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  • रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर: गाजियाबाद के पास मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, 53 ट्रेनों पर पड़ा असर

    रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर: गाजियाबाद के पास मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, 53 ट्रेनों पर पड़ा असर

    नई दिल्ली

    उत्तर रेलवे के गाजियाबाद-दिल्ली रूट पर आज सुबह एक मालगाड़ी के पटरी से उतरने के चलते 50 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। हालांकि, इस घटना में किसी के भी घायल अथवा हताहत होने की खबर नहीं है। रेलवे के अधिकारी और स्टाफ मौके पर पहुंचकर रूट को क्लियर कराने में लगे हैं।

    24 ट्रेनों के रूट बदले गए
    उत्तर रेलवे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर बताया कि गाजियाबाद और नई दिल्ली के बीच मालगाड़ी के पटरी से उतरने की इस घटना से कुल 53 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। इनमें से 24 ट्रेनों का रूट बदलकर उन्हें दिल्ली-नई दिल्ली के रास्ते भेजा गया है। 16 पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। 5 पैसेंजर ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द की गई हैं और 8 ट्रेनों को रेगुलेट किया गया है।

    रेल यात्रा से पहले यहां से लें जानकारी
    रेलवे ने यात्रियों को आज रेल यात्रा की योजना बनाने से पहले ताजा अपडेट के लिए NTES ऐप देखने या रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करने की सलाह दी है। डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM), एडिशनल डिविजनल रेलवे मैनेजर (ADRM) और रेलवे के दूसरे सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।

    ये ट्रेनें हुईं प्रभावित

    1. 64437 गाजियाबाद-दिल्ली रद्द

    2. 64402 दिल्ली-साहिबाबाद रद्द

    3. 64411 साहिबाबाद-दिल्ली रद्द

    4. 64408 दिल्ली-गाजियाबाद रद्द

    5. 64423 गाजियाबाद-नई दिल्ली रद्द

    6. 64430 नई दिल्ली-गाजियाबाद रद्द

    7. 64425 गाजियाबाद-नई दिल्ली रद्द

    8. 64432 नई दिल्ली-गाजियाबाद रद्द

    9. 64104 नई दिल्ली-DKDE गाजियाबाद से शुरू होगी

    10. 64109 DKDE-SSB गाजियाबाद पर खत्म होगी

    11. 64112 SSB-DKDE गाजियाबाद से शुरू होगी

    12. 64417 गाजियाबाद-दिल्ली रद्द

    13. 64152 दिल्ली-अलीगढ़ जंक्शन गाजियाबाद से शुरू होगी

    14. 64439 गाजियाबाद-दिल्ली रद्द

    15. 64406 दिल्ली-गाजियाबाद रद्द

    16. 64401 गाजियाबाद-दिल्ली रद्द

    17. 64434 दिल्ली-गाजियाबाद रद्द

    18. 64053 पलवल-गाजियाबाद नई दिल्ली पर खत्म होगी

    19. 64031 गाजियाबाद-साहिबाबाद रद्द

    20. 54474 सहारनपुर-दिल्ली साहिबाबाद-दिल्ली सराय रोहिल्ला-दिल्ली होकर जाएगी

    लाइन की बहाली के काम में जुटा रेलवे स्टाफ

    रेलवे प्रशासन द्वारा इस ट्रेन रूट की बहाली का काम शुरू कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने पटरी से उतरे डिब्बों वाली जगह पर टीमें तैनात की हैं और वे जल्द से जल्द प्रभावित पटरियों को ठीक करने का काम कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी कामकाज की निगरानी करने और रेल यातायात को सुरक्षित रूप से फिर से शुरू करने के लिए मौके पर मौजूद हैं। बता दें कि दिल्ली-गाजियाबाद बेहद अहम रेल रूट है, जिससे हर दिन सैकड़ों यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां गुजरती हैं। इसके बाधित होने से न केवल रेल यात्रियों को दिक्कत होती है, बल्कि हजारों नौकरीपेशा लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

  • रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू आज जालंधर को देंगे बड़ी सौगात, दो ROB परियोजनाओं का होगा शिलान्यास

    रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू आज जालंधर को देंगे बड़ी सौगात, दो ROB परियोजनाओं का होगा शिलान्यास

    जालंधर

     केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू 24 जून को 112.93 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले गुरु नानक पुरा फाटक बी-67 और गढ़ा फाटक एस-4 का शिलान्यास करेंगे।गुरु नानक पुरा फाटक पर रवनीत बिट्टू, चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर कंस्ट्रक्शन व रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट नॉर्दर्न रेलवे संजीव कुमार श्रीवास्तव, डीआरएम संजीव कुमार सहित भाजपा की लीडरशिप के साथ शाम चार बजे और गढ़ा फाटक पर पांच बजे नींवपत्थर रखेंगे। इस कारण गुरु नानक पुरा फाटक सुबह छह से शाम छह बजे तक बंद रखा जाएगा।

    112.93 करोड़ रुपये की लागत से दोनों आरओबी का निर्माण होगा। इसमें 48.95 करोड़ रुपये गुरु नानक पुरा और 63.98 करोड़ रुपये गढ़ा के आरओबी के लिए रेलवे की तरफ से खर्च जाएंगे।

    आज यहां से ट्रैफिक डायवर्ट
    1. लाडोवाली रोड पर कृष्णा फैक्ट्री से बीएसएफ चौक से पीपी चौक की तरफ
    – चोगिटी चौक से पीपी चौक की तरफ वाहन चालकों को जाना होगा

    जालंधर शहर और कैंट के मध्य अमृतसर-नई दिल्ली रेल लाइन पर पड़ने गुरु नानक पुरा फाटक सबसे व्यस्त रहता है। यहां से 110 रेलगाड़ियां रोज गुजरती हैं। ऐसे में आरओबी का कार्य शुरू होने पर इस फाटक से गुजरने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट करना बड़ी चुनौती होगा, क्योंकि पीपी सर्विस लेन बंद होने से पहले ही 95 प्रतिशत ट्रैफिक इसी फाटक से और पांच प्रतिशत रामामंडी से आ रहा है। डायवर्जन विकल्प में बशीरपुरा फाटक भी है, मगर वह एरिया बहुत तंग है।

    पीएपी की सर्विस लेन का काम जल्द पूरा होना जरूरी
    जालंधर शहर और कैंट के मध्य अमृतसर-नई दिल्ली रेल लाइन पर पड़ने गुरु नानक पुरा फाटक सबसे व्यस्त रहता है। यहां से 110 रेलगाड़ियां रोज गुजरती हैं। ऐसे में आरओबी का कार्य शुरू होने पर इस फाटक से गुजरने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट करना बड़ी चुनौती होगा, क्योंकि पीएपी सर्विस लेन बंद होने से पहले ही 95 प्रतिशत ट्रैफिक इसी फाटक से और पांच प्रतिशत रामामंडी से आ रहा है।

    डायवर्जन विकल्प में बशीरपुरा फाटक भी है, मगर वह एरिया बहुत तंग है। ट्रैफिक का भार बढ़ने से क्या स्थिति बनेगी। दूसरी तरफ सारा ट्रैफिक रामामंडी की तरफ डायवर्ट होता है, तब भी स्थिति बिगड़ेगी। ऐसे में बस विकल्प नहीं है कि पीएपी सर्विस लेन पर रैंप बनाने का कार्य जल्द पूरा करवाया जाए।

    यूं तो कंस्ट्रक्शन कंपनी ने एक तरफ से पीएपी की बाउंडर पीछे हटाकर बना दी है और दूसरी तरफ पिल्लर बनाए जा रहे हैं। ड्रेन सिस्टम भी तैयार कर दिया है। कंपनी का दावा है कि अक्टूबर तक इसका काम पूरा कर दिया जाएगा।

    रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बनने वाला दूसरा स्टील का बोर्डिंग ब्रिज
    जालंधर-दिल्ली रेलखंड पर स्थित गुरु नानकपुरा रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर स्टील का बोस्ट्रिंग ब्रिज ही बनाया जाएगा। रेलवे आरओबी के निर्माण के ऊपर आने वाले खर्च का 100 प्रतिशत वाहन करेगी। लद्देवाली में पहला बोस्ट्रिंग ब्रिज बनाया जा चुका है। तब रेलवे और राज्य सरकार की तरफ से आधा-आधा खर्च वहन किया था।

    लद्देवाली में आरओबी निर्माण को लेकर आने वाली सभी चुनौतियों गुरु नानक पुरा आरओबी बनाने में भी आएंगे। क्योंकि उसी तरह से सीवरेज सिस्टम, पानी की पाइपों आदि गुरु नानक पुरा में शिफ्टिंग करनी होगी।

  • पंजाब मेल को पलटाने की साजिश! 29 मिनट में ट्रैक पर रखा गया 50 किलो का लोहे का एंगल, जांच तेज

    पंजाब मेल को पलटाने की साजिश! 29 मिनट में ट्रैक पर रखा गया 50 किलो का लोहे का एंगल, जांच तेज

    लखनऊ
    गर्मी की छुट्टी में रेल यात्रियों की आफत थोड़ी बढ़ गई है। उत्तर रेलवे के गौरा-सुवंसा-जंघई रेलखंड पर दोहरीकरण कार्य के चलते रेलवे ने 23 से 30 जून तक अर्चना और नीलांचल एक्सप्रेस समेत नौ प्रमुख ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया है। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी का सुवंसा स्टेशन पर अस्थाई ठहराव बढ़ाया गया है। सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता ने यात्रियों से सफर पर निकलने से पहले हेल्पलाइन नंबर 139 पर स्थिति जांचने की अपील की है।

