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  • मैहर मेले में पहुंचना होगा आसान, रेलवे ने 8 ट्रेनों को दिया स्टॉपेज; श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

    मैहर मेले में पहुंचना होगा आसान, रेलवे ने 8 ट्रेनों को दिया स्टॉपेज; श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

    बलिया /मैहर 

    मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने आठ ट्रेनों के ठहराव को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. दी गई जानकारी के अनुसार, बलिया रूट से गुजरने वाली आठ प्रमुख ट्रेनों का मैहर स्टेशन पर पांच मिनट का अस्थायी ठहराव निर्धारित किया गया है. इससे बलिया, गाजीपुर, मऊ, छपरा और आसपास के क्षेत्रों से मैहर जाने वाले यात्रियों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है। 

    नवरात्रि और मेले में बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की भीड़
    मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में नवरात्रि और विशेष धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है. मैहर स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव मिलने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने के लिए अधिक समय मिल सकता है. इस फैसले से खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है। 

    आठ ट्रेनों के नाम और समय की आधिकारिक पुष्टि जरूरी
    उपलब्ध जानकारी में आठ ट्रेनों के नाम, गाड़ी संख्या, ठहराव लागू होने की तारीख और आगमन-प्रस्थान का समय स्पष्ट नहीं है. इसलिए यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना, एनटीईएस या रेलवे हेल्पलाइन 139 के माध्यम से संबंधित ट्रेन का ठहराव और समय जरूर जांच लेना चाहिए। 

    सुरक्षा और यात्री सुविधाओं पर रहेगा जोर
    मेले के दौरान स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण रहती है. हालांकि, अतिरिक्त आरपीएफ-जीआरपी बल की तैनाती और विशेष हेल्प डेस्क बनाए जाने के संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। 

  • ट्रेन में बैग चोरी मामले में रेलवे को राहत नहीं, दिल्ली आयोग ने बरकरार रखा ₹1.45 लाख मुआवजे का आदेश

    ट्रेन में बैग चोरी मामले में रेलवे को राहत नहीं, दिल्ली आयोग ने बरकरार रखा ₹1.45 लाख मुआवजे का आदेश

     नई दिल्‍ली

    दिल्‍ली राज्‍य उपभोक्‍ता आयोग ने भारतीय रेलवे को एक पैसेंजर को 1.45 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. जिसका बैग रिजर्व डिब्‍बे से चोरी हो गया था. आयोग का मानना है कि रेलवे यह कहकर बच नहीं सकता है कि सामान यात्री के निजी हिरासत में था। 

    आयोग ने कहा कि असली मुद्दा रेलवे कर्मचारियों की अनरिजर्व एंट्री को रोकने में विफलता थी. पैसेंजर का बैग दो अनरिजर्व व्‍यक्तिओं के रिजर्व बोगी में घुसने के बाद ही गायब हुआ था. इस बैग में 1.20 लाख रुपये का कीमती सामान था। 

     रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले की सुनवाई दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति संगीता ढिंगरा सहगल और सदस्य बिमला कुमारी ने की. दिल्‍ली आयोग ने जिला आयोग के फैसले को बरकरार रखा है। 

    दिल्‍ली आयोग के सामने उत्तर रेलवे ने 16 अप्रैल, 2024 को जिला आयोग के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 7 सितंबर, 2017 से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 1.20 लाख रुपये और 25,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया था। 

    कैसे गायब हुआ था बैग? 
    7 जून 2014 को अजय कुमार महानंदा एक्सप्रेस से दिल्ली से पटना जा रहे थे. ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दो अज्ञात घुसपैठिए उनके अनरिजर्व डिब्बे में घुस गए और उनका ट्रॉली बैग लेकर फरार हो गए. कुमार ने बताया कि बैग में साड़ियां, गहने और कपड़े थे, जिनकी कीमत 12 लाख रुपये थी। 

    चोरी के बाद शिकायत
    अजय कुमार ने बताया कि उन्होंने तुरंत कोच के टीटीई से FIR दर्ज कराने के लिए संपर्क किया. रेलवे पुलिस बल (RPF) ने 7 सितंबर, 2014 को चोरी की पुष्टि की, लेकिन FIR के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. 22 जनवरी, 2015 के एक पत्र में कहा गया कि कुमार को मोबाइल फोन के माध्यम से स्थिति की जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने कहा कि उल्लिखित नंबर उनका नहीं था। 

    अंततः 23 अप्रैल, 2015 को एफआईआर दर्ज की गई. 15 मई, 2017 को मामले को 'अनसुलझा' घोषित कर दिया गया. उत्तर रेलवे ने तर्क दिया कि सामान कुमार की निजी हिरासत में था और न तो रेलवे के पास दर्ज कराया गया था और न ही इसकी जानकारी दी गई थी। 

    राज्य आयोग ने रेलवे के इस तर्क को खारिज कर दिया कि सामान की व्यक्तिगत अभिरक्षा से उसकी जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है. आयोग ने कहा कि मुख्य प्रश्न यह है कि क्या रेलवे ने अनरिजर्व डिब्बे में अनरिजर्व व्यक्तियों के प्रवेश को रोककर यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सावधानी बरती थी. आयोग ने आगे कहा कि अपीलकर्ता की जवाबदेही केवल चोरी होने से नहीं बनती, बल्कि यह बिना परमिशन घुसपैठ को रोकने में विफलता से पैदा होती है, जिस कारण चोरी हो पाई। 

  • रेल मंत्री के स्वागत की तैयारी में रायपुर, ओवरब्रिज पर पर्दे लगाए; ठेले-गुमठियां हटाईं

    रेल मंत्री के स्वागत की तैयारी में रायपुर, ओवरब्रिज पर पर्दे लगाए; ठेले-गुमठियां हटाईं

    रायपुर.

