Author: NewseDay

  • ग्रामीण संस्कृति, लोक संगीत और पारंपरिक कलाओं के रंगों से सजा पर्यटन ग्राम पंचवटी

    ग्रामीण संस्कृति, लोक संगीत और पारंपरिक कलाओं के रंगों से सजा पर्यटन ग्राम पंचवटी

    भोपाल

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 एग्जिबिशन में पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, तकनीक, हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन के विविध आयाम आकर्षण का केंद्र बने रहे। आयोजन में लगाए गए 177 स्टॉल्स के माध्यम से मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश के पर्यटन स्थलों, होटल एवं रिसॉर्ट, ट्रैवल-टूर ऑपरेटर्स, होमस्टे, पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को व्यावसायिक मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदर्शनी का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करना और मध्यप्रदेश को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में वैश्विक पहचान दिलाना है।

    तकनीक और पर्यटन स्थलों का संगम बना मध्यप्रदेश पर्यटन पवेलियन

    मध्यप्रदेश पर्यटन के पवेलियन में प्रदेश के ऐतिहासिक स्मारकों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीव पर्यटन और विविध पर्यटन अनुभवों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। बड़ी डिजिटल स्क्रीन, इंटरैक्टिव कियोस्क और डिजिटल डिस्प्ले के जरिए आगंतुक प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों और वहां उपलब्ध अनुभवों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

    पवेलियन का विशेष आकर्षण AI आधारित डिजिटल पहल और AI अवतार ‘मोगली’ है। मोगली के माध्यम से आगंतुक मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों, स्थानीय अनुभवों और अपनी रुचि के अनुरूप यात्रा विकल्पों के बारे में संवादात्मक तरीके से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह AI अवतार पर्यटकों की पसंद और यात्रा संबंधी जरूरतों के आधार पर संभावित यात्रा कार्यक्रम (इटिनरेरी) तैयार करने में भी सहायता करता है। इस पहल के माध्यम से मध्यप्रदेश पर्यटन ने डिजिटल नवाचार को पर्यटकों की यात्रा योजना से जोड़ने का प्रयास किया है।

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में ग्रामीण पर्यटन के प्रामाणिक अनुभवों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष ग्रामीण पर्यटन प्रदर्शनी तैयार की गई है। इसमें पर्यटक पारंपरिक होमस्टे, बैलगाड़ी की सवारी, स्थानीय लोक संगीत कलाकारों की प्रस्तुतियों और मिट्टी के बर्तन बनाने जैसी पारंपरिक कलाओं के माध्यम से गांवों की समृद्ध संस्कृति और जीवनशैली से रूबरू हो रहे हैं। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य ग्रामीण परिवेश, स्थानीय परंपराओं, लोक कलाओं और पारंपरिक कौशल को पर्यटन से जोड़ते हुए पर्यटकों को संपूर्ण ग्रामीण अनुभव प्रदान करना है। साथ ही, यह पहल स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और ग्रामीण समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित करने तथा ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

    वहीं, कला एवं शिल्प के स्टॉल्स पर बाघ प्रिंट, चंदेरी साड़ियां, भील आर्ट, बटिक प्रिंट और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध रचनात्मक विरासत प्रदर्शित की जा रही है। ये पहल स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और ग्रामीण पर्यटन से जुड़े उद्यमियों को व्यापक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

    पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाओं के साथ जिम्मेदार पर्यटन पर जोर

    MPTM 2026 में पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। आयोजन को पूरी तरह सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त और पेपरलेस रखने की व्यवस्था की गई है। अतिथियों के लिए स्थानीय जूट एवं कपड़े से बनी किट, पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों और कुल्हड़ों तथा पर्यावरण-अनुकूल हस्तशिल्प उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    अतिथियों के आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के उपयोग के माध्यम से कार्बन फुटप्रिंट कम करने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही, B2B बैठकों के जरिए पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन और जिम्मेदार पर्यटन से जुड़े अवसरों एवं व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट का तीसरा दिन प्रदेश की पर्यटन विविधता, तकनीकी नवाचार, स्थानीय कला एवं संस्कृति और सतत पर्यटन के प्रति प्रतिबद्धता को एक साझा मंच पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहा है। यह आयोजन पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों के बीच संवाद, सहयोग और नए व्यावसायिक अवसरों को प्रोत्साहित करने के साथ मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

     

  • अररिया में नकली नोटों का बड़ा सिंडिकेट बेनकाब, ₹1 लाख देकर खरीदे ₹3 लाख के जाली नोट

    अररिया में नकली नोटों का बड़ा सिंडिकेट बेनकाब, ₹1 लाख देकर खरीदे ₹3 लाख के जाली नोट

     जोकीहाट (अररिया)
     सीमांचल के अररिया जिले में जाली नोटों (एफआईसीएन) के अवैध कारोबार की जड़ें पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक फैली नजर आ रही हैं।

    महलगांव थाना क्षेत्र में बीते पांच अक्टूबर को 500 रुपये के 434 जाली नोटों (कुल दो लाख 17 हजार रुपये) के साथ पकड़े गए वार्ड सदस्य मो. पनाउल्लाह उर्फ पनबुल से पुलिस रिमांड और सघन पूछताछ में एक बड़े अंतरराज्यीय जाली करेंसी सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है।

    तफ्तीश में यह सनसनीखेज सच सामने आया है कि जाली नोटों की खेप किसी स्थानीय प्रिंटर से नहीं निकली थी, बल्कि इसे पश्चिम बंगाल के रणनीतिक शहर सिलीगुड़ी से विशेष सौदे के तहत खरीदा गया था।

    1 लाख असली दो, 3 लाख जाली लो
    पुलिस पूछताछ में वार्ड सदस्य पनाउल्लाह ने कबूल किया है कि इस पूरे सौदे की मुख्य कड़ी उसका करीबी साथी मो. आफताब था, जो फिलहाल फरार चल रहा है। आफताब ही पनाउल्लाह को सिलीगुड़ी लेकर गया था। वहां सिलीगुड़ी के एक शातिर जाली नोट तस्कर आलम से उसकी गोपनीय मुलाकात कराई गई।

    आफताब ने कराई थी आलम से डील
    सिलीगुड़ी में एक लाख रुपये की असली भारतीय करेंसी देकर तीन लाख रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले 500-500 के जाली नोट हासिल किए गए थे। बरामद खेप में से ₹83,000 की राशि या तो आफताब के पास थी या उसे पहले ही कहीं ट्रायल के रूप में खपाया जा चुका था, जिसकी गहनता से छानबीन की जा रही है।

    ग्रामीण हाट-बाजारों और खुदरा दुकानों में खपाने की थी साजिश
    पनाउल्लाह ने स्वीकार किया कि इस नकली करेंसी को अररिया, जोकीहाट और आसपास के ग्रामीण हाट-बाजारों, पशु मेलों, गल्ला मंडियों और छोटी खुदरा दुकानों में खपाने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। ग्रामीण इलाकों में 500 रुपये के नोटों की सूक्ष्म सुरक्षा विशेषताओं (Security Features) की जांच के लिए मशीनें नहीं होती हैं, जिसका फायदा उठाकर यह गिरोह आसानी से जाली नोटों को बाजार में उतार देता था।

    पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि क्या पनाउल्लाह और आफताब इससे पहले भी ऐसी कोई खेप सिलीगुड़ी से लाकर सीमांचल के बाजारों में खपा चुके हैं। इसके लिए पनाउल्लाह के सभी सक्रिय बैंक खातों के लेन-देन, यूपीआई विवरण और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है।

    रातों-रात अमीर बनने की हवस
    पुलिस जांच में सामने आया है कि पनाउल्लाह कम समय में अकूत संपत्ति बनाने के फेर में जाली नोटों के इस काले साम्राज्य में उतरा था। हाल के दिनों में उसकी माली हालत में तेजी से बदलाव आया था। उसने जोकीहाट के बरडेंगा में जमीन खरीदकर एक पक्का मकान खड़ा कर लिया था, जिसे वह ग्रामीणों के सामने अपनी ‘कामत’ (कृषि फार्म हाउस) बताता था।

    बरडेंगा में बना लिया पक्का मकान
    पनाउल्लाह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला गया है। वर्ष 2019 में भी महलगांव थाने में उसके खिलाफ चोरी का संगीन मामला दर्ज हुआ था, जिसमें पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी कर चोरी का सामान बरामद किया था।

    सिलीगुड़ी रूट से बांग्लादेश कनेक्शन की आशंका
    सिलीगुड़ी का इलाका नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं के समीप 'चिकन नेक' कॉरिडोर में पड़ता है। पूर्व में भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और बीएसएफ द्वारा सिलीगुड़ी कॉरिडोर से बांग्लादेशी जाली नोट गिरोहों के कई मॉड्यूल पकड़े जा चुके हैं। ऐसे में भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं और इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कहीं बरामद जाली नोटों की खेप सीमा पार बांग्लादेश से तो तस्करी कर भारत नहीं लाई गई थी।

    एजेंसियों के कान खड़े
    महलगांव थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार ने बताया कि मामले की कड़ियां तेजी से जोड़ी जा रही हैं। फरार चल रहे मुख्य बिचौलिए मो. आफताब और सिलीगुड़ी के सप्लायर आलम की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही इस सिंडिकेट के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।

     

  • इंदौर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा, दोस्त ने ही घर से चुराया करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सोना

    इंदौर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा, दोस्त ने ही घर से चुराया करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सोना

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में इंदौर के थाना लसूड़िया पुलिस ने घर से सोने के बिस्किट एवं आभूषण चोरी होने के मामले का खुलासा करते हुए फरियादिया के साथ रहने वाले उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से लगभग 630 ग्राम सोने का बिस्किट, 40 ग्राम सोने की चेन, 2 लाख रुपये नकद और एक Apple iPhone 17 सहित कुल लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने गांव में सरपंची का चुनाव लड़ने और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए चोरी करना स्वीकार किया है।

    ऐसे हुआ चोरी की वारदात का खुलासा

    फरियादिया निवासी नेपानिया मेन रोड, इंदौर ने थाना लसूड़िया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 10 अगस्त 2026 से 13 सितंबर 2026 के बीच उनके घर की अलमारी से सोने के आभूषण चोरी हो गए हैं। रिपोर्ट पर थाना लसूड़िया में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया।  पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशानुसार थाना प्रभारी लसूड़िया के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान फरियादिया ने बताया कि उनके घर से सोने का बिस्किट एवं अन्य आभूषण चोरी हुए हैं। उनके साथ रहने वाला दोस्त गोपाल जाखड़ घर से जाने के बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर चुका था। फरियादिया द्वारा उस पर संदेह जताए जाने के बाद पुलिस ने गोपाल उर्फ गोपी जाखड़, जिला जोधपुर, राजस्थान को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी करना स्वीकार किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    चुनाव लड़ने और महंगे शौक के लिए बनाई चोरी की योजना

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फरियादिया के साथ रहते समय उसने घर की अलमारी में सोने का बिस्किट देखा था। अगले महीने उसके गांव में सरपंची के चुनाव होने वाले थे और वह चुनाव लड़ने की योजना बना रहा था। चुनाव के खर्च तथा अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उसने सोने का बिस्किट चोरी करने की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आरोपी से चोरी की शेष संपत्ति के संबंध में जानकारी जुटा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि अपने घरों एवं कीमती सामान की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस अपराधों की रोकथाम, चोरी की घटनाओं के खुलासे और नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

     

  • Punjab Politics: अकाली सरकार में महिला DGP की तैनाती का वादा, हरसिमरत बादल ने रैली में किया ऐलान

    Punjab Politics: अकाली सरकार में महिला DGP की तैनाती का वादा, हरसिमरत बादल ने रैली में किया ऐलान

    फरीदकोट.

    शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल ने फरीदकोट में रैली को संबोधित करते हुए नशे के खिलाफ अपनी पार्टी की प्रस्तावित रणनीति का एलान किया।

    उन्होंने कहा कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनने पर नशे के खात्मे के लिए एडीजीपी स्तर की एक महिला पुलिस अधिकारी नियुक्त की जाएगी। इस अधिकारी को विशेष रूप से नशे के खिलाफ अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

    हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘मावा धिया ललकार’ योजना के तहत गांवों में महिलाओं की विशेष फोर्स तैयार की जाएगी। उन्होंने माताओं और बहनों से अपील की कि वे अभी से अपने-अपने गांवों में इस मुहिम के तहत सक्रिय होकर काम शुरू करें।

  • देश के 12 प्रमुख राज्यों में छत्तीसगढ़ को मिला प्रतिनिधित्व, व्यापारियों और उद्योगों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर रखने का मिलेगा अवसर

    देश के 12 प्रमुख राज्यों में छत्तीसगढ़ को मिला प्रतिनिधित्व, व्यापारियों और उद्योगों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर रखने का मिलेगा अवसर

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में जीएसटी प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में किए जा रहे नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी परिषद की बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ द्वारा कर प्रशासन में सुधार के लिए अपनाई गई तकनीकी पहलों को देश के अन्य राज्यों के साथ साझा किया गया। इसके साथ ही वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ को जीएसटी परिषद की स्टैंडिंग कमेटी फॉर ऑफिसर्स (लॉ कमेटी) में भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है। इससे प्रदेश के व्यापारियों, उद्यमियों और उद्योग जगत की समस्याओं एवं सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। जीएसटी परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने किया।

    छत्तीसगढ़ के तकनीकी नवाचार बने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय

    छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जीएसटी प्रशासन को अधिक सरल, सटीक और परिणामोन्मुख बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। राज्य में मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन, डेटा एनालिटिक्स और अन्य डिजिटल तकनीकों के माध्यम से कर प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में विभिन्न पहल की गई हैं।

    इन तकनीकी नवाचारों का उद्देश्य कर संबंधी आंकड़ों का बेहतर विश्लेषण करना, कर अनुपालन में सुधार लाना, संभावित कर अनियमितताओं की समय पर पहचान करना तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से कर प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के साथ करदाताओं को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए गए छत्तीसगढ़ के नवाचार

    जीएसटी परिषद की बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में लागू तकनीक आधारित सुधारों पर तैयार प्रस्तुतीकरण राजस्व सचिव द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुतीकरण को देश के सभी राज्यों के साथ भी साझा किया गया।

    प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि किस प्रकार मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन और डेटा विश्लेषण जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कर प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सकती है। साथ ही उपलब्ध आंकड़ों का बेहतर उपयोग कर कर अनुपालन को मजबूत बनाने, संभावित अनियमितताओं की पहचान करने और करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनाने में सहायता मिल सकती है।

    छत्तीसगढ़ की इन पहलों की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को भी राज्य के अनुभवों से सीख लेने तथा अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप इन तकनीकी नवाचारों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के इन नवाचारों को इससे पूर्व राष्ट्रीय समन्वय समिति की छठी बैठक में भी प्रस्तुत किया जा चुका है।

    राष्ट्रीय जीएसटी लॉ कमेटी में छत्तीसगढ़ को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

    जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल, व्यावहारिक और व्यापार अनुकूल बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी की पहल के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को जीएसटी परिषद की स्टैंडिंग कमेटी फॉर ऑफिसर्स (लॉ कमेटी) में शामिल किया गया है।

    देश के 12 प्रमुख राज्यों में छत्तीसगढ़ को इस समिति में प्रतिनिधित्व मिलने से जीएसटी कानूनों और प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले विचार-विमर्श में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी।

    जीएसटी लॉ कमेटी कर कानूनों, नियमों और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करने वाला महत्वपूर्ण मंच है। इस समिति में विभिन्न राज्यों के अधिकारी कर कानूनों के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली कठिनाइयों, कानूनी प्रावधानों की व्याख्या से संबंधित मुद्दों तथा व्यापार एवं उद्योग जगत की समस्याओं पर चर्चा करते हैं।

    प्रदेश के व्यापारियों और उद्योगों की आवाज राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी

    लॉ कमेटी में छत्तीसगढ़ को प्रतिनिधित्व मिलने से प्रदेश के व्यापारियों, औद्योगिक संगठनों, कर सलाहकारों और विभिन्न व्यापारिक संस्थाओं की समस्याओं एवं सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

    राज्य में जीएसटी कानूनों के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों, प्रक्रियागत जटिलताओं और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े विषयों को व्यवस्थित रूप से संकलित कर समिति के समक्ष रखा जा सकेगा। इन विषयों के परीक्षण और विचार-विमर्श के आधार पर आवश्यक सुझाव जीएसटी परिषद के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकेंगे।

    इससे छत्तीसगढ़ के व्यापार और उद्योग जगत की अपेक्षाओं को राष्ट्रीय स्तर पर कर नीति एवं प्रक्रियाओं से संबंधित विचार-विमर्श में स्थान मिलेगा। साथ ही जीएसटी व्यवस्था को अधिक स्पष्ट, सरल और करदाताओं के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में राज्य अपनी भूमिका निभा सकेगा।

    तकनीक आधारित कर प्रशासन और व्यापार सुगमता को मिलेगा बढ़ावा

    वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में कर प्रशासन के आधुनिकीकरण, तकनीकी नवाचारों और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    राज्य में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कर संबंधी आंकड़ों के विश्लेषण, विभागीय निगरानी और कर अनुपालन की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे विभागीय कार्यों में दक्षता बढ़ने के साथ करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने और राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

    राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की बढ़ती भागीदारी

    जीएसटी प्रशासन में छत्तीसगढ़ के तकनीकी नवाचारों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना और लॉ कमेटी में राज्य को प्रतिनिधित्व मिलना कर प्रशासन के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।

    एक ओर राज्य के तकनीकी नवाचारों और अनुभवों को अन्य राज्यों के साथ साझा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय लॉ कमेटी में भागीदारी से छत्तीसगढ़ को जीएसटी कानूनों एवं प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

    इन दोनों पहलों से छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित कर प्रशासन को मजबूत बनाने के साथ व्यापारियों और उद्योगों के लिए अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक जीएसटी व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

  • Sandpaper Gate: एक कैमरे ने उजागर की ऑस्ट्रेलिया की करतूत, स्मिथ-वॉर्नर पर लगा था 12 महीने का बैन

    Sandpaper Gate: एक कैमरे ने उजागर की ऑस्ट्रेलिया की करतूत, स्मिथ-वॉर्नर पर लगा था 12 महीने का बैन

    नई दिल्ली
     दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज की शुरुआत के साथ ही बॉल टेंपरिंग की घटना एक बार फिर चर्चा में है। ऑस्ट्रेलियाई टीम इससे पहले जब दक्षिण अफ्रीका पहुंची थी, तब कंगारू खिलाड़ियों ने मैच जीतने के लिए बॉल टेंपरिंग की थी। इससे ऑस्ट्रेलियाई टीम की बहुत बदनामी हुई थी। हालांकि, हैरान करने ववाली बात यह है कि ब्रॉडकास्टर ने बॉल टेंपरिंग का खुलासा गलती से किया था। फुटबॉल और रग्बी मैच कवर करने की आदत के कारण उन्होंने क्रिकेट में भी गेंद पर कैमरा बनाए रखा और बाद में जूम भी किया। इसी वजह से बेनक्राफ्ट के हाथ में सैंडपेपर दिखा। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम की काली करतूत सामने आई।

    केप टाउन टेस्ट के ब्रॉडकास्टर एल्विन नाइकर ने बताया था कि ऑस्ट्रेलियाई टीम की बॉल टेंपरिंग पकड़े जाना एक संयोग ही था। बीबीसी के अनुसार उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलियाई टीम जिस तरह से पकड़ी गई, वह सरासर संयोग था। रग्बी और फुटबॉल का प्रसारण बहुत सुनियोजित होता है। पहले कैमरा एक और दो चालू होते हैं, फिर जब खेल रुक जाता है तो क्लोज-अप शॉट्स के जरिए पूरी कहानी दिखाई जाती है।' ऐसा ही क्रिकेट मैच में किया गया तो बॉल टेंपरिंग पकड़ी गई।

    हथेली पर गेंद घिसकर पकड़े गए बेनक्राफ्ट
    नैकर ने बताया कि 2018 की सीरीज खराब माहौल में शुरू हुई थी। पहले दो टेस्ट मैचों में गड़बड़ियों के बावजूद स्थानीय प्रसारक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की बॉल टेंपरिंग पर नजर नहीं रख रहे थे। उन्होंने कहा, 'किसी ने भी मुझे कुछ नहीं बताया। डरबन में पहले टेस्ट में जमकर बवाल हुआ था। इसके बाद पोर्ट एलिजाबेथ में दूसरे टेस्ट मैच में भी हंगामा हुआ। हमें तब भी कुछ समझ नहीं आया। गेंद विकेटकीपर के पास गई, फिर बैनक्रॉफ्ट के पास और वह गेंद को चमका रहे थे। पहले गेंद उसकी पैंट पर थी, फिर अगली गेंद पर, कैमरामैन का ध्यान बैनक्रॉफ्ट पर इसलिए रुका रहा, क्योंकि वह गेंद को अपनी पैंट पर नहीं, बल्कि अपनी हथेली पर रगड़ रहे थे।'

    बड़े लेंस में सामने आई सच्चाई
    नैकर ने कहा, 'जब उसने गेंद फेंकी, तो उसने अपना हाथ जेब में डाला। कैमरामैन ने बड़े-बड़े लेंस वाले कैमरे से जेब पर जूम किया। स्लो-मो ऑपरेटर ने उसे देखा, आगे-पीछे किया फिर जूम किया और सैंडपेपर नजर आया। इसके बाद बेनक्राफ्ट ने सैंडपेपर पैंट में छिपा लिया। इस घटना को ब्रॉडकास्टर ने बार-बार स्क्रीन पर दिखाया। जब बैनक्रॉफ्ट ने स्क्रीन पर देखा तो उसने उसे निकालकर अपनी अंडरवियर में रख लिया। कैमरामैन ने इसे रिकॉर्ड कर लिया। फिर भी यह लाइव नहीं था, हमने रिप्ले चलाया।'

    तीनों खिलाड़ियों पर लगा बैन
    इस घटना के बाद स्मिथ एक लाइव टेलीविजन इंटरव्यू के दौरान फूट-फूटकर रो पड़े और उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की। हालांकि, इसके बाद उन पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से 12 महीने का बैन लगाया गया। इसके साथ ही उनसे कप्तानी भी छीन ली गई। वार्नर पर भी इसी तरह 12 महीने का बैन लगाया गया और उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में कभी भी कप्तान बनने से रोक दिया गया। वहीं, बैनक्रॉफ्ट पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से 9 महीने का बैन लगा दिया गया। इसमें हैरान करने वाली बात यह थी कि किसी भी गेंदबाज पर कोई एक्शन नहीं हुआ, जबकि गेंदबाज ही सबसे ज्यादा गेंद के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में यह कैसे संभव था कि किसी भी गेंदबाज को बॉल टेंपरिंग के बारे में जानकारी नहीं थी

  • शहर के समग्र विकास और बेहतर प्रबंधन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

    शहर के समग्र विकास और बेहतर प्रबंधन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

    रायपु

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आज रायपुर के जयस्तंभ चौक स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के तीसरे माले में संचालित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) वार रूम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर शहर में यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, अवैध निर्माण और खुदाई पर नियंत्रण तथा नागरिकों में नागरिक बोध (सिविक सेंस) विकसित करने से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने और विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

     बोरा ने आईटीएमएस वार रूम में तकनीकी संसाधनों, निगरानी व्यवस्था और उपलब्ध आंकड़ों के उपयोग के विभिन्न पहलुओं का निरीक्षण किया। उन्होंने आईटीएमएस वार रूम को सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के रूप में विकसित करने शहरी प्रबंधन, विभागीय समन्वय और नागरिक सुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

    यातायात व्यवस्था के लिए प्रमुख मार्गों का होगा आकलन

    बैठक में शहर के प्रत्येक प्रमुख मार्ग पर वाहनों की क्षमता, यातायात के दबाव और सड़क की उपलब्ध क्षमता का आकलन करने तथा नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और यातायात संबंधी समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान की दिशा में काम करना है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और नगर निगम की संयुक्त टीम बनाकर समन्वित प्रयास करने तथा जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।

    सैनिटेशन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर

    प्रमुख सचिव  बोरा ने बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए प्रमुख मार्गों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित साफ-सफाई तथा घर-घर कचरा संग्रहण को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने आईटीएमएस की निगरानी व्यवस्था के माध्यम से गंदगी वाले स्थलों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। शहर में स्वच्छता एवं सैनिटेशन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, सार्वजनिक स्थलों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने और कचरे के उचित प्रबंधन पर भी चर्चा की गई। स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी, संबंधित विभागों के बीच समन्वय और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके साथ ही नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और स्वच्छ व्यवहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।

    महिला सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर जोर

    शहर में महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने और आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को बेहतर करने पर भी बैठक में चर्चा हुई। आईटीएमएस के माध्यम से उपलब्ध निगरानी व्यवस्था और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया। आपदा प्रबंधन के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने पर जोर दिया गया, ताकि आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

    अवैध खुदाई और निर्माण पर प्रभावी निगरानी

    बैठक में शहर में अवैध खुदाई और अवैध निर्माण की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। निर्माण स्थलों पर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और सुरक्षा मानकों के बिना किए जा रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य निर्माण गतिविधियों के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सार्वजनिक स्थलों पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोकना है।

    जनजागरूकता से मजबूत होगा नागरिक बोध

    बैठक में नागरिकों को यातायात नियमों के पालन, सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण और शहर की व्यवस्थाओं के प्रति जिम्मेदार व्यवहार के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ और नगर निगम की संयुक्त भागीदारी से जनजागरूकता अभियान चलाने की दिशा में काम करने पर चर्चा हुई। इसके माध्यम से नागरिकों में सिविक सेंस विकसित करने और शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में जनभागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य है।

    प्रमुख सचिव  बोरा के आईटीएमएस के निरीक्षण के दौरान नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक  नीलेश महादेव क्षीरसागर, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सुमित अग्रवाल, रायपुर नगर निगम के आयुक्त  संबित मिश्रा, अपर संचालक  पुलक भट्टाचार्य, डीसीपी सु अर्चना सिंह, एसीपी ट्रैफिक सु स्नेहिल साहू, संयुक्त संचालक  एस.के. सुंदरानी, अपर आयुक्त  लोकेश्वर साहू, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सुनील अग्रहरि और अधीक्षण अभियंता  प्रदीप यादव भी मौजूद थे।

  • कैथल में पराली प्रबंधन योजना का असर, 629 टीमें कर रहीं निगरानी; पिछले साल मिले थे 11 मामले

    कैथल में पराली प्रबंधन योजना का असर, 629 टीमें कर रहीं निगरानी; पिछले साल मिले थे 11 मामले

    कैथल
    सरकार की तरफ से चलाई जा रही फसल अवशेष प्रबंधन योजना किसानों को अब रास आने लगी है। जिले में अब तक 60 हजार एकड़ में धान फसल की कटाई हो चुकी है, लेकिन एक भी किसान ने धान अवशेष नहीं जलाएं हैं। धान कटते ही किसान बेलर से अवशेषों की गांठें बनवा रहे हैं, जो फैक्टरी में भेजी जा रही है। इससे किसान को भी फायदा हो रहा है और जमीन की उपजाऊ शक्ति भी बढ़ रही है।

    बता दें पिछले साल जिले में कुल 11 लोकेशन सामने आई थी। 13 अक्टूबर को पहली लोकेशन धान अवशेष की मिली थी, लेकिन इस बार राहत की बात ये है की 60 हजार एकड़ में धान कटाई होने के बाद भी किसी किसान ने अवशेष नहीं जलाए हैं।

    वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की टीम ने किया कैथल जिले का दौरा
    जिले में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के मुख्य वैज्ञानिक प्रवीण गुप्ता ने कैथल जिले का दौरा किया। उन्होंने कई ब्लाकों में कृषि विभाग के साथ धान अवशेष प्रबंधन को लेकर खेतों का दौरा किया। कई भी इस तरह की लोकेशन नहीं मिली है की खेतों में धान अवशेष जलाए जा रहे हो।

    बता दें कि जिले में धान अवशेष जलाने से रोकने के लिए कुल 629 टीमों का गठन किया हुआ है, ये टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को धान अवशेष जलाने से रोकने बारे जागरूक कर रही हैं। इसके साथ-साथ धान अवशेष खेतों में मिलाने के फायदे भी बताए जा रहे हैं।

    60 हजार किसानों ने किया साढ़े चार लाख एकड़ का पंजीकरण : मलिक
    कृषि विभाग के कार्यकारी अभियंता जगदीश मलिक ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना किसानों को अब रास आ रही है। किसान इस योजना से जुड़कर धान अवशेष खेतों में जलाने की बजाए इसका प्रबंधन करने में लगे हैं। इस बार 60 हजार किसानों ने साढ़े चार लाख एकड़ का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर करवाया है।

    धान अवशेष न जलाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपये की राशि सरकार की तरफ से दी जा रही है। अब तक 60 हजार एकड़ में धान कट चुका हैं, लेकिन एक भी किसान ने धान अवशेष नहीं जलाए हैं। पिछले साल 11 लोकेशन सामने आई थी। वहीं 48 हजार किसानों को 50 करोड़ की राशि योजना के तहत दी गई थी। पूरे जिले का एक बार सर्वे हो चुका है, एक भी लोकेशन धान अवशेष की सामने नहीं आई है।

  • सात सप्ताह के साइबर जागृति अभियान में 5 लाख से अधिक कार्यक्रम, 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा जागरूकता का संदेश

    सात सप्ताह के साइबर जागृति अभियान में 5 लाख से अधिक कार्यक्रम, 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा जागरूकता का संदेश

    रायपुर

      डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आए हैं और इनसे सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता, सतर्कता और जनभागीदारी है। साइबर सुरक्षा केवल शासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। हमें साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा, तभी हम साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों से सुरक्षित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित ‘साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026’ के अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 
     
    डिजिटल क्रांति ने जीवन आसान बनाया, अब साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता जरूरी

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने देश में अभूतपूर्व परिवर्तन किया है। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री  मोदी ने डिजिटल इंडिया की परिकल्पना प्रस्तुत की थी, उस समय इतने विशाल देश और बड़ी ग्रामीण आबादी के बीच डिजिटल अर्थव्यवस्था की सफलता को लेकर अनेक आशंकाएं व्यक्त की जाती थीं। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। गांव का सामान्य नागरिक भी मोबाइल फोन के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर रहा है और तकनीक के जरिए देश-दुनिया से जुड़ा हुआ है।

    उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के विस्तार ने जहां नागरिकों के जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। अपराधी नई-नई तकनीकों और तरीकों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कई बार तकनीकी रूप से जानकार व्यक्ति भी इनके जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को साइबर अपराध के तौर-तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

    सात सप्ताह के अभियान से 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश

    मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए गए सात सप्ताह के विशेष साइबर जागृति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान ने साइबर सुरक्षा के संदेश को शहरों से लेकर गांवों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

    उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग विषयों को केंद्र में रखकर अभिनव गतिविधियां आयोजित की गईं। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर नागरिकों को जागरूक किया गया। अभियान के दौरान 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, 5 लाख से अधिक सेल्फी के माध्यम से नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई और लगभग 1 करोड़ 70 लाख लोगों तक साइबर अपराधों से बचाव का संदेश पहुंचाया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार और नागरिक से जुड़ा विषय बन चुका है।

    अभियान का समापन नहीं, यह एक नई शुरुआत है : मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि साइबर जागृति अभियान को किसी निश्चित अवधि तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सात सप्ताह का यह अभियान समाप्त जरूर हुआ है, लेकिन साइबर जागरूकता की यह यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

    उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के साथ सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं और आम नागरिकों को भी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। विशेष रूप से युवाओं को साइबर जागरूकता के संवाहक के रूप में आगे आकर अपने परिवार और समाज को सुरक्षित बनाने में योगदान देना चाहिए।

    रायपुर की यातायात व्यवस्था सुधारने युवाओं के अभिनव सुझावों पर होगा गंभीरता से विचार

    मुख्यमंत्री  साय ने ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 की सराहना करते हुए कहा कि राजधानी रायपुर का तेजी से विस्तार हो रहा है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के साथ यातायात प्रबंधन की चुनौतियां भी बढ़ी हैं।  सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी का बेहतर समन्वय आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक हैकाथॉन के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थाओं ने राजधानी की यातायात समस्याओं का अध्ययन कर व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं। सरकार इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी तथा जो समाधान उपयोगी और व्यवहारिक होंगे, उन्हें लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

    दूरस्थ क्षेत्रों को परिवहन से जोड़ रही मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा

    मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा विकास की बुनियादी आवश्यकता है। सार्वजनिक परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण पहले ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

    उन्होंने कहा कि इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा प्रारंभ की गई है। विशेष रूप से वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में बस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। ऐसे मार्गों पर 100 से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है, जहां आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं होने के कारण पहले बस सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लाभ-हानि से ऊपर उठकर जनहित को प्राथमिकता दी है और इन मार्गों पर बस संचालन से होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ बस में यात्रा के दौरान उन्होंने स्वयं देखा है कि यह सेवा किस तरह लोगों के जीवन में सुविधा और खुशियां लेकर आई है।

    डिजिटल लेनदेन में भारत की अग्रणी भूमिका, सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण : उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा

    उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि आज दुनिया में होने वाले डिजिटल लेनदेन का लगभग 50 प्रतिशत भारत में हो रहा है। यह प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान की बड़ी उपलब्धि है। डिजिटल लेनदेन ने लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों से सुरक्षा की चुनौती भी बढ़ी है।

    उन्होंने कहा कि नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर जागृति अभियान के माध्यम से अभिनव पहल की है। अभियान के दौरान पुलिस ने धार्मिक आयोजनों, चौक-चौराहों, ग्राम सभाओं, ग्राम पंचायतों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों तक पहुंचकर लोगों को ऑनलाइन ठगी तथा साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए।

     शर्मा ने कहा कि पुलिस केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई भी कर रही है। साइबर ठगी में उपयोग होने वाले म्यूल खाते खोलने में संलिप्त बैंककर्मियों से लेकर फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों तक कार्रवाई की गई है। इन प्रयासों से साइबर अपराधों से संबंधित एफआईआर में कमी आई है और ठगी गई राशि की रिकवरी की दर में भी वृद्धि हुई है।

    उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल पुलिस और प्रशासन के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। समस्याओं का स्थायी समाधान जनभागीदारी और नवाचार से ही संभव है। इसी सोच के साथ ट्रैफिक हैकाथॉन आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं ने अनेक उपयोगी और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं।

    सात विषयों के माध्यम से गांव-शहर तक पहुंची साइबर जागरूकता

    छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक संचालित साइबर जागृति अभियान में प्रदेश की 34 पुलिस इकाइयों के समन्वय से सात विषय आधारित सप्ताहों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

    अभियान में डिजिटल सुरक्षा, वित्तीय धोखाधड़ी एवं यूपीआई सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट, महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा, रोजगार संबंधी ठगी, डेटा गोपनीयता और सामूहिक संकल्प जैसे विषयों पर विशेष रूप से नागरिकों को जागरूक किया गया।

    विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों में नागरिकों को ओटीपी और पासवर्ड किसी से साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक से बचने, फर्जी निवेश योजनाओं से सावधान रहने तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर अपराधों को पहचानने के तरीके बताए गए।

    अभियान में युवाओं को ‘साइबर प्रहरी’ के रूप में जोड़कर उनके माध्यम से परिवार और समाज तक जागरूकता पहुंचाने की पहल की गई। नागरिकों को साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया गया।

    सोशल मीडिया पर 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज

    साइबर जागृति अभियान में सोशल मीडिया का भी व्यापक उपयोग किया गया। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और व्हाट्सऐप के माध्यम से साइबर सुरक्षा से संबंधित संदेश और जागरूकता सामग्री प्रसारित की गई।

    भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के सहयोग से अभियान के दौरान 3,100 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट साझा की गईं, जिन्हें 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज प्राप्त हुए। आई4सी ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभियान से जुड़ी कई पोस्ट साझा कर इसकी पहुंच को और व्यापक बनाया।

    जिलों के नवाचारों ने साइबर जागरूकता को जनभागीदारी से जोड़ा

    अभियान के दौरान विभिन्न जिलों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अनेक अभिनव प्रयोग किए। मुंगेली जिले में विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से लगभग 15 हजार ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। गरियाबंद जिले में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्व-सहायता समूहों की लगभग 493 महिलाओं को साइबर सुरक्षा की जानकारी देकर उनके माध्यम से परिवारों तक जागरूकता पहुंचाई गई।

    दुर्ग जिले में ‘सुरक्षित दुर्ग, साइबर जागरूक दुर्ग’ अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटकों और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से 15 हजार से अधिक नागरिकों को जागरूक किया। रायपुर जिले में आयोजित साइबर जागरूकता लघु फिल्म प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से 162 फिल्में प्राप्त हुईं। इन फिल्मों के माध्यम से लगभग दो लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचने का अनुमान है।

    जांजगीर-चांपा जिले में ‘एक राखी साइबर जागृति के नाम’ अभियान के माध्यम से लगभग 1 लाख 61 हजार नागरिकों तक जागरूकता पहुंचाई गई। वहीं बिलासपुर जिले में आकाशवाणी के माध्यम से संचालित विशेष फोन-इन कार्यक्रम से लगभग आठ लाख श्रोताओं तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचा। समारोह में इन अभिनव प्रयासों के लिए संबंधित जिलों को सम्मानित किया गया।

    ट्रैफिक हैकाथॉन में युवाओं ने दिए भविष्य की यातायात व्यवस्था के समाधान

    ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के ओवरऑल विजेता  कार्तिकेय पंत ने रायपुर के शंकर नगर टर्निंग पॉइंट की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए ‘टैक्टिकल अर्बनिज्म’ की अवधारणा पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया।

    उन्होंने उपलब्ध सड़क क्षेत्र के बेहतर उपयोग, स्पष्ट लेन मार्किंग, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित स्थान, स्ट्रीट वेंडरों और ऑटोरिक्शा चालकों के लिए व्यवस्थित स्थान निर्धारण तथा यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए।

    हैकाथॉन के प्रतिभागियों ने टाटीबंध चौक, तेलीबांधा मरीन ड्राइव, आमापारा चौक, लोधीपारा चौक और शंकर नगर सहित राजधानी के प्रमुख यातायात दबाव वाले क्षेत्रों का अध्ययन कर पार्किंग प्रबंधन, सुरक्षित पैदल मार्ग, सार्वजनिक परिवहन के एकीकरण, लेन मार्किंग तथा यातायात जाम कम करने से संबंधित समाधान प्रस्तुत किए।

    एआई और इंटरनेट ऑफ थिंग्स से स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के सुझाव

    युवाओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के लिए भी अभिनव सुझाव प्रस्तुत किए। ‘रायपुर नेत्र’ और ‘दृष्टि’ जैसी प्रस्तावित परियोजनाओं में सीसीटीवी कैमरों और एआई तकनीक के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान, ट्रैफिक जाम की पूर्व सूचना तथा एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने जैसी परिकल्पनाएं शामिल रहीं।

    ट्रैफिक हैकाथॉन के सफल आयोजन में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रस्तावों का दो चरणों में परीक्षण कर उनकी तकनीकी व्यवहार्यता, उपयोगिता और क्रियान्वयन की संभावनाओं का मूल्यांकन किया। आयोजन में शिवाशा फाउंडेशन का भी सहयोग रहा।

    विधायक  राजेश मूणत ने कहा कि राजधानी रायपुर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा। यातायात से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना के साथ व्यावहारिक कदम उठाना आवश्यक है।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार बोर्ड के अध्यक्ष  प्रह्लाद रजक, विधायक  राजेश मूणत, रायपुर नगर निगम की महापौर मती मीनल चौबे, पुलिस महानिदेशक  अरुण गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  अमित कुमार सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

  • गरबा ड्रेस में हथियार प्रदर्शन पड़ा भारी, सिगरेट और पिस्टल दिखाने के मामले में 9 गिरफ्तार

    गरबा ड्रेस में हथियार प्रदर्शन पड़ा भारी, सिगरेट और पिस्टल दिखाने के मामले में 9 गिरफ्तार

    बिलासपुर.

    छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रास गरबा कार्यक्रम के दौरान बनाई गई एक रील सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में कुछ युवतियां गरबा की वेशभूषा में सिगरेट पीते और पिस्टलनुमा वस्तु लहराते नजर आ रही हैं।

    वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है। इस मामले में सिविल लाइन थाने में अपराध दर्ज कर कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो गरबा टिकट और मेकअप के प्रचार-प्रसार के लिए बनाया गया था। वीडियो में गरबा की पारंपरिक वेशभूषा में युवतियों को सिगरेट पीते और पिस्टलनुमा वस्तु का प्रदर्शन करते देखा गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही सभी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को पाबंद करने के लिए बाउंड ओवर की प्रक्रिया भी जारी है।

    धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर पुलिस की चेतावनी
    बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का आपत्तिजनक प्रदर्शन करने तथा सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने ऐसे मामलों में नियमों के तहत सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। वायरल रील को लेकर हुई इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर भी मामला चर्चा में है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर कोई भी सामग्री पोस्ट करने से पहले प्रकृति और संभावित प्रभाव का ध्यान रखें।