Tag: railway

  • Chandigarh में 36 दिन का रेलवे ब्लॉक, 12 ट्रेनें रद्द और कई के प्लेटफॉर्म बदले; 10 अक्टूबर से असर

    Chandigarh में 36 दिन का रेलवे ब्लॉक, 12 ट्रेनें रद्द और कई के प्लेटफॉर्म बदले; 10 अक्टूबर से असर

    चंडीगढ़
    चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण के कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। रेलवे ने निर्माण कार्य के लिए 36 दिन का ब्लॉक मंजूर किया है। यह काम तीन चरणों में होगा। इस दौरान स्टेशन पर पिलर मजबूत करने और फुट ओवरब्रिज पर छत डालने का काम किया जाएगा।

    निर्माण कार्य के चलते चंडीगढ़ और कालका से चलने वाली 12 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों को चंडीगढ़ के बजाय अंबाला और साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) से चलाया जाएगा। कुछ ट्रेनों को चंडीगढ़-अंबाला के बीच आंशिक रूप से रद्द कर शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। इसके अलावा, कई ट्रेनों के प्लेटफॉर्म भी बदले गए हैं।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, निर्माण एजेंसी अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स को एक महीने के भीतर दूसरी बार अंबाला मंडल से ब्लॉक की मंजूरी मिली है। इस बार 36 दिन का ब्लॉक तीन हिस्सों में लगाया जा रहा है। प्रत्येक चरण 12 दिन का होगा। रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, पहला ब्लॉक 10 से 21 सितंबर तक रहेगा।

    इसके बाद दूसरा चरण 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक और तीसरा चरण 4 से 15 अक्टूबर तक चलेगा। इन 36 दिनों के दौरान अलग-अलग चरणों में निर्माण कार्य किया जाएगा। काम की वजह से स्टेशन के प्लेटफार्म और ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा।

    6 ट्रेनें अंबाला से चलेंगी
    ब्लॉक के दौरान रेलवे ने 6 ट्रेनों को अंबाला से संचालित करने का फैसला किया है। वहीं, 8 ट्रेनों को साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) रेलवे स्टेशन से चलाया जाएगा। इससे चंडीगढ़ से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए मोहाली या अंबाला तक पहुंचना पड़ सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के संचालन स्टेशन और समय की जानकारी रेलवे से जरूर जांच लें।

    20 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले
    ब्लॉक के दौरान चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की साफ-सफाई और धुलाई के लिए भी प्लेटफार्म में बदलाव किया गया है। 10 से 21 सितंबर तक करीब 20 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले गए हैं। रेलवे के अनुसार, प्लेटफार्म नंबर 1 और 2 से चलने वाली कुछ ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म से रवाना किया जाएगा।

    प्लेटफार्म की जानकारी दोबारा जांचनी होगी
    4 से 15 अक्टूबर तक इन ट्रेनों के लिए प्लेटफार्म नंबर 3, 4 और 6 का इस्तेमाल किया जाएगा। बदलाव के कारण यात्रियों को स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन के प्लेटफार्म की जानकारी दोबारा जांचनी होगी। ब्लॉक के अलग-अलग चरणों में अन्य ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया जाएगा। कुछ ट्रेनों को चंडीगढ़ की बजाय मोहाली या अंबाला से चलाया जाएगा।

    यात्रियों के लिए सितंबर-अक्टूबर रहेगा परेशानी वाला
    चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण का काम लंबे समय से चल रहा है। स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य किया जा रहा है। अब पिलर की फिलिंग और कॉनकोर्स से जुड़े फुट ओवरब्रिज पर रूफ डालने के काम के कारण रेलवे को बड़े स्तर पर परिचालन में बदलाव करना पड़ रहा है।

    36 दिन के इस ब्लॉक के कारण सितंबर से अक्टूबर के बीच चंडीगढ़ से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर स्टेशन पहुंचना होगा। जिन यात्रियों की ट्रेन मोहाली या अंबाला से चलेगी, उन्हें वहां तक पहुंचने के लिए भी अतिरिक्त समय रखना पड़ेगा।

  • सतना-मानिकपुर रेलखंड पर बाढ़ का खौफनाक मंजर, 3 फीट पानी में डूबे ट्रैक से गुजरी ट्रेन

    सतना-मानिकपुर रेलखंड पर बाढ़ का खौफनाक मंजर, 3 फीट पानी में डूबे ट्रैक से गुजरी ट्रेन

    सतना

    मध्यप्रदेश के सतना-चित्रकूट इलाके में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. क्षेत्र की नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसी बीच मानिकपुर के पास स्थित डोडा डैम के ओवरफ्लो होकर टूटने से अचानक मानिकपुर और चित्रकूट इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. इसके चलते सतना-मानिकपुर रेलखंड पर चितहरा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पूरी तरह जलमग्न हो गया। 

    सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें एक तरफ यात्री ट्रेन और दूसरी तरफ मालगाड़ी खड़ी नजर आ रही है. ट्रैक के आसपास घुटनों से ऊपर लगभग तीन फीट तक पानी बहता दिखाई दे रहा है. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई जगहों पर पटरियां दिखना पूरी तरह बंद हो गईं। 

    सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे कर्मचारियों और लाइनमैन ने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक की स्थिति को परखा. रेलकर्मी हाथ में लाल झंडी लेकर घुटनों से ऊपर उफनते पानी में उतरे और धीरे-धीरे आगे बढ़े. लाल झंडी दिखाते कर्मचारी के पीछे-पीछे ट्रेन पानी को चीरती हुई बेहद धीमी गति से आगे बढ़ती नजर आई। 

    रेलवे ने प्रोटोकॉल के तहत रोकी गाड़ियां, 48 ट्रेनें प्रभावित
    घटना और रेल यातायात पर पड़े असर की जानकारी देते हुए जबलपुर डिवीजन की CPRO मधु वर्मा ने बताया, पिछले 3-4 दिनों से लगातार बारिश हो रही थी और बीती रात भी काफी तेज बारिश हुई, जिससे नदियां उफान पर आ गईं. सुबह लगभग 6:30 बजे ट्रैक पर पानी भरने की स्थिति बनी. चितहरा और मझगवां के पास रेल ट्रैक के ऊपर पानी आ गया था. रेलवे के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए हमारी पेट्रोलिंग टीम, की-मैन और सुपरवाइजर्स ने ट्रैक की सघन जांच की. जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेनों को सुरक्षित रवाना किया गया। 

    CPRO ने आगे बताया कि इस चेकिंग और सुरक्षा प्रक्रिया के कारण लगभग 28 यात्री ट्रेनों और 20 मालगाड़ियों के संचालन में विलंब (डिले) हुआ है. राहत की बात यह है कि लंबी दूरी की किसी भी ट्रेन को निरस्त नहीं किया गया, केवल सतना से मानिकपुर के बीच चलने वाली मेमू (MEMU) ट्रेन को ही रद्द किया गया। 

     

  • ट्रेन रफ्तार में होगा इजाफा, ‘डायरेक्ट ड्राइव’ सिस्टम से 33.86 किमी. पर बढ़ेगी गति

    ट्रेन रफ्तार में होगा इजाफा, ‘डायरेक्ट ड्राइव’ सिस्टम से 33.86 किमी. पर बढ़ेगी गति

    भोपाल 

    पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने रेलवे सिग्नलिंग में बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। कुरवाई केथोरा-मंडी बामोरा-कालहार खंड के कुल 33.86 किमी. डबल लाइन पर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली को कमीशन किया है। इस सेक्शन में ट्रेन के प्रवेश करते ही सुरक्षित सिग्नल रिसीव और फॉरवर्ड होंगे। इसी के साथ जैसे-जैसे ट्रेन आगे जाएगी, वैसे सिग्नल क्लीयर होते जाएंगे।

    कुल मिलाकर एआइ सिस्टम जैसी इस तकनीक में मानवीय त्रुटि की आशंका काफी कम होगी। खास बात यह है कि यहां पहली बार डायरेक्ट ड्राइव मॉड्यूल आधारित तकनीक उपयोग की है। इस प्रणाली में ब्लॉक सेक्शन के ऑटो सिग्नलों को सीधे वे साइडकैबिनेट के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है। इससे पहले की पारंपरिक व्यवस्था पर निर्भरता कम होगी। इससे सिस्टम तेज, भरोसेमंद और रखरखाव में आसान बनेगा।

    दो नए ऑटो हट बनेंगे

    भोपाल मंडल के कुरवाई- कैथोरा मंडी बामोरा के बीच इस सिस्टम के लगने के बाद नए ऑटो हट बनाए जाएंगे। ऑटो हट में मॉनीटरिंग सिस्टम होगा, जो पूरा डेटा ट्रांसमिशन स्पीड और साइबर अटैक से सुरक्षा दिलाएगा।

    भोपाल-बीना-इटारसी बनेगा फ्रेट कॉरिडोर

    भोपाल रेल मंडल के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल इटारसी-भोपाल-बीना सेक्शन पर चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। 237 किमी लंबी इस परियोजना पर 4,329 करोड़ खर्च होंगे, जिससे यात्री और मालगाडिय़ों के संचालन में सुधार होगा।

    यह नया रेल कॉरिडोर इटारसी से शुरू होकर भोपाल होते हुए बीना तक जाएगा। यह मार्ग नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, भोपाल, विदिशा और सागर जिलों से होकर गुजरेगा। वर्तमान में यह सेक्शन अत्यधिक व्यस्त है, जहां यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी मात्रा में मालगाडिय़ों का संचालन होता है। चौथी लाइन बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और ट्रेनें 220 किमी. की स्पीड से दौड़ सकेंगी।

    भोपाल मंडल में डायरेक्ट ड्राइव सिस्टम को लागू किया है। बाकी सेक्शनों में भी इस तकनीक को इंस्टाल किया जाएगा। सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम