप देने का ऐलान किया. ये सौगात तेलंगाना के Nagarkurnool जिले के Achampet डिवीजन के 44 सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलेगी. इस अनाउंसमेट को सुनने के बाद उनकी मां की खुशी का ठिकाना नहीं था. भाई आनंद ने भी इस पहल को सराहा. विजय ने गांववालों से कहा- मेरे होमटाउन में मेरा घर और जमीन है. अब से मैं लगातार गांव आता रहूंगा | 

    शादी के बाद कपल तिरुमाला तिरुपति मंदिर भगवान का आशीर्वाद लेने गया था. कपल की एक झलक पाने को फैंस बेकरार रहते हैं. रश्मिका-विजय ने 7 साल डेटिंग के बाद अपने रिश्ते को शादी का नाम दिया है. उनका वेडिंग लुक सोशल मीडिया पर अभी तक वायरल हो रहा है. कपल ने कोडावा और आंध्रा रीति रिवाजों से शादी की. अब फैंस को उनके वेडिंग रिसेप्शन लुक का इतंजार है | 

     

  • हरियाणा में जल विभाग की सख्ती, पानी की बर्बादी पर 6079 रुपये फाइन और कनेक्शन कट

    हरियाणा में जल विभाग की सख्ती, पानी की बर्बादी पर 6079 रुपये फाइन और कनेक्शन कट

    पंचकूला.

    सेक्टर-26, सेक्टर-28 तथा आशियाना फ्लैट्स, पाकेट-ए और पाकेट-बी के प्लाट धारकों के लिए सार्वजनिक चेतावनी जारी की गई है। संबंधित विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मकानों की पानी की टंकियां लीकेज हैं या किसी कारणवश पानी ओवरफ्लो होकर छत और सड़कों पर बह रहा है, उन्हें तुरंत ठीक कराया जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार यदि किसी भी प्लॉट से पानी की बर्बादी या लीकेज पाया जाता है तो संबंधित मालिक का चालान काटा जाएगा। विभाग ने बताया कि चालान राशि 6,078 रुपये के साथ 2,000 रुपये अतिरिक्त जुर्माना पानी के बिल में जोड़ दिया जाएगा।

    सड़कों पर जलभराव से भी दिक्कत
    निर्धारित समय में जुर्माना जमा न कराने की स्थिति में संबंधित मकान का पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा है कि लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है। पानी की बर्बादी से न केवल जल संकट गहराता है, बल्कि सड़कों पर जलभराव और फिसलन से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

    दंडात्मक कार्रवाई अनिवार्य
    कार्यकारी अभियंता, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (मंडल-2), पंचकूला की ओर से जारी इस नोटिस में सभी निवासियों से अपील की गई है कि वे अपनी पानी की टंकियों, पाइपलाइन और वाल्व की समय-समय पर जांच कराएं तथा किसी भी प्रकार की लीकेज तुरंत ठीक करवाएं, ताकि दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर बिना किसी पूर्व सूचना के चालान और अन्य कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

  • दिग्गज नेताओं को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, पंचायत चुनाव में जीत का BJP ने बनाया फॉर्मूला

    दिग्गज नेताओं को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, पंचायत चुनाव में जीत का BJP ने बनाया फॉर्मूला

    जयपुर.

    राजस्थान में 'गांव की सरकार' चुनने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। प्रदेश की 14 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में होने वाले चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी बिसात बिछा दी है। बता दें कि सत्ता और संगठन ने मिलकर एक ऐसी 'सीक्रेट रणनीति' तैयार की है, जिसका मकसद न केवल जीत हासिल करना है, बल्कि विपक्ष के किलों को भी ढहाना है। अब बस इंतजार है तो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी तारीखों के औपचारिक एलान का।

    राठौड़, चतुर्वेदी और तिवाड़ी संभालेंगे मोर्चा
    बीजेपी ने इस बार पंचायत चुनावों की जिम्मेदारी अपने सबसे अनुभवी और रणनीतिकार नेताओं को सौंपी है। पार्टी ने जिला परिषद और पंचायत चुनाव समितियों के नाम फाइनल कर लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन प्रमुख नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। इन नेताओं ने ही परिसीमन और पुनर्गठन को लेकर पार्टी की सिफारिशें तैयार की हैं। ताकि चुनावों में बीजेपी को अधिकतम भौगोलिक और राजनीतिक लाभ मिल सके।

    • राजेंद्र राठौड़ (पूर्व नेता प्रतिपक्ष): जमीनी राजनीति के माहिर खिलाड़ी।
    • अरुण चतुर्वेदी (अध्यक्ष, राज्य वित्त आयोग): संगठन और सत्ता के बीच समन्वय के विशेषज्ञ।
    • घनश्याम तिवाड़ी (राज्यसभा सांसद): नीतिगत और कानूनी बारीकियों के जानकार।

    CM भजनलाल शर्मा का 'संभाग प्लान'
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद इन चुनावों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सभी संभागों के प्रमुख नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों का एकमात्र एजेंडा पंचायत चुनाव 2026 था। मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधा मतदान केंद्र तक पहुंचे।

    विस्तारकों ने टटोली जनता की नब्ज
    रणनीति बनाने से पहले बीजेपी ने हर विधानसभा स्तर पर 'विस्तारक' तैनात किए थे। इन विस्तारकों का काम केवल पार्टी के कार्यक्रम चलाना नहीं था, बल्कि जमीन पर जनता की नाराजगी और उम्मीदों को समझना था। विस्तारकों की ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर ही प्रत्याशियों के चयन और प्रचार के मुद्दों का खाका खींचा गया है।

    अगले महीने बज सकता है चुनावी बिगुल
    राज्य निर्वाचन आयोग ने फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस बार 4.02 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रदेश की 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में अगले महीने चुनाव होने की पूरी संभावना है।

    कार्यकाल का गणित: कब-कहां होंगे चुनाव?
    वर्तमान में 12 जिला परिषदों और 130 पंचायत समितियों का कार्यकाल अभी बाकी है, जो अलग-अलग चरणों में पूरा होगा। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही चुनाव आयोग कार्यक्रम जारी करेगा, वैसे ही प्रभारी और उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी।

    1. 5 सितंबर तक: 6 जिला परिषद और 78 पंचायत समितियों का समय पूरा होगा।
    2. 29 अक्टूबर तक: 2 जिला परिषद और 22 पंचायत समितियों का कार्यकाल खत्म होगा।
    3. 22 दिसंबर तक: 4 जिला परिषद और 30 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा होगा।
  • तस्करों पर एक्शन की तैयारी में विभाग, पंचकूला के जंगल में काट डाले हजारों पेड़

    तस्करों पर एक्शन की तैयारी में विभाग, पंचकूला के जंगल में काट डाले हजारों पेड़

    बरवाला.

    आसरेवाली क्षेत्र में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में आज दोपहर 1 बजे चार सदस्यों की टीम मौके पर पहुंची। टीम शाम 4 बजे तक कई घंटों तक जंगल के भीतर सघन छानबीन की और कटे हुए पेड़ों के ठूंठ व अन्य साक्ष्यों को खंगाला। अब पूरी कार्यवाही टीम की इसी जांच रिपोर्ट पर टिकी है।

    बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यह खैर की कटाई कुछ दिनों में नहीं हुई बल्कि लंबे समय से चल रही थी। ऐसे में सवाल उन अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर भी उठ रहा है जिनकी जिम्मेदारी इस वाइल्डलाइफ सेंचुरी की रखवाली करने की थी। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र पहले वन विभाग के अधीन था, लेकिन वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी का दायरा बढ़ने के बाद इसे वाइल्डलाइफ विभाग के अधीन कर दिया गया था।

    जब यह क्षेत्र वन विभाग के पास था, तब गांव आसरेवाली के बाहर एक नाका लगाया गया था, जहां नियमित चेकिंग होती थी। बताया जा रहा है कि क्षेत्र वाइल्डलाइफ के अधीन आते ही नाका हटा दिया गया, जिसके बाद खैर की तस्करी तेजी से बढ़ने लगी। यह खेल कुछ दिनों का नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा है और इसमें हजारों पेड़ों की कटाई की आशंका जताई जा रही है। हैरानी की बात यह भी है कि क्षेत्र में कथित रूप से खनन गतिविधियां भी जारी रहती हैं, जबकि एरिया में प्रवेश से पहले कोई स्थायी नाका या चेकिंग व्यवस्था नहीं है। संबंधित इलाके में तीन से चार खोल बने हुए बताए जा रहे हैं, जहां सबसे अधिक खैर के पेड़ काटे गए हैं।

    अक्टूबर 2025 में भी वायरल हुई थी फोटो, पर नहीं हुई कार्रवाई
    अक्टूबर 2025 में भी इंटरनेट मीडिया पर आसरेवाली में खैर के कटे हुए पेड़ों की करीब 30 फोटो वायरल हुई थी, लेकिन तब इन चीजों की जांच नहीं की गई। इसके बाद से लगातार खैर चोरी के मामले बढ़ते गए। अब जाकर जब मामला मंत्री के संज्ञान में पहुंचा है, तो विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। आज टीम की घंटों चली इस छानबीन के बाद अब रिपोर्ट का इंतजार है कि विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।

    कल 10 टीमों के पहुंचने की संभावना
    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग अब बड़े स्तर पर एक्शन की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, कल सुबह क्षेत्र में 10 अलग-अलग टीमों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जो पूरे प्रभावित इलाके का कोना-कोना खंगालेंगी।

  • भारत में खामेनेई की मौत के बाद हाईअलर्ट, कानून-व्यवस्था पर सख्त नजर, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी

    भारत में खामेनेई की मौत के बाद हाईअलर्ट, कानून-व्यवस्था पर सख्त नजर, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी

    नई दिल्ली
     मध्य पूर्व के हालात को देखते हुए भारत में हाईअलर्ट जारी किया गया है। गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने सभी राज्यों को संदिग्ध लोगों पर नजर रखने और प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स तैनात करने का निर्देश दिया है, जिससे देश में शांति व्यवस्था बनी रहे। अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में देश के विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से देश में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, राज्यों में पुलिस-प्रशासन ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त चेतावनी दी है। 

    नागरिकों से कहा गया है कि वे किसी भी तरह का आपत्तिजनक, भड़काऊ या अनचाहा कंटेंट पोस्ट, शेयर या फॉरवर्ड करने से बचें। अफवाहें और भ्रामक संदेश माहौल को बिगाड़ सकते हैं और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। पुलिस-प्रशासन ने कहा कि शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान किया जाता है लेकिन हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सुरक्षा बलों के साथ टकराव किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसी घटनाओं से जान-माल का नुकसान होता है और पूरे समाज को परेशानी होती है।

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल तत्वों, भड़काने वालों और असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इसी क्रम में कर्नाटक के बांदीपुरा जिले में मौजूदा हालात को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने आम नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पुलिस-प्रशासन ने कहा है कि क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए लोग किसी भी ऐसी गतिविधि से दूर रहें जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका हो।

    पुलिस की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि लोग तोड़फोड़, दंगा-फसाद, पत्थरबाजी या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में शामिल न हों। ऐसा करना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे आम जनता, व्यापारियों, विद्यार्थियों और दिहाड़ी मजदूरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हिंसा और अशांति की वजह से शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने, आवाजाही में रुकावट और आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना रहती है।

  • CM मोहन ने सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स भुगतान की घोषणा की, मिलेंगे इतने सालों के बकाए

    CM मोहन ने सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स भुगतान की घोषणा की, मिलेंगे इतने सालों के बकाए

    भोपाल
    मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए सरकारी कर्मचारियों के एरियर्स के भुगतान पर भी बड़ा फैसला लिया है।  सीएम मोहन यादव ने बताया है कि, जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर्स के भुगतान की शुरुआत मई महीने से शुरू हो जाएगी और कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मोहन यादव ने कहा है कि  कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा।

    वहीं इससे पहले आज ही सीएम मोहन यादव ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को बढ़ाने का भी ऐलान किया है। सीएम मोहन ने कहा है कि आज होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है।

    सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।

     मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों की होली मोहन यादव सरकार ने दोगुनी रंगीन कर दी है। कर्मचारियों को वो  बड़ी सौगात मिली है जिससे उनके चेहरे खिलने तय है। दरअसल  सीएम मोहन यादव ने राज्य के कर्मचारियों का 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर दी है। ये प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी राहत से कम नहीं है।

    होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।

    पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है।

    पेंशनर्स को जनवरी से फरवरी की पेंशन का डीए मिलेगा

    सीएम ने बताया कि पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
    अभी मिल रहा 55 प्रतिशत डीए

