Author: NewseDay

  • मास्टर कैडर के लिए PSTET-2 पास करना जरूरी, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

    मास्टर कैडर के लिए PSTET-2 पास करना जरूरी, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

    पटियाला.

    पंजाब में मास्टर कैडर के पदों पर प्रमोशन को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। डायरेक्टर ऑफ स्कूल एजुकेशन (सेकेंडरी) पंजाब की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब मास्टर कैडर में नियुक्ति और प्रमोशन के लिए पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (PSTET-2) पास करना अनिवार्य होगा।

    शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले मेमो नंबर 19/23-16 A-4 (5) दिनांक 14.09.2017 के तहत कुछ कर्मचारियों को PSTET से छूट दी गई थी। यह छूट उन अध्यापकों को मिली थी जो NCTE की अधिसूचना 23.08.2010 और RTE एक्ट 2009 के तहत PSTET की पहली घोषणा 30.07.2011 के बाद सेवा में आए थे।

    हालांकि, अब माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 01 सितंबर 2025 को दिए गए फैसले (भरुनेग मुथविभा वेवत तैले अंजुमन-ए-इशात बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य) के बाद स्थिति बदल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मास्टर कैडर में नियुक्ति और प्रमोशन के लिए PSTET-2 पास करना अनिवार्य घोषित किया है।

    इस फैसले के आधार पर शिक्षा विभाग ने पुराने नोटिस को रद्द करते हुए नया आदेश जारी किया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि जो कर्मचारी प्रमोशन के बाद मास्टर कैडर में कार्यरत हैं और जिनकी शेष सेवा अवधि 5 वर्ष से अधिक है, यदि उन्होंने अब तक PSTET-2 पास नहीं किया है तो उन्हें दो वर्षों के भीतर PSTET-2 पास करना होगा। ऐसा न करने पर विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • राज्यपाल डेका और CM साय ने अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के दिए निर्देश, काफिला रोककर देखी NH-30 के कार्य की प्रगति

    राज्यपाल डेका और CM साय ने अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के दिए निर्देश, काफिला रोककर देखी NH-30 के कार्य की प्रगति

    कोंडागांव.

    रायपुर से जगदलपुर जाते समय शुक्रवार को केशकाल में अचानक राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय का काफिला रुक गया. वजह थी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर चल रहा सड़क उन्नयन कार्य. मुख्यमंत्री ने मौके पर उतरकर निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया और अधिकारियों को साफ शब्दों में चेताया कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एनएच-30 बस्तर संभाग की सबसे अहम सड़क है, जो राजधानी रायपुर को बस्तर और अन्य राज्यों से जोड़ती है. ऐसे में सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को तय मापदंडों के अनुसार काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए.

    केशकाल बायपास पर भी नजर
    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने केशकाल नगर के साथ-साथ केशकाल बायपास निर्माण कार्य की जानकारी ली. कलेक्टर को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाए और नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके.

    कोंडागांव में दीदी की रसोई पहुंचे, फरा-अंगाकर रोटी चखी
    इसके बाद राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय कोंडागांव पहुंचे. यहां उन्होंने बिहान योजना के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित “मोर सुआद–दीदी की रसोई” का निरीक्षण किया. महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया. मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने बस्तर के पारंपरिक व्यंजन फरा और अंगाकर रोटी का स्वाद लिया. मुख्यमंत्री साय ने समूह की महिलाओं से आय और कामकाज की जानकारी ली और कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम हैं. उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि महिलाओं को आजीविका के लिए हर संभव सहयोग दिया जाए.

    लोक कलाकारों की पेंटिंग्स देखी
    इस दौरान जिले के लोक कलाकारों की पेंटिंग्स का भी अवलोकन किया गया. मुख्यमंत्री साय ने कलाकारों से बातचीत कर उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की. कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री, बस्तर सांसद, कोंडागांव विधायक सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.

