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  • WhatsApp में अब ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन, iOS पर टेस्टिंग से चैटिंग होगी और भी सरल

    WhatsApp में अब ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन, iOS पर टेस्टिंग से चैटिंग होगी और भी सरल

    मुंबई 
    WhatsApp पर चैटिंग करना और भी आसान होने जा रहा है, जिसमें यूजर्स आसानी से दूसरी भाषा में बात करने वाले लोगों से चैट कर पाएंगे. इसके लिए ऑटोमेट्रिक ट्रांसलेशन फीचर पर काम हो रहा है. इसकी जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है। 

    वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाले पोर्टल Wabetainfo ने बताया है कि ऐपल के ऑपरेटिंग सिस्टम iOS प्लेटफॉर्म के लिए ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन फीचर पर टेस्टिंग हो रही है। 

    ट्रांसलेशन फीचर के तहत यूजर्स  21 भाषाओं में से किसी एक का चुनाव करना होगा. इसके बाद अपनी लैंग्वेज के साथ उनको ट्रांसलेट कर सकेंगे. इसके लिए सिर्फ एक टॉगल को ऑन करना होगा, जिसकी जानकारी एक स्क्रीनशॉट्स शेयर करके भी दी है। 

    वॉट्सऐप का यह फीचर उन लोगों से चैट करने में मददगार साबित होगा, जो आपकी भाषा को नहीं जानते हैं और दूसरी लैंग्वेज में बातचीत करते हैं. उदाहरण के तौर पर समझें तो एक शख्स हिंदी बोलता, समझता और लिख सकता है, जबकि दूसरा शख्स हिंदी ना तो बोल सकता है, ना पढ़ सकता है और ना ही लिख सकता है. ऐसे में वॉट्सऐप उन यूजर्स के लिए यूजफुल साबित होगा। 

    रिपोर्ट में बताया है कि ट्रांसलेशन के बावजूद एंड टू एंड एनक्रिप्शन सुविधा को मेंटेन करके रखा जाएगा. वॉट्सऐप बीटा के iOS 26.11.10.70 वर्जन टेस्टिंग के लिए उपलब्ध है। 

    टेस्टिंग वर्जन से पता चला है WhatsApp ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन फीचर पर काम कर रहा है, जो करीब 21 अलग-अलग लैंग्वेज को सपोर्ट करेगा. इसके लिए एक स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया है। 

    WAbetainfo ने बताया है कि ट्रांसलेशन फीचर ऐसे काम करेगा। 

    स्क्रीनशॉट्स में दिखाया गया है कि यूजर्स को किसी एक शख्स का चैट ओपन करना होगा. फिर उसके अंदर दिए गए ट्रांसलेशन को ऑन करना होगा, जिसमें लैंग्वेज को सिलेक्ट भी करना होगा के कौन सी भाषा को किस भाषा में ट्रांसलेट करना है। 

    पॉपुलैरिटी को बनाए रखने के लिए देते हैं नए-नए फीचर्स 

    WhatsApp अपनी पॉपुलैरिटी को बनाए रखने के लिए लगातार ऐप में नए-नए फीचर्स को शामिल कर रहा है. साथ ही जो फीचर्स पहले से उनको बेहतर करने की दिशा में काम कर रहा है. इस मैसेजिंग ऐप पर एक सिंपल से यूजर इंटरफेस पर ढेरों फीचर्स मिलते हैं. 

    WhatsApp का iOS पर ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन फीचर कितना कारगर साबित होगा, उसका पता तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. हालांकि टेस्टिंग के बाद इसको स्टेबल वर्जन में कब जारी किया जाएगा, उसकी कोई टाइम लाइन नहीं दी है. 

  • फ्री नहीं रहेगा WhatsApp? नया पेड वर्जन जल्द लॉन्च, यूजर्स को मिलेंगे कई एक्स्ट्रा फीचर्स

    फ्री नहीं रहेगा WhatsApp? नया पेड वर्जन जल्द लॉन्च, यूजर्स को मिलेंगे कई एक्स्ट्रा फीचर्स

     नई दिल्ली

    देश के करोड़ों यूजर्स के लिए यह काम की खबर है। वॉट्सऐप चलाने वाले लोगों को जल्‍द एक ‘नया वॉट्सऐप’ मिलने वाला है। कंपनी प्रीमियम सब्‍सक्र‍िप्‍शन प्‍लान को लाने की तैयारी कर रही है, जिसे ‘Whatsapp Plus’ कहा जाता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यूजर्स कुछ पैसे देकर वॉट्सऐप में ऐसे तमाम फीचर्स को इस्‍तेमाल कर पाएंगे जो Free वॉट्सऐप चलाने वालों को नहीं मिलेंगे। आसान भाषा में समझाएं तो आने वाले दिनों में वॉट्सऐप के दो रूप देखने को मिल सकते हैं। एक फ्री वालों के लिए और एक पेड सब्‍सक्राइबर्स के लिए।

    क्‍या है वॉट्सऐप प्‍लस?
    वॉट्सऐप प्‍लस के बारे में यह जानकारी WABetaInfo की रिपोर्ट में सामने आई है। वॉट्सऐप प्‍लस कोई नया ऐप नहीं होगा, बल्कि यह एक ऑप्‍शनल पेड प्‍लान होगा। वॉट्सऐप प्‍लस इस्‍तेमाल करने वाले ग्राहकों को मंथली फीस चुकानी होगी, जिसके बदले वह कुछ एक्‍सक्‍लूसिव फीचर्स को चला पाएंगे, जो Free वॉट्सऐप के साथ नहीं मिलेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, एंड्रॉयड और iOS यूजर्स के लिए वॉट्सऐप प्‍लस को डेवलप किया जा रहा है। हालांकि अभी यह फीचर रिलीज नहीं हुआ है।

    वॉट्सऐप प्‍लस के प्रमुख फीचर्स
        वॉट्सऐप प्‍लस इस्‍तेमाल करने वाले यूजर्स को कई फीचर्स एक्‍सक्‍लूसिव दिए जाएंगे। जैसे-
        ढेरों कस्‍टमाइजेशन ऑप्‍शन मिलेंगे। यूजर अपनी ऐप की थीम बदल पाएंगे। आइकन को बदल सकेंगे। उन्‍हें 14 नए आइकन और इंटरफेस को अलग बनाने के लिए थीम ऑफर की जाएंगी। इससे पेड सब्‍सक्राइबर्स का वॉट्सऐप, फ्री चलाने वालों से अलग दिखेगा।
        वॉट्सऐप प्‍लस चलाने वाले यूजर्स 20 चैट्स को पिन कर पाएंगे। अभी सिर्फ 3 चैट्स को पिन किया जा सकता है। ज्‍यादा चैट्स पिन होने से काम की जानकारी तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
        रिपोर्ट के अनुसार, वॉट्सऐप प्‍लस यूजर्स को कंपनी स्‍पेशल रिंगटोन्‍स देने पर काम कर रही है। वो रिंगटोन्‍स फ्री यूजर्स के मोबाइल में नहीं बजेंगी। इससे वॉट्सऐप कॉल को अलग से पहचाना जा सकेगा।
        इसके साथ ही, प्‍लस यूजर्स को कुछ खास स्‍टीकर्स और रिएक्‍शंस के लिए आइकन दिए जाएंगे जो फ्री ऐप में नहीं मिलते।
        कुल मिलाकर फ्री वॉट्सऐप चलाने वालों और पेड वॉट्सऐप चलाने वालों के बीच अंत‍र स्‍पष्‍ट रूप से नजर आएगा।

    Whatsapp Free वर्जन बंद हो जाएगा?
    रिपोर्ट के अनुसार, वॉट्सऐप का मौजूदा स्‍वरूप काम करता रहेगा यानी आप आज जैसे वॉट्सऐप चला रहे हैं, वैसे ही चलाते रहेंगे। वॉट्सऐप प्‍लस एक नई सुविधा होगी, जि‍सका मकसद पैसे लेकर एक्‍सक्‍लूसिव फीचर देना होगा। लेकिन एक सवाल यह भी उठता है कि भविष्‍य में फ्री यूजर्स को क्‍या नए फीचर्स पहले इस्‍तेमाल करने के लिए नहीं मिलेंगे?

    कितने पैसे देंगे होंगे वॉट्सऐप प्‍लस के लिए?
    अभी शुरुआती जानकारी ही सामने आई है। किसी तरह के रिचार्ज या सब्‍सक्र‍िप्‍शन प्‍लान पर डिटेल नहीं है। हालांकि ऐसा माना जाना चाहिए कि कंपनी किफायती कीमतों में भारतीय यूजर्स के लिए वॉट्सऐप प्‍लस को ला सकती है।

    Whatsapp Plus ढूंढने इंटरनेट पर मत जाना
    Whatsapp Plus से जुड़ी कुछ खबरें पहले भी सामने आई हैं। इंटरनेट पर WhatsApp Plus नाम से APK फाइलें मौजूद हैं। इन्‍हें डाउनलोड और मोबाइल में इंस्‍टॉल करने की गलती ना करें। ऐसी फाइलें वायरस फैलाकर आपके गैजेट को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

  • सिम कार्ड निकालते ही WhatsApp होगा बंद, ये है नया नियम और इसके असर

    सिम कार्ड निकालते ही WhatsApp होगा बंद, ये है नया नियम और इसके असर

     नई दिल्ली

    WhatsApp प्लेटफॉर्म ने सिम बाइडिंग सर्विस को शामिल किया है और लेटेस्ट बीटा अपडेट में इसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी है. ये जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है. दरअसल, साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए भारत सरकार के रसंचार विभाग ज्यादातर OTT ऐप्स के लिए SIM-Binding नियम का ऐलान किया है. 

    Wabetainfo ने पोस्ट करके बताया है कि मैसेजिंग ऐप ने न्यू रेगुलेशन के साथ काम करना शुरू कर दिया है, जिसका नाम सिम बाइंडिंग है. इसकी मदद से WhatsApp अकाउंट सेफ रहेगा और एक्टिव सिम कार्ड पर ही काम करेगा.  WhatsApp beta के Android 2.26.8.6 अपडेट में पता चलता है कि वह भारत के मेंडेटरी सिम लिंक रूल्स पर काम कर रहा है. 

    सिम बाइडिंग नियम क्या है?

    SIM-Binding, असल में एक ऐसी सर्विस है कि कोई भी मैसेजिंग या कम्युनिकेशन ऐप उसी SIM कार्ड के साथ काम करेगा, जिस नंबर से वह रजिस्टर है. स्मार्टफोन से जैसे ही सिम निकाली या बदली जाती है तो WhatsApp भी काम करना बंद कर देगा. UPI ऐप्स में सिम बाइडिंग की सुविधा पहले से है. 

    WhatsApp चलाने के लिए चाहिए होगी एक्टिव सिम कार्ड. (Unsplash)

    Wabetainfo का पोस्ट 

    Wabetainfo ने एक स्क्रीनशॉट्स जारी किया है, जो पोस्ट में देखा जा सकेगा. इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप भारत में नए नियमों को फॉलो करने के लिए तकनीकी उपाय लागू करेगा.

    WhatsApp पर मौजूदा समय सिस्टम  

    मौजूदा समय में यूजर्स समय-समय पर 6 डिजिट के वेरिफिकेशन कोड को एंटर करके WhatsAppको यूज कर सकते हैं. एक बार लॉगइन करने के बाद सिस्टम यह चेक नहीं करता है कि सिम एक्टिव है या नहीं. सिम बाइडिंग के साथ ऐसा नहीं होगा. 

    भारत सरकार का मकसद 

    भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) के मुताबिक, सिम बाइडिंग सिस्टम डिसकनेक्टेड हो चुके हैं नंबर या फिर दोबारा सेल किए गए फोन के नंबर के मिसयूज को रोकना है. साइबर स्कैमर्स पर भी लगाम लगाने में मदद मिलेगी. 

  • काम की खबर: WhatsApp में जुड़ा नया दमदार फीचर, जानिए क्या है खास

    काम की खबर: WhatsApp में जुड़ा नया दमदार फीचर, जानिए क्या है खास

    नई दिल्ली

    व्हाट्सऐप अपने यूजर्स के लिए लगातार नए फीचर्स पेश कर रहा है। अब कंपनी ने ग्रुप चैट से जुड़ा एक अहम अपडेट जारी किया है, जिससे नए सदस्य को ग्रुप की पुरानी बातचीत समझने में आसानी होगी। साथ ही, व्हाट्सऐप वेब पर वीडियो कॉलिंग सुविधा लाने की तैयारी भी चल रही है।

    नए सदस्य को मिलेगी पुरानी चैट
    अब तक जब किसी नए व्यक्ति को ग्रुप में जोड़ा जाता था, तो वह पहले के मैसेज नहीं देख पाता था। नए अपडेट के बाद ग्रुप में जोड़ते समय 'Send message history' का विकल्प मिलेगा। इसके जरिए नए सदस्य को हाल की चैट हिस्ट्री भेजी जा सकेगी, ताकि वह बातचीत का संदर्भ समझ सके और चर्चा में सहजता से शामिल हो सके।

    कितने मैसेज भेज सकेंगे?
    इस फीचर में एडमिन या सदस्य यह चुन सकेंगे कि वे 25, 50, 75 या 100 मैसेज तक की हिस्ट्री साझा करना चाहते हैं। यहां दिनों के आधार पर नहीं, बल्कि मैसेज की संख्या (मैसेज बबल्स) के आधार पर चैट भेजी जाएगी। इससे उपयोगकर्ता अपनी जरूरत के अनुसार सीमित या अधिक मैसेज शेयर कर सकते हैं।

    सभी को मिलेगी सूचना
    जब किसी नए सदस्य को चैट हिस्ट्री भेजी जाएगी, तो ग्रुप में मौजूद सभी लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी। नए सदस्य को एक विशेष लेबल भी दिखाई देगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि उसे किस तारीख और समय से मैसेज उपलब्ध कराए गए हैं। यह सुविधा ग्रुप एडमिन के अलावा वह सदस्य भी इस्तेमाल कर सकता है, जो किसी को ग्रुप में जोड़ रहा है।

    सुरक्षा और गोपनीयता बरकरार
    कंपनी के अनुसार, शेयर की गई चैट पूरी तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहेगी। यानी बातचीत की सुरक्षा पहले की तरह सुरक्षित रहेगी। इसके अलावा, जो मैसेज हिस्ट्री भेजी जाएगी, वह सामान्य चैट से अलग तरीके से दिखाई देगी। इसमें समय और भेजने वाले की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

    व्हाट्सऐप वेब पर वीडियो कॉलिंग
    ग्रुप फीचर के अलावा कंपनी व्हाट्सऐप वेब यूजर्स के लिए भी नया अपडेट लाने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्राउजर के जरिए वीडियो कॉलिंग सुविधा की टेस्टिंग की जा रही है। अभी कॉलिंग फीचर केवल Windows और macOS ऐप में उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही Chrome, Safari और Firefox जैसे ब्राउजर पर भी वीडियो कॉल संभव हो सकता है। फिलहाल यह फीचर बीटा वर्जन में है और आने वाले समय में सभी यूजर्स के लिए जारी किया जा सकता है।