    मध्य  प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों को अभी 55 प्रतिशत डीए मिल रहा था। वहीं, केंद्र सरकार के द्वारा 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। कर्मचारी लगातार केंद्र समान महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे थे लेकिन  आज मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर है। जाहिर है कर्मचारियों की होली डबल रंगीन हो गई है।

    आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कैबिनेट की, कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए निर्णय लिया है। सभी को होली की बधाई।

    3% फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ने के साथ  ही मध्य प्रदेश के 12 लाख से अधिक कर्मचारियों का भत्ता अब केंद्र के बराबर 58 फीसदी हो गया है।  लिहाजा एरियर्स को लेकर सीएम मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों के एरियर्स का भुगतान छह किस्तों में किया जाएगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।”

  • रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा, बच्चों में मोबाइल और टीवी स्क्रीनिंग टाइम ने बढ़ाया मोटापा

    रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा, बच्चों में मोबाइल और टीवी स्क्रीनिंग टाइम ने बढ़ाया मोटापा

    जालंधर.

    कृषि प्रदान प्रदेश पंजाब में बच्चों में मोटापे का उभार एक स्वास्थ्य संकट बनने लगा है। बच्चों का मोबाइल , टीवी और कंप्यूटर पर बढ़ता स्क्रीन टाइम इसका अहम कारण माना जा रहा है। कोरोना काल के बाद बच्चों में मोटापा दर 2 से 3 गुना तक बढ़ गई है। बच्चों में मोटापे की वजह से परेशान स्वजन इससे होने वाली शुगर और हायपरटेंशन की समस्या को लेकर बाल रोग माहिरों की सलाह लेने लगे है।

    पिछले करीब पांच साल में खासकर किशोर 10-16 वर्ष और स्कूल-जाने वाले बच्चों में मोटापे और अधिक वजन की समस्या तेजी से बढ़ी है । हाल ही में हुई स्टडी में बाडी मास इंडेक्स (बीएमआई) के आधार लगभग 31 प्रतिशत बच्चे 10-16 वर्ष या तो ओवरवेट 18.6प्रतिशत या ओबेसी 12.4 प्रतिशत श्रेणी में आते हैं। इसके आधार पर करीब 3 में से 1 बच्चा अब वजन की सीमा से ऊपर है। मोटापा केवल शहरी आबादी के बच्चे में ही देहात के बच्चों में बढ़ रहा है। राज्य में नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 व 2019-21 के अनुसार 0-5 वर्ष के बच्चों में ओवरवेट और ओबेसी लगभग 2 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 4 प्रतिशत पहुंचा। एंडोकिड्स के एमडी एवं बच्चों के एंडोक्रोनोलाजिस्ट डा. सौरभ उप्पल कहते है कि पांच साल पहले अगर उनके पास 100 बच्चे मोटापे को लेकर आते थे अब उनकी संख्या 140 के करीब पहुंच चुकी है। स्वजन उनके पास एक साल के बच्चे भी मोटापे को लेकर पहुंच रहे है।

    छोटे बच्चों को लोग बिस्कुट और चिप्स देना शुरू कर देते है जो मोटापे का कारण बन रहा है। वहीं बड़े बच्चों का मोबाइल फोन, टीवी और कंप्यूटर पर स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। बच्चे इस दौरान फास्ट, फूड, चाकलेट, बिस्कुट, चिप्स व अन्य खाद्य पदार्थ खाते रहते है। उन्हें पता नही चलता और ओवर इटिंग कर लेते है जो मोटापे का बढ़ा कारण बन रहे है। आईएमए के पूर्व प्रधान एवं भुटानी चिल्ड्रन अस्पताल के एमडी डॉ. एमएस भुटानी का कहना है कि एक साल से कम आयु के बच्चों को ही लोग दूध पिलाने और उन्हें व्यस्त रखने मोबाइल फोन उनके हाथ में थमा रहे है। उनकी आदत बिगड़ने का साथ स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है।