  • उमरिया में 7° तापमान, 10 जिलों में हल्का कोहरा, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में पारा लुढ़केगा

    उमरिया में 7° तापमान, 10 जिलों में हल्का कोहरा, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में पारा लुढ़केगा

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार रात तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। इससे सर्दी का असर और गहरा हो गया है। उमरिया सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
    रीवा, खजुराहो, मंडला और सतना जैसे शहरों में भी पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत बड़े शहरों में भी सर्दी के इस नए दौर काअसर साफ नजर आ रहा है।

    करीब एक हफ्ते राहत नहीं
    मौसम विभाग के अनुसार- आने वाले दिनों में ठंड से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। 8 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। हालांकि, 10 फरवरी से पहले बारिश या ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन कोहरा और सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन और बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

    कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान

    प्रदेश का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री, सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है।

    उमरिया सबसे ठंडा शहर रहा, जहां पारा गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री सेल्सियस रहा।

    मौसम विभाग के अनुसार, उमरिया के बाद रीवा दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री दर्ज किया गया।

    खजुराहो में भी 7.4 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, सतना में 8.9 डिग्री, राजगढ़ और शिवपुरी में 9 डिग्री, पचमढ़ी में 9.4 डिग्री तथा दमोह और मलाजखंड में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    इधर, प्रदेश में घने कोहरे का खास असर नहीं देखा गया। शनिवार सुबह भोपाल, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, मंडला, सतना समेत करीब 10 जिलों में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया, जिससे सुबह के समय हल्की ठंड और दृश्यता में कमी महसूस की गई।

    कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान

    प्रदेश का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री, सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है।

    एक नजर प्रदेश में तापमान पर
    MP में 4 दिन कड़ाके की ठंड 

    ग्वालियर-चंबल में असर ज्यादा

    भोपाल-उज्जैन में भी पारा गिरेगा

    ग्वालियर, खजुराहो समेत 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे 

    कटनी, शहडोल और छतरपुर सबसे ठंडे 

    वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सकुर्लेशन की वजह से प्रदेश में ओले-बारिश

    शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री

    राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री

    सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री रहा

  • दिल्ली के लैंडफिल साइट पर सीएम रेखा का बयान, कूड़े के पहाड़ खत्म करने के लिए क्या है योजना?

    दिल्ली के लैंडफिल साइट पर सीएम रेखा का बयान, कूड़े के पहाड़ खत्म करने के लिए क्या है योजना?

    नई दिल्ली

    राजधानी दिल्ली के भलस्वा, गाजीपुर और ओखला में तीन लैंडफिल साइट पर कचरा के पहाड़ बन चुके हैं। इन्हें खत्म करने को लेकर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बड़ा बयान दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया- 2 कूड़े के पहाड़ ओखला और भलस्वा पर बहुत ही शिद्दत से काम कर रहे हैं। पूरी उम्मीद है कि इस साल के अंत में दोनों पहाड़ों पर मौजूद लीगेसी वेस्ट को खत्म कर पाएंगे।

    ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट पर क्या कहा

    लीगेसी वेस्ट का मतलब, सालों से डंपिंग ग्राउंड में जमा कचरा। इसे लंबे समय से प्रोसेस नहीं किया गया होता है। इसमें मिट्टी, प्लास्टिक, पॉलीथिन, कांच, धातू अन्य चीजें भी मिली होती हैं। इसी कचरे को लेकर सीएम रेखा ने कहा है कि हमें पूरी उम्मीद है कि ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट का लीगेसी वेस्ट 2026 के अंत तक खत्म कर पाएंगे।
    गाजीपुर लैंडफिल साइट पर क्या कहा

    तीसरे कचरा के पहाड़ पर बात करते हुए कहा- गाजीपुर लैंडफिल साइट को हो सकता है कि दो साल और लगे। लेकिन दिल्ली में जितना भी कूड़ा पैदा होता है, उसके 100% प्रोसेस के लिए जो प्लांट बन रहे हैं उसको बढ़ा रहे हैं। लेगेसी वेस्ट को निपटाने के लिए अलग-अलग सेगरीगेट कर रहे हैं। इसके बाद सीएम रेखा ने आप और कांग्रेस के दौर की सरकारों पर सवाल खड़े किए।
    पहला बायोगैस प्लांट हमने शुरू किया

    लगभग 15 साल कांग्रेस और 11 साल आम आदमी पार्टी की सरकार रहीं, क्या कभी इन लोगों ने बायोगैस प्लांट लगाने की सोची। क्या उन लोगों ने कभी इस पर काम किया? क्यों पहला बायोगैस प्लांट हमारे समय में हमने आकर शुरू किया। सीएम रेखा ने बायोट्रीटमेंट प्लांट का जिक्र करते हुए बताया- 200 टन गोबर प्रोसेस करने वाला वेस्ट मेनेजमेंट प्लांट चालू हो गया है। 400 टन क्षमता वाले अन्य प्लांट इस साल के अंत तक चालू हो जाएंगे।

  • JNU में हड़ताल जारी, पदाधिकारी एक साल के लिए बाहर, छात्रों ने वापस लेने की की अपील

    JNU में हड़ताल जारी, पदाधिकारी एक साल के लिए बाहर, छात्रों ने वापस लेने की की अपील

     नई दिल्ली

    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्र राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. विश्वविद्यालय प्रशासन के उस फैसले की कड़ी निंदा की है जिसमें जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के सभी मौजूदा पदाधिकारियों और इसके पूर्व अध्यक्ष को दो सेमेस्टर यानी 1 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है. इसके बाद से विश्वविद्यालय में हड़ताल का आयोजन किया गया.  

    निष्कासित किए गए लोगों में जेएनयूएसयू अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका के बाबू, महासचिव सुनील यादव, संयुक्त सचिव दानिश अली और पूर्व जेएनयूएसयू अध्यक्ष नीतीश कुमार शामिल हैं. विश्वविद्यालय ने छात्रों के परिसर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी है. 

    जारी हुआ बयान

    संकाय संघ ने कहा है कि यह कदम कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के नेतृत्व में विरोध को दबाने के लिए किया गया है. निष्कासित छात्रों को कैंपस में आने पर रोक लगा दी गई है और उन पर भारी जुर्माना लगाया गया है.

    क्या है विवाद? 

    यह विवाद विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी में फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी की स्थापना को लेकर था. इस दौरान कुलपति पर भी कई तरह के आरोप लगाए गए हैं. 2 फरवरी को जारी कार्यालय आदेश में मुख्य प्रॉक्टर ने बताया कि राजनीति अध्ययन केंद्र के पीएचडी छात्र नीतीश कुमार को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित किया गया है. उन पर विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है और 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. आदेश के अनुसार, जांच समिति ने छात्रों को विश्वविद्यालय लाइब्रेरी के अंदर लगाए गए फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी उपकरणों को तोड़ने के लिए जिम्मेदार माना है. वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अनुशासनात्मक नियमों के तहत की गई है और पूरी प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही फैसला लिया गया है. 
    छात्रों ने की आलोचना 

    जेएनयू छात्र संघ और वामपंथी छात्रों के ग्रुप ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है. उनका कहना है कि यह कदम छात्रों की असहमति दबाने के लिए किया गया है. बयान में जेएनयूएसयू ने प्रशासन और कुलपति पर आरोप लगाया कि वे आरएसएस और सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं. 

    समय को लेकर भी हुए सवाल 

    जेएनयूएसयू की ओर से निष्कासन के समय पर भी सवाल उठाए हैं. यह कदम उस समय लिया गया जब छात्र यूजीसी के नए नियम 2026 के खिलाफ जुलूस और छात्र संसद जैसे विरोध प्रदर्शन करने वाले थे. छात्र संघ का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद छात्र आंदोलन को कमजोर करना और आने वाले प्रदर्शन की तैयारी को रोकना है. 

  • गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव की सेहत में गिरावट, IGIMS से PMCH कराया गया शिफ्ट

    गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव की सेहत में गिरावट, IGIMS से PMCH कराया गया शिफ्ट

    पूर्णिया 

    बिहार की राजधानी पटना में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस टीम ने उन्हें मंदिरी स्थित आवास से कई घंटे की मशक्कत के बाद हिरासत में लिया और पहले मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई. गिरफ्तारी के बाद उन्हें IGIMS अस्पताल लाया गया, जहां बताया गया कि उन्हें लंबे समय तक स्ट्रेचर लेटाया गया और बेड उपलब्ध नहीं कराया गया. बाद में उन्हें आगे की जांच के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेजा गया.

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी करीब तीन दशक पुराने मामले से जुड़ी है. यह केस गर्दनीबाग थाने में वर्ष 1995 में दर्ज हुआ था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखे से किराए पर लेकर सांसद कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया और यह तथ्य किराए के समय छुपाया गया.

    अदालत में लगातार पेश नहीं होने के कारण पहले गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ, फिर इश्तेहार चस्पा करने का आदेश दिया गया. इसके बाद भी पेशी नहीं होने पर कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने का अंतिम आदेश दिया और कार्रवाई तेज हो गई.

    पप्पू यादव का पुलिस पर आरोप

    गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उन्हें आशंका थी कि पुलिस उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है. उनका कहना था कि वे सीधे कोर्ट जाएंगे और पुलिस स्टेशन नहीं जाएंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस सिविल ड्रेस में आई और उन्हें लगा जैसे अपराधियों की तरह व्यवहार किया जा रहा हो.

    तीन दशक पुराने मामले पर पप्पू यादव हुए अरेस्ट

    फिलहाल पुलिस उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए ले गई है. करीब तीन दशक पुराने इस विवाद में हुई ताजा कार्रवाई को राज्य की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है और मामले पर सभी की नजर बनी हुई है.

  • 4 साल में 34 पुस्तकों को सरकार से मिली मंजूरी, मगर नरवणे की “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” पर संकट क्यों?

    4 साल में 34 पुस्तकों को सरकार से मिली मंजूरी, मगर नरवणे की “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” पर संकट क्यों?

    नई दिल्ली

    भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की पुस्तक 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' (Four Stars of Destiny) को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी अभी तक नहीं मिली है। यह वही किताब है जिसका जिक्र लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया था। इसको लेकर खूब हंगामा हुआ था। आपको बता दें कि पिछले पांच वर्षों में दर्जनों सैन्य अधिकारियों की पुस्तकों को हरी झंडी मिल गई, वहीं जनरल नरवणे की यह किताब इकलौती ऐसी पांडुलिपि बनकर उभरी है, जो अब भी समीक्षा के अधीन है।

     एक रिपोर्ट में सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त जवाब के हवाले से कहा है कि रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 2020 से 2024 के बीच कुल 35 पुस्तकों के शीर्षक अनुमोदन के लिए आए थे। उनमें से 32 को अप्रूव किया जा चुका है। सिर्फ तीन ही अभी तक पेंडिंग है। उनमें नरवणे की किताब भी शामिल है।

    RTI के अनुसार, जिन तीन किताबों को लंबित दिखाया गया था, उनमें से पूर्व सेना प्रमुख जनरल एन.सी. विज की पुस्तक 'अलोन इन द रिंग' मई 2025 में रिलीज हो चुकी है। वहीं ब्रिगेडियर जीवन राजपुरोहित की किताब को भी मंजूरी मिल गई है। अब इस सूची में जनरल नरवणे की किताब ही एकमात्र ऐसी है जो आधिकारिक रूप से मंत्रालय के पास अटकी हुई है।
    आखिर 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' में ऐसा क्या है?

