Author: NewseDay

  • अखिलेश की PDA बनाम बीजेपी का मास्टर प्लान, 2027 में किसकी बनेगी सरकार?

    अखिलेश की PDA बनाम बीजेपी का मास्टर प्लान, 2027 में किसकी बनेगी सरकार?

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अब सरगर्मी बढ़ने लगी है। भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की है। इसके तहत 15 दलित महापुरुषों का कैलेंडर तैयार कराया गया है। इनकी जयंती-पूण्यतिथि के बहाने इस समाज के लोगों से सालों भर मुलाकात का कार्यक्रम तैयार किया गया है। इनमें कांशीराम से लेकर संत रविदास तक शामिल हैं। पहले ही भाजपा ने मायावती पर सीधे हमले से परहेज किया है। पार्टी किसी भी दलित महापुरुष और नेता से सीधे उलझती नहीं दिख रही है। यह संदेश जमीन तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। दरअसल, अखिलेश यादव की पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए पॉलिटिक्स की काट के तौर पर रणनीति को तैयार किया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार भी समाज के हर वर्ग तक सरकार की योजनाओं के पहुंचाए जाने की जानकारी पहुंचाने की रणनीति में जुटी है।
    दलित वोट बैंक है जरूरी
    यूपी की राजनीति में सत्ता की सीढ़ी चढ़ने के लिए दलित वोट बैंक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ अखिलेश यादव यादव, गैर यादव पिछड़ा यानी पीडीए पॉलिटिक्स के जरिए प्रदेश की सत्ता में एक बार फिर वापसी की कोशिशों में जुटे हुए हैं। दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का प्रयास कर रही है। इसको लेकर पार्टी की ओर से रणनीति को तैयार किया जा रहा है। इसमें दलित वोट बैंक को अहम माना जा रहा है।हाल के वर्षों में दलित वोट बैंक में बिखराव होता दिखा है। वर्ष 2014 से 2019 तक के चुनावों में प्रदेश में मोदी लहर और भाजपा के उफान के बाद भी बहुजन समाज पार्टी दलित वोट बैंक पर कब्जा जमाती दिखी थी। करीब 20 फीसदी के वोट बैंक पर मायावती का कब्जा दिखता रहा था। हालांकि, यूपी चुनाव 2022 के बाद से दलित वोट बैंक छिटकना शुरू हुआ। लोकसभा चुनाव 2024 में मायावती का वोट प्रतिशत प्रदेश में 10 फीसदी के आसपास सिमटता दिखा है।

    यूपी चुनाव 2022 में योगी-मोदी सरकार की नीतियों, कोरोना काल में अन्न योजना के प्रभाव ने दलित वोट बैंक के एक बड़े हिस्से को भाजपा से जोड़ा। ऐसे में सॉलिड गैर-यादव ओबीसी वोट बैंक में भटकाव से अधिक असर पार्टी को नहीं हुआ। हालांकि, लोकसभा चुनाव में संविधान बदलने के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाकर और पीडीए पॉलिटिक्स के जरिए बसपा से छिटकने वाले दलित वोट के एक बड़े हिस्से को पार्टी के साथ जोड़ने में अखिलेश यादव कामयाब रहे।

    2027 के लिए डी पॉलिटिक्स
    यूपी चुनाव 2027 के लिए भाजपा ने अब दलित पॉलिटिक्स पर जोर देना शुरू कर दिया है। लोकसभा चुनाव में छिटके दलित वोटरों को साधने की रणनीति तैयार की जा रही है। भाजपा ने इसके लिए नए सिरे से सोशल इंजीनियरिंग शुरू कर दी है। पार्टी की रणनीति के केंद्र में दलित महापुरुष, उनकी विरासत और समाज के लोगों से लगातार संवाद है। इस संवाद के जरिए समाज के निचले हिस्से तक पार्टी अपने संदेश और कार्यों को पहुंचाने की तैयारी में है।

    बीजेपी ने इसके लिए कांशीराम, संत रविदास, संत गाडगे, डॉ. भीमराव अंबेडकर, ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, उदा देवी, झलकारी बाई, वीरा पासी, लखन पासी, रमाबाई अंबेडकर और अहिल्याबाई होल्कर जैसी करीब 15 दलित और वंचित समाज के महापुरुषों का एक वार्षिक कैलेंडर तैयार किया है। इन महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर प्रदेश भर में कार्यक्रमों की श्रृंखला तैयार की गई है।
    लगातार संपर्क पर जोर
    बीजेपी नेताओं का कहना है कि समाज के लोगों से लगातार संपर्क पर जोर दिया जा रहा है। अगर हमारे कार्यकर्ता समाज के लोगों से मिलेंगे। उनकी सुख-दुख सुनेंगे। उसको लेकर काम करेंगे तो निश्चित तौर पर स्थिति को फिर से बहाल किया जा सकेगा। भाजपा इन वोटरों के दरवाजे पर बार- बार दस्तक देकर इन्हें फिर से भाजपा के पाले में लाने की कवायद में जुट गई है। लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा 2017 के 62 सीटों के आंकड़े से घटकर 33 पर आ गई थी। रिजर्व सीटों पर पार्टी का प्रदर्शन खराब हुआ। इसके बाद रणनीति में बदलाव होता दिख रहा है।

  • भोर में आने वाले सपनों का क्या अर्थ है? ब्रह्म मुहूर्त का आध्यात्मिक रहस्य

    भोर में आने वाले सपनों का क्या अर्थ है? ब्रह्म मुहूर्त का आध्यात्मिक रहस्य

    अक्सर कहा जाता है कि सुबह का सपना सच होता है. हम में से कई लोगों ने बचपन से ही बड़े-बुजुर्गों से यह बात सुनी है. लेकिन क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक तर्क है या यह महज एक लोक मान्यता है? विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त में देखे गए सपनों को लेकर भारतीय संस्कृति और ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्व दिया गया है. आइए स्वप्न शास्त्र के अनुसार जानते हैं सुबह के सपनों का क्या मतलब है और इनके पीछे छिपा रहस्य क्या है.

    क्या होता है ब्रह्म मुहूर्त?
    हिंदू धर्म में ब्रह्म मुहूर्त को दिन का सबसे पवित्र समय माना गया है. यह समय सूर्योदय से लगभग 1 घंटा 36 मिनट पहले शुरू होता है. मान्यता है कि इस दौरान वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा सबसे अधिक होती है और मन शांत एवं निर्मल रहता है. इसलिए इस समय पूजा-पाठ, ध्यान और जप करना बेहद शुभ माना गया है.

    क्यों खास होते हैं सुबह के सपने?
    ज्योतिष और स्वप्न शास्त्र के अनुसार, रात के आखिरी पहर यानी ब्रह्म मुहूर्त में देखे गए सपने ज्यादा प्रभावी माने जाते हैं. इसके पीछे कुछ कारण बताए गए हैं. इस समय मन गहरी नींद से हल्की अवस्था में आ जाता है. अवचेतन मन सक्रिय रहता है. आसपास का वातावरण शांत और ऊर्जा से भरपूर होता है. इसी वजह से इस समय देखे गए सपने भविष्य के संकेत माने जाते हैं.

    शुभ सपनों के संकेत
    स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर ब्रह्म मुहूर्त में ये चीजें दिखें तो इसे शुभ माना जाता है.

        मंदिर, देवी-देवता या भगवान का दर्शन
        साफ पानी या नदी में स्नान
        फूल, दीपक या उजाला
        सफेद वस्त्र पहने लोग

    ऐसे सपने सुख, सफलता और शुभ समाचार का संकेत देते हैं.

    अशुभ सपनों का क्या मतलब?
    अगर सुबह के समय बुरे या डरावने सपने आएं, जैसे गिरना, रोना, अंधेरा या तूफान, झगड़ा तो इस तरह के सपनों को मानसिक तनाव या आने वाली चुनौती का संकेत माना जाता है.

    क्या हर सपना सच होता है?
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में देखा गया सपना कुछ ही दिनों में फल दे सकता है. लेकिन आधुनिक विज्ञान इसे मन की कल्पना और मानसिक स्थिति से जोड़कर देखता है. इसलिए हर सपना सच हो, यह जरूरी नहीं है.

    क्या करें अगर सुबह सपना याद रहे?
        भगवान का स्मरण करें.
        सकारात्मक रहें और किसी भी डर को मन में न बसने दें.

     

  • क्यों कमजोर इम्युनिटी और गलत जीवनशैली बढ़ा रही है टीबी का जोखिम? जानिए लक्षण और रोकथाम

    क्यों कमजोर इम्युनिटी और गलत जीवनशैली बढ़ा रही है टीबी का जोखिम? जानिए लक्षण और रोकथाम

    सर्दी-खांसी हो या बुखार, कुछ लोग इसे मामूली मानकर लंबे समय तक अनदेखा करते रहते हैं, या फिर कुछ एंटीवायरल दवाओं या घरेलू उपाय से इसे ठीक करने का प्रयास करते हैं। उक्त समस्याओं के साथ अगर अचानक वजन में कमी आ जाए या भूख कम लगे, तो देर किए बगैर विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।

    डॉ. राकेश कुमार, एडि. प्रोफेसर, सेंटर फार कम्युनिटी मेडिसिन, एम्स, नई दिल्ली बताते हैं कि ये सभी टीबी के लक्षण हो सकते हैं। जागरूकता नहीं होने के कारण ही आज टीबी की समस्या तमाम प्रयासों के बावजूद कम नहीं हो रही है।

    दरअसल, वैश्विक स्तर पर टीबी को 2030 तक और भारत में वर्ष 2025 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया था, पर बीते कुछ समय से अनेक जगहों पर टीबी मरीजों  की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, टीबी ऐसा संक्रामक रोग है जो दुनियाभर में होने वाली मौत के 10 शीर्ष कारणों में शामिल है।

    समझें टीबी के जोखिम को
    टीबी का संक्रमण बड़ी आबादी में हो सकता है, पर वह बीमारी में बदल जाए जरूरी नहीं। प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है तो शरीर संक्रमण के खिलाफ कार्य करता है और बीमारी से बचाता है। इसलिए, टीबी का कारण कमजोर प्रतिरोधी क्षमता ही है। यह पोषण की कमी का परिणाम है। मधुमेह, एचआइवी ग्रस्त लोगों में टीबी संक्रमण का जोखिम अधिक रहता है।

    कितने हैं प्रकार
    वयस्कों में दो प्रकार के टीबी होतें हैं- पल्मोनरी व एक्स-पल्मोनरी। पल्मोनरी में फेफड़े में संक्रमण होता है। इसके लक्षण खांसी व बुखार हैं। संक्रमण बढ़ने पर वजन में कमी आने लगती है। वहीं, एक्स-पल्मोनरी में फेफड़े के अलावा अन्य अंगों जैसे, हड्डी, पेट, लिंफ नोडस, दिमाग आदि में टीबी हो सकता है।

    पोषण का रखें ध्यान
    पोषण की कमी भारत में टीबी के बड़े कारणों में से एक है। खराब खानपान व जीवनशैली से शुगर की शिकायत हो सकती है। यह भी शरीर में पोषण की कमी कर सकता है और आपकी प्रतिरोधी शक्ति कम होने लगती है। इससे टीबी का संक्रमण होना आसान हो जाता है और पर्याप्त ध्यान न दें तो यह जानलेवा भी हो सकता है। बता दें कि यदि खानपान सही है तो टीबी की आशंका कम हो सकती है। इसके अलावा, अल्कोहल व तंबाकू से भी दूरी बनाने का प्रयास करना चाहिए।

    दो घंटे में रिपोर्ट
    बच्चों में पहचान कम होती है। जांच में लापरवाही, समाज में टीबी को लेकर गलत धारणाएं इलाज में बड़ी अवरोधक हैं। आज इसका निदान आसान है। दो घंटे में टीबी की रिपोर्ट मिल जाती है व इलाज शुरू कर सकते हैं।

    कोर्स पूरा करें
    टीबी के मरीजों के उपचार के लिए प्राय: एंटीबायोटिक दी जाती है। कई मरीजों में देखा गया है कि वे दवा का कोर्स इसलिए भी पूरा नहीं करते क्योंकि दवा लंबे समय तक लेना पड़ता है। कुछ लोग आर्थिक कारण या इसके परिणामों से अनभिज्ञ रहने के कारण दवा बीच में ही छोड़ देते हैं। इससे इलाज और कठिन हो सकता है। दवा प्रतिरोधी होने से इलाज कठिन और अधिक महंगा हो सकता है।

    ये हैं मुख्य लक्षण
        लगातार 2-3 सप्ताह तक खांसी
        कभी-कभी कफ में खून आना।
        बुखार आना और यह रात में बढ़ जाना।
        रात में पसीना आना।
        लगातार थकान व कमजोरी
        सांस में तकलीफ, सीने में दर्द आदि।

    बचाव के उपाय
        संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से बचें।
        खांसते या छींकते समय रुमाल या टिश्यू पेपर रखें ताकि बैक्टीरिया न फैले।
        भीड़ में मास्क का प्रयोग करें।
        बच्चों को बीसीजी का टीका लगवाएं।
        संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम व पर्याप्त नींद सुनिश्चित करें।
        लक्षण दिखें तो इलाज में देरी न करें।

     

  • एपल करने जा रहा है स्पेशल इवेंट का आयोजन, नए प्रोडक्ट्स से उठेगा पर्दा

    एपल करने जा रहा है स्पेशल इवेंट का आयोजन, नए प्रोडक्ट्स से उठेगा पर्दा

    नई दिल्ली

    एपल एक खास और स्पेशल इवेंट का आयोजन करने वाला है, इस इवेंट में आप लोगों के लिए कई नए प्रोडक्ट्स लॉन्च किए जा सकते हैं. इवेंट के दौरान सस्ते iPhone 17e, नए कम कीमत वाले Macbook, iPad प्रोडक्ट्स की जानकारी मिल सकती है. ऐसा लगता है कि कंपनी स्पेशल Apple एक्सपीरियंस पर फोकस करते हुए एक स्पेशल गैदरिंग कर रही है, इसलिए हो सकता है कि ऑनलाइन इवेंट होस्ट करते या बड़ी घोषणा न की जाए. कंपनी इन डिवाइस को न्यूयॉर्क शहर और दुनिया के दूसरे हिस्सों में कुछ खास लोगों को दिखा सकती है.

    9to5Mac और कुछ और सोर्स की रिपोर्ट में इस इवेंट के इनवाइट का जिक्र किया गया है. दावा किया गया है कि Apple iPhone 17e, बजट MacBook, M5 Pro MacBook Pro और कुछ iPad मॉडल्स के अपग्रेड की घोषणा हो सकती है.

    ये प्रोडक्ट खीचेंगा सबका ध्यान

    बजट MacBook हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचेगा, उम्मीद है कि मैकबुक का सस्ता मॉडल iPhone 16e की तरह नहीं होगा और लाखों लोगों के लिए ये एक मजबूत ऑप्शन बनेगा. यहां आईफोन 16ई का जिक्र इसलिए किया गया है क्योंकि 16ई लोगों को कुछ खास पसंद नहीं आया है.

    Apple ने iPhone को कई लोगों के लिए आकर्षक बना दिया है. बजट MacBook की भारत में कीमत लगभग 60,000 हजार रुपए ($599) हो सकती है. अर्फोडेबल मैकबुक मॉडल को ए18 प्रो बायोनिक चिपसेट के साथ लॉन्च किया जा सकता है. इस डिवाइस में 12.9 इंच एलसीडी डिस्प्ले दी जा सकती है और इस मॉडल को ब्लू, येलो और पिंक कलर ऑप्शन्स में ग्राहकों के लिए उतारा जा सकता है.

    M5 MacBook Pro वर्जन में हार्डवेयर अपग्रेड होने की संभावना है लेकिन फिलहाल इस मॉडल के अगले महीने लॉन्च को लेकर किसी भी तरह का कोई संकेत नहीं मिला है.

  • उन्नत तकनीक से खेती कर किसान चिंतामणी ने बढ़ाई अपनी आमदनी

    उन्नत तकनीक से खेती कर किसान चिंतामणी ने बढ़ाई अपनी आमदनी

    रायपुर 

    रायपुर : ग्राफ्टेड बैगन से 16 लाख रूपए की आमदनी

    किसान वैज्ञानिक पद्धति, उन्नत बीज और सही मार्गदर्शन के साथ खेती करें, तो कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम करही के किसान चिंतामणि बंजारे ने नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया है। उन्होंने परंपरागत सब्जी खेती से आगे बढ़ते हुए उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में 10 एकड़ क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती कर लगभग 1100 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस उत्पादन से उन्हें करीब 16 लाख रुपये की आमदनी हुई है।  

    कृषक चिंतामणी ने बताया कि सामान्य फसल की तुलना में ग्राफ्टेड बैगन में लागत अपेक्षाकृत कम आती है, जबकि उत्पादन अधिक मिलता है, परिणामस्वरूप आय दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है। ग्राफ्टेड बैंगन की विशेषता इसकी मजबूत जड़ प्रणाली, रोग प्रतिरोधक क्षमता और अधिक उत्पादन है। पहले वे सामान्य सब्जियों की खेती करते थे, जिसमें लाभ सीमित और जोखिम अधिक था। किंतु उद्यान विभाग के प्रोत्साहन, तकनीकी सलाह और उन्नत पौध सामग्री के उपयोग ने उनकी खेती की दिशा ही बदल दी। उचित सिंचाई प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और नियमित देखभाल से फसल की गुणवत्ता बेहतर रही, जिससे बाजार में उन्हें अच्छा मूल्य प्राप्त हुआ। आज वे आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी उन्नत तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती ने उनके परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांव में आधुनिक कृषि की नई सोच को भी प्रोत्साहित किया है।

  • 12 मार्च को लगेगी खिलाड़ियों की बोली, 63 पाकिस्तानी प्लेयर्स की किस्मत का होगा फैसला

    12 मार्च को लगेगी खिलाड़ियों की बोली, 63 पाकिस्तानी प्लेयर्स की किस्मत का होगा फैसला

    नई दिल्ली
    इंग्लैंड की क्रिकेट लीग द हंड्रेड की नीलामी के लिए पाकिस्तान के 63 खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर करवाया है। इसमें टी20 के कप्तान सलमान अली आगा के साथ ही शाहीन अफरीदी, सैम अयूब और उस्मान तारिक जैसे नाम शामिल हैं। लीग के ऑक्शन में 710 खिलाड़ी शामिल होंगे। भारत को छोड़कर अन्य सभी देशों के खिलाड़ियों ने ऑक्शन के लिए अपना नाम दिया है।

    पाकिस्तानी खिलाड़ी को इग्नोर करेंगी 6 फ्रेंचाइजी
    द हंड्रेड की 8 में से 6 फ्रेंचाइजी के मालिकों का कनेक्शन भारत से है। इसमें लंदन स्पिरिट, एमआई ओवल, मैनचेस्टर सुपरजायंट्स, सदर्न ब्रेव, सनराइजर्स लीड्स और वेल्श फायर शामिल हैं। इंग्लिश मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारत से कनेक्शन वाले फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली नहीं लगाएंगे। बीबीसी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है- अगले महीने होने वाली हंड्रेड नीलामी के लिए भारत से मालिक पाकिस्तानी क्रिकेटरों को लेने पर विचार नहीं कर रही है।
    शाहीन अफरीदी, सैम अयूब, सलमान आगा और उस्मान खान के साथ ही ऑक्शन में रजिस्टर करने वाले टॉप खिलाड़ियों में शादाब खान, हारिस रऊफ, मुहम्मद नवाज, नसीम शाह शामिल हैं। इनके बेस प्राइस 1,00,000 पाउंड स्टर्लिंग यानी करीब 1.22 करोड़ रुपये हैं। अबरार अहमद, मुहम्मद आमिर, जमान खान, उस्मान तारिक ने अपने बेस प्राइस 75 हजार पाउंट स्टर्लिंग रखी है। फहीम अशरफ, शाहिबजादा फरहान, उसामा मीर, इमाद वसीम, अब्बास अफरीदी, अफाक अफरीदी और आसिफ अफरीदी 50 हजार पाउंड स्टर्लिंग कैटेगरी में हैं।

    12 मार्च को होगा ऑक्शन का आयोजन
    द हंड्रेड के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 12 मार्च को होनी है। पुरुष द हंड्रेड में एक फ्रेंचाइजी 16 से 18 खिलाड़ी रख सकती है। वहीं महिलाओं की टूर्नामेंट में 15 खिलाड़ी एक फ्रेंचाइजी रख सकती है। द हंड्रेड अपने तरह का एक फॉर्मेट है। इसमें एक टीम को 100 गेंद खेलने के लिए ही मिलती हैं। 2021 में इसकी शुरुआत हुई थी। पिछले सीजन पाकिस्तान के तीन ही खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था।

