Author: NewseDay

  • मुनव्वर राना की बेटी हिबा राना की निजी जिंदगी में तूफ़ान, पति ने किया तीन तलाक

    मुनव्वर राना की बेटी हिबा राना की निजी जिंदगी में तूफ़ान, पति ने किया तीन तलाक

    सआदतगंज

    दिवंगत मशहूर शायर मुनव्वर राना की बेटी हिबा राना को उनके पति ने तीन तलाक दे दिया. सआदतगंज पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है. हिबा राना ने अपने पति मोहम्मद साकिब और ससुर हसीब अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है.
    2013 में सुन्नी रीति रिवाज से हुई हिबा राना की शादी

    मुनव्वर राना की बेटी हिबा राना की शादी साल 2013 में सुन्नी रीति रिवाज के अनुसार हुई थी. एफआईआर की कॉपी के मुताबिक शादी में दहेज के रूप में पिता और घरवालों ने साकिब को सोने और हीरे के गहनों के अलावा 10 लाख रुपये भी दिए थे.
    दहेज लोभियों ने की 20 लाख रुपये और देने की मांग

    थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक जब हिबा राना शादी के बाद विदा होकर ससुराल गई तो साकिब और उसके पिता की ओर से बीस लाख रुपये और देने की मांग की जाने लगी. कई बार दहेज लोभियों की मांग पूरी भी की गई ताकि वैवाहिक जीवन पर खराब असर न पड़े. हिबा राना और साकिब के दो बच्चे हैं. एक बेटा और बेटी है. साकिब आए दिन अपनी पत्नी हिबा राना के साथ मारपीट भी करता था.
    तीन बार तलाक देते हुए हिबा राना को घर से निकाला

    एफआईआर में इस बात का भी जिक्र है कि 9 अप्रैल 2025 को हिबा राना के साथ उसके पति ने काफी मारपीट और गाली गलौज की थी. जब पीड़िता की बहन आर्शिया राना उनसे मिलने के लिए गई तो साकिब काफी उग्र हो गया और गाली गलौज करते हुए हमले का प्रयास किया. इस बीच साकिब ने हिबा राना को तीन बार तलाक देते हुए उसे अपने घर से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया. साथ ही दोनों बच्चों को घर के कमरे में बंद कर दिया. 

    एफआईआर के मुताबिक पीड़िता मानसिक रूप से परेशान हो गई है और काफी डरी हुई है. पति साकिब और उसके ससुर की ओर से हिबा राना के परिवार को लगातार धमकी भी दी जा रही है. 

  • हरियाणा बिजली सुधार: स्मार्ट मीटर से प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों विकल्प होंगे उपलब्ध

    हरियाणा बिजली सुधार: स्मार्ट मीटर से प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों विकल्प होंगे उपलब्ध

    हिसार
     हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से सभी पुराने बिजली मीटर बदले जाएंगे और उनकी जगह आधुनिक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जैसे मोबाइल सेवाओं में प्रीपेड और पोस्टपेड विकल्प उपलब्ध होते हैं, उसी तर्ज पर स्मार्ट मीटर व्यवस्था भी लागू की जाएगी, जिससे उपभोक्ता अपनी सुविधा अनुसार प्रीपेड अथवा पोस्टपेड प्रणाली का चयन कर सकेंगे। इससे न केवल बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी पारदर्शी और सुविधाजनक सेवा मिलेगी। अनिल विज आज हिसार में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि भूमिगत बिजली तारें बिछाने की प्रक्रिया गुरुग्राम और फरीदाबाद में प्रारंभ कर दी गई है। परिस्थितियों के अनुसार अन्य क्षेत्रों में भी अंडरग्राउंड केबल डाली जाएंगी, जिससे खंभे गिरने या ऊपर से तार टूटने जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनेगी।

    ऊर्जा विभाग में किए जा रहे सुधारों के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विज ने कहा कि विभाग में एक सुदृढ़ और जवाबदेह प्रणाली विकसित की गई है, जिसके परिणामस्वरूप गर्मियों के दौरान बिजली कटौती की स्थिति काफी हद तक नियंत्रित रही है। उन्होंने बताया कि सभी अधीक्षण अभियंताओं (एसई) को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन सुबह 11 बजे तक यह जानकारी दें कि उनके क्षेत्र में यदि कहीं बिजली कट लगा है तो उसका कारण, अवधि और परिस्थितियां क्या रही हैं। उन्होंने कहा कि लगभग पूरे प्रदेश में बिजली आपूर्ति संतोषजनक रही है और केवल 6 अधीक्षण अभियंताओं से ही स्पष्टीकरण मांगा गया है।

    विज ने बताया कि बिजली की मांग के अनुरूप सभी ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने (अपग्रेडेशन) का कार्य शुरू कर दिया गया है। साथ ही, बरसात के दौरान जलभराव से होने वाली अनावश्यक बिजली कटौती को रोकने के लिए निचले स्तर पर बने सब-स्टेशनों को ऊंचा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हिसार के खेदड़ में स्थापित की जा रही नई थर्मल यूनिट के लिए कोल लिंकेज की स्वीकृति हरियाणा को प्राप्त हो चुकी है, जो प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

    हरियाणा रोडवेज के आधुनिकीकरण को लेकर विज ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे बसों की आवाजाही की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इस दिशा में सभी बस अड्डों पर डिजिटल डिस्प्ले पैनल लगाए जाएंगे तथा एक मोबाइल ऐप भी विकसित की जा रही है, जिसके माध्यम से यात्री अपनी बस की लोकेशन, रूट और समय की जानकारी मोबाइल पर ही प्राप्त कर सकेंगे।
    उन्होंने कहा कि बसों के बेड़े को बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं। साथ ही, सरकार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके और एनसीआर क्षेत्र में डीजल की पुरानी बसों पर लगने वाली पाबंदियों से बचा जा सके।

    केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अनिल विज ने कहा कि जब केंद्र मजबूत होता है, तो देश भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह बजट एक मजबूत नींव रखता है और देश को “बुलेट ट्रेन की गति” से आगे बढ़ाने वाला साबित होगा।

  • सोना-चांदी की कीमतों में भूचाल, चार दिन बाद पलटी बाज़ार की चाल—तेज हुई महंगाई

    सोना-चांदी की कीमतों में भूचाल, चार दिन बाद पलटी बाज़ार की चाल—तेज हुई महंगाई

     नई दिल्ली
    सोना-चांदी की कीमतों लगातार चार दिन क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने के बाद आखिरकार मंगलवार को तेज उछाल आया था और ये सिलसिला तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भी जारी रहा. एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही Gold-Silver रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए नजर आए. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही दोनों कीमती धातुएं महंगी हो गई. एक ओर जहां 1 Kg Silver Price अपने पिछले बंद के मुकाबले 15,000 रुपये से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं 10 Gram 24 Karat Gold भी अचानक 5000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया.

    दो दिन में इतनी महंगी हुई चांदी
    सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत के बारे में, तो बीते 2 फरवरी तक महज चार दिन में ही करीब 2 लाख रुपये तक सस्ती हो गई थी, लेकिन इसके बाद इसमें जोरदार रिकवरी देखने को मिली है. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को एमसीएक्स पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव तेज उछाल के बाद 2,68,801 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और बुधवार को ये खुलते ही 2,84,094 रुपये पर पहुंच गई. यानी एक झटके में ये 15,293 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई. 

    बीते सोमवार तक 1 Kg Silver Price गिरते हुए 2.25 लाख रुपये के आसपास आ गया था, लेकिन इस लो-लेवल से इसके भाव में जो रैली शुरू हुई, उसने महज दो कारोबारी दिनों में ही चांदी का भाव करीब 60,000 रुपये प्रति किलो बढ़ा दिया है.

    Gold भी चांदी से कुछ कम नहीं 
    बात करें, सोने की कीमत के बारे में, तो ये कीमती धातु भी चांदी की तरह ही बीते कुछ दिनों में लगातार क्रैश के बाद अब तूफानी तेजी से भाग रही है. बीते कारोबारी दिन MCX Gold Rate 1,53,809 रुपये पर क्लोज हुआ था और बुधवार वायदा कमोडिटी मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट उछलकर 1,60,755 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. यहां ये 6,946 रुपये तक महंगा हो गया.

    हाई से सोना-चांदी अब इतना सस्ता
    Gold-Silver Rate के हाई लेवल से अगर तुलना करें, तो ये हालिया तेजी के बाद भी अभी काफी सस्ते मिल रहे हैं. बता दें कि बीते 29 जनवरी को चांदी की कीमत ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये पर पहुंच गई थी, लेकिन इस स्तर को छूने के बाद ये बिखरती चली गई थी. हालांकि इस हाई लेवल से कैलकुलेशन करें, तो वायदा चांदी 1,35,954 रुपये प्रति किलो तक सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.  

    चांदी की तरह ही सोने की कीमत ने भी 29 जनवरी को ही अपना नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था और 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई थी. इस स्तर से सोना भी अब तक गिरते हुए 32,341 रुपये तक सस्ता हो चुका है. 

  • U-19 विश्व कप: फाइनल का टिकट दांव पर, अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की ताकत बन सकते हैं वैभव सूर्यवंशी

    U-19 विश्व कप: फाइनल का टिकट दांव पर, अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की ताकत बन सकते हैं वैभव सूर्यवंशी

    नई दिल्ली
    अब तक खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम बुधवार को हरारे में आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ जीत के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी।

    रिकॉर्ड छठी बार खिताब जीतने की ओर भारत
    इस प्रतियोगिता के इतिहास में भारत सबसे सफल टीम है। उसने पांच बार (2000, 2008, 2012, 2018, 2022) खिताब जीते हैं। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया का नंबर आता है जिसने चार बार ट्रॉफी जीती है। इस तरह से भारत रिकॉर्ड छठी बार खिताब जीतने की दिशा में बुधवार को एक कदम और आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा।

    इस विश्व कप में अब तक अजेय रहा है भारत
    भारत ने अब तक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। उसने अपने सभी पांच मैच आसानी से जीते हैं, जिसमें सुपर सिक्स चरण में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर 58 रन की जीत भी शामिल है।

    भारतीय टीम हालांकि अफगानिस्तान को कम करके आंकने की गलती नहीं करेगी। अफगानिस्तान का भी टूर्नामेंट में प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। उसने अपने पांच मैचों में से चार जीते हैं। उसे एकमात्र हार श्रीलंका से मिली थी। लेकिन खिलाड़ियों की फॉर्म और खेल के हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ भारत का पलड़ा भारी नजर आता है।

    सूर्यवंशी, कुंडू, मल्होत्रा से बैटिंग में उम्मीदें
    विकेटकीपर बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया है। इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अब तक पांच मैचों में दो अर्धशतकों की मदद से 199 रन बनाए हैं। बड़े-बड़े शॉट खेलने में माहिर सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (पांच मैचों में दो अर्धशतकों सहित 196 रन) भी अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन टीम प्रबंधन चाहेगा कि वह अपने अर्धशतकों को शतकों में तब्दील करें।
    ऑलराउंडर विहान मल्होत्रा ​​(पांच मैचों में 172 रन) एक और भारतीय बल्लेबाज हैं जिन पर सभी की नजर रहेगी। उन्होंने ग्रुप चरण में जिम्बाब्वे के खिलाफ शतक (109 नाबाद) लगाया था।

    कप्तान आयुष म्हात्रे और आरोन जॉर्ज को फॉर्म का इंतजार
    कप्तान आयुष म्हात्रे ने गेंदबाज़ी में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने पांच मैचों में अपनी ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी से छह विकेट लिए हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में सुधार की गुंजाइश है। उन्होंने पांच मैचों में सिर्फ 99 रन बनाए हैं जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 53 रन है। सलामी बल्लेबाज आरोन जॉर्ज की फॉर्म भी भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि दाएं हाथ का यह बल्लेबाज तीन पारियों में केवल 46 रन ही बना सका है।

    भारतीय गेंदबाजी की कमान दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हेनिल पटेल और आरएस अंबरीश के हाथ में है। इन दोनों तेज गेंदबाजों को स्पिनर खिलन पटेल का भी अच्छा सहयोग मिला है, जिन्होंने पांच मैचों में आठ विकेट लिए हैं।

    म्हात्रे और मल्होत्रा गेंदबाजी में भी अपनी भूमिका निभाएंगे। मल्होत्रा ने अभी तक टूर्नामेंट में अपनी ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी से पांच विकेट लेने के अलावा भारत की तरफ से एकमात्र शतक भी लगाया है।

    टीम इस प्रकार हैं:
    भारत अंडर-19:
    आरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, हरवंश पंगालिया, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी, आयुष म्हात्रे (कप्तान), विहान मल्होत्रा, आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलन पटेल, दीपेश देवेंद्रन, हेनिल पटेल, मोहम्मद एनान, उधव मोहन, किशन सिंह।

    अफगानिस्तान अंडर-19: महबूब खान (कप्तान), अजीजुल्लाह मियाखिल, फैसल शिनोजादा, खालिद अहमदजई, उस्मान सादात, उजैरुल्लाह नियाजई, अब्दुल अजीज, अकील खान, खातिर स्टानिकजई, नाजीफुल्लाह अमीरी, नूरिस्तानी उमरजई, रूहुल्लाह अरब, सलाम खान, वहीदुल्लाह जादरान, जैतुल्लाह शाहीन।

    समय: मैच दोपहर 1:00 बजे भारतीय समयानुसार शुरू होगा।

     

  • शरद पवार की अंतिम इच्छा पर उठे सवाल, प्रफुल्ल पटेल की चाल से मची हलचल

    शरद पवार की अंतिम इच्छा पर उठे सवाल, प्रफुल्ल पटेल की चाल से मची हलचल

    मुंबई 

    महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार की पिछले दिनों एक विमान हादसे में हुई मौत के बाद एनसीपी की राजनीति पूरी तरह बदल गई है. उनके निधन के चौथे दिन ही उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार राज्य के डिप्टी सीएम पद की शपथ दिला दी गई. उनके निधन को अभी केवल सात दिन हुए हैं लेकिन, ऐसा लगता है कि राज्य और एनसीपी की राजनीति में व्यापक बदलाव आ गया है. अजित पवार ने राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान अपनी इच्छा जताई थी कि एनसीपी के दोनों गुटों के कार्यकर्ता एकजुट होना चाहते हैं. इसको लेकर उनकी और उनके चाचा शरद पवार के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई है. दोनों पक्षों और शरद पवार के परिवार से भी कई ऐसे बयान आए थे जिससे लगता था कि अब फिर से परिवार एकजुट हो गया है. अजित पवार के निधन के बाद परिवार ने एकजुट होकर इस दर्द को भी झेला.

    सुनेत्रा पवार और उनके बेटों के साथ हर कदम पर परिवार का सदस्य दिखा. 85 वर्षीय वयोवृद्ध नेता शरद पवार ने भी मीडिया से बातचीत में यह कहा कि अजित की इच्छा एनसीपी को फिर से एकजुट करने की थी. लेकिन, उसके कुछ ही घंटों के भीतर एनसीपी की राजनीति ने करवट ले ली. सुनेत्रा पवार ने उनके निधन के महज चौथे दिन डिप्टी सीएम की शपथ ली. हद तो तब हो गई जब शरद पवार ने यह कह दिया कि उनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी. तमाम रिपोर्ट में दावा किया गया कि एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष और अजित पवार के करीबी दोस्त रहे प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश एनसीपी के सुनील तटकरे इस पूरे मामले को हैंडल कर रहे हैं.

    सुनेत्रा पवार को पार्टी की कमान देने की तैयारी

    दरअसल, डिप्टी सीएम बनने के बाद सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष बनाने की तैयारी चल रही है. निधन से पहले अजित पवार के पास ही पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी थी. प्रफुल्ल पटेल पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं. प्रफुल्ल पटेल ने खुद को इस रेस से बाहर करने के फैसला किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पटेल ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता चाहते हैं कि अध्यक्ष का पद सुनेत्रा पवार संभालें. इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने पुणे और बीड़ के पालक मंत्री की जिम्मेदारी भी सुनेत्रा पवार को दे दी है. ये जिम्मेदारी भी दिवंगत अजित पवार के पास थी.

    प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि हम सभी चाहते हैं कि सुनेत्रा पवार पार्टी अध्यक्ष का पद संभालें. हम सभी पार्टी को आगे बढ़ाने में उनके साथ हैं. यह दिवंगत अजित दादा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी. हमें पार्टी की एक बैठक बुलानी पड़ेगी और पार्टी व जनता की भावनाओं के अनुरूप फैसला लेना पड़ेगा.

    प्रुफल्ला पटेल ने विलय से किया इनकार

    प्रफुल्ल पटेल ने साफ किया कि इस वक्त एनसीपी और शरद पवार के गुट वाली एनसीपी के विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई. हमारा फोकस पार्टी के मसले सुलझाने पर है. विलय की बात को खारिज करते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि अजित दादा ने कम से कम दो बार टीवी चैनलों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा था कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और दोनों दलों के बीच कॉऑर्डिनेशन केवल स्थानीय निकाय चुनाव तक सीमित थे. पटेल ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में एनसीपी ने अहिल्यानगर में भाजपा और नासिक में शिव सेना के साथ भी गठबंधन किया था.

    पटेल ने कहा कि अजित दादा ने यह कहा था कि कुछ लोग चाहते है कि दोनों पार्टियों को मिलकर काम करना चाहिए लेकिन इसको लेकर कोई गंभीर चर्चा नहीं हुई थी. उन्होंने उस वीडियो को भी खारिज किया जिसमें एनसीपी और शरद गुट के नेताओं के मिलने को दिखाया गया है. उन्होंने कहा कि हम मिलते रहते हैं क्योंकि हम एक समय एक ही परिवार के हिस्से थे.
    शरद पवार को झटका

    अब सवाल यह है कि एनसीपी के इस इनकार के बाद क्या 85 वर्षीय शरद पवार को पार्टी और परिवार को एकजुट करने की उनकी संभवतः अंतिम इच्छा अधूरी रह जाएगी. शरद पवार बुजुर्ग हो चुके है. शरद पवार के लिए अजित पवार बेटे जैसे थे. वह महाराष्ट्र में शरद पवार के स्वाभाविक उत्तराधिकारी माने जाते थे. उनके निधन से शरद पवार को गहरा झटका लगा है. लेकिन, एनसीपी का नया नेतृत्व जिस तरह से शरद पवार से दूरी बना रहा है उससे लगता है कि महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले वयोवृद्ध शरद पवार का सपना अधूरा रहा जाएगा.

  • यात्रियों में दहशत, AI-इंडिगो विमानों की टक्कर की चर्चा—हकीकत क्या है?

    यात्रियों में दहशत, AI-इंडिगो विमानों की टक्कर की चर्चा—हकीकत क्या है?

    मुंबई 

    मुंबई एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो प्लेन आपस में ही टकरा गए. जी हां, एयर इंडिया और इंडिगो के प्लेन के बीच मुंबई एयरपोर्ट पर ग्राउंड कोलिजन हो गया. दोनों विमानों के पंख आपस में टकरा गए. इसके बाद विमानों को जांच के लिए ग्राउंडेड कर दिया गया. जैसे ही एयर इंडिया और इंडिगो के विंग्स आपस में टकराए, प्लेन में बैठे यात्रियों की सांसें फूल गईं. एयरपोर्ट पर हलचल मच गई. कारण कि दोनों विमान में यात्री सवार थे. राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. चलिए जानते हैं कि आखिर कैसे दो प्लेन के विंग्स आपस में टकरा गए और कैसे एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया.

    कब और कैसे घटी यह घटना?
    मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर  यह असामान्य घटना घटी. जिसमें एयर इंडिया (एअर इंडिया) और इंडिगो के दो विमानों के पंखों के किनारे एक दूसरे से टकरा गए, जिसके बाद विमानों को जांच के लिए खड़ा कर दिया गया. ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्सीवे पर विमानों के पंखों के सिरे आपस में टकरा गए. यह घटना तब हुई जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2732 (मुंबई-कोयंबटूर) डिपार्चर के लिए पीछे हट रही थी, उसी समय इंडिगो की फ्लाइट 6E 791 (हैदराबाद-मुंबई) लैंडिंग के बाद टैक्सी कर रही थी.

    असल में क्या हुआ था?
    दरअसल, एयर इंडिया का विमान उड़ान भरने के लिए तैयार हो रहा था. वहीं, इंडिगो का विमान लैंडिंग के बाद पार्किंग-वे की तरफ जा रहा था. मुंबई से कोयम्बटूर जा रही फ्लाइट संख्या AI 2732 उड़ान भरने के लिए पुशबैक की स्थिति में थी. ठीक उसी समय हैदराबाद से आई इंडिगो की फ्लाइट 6E 791 लैंडिंग करने के बाद टैक्सी-वे से गुजर रही थी. इसी दौरान दोनों विमानों के पंख एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और उनमें टक्कर हो गई. दोनों विमानों के दाहिने पंख (Right Wingtips) एक-दूसरे से टकरा गए. टक्कर होते ही विमान में झटका महसूस हुआ, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया. गनीमत रही कि इस घटना में किसी को कुछ नहीं हुआ.

    एयर इंडिया ने क्या कहा
    जानकारी के मुताबिक, एअर इंडिया का विमान रवाना हो रहा था, जबकि इंडिगो का विमान उतर रहा था. मुंबई एयरपोर्ट पर समानांतर रनवे हैं। दोनों ही विमान एयरबस ए320 थे. एअर इंडिया के प्रवक्ता के मुताबिक, तीन फरवरी को मुंबई से कोयंबटूर जाने वाली उड़ान एआई2732 में देरी हुई, क्योंकि निर्धारित विमान रवाना होने से पहले टैक्सीवे पर प्रतीक्षा के दौरान एक अन्य विमानन कंपनी के विमान के संपर्क में आ गया। दोनों विमानों के पंखों के किनारे टकराने से हमारे विमान के पंख के किनारे को नुकसान पहुंचा.

    इंडिगो ने क्या कहा?
    वहीं, इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि हैदराबाद से मुंबई आ रही उड़ान 6ई791 के पंख का किनारा उतरने के बाद एक अन्य विमानन कंपनी के विमान से संपर्क में आ गया. इसके अलावा, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की एक टीम मौके पर मौजूद है और दोनों विमानों को जांच के लिए वापस उनके स्थान पर ले जाया गया.

    कितने यात्री थे सवार
    रिपोर्ट्स में आगे बताया गया है कि यह घटना तब हुई जब दोनों विमानों में यात्री सवार थे. किसी के घायल होने की खबर नहीं है. हालांकि, विमानों में सवार यात्रियों की संख्या का तत्काल पता नहीं चल सका है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं. यह घटना  मुंबई एयरपोर्ट पर शाम करीब 7.30 बजे हुई, जो देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में से एक है.

    दोनों प्लेन में टक्कर के बाद क्या हुआ?

        एअर इंडिया के विमान के विंगटिप को नुकसान पहुंचा, इसलिए इसे ग्राउंडेड कर दिया गया। यात्रियों को दूसरी फ्लाइट्स में रीबुक किया गया।.

        इंडिगो के विमान में भी जांच हुई, लेकिन ज्यादा डैमेज नहीं था. उसके यात्री भी सुरक्षित उतारे गए.

        DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने तुरंत जांच शुरू कर दी.अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की छानबीन करने लगे.

        दोनों एयरलाइंस ने बयान जारी कर कहा कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और कोई घायल नहीं हुआ.

     

  • AI का असर दिखा! बड़ी IT कंपनियों में चिंता, स्टॉक्स लुढ़के 25% तक

    AI का असर दिखा! बड़ी IT कंपनियों में चिंता, स्टॉक्स लुढ़के 25% तक

     नई दिल्ली

    बीते सोमवार को रिकॉर्ड हाई पर बंद होने के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों ने मंगलवार को अपनी सारी बढ़त गंवा दी और इंडेक्स भारी गिरावट के साथ रेड जोन में बंद हुए. खासतौर पर टेक शेयरों में हाहाकार मचा हुआ नजर आया और कई IT Stocks तो 10 से 25 फीसदी तक क्रैश हो गए. US Stock Market में इस गिरावट के पीछे का बड़ा कारण आईटी सेक्टर में Antropic AI Tool की एंट्री को माना जा रहा है. एंथ्रोपिक ने कॉर्पोरेट और लीगल कार्यों को ऑटोमेटिक करने के लिए एक नया एआई टूल लॉन्च किया है. उम्मीद है कि यह नया टूल सॉफ्टवेयर कंपनियों द्वारा किए जाने वाले पारंपरिक वर्कफ़्लो ऑटोमेशन में बड़ा बदलाव लाएगा.

    IT Stock क्रैश, NASDAQ धड़ाम
    अमेरिकी बाजार में गिरावट के बीच सबसे ज्यादा नैस्डैक फिसला, जो कि आईटी और टेक शेयरों से भरा हुआ इंडेक्स है. इसमें मंगलवार को 1.4 फीसदी की बड़ी गिरावट देखने को मिली है. इसके पीछे रिपोर्ट्स में एंथ्रोपिक एआई टूल को जिम्मेदार बताया जा रहा है, क्योंकि निवेशकों ने एनवीडिया (NVIDIA), माइक्रोन (Micron) और एएमडी (AMD) जैसी हाई वैल्यू वाली चिप कंपनियों के शेयरों से हटकर इसकी ओर रुख किया है. NASDAQ के अलावा डॉउ जोन्स (Dow Jones) और एसएंडपी 500 (S&P Index) भी मंगलवार को क्रमशः 0.3% और 0.8% गिरकर बंद हुआ.

    एंथ्रोपिक के आते ही बिखरे ये बड़े शेयर 
    US Stock Market में Anthropic AI Tools की एंट्री से मचे कोहराम की बात करें, तो इसके चलते मंगलवार को कॉग्निजेंट, गार्टनर, एक्सेंचर और ईपीएएम जैसी सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में 10% से 25% तक की गिरावट देखने को मिली. यही नहीं भारत के लिए भी ये चिंता का विषय नजर आ रहा है, क्योंकि इस सेक्टर की दिग्गज भारतीय कंपनियों इंफोसिस और विप्रो के एडीआर (Infosys-Wipro ADR) में भी मंगलवार को 6% तक की गिरावट दर्ज की गई.

    Anthropic AI टूल ने विश्लेषकों के बीच सासपोकैलिप्स की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे ग्लोबल आईटी मार्केट हिल गए हैं. बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार ओपन होने पर इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसे दिग्गज कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर है. 

    यहां दिखा सबसे बुरा असर
    Anthropic AI Tools की एंट्री का सबसे ज्यादा बुरा असर लीगल और डेटा सर्विस प्रोवाइडर्स पर देखने को मिला है. लीगलजूम के शेयर 20% तक फिसल गए, तो वहीं थॉमसन रॉयटर्स के स्टॉक में भी 15% तक की बड़ी गिरावट देखने को मिली है. इसके अलावा लेक्सिसनेक्सिस की पैरेंट कंपनी RELX का शेयर 14% गिर गया था. एक्सपर्ट्स की मानें, तो इसके आने से लोगों की सोच में बदलाव आया है. पहले जो कहते थे कि AI इन कंपनियों की मदद करता है, वही अब कहते नजर आ रहे हैं कि AI इन कंपनियों की जगह लेता जा रहा है. 

  • क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर, नियमों में व्यापक संशोधन से बढ़ेगा टेस्ट मैच का रोमांच

    क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर, नियमों में व्यापक संशोधन से बढ़ेगा टेस्ट मैच का रोमांच

     नई दिल्ली
       
    मेरिलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने क्रिकेट के नियमों में ऐतिहासिक बदलावों की घोषणा की है. सबसे बड़ा बदलाव टेस्ट क्रिकेट को लेकर किया गया है. अब टेस्ट मैच मैच के दौरान दिन के आखिरी ओवर के दौरान यदि विकेट गिरता है, तो खेल वहीं खत्म नहीं होगा. नए नियमों के अनुसार, आखिरी ओवर हर हाल में पूरा किया जाएगा और आउट होने पर नया बल्लेबाज तुरंत मैदान में आएगा. यह बदलाव एमसीसी की ओर घोषित नए नियमों का हिस्सा हैं, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे.

    एमसीसी ने लॉ 12.5.2 में बदलाव करते हुए साफ किया है कि दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर खेल नहीं रुकेगा और नया बल्लेबाज तुरंत क्रीज पर आएगा.बचे हुए गेंद अगले दिन के लिए नहीं छोड़े जाएंगे. एमसीसी की नियम उप-कमेटी का मानना था कि पुराना नियम बल्लेबाजी टीम के पक्ष में झुका हुआ था और इससे मैच का रोमांच भी खत्म हो जाता था.

    एमसीसी ने कहा, 'अगर फील्डिंग टीम आखिरी ओवर में विकेट लेती है और बल्लेबाजी टीम को नया खिलाड़ी भेजने की जरूरत नहीं पड़ती, तो यह नाइंसाफी है. यह वक्त अक्सर गेंदबाजों के लिए सबसे अनुकूल होता है और ऐसे में खेल का रोमांच खत्म हो जाता है.' एमसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह बदलाव समय बचाने के लिए नहीं है क्योंकि बची हुई गेंदें अगले दिन फिर भी पूरी करनी पड़ती थी.

    एमसीसी ने बताया कि इस बार क्रिकेट नियमों कुल 73 महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, साथ ही कुछ भाषाई सुधार भी किए गए हैं. यह तीसरी बार है जब 2017 के कोड के बाद नियमों में संशोधन हुआ है. पहले 2019 और फिर 2022 में बदलाव हुए थे. इन बदलावों पर अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (IPL) की क्रिकेट कमेटी अगली बैठक में चर्चा करेगी, ताकि इन्हें प्लेइंग कंडीशन्स में शामिल किया जा सके. हालांकि, घरेलू क्रिकेट में इन बदलावों को लागू किया जाएगा या नहीं, यह राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड्स पर छोड़ा गया है.

    लैमिनेटेड बैट का इस्तेमाल जायज!
    एमसीसी ने वयस्क रिक्रिएशनल क्रिकेट में लैमिनेटेड बैट्स के इस्तेमाल को भी मंजूरी दे दी है. लैमिनेटेड बैट अलग-अलग किस्म की लकड़ियों से बनता है. आम बैट की तुलना में यह काफी सस्ता होता है और अधिकतम तीन लकड़ी के टुकड़ों से बनाया जा सकता है. एमसीसी ने बताया कि इंग्लिश विलो को तैयार होने में 15 साल से ज्यादा समय लगता है और वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी वजह से बैट महंगे होते जा रहे हैं. 2017 में ये बैट पहले ही जूनियर क्रिकेट में मंजूर किए जा चुके थे. अब लॉर्ड्स में हुई बैठक और वैश्विक बैट निर्माताओं से बातचीत के बाद एमसीसी ने इन्हें एडल्ट क्लब क्रिकेट के लिए भी हरी झंडी दी है. 

    हिटविकेट नियम में बदलाव
    लॉ 35.1.1 और 35.2 के तहत अब हिटविकेट को लेकर स्थिति साफ कर दी गई है. अगर बल्लेबाज शॉट खेलने के बाद संतुलन खो देता है और कुछ कदम इधर-उधर लेने के बाद स्टम्प्स पर गिर जाता है तो उसे हिट विकेट आउट माना जाएगा, भले ही गेंद काफी पहले खेली जा चुकी हो. हालांकि अगर बल्लेबाज किसी फील्डर से टकराकर स्टम्प्स पर गिरता है, तो वह हिटविकेट आउट नहीं होगा. अगर बल्ला हाथ से छूटकर सीधे विकेट से टकराता है, तो बल्लेबाज आउट होगा, लेकिन अगर बल्ला पहले विकेटकीपर या किसी खिलाड़ी से टकराए और फिर विकेट गिरे, तो नॉट आउट रहेगा.

    ओवरथ्रो की नई परिभाषा (लॉ 19.8)
    MCC ने लॉ 19.8 की अस्पष्ट भाषा हटाते हुए साफ परिभाषा दी है-
    ओवरथ्रो: जब जानबूझकर गेंद को स्टम्प्स की ओर फेंका जाए ताकि रन रोके जा सकें या रन आउट किया जा सके
    मिसफील्ड: गेंद को रोकने या पास करने का प्रयास हो तो इसे ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा.

    डेड बॉल नियम में बड़ा बदलाव (लॉ 20.1.1.1)
    अब गेंद को डेड घोषित करने के लिए उसका गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं है. नए नियम के अनुसार गेंद किसी भी फील्डर के हाथ में हो सकती है या जमीन पर स्थिर हो सकती है. अंपायर को यह तय करने की पूरी छूट होगी कि गेंद आखिकार डेड हुई है या नहीं. यह बदलाव खासतौर पर क्लोज मैच के आखिरी गेंदों में बेहद अहम माना जा रहा है.

  • शादी की चर्चा तेज: 26 फरवरी को विजय संग रश्मिका के फेरे? जानिए एक्ट्रेस ने क्या कहा

    शादी की चर्चा तेज: 26 फरवरी को विजय संग रश्मिका के फेरे? जानिए एक्ट्रेस ने क्या कहा

    मुंबई 

    रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा पिछले काफी समय से शादी को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में खबर आई थी कि दोनों उदयपुर पैलेस में 2 फरवरी को शादी रचाने जा रहे हैं। अब लेटेस्ट रिपोर्ट्स के मुताबिक, रश्मिका ने खुद अपनी इस शादी की खबरों पर रिएक्ट किया है और इसे अफवाह बताया है।

    साउथ से लेकर बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी इस वक्त सबसे अधिक सुर्खियों में है। लोग रील लाइफ की इस शानदार जोड़ी को रियल लाइफ में भी साथ देखना चाहते हैं। दोनों की शादी को लेकर पिछले काफी समय से चर्चा थी। कुछ रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा था कि साउथ का पावर कपल 2 फरवरी सोमवार को शादी के बंधन में बंधने वाला है। ये खबर किसी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने वीडियो शेयर करते हुए दी थी।

    शादी की इन खबरों को गलत बताया गया
    इन्फ्लुएंसर ने अपने वीडियो में ये दावा किया था कि रश्मिका उदयपुर पैलेस घूम रही हैं, जहां किसी सेलेब्रिटी की शादी की तैयारियां चल रही हैं। कहा गया कि ये सिलेब्रिटीज़ रश्मिका और विजय हैं। वहीं बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में शादी की इन खबरों को गलत बताया गया है। कहा जा रहा है कि खुद रश्मिका ने इन खबरों पर विराम लगा दिया है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट में रश्मिका मंदाना ने शादी की खबरों पर अपना रिएक्शन दिया है।

    अब एक नई तारीख को लेकर चर्चा तेज
    पोर्टल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में रश्मिका मंदाना ने विजय देवरकोंडा से शादी की अफवाहों को खारिज किया है। रश्मिका ने 2 फरवरी को शादी की खबर से साफ-साफ इनकार किया है। इसी के साथ सोशल मीडिया पर अब एक नई तारीख को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि रश्मिका और विजय 26 फरवरी को शादी करने जा रहे हैं।

    अब तक कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं
    यहां बताते चलें कि रश्मिका या विजय देवरकोंडा में से किसी ने अपनी शादी को लेकर अब तक कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं किया है।

    रश्मिका मंदामा ने रक्षित शेट्टी के साथ साल 2017 में सगाई की थी
    यहां फैन्स को ये भी बता दें कि इस शादी से पहले रश्मिका ने साल 2017 में सगाई की थी। रश्मिका मंदामा ने रक्षित शेट्टी के साथ साल 2017 में सगाई की थी और शादी ले पहले साल 2018 में दोनों की सगाई टूट गई। बताया जाता है कि सगाई के बाद रश्मिका अपनी एक्टिंग पर फोकस करना चाहती थीं लेकिन कथित तौर पर रक्षित रश्मिका के इस फैसले के खिलाफ थे। भविष्य को लेकर इसी तालमेल पर दोनों के विचार मिल नहीं पाए और आखिरकार शादी से पहले उन्होंने एक-दूसरे को बाय कह दिया था।

  • तीन बहनों की आत्महत्या ने खड़े किए सवाल, क्या है ‘कोरियन लवर’ गेम का सच?

    तीन बहनों की आत्महत्या ने खड़े किए सवाल, क्या है ‘कोरियन लवर’ गेम का सच?

     गाजियाबाद

    गाजियाबाद से सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां तीन सगी नाबालिग बहनों ने देर रात 9वीं मंज़िल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना बीती रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है. घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.

    मृतक तीनों बहनें नाबालिग थीं. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीनों बहनें एक गेमिंग ऐप की आदी हो गई थीं. बताया जा रहा है कि वे ऑनलाइन टास्क-बेस्ड कोरियन लवर गेम खेला करती थीं. तीनों ने सामूहिक आत्महत्या क्यों की, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है.

    सुसाइड नोट में लिखा है मम्मी-पापा सॉरी

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामला गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी का है. पुलिस का कहना है कि परिजनों से पूछताछ की जा रही है और मोबाइल फोन व डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है.

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी है. मृतक लड़कियों ने नाम निशिका 16 साल, प्राची 14 साल, पाखी 12 साल है. पुलिस को एक पेज का सुसाइड नोट भी मिला है. जिस पर मम्मी- पापा सॉरी लिखा है. 

    स्थानीय लोगों का कहना है कि तीनों बहनें रात में एक साथ 9वें फ्लोर से कूद गईं. ऐसे में किसी चीज के नीचे गिरने और तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. इस दौरान डराने वाला नजारा था. क्योंकि तीन डेडबॉडी जमीन पर पड़ी थीं और खून बह रहा था. जिसके बाद लड़कियों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए. पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. 

    पुलिस ने क्या बताया?

    शालीमार गार्डन, पुलिस आयुक्त अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रात्रि करीब 02.15 बजे पीआरवी द्वारा सूचना प्राप्त हुई. जिसमें कहा गया कि थाना टीलामोड़ स्थित भारत सिटी में टावर बी-1 फ्लैट नं0 907 की नवीं मंजिल की बालकनी से तीन बच्चियां कूद गईं. जिससे तीनों की मौत हो गई है. मौके पर पहुंचकर जांच की गई तो तीन बच्चियां क्रमश निशिका उम्र करीब 16 वर्ष, प्राची उम्र लगभग 14 वर्ष, पाखी उम्र लगभग 12 वर्ष पुत्रियां चेतन कुमार की जमीन पर गिरने के कारण मृत्यु हो गई है.

    जिनको एम्बुलेंस द्वारा 50 शैय्या अस्पताल लोनी भेजा गया. जहां पर डॉक्टरों द्वारा तीनों बच्चियों को मृत घोषित कर दिया गया. मामले में पुलिस द्वारा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. 

    क्या है 'कोरियन लवर' गेम का रहस्य?

    गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ स्थित भारत सिटी में देर रात करीब 2:30 बजे निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने नौवीं मंजिल से छलांग लगा दी. चेतन कुमार की ये तीनों बेटियां 'कोरियन लवर' नामक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम की आदी थीं. प्रारंभिक जांच में इस जानलेवा गेम की लत को ही सामूहिक आत्महत्या की वजह माना जा रहा है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों से पूछताछ और मोबाइल फोन की डिजिटल जांच शुरू कर दी है.

    आधी रात को पसरा मातम

    सन्नाटे को चीरती हुई चीखों ने पूरी सोसाइटी को झकझोर कर रख दिया. तीनों बहनें एक साथ मौत के आगोश में समा गईं. पुलिस को घटनास्थल से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिस पर सिर्फ 'मम्मी पापा सॉरी' लिखा था. यह साधारण शब्द उस गहरे मानसिक दबाव की ओर इशारा कर रहे हैं, जो शायद उस गेम के टास्क ने पैदा किया था.

    क्या है 'कोरियन लवर' गेम का रहस्य?

    जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें अपनी डिजिटल दुनिया में खोई रहती थीं. वे एक कोरियन गेम के टास्क पूरा कर रही थीं. पुलिस अब उन मोबाइल फोन्स को खंगाल रही है, जिनमें छिपे टास्क ने इन मासूमों को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया. 

    फिलहाल, परिवार और पड़ोसियों के लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि स्क्रीन के पीछे बैठा कोई अदृश्य खेल तीन जिंदगियां छीन लेगा. वहीं, गाजियाबाद पुलिस हर एंगल से जांच-पड़ताल में जुट गई है. 

    पिता ने कही ये बात 

    मृतक बहनों के पिता चेतन कुमार के मुताबिक, बेटियां कोरियन गेम खेलती थीं. कल आखिरी टास्क था. जांच के लिए पुलिस उनके फोन अपने साथ ले गई है. गेम में कुल कुल 50 टास्क थे, घटना वाले दिन यानी कल आखिरी था. कूदने के लिए बेटियों ने दो स्टेप वाली सीढ़ी का इस्तेमाल किया था.

    पुलिस का बयान 

    इस मामले में एसीपी अतुल कुमार ने बताया कि रात करीब 2.15 बजे पीआरवी द्वारा थाना टीलामोड़ स्थित भारत सिटी में टावर बी-1 फ्लैट नंबर 907 की नवीं मंजिल की बालकनी से तीन बच्चियों के कूदने की और मौके पर ही उनकी मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई. फ़ौरन घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की गई तो तीन बच्चियां- निशिका, प्राची, पाखी ग्राउंड पर बेसुध पाई गईं. उनको एम्बुलेंस द्वारा 50 शैय्या अस्पताल लोनी भेजा गया जहां पर डॉक्टरों द्वारा तीनों बच्चियों को मृत घोषित किया गया. अब पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है.