महिला खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, नागोया में भारत के 21 गोल्ड में 11 बेटियों के नाम

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नई दिल्ली
नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने अपने साहस और बेजोड़ खेल से नया इतिहास रच दिया। भारत द्वारा जीते गए कुल 21 गोल्ड मेडलों में से 11 गोल्ड अकेले महिला खिलाड़ियों ने जीते, जबकि 3 गोल्ड मिक्स-टीम इवेंट्स में आए। 495 खिलाड़ियों के भारतीय दल में 234 महिला एथलीट शामिल थीं, जिन्होंने कुल 85 पदकों में से 38 पदक जीतकर साबित कर दिया कि वे अब पोडियम के सबसे ऊपरी पायदान की असली हकदार हैं।

17 साल की कुमकुम ने ओलंपिक चैंपियन को हराया, प्रणवी उर्स ने गोल्फ में रचा इतिहास
इन खेलों में युवा स्टार 17 साल की रिकर्व आर्चर कुमकुम मोहौड़ ने ओलंपिक चैंपियन ओ येजिन को हराकर दुनिया को चौंका दिया। वहीं दूसरी ओर, गोल्फ में प्रणवी उर्स ने वर्ल्ड नंबर-6 और मेजर चैंपियन चीन की यिन रुओनिंग को शिकस्त देकर एशियन गेम्स का ऐतिहासिक गोल्फ गोल्ड अपने नाम किया। दोनों युवा एथलीटों की आत्मविश्वास से भरी तस्वीरों ने यह साफ कर दिया कि भारतीय एथलीट अब दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों को हराने का माद्दा रखते हैं।

हॉकी में 44 साल बाद गोल्ड मेडल, मीराबाई चानू ने खत्म किया 28 साल का सूखा
टीम इवेंट्स और वेटलिफ्टिंग में भारतीय महिलाओं की वापसी की तस्वीरें सबसे यादगार रहीं। भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन कर 44 साल लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल अपने नाम कर 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के बाद एशियन गेम्स वेटलिफ्टिंग में भारत का 28 साल पुराना मेडल का सूखा खत्म कर दिया।

लवलीना और परवीन हुड्डा का मुक्केबाजी में पंच, वीथ्या रामराज ने तोड़ा पीटी उषा का रिकॉर्ड
बॉक्सिंग रिंग में लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) ने गोल्ड मेडल जीतकर मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनने का गौरव हासिल किया। उनके साथ परवीन हुड्डा ने भी वापसी करते हुए गोल्ड मेडल जीता। एथलेटिक्स ट्रैक पर वीथ्या रामराज ने 400 मीटर बाधा दौड़ में 54.75 सेकंड का समय निकालकर पीटी उषा का 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

बीमारियों और संघर्षों को पछाड़कर पोडियम तक पहुंचीं नीरू, अन्सी और सुचिका
नागोया की सफलता सिर्फ मेडलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें एथलीट्स के निजी संघर्षों की जीत भी दिखी। इन्फ्लूएंजा-बी से उबरकर ट्रैप शूटर नीरू ढांडा ने इंडिविजुअल गोल्ड समेत 3 मेडल जीते। पीसीएस (PCOS) से जूझ रही लॉन्ग जंपर अन्सी सोजन ने 6.53 मीटर छलांग लगाकर सिल्वर जीता, जबकि 36 साल की सुचिका तरियाल ने मिक्स मार्शल आर्ट्स में ब्रॉन्ज जीता। यह साबित करता है कि महिला खेलों में लगातार निवेश देश का नाम रोशन कर सकता है।

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