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  • MP में नई रेल लाइन से यात्री और माल परिवहन होगा तेज, ट्रेनों की लेटलतीफी में कमी आने की उम्मीद

    MP में नई रेल लाइन से यात्री और माल परिवहन होगा तेज, ट्रेनों की लेटलतीफी में कमी आने की उम्मीद

    भोपाल 
    पश्चिम मध्य रेलवे में लगातार बढ़ते रेल यातायात के दबाव से निपटने के लिए तीसरी रेल लाइन के विस्तार पर काम किया जा रहा है। रेलवे 500 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन बिछाने की तैयारी है। बताया जाता है कि परियोजना का सर्वे अंतिम चरण में है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद काम शुरु किया जाएगा। करीब तीन साल में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। तीसरी लाइन बनने के बाद यात्री और मालगाड़ियों के लिए नया रेल पाथ उपलब्ध होगा। इससे ट्रेनों को रोकने और लाइन क्लियर होने के इंतजार की समस्या कम होगी। ट्रेनों की गति बढ़ाने के साथ परिचालन को भी व्यवस्थित किया जा सकेगा।

    कार्य अंतिम स्तर पर
    थर्ड लाइन को लेकर सर्वे का कार्य अंतिम स्तर पर है। इसके तैयार होने से न केवल ट्रेनों की संख्या में इजाफा होगा, बल्कि पंक्चुअलिटी भी बेहतर होगी। इससे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा। – डॉ. मधुर वर्मा, सीपीआरओ, पमरे

    रोजाना 450 से अधिक ट्रेनों का दबाव
    पश्चिम मध्य रेलवे का इटारसी जंक्शन प्रमुख रेल केंद्रों में शामिल है। यहां से रोजाना 450 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी संख्या में मालगाड़ियां भी इस नेटवर्क से गुजरती हैं। मौजूदा दो लाइनों पर बढ़ते यातायात के कारण कई बार ट्रेनों को लाइन क्लियरेंस के लिए रोकना पड़ता है। तीसरी लाइन बनने के बाद परिचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
    7 हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान

    सूत्रों के अनुसार, तीसरी लाइन परियोजना पर करीब 7 हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान है। रेलवे के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, एक किलोमीटर रेल लाइन बिछाने में करीब 12 से 15 करोड़ रुपए तक खर्च हो सकता है। यह खर्च भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करेगा। इसमें ट्रैक निर्माण के साथ सिग्नलिंग, विद्युतीकरण और अन्य जरूरी रेल अधोसंरचना के काम भी शामिल होंगे।

    जबलपुर को भी मिलेगा फायदा
    इस रेलखंड से जबलपुर होकर कई लंबी दूरी की ट्रेनें संचालित होती हैं। यह रेलखंड माल परिवहन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। तीसरी लाइन बनने के बाद ट्रेनों के संचालन में सुधार का लाभ बड़ी संख्या में यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। यात्री ट्रेनों के कारण मालगाड़ियों को लंबे समय तक रोकने की जरूरत कम होगी। इससे माल परिवहन की गति बढ़ने के साथ औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है।

    यह है स्थिति
    500 किलोमीटर लंबी रेल लाइन।
    07 हजार करोड़ रुपए अनुमानित लागत।
    450 से अधिक ट्रेनों का होता है आवागमन।
    300 यात्री ट्रेनें, और 150 मालगाड़ियों की आवाजाही

    यह होगा फायदा
    ट्रैक मेंटेनेंस के लिए समय मिलेगा।
    ट्रैक का रखरखाव आसान होगा।
    ट्रेनों की गति बढ़ेगी।
    परिचालन व्यवस्था बेहतर होगी।
    कोचिंग ट्रेनों की संख्या बढ़ सकेगी।

  • MP में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने वाली तीसरी लाइन अटकी, जबलपुर-इटारसी प्रोजेक्ट से मिलेगा बड़ा फायदा

    MP में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने वाली तीसरी लाइन अटकी, जबलपुर-इटारसी प्रोजेक्ट से मिलेगा बड़ा फायदा

    जबलपुर
    एक ओर जबलपुर मंडल से जुड़ने वाले रेलखंडों पर मल्टीट्रैकिंग की रफ्तार बढ़ रही है, वहीं मानिकपुर-जबलपुर-इटारसी के महत्वपूर्ण रेलमार्ग की तीसरी लाइन की योजना अभी अंतिम स्वीकृति का इंतजार कर रही है। इस दोहरी लाइन वाले करीब 519 किमी लंबे रेलखंड पर प्रतिदिन औसतन दो से ज्यादा यात्री और मालगाड़ियों का संचालन होता है।

