Author: NewseDay

  • मिडिल ईस्ट संकट गहराया, भारत में 180 फ्लाइट्स रद्द; यात्रियों के लिए नई एडवाइजरी जारी

    मिडिल ईस्ट संकट गहराया, भारत में 180 फ्लाइट्स रद्द; यात्रियों के लिए नई एडवाइजरी जारी

     नई दिल्ली

    मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही लड़ाई का असर फ्लाइट पर भी दिख रहा है. दोनों तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे साफ है कि यह संकट अभी जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा. हालात सुधरने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं. इस टकराव का असर कई देशों पर पड़ रहा है, खासकर अरब के मुस्लिम देशों के नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लगातार हो रहे हमलों में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। 

    रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में मरने वालों की संख्या 1,000 से ज्यादा हो गई है. लेबनान में करीब 60 और इजरायल में लगभग एक दर्जन लोगों की मौत हुई है. इस संघर्ष में अमेरिका के 6 सैनिकों के मारे जाने की भी खबर है. बढ़ते तनाव का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ा है. सुरक्षा कारणों से कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जबकि कई फ्लाइट्स का रूट बदला गया है. कुछ एयरपोर्ट्स पर सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

    नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी
    मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है. कतर की राजधानी दोहा में भारतीय दूतावास ने अहम सूचना जारी की है. दूतावास के मुताबिक, कतर के एयरस्पेस बंद होने की वजह से हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें फिलहाल अस्थायी रूप से निलंबित हैं. कतर एयरवेज समेत अन्य एयरलाइंस की फ्लाइट्स भी कैंसिल है. यात्रियों से कहा गया है कि वे अपनी यात्रा को दोबारा तय करने के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क में रहें. दूतावास ने यह भी बताया कि वह कतर प्रशासन और भारतीय समुदाय के नेताओं के साथ मिलकर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है. वहीं, स्काई न्यूज के अनुसार मिडिल ईस्ट संकट के बीच ब्रिटेन सरकार की पहली चार्टर्ड फ्लाइट उड़ान नहीं भर पाई। 

    एयर इंडिया की कई फ्लाइट कैंसिल
    एयर इंडिया ने जानकारी दी है कि मिडिल ईस्ट के लिए उसकी ज्यादातर उड़ानें 5 मार्च 2026 की रात 11:59 बजे (IST) तक निलंबित रहेंगी. हालांकि जेद्दा के लिए कुछ तय उड़ानें 5 मार्च से दोबारा शुरू की जाएगी. इनमें दिल्ली-जेद्दा-दिल्ली और मुंबई-जेद्दा-मुंबई रूट शामिल हैं. इसके अलावा एयर इंडिया 5 मार्च की सुबह मुंबई-दुबई-दिल्ली रूट पर एक अतिरिक्त फ्लाइट (AI909D/996D) चलाने की योजना बना रही है, ताकि फंसे हुए यात्रियों को वापस लाया जा सके. यह उड़ान बड़े B777 विमान से संचालित होगी, जिसमें ज्यादा यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है। 

    भारत के कई शहरों से करीब 180 उड़ानें रद्द
    सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण 4 मार्च को मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के एयरपोर्ट से लगभग 180 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. मुंबई एयरपोर्ट पर 48 प्रस्थान और 45 आगमन समेत कुल 93 उड़ानें रद्द हुईं. दिल्ली एयरपोर्ट पर 25 प्रस्थान और 27 आगमन मिलाकर 52 उड़ानें रद्द हुईं. बेंगलुरु एयरपोर्ट पर अलग-अलग एयरलाइनों की 34 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें 18 आगमन उड़ानें थीं। 

    फंसे यात्रियों को लाने के लिए चलाई गई विशेष फ्लाइट
    मुंबई एयरपोर्ट से 4 मार्च को कुछ विशेष फ्लाइट भी चलाई गईं. स्पाइसजेट ने फुजैराह से मुंबई के लिए दो विशेष उड़ानें संचालित की, जबकि एयर इंडिया ने दुबई से मुंबई के लिए एक फ्लाइट चलाई. इसके अलावा अमीरात ने दुबई से मुंबई के लिए तीन फ्लाइट संचालित की. गल्फ एयर और रॉयल जॉर्डन ने भी अम्मान (जॉर्डन) और दम्माम (सऊदी अरब) से मुंबई के लिए एक-एक फ्लाइट चलाई। 

    कोलकाता एयरपोर्ट पर भी कई फ्लाइट कैंसिल
    कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भी पश्चिम एशिया के लिए कई उड़ानें प्रभावित हुईं. दोहा, दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों के लिए कम से कम पांच फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं. इनमें कतर एयरवेज और अमीरात की उड़ानें भी शामिल थीं. देश की बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने बताया कि एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच पश्चिम एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उसकी 500 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ीं। 

    कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बढ़ाई गईं
    हालांकि यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ एयरलाइनों ने अन्य अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर अतिरिक्त उड़ानें शुरू की हैं. एयर इंडिया ने दिल्ली से टोरंटो, फ्रैंकफर्ट और पेरिस के लिए अतिरिक्त फ्लाइट जोड़ने का फैसला किया है. वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मस्कट, दिल्ली और मुंबई के बीच अतिरिक्त सेवाएं शुरू करने की घोषणा की है। 

    विदेशी नागरिकों को निकालने की तैयारी
    अमेरिका के विदेश विभाग ने भी बताया कि मिडिल ईस्ट में फंसे अमेरिकी नागरिकों को निकालने के लिए विशेष चार्टर्ड फ्लाइट चलाई गई है और आगे भी ऐसी उड़ानें भेजी जाएंगी। 

    यूएई में ओवरस्टे जुर्माना माफ
    संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी बड़ा फैसला लेते हुए उन यात्रियों का ओवरस्टे जुर्माना माफ कर दिया है जो फ्लाइट रद्द होने या एयरस्पेस बंद होने की वजह से समय पर देश नहीं छोड़ पाए. कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब पूरी दुनिया की हवाई यात्रा पर पड़ रहा है. एयरलाइंस लगातार अपनी उड़ानें कैंसिल या बदल रही हैं और यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले एयरलाइन से जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है। 

    लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर एतिहाद एयरवेज का चेक-इन काउंटर बंद है और वहां उड़ानों में देरी और रद्द होने की सूचना लगाई गई है. अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद कई फ्लाइट्स प्रभावित हो गई हैं। 

  • 10 चौके, 8 छक्के और 33 गेंद में शतक… फिन एलन ने मचाई तबाही, न्यूजीलैंड से हार पर मार्करम मायूस

    10 चौके, 8 छक्के और 33 गेंद में शतक… फिन एलन ने मचाई तबाही, न्यूजीलैंड से हार पर मार्करम मायूस

     कोलकाता 

    ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में एक बार फिर साउथ अफ्रीका की कहानी नॉकआउट में आकर बिखर गई. अफ्रीकी टीम बुधवार (4 मार्च) को एक बार फ‍िर चोकर्स साब‍ित हुई। ईडन गार्डन्स में दबाव, मौका और मंच, तीनों ने प्रोट‍ियाज टीम का साथ नहीं द‍िया. दूसरी ओर न्यूजीलैंड ने बड़े मैच की समझदारी और आक्रामकता का बेहतरीन नमूना पेश करते हुए 9 विकेट से जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट कटा लिया. इसके साथ ही इस मुकाबले में कई रिकॉर्ड भी बने।

    कीवी टीम अब 2021 में जो खिताब जीत नहीं पाई थी, उस इरादे से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेड‍ियम में 8 मार्च को उतरेगी. जहां उसका मुकाबला आज (5 मार्च) को भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरे सेमीफाइनल के व‍िजेता से होगा।

    मैच लगभग 20 दिन पहले हुए ग्रुप स्टेज मुकाबले का उल्टा रूप था. तब साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को एकतरफा हराया था, लेकिन सेमीफाइनल में कीवी टीम ने पूरा हिसाब बराबर कर दिया।

    चेहरे पर थप्पड़ तो नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है …….

    'यह एक बड़ा… चेहरे पर थप्पड़ तो नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है, हमें और मजबूत होकर आगे बढ़ना होगा और एक टीम के तौर पर बेहतर बनना होगा।

    ये जज्बात साउथ अफ्रीकी कप्तान एडेन मार्करम के पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में न्यूजीलैंड से टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हार के बाद थे।

    न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को कोलकाता के ऐत‍िहास‍िक ईडन गार्डन्स में 9 विकेट से हराया और 8 मार्च को अहमदाबाद में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप फाइनल का टिकट कटवा दिया।
    साउथ अफ्रीका ने पहले खेलते हुए 169 का स्कोर बनाया था. जवाब में न्यूजीलैंड ने इस टारगेट को महज 12.5 ओवर्स में 173/1 का स्कोर बनाकर चेज कर लिया.  न्यूजीलैंड की टीम की जीत के सबसे बड़े हीरो फ‍िन एलन रहे. ज‍िन्होंने नाबाद 33 गेंदों पर 100 रन जड़कर टी20 वर्ल्ड कप का सबसे तेज शतक जड़ा।

    टी20 वर्ल्ड कप में पहली बार न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को हराया. इससे पहले रिकॉर्ड 0-5 था. लेकिन इस बार कहानी पलट गई. टूर्नामेंट में अजेय चल रही साउथ अफ्रीका की टीम दबाव में ढह गई और न्यूजीलैंड ने फाइनल का टिकट कटाया।

    आख‍िर कोलकाता में साउथ अफ्रीकी टीम की हार की वजह क्या रही? इसे लेकर एडेन मार्करम ने हार की परतें खोलकर रख दीं. साउथ अफ्रीका के कप्तान मार्करम ने हार की वजह साफ शब्दों में बताई- शुरुआत में गेंद ठीक से बैट पर नहीं आ रही थी. कुछ गेंदें रुक रही थीं, कुछ नीचे रह रही थीं. न्यूजीलैंड ने नई गेंद से शानदार गेंदबाजी की और दबाव बना दिया. उसी दबाव में हमने विकेट गंवाए।

    मार्करम ने माना कि 170 तक पहुंचना 'अच्छा प्रयास' था और हाफ टाइम तक टीम को मुकाबले में वापसी की उम्मीद थी. लेकिन पावरप्ले में जो हुआ, उसने मैच छीन लिया. न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज फ‍िन एलन ने 33 गेंदों में शतक जड़कर मैच को एकतरफा बना दिया।

    मार्करम ने खुद स्वीकार किया- कोई बल्लेबाज ऐसी पारी खेल दे, तो फील्डिंग टीम के तौर पर आप अक्सर सही नतीजे की उम्मीद नहीं कर सकते. पावरप्ले में न्यूजीलैंड को तूफानी शुरुआत मिली और उसके बाद मैच पूरी तरह उनकी पकड़ में चला गया. ट‍िम स‍िफर्ट ने भी तेज पारी (33 गेंद 58 रन) खेलकर अफ्रीका की उम्मीदें खत्म कर दीं।

    क्या गलत पढ़ी गई पिच? मार्करम ने मानी गलती 
    मार्करम ने माना कि टीम ने विकेट को गलत आंका. उन्होंने कहा-हमें लगा था कि पिच अच्छी खेलेगी. शायद हमें जल्दी एडजस्ट करना चाहिए था. थोड़ा पुराना तरीका अपनाकर 190 तक पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए थी. अहमदाबाद में अनुकूल परिस्थितियों में खेलने वाली साउथ अफ्रीका इस स्टॉपी पिच पर तालमेल नहीं बैठा सकी. बल्लेबाजी में लय नहीं बनी और गेंदबाजी में कोई जवाब नहीं मिला।

    हार के बाद मार्करम ने कहा कि पहले खिलाड़ियों को इमोशनली शांत करने का समय दिया जाएगा, फिर टीम मिलकर विश्लेषण करेगी. यह हार थप्पड़ तो नहीं लेकिन वैसा ही महसूस हो रहा है. लेकिन हमें इससे मजबूत बनकर लौटना होगा।