    जनरल नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख थे। यह वह दौर था जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ तनाव चरम पर था। दिसंबर 2023 में प्रकाशित इस पुस्तक के कुछ अंशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा गलियारों में हलचल मचा दी थी। राहुल गांधी का दावा है कि किताब में जनरल नरवणे ने 31 अगस्त 2020 की उस रात का जिक्र किया है, जब चीनी टैंक रेचिन ला क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे।

    राहुल गांधी के मुताबिक, उन्होंने लिखा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बातचीत के दौरान उन्हें एक 'हॉट पोटैटो' (बेहद कठिन स्थिति) थमा दिया गया था। उन्हें पलक झपकते ही बड़े सैन्य फैसले लेने थे। माना जा रहा है कि लद्दाख गतिरोध और सरकार के साथ सैन्य संवाद के इन संवेदनशील खुलासों के कारण ही रक्षा मंत्रालय इसकी गहन समीक्षा कर रहा है।

    हाल ही में जिन अधिकारियों की पुस्तकों को मंजूरी मिली है, उनमें लेफ्टिनेंट जनरल एस.ए. हसनैन, मेजर जनरल जी.डी. बख्शी और लेफ्टिनेंट जनरल योगेश कुमार जोशी जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

    इस देरी पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार पूर्व सेना प्रमुख का अत्यधिक सम्मान करती है और विपक्ष महज इस मुद्दे का इस्तेमाल उनका मजाक उड़ाने के लिए कर रहा है। दूसरी ओर प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस और रक्षा मंत्रालय ने वर्तमान स्थिति पर चुप्पी साध रखी है।

  • रुपये की शानदार बढ़त: 3 साल में बेहतरीन प्रदर्शन, India-US ट्रेड डील का असर साफ

    रुपये की शानदार बढ़त: 3 साल में बेहतरीन प्रदर्शन, India-US ट्रेड डील का असर साफ

     नई दिल्‍ली ,
      
    शुक्रवार को डॉलर की संभावित निकासी और व्यापारियों द्वारा लॉन्ग पोजीशन कम करने के कारण भारतीय रुपया गिरावट पर बंद हुआ, लेकिन इस सप्‍ताह के दौरान भारतीय करेंसी ने शानदार तेजी दिखाई है. इस सप्‍ताह की तेजी ने 3 साल में सबसे तेज बढ़ोतरी को दर्ज किया है. 

    डॉलर की तुलना में रुपया शुक्रवार को 90.6550 पर बंद हुआ, जो दिन में 0.3% की गिरावट के साथ सप्ताह में 1.4% की तेजी को दिखाता है. जनवरी 2023 के बाद यह इसकी सबसे बड़ी वीकली ग्रोथ है. यह तेजी भारत और अमेरिका के बीच डील पर सहमति बनने के बाद आई है. 

    आरबीआई का बड़ा फैसला
    रुपया में तेज उछाल के साथ ही भारत के केंद्रीय बैंक (RBI) ने पॉजिटिव आर्थिक नजरिया, अमेरिका और यूरोप के साथ व्यापार समझौतों के बाद कम हुए दबावों से उत्साहित होकर रेपो दर को अपरिवर्तित रखा है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि हमारा मानना ​​है कि एमपीसी बदलती व्यापक आर्थिक स्थितियों और नई श्रृंखला के आंकड़ों पर आधारित नजरिए से मौद्रिक नीति की भविष्य की दिशा तय करेगी. 

    वहीं कुछ एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि आरबीआई रेपो रेट को कम रखकर बैंकों और लोन लेने वाले लोगों को सपोर्ट देना चाहता है. यह लोन लेने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत होगी. वहीं व्‍यापारियों का कहना है कि रेपो रेट में अनचेंज रखने से रुपया के गिरावट में ज्‍यादा योगदान नहीं रहेगा. 