    ट्रेनों की बढ़ती संख्या के मुकाबले ट्रैक क्षमता कम होने से कई बार यात्री ट्रेनों को आउटर पर रोकना पड़ता है। इसका सीधा असर ट्रेनों की समयबद्धता पर पड़ रहा है। ट्रेनों की धीमी चाल और विलंब के कारण यात्रियों को समस्या से जूझना पड़ रहा है।

    रेल बोर्ड भेजा गया डीपीआर
    पश्चिम मध्य रेल की ओर से मानिकपुर-जबलपुर-इटारसी रेलखंड की तीसरी लाइन के लिए सर्वे कर डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा चुकी है। डीपीआर परीक्षण के लिए रेल बोर्ड भेजी गई है, लेकिन अंतिम स्वीकृति अभी बाकी है।

    इसके चलते परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। यह रेलमार्ग कोलकाता-मुंबई के पुराने और महत्वपूर्ण रेल रूट का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश और बिहार को महाराष्ट्र तथा दक्षिण भारत से जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग है। जबलपुर मंडल के इस हिस्से पर यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों का भी लगातार दबाव रहता है।

    अतिरिक्त ट्रैक नहीं होने के कारण एक ट्रेन को आगे बढ़ाने के लिए दूसरी ट्रेन को रोकने की स्थिति कई जगह बनती है।

    कनेक्टिंग रूट पर मल्टीट्रैकिंग तेज
    मानिकपुर-जबलपुर-इटारसी से जुड़े रेलखंडों पर मल्टीट्रैकिंग का काम आगे बढ़ चुका है। मानिकपुर-प्रयागराज के बीच उत्तर मध्य रेलवे ने तीसरी लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण पूरा कर निर्माण शुरू कर दिया है। कटनी-बीना रेलखंड पर तीसरी लाइन तैयार हो चुकी है।

    चौथी लाइन को मिली स्वीकृति
    कटनी-शहडोल-अनूपपुर रेलखंड पर चौथी लाइन को स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं इटारसी-भोपाल और इटारसी-नागपुर रेलखंड पर भी चौथी लाइन की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में बीच के मानिकपुर-जबलपुर-इटारसी हिस्से की तीसरी लाइन अभी स्वीकृति के इंतजार में है।

     

  • इंदौर-दाहोद रेल लाइन से बदलेगी धार की तस्वीर, 28-29 अक्टूबर को CRS जांच के बाद शुरू होगी यात्री ट्रेन

    इंदौर-दाहोद रेल लाइन से बदलेगी धार की तस्वीर, 28-29 अक्टूबर को CRS जांच के बाद शुरू होगी यात्री ट्रेन

     धार 
    प्रदेश के धार वासियों को स्वतंत्रता के बाद पहली बार रेल सेवा मिलने जा रही है। पश्चिम रेलवे की इंदौर-दाहोद रेल लाइन परियोजना अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गई है। रेलवे सूत्रों के अनुसार कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) 28 और 29 अक्तूबर  को इस नए 46 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग का अंतिम निरीक्षण करेंगे। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के तुरंत बाद रूट पर नियमित रूप से यात्री ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी मिल जाएगी। रेलवे प्रशासन ने आने वाले 25 दिनों में धार तक ट्रेन संचालन से जुड़े सभी शेष कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    चार नए स्टेशनों की तैयारी
    इस नई रेल लाइन के माध्यम से मध्य प्रदेश के चार नए रेलवे स्टेशन भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे। इनमें पीथमपुर, सागौर, गुणावद और धार रेलवे स्टेशन शामिल हैं। ये चारों स्टेशन पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं और यहां फिनिशिंग तथा सिग्नलिंग से संबंधित काम लगभग 97 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। टीही से धार के बीच रेल लाइन बिछने के बाद यह सभी स्टेशन आपस में जुड़ जाएंगे। आजादी के बाद पहली बार धार में ट्रेन पहुंचने को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के उपरांत रेलवे बोर्ड नई ट्रेनों की समय-सारणी घोषित करेगा। 

    भोपाल और मुंबई तक कनेक्टिविटी
    इंदौर-दाहोद रेल लाइन शुरू होने से मालवा का यह पूरा क्षेत्र सीधे राजधानी भोपाल से कनेक्ट हो जाएगा। धार और पीथमपुर के लोग सीधे इंदौर से जुड़ेंगे, साथ ही आने वाले समय में दाहोद लिंक के माध्यम से वे रतलाम, झाबुआ और उज्जैन जैसे धार्मिक एवं व्यावसायिक केंद्रों से आसानी से जुड़ सकेंगे। झाबुआ के रास्ते गुजरात के दाहोद से जुड़ने के कारण मध्य प्रदेश से अहमदाबाद, वडोदरा और मुंबई जाने वाले यात्रियों को एक नया और बहुत छोटा मार्ग मिल जाएगा। इससे यात्रा के समय में करीब दो से तीन घंटे तक की बचत होगी। इसके अलावा मालगाड़ियों को भी आसानी से क्लीयरेंस मिलेगा, जिससे यात्री ट्रेनों की रफ्तार भी सुपरफास्ट हो जाएगी।

    आधुनिक सुरंग और बिना गिट्टी का ट्रैक
    इंदौर से गुजरात के दाहोद को जोड़ने वाली इस संपूर्ण रेल परियोजना की कुल लंबाई लगभग 204.76 किलोमीटर है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत पीथमपुर के निकट तीन किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। टीही टनल की मुख्य विशेषता यह है कि इसका ट्रैक पूरी तरह से बैलास्टलेस बनाया गया है, यानी इसमें गिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया गया है। सुरक्षा एवं निगरानी के दृष्टिकोण से इस सुरंग के भीतर 140 हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

  • 24 नवंबर से 15 जनवरी तक कई ट्रेनें रद्द, टाटानगर-पुणे-नांदेड़ रूट के यात्री जरूर देखें सूची

    24 नवंबर से 15 जनवरी तक कई ट्रेनें रद्द, टाटानगर-पुणे-नांदेड़ रूट के यात्री जरूर देखें सूची

    रायपुर
     राजधानी रायपुर से महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और ओडिशा जाने वाले यात्रियों को आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। रेलवे ने चक्रधरपुर मंडल में अप व डाउन लाइन पर ट्रैक नवीनीकरण का कार्य के चलते मेगा ब्लाॅक लिया है। इसके तहत 24 नवंबर से 15 जनवरी तक टाटानगर, पुणे और नांदेड़ की कई ट्रेनें रद रहेंगी।

    टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस और साउथ बिहार एक्सप्रेस इस मार्ग की प्रमुख ट्रेने है। इसके रद्द होने से दैनिक यात्रियों का आवागमन प्रभावित होगा। पुणे और नांदेड़ जाने वाले यात्रियों को भी इस दौरान सीधा साधन नहीं मिलेगा। उत्कल और साउथ बिहार एक्सप्रेस का मार्ग बदलने से रायपुर पहुंचने के समय में बदलाव होगा। मेगा ब्लाक के कारण इस रूट की अन्य ट्रेनों में भीड़ बढ़ेगी और यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में समस्या होगी।

    रद होने वाली ट्रेनें:
    टाटानगर-इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस (18109/18110): 24 व 27 नवंबर ; 1, 4, 8, 11, 15, 18, 22, 25 व 29 दिसंबर और 1, 5, 8, 12 व 15 जनवरी को रद्द रहेगी।

    नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस (12767): 23 व 30 नवंबर ; 7, 14, 21 व 28 दिसंबर और 4 व 11 जनवरी को रद्द रहेगी।

    सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस (12768): 25 नवंबर ; 2, 9, 16, 23 व 30 दिसंबर और 6 व 13 जनवरी को रद्द रहेगी।

    सांतरागाछी-पुणे हमसफर (20822): 21 व 28 नवंबर ; 5, 12, 19 व 26 दिसंबर और 2 व 9 जनवरी को रद्द रहेगी।

    पुणे-सांतरागाछी हमसफर (20821): 23 व 30 नवंबर ; 7, 14, 21 व 28 दिसंबर और 4 व 11 जनवरी को रद्द रहेगी।

    परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां:
    ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस (18478): 23 व 30 नवंबर ; 7, 14, 21 व 28 दिसंबर और 4 व 11 जनवरी को ईब-झारसुगुड़ा रोड-संबलपुर सिटी-कटक मार्ग से चलेगी।

    आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस (13288): 26 नवंबर ; 3, 10, 17, 24 व 31 दिसंबर और 7 व 14 जनवरी को टाटानगर-गामहारिया को छोड़कर कांद्रा-सीनी मार्ग से दुर्ग आएगी।

  • 24 नवंबर से 15 जनवरी तक मेगा ब्लॉक, बिलासपुर की 3 ट्रेनें रद्द और 2 के रूट डायवर्ट

    24 नवंबर से 15 जनवरी तक मेगा ब्लॉक, बिलासपुर की 3 ट्रेनें रद्द और 2 के रूट डायवर्ट

    बिलासपुर

    महाराष्ट्र से झारखंड और ओडिशा जाने वाले ट्रेन यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में ट्रैक बदलने का काम किया जाएगा। यह काम सीनी-राजखरसावां सेक्शन की अप और डाउन लाइन पर चलेगा।

    इसके लिए 24 नवंबर से 15 जनवरी तक मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। इस काम का असर बिलासपुर से होकर चलने वाली ट्रेनों पर भी पड़ेगा। रेलवे ने इस दौरान 3 ट्रेनों को रद्द और 2 ट्रेनों को बदले रूट से चलाने का फैसला किया है।

    ब्लॉक का सबसे ज्यादा असर 18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस पर पड़ेगा। इस ट्रेन के दोनों दिशाओं में 17-17 फेरे रद्द रहेंगे। इसके अलावा नांदेड़-संतरागाछी एक्सप्रेस और पुणे-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस के भी निर्धारित फेरे रद्द किए गए हैं।

    वहीं उत्कल एक्सप्रेस और साउथ बिहार एक्सप्रेस को कुछ निर्धारित तारीखों पर बदले रूट से चलाया जाएगा। इससे महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के बीच ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख और ट्रेन की जानकारी पहले से जांचनी होगी।

    14 अक्टूबर तक 18 एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द
    इधर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 18 एक्सप्रेस ट्रेनें 14 अक्टूबर 2026 तक पहले ही रद्द है। इसके अलावा उत्कल एक्सप्रेस अलग-अलग तारीखों पर बदले रूट से चलेगी, जबकि 13 अक्टूबर को गीतांजलि एक्सप्रेस 2 घंटे की देरी से रवाना होगी। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में काम होगा।

    रद्द होने वाली गाड़ियों में इतवारी-टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस, टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस, नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस, हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस, हावड़ा-CSMT दुरंतो एक्सप्रेस समेत 18 ट्रेनें शामिल हैं। इन एक्सप्रेस ट्रेनों के कैंसिल होने से झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार जाने यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

  • दिल्ली-अंबाला रूट पर रेल यातायात ठप, हजारों यात्री फंसे

    दिल्ली-अंबाला रूट पर रेल यातायात ठप, हजारों यात्री फंसे

    सोनीपत.

    दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग पर राजलू गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) टूटने से शुक्रवार रात रेल यातायात बाधित हो गया। लाइन टूटने और ट्रिपिंग होने के कारण अप और डाउन लाइन पर ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया।

    रेल यातायात बाधित होने से करीब आधा दर्जन मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन अलग अलग स्टेशनों पर खड़ी रही। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    OHE लाइन टूटने से यात्री परेशान
    दिल्ली से चलकर अंबाला जाने वाली गाड़ी संख्या 64453 पैसेंजर ट्रेन रात 8.20 बजे जब राजलू गढ़ी स्टेशन पर पहुंची, तभी ओएचई टूट गई, इससे अप लाइन पर चार पैसेंजर ट्रेनें राजलू गढ़ी, सांदल कलां, सोनीपत और हरसाना स्टेशनों पर खड़ी रही। वहीं, सूबेदारगंज से चलकर कतरा जाने वाली जम्मू मेल को नरेला स्टेशन पर रोकना पड़ा।

  • दशहरा-दिवाली पर ट्रेन यात्रियों के लिए खुशखबरी, भोपाल रूट पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें; जानें पूरी जानकारी

    दशहरा-दिवाली पर ट्रेन यात्रियों के लिए खुशखबरी, भोपाल रूट पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें; जानें पूरी जानकारी