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के रायपुर दौरे में बदलाव किया गया है। अब वे 12 अक्टूबर को रायपुर पहुंचेंगे। पहले रेल मंत्री के 9 अक्टूबर को रायपुर आने का कार्यक्रम था। अपने दौरे के दौरान वे रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के 42वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे।

    रेल मंत्री के दौरे को लेकर रेलवे प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। हर दिन परेड की रिहर्सल कराई जा रही है। वहीं रायपुर रेलवे स्टेशन से लेकर आयोजन स्थल तक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों की टीम लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की कमी न रहे।

    स्टेशन पर भी चल रहा निर्माण कार्य
    रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर नए फुटओवर ब्रिज के लिए लिफ्ट लगाने का काम तेजी से चल रहा है। प्लेटफॉर्म की तरफ क्रेन के जरिए काम किए जाने के कारण यात्रियों के आने-जाने की जगह प्रभावित हुई है। ट्रेन आने के समय यात्रियों की भीड़ पर थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    गुमटियों-ठेलों को भी कराया गया बंद
    वहीं खमतराई ब्रिज के दोनों तरफ पर्दादारी की गई है। गुमटियों और ठेलों को भी बंद करवाया गया है। DRM कार्यालय से लेकर आयोजन स्थल तक साज-सज्जा का काम चल रहा है। खमतराई ओवरब्रिज के दोनों ओर रंगीन पर्दे लगाने के लिए बांस-बल्लियां लगाई गई हैं। रेलवे इंस्टीट्यूट के बाजू से रेल मंत्री के मंच तक मैदान में सीसी रोड का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा ग्राउंड के चारों ओर मुरम की सड़कें बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है।

    RPF स्थापना दिवस को यादगार बनाने की तैयारी
    रेल मंत्री के दौरे के दौरान उन्हें RPF जवानों की परेड और रिहर्सल का निरीक्षण करना है। ऐसे में रेलवे सुरक्षा बल के 42वें स्थापना दिवस समारोह को यादगार बनाने तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

    शहर में RPF की बैंड पार्टी दे रही प्रस्तुतियां
    शहर के अलग-अलग स्थानों पर RPF की बैंड पार्टी भी प्रस्तुतियां दे रही है। मंगलवार को भाठागांव बस स्टैंड में RPF बैंड ने लोकप्रिय और देशभक्ति गीतों की मधुर धुनें प्रस्तुत कीं। बैंड की प्रस्तुति सुनकर बड़ी संख्या में लोग रुक गए और जवानों की प्रस्तुति को देखते नजर आए।

  • बागदेव के घने जंगलों में अनोखा X आकार, एक ओर नेशनल हाईवे-46 तो दूसरी तरफ दिल्ली-चेन्नई रेलमार्ग

    बागदेव के घने जंगलों में अनोखा X आकार, एक ओर नेशनल हाईवे-46 तो दूसरी तरफ दिल्ली-चेन्नई रेलमार्ग

    इटारसी 

    इटारसी के पास बागदेव के घने जंगलों में एक ऐसा नजारा है, जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचता है. यहां ग्वालियर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-46 और दिल्ली-चेन्नई मुख्य रेल मार्ग एक-दूसरे को X आकार में पार करते हैं. ऊंचाई से देखने पर रोड और रेलवे ट्रैक का यह संगम बेहद खूबसूरत दिखाई देता है. चारों ओर हरियाली और पहाड़ियों के बीच बना यह स्थान पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। 

    पहाड़ी कटेगी,बनेगा नया कलवर्ट ब्रिजइटारसी के बागदेव की तस्वीर बदलने की तैयारी
    लेकिन इस खूबसूरत जगह पर सफर करना फिलहाल आसान नहीं है. रेलवे पुल के नीचे सड़क का रास्ता संकरा होने के कारण यहां अक्सर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. खासकर छुट्टियों और धार्मिक अवसरों पर तवानगर, शरद देव बाबा और ग्यारहमुखी हनुमान मंदिर जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

    अब इस समस्या को दूर करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और रेलवे मिलकर बड़ा विकास कार्य करने की तैयारी में हैं. इसके तहत सड़क और रेलवे दोनों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। 

    वर्तमान में इस रेल पुल के नीचे एकल मार्ग होने के कारण यहां वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं, जिससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भारी असुविधा होती है। अब एनएचएआई और रेलवे मिलकर यहां एक मेगा डबल एक्शन प्लान पर काम कर रहे हैं। इस विस्तृत योजना के तहत, हाईवे को टू-लेन करने के लिए पास की पहाड़ी को काटकर रास्ता निकाला जाएगा।

    नया विशेष कलवर्ट ब्रिज बनेगा : मुख्य रेल ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुल के नीचे एक नया विशेष कलवर्ट ब्रिज बनाया जाएगा। इसके अलावा, इस महत्वपूर्ण गलियारे की क्षमता बढ़ाने के लिए यहां तीसरी और चौथी रेल पटरी के लिए भी नए पुल तैयार किए जाएंगे।

    इस बड़े विकास कार्य के पूरा होने पर तवानगर, शरद देव बाबा और ग्यारह मुखी हनुमान मंदिर जाने वाले यात्रियों व श्रद्धालुओं का सफर पूरी तरह से सुगम और बाधा रहित हो जाएगा।

    पहाड़ी काटकर चौड़ा होगा हाईवे
    योजना के अनुसार नेशनल हाईवे को टू-लेन किया जाएगा. इसके लिए पास की पहाड़ी के एक हिस्से को काटकर सड़क के लिए एक्सट्रा जगह बनाई जाएगी. इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही आसान होगी और जाम की समस्या काफी कम होने की उम्मीद है। 

    रेलवे पुल के नीचे बनेगा नया कलवर्ट
    मुख्य रेलवे ढांचे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल के नीचे एक नया विशेष कलवर्ट ब्रिज बनाया जाएगा. इससे सड़क को पर्याप्त चौड़ाई मिलेगी और वाहनों के निकलने के लिए बेहतर रास्ता तैयार होगा. इसके साथ ही भविष्य में रेल यातायात बढ़ाने के लिए तीसरी और चौथी रेल पटरी के लिए भी नए पुल बनाए जाने की योजना है. इससे इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के संचालन में भी सुविधा होगी। 