    दूसरी ओर न्यूजीलैंड के कप्तान म‍िचेल ने कहा कि उनकी टीम ने ‘क्रंच गेम’ में परफेक्ट प्रदर्शन किया. उन्होंने माना कि 170 का स्कोर चुनौतीपूर्ण हो सकता था, लेकिन पावरप्ले की साझेदारी ने रास्ता आसान कर दिया. अब न्यूजीलैंड के पास अपना पहला टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतने का मौका होगा।

    टॉस से ही बना दबाव
    कप्तान म‍िचेल सेंटनर ने सही टॉस कॉल किया और हल्की सूखी पिच पर गेंदबाजों ने तुरंत असर दिखाया. कोल मैककॉन्ची ने अपने इकलौते ओवर में लगातार गेंदों पर क्विंटन डी कॉक और रयान रिकेल्टन को आउट कर साउथ अफ्रीका को 12/2 पर झटका दे दिया।

    एडेन मार्करम को एक जीवनदान जरूर मिला जब रचिन रवींद्र ने मिड-विकेट पर कैच छोड़ा, लेकिन ज्यादा देर नहीं. रवींद्र ने ही बाद में मार्करम को फंसाया और डेरिल मिचेल ने लॉन्ग ऑन पर शानदार कैच लपका।

    डेविड मिलर को भी ग्लेन फिलिप्स ने जीवनदान दिया, पर वह भी उसी ओवर में रवींद्र की धीमी गेंद पर आउट हो गए. ब्रेविस के विकेट के बाद स्कोर 77/5 हो चुका था।

    जानसेन-स्टब्स ने सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया 
    मार्को जानसेन और ट्रिस्टन स्टब्स ने 16 ओवर तक टीम को 113/5 तक पहुंचाया. दोनों ने मैट हेनरी और जेम्स नीशाम पर बड़े शॉट्स लगाए. जानसेन ने 27 गेंदों में अर्धशतक जड़ा, लेकिन आखिरी ओवर में सिर्फ एक ही गेंद खेल पाए. साउथ अफ्रीका 20 ओवर में 169/8 तक पहुंच सका।

    एलन-स‍िफर्ट का पावरप्ले धमाका
    टारगेट 170 का था, लेकिन न्यूजीलैंड की शुरुआत तूफानी रही. फ‍िन एलन और ट‍िम स‍िफर्ट ने पावरप्ले में ही 84 रन जोड़कर मैच लगभग खत्म कर दिया।

    स‍िफर्ट ने 28 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जबकि एलन ने उससे 9 गेंद पहले पचासा जड़ा. दोनों के बीच 117 रन की साझेदारी टूटी जरूर, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. एलन ने सिर्फ 33 गेंदों में नाबाद 100 रन ठोके. इसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे. यह T20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज शतक रहा, जिसने क्रिस गेल का का पुराना रिकॉर्ड 14 गेंद पहले तोड़ दिया. न्यूजीलैंड ने 12.5 ओवर में 173/1 बनाकर 7.1 ओवर शेष रहते मैच जीत लिया।

    ईडन गार्डन्स में T20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई. फिन एलेन ने 33 गेंदों में रिकॉर्ड 100* रन ठोके, जो टूर्नामेंट इतिहास का सबसे तेज शतक है. कीवी टीम ने 170 रन का लक्ष्य 12.5 ओवर में हासिल कर एकतरफा जीत दर्ज की।

    आइए अब जान लेते फ‍िन एलन ने जो टी20 वर्ल्ड का इत‍िहास का सबसे तेज शतक बनाया, उससे कौन कौन से र‍िकॉर्ड्स बने…

    फिन एलन की पारी में महज चार डॉट्स थे. T20 WC सेमीफाइनल या फाइनल में अब तक कम से कम 30 गेंदों की 76 इंडिविजुअल इनिंग हुई हैं. उनमें से, सिर्फ विराट कोहली की 2014 के सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के ख‍िलाफ 44 गेंदों पर 72 रन की पारी में कम डॉट्स (3) थे।

    T20 वर्ल्ड कप एडिशन में सबसे ज्यादा छक्के

        20 – फिन एलन (2026)
        19 – शिमरॉन हेटमायर (2026)
        18 – साहिबजादा फरहान (2026)
        17 – निकोलस पूरन (2024)
        16 – क्रिस गेल (2012)
        16 – रहमानुल्लाह गुरबाज़ (2024)

    फिन एलन के 8 छक्के T20 WC इनिंग में NZ के लिए सबसे ज्यादा हैं वहीं ये T20 वर्ल्ड कप नॉकआउट में किसी के लिए भी सबसे ज्यादा हैं. 
    कुल 18 (10 चौके और 8 छक्के) फिन एलन के नाम अब T20 WC की एक पारी में सबसे ज़्यादा बाउंड्री लगाने का रिकॉर्ड है, साथ ही ब्रेंडन मैकुलम (11 चौके, 7 छक्के) के नाम भी इतने ही बाउंड्री हैं, जिन्होंने 2012 में पल्लेकेले में बांग्लादेश के खिलाफ बाउंड्री लगाई थी.

    पुरुषों के T20 WC में लगातार सबसे ज्यादा जीत

        12 – भारत (2024-2026)
        8 – साउथ अफ्रीका (2024)
        8 – ऑस्ट्रेलिया (2022-2024)
        7 – साउथ अफ्रीका (2024)- यह सिलसिला 4 मार्च को खत्म हुआ
        7 – इंग्लैंड (2010-2012)
        7 – भारत (2012-2014)

    T20 वर्ल्ड में न्यूजीलैंड के लिए शतक

        123 – ब्रेंडन मैकुलम बनाम बांग्लादेश, पल्लेकेले, 2012
        104 – ग्लेन फिलिप्स बनाम श्रीलंका, सिडनी, 2022
        100* – फिन एलन बनाम साउथ अफ्रीका, कोलकाता, 2026

    T20 WC नॉकआउट में सबसे ज्यादा स्कोर

        100* – फिन एलन बनाम साउथ अफ्रीका, कोलकाता, 2026 SF
        96* – तिलकरत्ने दिलशान बनाम WI, द ओवल, 2009 SF
        89* – विराट कोहली बनाम WI, मुंबई WS, 2016 SF
        86* – एलेक्स हेल्स बनाम IND, एडिलेड, 2022 SF
        85* – मार्लन सैमुअल्स बनाम ENG, कोलकाता, 2016 फ़ाइनल
        85 – केन विलियमसन बनाम AUS, दुबई, 2021, फाइनल

    फिन एलन ने 100 रन बनाने में 33 गेंदें लीं

        – T20 वर्ल्ड कप में यह सबसे तेज शतक रहा
        – T20I में किसी फुल-मेंबर टीम के खि‍लाफ सबसे तेज
        – सभी T20I में जॉइंट तीसरा सबसे तेज
        – फुल मेंबर टीमों के किसी बैटर के लिए जॉइंट सबसे तेज, सिकंदर रजा ने गाम्बिया के ख‍िलाफ, नैरोबी (2024) में इसी रफ्तार से शतक बनाया था. 

    सबसे तेजT20I शतक (गेंदों के हिसाब से)

        27 – साहिल चौहान (एस्टोनिया) बनाम साइप्रस, एपिस्कोपी, 2024
        29 – मुहम्मद फहाद (तुर्की) बनाम बुल्गारिया, सोफिया, 2025
        33 – फिन एलन (NZ) बनाम SA, कोलकाता, 2026
        33 – जान निकोल लॉफ्टी-ईटन (NAM) बनाम NEP, कीर्तिपुर, 2024
        33 – सिकंदर रजा (ZIM) बनाम गाम्बिया, नैरोबी, 2024

    T20 WC में पिछला सबसे तेज शतक 2016 में वानखेड़े में क्रिस गेल द्वारा इंग्लैंड के खिलाफ 47 गेंदों में आया था. 

  • मध्यप्रदेश की खिलाड़ी की घर वापसी के लिए सक्रिय हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव, सुरक्षा को लेकर किए प्रयास

    मध्यप्रदेश की खिलाड़ी की घर वापसी के लिए सक्रिय हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव, सुरक्षा को लेकर किए प्रयास

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की खिलाड़ी बिटिया की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए किए प्रयास

    परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का माना आभार

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अल्बानिया के तिराना शहर में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप रैंकिंग सीरीज़ में हिस्सा लेने गई मध्यप्रदेश की बेटी सु प्रियांशी प्रजापत की सुरक्षित स्वदेशी वापसी के लिए उच्च स्तरीय प्रयास किए जिसके फलस्वरूप खिलाड़ी बेटी वापस भारत पहुंच गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सु प्रियांशी को उत्कृष्ट प्रदर्शन, रजत पदक जीतने के लिए बधाई भी दी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रियांशी के उज्जैन निवासी परिजन से भी आज वीडियो कॉल से आज चर्चा की। प्रियांशी के पिता  प्रजापत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। गत 24 फरवरी से 28 फरवरी तक अल्बानिया में हुई वर्ल्ड रेसलिंग प्रतियोगिता में प्रियांशी ने 26 फरवरी को यह मुकाबला जीता था। प्रियांशी ने कज़ाकिस्तान, अमेरिका और अल्बानिया की पहलवानों को हराकर शानदार प्रदर्शन किया। पिछले वर्ष एशियन सीरीज़ में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया था।

    उल्लेखनीय है कि हाल ही में मध्य-पूर्व एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के कारण प्रियांशी और उनके साथ गए सभी खिलाड़ी वहाँ फँस गए थे। इस कठिन समय में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगातार खिलाड़ी बिटिया की सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध करवाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमेशा उन्हें अपनी बेटी के समान स्नेह और समर्थन दिया है। जब वे मध्यप्रदेश कुश्ती क्षेत्र के अध्यक्ष थे, तब भी उन्होंने 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी।

  • सीएम डॉ. यादव बोले—होली का उत्सव समाज में सुख, शांति और समृद्धि का संदेश देता है

    सीएम डॉ. यादव बोले—होली का उत्सव समाज में सुख, शांति और समृद्धि का संदेश देता है

    • हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरता है होली का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतों , समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, कार्यकर्ताओं और मीडिया के साथियों के साथ खेली होली
    • मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी को दीं मंगलकामनाएं
    • सभी ने हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर दीं बधाई
    • ब्रज, बरसाने और होली गीतों के साथ मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सराबोर हुआ वातावरण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रदेशवासियों को उत्साह, उमंग और समरसता के पावन पर्व होली की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उत्सव हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरे और समाज में सद्भाव-सकारात्मकता और एकता का रंग सदा चटक रहे यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ त्यौहार मनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होली पर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे नागरिकों के साथ होली की मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। वरिष्ठ और गणमान्य नागरिकों का अभिवादन किया तथा सभी आगंतुकों पर पुष्प वर्षा एवं गुलाल उड़ाकर मेजबान के रूप में सबका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को गुलाल लगाया और पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ उनके सुर में सुर भी मिलाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मुख्यमंत्री निवास पधारे राज्य मंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा, विधायक  रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई,  मनु वास्तव,  शिवशेखर शुक्ला , प्रमुख सचिव  उमाकांत उमराव , सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क  मनीष सिंह, खाटू श्याम मंदिर भोपाल के प्रमुख प्रचारक पूज्य अनिल आनंद महाराज सहित कई जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकार गण और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगल कामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में उड़ते रंग गुलाल और पुष्प वर्षा के बीच, ब्रज-बरसाने के होली गीतों, पारंपरिक संगीत और मयूर नृत्य के साथ उल्लास और उमंग से सराबोर वातावरण में सभी ने शालीनता के साथ पर्व का आनंद लिया। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों ने रंग बरसे, होली के दिन दिल खिल जाते हैं, होली खेलें रघुवीरा, आज ब्रज में होली रे रसिया जैसे होली गीतों का सस्वर गायन कर सभी के उल्लास को दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री निवास में होली पर्व पर आयोजित मिलन समारोह में सभी को गुजिया, बालूशाही, ठंडाई सहित कई परंपरागत व्यंजन परोसे गए। 

  • पंजाब में चुनावी माहौल गरमाएगा, 14 मार्च को मोगा में अमित शाह की मेगा रैली

    पंजाब में चुनावी माहौल गरमाएगा, 14 मार्च को मोगा में अमित शाह की मेगा रैली

    पंजाब
    पंजाब की राजनीति में चुनावी सरगर्मियां तेज होती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 मार्च को मोगा जिले के किल्ली चहल गांव से पार्टी के चुनावी अभियान का आगाज कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसी स्थान से आम आदमी पार्टी (AAP) ने 17 फरवरी को अपने 2027 चुनाव अभियान की शुरुआत की थी।

    राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि रैली का स्थान बेहद सोच-समझकर चुना गया है, क्योंकि मोगा को पंजाब की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। यह क्षेत्र मालवा इलाके का केंद्र बिंदु है, जिसे राज्य की सियासी दिशा तय करने वाला इलाका भी कहा जाता है। हाल ही में AAP ने भी यहां नशा विरोधी अभियान को केंद्र में रखते हुए बड़ी रैली की थी, जिसमें पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान मौजूद रहे थे। बीजेपी के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, “मोगा राज्य का सेंटर प्वाइंट है और पंजाब की राजनीति का कोर क्षेत्र माना जाता है। मालवा में मजबूत उपस्थिति किसी भी पार्टी की जमीन पर पकड़ को दर्शाती है।” ऐसे में अमित शाह की रैली को राजनीतिक ताकत दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि 14 मार्च की यह रैली पार्टी के शीर्ष स्तर पर अंतिम रूप दी गई है। संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं, खासकर राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। पार्टी नेताओं का मानना है कि गृह मंत्री की यह रैली राज्य में बीजेपी के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत का संकेत देगी। एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पंजाब दौरे के बाद अमित शाह की रैली यह स्पष्ट संदेश देगी कि पंजाब अब पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह रैली इस बात का भी संकेत होगी कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह दोनों की नजरें पंजाब पर टिकी हुई हैं।

    कुछ समय से यह धारणा बन रही थी कि बीजेपी ने पंजाब को राजनीतिक रूप से बैक बर्नर पर रख दिया है, क्योंकि पार्टी पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी जैसे चुनावी राज्यों की तैयारियों में व्यस्त थी। हालांकि, जालंधर के पास डेरा सचखंड बल्लां में संत रविदास जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की हालिया यात्रा को पंजाब में फिर से सक्रिय चुनावी रणनीति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। साल 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा माने जा रहे हैं, खासकर इसलिए क्योंकि कृषि कानूनों के मुद्दे पर 2020 में शिरोमणि अकाली दल से उसका गठबंधन टूट गया था। अब राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी बना हुआ है कि क्या दोनों पुराने सहयोगी फिर से चुनाव से पहले एकजुट होंगे। दोनों दलों के कुछ वर्गों में गठबंधन की संभावनाओं को लेकर चर्चा जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मालवा क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में पंजाब में चुनावी मुकाबला और तेज होगा, जिसमें सभी प्रमुख दल अपनी ताकत झोंकते नजर आएंगे।

  • कानपुर का चौंकाने वाला मामला: पत्नी ने कहा – “मेरे साथ फ्रॉड हुआ, पति नपुंसक”

    कानपुर का चौंकाने वाला मामला: पत्नी ने कहा – “मेरे साथ फ्रॉड हुआ, पति नपुंसक”

    कानपुर

    .कानपुर के किशोर नगर की रहने वाली एक युवती ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. युवती का कहना है कि उसकी शादी 25 अप्रैल 2025 को हमीरपुर निवासी युवक से पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ हुई थी. उसके पिता ने होटल, जेवर, कैटरिंग और अन्य इंतजाम मिलाकर करीब 38 लाख रुपये खर्च किए थे. परिवार को उम्मीद थी कि बेटी की नई जिंदगी खुशहाल होगी, लेकिन शादी के बाद हालात बिल्कुल उलट निकले. पत्नी ने कहा, 'मैंने पति से सुहागरात के लिए कई बार कहा लेकिन वो हमेशा टालता रहा. बाद में मुझे पता चला कि वो नपुंसक है. मेरे साथ फ्रॉड हुआ है.' 

    पति ने दूरी बनाए रखी
    पीड़िता के मुताबिक, 26 अप्रैल को वह विदा होकर ससुराल पहुंची. शादी के बाद के शुरुआती चार दिनों में ही उसे पति के व्यवहार पर संदेह होने लगा. उसका आरोप है कि पति ने उससे दूरी बनाए रखी और सुहागरात तक नहीं मनाई. उसने कई बार इस बारे में बात करने की कोशिश की, लेकिन हर बार पति ने टालमटोल कर दी.

    कुछ दिनों बाद वह मायके आ गई. फिर पति उसे नोएडा ले गया, जहां उसे अपने बड़े चाचा के फ्लैट में रखा गया. युवती का कहना है कि वहां करीब एक महीने तक साथ रहने के बावजूद पति ने उससे शारीरिक संबंध नहीं बनाए. इसी दौरान उसे शक हुआ कि पति शारीरिक रूप से सक्षम नहीं है.

    धमकियां देने का आरोप
    जब उसने इस बारे में ससुर और उनके बड़े भाई से बात की तो, उसके मुताबिक, पहले उसे समझाने और इलाज कराने का भरोसा दिया गया. आरोप है कि उससे कहा गया कि वह बेटे के साथ पत्नी की तरह रहे, इलाज करवा दिया जाएगा और पूरा खर्च उठाया जाएगा. लेकिन जब उसने अपनी आपत्ति जताई तो उसे कथित तौर पर धमकियां दी जाने लगीं.

    पांच लाख लाने को कहा गया
    पीड़िता का यह भी आरोप है कि उससे पांच लाख रुपये और लाने को कहा गया ताकि इलाज कराया जा सके. मना करने पर उसे बदनाम करने और परिवार की इज्जत खराब करने की धमकी दी गई. युवती का कहना है कि ससुराल पक्ष ने न सिर्फ बेटे की सच्चाई छिपाई, बल्कि शादी में खर्च हुआ पैसा भी व्यर्थ कर दिया और उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी.

    मामला दर्ज हुआ
    आखिरकार परेशान होकर युवती अपने पिता के घर लौट आई और कानपुर के रावतपुर थाने में पति, ससुर और ताऊ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. थाना प्रभारी कमलेश राय के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और एक टीम हमीरपुर भेजी जाएगी.

    वहीं, लड़की के परिवार का कहना है कि वे फिलहाल ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन उन्हें न्याय की उम्मीद है. इस पूरे मामले ने एक बार फिर शादी से पहले जरूरी जानकारियां छिपाने और पारिवारिक दबाव के मुद्दे पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

  • 111 गांवों की बदलेगी तस्वीर, स्मार्ट गलियों पर 1.19 करोड़ खर्च करेगी हरियाणा सरकार

    111 गांवों की बदलेगी तस्वीर, स्मार्ट गलियों पर 1.19 करोड़ खर्च करेगी हरियाणा सरकार

    चंडीगढ़
    हरियाणा के 111 गांवों में स्मार्ट गलियों का विकास किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 1 करोड़ 19 लाख 39 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स द्वारा उठाए गए मुद्दे के जवाब में दी। पंवार ने बताया कि जिन गांवों में मतदाताओं की संख्या 10 हजार है, वहां एक गली को स्मार्ट गली के रूप में विकसित किया जाएगा। बादली विधानसभा क्षेत्र के बादली गांव को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का दृष्टिकोण है कि जिस प्रकार शहरों में साफ-सुथरी और व्यवस्थित गलियां होती हैं, उसी तर्ज पर गांवों में भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्मार्ट गलियां विकसित की जाएं। शून्यकाल के दौरान विधायक कपूर वाल्मीकि द्वारा मिट्टी उठाने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि यदि ग्राम पंचायत प्रस्ताव भेजती है तो खनन विभाग के अधिकारियों को परमिट जारी करने के निर्देश दिए जाएंगे।

    पंचायत भूमि पर मालिकाना हक के लिए विशेष कैंप
    कालांवाली से कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाल ने पंचायत भूमि पर बने मकानों को वैध करने का मुद्दा उठाया। पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार जहां पंचायत की फिरनी, पौंड या तालाब हैं, वहां बने मकानों को मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता। मुख्यमंत्री द्वारा पिछले सत्र में पेश किए गए विधेयक के तहत ग्राम पंचायत की कृषि भूमि या फिरनी पर मकान नहीं होने चाहिए। हालांकि, यदि मकान ग्राम पंचायत की भूमि पर है तो 500 गज तक के क्षेत्रफल पर मालिकाना हक दिया जा रहा है।

  • फरवरी में ही तपने लगा हरियाणा, 30 डिग्री तापमान से फसल उत्पादन पर संकट गहराया

    फरवरी में ही तपने लगा हरियाणा, 30 डिग्री तापमान से फसल उत्पादन पर संकट गहराया

    चंडीगढ़
    हरियाणा में मौसम का मिजाज इस बार गड़बड़ाया हुआ है जिसका सीधा असर फसलों पर पड़ता हुआ नजर आ रहा है। 2012 से लेकर अब तक वर्ष 2022, 2023 एवं 2025 को छोड़कर मानसून प्रभावी नहीं रहा है। हालांकि 2022 में मानसून में औसत 426 मिलीमीटर की तुलना में 464 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई जबकि 2023 में मानसून में 512.7 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई।

    इस बार मौसम में आए एकाएक बदलाव के बाद फरवरी में ही अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक पहुंच गया है। 5 मार्च तक अधिकतम तापमान 34 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इकोनॉमिक एंड स्टैटिकल अफेयर्स हरियाणा की वार्षिक रिपोर्ट-2025 के अनुसार 2019 में फरवरी में औसतन अधिकतम तापमान 20.8, 2020 में 22.2, 2021 में 24.7, 2022 में 22.1, 2023 में 25.7 और 2024 में 23.2 रहा जबकि इस बार यह 30 डिग्री तक पहुंच गया है। इस बार सर्दी के मौसम में अभी तक औसत से 57 फीसदी कम बरसात हुई है।

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस साल 1 जनवरी से 26 फरवरी तक सिरसा में 6.7 मिलीमीटर, फतेहाबाद में 27.6, हिसार में 17.1, जींद में 24.8, कैथल में 26.6, करनाल में 29.4, पानीपत में 37.5, सोनीपत में 13.9, भिवानी में 23.2, चरखी दादरी में 15.5, झज्जर में 18.5, महेंद्रगढ़ में 12, रेवाड़ी में 15.2, गुरुग्राम में 21.7, नूंह में 12.4, पलवल में 16, फरीदाबाद में 3.2, कुरुक्षेत्र में 56.2, अंबाला में 60.4, यमुनानगर में 43.2 एवं पंचकूला में 48.4 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है। वैसे मौसम विभाग का मानना है कि इस बार प्रदेश में 1 जून से 30 सितम्बर तक अच्छी बरसात हो सकती है।

    मानसून में जुलाई और अगस्त में होती है सबसे अधिक बरसात
    हरियाणा में 1 जून से 30 सितम्बर तक औसतन 426 मिलीमीटर बरसात दर्ज की जाती है। जुलाई और अगस्त के महीनों में सबसे अधिक बरसात होती है। जून में औसतन 54, जुलाई में 149, अगस्त में 146 और सितम्बर में 76 मिलीमीटर बरसात आमतौर पर होती है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में सर्द मौसम में 32.4, प्री-मानसून सीजन में 33.6, मानसून सीजन में 426 मिलीमीटर एवं पोस्ट मानसून सीजन में 28.9 मिलीमीटर बरसात होनी चाहिए। हर साल हरियाणा में 554.7 मिलीमीटर बरसात होनी चाहिए, पर 2012 के बाद 2022, 2023 और 2025 को छोड़कर यह आंकड़ा 460 मिलीमीटर को भी पार नहीं कर पा रहा है। 2012 में हरियाणा में महज 307 मिलीमीटर बरसात हुई यानी औसत बरसात से 45 फीसदी कम।

    इसी तरह से 2013 में 452 मिलीमीटर बरसात हुई। 2013 में देश में अंडमान-निकोबार में सबसे अधिक 3757 मिलीमीटर बरसात हुई थी जबकि सबसे कम बरसात का चिंताजनक रिकॉर्ड हरियाणा के नाम रहा था। 2014 में तो पूरे साल 301.3 मिलीमीटर बरसात ही हुई। 2014 में मानसून में 197.3 मिलीमीटर बरसात हुई जबकि होनी चाहिए थी 42 मिलीमीटर। 2015 में पूरे देश में हरियाणा में सबसे कम 437.8 मिलीमीटर बरसात हुई यानी औसत से करीब 23 फीसदी कम। 2016 में सर्द ऋतु में महज 1.2 मिलीमीटर जबकि पूरे साल में कुल 392.9 मिलीमीटर ही बरसात हुई। 2017 में मानसून सीजन में 418.8, 2018 में 416.3, 2019 में 418, 2020 में 419.9, 2021 में 423, 2022 में 417.3, 2023 में 512.7, 2024 में 409 मिलीमीटर बरसात हुई थी। 2025 में तो प्रदेश में मानसून में 568 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई थी। इस बार भी मानसून काफी अच्छा बताया जा रहा है।

    गेहूं के उत्पादन पर पड़ सकता है असर
    उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब व राजस्थान के बाद हरियाणा देश का प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्य है। इस रबी सीजन में प्रदेश में करीब 26 लाख हैक्टेयर में गेहूं की फसल है। इस बार दिसम्बर, जनवरी एवं फरवरी माह में औसत से कम सर्दी पड़ी है। तापमान भी अधिक रहा है और कोहरा भी नहीं पड़ा। ऐसे में गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि औसत से करीब 5 से 6 डिग्री अधिक तापमान के चलते गेहूं के अलावा सरसों की फसल पर भी असर पड़ सकता है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमैंटेशन की ओर से जारी एन्वायरनमैंट स्टैटिक 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में कुल भौगोलिक क्षेत्र 44212 वर्ग किलोमीटर में से महज 1559 वर्ग किलोमीटर ही वनाच्छादित क्षेत्र है। यह औसत से बहुत कम है। ऐसे में यहां मौसम का मिजाज बिगड़ा-बिगड़ा रहता है। यही वजह है कि पिछले 2 दशक में उत्तरी भारत के राज्यों में गर्मी का पीरियड बढ़ता जा रहा है और सर्दी का पीरियड सिकुड़ रहा है।

    1988 में हुई थी 1108 मिलीमीटर बरसात
    भारतीय मौसम विभाग चंडीगढ़ के आंकड़े भी हैरान करने वाले हैं। हरियाणा में मानसून 30 जून को दस्तक देता है। 2008 में मानसून समय से पहले 13 जून को आया जबकि 1987 में मानसून 27 जुलाई को आया था। मानसून के दौरान पिछले साल 1 जून से लेकर 30 सितम्बर तक हरियाणा में 568 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई थी। आमतौर पर मानसून में 426 मिलीमीटर बरसात होती है।

    आंकड़ों की बात करें तो साल 1988 में सबसे अधिक 1108 मिलीमीटर बरसात हुई थी। इसी तरह से 1995 में 939 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। 2011 में 374 मिलीमीटर, 2018 में 415 मिलीमीटर व 2020 में 376 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई थी। वैसे हरियाणा में 1995 में बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई थी। 16 जिलों में 20 लाख 35 हजार एकड़ फसल प्रभावित हुई थी। 2840 गांवों और हरियाणा के अनेक शहरों के 28 लाख 87 हजार आबादी पर बाढ़ का असर पड़ा था। 

  • 2026 का नवसंवत्सर रहेगा अनोखा: अधिक मास के कारण बनेगा 13 महीनों का साल

    2026 का नवसंवत्सर रहेगा अनोखा: अधिक मास के कारण बनेगा 13 महीनों का साल

    नई दिल्ली
    Adhik Maas 2026 : वर्ष 2026 आध्यात्मिक और खगोलीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, इस वर्ष ज्येष्ठ का महीना दो बार आएगा, जिसके कारण साल में 12 के बजाय कुल 13 महीने होंगे। 17 मई से 15 जून 2026 तक की इस अतिरिक्त अवधि को अधिक मास या पुरुषोत्तम मास कहा जाएगा।

    खगोलीय विज्ञान और अधिक मास का आधार
    अधिक मास का सीधा संबंध सूरज और चंद्रमा की चाल के बीच के अंतर को पाटने से है। वैज्ञानिक रूप से देखें तो एक चंद्र वर्ष लगभग 354 दिनों का होता है, जबकि सौर वर्ष 365 दिनों का। हर साल इन दोनों के बीच करीब 11 दिनों का फासला रह जाता है। जब यह अंतर बढ़ते-बढ़ते 30 दिनों के बराबर हो जाता है, तब पंचांग में संतुलन बनाए रखने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है। इसी गणितीय गणना के कारण 2026 में ज्येष्ठ का महीना दो बार पड़ रहा है।
     
    पौराणिक कथा और पुरुषोत्तम नाम की महिमा
    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब इस अतिरिक्त महीने का कोई स्वामी नहीं था, तब भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम 'पुरुषोत्तम' देकर इसे अत्यंत पवित्र बना दिया। इसी मास का संबंध भगवान नरसिंह और हिरण्यकश्यप के वध से भी जोड़ा जाता है। चूंकि हिरण्यकश्यप को वरदान था कि उसे साल के 12 महीनों में से कोई नहीं मार पाएगा, इसलिए भगवान ने इस 13वें महीने का सृजन कर अधर्म का अंत किया। यह समय धर्म की स्थापना और नकारात्मकता के विनाश का प्रतीक माना जाता है।

    साधना और आत्मचिंतन का विशेष समय
    पंडितों और विद्वानों का मानना है कि अधिक मास कोई अशुभ समय नहीं है बल्कि यह ईश्वर की भक्ति के लिए रिजर्व रखा गया समय है। 17 मई से 15 जून के बीच अधिक मास महात्म्य का पाठ करना या कथा सुनना बहुत शुभ होता है। यह अवधि हमें भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक लेकर आत्म-मंथन करने और अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है।
     
    वर्जित कार्य और विशेष सावधानी
    चूंकि यह समय पूरी तरह से ईश्वर की आराधना के लिए समर्पित है, इसलिए इस दौरान सांसारिक मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। अधिक मास में निम्नलिखित कार्य टाल देने चाहिए:

    विवाह और सगाई के कार्यक्रम।
    नया व्यापार या दुकान की शुरुआत।
    गृह प्रवेश और भूमि पूजन।
    मुंडन, जनेऊ या अन्य संस्कार।

    दान-पुण्य और लोकहित का महत्व
    इस महीने में किए गए सत्कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है। गरीबों को भोजन कराना, जरूरतमंदों की आर्थिक सहायता करना, हवन और गीता का पाठ करना इस समय की मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए। यह महीना हमें सिखाता है कि सेवा और सकारात्मक सोच ही जीवन में वास्तविक सुख और शांति लाती है।

  • विदेशी कंपनी की नई इलेक्ट्रिक हैचबैक, धांसू फीचर्स के साथ पंच और टियागो ईवी को मिलेगी कड़ी टक्कर

    विदेशी कंपनी की नई इलेक्ट्रिक हैचबैक, धांसू फीचर्स के साथ पंच और टियागो ईवी को मिलेगी कड़ी टक्कर

    मुंबई 

    विनफास्ट (Vinfast) इंडियन मार्केट में अपनी पकड़ को मजबूत कर रही है। कंपनी जल्द ही Limo Green इलेक्ट्रिक को मार्केट में लॉन्च करने वाली है। इसके साथ ही कंपनी इलेक्ट्रिक हैचबैक सेगमेंट में भी नया प्रोडक्ट लाने की सोच रही है। इस इलेक्ट्रिक हैचबैक का नाम VF5 है। विनफास्ट की इस इलेक्ट्रिक हैचबैक की टक्कर टाटा टियागो ईवी और पंच ईवी से होगी। कंपनी इस भारत में लॉन्च होने वाली यह ईवी कई देशों में पहले से सेल हो रही है। आइए डीटेल में जानते हैं इसके बारे में।

    VF5 की लंबाई 3967 मिमी, चौड़ाई 1723 मिमी, ऊंचाई 1579 मिमी और वीलबेस 2514 मिमी है। यह Punch.EV के मुकाबले जरा सी बड़ी है। हालांकि, इसकी चौड़ाई और ऊंचाई थोड़ी कम है। ग्लोबल मार्केट में ऑफर की जा रही VF5 का ग्राउंड क्लीयरेंस 169 मिमी है। भारतीय वर्जन में यह थोड़ा बढ़ सकता है। बूट स्पेस 260 लीटर है, जिसे 900 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। पीछे की सीटों में 60:40 स्प्लिट-फोल्डिंग फंक्शन दिया गया है। VF5 में ब्रैंड का सिग्नेचर फ्रंट फेसिया, फ्लेयर्ड वील आर्च, ब्लैक बॉडी क्लैडिंग, एलईडी लाइटिंग, 17 इंच के वील (वियतनामी वेरिएंट में) और कई सारे फीचर्स मिलते हैं। कुल मिलाकर इसका डिजाइन एसयूवी जैसा लगता है।

    ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध VF5 पांच सीटों वाली कार है। Vinfast के बाकी मॉडल्स की तरह इसका इंटीरियर भी मॉडर्न और मिनिमलिस्टिक डिजाइन वाला है। इसमें सिल्वर एक्सेंट के साथ ऑल-ब्लैक थीम का यूज किया गया है। स्टीयरिंग वील तीन स्पोक वाला है और इसमें कंट्रोल बटन लगे हुए हैं। कार के ग्लोबल मॉडल में PM 2.5 एयर फिल्टर, 7 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, 4 स्पीकर वाला साउंड सिस्टम, लेदरेट सीट्स, कीलेस एंट्री और गो, ऑटो हेडलाइट्स, वॉइस कमांड सपोर्ट और वायरलेस ऐपल कारप्ले और ऐंड्रॉयड ऑटो के साथ 8 इंच का इंफोटेनमेंट यूनिट दिया गया है। हो सकता है कि इसके इंडियन वेरिएंट को कंपनी कुछ बदलावों के साथ लॉन्च करे।

    326 किमी तक की रेंज
    VF5 में दी जा रही बैटरी का साइज अलग-अलग मार्केट्स में अलग-अलग होता है। कुछ रीजन में यह 29.6 kWh की बैटरी के साथ उपलब्ध है, जिसकी NEDC रेंज प्रति चार्ज 268 किमी है। जबकि, बाकी रीजन में इसमें 37.23 kWh की बड़ी बैटरी मिलती है, जिसकी रेंज 326 किमी (NEDC) है।

    छोटी बैटरी 33 मिनट से भी कम समय में 10 से 70 पर्सेंट तक चार्ज हो जाती है। छोटे बैटरी वाले वर्जन में 93hp/135Nm की इलेक्ट्रिक मोटर लगी है, जबकि दूसरे वर्जन का आउटपुट 134hp/135Nm है। 93hp (70kW) वाला वर्जन 0 से 100 kmph की स्पीड 14 सेकंड में पकड़ लेता है। 136hp वाला वर्जन यही काम 11 सेकंड से भी कम समय में कर पाता है।