  • स्मार्टफोन बाजार में नया धमाका, 5 मार्च को Nothing पेश करेगा Phone 4a और 4a

    स्मार्टफोन बाजार में नया धमाका, 5 मार्च को Nothing पेश करेगा Phone 4a और 4a

    नई दिल्ली

    लंदन बेस्ड टेक ब्रांड नथिंग मार्च में अपने दो नए स्मार्टफोन को भारत में लॉन्च करने जा रहा है. कंपनी के सीईओ कार्ल पेई ने खुद सोशल मीडिया पर 5 मार्च की तारीख का ऐलान किया है. माना जा रहा है कि इस इवेंट में Nothing Phone 4a और Phone 4a Pro लॉन्च किए जा सकते हैं. इसके साथ ही कंपनी नए ओवर-ईयर हेडफोन भी पेश कर सकती है. चलिए जानते हैं इनकी डिटेल्स के बारे में…

    Carl Pei ने X पर पोस्ट करते हुए 5 मार्च को लॉन्च इवेंट की घोषणा की. खास बात यह रही कि यह इवेंट 4 मार्च को होने वाले Apple के स्पेशल एक्सपीरियंस के ठीक अगले दिन रखा गया है. एपल का इवेंट लंदन, न्यूयॉर्क और शंघाई में आयोजित होगा, जबकि नथिंग ने डिजिटल अंदाज में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. नथिंग का न्योता काफी अलग और बोल्ड स्टाइल में सामने आया है. एपल के मिनिमलिस्ट इनवाइट पर पंक-रॉक अंदाज में गुलाबी ग्रैफिटी स्टाइल ओवरले किया गया, जिसमें 5 मार्च की नई तारीख लिखी गई. यह अंदाज साफ बताता है कि कंपनी खुद को परंपरागत ब्रांड्स से अलग और युवा सोच के करीब रखना चाहती है.

    Nothing Phone 4a सीरीज से क्या उम्मीद?
    कंपनी ने आधिकारिक तौर पर डिवाइस की जानकारी नहीं दी है, लेकिन हालिया टीजर और लीक से संकेत मिल रहे हैं कि Nothing Phone 4a और Nothing Phone 4a Pro लॉन्च हो सकते हैं. दोनों फोन में UFS 3.1 स्टोरेज मिलने की बात कही जा रही है, जिससे डेटा स्पीड बेहतर हो सकती है.

    इसके अलावा बैटरी पिछले मॉडल की तुलना में थोड़ी बड़ी हो सकती है, जिससे बैकअप बेहतर मिलने की उम्मीद है. कंपनी इन फोन्स को 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च कर सकती है. स्टैंडर्ड मॉडल ब्लैक और व्हाइट रंग में आ सकता है, जबकि Pro वेरिएंट ब्लैक और सिल्वर ऑप्शन में उपलब्ध हो सकता है.

    Snapdragon पावर और Geekbench परफॉर्मेंस
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, Nothing Phone 4a Pro में क्वालकॉम का नया Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट दिया जा सकता है. यह प्रोसेसर मिड-रेंज सेगमेंट में दमदार परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है. हाल ही में यह मॉडल गीकबेंच पर भी देखा गया, जहां इसके स्कोर ने ध्यान खींचा. गीकबेंच टेस्ट में डिवाइस ने सिंगल प्रिसिजन टेस्ट में 707, हाफ प्रिसिजन में 1,077 और क्वांटाइज्ड टेस्ट में 1,265 अंक हासिल किए. ये आंकड़े बताते हैं कि फोन डेली यूज, मल्टीटास्किंग और गेमिंग के लिहाज से मजबूत साबित हो सकता है. हालांकि असली परफॉर्मेंस लॉन्च के बाद ही साफ होगी.