    यह परियोजना पूरी होने के बाद सड़क और रेलवे दोनों का आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है. तवानगर, शरद देव बाबा और ग्यारहमुखी हनुमान मंदिर जाने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलेगी. इसके साथ ही बागदेव का यह अनोखा X आकार का संगम आने वाले समय में और सुगम और  आकर्षक पर्यटन की जगह बन सकता है। 

    मध्य प्रदेश के इटारसी के पास बागदेव के जंगलों में ग्वालियर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-46 और दिल्ली-चेन्नई मुख्य रेलवे लाइन एक 'एक्स' (X) आकार में एक दूसरे को पार करती हैं, जो ऊपर से देखने पर बहुत सुंदर दिखाई देता है।

    रेलवे ब्रिज के नीचे सड़क संकरी होने के कारण यहाँ अक्सर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। विशेष रूप से छुट्टियों और धार्मिक अवसरों पर तवानगर, शरद देव बाबा और ग्यारहमुखी हनुमान मंदिर जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    यातायात की समस्या को हल करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग को दो-लेन बनाया जाएगा जिसके लिए पहाड़ी को काटा जाएगा, और रेलवे ब्रिज के नीचे पर्याप्त चौड़ाई के साथ एक नया विशेष कलवर्ट ब्रिज बनाया जाएगा।

  • Railway Pension Rules 2026: 100% तक फैमिली पेंशन का प्रावधान, जानें नए नियम

    Railway Pension Rules 2026: 100% तक फैमिली पेंशन का प्रावधान, जानें नए नियम

       नई दिल्ली

    रेलवे में नौकरी करने वालों के लिए पेंशन से जुड़ा एक ऐसा नियम आया है, जिसे कर्मचारी और उनके परिवार को जरूर समझना चाहिए. नौकरी के दौरान अगर किसी कर्मचारी को गंभीर बीमारी, हादसे या किसी ऐसी घटना का सामना करना पड़ता है, जिसका संबंध उसकी सेवा से है, तो उसके बाद मिलने वाली पेंशन सामान्य नियमों से अलग हो सकती है. कर्मचारी की स्थिति, मौत या डिसएबिलिटी किस तरह की घटना से जुड़ी है, इसके आधार पर पेंशन का पूरा ढांचा तय होगा। 

    रेलवे ने अब इसके लिए नए नियम लागू कर दिए हैं. रेलवे बोर्ड ने 'रेल सर्विस एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन रूल्स, 2026' को नोटिफाई कर दिया है. नए नियमों ने 1993 के एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन रूल्स की जगह ली है. इनमें सेवा के दौरान मौत या डिसएबिलिटी से जुड़े मामलों के अलावा फैमिली पेंशन, मेडिकल बोर्ड की अपील, डिसएबिलिटी की गणना, सेवा से जुड़ी बीमारियां और पेंशन में देरी जैसे कई प्रावधान शामिल किए गए हैं। 

    किन कर्मचारियों और परिवारों को मिलेगा फायदा?

    नए नियम उन मामलों में लागू होंगे, जहां कर्मचारी की डिसएबिलिटी या मौत का संबंध रेलवे सेवा से हो. अगर कर्मचारी डिसएबिलिटी के बाद भी रेलवे की सेवा में बना रहता है, तब भी इन नियमों के तहत प्रावधान लागू हो सकते हैं. इसके अलावा एक्स्ट्राऑर्डिनरी फैमिली पेंशन के दायरे में आने वाले परिवार भी इन नियमों से कवर होंगे. यानी कर्मचारी की सेवा से जुड़ी मौत की स्थिति में उसके परिवार को मिलने वाली पेंशन भी घटना की कैटेगरी के हिसाब से तय होगी. NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि उन्होंने 2025 के संबंधित नियमों के तहत कौन-सा विकल्प चुना है। 

    नए रूल्स में मौत और डिसएबिलिटी की 4 कैटेगरी
    नए नियमों में सेवा से जुड़ी मौत और डिसएबिलिटी को चार कैटेगरी में बांटा गया है. इन्हीं कैटेगरी से यह तय होगा कि कर्मचारी या उसके परिवार को किस तरह का पेंशन लाभ मिलेगा। 

    Category A: ऐसी मौत या डिसएबिलिटी जो प्राकृतिक कारणों से हुई हो और जिसका रेलवे सेवा से कोई संबंध नहीं हो। 

    Category B: ऐसी मौत या डिसएबिलिटी जो रेलवे सेवा के कारण हुई हो या सेवा की वजह से बढ़ी हो। 

    Category C: दंगे, हिंसा, खराब मौसम, राहत या बचाव अभियान जैसी गंभीर परिस्थितियों में हुई मौत या डिसएबिलिटी। 
    Category D: आतंकवादी हमले, युद्ध जैसी परिस्थितियों या दुश्मन की कार्रवाई से जुड़े मामले। 

    यानी हर मामले में एक जैसा पेंशन नियम लागू नहीं होगा. घटना की प्रकृति के आधार पर कर्मचारी या परिवार का लाभ बदल सकता है। 

    डिसएबिलिटी पेंशन कैसे तय होगी?
    नई व्यवस्था में डिसएबिलिटी पेंशन को दो हिस्सों में बांटा गया है- सर्विस एलीमेंट और डिसएबिलिटी एलीमेंट. सर्विस एलीमेंट कर्मचारी की पेंशन योग्य सैलरी यानी इमोल्यूमेंट्स या एवरेज इमोल्यूमेंट्स के 50% के बराबर होगा, जो भी अधिक हो. कैटेगरी B, C और D में 100% डिसएबिलिटी होने पर डिसएबिलिटी एलीमेंट 30% होगा. इस तरह 100% डिसएबिलिटी की स्थिति में पेंशन का ढांचा 50% सर्विस एलीमेंट और 30% डिसएबिलिटी एलीमेंट से बनेगा. खास बात यह है कि इसके लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग सर्विस की शर्त नहीं रखी गई है. यानी 10 साल से कम सेवा वाले कर्मचारी को भी सर्विस एलीमेंट मिल सकता है. हालांकि ऐसी स्थिति में सर्विस ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलेगा। 

    डिसएबिलिटी का प्रतिशत कैसे तय होगा?
    डिसएबिलिटी का प्रतिशत भी पेंशन तय करने में अहम भूमिका निभाएगा. मेडिकल बोर्ड अगर डिसएबिलिटी 50% तक तय करता है, तो डिसएबिलिटी एलीमेंट के लिए 50% ही माना जाएगा. अगर डिसएबिलिटी 50% से ज्यादा और 75% तक है, तो गणना के लिए इसे 75% माना जाएगा. वहीं 75% से ज्यादा और 100% तक डिसएबिलिटी होने पर 100% माना जाएगा. इस व्यवस्था को डिसएबिलिटी की ब्रॉड-बैंडिंग कहा गया है. इसका मकसद यह है कि कुछ स्तर की डिसएबिलिटी होने पर पेंशन की गणना कर्मचारी के लिए ज्यादा अनुकूल तरीके से की जा सके। 

    मौत होने पर परिवार को कितनी पेंशन?
    यहीं नए नियमों का एक अहम हिस्सा सामने आता है. Extraordinary Family Pension में विधवा या विधुर (जिसकी पत्नी मर गई हो) के अलावा पात्र आश्रित बच्चे, माता-पिता और आश्रित भाई-बहन भी शामिल हो सकते हैं. कैटेगरी A के मामलों में सामान्य पेंशन नियम लागू होंगे. लेकिन सेवा से जुड़ी गंभीर घटनाओं वाली कैटेगरी B, C और D में परिवार को अलग प्रावधान के तहत पेंशन मिलेगी. कैटेगरी B में फैमिली पेंशन कर्मचारी की पे के 60% के बराबर होगी. वहीं कैटेगरी C और D में फैमिली पेंशन कर्मचारी की बेसिक पे के 100% के बराबर होगी। 

    रेलवे बोर्ड के नियमों के मुताबिक फैमिली पेंशन ₹18,000 से कम नहीं होगी. अगर डिसएबिलिटी पेंशन पा रहा कर्मचारी उसी चोट या बीमारी के कारण बाद में मृत्यु को प्राप्त होता है, तो उसके लिए भी अलग प्रावधान दिए गए हैं. डिसएबिलिटी रिटायरमेंट की तारीख से सात साल के भीतर ऐसी मौत होने पर संबंधित कैटेगरी के तहत Extraordinary Pension का लाभ परिवार को मिल सकता है। 

    नौकरी जारी रही तो क्या होगा?
    मान लीजिए किसी कर्मचारी को डिसएबिलिटी हुई, लेकिन रेलवे ने उसे नौकरी से हटाने के बजाय सेवा में बनाए रखा. ऐसी स्थिति में उसे हर महीने डिसएबिलिटी एलीमेंट नहीं मिलेगा. इसके बजाय डिसएबिलिटी एलीमेंट की कैपिटलाइज्ड वैल्यू के आधार पर एकमुश्त मुआवजा दिया जाएगा. गजट नोटिफिकेशन में इसका उदाहरण भी दिया गया है. अगर कर्मचारी की उम्र 40 साल है, बेसिक पे ₹30,000 महीना है, वह Category B में आता है और डिसएबिलिटी 40% है, तो 30% डिसएबिलिटी एलीमेंट और 9.075 के कम्यूटेशन फैक्टर के आधार पर एकमुश्त रकम ₹3,92,040 बनती है। 

    पेंशन के लिए अलग से आवेदन नहीं
    नए नियमों में कर्मचारियों और परिवारों के लिए एक अहम राहत आवेदन की प्रक्रिया को लेकर है. डिसएबिलिटी पेंशन या Extraordinary Family Pension के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी. संबंधित केस की जांच और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हेड ऑफ ऑफिस की होगी. मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर मामले पर फैसला किया जाएगा. डिसएबिलिटी पेंशन के मामलों में तय समय के भीतर पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी करना होगा। 

    पेंशन में देरी हुई तो इंटरेस्ट मिलेगा
    नए नियमों में पेंशन भुगतान में देरी को लेकर भी प्रावधान किया गया है. अगर प्रशासनिक चूक या लापरवाही की वजह से पेंशन जारी होने में देरी होती है, तो पेंशनर या फैमिली पेंशनर को बकाया रकम पर ब्याज देना होगा. इसका मतलब यह है कि पेंशन की प्रक्रिया में देरी होने पर कर्मचारी या परिवार को सिर्फ बकाया रकम का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि नियमों के तहत ब्याज का भी प्रावधान है। 

    मेडिकल बोर्ड की अपील और दूसरी सुविधाएं
    नए एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन रूल्स में मेडिकल बोर्ड के फैसले के खिलाफ अपील, डिसएबिलिटी की ब्रॉड-बैंडिंग और सेवा से जुड़ी बीमारियों जैसे मामलों को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा पेंशन भुगतान में देरी और अटेंडेंट अलाउंस से जुड़े प्रावधान भी नए नियमों का हिस्सा हैं। 

    रेलवे कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी ये नियम?
    इन नियमों को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि सेवा के दौरान किसी कर्मचारी के साथ हुई घटना को किस कैटेगरी में रखा जाता है, उसी के आधार पर पेंशन और परिवार को मिलने वाला लाभ तय होगा. खास तौर पर कैटेगरी B, C और D में आने वाले मामलों में कर्मचारी की डिसएबिलिटी और परिवार की पेंशन के लिए अलग प्रावधान हैं. वहीं NPS कर्मचारियों को अपने चुने गए विकल्प के आधार पर लाभ देखना होगा. यानी रेलवे कर्मचारी के लिए सिर्फ यह जानना काफी नहीं है कि एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन का नियम बदल गया है. यह समझना भी जरूरी है कि उसका मामला किस कैटेगरी में आएगा, डिसएबिलिटी कितनी मानी जाएगी और जरूरत पड़ने पर परिवार को किस आधार पर पेंशन मिलेगी। 

  • दीपावली-छठ के लिए रेलवे ने कसी कमर, झांसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी स्पेशल ट्रेनें

    दीपावली-छठ के लिए रेलवे ने कसी कमर, झांसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी स्पेशल ट्रेनें

    झाँसी 

    रेल प्रशासन द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि रेलवे द्वारा दुर्गा पूजा, दीपावली एवं छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन विशेष ट्रेनों में झाँसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए संबंधित विवरण निम्नानुसार है।

    1. गाड़ी संख्या 01703/01704 जबलपुर–हरिद्वार–जबलपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन यह विशेष ट्रेन जबलपुर से प्रत्येक गुरुवार तथा हरिद्वार से प्रत्येक शुक्रवार चलेगी।
    संचालन अवधि: 01703 जबलपुर से 22 अक्टूबर 2026 से 19 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे तथा 01704 हरिद्वार से 23 अक्टूबर 2026 से 20 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे।

    2. गाड़ी संख्या 01707/01708 जबलपुर–नई दिल्ली/हज़रत निजामुद्दीन–जबलपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन यह विशेष ट्रेन जबलपुर से प्रत्येक शनिवार तथा हज़रत निजामुद्दीन से प्रत्येक रविवार चलेगी।

    संचालन अवधि: 01707 जबलपुर से 17 अक्टूबर 2026 से 14 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे तथा 01708 हज़रत निजामुद्दीन से 18 अक्टूबर 2026 से 15 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे।

    यात्रियों के लिए अपील: यात्रा से पहले अपनी गाड़ी, तिथि एवं समय की पुष्टि कर लें तथा निर्धारित समय से पर्याप्त पहले स्टेशन पहुँचें।

    ट्रेन संख्या 01703/01704 – जबलपुर–हरिद्वार विशेष ट्रेन
    स्टेशन    01703 जबलपुर–हरिद्वार    01704 हरिद्वार–जबलपुर
        आगमन    प्रस्थान    आगमन    प्रस्थान
    जबलपुर    17.10    15.30    16.20    —
    कटनी मुरवारा    17.17    17.15    14.20    14.30
    दमोह    18.40    18.42    12.20    12.22
    सागर    19.50    19.55    11.15    11.20
    बीना मालखेड़ी    21.00    21.02    10.00    10.02
    अगासोद    —    21.45    —    08.30
    वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी    00.05    00.10    05.55    06.00
    ग्वालियर जंक्शन    02.15    02.20    04.20    04.25
    आगरा कैंट    04.20    04.25    01.40    01.45
    मितावली    —    05.40    —    00.30
    अलीगढ़ जंक्शन    07.03    07.05    23.15    23.17
    खुर्जा जंक्शन    08.00    08.02    22.05    22.07
    हापुड़    09.30    09.35    20.10    20.15
    मेरठ सिटी    10.30    10.35    19.30    19.35
    टपरी    —    12.10    —    17.15
    रुड़की    13.15    13.17    16.20    16.22
    हरिद्वार    14.20    —    —    15.10
    ट्रेन संख्या 01707/01708 – जबलपुर–नई दिल्ली साप्ताहिक विशेष ट्रेन
    स्टेशन    01707 जबलपुर–नई दिल्ली    01708 नई दिल्ली–जबलपुर

        आगमन    प्रस्थान    आगमन    प्रस्थान
    जबलपुर    —    20.20    09.30    —
    कटनी मुरवारा    21.35    21.40    06.10    06.15
    दमोह    22.55    22.57    04.40    04.42
    सागर    00.15    00.20    03.30    03.35
    अगासोद    —    03.00    —    02.30
    वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी    05.55    06.00    00.05    00.10
    ग्वालियर जंक्शन    07.30    07.35    22.40    22.45
    धौलपुर जंक्शन    08.50    08.52    21.45    21.47
    आगरा कैंट    09.35    09.40    20.30    20.35
    मथुरा जंक्शन    10.35    10.40    19.35    19.40
    कोसी कलां    11.10    11.12    17.15    17.17
    पलवल    —    13.20    —    16.42
    नई दिल्ली    14.25    —    —    15.45

    यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण अपील
    पटाखे साथ न लाएँ — सुरक्षित यात्रा अपनाएँ।
    ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी रखें — स्वयं और दूसरों की सुरक्षा करें।
    कम सामान, सुखद सफर — आवश्यक सामान के साथ ही यात्रा करें

     

  • जर्जर रेलवे क्वार्टरों की जगह बनेंगी 5 मंजिला इमारतें, रेलकर्मियों को मिलेंगे 2BHK-3BHK फ्लैट

    जर्जर रेलवे क्वार्टरों की जगह बनेंगी 5 मंजिला इमारतें, रेलकर्मियों को मिलेंगे 2BHK-3BHK फ्लैट

    नई दिल्ली

    रेलवे में काम करनेवाले लाखों कर्मचारियों के लिए अच्‍छी खबर है. खासकर उन रेलकर्मियों के लिए, जो रेलवे के बेहद पुराने मकानों में रह रहे हैं. जिन रेलवे कॉलोनी में मकान 50 साल पुराने हो गए हैं या असुरक्षित घोषित किए जा चुके हैं, उन कॉलोनी का कायाकल्‍प होने वाला है। दरअसल, रेलवे बोर्ड की योजना, 50 साल से ज्‍यादा पुराने और असुरक्षित रेलवे क्‍वार्टर्स को हटाकर आधुनिक बहुमंजिला इमारतें तैयार करने की है. जमीन का बेहतर इस्‍तेमाल करते हुए G-4 यानी 4 मंजिली या उससे ज्‍यादा ऊंची इमारतें बनाई जाएंगी और इन भवनों में रेलकर्मियों को रहने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा बड़े कमरों वाले फ्लैट मिलेंगे। 

    दरअसल, इस संबंध में रेलवे बोर्ड का निर्देश पत्र फिर से चर्चा में है, जिसमें पुराने जर्जर मकानों को चरणबद्ध तरीके से ध्‍वस्‍त करने और उनकी जगह बहुमंजिला बिल्डिंग बनवाने के संबंध में सभी जोनल रेलवे, मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट्स और केंद्रीय संगठनों को निर्देश दिए गए थे। रेलवे बोर्ड के सूत्र ने बताया कि पूर्व में ही सभी जोन को ऐसा एक पत्र जारी किया गया था. इस पत्र में असुरक्षित रेलवे कॉलोनियों की प्राथमिकता सूची तैयार कर वर्क-प्‍लान भेजने को कहा गया है. कुछ जगहों पर काम प्रगति में होने की भी खबरें हैं। 

    बड़े फ्लैट, लिफ्ट, पार्किंग, पावर बैकअप भी
    रेलवे बोर्ड का प्‍लान जमीन पर उतारा गया तो रेलकर्मियों को पुराने ढर्रे वाली कॉलोनी के जर्जर मकानों में नहीं, बल्कि 4-5 या ज्‍यादा मंजिल वाली बिल्डिंग में बड़े कमरों वाले फ्लैट मिलेंगे. जिन रेलकर्मियों को ऊंची बिल्डिंग में फ्लैट मिलेंगे, उन्‍हें बिल्डिंग में लिफ्ट की भी सुविधा मिलेगी। .

    संभव हो तो बिजली के लिए छतों पर सोलर एनर्जी प्‍लांट भी इंस्‍टॉल किए जाएंगे, ताकि पावर-कट होने पर भी बिजली मिलती रहे. यही नहीं, फ्लैट में आधुनिक रसोई की फिटिंग और वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्‍यवस्‍था देने का भी प्‍लान है।  

        ऊंची बिल्डिंग्‍स बनने पर टाइप-2 और टाइप-3 रेलवे क्वार्टरों का कवर्ड एरिया बढ़ जाएगा। 
        कम जगह होने के बावजूद ज्‍यादा से ज्‍यादा रेलकर्मियों को सुरक्षित आवास मुहैया कराया जा सकेगा। 
        रेलकर्मियों को 2BHK और 3BHK वाले आवास के स्‍टैंडर्ड  के मुताबिक डेवलप किया जाएगा। 
        कर्मचारियों को पुराने और छोटे कमरों की बजाय पहले से ज्‍यादा जगह वाले आधुनिक आवास मिलेंगे। 
        कोई बिल्डिंग अगर तीन से ज्‍यादा मंजिल वाली हुई तो उनमें लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी ही रहेगी।  
        छत पर सोलर एनर्जी सिस्‍टम, मॉड्युलर किचन फिटिंग और बिल्डिंग के नीचे अलग पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।  

    रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार इन रेलकर्मियों के लिए आवासीय बिल्डिंग के पुनर्निर्माण प्रोजेक्‍ट के लिए पैसे वर्क्स प्रोग्राम के प्लान हेड-51 यानी कर्मचारी सुविधाओं के तहत उपलब्ध कराई जाएगी. बताया ये भी जा रहा है कि जहां भी संभावना बनेगी, इन परियोजनाओं को स्टेशन पुनर्विकास और अमृत भारत योजना से भी जोड़ा जा सकेगा। 

  • रेलवे ने किया 16 दिन के मेगा ब्लॉक का ऐलान, 42 ट्रेनें रद्द-25 डायवर्ट; जानें पूरा अपडेट

    रेलवे ने किया 16 दिन के मेगा ब्लॉक का ऐलान, 42 ट्रेनें रद्द-25 डायवर्ट; जानें पूरा अपडेट

    पुणे
    पुणे से ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है. सेंट्रल रेलवे 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक पुणे इलाके में बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर ब्लॉक लेने जा रहा है. इस दौरान 42 ट्रेनें रद्द रहेंगी, 25 ट्रेनों का रूट बदला जाएगा, जबकि कई ट्रेनों को बीच के स्टेशनों से शुरू या खत्म किया जाएगा. इसका असर लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ पुणे की लोकल और डीईएमयू सेवाओं पर भी पड़ेगा। 

    रेलवे के मुताबिक, हडपसर और घोरपड़ी के बीच तीसरी रेल लाइन को चालू करने के लिए यह मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है. इस दौरान पुणे और हडपसर यार्ड में इंजीनियरिंग, सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन और ओवरहेड इक्विपमेंट से जुड़े काम किए जाएंगे। काम के चलते कुछ रेल लाइनें उपलब्ध नहीं रहेंगी, इसलिए कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या रीशेड्यूल किया जाएगा।

    ये 42 ट्रेनें रहेंगी रद्द

    इस मेगा ब्लॉक के दौरान 42 ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर नहीं चलेंगी. इनमें 12169 पुणे-सोलापुर और 12170 सोलापुर-पुणे ट्रेनें 19 से 23 सितंबर और 3-4 अक्टूबर को रद्द रहेंगी। 

    इसके अलावा 12116, 12115, 12114, 12113, 11041 और 11042 भी तय तारीखों पर रद्द रहेंगी. 4 अक्टूबर को 22105, 22106, 11007, 11008, 11029, 11030, 12127, 12128, 12157, 12158, 11423 और 11424 समेत कई ट्रेनें नहीं चलेंगी। 

    लोकल और DEMU पर भी असर
    मेगा ब्लॉक का असर पुणे-दौंड और पुणे-लोनावला के यात्रियों पर भी पड़ेगा. 71407 और 71408 पुणे-दौंड डीईएमयू 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी. इसके अलावा 71411, 71412, 71404, 71405, 71401, 71402, 71413, 71419 और 71420 अलग-अलग तारीखों पर रद्द रहेंगी. पुणे-लोनावला की 99812, 99818, 99813, 99820 और 99821 सबअर्बन सेवाएं 4 अक्टूबर को रद्द रहेंगी. वहीं 71441 और 71442 अहमदनगर-बीड़ डीईएमयू 5 अक्टूबर को नहीं चलेंगी। 

    25 ट्रेनों का बदला जाएगा रूट
    मेगा ब्लॉक के दौरान 25 ट्रेनों को उनके सामान्य रास्ते के बजाय दूसरे रूट से चलाया जाएगा. 12221 पुणे-हावड़ा 19 सितंबर और 3 अक्टूबर को डायवर्ट रूट से चलेगी. वहीं 12222 हावड़ा-पुणे 3 अक्टूबर को मनमाड-इगतपुरी-कल्याण-पनवेल-कर्जत-लोनावला होते हुए पुणे पहुंचेगी. 22159 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-एमजीआर चेन्नई सेंट्रल 19 से 23 सितंबर और 4 अक्टूबर को कल्याण-इगतपुरी-मनमाड-दौंड रूट से चलेगी. 11028 सतारा-दादर 3 अक्टूबर को सतारा-जेजुरी-पुणे-लोणावला रूट से जाएगी. यह ट्रेन सतारा से रात 10.30 बजे रवाना होगी। 

    कई ट्रेनें रास्ते में होंगी टर्मिनेट
    कुछ ट्रेनों को उनके तय गंतव्य तक नहीं ले जाकर रास्ते के स्टेशनों पर ही टर्मिनेट किया जाएगा. इसी तरह कुछ ट्रेनें अपने सामान्य शुरुआती स्टेशन की जगह दूसरे स्टेशन से चलेंगी. 22944 इंदौर-दौंड 18 सितंबर से 3 अक्टूबर तक खड़की में टर्मिनेट होगी, जबकि 22943 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक खड़की से दोपहर 3.40 बजे चलेगी. 20495 जोधपुर-हडपसर तय तारीखों पर खड़की में खत्म होगी और 20496 खड़की से शाम 7.40 बजे रवाना होगी। 

    17014 काजीपेट-हडपसर कुछ तारीखों पर दौंड तक जाएगी, जबकि 3 अक्टूबर को इसका सफर कुर्डुवाडी तक सीमित रहेगा. इसकी वापसी ट्रेन 17013 4 अक्टूबर को कुर्डुवाडी से चलेगी। 

    इसके अलावा 12158, 11026, 22846, 22172 और 20162 जैसी कुछ ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर दौंड में ही खत्म होंगी. वहीं 12157, 11025, 22845 और 22171 दौंड से शुरू होंगी. इनमें 22845 के दौंड से चलने का समय सुबह 11.52 बजे और 22171 का शाम 4.15 बजे है। 

    कुछ अन्य सेवाएं भी अपने सामान्य स्टेशन की जगह बदले हुए स्टेशन से शुरू होंगी. इनमें 12939 खड़की से शाम 5.35 बजे, 12493 खड़की से सुबह 11.10 बजे, 11425 जेजुरी से, 20674 सतारा से और 99814 व 99824 शिवाजीनगर से शुरू होने वाली सेवाएं शामिल हैं। 

    यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस करें चेक
    अगर आप पुणे, हडपसर, दौंड, लोणावला या आसपास के इलाकों से ट्रेन पकड़ने वाले हैं, तो इस दौरान स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें. सिर्फ ट्रेन नंबर देखकर स्टेशन के लिए न निकलें, क्योंकि आपकी ट्रेन रद्द हो सकती है, उसका रूट बदला हो सकता है या वह किसी दूसरे स्टेशन से चल सकती है. रेलवे ने यात्रियों से Indian Railway Enquiry Portal या NTES ऐप पर अपनी ट्रेन का लेटेस्ट रनिंग स्टेटस और बदली हुई टाइमिंग चेक करने की सलाह दी है। 

  • Railway Ticket Rule: ऑनलाइन टिकट बुक करने वालों के लिए अलर्ट, ये गलती की तो लगेगा फाइन

    Railway Ticket Rule: ऑनलाइन टिकट बुक करने वालों के लिए अलर्ट, ये गलती की तो लगेगा फाइन

     नई दिल्‍ली

    भारतीय रेलवे ने अनरिजर्व टिकट (जनरल टिकट) को लेकर एक बड़ा कंफ्यूजन दूर कर दिया है और कहा है कि अगर कोई यात्री जनरल टिकट के स्‍कीनशॉट या व्‍हाट्सऐप पर टिकट दिखाता है तो उसे भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।  

    दरअलस, वेस्‍ट रेलवे कोटा डिविजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ जैन का कहना है कि RailOne ऐप के जरिए बुक किया गया जनरल टिकट ही मान्‍य होगा, लेकिन सिर्फ उसी स्‍पैसिफिक फोन में, जिसमें यह ऐप रजिस्‍टर्ड हो और ऐप में जाकर ही टिकट दिखाना होगा। 

    उन्‍होंने आगे कहा कि अगर किसी और फोन में किसी दूसरे व्‍यक्ति द्वारा जनरल टिकट की बुकिंग की गई है और वह टिकट व्‍हाट्सऐप या किसी अन्‍य तरह से शेयर किया गया है तो वह मान्‍य नहीं होगा. साथ ही अगर कोई उस टिकट का स्‍कीनशॉट भी दिखाता है तो भी ये वैलिड नहीं माना जाएगा।  

    रिपोर्ट में जैन ने कहा कि अगर कोई यात्री जनरल टिकट पर सफर कर रहा है, तो जर्नी के दौरान उसे टिकट बुक करने वाले फोन को साथ लेकर चलना चाहिए. साथ ही रजिस्‍टर्ड नंबर से ही बुकिंग करनी चाहिए. इससे वह भारी पेनल्‍टी से बच सकता है। 

    बोर्डिंग से पहले बुक होना चाहिए टिकट
    रेलवे की ओर से यह भी कहा गया है कि बोर्डिंग स्‍टेशन पर पहुंचने से पहले ही ट्रेन की बुकिंग हो जानी चाहिए, वरना बाद में टिकट को वैलिड नहीं माना जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि कोई भी यात्री बिना टिकट के ट्रेन में नहीं चढ़ सकता और टिकट चेकिंग स्टाफ को देखकर मोबाइल फोन से अनरिजर्व टिकट नहीं बना सकता है। 

    जैन ने कहा कि इसी तरह, किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से टिकट प्राप्त करना और उसका स्क्रीनशॉट साथ रखना निर्धारित डिजिटल टिकटिंग आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है. अधिकारी ने कहा कि डिजिटल टिकट दिखाने के लिए, मोबाइल फोन चालू होना चाहिए और उसमें पर्याप्त चार्ज होना चाहिए। 

    ये सभी बातें जान लेनी चाहिए
        यात्रा शुरू करने से पहले वैलिड टिकट लें. 
        अपने रजिस्‍टर्ड मोबाइल फोन का उपयोग करके RailOne ऐप के माध्यम से जनरल टिकट बुक कर सकते हैं. 
        टिकट उसी मोबाइल फोन पर उपलब्ध होना चाहिए जिसका उपयोग इसे बुक करने के लिए किया गया था. 
        व्हाट्सऐप के माध्यम से प्राप्त टिकट या स्क्रीनशॉट वैलिड नहीं माना जाएगा. 
        रजिस्‍टर्ड मोबाइल से बुक किया गया टिकट केवल उस मोबाइल के धारक के लिए ही मान्य है. 
        यात्रा के दौरान अपने साथ संबंधित मोबाइल फोन रखें और सुनिश्चित करें कि वह चार्ज हो. 

    रेलवे ने बढ़ाया जुर्माना
    रेलवे अधिकारी ने आगे कहा कि उचित टिकट के बिना या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 19 जून, 2026 से 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। 

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    Gwalior Railway Update: तीसरी रेल लाइन के निर्माण से बदलेगा 7 ट्रेनों का रूट, देखें पूरी डिटेल

    ग्वालियर 

    आने वाले दिनों में अगर आप ट्रेन से यात्रा करने का प्लान बना रहे है तो ये खबर आपके काम की है। मध्य रेलवे के पुणे एवं हडपसर यार्ड में हडपसर-पुणे-जीसीएमसी तीसरी रेल लाइन की कमीशनिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इस कारण सितंबर और अक्टूबर में कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। इसका सीधा असर एमपी में ग्वालियर से चलने वाली ग्वालियर-दौंड एक्सप्रेस (22194) और दौंड-ग्वालियर एक्सप्रेस (22193) पर पड़ेगा।

    ग्वालियर होकर चलने वाली हजरत निजामुद्दीन मिरज एक्सप्रेस (12494) और वापसी में मिरज-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस (12493) भी प्रभावित रहेंगी। वहीं ट्रेन संख्या 22194 ग्वालियर-दौंड एक्सप्रेस 19 सितंबर को पुणे के बजाय खडकी स्टेशन पर आंशिक रूप से समाप्त होगी। इसके अगले दिन ट्रेन संख्या 22193 दौड-ग्वालियर एक्सप्रेस 20 सितंबर को पुणे के बजाय खडकी स्टेशन से रात 12.30 बजे दौंड के लिए रवाना होगी।
    इन ट्रेनों के मार्ग भी बदले

    11078 जम्मू तवी-पुणे एक्सप्रेस 21 सितंबर को मनमाड-इगतपुरी-कल्याण-पनवेल-करजत-लोनावला होते हुए पुणे पहुंचेगी।
    12780 हजरत निजामुद्दीन-वास्को-द-गामा एक्सप्रेस 22 सितंबर और 3 अक्टूबर को मनमाड-काष्टी-दौंड-कुईवाडी पंढरपुर-मिरज होकर चलेगी।
    11077 पुणे-जम्मू तवी एक्सप्रेस 20 सितंबर को पुणे-लोनावला करजत-पनवेल-कल्याण-इगतपुरी-मनमाड होकर चलेगी।
    12147 कोल्हापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 22 सितंबर को कोल्हापुर-मिरज-कुडूवाडी-दौंड-अहिल्यानगर-मनमाड होकर चलेगी।
    18519 विशाखापत्तनम–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस : 2 अक्टूबर को दौंड–अहिल्यानगर–मनमाड–इगतपुरी–कल्याण होकर चलेगी
    22686 चंडीगढ़–यशवंतपुर एक्सप्रेस: 3 अक्टूबर को मनमाड–काष्टी–दौंड–कुर्डूवाडी–पंढरपुर–मिरज मार्ग से चलेगी।

    झेलम पुणे से देरी से होगी रवाना
    ट्रेन 11077 पुणे-जम्मू तवी के पुणे से रवाना होने के समय में भी कुछ तिथियों पर बदलाव किया गया है।
    19 सितंबर-शाम 5.50 बजे रवाना होगी, निर्धारित समय से 30 मिनट देरी।
    23 सितंबर-शाम 5.50 बजे रवाना होगी, 30 मिनट देरी से।
    3 अक्टूबर-शाम 6.45 बजे रवाना होगी, 1.25 घंटे देरी से।
    4 अक्टूबर-शाम 7.30 बजे रवाना होगी, 2.10 घंटे देरी से
    1 सितंबर से नहीं होगा 20 ट्रेनें का स्टॉपेज

    यात्रियों को जानकारी के लिए बता दें कि 12138 पंजाब मेल, 20986 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-कोटा साप्ताहिक एक्सप्रेस, 11450 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-जबलपुर एक्सप्रेस, 16032 अंडमान एक्सप्रेस और 16318 हिमसागर एक्सप्रेस 31 अगस्त से 14 अक्टूबर तक फरीदाबाद नहीं रुकेंगी। वहीं 19326 अमृतसर इंदौर एक्सप्रेस, 11842 कुरुक्षेत्र-खजुराहो एक्सप्रेस, 19020 हरिद्वार-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस, 12920 मालवा एक्सप्रेस, 14622 फिरोजपुर-नांदेड एक्सप्रेस, 22918 हरिद्वार-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस और 19308 ऊना हिमाचल-इंदौर एक्सप्रेस का ठहराव 1 सितंबर से 15 अक्टूबर तक नहीं होगा।