    मार्ग परिवर्तन के तहत लखनऊ-वाराणसी (24204), अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल (13006), जम्मूतवी-पटना अर्चना एक्सप्रेस (12356) और नई दिल्ली-वाराणसी विशेष गाड़ी (04210) लखनऊ-सुलतानपुर-जफराबाद-वाराणसी मार्ग से चलेंगी, जिससे रायबरेली, अमेठी और प्रतापगढ़ जैसे स्टेशनों पर इनका ठहराव नहीं होगा।

    दूसरी तरफ, हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल (13005), पटना-जम्मूतवी अर्चना एक्सप्रेस (12355) और पुरी-आनंद विहार नीलांचल एक्सप्रेस (12875) वाराणसी-जफराबाद-सुलतानपुर-लखनऊ मार्ग से डायवर्ट रहेंगी। बनारस-देहरादून एक्सप्रेस (15119) 23 से 27 जून तक जंघई-फाफामऊ और 28 से 30 जून तक प्रयागराज के रास्ते चलाई जाएगी, जबकि फिरोजपुर-पटना साहिब गाड़ी (04616) 23 जून को उतरेठिया-सुलतानपुर होकर निकलेगी।

    बनारस इंटरसिटी का ठहराव सुवंसा पर
    रेलवे के अनुसार 26 से 30 जून तक बादशाहपुर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म न होने से 15108 लखनऊ-बनारस इंटरसिटी, 15107 बनारस-लखनऊ इंटरसिटी और 24203 वाराणसी-लखनऊ एक्सप्रेस का ठहराव सुवंसा स्टेशन पर 2 मिनट के लिए दिया जाएगा। जंघई पर ठहराव यथावत रहेगा।

    29 मिनट में ट्रेन पलटाने की साजिश का रहस्य छुपा
    लखनऊ, संवाददाता। दिलकुशा के पास रेलवे पटरी पर लोहे का एंगल रखकर पंजाब मेल ट्रेन को पलटाने की साजिश का रहस्य 29 मिनट में छिपा। पुलिस, एजेंसियां, जीआरपी और आरपीएफ की विशेष टीमें इस दो ट्रेनों के बीच के इस अंतराल में ट्रैक पर हुई गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। इस दौरान ट्रैक पर कौन गया? वह किधर से आया?
    कितने लोग थे? टीमें तफ्तीश कर रही हैं।

    एसपी जीआरपी रोहित मिश्रा के मुताबिक शुक्रवार दोपहर एक ट्रेन ट्रैक से 1:36 बजे निकली। उस समय ट्रैक पर लोहे का एंगल नहीं था। दूसरी पंजाब मेल 2:05 बजे निकली। उस समय ट्रैक पर एंगल रखा था। चालक ने काफी हद तक हादसा रोकने की कोशिश की पर आखिर में इंजन में एंगल फंस गया था। लोहे का एंगल करीब 50 किलो वजन का था। जिसे उठाने में करीब तीन से चार लोग लगे होंगे। एसीपी कैंट ज्ञानेंद्र सिंह निर्देशन में थाने की टीम के अलावा, जीआरपी, रेलवे, खुफिया एजेंसियां घटनास्थल को जाने वाले मार्ग पर लगे सीसी कैमरे खंगाल रही हैं।

  • चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस को लेकर बढ़ा दबाव, सांसद ज्योत्सना महंत ने रेल मंत्री से की दैनिक संचालन की मांग

    चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस को लेकर बढ़ा दबाव, सांसद ज्योत्सना महंत ने रेल मंत्री से की दैनिक संचालन की मांग

    चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग तेज

    सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने रेल मंत्री को लिखा पत्र

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही अहम मांग को गंभीरता से उठाते हुए कोरिया लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11751/11752) को प्रतिदिन संचालित करने की मांग की है।
    सांसद महंत ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि यह ट्रेन क्षेत्र के हजारों यात्रियों के लिए जीवनरेखा के समान है। कोविड-19 महामारी से पहले यह ट्रेन रोजाना चलती थी, जिससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को बड़ी सुविधा मिलती थी। लेकिन वर्तमान में सीमित दिनों में संचालन होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
    उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से आग्रह किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को जल्द से जल्द प्रतिदिन चलाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके और आवागमन सुगम हो।
    जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने सांसद की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह मांग पूरी तरह जनभावनाओं से जुड़ी है। वहीं, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनेंद्रगढ़ शहर सौरव मिश्रा ने भी इसे आम जनता की आवाज बताते हुए कहा कि इस ट्रेन के नियमित संचालन से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।