    बच्चे मोटे होने के साथ जिद्दी भी हो जाते है। ऐसे बच्चों की आदत छुड़वाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बच्चों की आउट डोर गेम्स की आदत नही रहती है। जब तक खान-पान, खेल और मानसिक स्वास्थ्य के लिए परिवार और समुदाय मिलकर कदम नहीं उठाते, मोटापे की वृद्धि का सिलसिला नहीं रुकेगा। मॉडल टाउन में रहने वाली श्वेता का कहना है कि उनका 12 साल का बेटा मान्य ओवर वेट है। पति पत्नी दोनों सर्विस करते है और देर शाम और छुट्टी के दिन ही बच्चे को पूरा समय दे पाते है। पहले वह मोबाइल और टीवी एक घंटे तक इस्तेमाल करता था, अब पढ़ाई सहित उसका स्क्रीन टाइम चार घंटे तक पहुंच गया है। इस दौरान उसकी डाइट भी बढ़ गई है। उसका भार सामान्य से दस किलोग्राम ज्यादा है। अब उसका भार कम करने के लिए डाक्टर से सलाह ले रहे है, ताकि मोटापे से होने वाली बीमारियों का खतरा खत्म किया जा सके।

    मकसूदा में रहने वाले चंद्र शेखर का कहना है कि उनकी बेटी सुरभि 16 साल की है। कोरोना काल के दौरान आन लाइन प्रचलन बढ़ने की वजह से स्क्रीन टाइम बढ़ गया। धीरे धीरे स्क्रीन टाइम 5 से 6 घंटे तक पहुंच गया है, हालांकि इसमें ज्यादातर समय उसकी पढ़ाई और कंपीटिशन की तैयारी से संबंधित है। अब मोटापा की वजह से उसे किशोरियों में होने वाली समस्याएं बढ़ने लगी है। अब मोटापा कम करने के लिए उसे जिम भेजना शुरू किया है।

    मुख्य कारण जो मोटापे को बढ़ा रहे हैं

    1. पैकेज्ड स्नैक्स, कोल्ड ड्रिंक जैसे मीठे वाले उत्पाद अधिक सेवन हो रहे हैं।
    2. कोचिंग, मोबाइल, टीवी स्क्रीन टाइम, आउटडोर खेलों में कमी मोटापे में योगदान दे रही है।
    3. स्कूलों में खेल-कूद की भूमिका कम और एसी-लाइफस्टाइल जैसे आरामदायक व्यवहार ज्यादा।
    4. पौष्टिक तत्वों की कमी और अधिक फैट-सोडियम डाइट।

    समाधान

    1. संतुलित पौष्टिक आहार फल, सब्जियां, दलिया, प्रोटीन।
    2. मोबाइल और टैब के समय का नियंत्रण।
    3. रोज़ाना कम से कम 60 मिनट खेल-कूद या शारीरिक गतिविधि।
    4. नियमित नींद और स्क्रीन-डीटाक्स।
    5. खेल मुख्य-पाठ्यक्रम का हिस्सा।
    6. स्वास्थ्य-स्क्रीनिंग कैंप।
  • मान ने केंद्र सरकार से की अपील, मिडिल ईस्ट में फंसे पंजाबियों के लिए जारी की हेल्पलाइन नंबर

    मान ने केंद्र सरकार से की अपील, मिडिल ईस्ट में फंसे पंजाबियों के लिए जारी की हेल्पलाइन नंबर

    चंडीगढ.

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के मद्देनजऱ वहां फंसे पंजाबियों की सहायता के लिए 24 घंटे कार्यरत हेल्पलाइन जारी करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फंसे हुए लोगों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के साथ लगातार संपर्क में है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ित परिवारों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'अरब देशों में उत्पन्न तनावपूर्ण हालात के कारण अनेक पंजाबी गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति या उसके परिवार का सदस्य वहां फंसा हुआ है, तो वे तुरंत जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। राज्य सरकार उनकी सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर है।'

    27×7 हेल्पलाइन जारी
    उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो 24×7 कार्यरत रहेगा। प्राप्त सूचनाओं को तुरंत संबंधित विभागों और भारत सरकार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि राहत और निकासी की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, 'हम फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द हर आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए वचनबद्ध हैं। किसी भी परिवार को घबराने की आवश्यकता नहीं है- पंजाब सरकार इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।' खाड़ी देशों में फंसे युवाओं, कामगारों और विद्यार्थियों के परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में उनके कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी।

    'भारतीय नागरिकों को वापस लाया जाए'
    मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से अपील की कि वह मध्य पूर्व में उत्पन्न हालात को देखते हुए फंसे पंजाबियों तथा अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार आवश्यक कूटनीतिक और प्रशासनिक प्रयासों के माध्यम से युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे सभी लोगों की शीघ्र सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगी।