Author: NewseDay

  • सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग का रास्ता साफ

    सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग का रास्ता साफ

    जयपुर

    राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में सरकारी कर्मचारियों और ग्रामदानी किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताया कि आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाई जाएगी। इसके साथ ही 8 नए जिलों और नई पंचायत समितियों में सरकारी दफ्तर बनाए जाएंगे।

    नई ग्राम पंचायतों को मिला बड़ा तोहफा

    राज्य के 3467 नई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्रामदानी गांवों के किसानों को अब खातेदारी अधिकार दिए जाएंगे, जो अब तक उन्हें प्राप्त नहीं थे। मुख्य सचिव कार्यालय में डिरेगुलेशन सेल बनाई जाएगी और डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर खोला जाएगा।

    होमगार्ड की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी

    शहरों में होमगार्ड की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, उपनिवेशन विभाग को समाप्त कर उसका राजस्व विभाग में विलय किया जाएगा। गृह विभाग का रिवॉल्विंग फंड बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार ने बेहतरीन काम करने वाली पंचायतों के लिए राष्ट्रीय पंचायती पुरस्कार की तर्ज पर राज्य स्तरीय ‘स्टेट पंचायत अवॉर्ड’ की घोषणा भी की है। इसके अलावा, शेखावाटी तक हथनीकुंड से यमुना जल लाने के लिए 32,000 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना का काम जल्द ही शुरू होगा। राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों, किसानों और पंचायतों के लिए इन घोषणाओं के माध्यम से प्रशासनिक क्षमता, सुरक्षा और विकास को मजबूत बनाने का संदेश दिया है।

     

  • महिला नेता पर राष्ट्रपति ट्रंप का गुस्सा, टैरिफ वृद्धि से दिखाया विरोध

    महिला नेता पर राष्ट्रपति ट्रंप का गुस्सा, टैरिफ वृद्धि से दिखाया विरोध

    वाशिंगटन 

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड पर टैरिफ बढ़ा दिया था। अब उन्होंने खुलकर इसकी वजह पर भी बात की है। उन्होंने कहा है कि उन्हें स्विट्जरलैंड की महिला नेता का बात करने का तरीका पसंद नहीं आया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि महिला नेता छोटा देश होने का हवाला देते हुए टैरिफ में राहत की मांग भी कर रही थीं।

    फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने स्विस फेडरल काउंसिल की सदस्य कैरिन कैलर सटर से हुई बातचीत का जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने स्विस नेता को बता दिया कि छोटा देश होने के बाद अमेरिका के साथ उसका 42 बिलियन डॉलर का ट्रेड डेफिसिट है।

    ट्रंप ने कहा, 'मैंने 30 फीसदी टैरिफ लगाया था, जो काफी कम था। इसके बाद मुझे कॉल आया, जो मुझे लगा कि स्विट्जरलैंड की प्रधानमंत्री का था। और वह बहुत आक्रामक, लेकिन अच्छे से बात कर रहीं थीं। वह बहुत आक्रामक थीं। उन्होंने मुझसे कहा कि सर हम छोटे से देश हैं। हम ऐसा नहीं कर पाएंगे। हम ऐसा नहीं कर सकते। वह फोन रखने को तैयार ही नहीं थीं।'

    ट्रंप ने कहा, 'नहीं, नहीं, हम एक छोटा देश हैं। बार-बार एक ही बात। वह फोन रखने के लिए तैयार ही नहीं थीं और टैरिफ 30 फीसदी था। और जिस तरह से उन्होंने मुझसे बात की मुझे अच्छा नहीं लगा। ऐसे में उन्हें रियायत देने के बजाए, मैंने उसे बढ़ाकर 39 प्रतिशत कर दिया था।' उन्होंने दावा किया कि स्विट्जरलैंड अपना सामान अमेरिका निर्यात कर रहा था, लेकिन कोई भी टैरिफ नहीं दे रहा था।
    पहले भी किया था दावा

    दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भी ट्रंप ने स्विट्जरलैंड की नेता से बात करने का दावा किया था। उन्होंने कहा था, 'मुझे लगता है प्रधानमंत्री थीं। मुझे नहीं पता राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री किसका फोन था। एक महिला थीं। वह एक ही बात बार-बार दोहरा रही थीं। वह कह रही थीं, नहीं नहीं आप ऐसा नहीं कर सकते। 30 फीसदी टैरिफ। हम बहुत छोटे देश हैं। लेकिन मैंने कहा कि आप भले ही छोटे हैं, लेकिन डेफिसिट बड़ा है।'

    खास बात है कि स्विट्जरलैंड में प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति नहीं होता। यहां सरकार की अगुवाई फेडरल काउंसिल की तरफ से की जाती है, जिसमें सात सदस्य होते हैं।
    भारत के साथ डील

    हाल ही में अमेरिका ने भारत के साथ ट्रेड डील की है, जिसके बाद टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत पर आ गया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर बीते सोमवार को घोषणा की थी कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं।

  • सांसें थाम देने वाला मुकाबला: डबल सुपर ओवर में साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान को हराया

    सांसें थाम देने वाला मुकाबला: डबल सुपर ओवर में साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान को हराया

    अहमदाबाद

    अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कांटे की टक्कर में दक्षिण अफ्रीका ने डबल सुपर ओवर में अफगानिस्तान को हरा दिया है। दोनों टीमों ने 20-20 ओवर के खेल के बाद 187-187 रन बनाए थे। मैच टाई रहने पर सुपर ओवर में पहुंचा था। इसके बाद अफगानिस्तान ने पहले सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए 17 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने भी 17 रन बना डाले। सुपर ओवर में स्कोर टाई रहने के बाद मैच दूसरे सुपर ओवर में पहुंचा।

    दूसरे सुपर ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 23 रन बनाए। जवाब में अफगानिस्तान की टीम ने शुरुआती दो गेंद में कोई रन नहीं बनाए थे, साथ ही नबी भी आउट हो गए थे। इसके बाद गुरबाज बल्लेबाजी के लिए आए और अगली तीन गेंद पर तीन छक्के लगाए। ऐसे में केशव महाराज की आखिरी गेंद पर अफगानिस्तान को छह रन चाहिए थे। फिर महाराज ने वाइड गेंद फेंकी। ऐसे में अफगानिस्तान को मैच टाई कराने के लिए चार रन और जीत के लिए पांच रन चाहिए थे। हालांकि, आखिरी गेंद पर गुरबाज कैच दे बैठे और आउट हो गए। ऐसे में अफगानिस्तान की टीम हार गई। यह हार अफगानिस्तान के लिए दिल तोड़ देने वाली है। गुरबाज मैच के बाद भावुक दिखे।

  • हरियाणा राजनीति में शोक: दो बार कैथल विधायक रहे पूर्व मंत्री का नोएडा में हार्ट अटैक से निधन

    हरियाणा राजनीति में शोक: दो बार कैथल विधायक रहे पूर्व मंत्री का नोएडा में हार्ट अटैक से निधन

    कैथल
    हरियाणा की राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए गहरा आघात देने वाली खबर सामने आई है। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह मदान का  देर रात निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। बताया गया है कि वे नोएडा में एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे, जहां रात करीब दो बजे अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके बेटे मानव मदान के अनुसार, उन्हें हार्ट अटैक आया था। परिवार की ओर से जारी शोक संदेश में कहा गया है कि “वे अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर प्रभु के चरणों में लीन हो गए।” उनका अंतिम संस्कार आज बुधवार, 11 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे प्रताप गेट स्थित कल्याण भूमि, कैथल में पूरे सम्मान के साथ संपन्न होगा।

    परिवार में शोक की लहर

    मदान अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। शोकाकुल परिवार में पत्नी अनिल मदान, पुत्र मानव मदान, पुत्रवधू रश्मि, दो पोते रेहान और जैतिक तथा बेटियां रितिका और रिया शामिल हैं। परिवार का निवास हाउस नंबर ए-250, सनसिटी, कैथल है। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही उनके आवास पर समर्थकों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का आना-जाना लगा हुआ है।

    दो बार विधायक, मंत्री भी रहे

    सुरेंद्र मदान ने 1987 में लोकदल के टिकट पर कैथल से पहली बार विधायक बनकर राजनीति में प्रवेश किया था। उस समय उन्हें सरकार में लोक संपर्क विभाग एवं उड्डयन मंत्री बनाया गया। बाद में कांग्रेस में शामिल होकर 1991 में दूसरी बार विधायक बने। पंजाबी समाज सहित शहर के व्यापारिक और सामाजिक वर्गों में उनकी मजबूत पकड़ थी।

    लंबा राजनीतिक सफर

    करीब चार दशक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा से शुरुआत की, फिर लोकदल, कांग्रेस, हरियाणा जनहित कांग्रेस, इनेलो और दोबारा कांग्रेस का दामन थामा। वे बेबाक, जमीनी और लोगों के बीच रहने वाले नेता के रूप में जाने जाते थे। राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे कैथल की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया है। मदान के निधन से क्षेत्र में शोक का माहौल है। समर्थक उन्हें एक सरल स्वभाव, मिलनसार और जनसेवा के लिए समर्पित नेता के रूप में याद कर रहे हैं।

  • मोगा में बाहरी मजदूरों पर हिंसा, सुनील जाखड़ ने इसे पंजाबियत के खिलाफ बताया

    मोगा में बाहरी मजदूरों पर हिंसा, सुनील जाखड़ ने इसे पंजाबियत के खिलाफ बताया

    चंडीगढ़
    पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मोगा में बाहरी राज्यों से आकर काम करने वाले मजदूरों को निशाना बनाए जाने की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को पंजाबियत और गुरुओं के दिखाए मार्ग के पूरी तरह खिलाफ बताया। जाखड़ ने कहा कि पंजाब की पहचान हमेशा भाईचारे, आपसी सम्मान और सबको साथ लेकर चलने की रही है, ऐसे में किसी भी वर्ग को डराने या निशाना बनाने की कोशिश बेहद चिंताजनक है।

    उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से राज्य में कारोबारियों को धमकियां और हमलों का सामना करना पड़ा है, जिससे नई इंडस्ट्री यहां निवेश करने से कतराने लगी है। अब मजदूर वर्ग को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो राज्य के सामाजिक ताने-बाने और आर्थिक ढांचे के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ ताकतें जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही हैं।

    पंजाब की इंडस्ट्री व खेती बाड़ी में अहम योगदान
    जाखड़ ने कहा कि बाहर से आकर मेहनत करने वाले मजदूर पंजाब की इंडस्ट्री और खेती में अहम भूमिका निभाते हैं। फैक्ट्रियों, निर्माण कार्यों और खेतों में उनका बड़ा योगदान है। इनके बिना राज्य की अर्थव्यवस्था की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। ऐसे लोगों को डराने या भगाने की कोशिश पंजाब के हित में नहीं है।

    उन्होंने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को तुरंत सक्रिय होकर ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    पंजाब की छवी पर बुरा असर

    उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्ती नहीं दिखाई गई तो इससे पंजाब की छवि, निवेश और रोजगार के अवसरों पर बुरा असर पड़ेगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब को नफरत की नहीं, बल्कि एकता और विकास की राजनीति की जरूरत है। उन्होंने अपील की कि सभी राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन मिलकर भाईचारे का संदेश दें और राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।

     

  • खतरनाक ईमेल में कहा- CM को ह्यूमन बम से उड़ाएंगे, 16 स्कूलों पर भी खतरा; मोहाली में सुरक्षा बढ़ाई

    खतरनाक ईमेल में कहा- CM को ह्यूमन बम से उड़ाएंगे, 16 स्कूलों पर भी खतरा; मोहाली में सुरक्षा बढ़ाई

    मोहाली 
    जिले के मोहाली शहर, जीरकपुर और बनूड़ (Banur) में 16 से अधिक प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली. इसके बाद प्रशासन में खलबली मच गई. धमकी मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए और एहतियात के तौर पर स्कूलों को खाली करा लिया गया.

    जानकारी के मुताबिक, धमकी का मैसेज ईमेल से भेजा गया था. इसके बाद पुलिस की टीमें, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे और स्कूल की तलाशी ली गई. बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उनके अभिभावकों को सूचित कर दिया गया. पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और धमकी भेजने वाले का पता लगाने के लिए जांच कर रही है.

    मोहाली के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमें कुछ स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिलने की जानकारी मिली थी. सुरक्षा के बीच तुरंत कार्रवाई की गई और सभी स्कूलों को खाली कराकर चेक किया गया. अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है. अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जो भी इसके पीछे है, उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा.

    बम धमकी का पता चलते ही मोहाली पुलिस हाई अलर्ट पर आ गई। तुरंत बम स्क्वॉड की टीमें लेकर पुलिस फोर्स स्कूलों में पहुंच गई। स्कूल के आसपास का पूरा इलाका सील कर दिया गया। जिसके बाद पूरे स्कूल को खाली करवाकर पुलिस की टीमें जांच के लिए अंदर भेजी गईं। डीएसपी सिटी हरसिमरन बल खुद लर्निंग पाथ स्कूल पहुंचे।

    जबकि डीएसपी सिटी वन पृथ्वी चहल पैरागॉन स्कूल पहुंचे। पुलिन सभी स्कूलों को सील कर दिया और अंदर जांच की जा रही है। किसी को भी गेट से आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। मोहाली के SSP हरमनदीप हंस ने कहा कि स्कूलों में जांच के लिए मोहाली के अलावा फतेहगढ़ साहिब, रोपड़ और चंडीगढ़ से भी बम निरोधक दस्ते बुलाए गए हैं।

    स बारे में मोहाली की जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) गिन्नी दुग्गल ने कहा कि अभी तक 10 स्कूलों को धमकी का पता चला है। इनमें पैरागॉन, लर्निंग पाथ, माइंड ड्री, जीडी गोयनका, विवेक स्कूल, इंडस भी शामिल हैं। इनमें छुट्‌टी करा दी गई। बाकी स्कूलों को भी अपनी ई-मेल चेक करने को कहा गया है। इसके साथ ही इस मामले संंबंधी जानकारी डीसी को भेजी गई है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और सिर्फ सरकारी जानकारी पर ही भरोसा करें.

    लंबे समय से मिल रहीं धमकियां
    गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से पूरे पंजाब में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां ईमेल के जरिये दी जा रही हैं. इससे पहले चंडीगढ़ के कई स्कूलों, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट, पंजाब सिविल सेक्रेटेरिएट और पंजाब के कई अन्य स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां भेजी गई थीं.

  • वित्तीय वर्ष में कर्ज का बूम: सरकार ने एक हफ्ते में दूसरी बार उठाए 5,000 करोड़

    वित्तीय वर्ष में कर्ज का बूम: सरकार ने एक हफ्ते में दूसरी बार उठाए 5,000 करोड़

    भोपाल 

    विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने और अनुपूरक बजट के पहले मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बजट सत्र के पहले बाजार से 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया है। पिछले एक सप्ताह में सरकार ने दूसरी बार कर्ज लिया है। इससे पहले 4 फरवरी को ही सरकार ने 5300 करोड़ का कर्ज लिया था। सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से तीन किस्तों में ये कर्ज ले रही है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा अब तक 67,300 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है। उल्लेखनीय है कि, बजट सत्र 16 फरवरी से शुरु हो रहा है और 18 एमपी का बजट पेश होगा।

    बता दें कि, एक हफ्ते में लिया गया ये दूसरा कर्ज है, जो सरकार ने तीन किस्तों में लिया है। इसका भुगतान सरकार को आज यानी बुधवार को होने वाला है। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में लिए गए कुल कर्ज की संख्या 36 हो गई है और कर्ज का आंकड़ा 67300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
    अलग-अलग किस्तों में लिया गया कर्ज

    जनवरी 2026 तक सरकार ने 30 कर्ज लिए थे, जो फरवरी के पहले 10 दिनों में लिए गए कुल 6 कर्ज मिलाकर 36 तक पहुंच गया है। 3 फरवरी को 3 नए कर्ज लिए जाने के बाद आंकड़ा 33 तक पहुंचा था और आज फिर तीन अलग-अलग किस्तों में कर्ज लिया गया है।

    इसलिए लिया गया कर्ज

    10 फरवरी को लिए गए दो-दो हजार करोड़ के दोनों ही कर्ज 21 साल और 16 साल की अवधि के हैं, जबकि 1000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 8 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान छमाही ब्याज के रूप में किया जाएगा। यहां गौरतलब है कि, मंगलवार को मोहन सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट का प्रजेंटेशन कैबिनेट के सामने किया है, जिसे 18 फरवरी को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। एग्रीकल्चर स्कीम, सिंचाई और पॉवर प्रोजेक्ट तथा कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के नाम पर यह कर्ज लिए गए हैं।

    2025-26 में महीने दर महीने ऐसे लिया कर्ज

    -चालू वित्त वर्ष में पहला और दूसरा कर्ज मई में ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए का लिया।
    -जून में 2 हजार और ढाई हजार के दो लोन लिए गए।
    -जुलाई माह में पहली बार 2500 और 2300 तथा दूसरी बार 2000 और 2300 करोड़ के चार कर्ज लिए गए।
    -अगस्त में 1600 करोड़, 1400 करोड़ और 1000 करोड़ रुपए के तीन कर्ज पहले राउंड में और 2500 तथा 2300 करोड़ के दो कर्ज दूसरे राउंड में लिए गए।
    -सितम्बर महीने में पहले राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ और एक हजार करोड़ के तीन लोन, दूसरे राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो लोन और तीसरे राउंड में 1500 करोड़ तथा 1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए। इस तरह सितम्बर में सात कर्ज लिए गए।

    -अक्टूबर में 2700 करोड़ और 2500 करोड़ के दो लोन लिए गए।
    -नवम्बर में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो और एक हजार करोड़ का एक कर्ज समेत तीन लोन लिए गए।
    -दिसम्बर में 1000-1000 करोड़ के तीन कर्ज लिए गए।
    -जनवरी 2026 में 1500-1500 करोड़ रुपए के दो और एक हजार करोड़ रुपए का एक कर्ज लिया गया।
    -तीन फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो और 1200 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।
    -10 फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो कर्ज और 1000 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।

  • गैंगस्टर सोमबीर मोटा अमेरिका से भारत पहुंचा, हरियाणा-दिल्ली में खौफ का माहौल रहा

    गैंगस्टर सोमबीर मोटा अमेरिका से भारत पहुंचा, हरियाणा-दिल्ली में खौफ का माहौल रहा

    गुरुग्राम
    हरियाणा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। कई जघन्य अपराधों में वांछित कुख्यात गैंगस्टर सोमबीर उर्फ मोटा को अमेरिका से डिपोर्ट कर मंगलवार देर रात भारत लाया गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर उतरते ही हरियाणा STF की टीम ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।
    20 से अधिक आपराधिक मामलों में था वांछित

    रोहतक के कारौर गांव का रहने वाला सोमबीर मोटा हरियाणा और दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और लूट जैसे लगभग 20 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कुख्यात गैंगस्टर अनिल छिप्पी का भाई है और बताया जाता है कि इनके तार लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी गैंग से भी जुड़े रहे हैं।

    फर्जी पासपोर्ट का सहारा लेकर हुआ था फरार

    जांच एजेंसियों के मुताबिक, सोमबीर मोटा साल 2024 में कानून की आंखों में धूल झोंककर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाकर अमेरिका फरार हो गया था। वह विदेश में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा था। हरियाणा एसटीएफ ने उसके फर्जी पासपोर्ट की पहचान की और इंटरपोल की मदद से उसके खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी करवाया, जिसके बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने उसे दबोच लिया।

    CBI और इंटरपोल का रहा मुख्य सहयोग

    सोमबीर को भारत लाने में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और इंटरपोल ने अहम भूमिका निभाई है। भारत सरकार और गृह मंत्रालय के निरंतर प्रयासों के चलते उसे कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद डिपोर्ट किया गया। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि सोमबीर से पूछताछ के बाद प्रदेश में चल रहे अन्य गैंगस्टरों के नेटवर्क और रंगदारी के मामलों में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

    इन बड़े अपराधियों को लाया गया भारत

    हरियाणा के व्यापारियों और आम लोगों के लिए दहशत का नाम बन चुके कई बड़े गैंगस्टर साल 2025 में सलाखों के पीछे पहुँचाए गए। यह मुमकिन हुआ अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों और STF हरियाणा के बीच बेहतरीन तालमेल से।

    1. गैंगस्टर जोगिंदर ग्योंग की वापसी (फिलीपींस)

    फरवरी की शुरुआत में STF को पहली बड़ी कामयाबी मिली। जोगिंदर ग्योंग, जिसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के 38 संगीन मामले दर्ज थे, उसे 02 फरवरी 2025 को फिलीपींस से डिपोर्ट कर भारत लाया गया।
    2.आर्मेनिया से दबोचा गया नरेश नरसी

    मार्च के महीने में कानून के हाथ आर्मेनिया तक पहुँचे। 04 मार्च 2025 को गैंगस्टर नरेश नरसी का डिप्रेशन और भागने का दौर खत्म हुआ, जब उसे वहां से भारत डिपोर्ट कर दिया गया।
    3. कजाकिस्तान में कुणाल जून का अंत

    27 अप्रैल 2025 को कुणाल जून की बारी थी। हत्या और जबरन वसूली जैसे 19 केसों का सामना कर रहे इस अपराधी को कजाकिस्तान से वापस लाया गया।
    4. पैरोल से फरार मैनपाल बादली (कंबोडिया)

    एक शातिर अपराधी जो पैरोल पर आने के बाद कंबोडिया भाग गया था, उसे भी STF ने नहीं बख्शा। मैनपाल बादली, जिस पर हत्या के 30 मामले थे, उसे 02 सितंबर 2025 को डिपोर्ट किया गया।
    5. अमेरिका से लखविंदर लाखा की रवानगी

    साल के अंत में 25 अक्टूबर 2025 को लखविंदर लाखा को USA से भारत वापस लाया गया। यह संदेश साफ था कि दुनिया का कोई भी कोना अब अपराधियों के लिए सुरक्षित नहीं है।

  • चोरी रोकने में तकनीक की मदद: ऐप से ट्रैक होंगी गाड़ियां, हैवी हार्न और साइलेंसर पर सख्त कार्रवाई

    चोरी रोकने में तकनीक की मदद: ऐप से ट्रैक होंगी गाड़ियां, हैवी हार्न और साइलेंसर पर सख्त कार्रवाई

    रायपुर /रायगढ़ 
    जिले में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले मॉडिफाई साइलेंसर एवं हैवी हार्न के विरुद्ध वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन पर सीएसपी मयंक मिश्रा एवं ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह द्वारा सटीक कार्ययोजना तैयार कर अभियान को प्रभावी रूप से लागू किया गया है।

    अभियान को सफल बनाने  शाम सीएसपी मयंक मिश्रा ने स्थानीय गैरेज संचालकों की पुलिस कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस के “सशक्त ऐप” के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि गैरेज में प्रतिदिन आने वाले वाहनों में चोरी के वाहन भी हो सकते हैं, जिनकी पहचान इस ऐप के माध्यम से की जा सकती है। सभी गैरेज संचालकों के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कराया गया तथा उसके उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई। उन्होंने कहा कि चोरी वाहन की सूचना देने वाले पुलिस मित्रों को रायगढ़ पुलिस द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

    सीएसपी ने बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनज़र मॉडिफाई साइलेंसर से विद्यार्थियों और बुजुर्गों को होने वाली परेशानी पर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी गैरेज में मॉडिफाई साइलेंसर न लगाए जाएं। यदि कोई वाहन चालक यह बताए कि साइलेंसर संबंधित गैरेज में लगाया गया है, तो संबंधित पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चार पहिया वाहनों में निर्धारित मानक के अनुरूप नंबर प्लेट लगाने की हिदायत दी गई अन्यथा ऐसे वाहन चालक पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जानकारी दी गई।

    पुलिस टीम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रही मॉडिफाई साइलेंसर की खरीद-फरोख्त पर भी निगरानी रखे हुए है। आम नागरिकों एवं गैरेज संचालकों से अपील की गई है कि ऐसे वाहनों की सूचना *पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 9479193299 पर दें* तथा संभव हो तो फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से साझा करें। सूचना देने वाले का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा।

    मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न के खिलाफ अभियान तेज

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न वाले वाहनों पर अभियान चलाया जा रहा है। गैरेज संचालकों को कहा गया कि ऐसे उपकरण न लगाएं।

    यदि कोई वाहन चालक पकड़े जाने के बाद यह बताता है कि साइलेंसर संबंधित गैरेज में लगाया गया है, तो संबंधित पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चार पहिया वाहनों में निर्धारित मानक के अनुरूप नंबर प्लेट लगाने की हिदायत दी गई।

    पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई

    एसएसपी ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न लगे वाहन चालक स्वयं तत्काल ऐसे उपकरण हटवा लें। पुलिस चेकिंग में पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रायगढ़ में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक शांति से समझौता नहीं किया जाएगा।

    मॉडिफाई साइलेंसर पर कार्यवाही
    अभियान के पहले ही दिन सघन चेकिंग दौरान यातायात पुलिस ने तीन दुपहिया वाहनों को मॉडिफाई साइलेंसर के साथ पकड़ा। वाहन चालकों के परिजनों को बुलाकर समझाइश दी गई तथा चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने दोहराया है कि अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोबारा उल्लंघन करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • राजस्थान का बजट 2026-27: युवाओं के लिए लोन, सौर ऊर्जा विकास और जल सुविधा योजनाओं पर जोर

    राजस्थान का बजट 2026-27: युवाओं के लिए लोन, सौर ऊर्जा विकास और जल सुविधा योजनाओं पर जोर

    जयपुर 

    राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राज्य के 2026-27 के बजट में गांव और शहर की आबादी को नल का पानी देने के लिए 6,800 करोड़ रुपये और बीकानेर और जैसलमेर में सोलर पार्क बनाने के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है।

    साल 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री दीया कुमारी ने मौजूदा सरकार की ओर से किए गए स्ट्रक्चरल सुधारों और समझदारी भरे फाइनेंशियल मैनेजमेंट के असर पर रोशनी डाली और कहा कि राज्य का इकोनॉमिक साइज़ काफी बढ़ा है।

    उन्होंने कहा कि CM जल जीवन मिशन के तहत गांवों को कवर किया जाएगा और हर घर को नल के पानी से जोड़ा जाएगा। इस पर 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शहरों में 2,300 करोड़ रुपये की लागत से पीने का पानी दिया जाएगा।

    10 लाख तक बिना ब्याज का लोन मिलेगा
    बीकानेर और जैसलमेर में 2,950 करोड़ रुपये से नए सोलर पार्क बनाए जाएंगे। CM सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट स्कीम के तहत, 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज वाला लोन और ग्रांट दिया जाएगा। इससे 30,000 युवाओं को फायदा होगा। इसके अलावा, नॉन-पैचेबल सड़कों पर 1,400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्थान की इकॉनमी 2026-27 में 21,52,100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, और राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी 2025-26 के आखिर तक 1.67 लाख रुपये से बढ़कर 2.02 लाख रुपये हो जाएगी। दीया कुमारी ने कहा कि यह ग्रोथ फिस्कल डिसिप्लिन और पॉलिसी रिफॉर्म के जरिए इकॉनमी को मजबूत करने पर सरकार के फोकस को दिखाती है।

    'पीएम मोदी के सिद्धांतों पर चल रहे हैं'
    दीया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर, राज्य सरकार "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के मुख्य सिद्धांतों को अपनाते हुए, राज्य को आर्थिक समृद्धि, टिकाऊ और समावेशी विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है।

    अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा, "2047 तक एक विकसित राजस्थान के सपने को पूरा करने के लिए, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ने सेवा, समर्पण और अच्छे शासन को प्राथमिकता दी है, और इस विकास यात्रा में गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखा है।"