    भोपाल 

    आने वाले दिनों में दशहरा, दिवाली और छठ पूजा के दौरान रेल यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मध्य प्रदेश के भोपाल रेल मंडल से तीन राज्यों के बीच दो जोड़ी विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला हुआ है। भारतीय रेलवे के इस कदम से त्योहारों के मौसम में घर जाने वाले लोगों को कन्फर्म सीट प्राप्त करने में काफी सुविधा मिलेगी। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आईआरसीटीसी ने यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी भी जारी की है।

      ट्रेनों के मार्ग और फेरों का विवरण
    रेलवे द्वारा घोषित विशेष ट्रेनों में पहली ट्रेन पुणे और गोरखपुर के बीच संचालित होगी। यह ट्रेन अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से शुरू होकर नवंबर तक दोनों दिशाओं में कुल 44 फेरे लगाएगी। वहीं दूसरी विशेष ट्रेन मुंबई सीएसएमटी से गोरखपुर के बीच चलाई जाएगी, जो अक्तूबर से नवंबर के दौरान कुल 43 फेरे पूरे करेगी। ये दोनों ट्रेनें अपने मार्ग में इटारसी, भोपाल, बीना, झांसी, कानपुर, लखनऊ और गोंडा जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी भी स्टेशन से अपना रिजर्वेशन करवा सकते हैं।

      टिकट बुकिंग और सीटों की स्थिति
    त्योहारों के समय यात्रा के लिए एडवांस टिकट बुकिंग की व्यवस्था यात्रा की तारीख से 60 दिन पहले शुरू होती है। सुबह 8 बजे जैसे ही टिकट बुकिंग विंडो खुलती है, एक मिनट के अंदर ही सीटें वेटिंग में पहुंच जाती हैं। यात्रियों को कन्फर्म सीट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही दो जोड़ी विशेष ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया गया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के अनुसार रेलवे प्रशासन त्योहारों के दौरान यात्रियों को सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

    आईआरसीटीसी की सलाह
    यात्रियों को फर्जी एजेंटों से बचाने के लिए रेलवे ने सलाह दी है कि टिकट केवल आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट irctc.co.in या 'आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट' एप से ही बुक करें। किसी भी अनधिकृत दलाल या फर्जी एजेंट के झांसे में न आएं, क्योंकि उनसे लिया गया टिकट अवैध माना जा सकता है। बुकिंग के समय केवल अपना चालू मोबाइल नंबर ही दर्ज करें ताकि ट्रेन के समय और प्लेटफॉर्म की सटीक जानकारी एसएमएस पर मिलती रहे।

      वेबसाइट पर अकाउंट रजिस्टर करके यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन करें। इसके बाद यात्रियों का नाम, उम्र तथा सीट की प्राथमिकता दर्ज करके क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई के माध्यम से भुगतान करें। भुगतान पूरा होने के बाद ई-टिकट ईमेल और एसएमएस पर प्राप्त हो जाएगा।

     

  • रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 7 व्यस्त रूटों पर 4-लेन ट्रैक से सफर होगा आसान और तेज

    रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 7 व्यस्त रूटों पर 4-लेन ट्रैक से सफर होगा आसान और तेज

     नई दिल्‍ली

    सड़क मार्ग की तरह, अब भारतीय रेलवे सात सबसे व्‍यस्‍त मार्ग को फोर-लेन ट्रैक बनाने की तैयारी कर रहा है. रेलवे देश के कुछ सबसे व्यस्त रेलवे गलियारों में लगभग 11,000 किलोमीटर की दूरी तक ये ट्रैक बिछाएगा. फोर-लेन बनाकर भारतीय रेलवे इन मार्गों पर ट्रेन की संख्‍या बढ़ाएगा, बढ़ते यात्रियों और माल ढुलाई को आसान बनाएगा। 

    ये व्यस्त रेल मार्ग वर्तमान में देश के कुल रेलवे यातायात का लगभग 41 प्रतिशत हिस्सा हैं, जबकि ये कुल रेलवे नेटवर्क का केवल 16% हिस्सा हैं. ये गलियारे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और हावड़ा जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ते हैं, जिससे ये यात्री और मालगाड़ियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग बन जाते हैं। 

    कौन-कौन से रेलमार्ग होंगे शामिल?

        दिल्ली-हावड़ा
        हावड़ा चेन्नई
        चेन्नई-मुंबई
        मुंबई-दिल्ली
        दिल्ली-चेन्नई
        मुंबई-हावड़ा
        दिल्ली-गुवाहाटी

    रेल मंत्री ने फोर-लेन को लेकर क्‍या कहा? 
    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन मार्गों पर चार रेलवे लाइनें बिछाने के लिए बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है. इस विस्तार का उद्देश्य अतिरिक्त क्षमता पैदा करना और यात्री एवं माल ढुलाई यातायात की भविष्य की बढ़ोतरी को सपोर्ट करना है. रेल मंत्रालय ने रेल परिवहन के आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों की ओर भी इशारा किया है, जिसमें परिवहन लागत में कमी और स्वच्छ परिवहन शामिल है। 

    इन रूट पर सबसे ज्‍यादा भीड़ 
    दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर सबसे व्यस्त मार्गों में से हैं. दोनों मार्गों पर एक्सप्रेस ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे तक की गति से चल सकती हैं. दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर हर दिन 120 से अधिक यात्री ट्रेनें और लगभग 100 मालगाड़ियां चलती हैं. यह कॉरिडोर लगभग 1,400 किलोमीटर लंबा है. दिल्ली-मुंबई मार्ग पर हर दिन 90 से ज्‍यादा यात्री ट्रेनें और लगभग 80-85 मालगाड़ियां चलती हैं. यह मार्ग लगभग 1,500 किलोमीटर लंबा है। 

    इसके बाद, हावड़ा-चेन्नई मार्ग लगभग 1,653 किमी लंबा है, जबकि दिल्ली-चेन्नई मार्ग लगभग 2,174 किमी लंबा है. चेन्नई-मुंबई मार्ग लगभग 1,289 किमी लंबा है. पूरे नेटवर्क में हर दिन लगभग 25,000 ट्रेनें चलती हैं. भारतीय रेलवे ने 2025-26 के दौरान 741 करोड़ से अधिक यात्रियों को परिवहन सेवाएं दी थीं। 

  • बीना जंक्शन पर रेलवे का बड़ा काम, छह ट्रेनों का रूट डायवर्ट; यात्रा से पहले देखें तारीखें

    बीना जंक्शन पर रेलवे का बड़ा काम, छह ट्रेनों का रूट डायवर्ट; यात्रा से पहले देखें तारीखें

    बीना
     बीना जंक्शन पर बीना-आगासौद के बीच तीसरी रेल लाइन को जोडऩे के लिए चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते कई ट्रेनों के परिचालन मार्ग में संशोधन किया गया है। रेलवे ने पूर्व में जारी अधिसूचना में बदलाव करते हुए छह ट्रेनों के निर्धारित और वैकल्पिक मार्गों को संशोधित किया है। इन बदलावों का सीधा असर बीना जंक्शन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों के परिचालन पर पड़ेगा।

    तेजी से चल रहा है कार्य
    यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य रेलवे तेजी से कर रही है, जिससे 15 अक्टूबर तक कार्य पूरा कर लिया जाए और दीवाली के पहले ट्रेनों का संचालन यथावत हो सके। इस कार्य के बाद इआई सिस्टम चालू हो जाएगा।

    तीन, चार व पांच नंबर प्लेटफॉर्म पर दोनों तरफ से आ सकेंगी ट्रेनें

    अभी तक तीन, चार व पांच नंबर प्लेटफॉर्म पर केवल एक ही तरफ से ट्रेनों का संचालन होता है, लेकिन अब जल्द ही इनपर दोनों तरफ से ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था होगी। अभी चार नंबर प्लेटफॉर्म पर झांसी एंड पर कोच स्पेयर साइडिंग थी, जिसे डिस्मेंटल किया जा रहा है। इसके हटाए जाने के बाद दोनों ओर से ट्रेन को लिया जा सकेगा। साथ ही यार्ड रीमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद चार व पांच नंबर से एक साथ गुना व झांसी की ओर ट्रेनों का चलाया जा सकेगा। वहीं, सागर से व गुना से आने वाली ट्रेनों को भी चार व पांच नंबर प्लेटफॉर्म पर लिया जा सकेगा।

    यह रहेगा परिवर्तित मार्ग
        15045 गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस 24 सितंबर से 15 अक्टूबर तक गोविंदपुरी-झांसी-बीना-गुना के बजाय ग्वालियर-झांसी-बीना-गुना मार्ग से चलेगी। इसके वैकल्पिक मार्ग में भी बदलाव किया गया है। अब यह ट्रेन ग्वालियर-शिवपुरी-गुना होकर कुल चार ट्रिप चलेगी।