    मंगलवार को आई थी उछाल
    मंगलवार को अमेरिका और भारत द्वारा महीनों की बातचीत के बाद व्यापार समझौते की घोषणा के बाद भारतीय करेंसी में बड़ी उछाल आई थी, लेकिन शुक्रवार को  इसमें थोड़ी कमी आई.  हालांकि व्यापारियों और विश्लेषकों का कहना है कि इस व्यापारिक सफलता ने रुपये पर छाए संकट को दूर किया है. एक स्थायी तेजी विदेशी निवेश में उछाल पर निर्भर करेगी. 

    4 अरब डॉलर के शेयर बेचे
    गौरतलब है कि विदेशी निवेशकों ने पिछले महीने 4 अरब डॉलर के स्थानीय शेयरों की नेट सेलिंग के बाद फरवरी में अब तक लगभग 1 अरब डॉलर के स्थानीय शेयर खरीदे हैं. वैश्विक बाजारों में, डॉलर सूचकांक थोड़ा नीचे 97.8 पर था, जबकि एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला असर देखने को मिला. 

    बता दें शेयर बाजार शुक्रवार को तेजी पर बंद हुआ. निफ्टी 50 अंक ऊपर चढ़कर 25,693 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्‍स 266 अंक चढ़कर 83580 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी बैंक भी 56 अंक चढ़कर क्‍लोज हुआ. 

  • T20 वर्ल्ड कप में आज तीन रोमांचक मुकाबले, भारत-अमेरिका की भिड़ंत भी होगी

    T20 वर्ल्ड कप में आज तीन रोमांचक मुकाबले, भारत-अमेरिका की भिड़ंत भी होगी

     नई दिल्ली

    आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी (शनिवार) से हो रही है.  ये टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की सहमेजबानी में खेला जाना है. टूर्नामेंट में इस बार 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं, लेकिन खिलाड़ियों से ज्यादा चर्चा ऑफ-फील्ड राजनीति और ड्रामे की रही है. डिफेंडिंग चैम्पियन और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया को खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है.

    हालांकि टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले बांग्लादेश और पाकिस्तान से जुड़े विवादों ने माहौल गरमा दिया है. बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं और तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान के IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) कॉन्ट्रैक्ट विवाद को लेकर भारत में खेलने से इनकार कर दिया. इसके बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस फैसले को सही बताया.

    इस विश्व कप में पहले दिन कुल तीन मुकाबले खेले जाएंगे. उद्घाटन मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे से पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के बीच कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स में खेला जाएगा. ये दोनों टीमें ग्रुप-ए में हैं. फिर दूसरा मुकाबला वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड के बीच दोपहर तीन बजे से कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होगा. वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड को ग्रुप-सी में रखा गया है. इसके बाद शाम 7 बजे से भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ग्रुप-ए का मुकाबला होगा, जिसपर फैन्स की निगाहें हैं.

    भारत सबसे संतुलित टीम दिख रही
    मैदान पर नजर डालें तो टीम इंडिया सबसे संतुलित और मजबूत दिखाई देती है. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को हराने के लिए किसी टीम को असाधारण प्रदर्शन करना होगा या फिर भारत को खुद बड़ी गलती करनी पड़ेगी. अगर भारत यह वर्ल्ड कप जीतता है तो इसे सामान्य माना जाएगा, लेकिन हार बड़ी उलटफेर साबित होगी.

    अन्य दावेदार टीमों में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और श्रीलंका शामिल हैं. ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी मजबूत है लेकिन मुख्य तेज गेंदबाजों की कमी दिख सकती है. इंग्लैंड की बल्लेबाजी बेहद आक्रामक है, जबकि साउथ अफ्रीका की गेंदबाजी दुनिया की सबसे खतरनाक मानी जा रही है. न्यूजीलैंड उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में ढल चुका है और श्रीलंका घरेलू मैदान का फायदा उठा सकता है।

    एसोसिएट टीमों में नेपाल सबसे ज्यादा चर्चा में है. दीपेंद्र सिंह ऐरी पर सबकी नजरें रहेंगी, जिन्होंने 9 गेंदों में अर्धशतक का विश्व रिकॉर्ड बनाया हुआ है. वहीं यूएसए और इटली जैसी टीमें भी इस बार दिलचस्प कहानियां लेकर आई हैं. कुल मिलाकर, विवादों और राजनीतिक तनाव के बीच शुरू हो रहा यह टी20 वर्ल्ड कप क्रिकेट के रोमांच के साथ-साथ ऑफ-फील्ड ड्रामे के लिए भी यादगार रहने वाला है.

    टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अक्षर पटेल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, संजू सैमसन (विकेटकीपर), कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज और ईशान किशन (विकेटकीपर).

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पहले दिन के मैच
    07 फरवरी. 11:00 AM. पाकिस्तान vs नीदरलैंड्स. SSC, कोलंबो
    07 फरवरी. 3:00 PM. वेस्टइंडीज vs बांग्लादेश. कोलकाता
    07 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs USA. मुंबई

  • U-19 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जीत, लेकिन ICC ने नहीं दी प्राइज मनी, वैभव सूर्यवंशी को क्या मिला?

    U-19 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जीत, लेकिन ICC ने नहीं दी प्राइज मनी, वैभव सूर्यवंशी को क्या मिला?

     हरारे
    U19 World Cup 2026 Prize Money: भारत ने शुक्रवार को अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीत लिया है. हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर विश्व चैम्प‍ियन बनने का गौरव हासिल किया. फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी जीत की सबसे बड़ी वजह रही. हालांकि, खिताब जीतने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की ओर से एक भी रुपया प्राइज मनी नहीं म‍िलेगी. 

    आयुष म्हात्रे की कप्तानी में खेल रही भारतीय अंडर-19 टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन ICC की नीति के तहत अंडर-19 वर्ल्ड कप को एक डेवलपमेंट टूर्नामेंट माना जाता है. इसी वजह से ICC इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली किसी भी टीम को प्राइज मनी नहीं देता.

    ICC का मानना है कि अंडर-19 वर्ल्ड कप युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन और विकास के लिए आयोजित किया जाता है. बोर्ड पहले ही सभी सदस्य देशों को क्रिकेट डेवलपमेंट के तहत ICC राजस्व का हिस्सा देता है. ऐसे में इस टूर्नामेंट के लिए अलग से प्राइज मनी देना डबल रिवार्ड माना जाएगा.

    हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि खिलाड़ियों को कोई इनाम नहीं मिलेगा. ICC भले ही प्राइज मनी नहीं देता, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अतीत में अंडर-19 टीमों को जीत के बाद भारी इनाम दिए हैं.

    साल 2022 में यश ढुल की कप्तानी में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम को BCCI ने प्रति खिलाड़ी 40 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ को 25 लाख रुपये दिए थे. वहीं, 2023 और 2025 में अंडर-19 महिला वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम को कुल 5 करोड़ रुपये का संयुक्त इनामी पूल दिया गया था.

    ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और अन्य खिलाड़ियों के लिए भी BCCI जल्द ही इनाम की घोषणा करेगा. भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद यह सिर्फ समय की बात मानी जा रही है.

    वैभव सूर्यवंशी को मिले 2 अवॉर्ड
    वैभव सूर्यवंशी को ICC अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच (Player of the Match) और पूरे टूर्नामेंट में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट (Player of the Tournament) का अवॉर्ड मिला.  यह दोनों अवॉर्ड उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रनों की धमाकेदार पारी खेलने के बाद जीते, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे. वहीं टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 439 रन बनाए (औसत 62.71, स्ट्राइक रेट 169.49) और सबसे ज्यादा 30 छक्के लगाए. वैभव U-19 विश्व कप इतिहास में प्लेयर ऑफ द फाइनल और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट दोनों जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने. उन्होंने ये अवॉर्ड टीम के सपोर्ट स्टाफ को समर्पित किए.