    Nothing Headphone (a) से ऑडियो मार्केट पर नजर
    स्मार्टफोन के अलावा कंपनी नए ओवर-ईयर हेडफोन भी पेश कर सकती है, जिन्हें Nothing Headphone (a) नाम दिया जा सकता है. यह कदम कंपनी की ऑडियो कैटेगरी में विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. पिछले मॉडल Nothing Headphone 1 को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी, जिसके बाद कंपनी इस सेगमेंट में और मजबूती से उतरना चाहती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, Nothing 2026 तक और भी ओवर-ईयर हेडफोन लॉन्च करने की योजना बना रही है. ऐसे में 5 मार्च का इवेंट केवल स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह कंपनी के इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है.

  • इतिहास, शिल्पकला और रहस्य का अद्भुत संगम

    इतिहास, शिल्पकला और रहस्य का अद्भुत संगम

    रायपुर

    जांजगीर का रहस्यमयी विष्णु मंदिर, कलचुरी काल की अमर धरोहर

    छत्तीसगढ़ के जांजगीर नगर में स्थित विष्णु मंदिर, जिसे स्थानीय रूप से ‘नकटा मंदिर’ भी कहा जाता है, प्रदेश की महत्वपूर्ण पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक धरोहरों में गिना जाता है। महानदी अंचल की ऐतिहासिक भूमि पर निर्मित यह मंदिर अपनी अधूरी संरचना के कारण सदियों से जिज्ञासा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

    कलचुरी काल की स्थापत्य विरासत

    इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 11वीं-12वीं शताब्दी में कलचुरी शासकों के काल में प्रारंभ हुआ था। उस समय छत्तीसगढ़ क्षेत्र कला, स्थापत्य और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। मंदिर की संरचना नागर शैली में निर्मित है, जिसमें ऊँचा शिखर, अलंकृत गर्भगृह तथा सुसज्जित मंडप की परिकल्पना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। हालांकि निर्माण कार्य किसी अज्ञात कारण से अधूरा रह गया, किंतु जो संरचना आज विद्यमान है, वह उस युग की समृद्ध कला और स्थापत्य कौशल का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करती है।

    अद्वितीय शिल्पकला और सूक्ष्म नक्काशी

    मंदिर की दीवारों, स्तंभों और आधार भागों पर की गई बारीक नक्काशी अत्यंत आकर्षक है। इनमें विभिन्न पौराणिक प्रसंग, देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ, गंधर्व, अप्सराएँ और अलंकारिक रूपांकन उकेरे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मूर्तियों के अनुपात, भाव-भंगिमा और अलंकरण शैली से तत्कालीन शिल्पियों की उच्च कोटि की दक्षता का परिचय मिलता है। प्रत्येक आकृति मानो किसी कथा का दृश्य रूपांतरण हो, जो भारतीय धर्म और संस्कृति की गहराई को अभिव्यक्त करता है।

    अधूरापन: रहस्य और किंवदंती

    मंदिर के अधूरे रह जाने को लेकर कई मत प्रचलित हैं। कुछ इतिहासकार इसे राजनीतिक अस्थिरता या सत्ता परिवर्तन से जोड़ते हैं, जबकि स्थानीय लोककथाओं में इसे दैवीय संकेत या अलौकिक कारणों से संबंधित बताया जाता है। यद्यपि सटीक कारणों का स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है, किंतु यही अधूरापन इस मंदिर को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। यह अधूरी रचना भी पूर्ण सौंदर्य का अनुभव कराती है और दर्शकों को इतिहास के उस कालखंड में ले जाती है, जब कला और आस्था का अद्भुत संगम हुआ करता था।

    आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र

    आज यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का स्थल होने के साथ-साथ पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में इस मंदिर का विशेष स्थान है। पुरातात्विक महत्व के कारण इसे संरक्षित स्मारक के रूप में देखा जाता है और प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर भी यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। मंदिर परिसर में खड़े होकर ऐसा प्रतीत होता है मानो समय ठहर गया हो और पत्थरों में इतिहास बोल रहा हो।

    विरासत जो अधूरी होकर भी पूर्ण है

    जांजगीर का विष्णु मंदिर यह संदेश देता है कि विरासत केवल पूर्ण संरचनाओं में ही नहीं, बल्कि अधूरी कहानियों में भी जीवित रहती है। इसकी भव्यता, शिल्प और रहस्य आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते रहेंगे। अधूरा होकर भी यह मंदिर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना में पूर्ण रूप से प्रतिष्ठित है, और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

  • महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव का ऐलान: नामांकन से लेकर मतदान तक की पूरी जानकारी एक जगह

    महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव का ऐलान: नामांकन से लेकर मतदान तक की पूरी जानकारी एक जगह

     मुंबई

    महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, क्योंकि राज्य से सात राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना बुधवार को जारी कर दी गई है। सदस्यों के चुनाव के लिए 16 मार्च को होगा। इस बात की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर विलास अठवाले ने दी। उन्होंने बताया कि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 5 मार्च है। इसके बाद 6 मार्च को नामांकनों की जांच (स्क्रूटनी) होगी और 9 मार्च तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं।

    बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य इस चुनाव में मतदान करेंगे। राज्य से सात राज्यसभा सांसदों की अवधि अप्रैल में समाप्त हो रही है, जिसमें एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी शामिल हैं। अभी तक पवार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे पुनः उम्मीदवार होंगे या नहीं। ऐसे में यदि आवश्यकता हुई, तो 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक विधान भवन में मतदान होगा और उसके बाद मतगणना की जाएगी।

    राज्यसभा का चुनाव कैसे होता है?
    राज्यसभा के सदस्य का चुनाव उस राज्य की विधानसभा के चुने हुए विधायक करते हैं, जिस राज्य से वह उम्मीदवार है। राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया लोकसभा और विधानसभा चुनाव से काफी अलग है, क्योंकि इस सदन के लिए मतदान सीधे जनता नहीं करती, बल्कि जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि करते हैं। राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल छह साल का होता है। राज्यसभा चुनावों के नतीजों के लिए एक फॉर्मूला भी तय किया गया है।

    जीतने के लिए कितने वोट की जरूरत?
    गौरतलब है कि महाराष्ट्र के फॉर्मूला के हिसाब से यहां किसी उम्मीदवार को जिताने के लिए कम से कम 37 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के मुताबिक सत्ताधारी गठबंधन सात में छह सीटों  पर आसानी से जीत दर्ज कर सकता है। विपक्ष एकजुट नहीं होता तो सातवें उम्मीदवार के लिए मुकाबला रोचक हो सकता है।  

    राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन में मिलकर काम करने का संकल्प लिया
    भारत निर्वाचन आयोग और राज्य चुनाव आयोगों का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन मंगलवार 24 फरवरी 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में संपन्न हुआ। यह सम्मेलन 27 वर्षों के बाद आयोजित किया गया था और इसमें 30 राज्यों के राज्य चुनाव आयोगों ने भाग लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहे।

    सम्मेलन में राज्य चुनाव आयुक्तों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे सफल बताया। सभी ने हर साल ऐसे राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित करने का संकल्प लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में सभी ने राष्ट्रीय घोषणा 2026 को अपनाया। घोषणा में जोर दिया गया कि शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना लोकतंत्र की मजबूत नींव है और चुनावों का पारदर्शी तथा सुचारू संचालन लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत बनाता है।

  • ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका: 3 टेस्ट और 3 वनडे मैचों की रोमांचक सीरीज का ऐलान

    ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका: 3 टेस्ट और 3 वनडे मैचों की रोमांचक सीरीज का ऐलान

    मेलबर्न
    ऑस्ट्रेलिया तीन टेस्ट मैच और इतने ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए इस साल सितंबर अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगा।

    पिछले साल जून में लॉर्ड्स में दक्षिण अफ्रीका की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जीत के बाद दोनों टीम पहली बार टेस्ट मैच खेलेंगी। दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतकर 37 वर्षों में पहली बार कोई बड़ी ट्रॉफी जीती थी।

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को बताया कि एकदिवसीय मैच 24 सितंबर को डरबन में, 27 सितंबर को जोहानिसबर्ग में और 30 सितंबर को पोटचेफस्ट्रूम में खेले जाएंगे।

    इसके बाद 3-4 अक्टूबर को पोटचेफस्ट्रूम में दो दिवसीय अभ्यास मैच खेला जाएगा। पहला टेस्ट मैच नौ अक्टूबर को डरबन में शुरू होगा। दूसरा टेस्ट मैच 18 अक्टूबर से गकेबरहा (पूर्व में पोर्ट एलिजाबेथ) में तथा तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच 27 अक्टूबर से केपटाउन के न्यूलैंड्स में खेला जाएगा।