        15046 ओखा-गोरखपुर एक्सप्रेस 20 सितंबर से 11 अक्टूबर तक गुना-बीना-झांसी-गोविंदपुरी के बजाय गुना-बीना-झांसी-ग्वालियर मार्ग से चलेगी। इसका वैकल्पिक मार्ग गुना-शिवपुरी-ग्वालियर किया गया है जो चार ट्रिप चलेगी।

        19053 सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस 18 सितंबर से 9 अक्टूबर तक गुना-बीना-झांसी-ग्वालियर मार्ग से चलेगी। इसका वैकल्पिक मार्ग गुना-शिवपुरी-ग्वालियर रहेगा। वहीं, 19054 मुजफ्फरपुर-सूरत एक्सप्रेस 20 सितंबर से 11 अक्टूबर तक ग्वालियर-झांसी-बीना-गुना मार्ग से चलेगी। इसका वैकल्पिक मार्ग ग्वालियर-शिवपुरी-गुना रहेगा, दोनों ट्रेनों के चार-चार फेरे होंगे।

        11071 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बलिया एक्सप्रेस 7 से 14 अक्टूबर तक कटनी-बीना-इटारसी के बजाय इटारसी-बीना-कटनी मुरवारा-कटनी मार्ग से चलेगी।
     इसका वैकल्पिक मार्ग इटारसी-जबलपुर-कटनी रहेगा। 11072 बनारस-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस भी इसी अवधि में कटनी-कटनी मुरवारा-बीना-इटारसी मार्ग से चलेगी। इसका वैकल्पिक मार्ग कटनी-जबलपुर-इटारसी रहेगा। दोनों ट्रेनों आठ-आठ ट्रिप चलेगी।

  • रेलवे का बड़ा अपडेट: 18 ट्रेनें रद्द, उत्कल एक्सप्रेस का रूट बदला; यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

    रेलवे का बड़ा अपडेट: 18 ट्रेनें रद्द, उत्कल एक्सप्रेस का रूट बदला; यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

    राजनांदगांव
     त्योहारी सीजन के बीच यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। सितंबर और अक्टूबर में रेल सफर करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में बंडामुंडा केबिन (ए) से राउरकेला सेक्शन के बीच पांचवीं लाइन की कमीशनिंग को लेकर नान-इंटरलाकिंग कार्य विभिन्न चरणों में किया जाएगा।

    कौन सी ट्रेन कब प्रभावित रहेगी?
    इसके लिए ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबंधित कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस 25 से 30 सितंबर तथा एक, दो, चार, पांच, छह, सात, 11, 12 और 13 अक्टूबर को दोनों दिशाओं में रद रहेगी।

    टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस भी इन्हीं तिथियों में रद रहेगी। जबकि बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 26 से 30 सितंबर तथा एक, दो, तीन, चार, छह, सात, आठ, 12, 13 और 14 अक्टूबर को रद रहेगी। नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस 28 सितंबर और 12 अक्टूबर तथा 12768 सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस 30 सितंबर और 14 अक्टूबर को रद रहेगी।

    एलटीटी-सांतरागाछी स्पेशल 29 सितंबर और सांतरागाछी-एलटीटी स्पेशल एक अक्टूबर को रद रहेगी। हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस एक व 13 अक्टूबर, 18642 दुर्ग-हटिया एक्सप्रेस दो व 14 अक्टूबर, बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस नौ अक्टूबर, बक्सर-बिलासपुर एक्सप्रेस 10 अक्टूबर को रद रहेगी।

    हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस 10 अक्टूबर, एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस 12 अक्टूबर, हावड़ा-सीएसएमटी दुरंतो 13 अक्टूबर तथा सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो 14 अक्टूबर को रद रहेगी। वहीं आरा-दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस एक अक्टूबर को दोनों दिशाओं में रद रहेगी।

    उत्कल एक्सप्रेस बदले मार्ग से चलेगी
    18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस 30 सितंबर तथा एक और 12 अक्टूबर को परिवर्तित मार्ग से चलेगी। ट्रेन कटक-संबलपुर सिटी-झारसुगुड़ा रोड-ईब के रास्ते योग नगरी ऋषिकेश जाएगी। वहीं 13 अक्टूबर को हावड़ा से रवाना होने वाली 12860 हावड़ा-सीएसएमटी गीतांजलि एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से दो घंटे देरी से रवाना होगी।