Author: NewseDay

  • छात्रों के बैग से 14 पुस्तकें बरामद, जशपुर के सरकारी स्कूल में शिक्षक ने बांटे बाइबिल

    छात्रों के बैग से 14 पुस्तकें बरामद, जशपुर के सरकारी स्कूल में शिक्षक ने बांटे बाइबिल

    जशपुर.

    छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई में नियमों की अनदेखी कर छात्रों को बाइबिल बांटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय के एक व्याख्याता ने कक्षा में बाइबिल की प्रतियां वितरित की, जिसके बाद विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया।

    जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी को व्याख्याता दीपक तिग्गा विलंब से विद्यालय पहुंचे और बिना प्राचार्य को सूचित किए सीधे कक्षा में चले गए, जहां विद्यार्थियों के बीच उन्होंने बाइबिल की पुस्तिकाएं वितरित की। मामला सामने आने के बाद छात्रों के बैग की जांच की गई, जिसमें बाइबिल की 14 प्रतियां बरामद होने की बात कही जा रही है। प्राचार्य ने इसे गंभीर प्रशासनिक उल्लंघन मानते हुए संबंधित व्याख्याता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

    व्याख्याता के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग
    पूरे घटनाक्रम की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई है। साथ ही आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। फिलहाल प्रकरण की जांच की जा रही है। वहीं व्याख्याता के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

  • ED की जांच में बढ़ा इंटरेस्ट, अमरिंदर सिंह के बेटे रनिंदर को भी समन

    ED की जांच में बढ़ा इंटरेस्ट, अमरिंदर सिंह के बेटे रनिंदर को भी समन

    चंडीगढ़ 

    प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रनिंदर सिंह को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला कथित तौर पर विदेशी संपत्तियों के मालिकाना हक और अवैध लेनदेन से जुड़ा है। पिता-पुत्र पर आरोप है कि वे स्विट्जरलैंड के बैंक खाते सहित कुछ विदेशी संपत्तियों के लाभार्थी हैं। आपको बता दें कि यह जांच 2016 में आयकर विभाग द्वारा की गई खोजों से शुरू हुई थी, जिसमें विदेशी संस्थाओं के माध्यम से संचालित संपत्तियों का पता चला था।

    सूत्रों के मुताबिक, ED ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को गुरुवार (12 फरवरी 2026) को जालंधर कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा था, जबकि उनके बेटे रनिंदर सिंह को अगले दिन शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सूत्रों ने बताया कि अमरिंदर सिंह 12 फरवरी को पेश नहीं हो पाएंगे क्योंकि उन्हें हाल ही में मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ईडी अमरिंदर सिंह को पेश होने और अपना बयान दर्ज कराने के लिए एक नयी तारीख दे सकता है।

    यह कदम पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सितंबर 2025 के आदेश से संबंधित है। उच्च न्यायालय ने तब अमरिंदर सिंह और उनके बेटे द्वारा दायर उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिनमें उन्होंने आयकर विभाग द्वारा उनके खिलाफ दाखिल आरोप पत्र की जांच करने से ईडी को रोकने का अनुरोध किया था। दोनों पर आरोप है कि वे स्विस बैंक खाते सहित कुछ विदेशी संपत्तियों के लाभार्थी हैं।

    यह मामला 2011 में फ्रांस सरकार से भारत को प्राप्त विश्वसनीय सूचनाओं से संबंधित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमरिंदर सिंह का परिवार विदेशी व्यापारिक संस्थाओं के माध्यम से रखरखाव और नियंत्रण की जाने वाली विदेशी संपत्तियों का लाभार्थी है।

  • दो की मौत और एक गंभीर, तेज रफ्तार पिकअप ने 3 लाेगाें को रौंदा

    दो की मौत और एक गंभीर, तेज रफ्तार पिकअप ने 3 लाेगाें को रौंदा

    जशपुर.

    सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर गम्हरिया में गुरुवार सुबह लगभग 6 बजे एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। मॉर्निंग वॉक पर निकले स्थानीय नागरिकों को एक तेज रफ्तार पिकअप ने निर्ममता से कुचल दिया। इस भीषण हादसे में दो लाेगों की घटना स्थल पर ही माैत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया है।

    मृतकों की शिनाख्त गम्हरिया निवासी लकड़ा मिस्त्री एवं हिरा मिस्त्री के रूप में की गई है। दोनों पेशे से वाहन मिस्त्री बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप वाहन की रफ्तार बहुत तेज थी। चालक ने नियंत्रण खोते हुए पैदल चल रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन सहित घटना स्थल से फरार हो गया, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।

    हादसे की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस दल मौके पर पहुंचा और पंचनामा कार्रवाई उपरांत शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने अज्ञात पिकअप चालक के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध कर लिया है। आरोपी की धरपकड़ के लिए विशेष टीम गठित की गई है। साथ ही घटना की तह तक पहुंचने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • पुतिन की धमकी, अमेरिका को करारा जवाब—चीन वाले इरादे भी सामने

    पुतिन की धमकी, अमेरिका को करारा जवाब—चीन वाले इरादे भी सामने

    मॉस्को 

    मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने आरोप लगाया है कि रूस ने देश में उसकी सेवाओं को पूरी तरह ब्लॉक करने की कोशिश की है, ताकि यूजर्स को स्‍टेट सपोर्टेड डोमेस्टिक ऐप की ओर मोड़ा जा सके. Meta Platforms के स्वामित्व वाले इस ऐप के प्रवक्ता ने बताया कि रूस का यह कदम इंटरनेट स्पेस पर नियंत्रण बढ़ाने और विदेशी टेक कंपनियों की भूमिका सीमित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. तो क्‍या रूस भी चीन की राह पर चलने की तैयारी कर रहा है. दिलचस्‍प है कि चीन ने मैसेजिंग एप से लेकर सोशल साइट्स तक खुद की डेवलप की है. बीजिंग का उद्देश्‍य है कि इसके जरिये देश में पश्चिमी देशों के प्रभाव को रोका जा सकेगा और अमेरिका-यूरोप के टेक्‍नोलॉजी मोनोपोली पर लगाम लगाया जाएगा. अब रूस के कदम ने एक तरफ जहां मेटा चीफ मार्क जुकरबर्ग को उनकी औकात दिखा दी तो दूसरी तरफ अमेरिकी दादागिरी को भी ठोस चुनौती दी है.

    यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद मॉस्को और वेस्‍टर्न टेक्‍नोलॉजिकल कंपनियों के बीच तनाव लगातार बढ़ा है. रूसी अधिकारी घरेलू स्तर पर विकसित ऐप ‘MAX’ को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसे सरकार समर्थित बताया जा रहा है. हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इस ऐप का इस्तेमाल यूजर्स की निगरानी और डेटा ट्रैकिंग के लिए किया जा सकता है, लेकिन सरकारी मीडिया ने इन आरोपों को निराधार करार दिया है. WhatsApp ने कहा कि रूस द्वारा उठाए गए कदम यूजर्स को एक सरकारी-स्वामित्व वाले सर्विलांस ऐप की ओर धकेलने की कोशिश है. कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘हम उपयोगकर्ताओं को जुड़े रखने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेंगे.’ हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस में सेवा बहाली को लेकर आगे की रणनीति क्या होगी.

    WhatsApp पर सख्‍ती
    इस बीच, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सरकारी समाचार एजेंसी TASS को दिए वीडियो बयान में कहा कि WhatsApp की वापसी रूसी कानूनों के पालन पर निर्भर करेगी. उन्होंने कहा, ‘अगर Meta कॉरपोरेशन कानून का पालन करती है और रूसी अधिकारियों के साथ संवाद करती है, तो समझौते की संभावना बन सकती है. लेकिन यदि कंपनी अडिग रुख अपनाती है और कानून के अनुरूप ढलने के लिए तैयार नहीं होती, तो कोई संभावना नहीं है.’ फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के संचार नियामक रोसकोमनादज़ोर ने WhatsApp को अपने ऑनलाइन डायरेक्टरी से हटा दिया है. बताया जाता है कि रूस में इस ऐप के करीब 10 करोड़ यूजर्स हैं, जो इसे देश के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक बनाता है. इस कदम को रूस की डिजिटल नीति में एक और सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है.

    Apple पर भी गाज
    रूस ने पिछले साल WhatsApp और टेलीग्राम जैसी विदेशी मैसेजिंग सेवाओं पर कुछ कॉल सुविधाओं को सीमित करना शुरू कर दिया था. अधिकारियों का आरोप है कि ये प्लेटफॉर्म धोखाधड़ी और आतंकवाद से जुड़े मामलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जानकारी साझा करने से इनकार करते हैं. इसके अलावा दिसंबर में Apple के वीडियो-कॉलिंग ऐप FaceTime को भी ब्लॉक कर दिया गया था. टेलीग्राम के रूसी मूल के संस्थापक पावेल ड्यूरोव पहले ही कह चुके हैं कि उनकी कंपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और यूजर्स की गोपनीयता की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध रहेगी. वहीं, मानवाधिकार संगठनों और डिजिटल राइट ग्रुप्‍स का कहना है कि रूस द्वारा घरेलू प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा देना और विदेशी सेवाओं को सीमित करना इंटरनेट स्वतंत्रता पर गंभीर असर डाल सकता है.

    डिजिटल संप्रभुता
    विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल तकनीकी कंपनियों और सरकारों के बीच नियामक संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल संप्रभुता, डेटा नियंत्रण और नागरिकों की ऑनलाइन स्वतंत्रता जैसे व्यापक मुद्दों से भी जुड़ा हुआ है. WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म के संभावित पूर्ण प्रतिबंध से रूस में लाखों यूजर्स की रोजमर्रा की संचार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. संकेत साफ है कि रूस और वेस्‍टर्न टेक कंपनियों के बीच टकराव आने वाले समय में और गहरा सकता है, जिसका असर वैश्विक डिजिटल इकोसिस्टम पर भी पड़ सकता है.

  • 400 जवानों के साथ बड़ा अभियान, भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरा से अपराधियों को निकाला

    400 जवानों के साथ बड़ा अभियान, भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरा से अपराधियों को निकाला

    भोपाल 
     कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरे पर बड़ा प्रहार किया है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात पुलिस की बड़ी टीम ने ईरानी डेरे पर प्रहार किया है। इस दौरान सैकड़ों पेंडिंग वारंट तामील करवाए गए हैं। साथ ही दर्जनों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भोपाल पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है। ईरानी डेरा अमन कॉलोनी के पास है।

    अलग-अलग राज्यों के अपराधी छुपे यहां
    भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार यहां अलग-अलग जिलों और राज्यों के अपराधी छिपे हुए थे। ये उन जगहों के वांटेड क्रिमिनल थे। पुलिस ने इस ऑपरेशन के लिए डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में एक टीम बनाई थी। इसके बाद बेहद गोपनीय तरीके से पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है।

    400 जवान हुए शामिल
    वहीं, स्पेशल टीम में 9 असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर, 16 इंस्पेक्टर और 400 पुलिस बल के जवान थे। निशातपुरा थाना क्षेत्र के अमन कॉलोनी की घेराबंदी की गई। इसे ही ईरानी डेरा भी कहा जाता है। घेराबंदी के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग और महिलाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस टीम ने सख्ती बरती और उन्हें रोक दिया गया। साथ ही कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

    यूपी का मोस्टवांटेड शहादत भी गिरफ्तार
    इस कार्रवाई के दौरान भोपाल पुलिस ने 31 आदमी और 8 औरतों को गिरफ्तार किया है। इसमें शहादत भी शामिल है जो यूपी पुलिस का वांटेड क्रिमिनिल है। साथ ही उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए से ज्यादा का इनाम है। गिरफ्तार आरोपियों कई लोग भोपाल ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी वॉन्टेड थे।

    इनके पास से पुलिस ने चोरी के 17 टू-व्हीलर, 644 ग्राम सोना, 240 ग्राम चांदी, 39 मोबाइल फोन, 1.34 लाख रुपए कैश और 1.7 केजी गांजा बरामद किया है।

    गौरतलब है कि भोपाल पुलिस ने वारंटियों को गिरफ्तार करने के लिए पूरे शहर में अभियान चलाया था। पुलिस ने 238 परमानेंट वारंट, 125 अरेस्ट वारंट और 121 बेलेबल वारंट तामील करवाए हैं। इसके अलावे 21 दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें फरार, गाड़ी चोर और जिले के बाहर के क्रिमिनल शामिल हैं। साथ ही गंभीर क्राइम के पेंडिंग केस में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

  • रांची आतंकी कनेक्शन: सनातनी से उमर बहादुर तक NIA ने किया शिकार

    रांची आतंकी कनेक्शन: सनातनी से उमर बहादुर तक NIA ने किया शिकार

    रांची 

    भारत में कट्टरपंथ के जरिए आईएसआईएस आतंकी संगठन की विचाराधार फैलाने से जुड़े केस में एनआईए को महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। रांची एनआईए ने आईएसआईएस मॉडयूल से जुड़े केस की जांच में पाया है कि मध्यप्रदेश का रतलाम निवासी राहुल सेन उर्फ उमर बहादुर ने धर्म परिवर्तन के बाद सनातन समेत कई नामों से भी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाई थी। इसका एडमिन वह खुद था। इस प्रोफाइल्स पर आईएसआईएस का प्रोपगेंडा वीडियो डालकर भ्रम फैलाता था।

    ISIS के वीडियो से युवाओं को बनाना था कट्टरपंथी
    एनआईए को मिले तथ्यों के अनुसार, राहुल उर्फ उमर आईएसआईएस के वीडियो को एडिट कर अपलोड करता था। उसका उद्देश्य इन वीडियो के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर भारत के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था। एनआईए को राहुल के मोबाइल फोन से कई चैट मिले हैं। जिसमें वह युवाओं को आईएसआईएस से जुड़ने की सलाह दे रहा है। एनआईए ने पाया है कि राहुल ने महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, यूपी, पंजाब और बिहार में नेटवर्क बनाए थे। 14 सितंबर 2023 से उमर राहुल उर्फ उमर जेल में है।

    सिरिया के अबू उमर से जुड़ा था उमर उर्फ राहुल
    एनआईए ने जांच में पाया है कि राहुल सेन उर्फ उमर सिरिया के आईएस आतंकी अबू उमर से जुड़ा हुआ था। दोनों इंस्टाग्राम में एक-दूसरे से मुसाफिर नाम की आईडी से जुड़े थे। पूछताछ में उमर ने खुलासा किया है कि उसकी इच्छा सिरिया जाकर आईएस से जुड़ने की थी। इससे पूर्व राहुल सेन के सहयोगी फैजान अंसारी के पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में होने की पुष्टि एनआईए की जांच में हुई थी। राहुल ने सनातनी, मुसाफिर, राहुल ओ, राहुल सेन नाम से इंस्टाग्राम, जबकि उमर बहादुर, खालिद, दाईसी, ओसाम बिन लादेन, बकिया, दवाला जैसे नामों से टेलीग्राम चैनल बनाए थे। सनातनी आरएस नाम के एक चैनल पर उसने हथियार व मैगजीन बेल्ट के साथ तस्वीर भी लगाई थी।

    जन्नत, जिहाद और पैसा- कट्टरपंथियों की कहानी
    राहुल सेन उर्फ उमर लोहरदगा निवासी फैजान अंसारी से जुड़े नेटवर्क में अहम कड़ी था। जिन युवाओं को कट्टरपंथी संगठन से जोड़ने की कोशिश हुई थी, उसमें से 38 की गवाही एनआईए ने ली है। एनआईए ने जांच में पाया है कि आईएसआईएस संगठन सीधी लड़ाई के बजाय प्रोपगेंडा के प्रसार में जुटा है। इसके लिए ऑडियो, वीडियो, पीडीएफ माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। तल्हा जरनैल नाम के डिजिटल मार्केटिंग कर्मी ने एनआईए को बताया है कि फैजान अंसारी ने उसे आईआईएस से जुड़ने को कहा था, इसके लिए उसे जन्नत मिलने की बात कही थी। फैजान ने तल्हा को राहुल सेन के द्वारा धर्मांतरण करने और जेहाद में शामिल होने का उदाहरण भी दिया था। बम बनाकर पैसे कमाने की बात भी फैजान ने कही थी।

  • कानून व्यवस्था पर कड़ा वार: ऑपरेशन प्रहार 2.0 में 1,600+ गिरफ्तारियां

    कानून व्यवस्था पर कड़ा वार: ऑपरेशन प्रहार 2.0 में 1,600+ गिरफ्तारियां

    चंडीगढ़ 
     पंजाब में अपराध और नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत राज्यभर में एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत अब तक 1,600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, यह अभियान पूरी तरह इंटेलिजेंस इनपुट पर आधारित है और इसे सभी जिलों में एक साथ, वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में अंजाम दिया जा रहा है। करीब 12 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को मैदान में उतारा गया है, जिन्होंने अलग-अलग इलाकों में एक साथ दबिश दी। जानकारी के अनुसार, अब तक 2,706 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की गई है, जिनका संबंध वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों या ड्रग नेटवर्क से बताया जा रहा है।

    पुलिस का कहना है कि इस अभियान का मकसद सिर्फ गिरफ्तारी करना नहीं, बल्कि अपराध की जड़ों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को तोड़ना है। खासतौर पर गैंगस्टर गतिविधियों और नशे के कारोबार पर सख्त नजर रखी जा रही है। ‘गैंगस्टरों पर वार’ थीम के तहत चल रहे इस अभियान को लेकर पुलिस का दावा है कि इससे अपराधियों में हड़कंप मचा है और कई सक्रिय गिरोहों की गतिविधियां ठप हुई हैं।

    अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जा रही है और आम, शांतिप्रिय नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

    पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील भी की है। अगर किसी को गैंगस्टर या आपराधिक गतिविधि से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है, तो वह एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 पर गुमनाम तरीके से सूचना दे सकता है।

    पंजाब पुलिस का कहना है कि राज्य को ड्रग-फ्री और क्राइम-फ्री बनाना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए इस तरह के सख्त और सुनियोजित अभियान आगे भी जारी रहेंगे। फिलहाल ऑपरेशन प्रहार 2.0 जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

  • सुरक्षा परिषद में खुलासा: लाल किले धमाके के पीछे जैश और पाकिस्तान का हाथ

    सुरक्षा परिषद में खुलासा: लाल किले धमाके के पीछे जैश और पाकिस्तान का हाथ

    नई दिल्ली

    अंतरराष्ट्रीय मंच संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है. यूएन की सुरक्षा परिषद की नवीनतम रिपोर्ट में बीते साल 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए आतंकवादी विस्फोट के तार सीधे तौर पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं. रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति की रिपोर्ट में जैश को कई हालिया आतंकी हमलों से लिंक किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार जैश प्रमुख मसूद अजहर ने आठ अक्टूबर को महिलाओं की विशेष शाखा ‘जमात-उल-मोमिनात’ बनाने की घोषणा की थी. इस शाखा का मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों में सहयोग और समर्थन प्रदान करना बताया गया है.

    रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने पुष्टि की कि जैश ने कई हमलों की जिम्मेदारी खुद ली है, जिसमें लाल किले के पास का विस्फोट भी शामिल है. दूसरी ओर, एक अन्य सदस्य देश ने जैश को निष्क्रिय बताया, जिसे विशेषज्ञ पाकिस्तान की ओर से दिए गए संकेत के रूप में देख रहे हैं. यह विरोधाभासी बयान सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के दोहरे रवैये को उजागर करता है. रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि 28 जुलाई 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में शामिल तीन संदिग्ध आतंकी मारे गए थे.

    पहलगाम हमले की जिम्मेदारी

    हालांकि अप्रैल में पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ ने ली थी, लेकिन जैश के लिंक को अलग से हाइलाइट किया गया है. पहलगाम हमले के बाद भारत ने निर्णायक कार्रवाई की थी. मई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप चार दिनों तक सीमा पर तीव्र संघर्ष हुआ. इन कार्रवाइयों से जैस और लश्कर के कई ठिकाने नष्ट हुए और कई हाईप्रोफाइल आतंकी मारे गए. भारत ने इन हमलों को आत्मरक्षा में जरूरी बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की मांग की.

    रिपोर्ट में जैश और लश्कर को 1990 के दशक से अल-कायदा से संबंधों के कारण संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति के तहत प्रतिबंधित रखा गया है. दोनों संगठनों पर हथियार प्रतिबंध, यात्रा प्रतिबंध और वित्तीय प्रतिबंध लागू हैं. मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया जा चुका है.

    विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा परिषद की यह रिपोर्ट पाकिस्तान के अच्छे आतंकवादी-बुरे आतंकवादी वाली नीति को एक बार फिर उजागर करती है. जैस की महिलाओं की नई शाखा बनाने की घोषणा से साफ है कि संगठन अपनी गतिविधियां बढ़ाने और नई भर्ती के लिए प्रयासरत है. लाल किले के पास का हमला दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला था, जिसने राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया.

  • ट्रोल्स को प्रियंका चोपड़ा का जवाब: शादी पर अफवाहों पर खुलकर बोलीं

    ट्रोल्स को प्रियंका चोपड़ा का जवाब: शादी पर अफवाहों पर खुलकर बोलीं

    मुंबई 
    ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी इंडियन सिनेमा में कमबैक फिल्म 'वाराणसी' को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं. उनके इंडियन फैन्स उन्हें फिर से बड़े पर्दे पर इंडियन अवतार में देखने के लिए उत्सुक हैं. हाल ही में प्रियंका ने एक इंटरव्यू में अपनी अपकमिंग फिल्म से लेकर पर्सनल लाइफ से जुड़ी कुछ बातें साझा की हैं.

    निक से शादी के वक्त उठे सवाल?

    प्रियंका चोपड़ा ने वैराइटी इंडिया से अपनी चर्चित शादी को लेकर बात की है. उन्होंने बताया कि कैसे हॉलीवुड के फेमस सिंगर-एक्टर निक जोनस संग शादी को लेकर कई लोगों को आपत्ति थी. एक्ट्रेस ने साथ ही साथ अपनी शादी टूटने की बातों पर भी रिएक्ट किया. प्रियंका ने कहा, 'हमारी शादी को अब 8 साल हो गए हैं. अगर लोग अभी भी इंतजार कर रहे हैं कि ये रिश्ता कब टूटेगा या बर्बाद होगा, तो वो उनकी मर्जी.'

    'मैंने तो अब इसके बारे में सोचना ही छोड़ दिया है. पता नहीं हमने ऐसा क्या किया जो लोगों को हमारा रिश्ता इतना खटकता था. शायद इसलिए क्योंकि हम अलग-अलग देशों से हैं, अलग-अलग धर्म के हैं, और उम्र में भी फर्क है. ये सब सुनकर बहुत दुख होता था.' प्रियंका बताती हैं कि उन्हें अब अपने रिश्ते को लेकर होने वाली चर्चाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता. वो और निक अब एक-दूसरे में खोए रहते हैं, बाहरी दुनिया से खुद को अलग कर चुके हैं. 

    पति निक की तारीफ में क्या बोलीं प्रियंका?

    प्रियंका ने आगे अपने पति निक जोनस के बारे में भी बात की और उनकी तारीफ में भी कुछ बातें कहीं. उन्होंने कहा, 'हमारी शादी बहुत जल्दी हो गई थी, मिलने के सिर्फ छह महीने में. जब मैंने निक से शादी की, तो मुझे भी लग रहा था कि ये सच में हो रहा है या नहीं. उनका ये वाला हिस्सा… मतलब मुझे लगा कि ये सब नकली है, ये दिखावा है, ये पागलपन है. लेकिन निक में सच्चाई है, पूरी ईमानदारी है. ये बात मुझे हर रोज इंस्पायर करती है.'

    'मेरे प्रोफेशन में तो हर बार कुछ ना कुछ बनना पड़ता है, रोल बदलना पड़ता है, जो दिखाना हो वो दिखाना पड़ता है. लेकिन निक दिन भर जो भी बात करते हैं, जिससे भी बात करते हैं, वो हमेशा बिल्कुल सच्चे रहते हैं. वो बहुत छोटी उम्र से काम करने लगे थे. उनके मम्मी-पापा बहुत अच्छे, समझदार और सच्चे इंसान हैं, संत जैसे. तो मुझे पता चल गया कि ये गुण कहां से आए. ये उनकी ऐसी खूबी है जो सबको हैरान कर देती है, कोई बचाव नहीं कर पाता.' 

    प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस की शादी साल 2018 में हुई थी. दोनों के बीच लगभग 10 साल का अंतर है, जिसपर कई लोगों ने सवाल खड़े किए थे. मगर कपल ने हमेशा उन सभी सवालों का अपनी दमदार केमिस्ट्री से मुंह तोड़ जवाब दिया. अब दोनों एक बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस के पेरेंट्स भी हैं, जिनका जन्म साल 2022 में हुआ था.

  • लेबर कानून विरोध प्रदर्शन: जबलपुर-इटारसी में मिली-जुली प्रतिक्रिया, सरकारी ऑफिस में हल्की हड़ताल

    लेबर कानून विरोध प्रदर्शन: जबलपुर-इटारसी में मिली-जुली प्रतिक्रिया, सरकारी ऑफिस में हल्की हड़ताल

    भोपाल 

    केंद्र सरकार की ' नो वर्क नो पे' (No Work No Pay) सहित अन्य जनविरोधी और कॉर्पोरेट परस्त आर्थिक नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी गुरुवार को देशव्यापी आम हड़ताल का बिगुल फूंका गया है। ग्वालियर में भी इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को छोड़कर सभी राष्ट्रीयकृत बैंक इस हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं।

    नए लेबर लॉ समेत कई मुद्दों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठन आज हड़ताल कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में इसका मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।जबलपुर और इटारसी में डिफेंस फैक्टरियों के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन ​​किया। इटारसी में एक घंटा विरोध करने के बाद कर्मचारी काम पर लौट गए। हालांकि, इन जगह स्कूल, कॉलेज और बाजार खुले हुए हैं।

    हड़ताल में ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चा- आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा, बैंक, बीमा, केंद्रीय कर्मचारी, बीएसएनएल के संगठन शामिल हैं।मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया, हड़ताल में सरकारी के साथ प्राइवेट बैंक भी शामिल होंगे। भारतीय स्टेट बैंक यूनियन ने हड़ताल का समर्थन किया है, लेकिन वह सीधे तौर पर हड़ताल में शामिल नहीं रहेगा।

    हड़ताल का असर बीमा सेक्टर पर भी पड़ेगा। भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहेंगे। वहीं, बीएसएनएल-डाक विभाग में भी हड़ताल का असर दिखाई देगा।

    बीओआइएसयूइयू के एजीएस सौरभ सिकरवार ने बताया कि ग्वालियर में राष्ट्रीयकृत 11 बैंकों की 70 शाखाओं के 900 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी इस हड़ताल में 'नो वर्क-नो पे' के आधार पर शामिल होंगे। हड़ताल के चलते कल सुबह 9 से 11 बजे तक फूलबाग स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान बैंक, बीमा, बीएसएनएल, डाक, आयकर और आंगनबाड़ी जैसे विभागों में भी काम पूरी तरह ठप रहेगा। 

    हड़ताल में ये भी शामिल

    ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रवक्ता वीके शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ देशभर के दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं सौ से अधिक स्वतंत्र ट्रेड यूनियंस के आह्वान पर देशभर के 25 अधिकारी- इस राष्ट्रव्यापी आम हड़‌ताल में भाग लेंगे। इस हड़ताल में बैंक, बीमा, केंद्र, बीएसएनएल, पोस्टल, आयकर, आंगनबाड़ी, आशाकर्मी, मध्यान्ह भोजन कर्मी, खेतिहर मजदूर, किसान संघ, पेंशनर्स, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, हम्माल मजदूर सभा आदि से संबंधित यूनियंस के साथ-साथ इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआइयूटीयूसी, सेवा समेत दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं अन्य संस्थानों में कार्यरत ट्रेड यूनियंस के सदस्य भाग ले रहे हैं।

    संगठनों की प्रमुख मांगें

    •     चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) और उनसे जुड़े नियमों को रद्द करने की मांग।
    •     ड्राफ्ट सीड बिल को वापस लेने की मांग।
    •     बिजली संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग।
    •     SHANTI Act (न्यूक्लियर एनर्जी से संबंधित कानून) को वापस लेने की मांग।
    •     मनरेगा की बहाली की मांग।
    •     विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 को रद्द करने की मांग।