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  • कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् पर सियासी घमासान, सोनिया-राहुल के खिलाफ FIR की मांग; BJP का माफी पर जोर

    कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् पर सियासी घमासान, सोनिया-राहुल के खिलाफ FIR की मांग; BJP का माफी पर जोर

    नई दिल्ली

     15 अगस्त को कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में अधिवक्ता शुभ शर्मा ने नई दिल्ली के आईपी एस्टेट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ के गायन में जानबूझकर व्यवधान डाला गया। अधिवक्ता शुभ शर्मा ने इस कथित घटना को लेकर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    क्या जानबूझकर व्यवधान डाला गया?
    शिकायत के मुताबिक, 15 अगस्त 2026 को एआईसीसी मुख्यालय में कांग्रेस का स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत वंदे मातरम का गायन हुआ। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दौरान जानबूझकर बाधा या व्यवधान पैदा किया गया। इसी आरोप को लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था।

    वैसे इस मामले को लेकर बीजेपी भी कांग्रेस पर हमलावर है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ मिलकर चित्तौड़गढ़ में दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण करने गए थे.  इस मौके पर जनसभा को संबोधि‍त करते हुए उन्‍होंने कांग्रेस पर जमकर न‍िशाना साधा. वंदे मातरम व‍िवाद पर अमित शाह ने कहा, "इनकी (कांग्रेस) निर्लज्जता देखिए. कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय पर वंदे मातरम का गान हो रहा था. चालू गान में कांग्रेस की नेत्री, सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गान रोकने की बात कही. हम सब टीवी पर देखते रह गए। 

    अमित शाह ने कहा, "कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया था. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की वो अमर कृति, एक गान के दो शब्द, वंदे मातरम, 'भारत माता की मैं वंदना करता हूं' ये बोलते हुए हजारों-लाखों लोग फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे. वोट बैंक के लालच में कांग्रेस ने वंदे मातरम के भुला दिया था. यह 150वां साल है वंदे मातरम के प्राकट्य का। 

    कर्नाटक में भी केस दर्ज
    इससे पहले कर्नाटक के मंगलूरू में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ उरवा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को गाने के दौरान सोनिया गांधी के हाव-भाव को लेकर हुए विवाद के बाद की गई है।

    भाजपा नेता ने क्या कहा?
    मंगलुरु में भाजपा नेता विकास पुत्तुर ने कहा कि कल कांग्रेस पार्टी की हरकतों को पूरे भारत ने देखा है। कांग्रेस पार्टी लंबे समय से वंदे मातरम का विरोध करती रही है। कल कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम हो रहा था। इसी दौरान वंदे मातरम बजाया गया। तब सोनिया गांधी ने कार्यक्रम में रुकावट डाली। हमने और पूरे देश ने देखा कि वह अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को वंदे मातरम रोकने के लिए कह रही थीं और उन्हें निर्देश दे रही थीं। 

     

  • साधु-संतों के त्याग-तपस्या को लांछित करने की कोशिश संत समाज बर्दाश्त नहीं करेगा : स्वामी जितेन्द्रानंद

    साधु-संतों के त्याग-तपस्या को लांछित करने की कोशिश संत समाज बर्दाश्त नहीं करेगा : स्वामी जितेन्द्रानंद

    संसद भवन परिसर में भगवा के अपमान से संत समाज क्रोधित, निशाने पर पप्पू, राहुल और अखिलेश 

    – पप्पू यादव की सदस्यता रद करने की मांग

    – संतों ने कहा- पहले देश को बांटा अब पप्पू, राहुल और अखिलेश उड़ा रहे सनातन का मजाक 

    – कांग्रेस सपा की शह पर सनातन को बदनाम करने का रचा जा रहा कुचक्र 

    – साधु-संतों के त्याग-तपस्या को लांछित करने की कोशिश संत समाज बर्दाश्त नहीं करेगा : स्वामी जितेन्द्रानंद 

    – सनातन को बदनाम करने वालों के खिलाफ संत समाज सड़कों पर उतरेगा : करपात्री जी महाराज 

    – भाजपा से मिल रही लगातार हार, इसलिए संतों और सनातन को राहुल-अखिलेश और पप्पू कर रहे बदनाम : महंत राजू दास

    लखनऊ/नई दिल्ली

     संसद भवन परिसर में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संरक्षण में सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वेश धारण कर किये गये आपत्तिजनक प्रदर्शन के बाद देशभर के संतों की भृकुटी तन गयी है। संतों ने इसे भगवा वस्त्र को बदनाम करने का घटिया स्वांग करार देते हुए सीधे तौर पर सनातन धर्म, साधु-संतों और देश की सांस्कृतिक अस्मिता पर प्रहार बताया है। उन्होंने इसे प्रायोजित ड्रामा बताते हुए कहा कि भारत सहित दुनिया भर का सनातनियों को आज राहुल गांधी, अखिलेश यादव और पप्पू यादव की अशोभनीय हरकत से गहरा आघात लगा है। संत समाज ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि भगवान राम को काल्पनिक बताने वाले और कारसेवकों पर गोलियां चलवाने वाले नेताओं की शह पर सनातन को बदनाम करने का जो कुचक्र रचा जा रहा है वह अब बर्दाश्त के बाहर है।

    संसद जैसे पवित्र परिसर का दुरुपयोग
    अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने वाराणसी की धरा से तीखे शब्दों में हमला बोलते हुए कहा कि संसद संविधान के अनुसार पवित्र परिसर है। इसका इस तरह दुरुपयोग कर सनातन धर्म का अपमान और बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को कुचलना अक्षम्य अपराध है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सजायाफ्ता अपराधी पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्रों में रचा गया यह स्वांग सनातन संस्कृति पर खुला कुठाराघात है। स्वामी जितेंद्रानंद ने साफ कहा कि राम मंदिर में अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो एसआईटी और सुप्रीम कोर्ट सजा तय करेंगे, लेकिन इसकी आड़ में साधु-संतों के त्याग-तपस्या को लांछित करने की कोशिश संत समिति कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष से मांग की कि पप्पू यादव की संसद सदस्यता तुरंत बर्खास्त की जाए और वे पूरे देश के हिंदुओं से सर झुकाकर माफी मांगें। राजनीतिक दल के नाम पर भाजपा से लड़ना है तो लड़िए, लेकिन भगवान राम और सनातन को गाली देकर, छद्म वेश में पार्लियामेंट के अंदर भगवा पहनना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    राम के ऊपर अब और राजनीति न की जाए
    जानकी कुंज अयोध्या के जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी करपात्री जी ने कड़े शब्दों में कहा कि संसद में नाटक करने वाले ये लोग चाहे साधु भेष में पप्पू यादव हों, संजय सिंह हों या अवधेश प्रसाद, कभी रामभक्त रहे ही नहीं। कांग्रेस के लोग राम जी को काल्पनिक मानते थे और मुलायम सिंह के शासन में निहत्थे कारसेवकों पर गोलियां चलवाई गईं। इन लोगों ने मंदिर निर्माण या राम जी के लिए एक पैसा नहीं दिया, इसलिए इन्हें इस पर बोलने का कोई हक नहीं है। करपात्री जी ने कहा कि एसआईटी गठित हो चुकी है, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद नजर बनाए हुए हैं। चंदा चोर पकड़े भी जा रहे हैं। हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि राम के ऊपर अब और राजनीति मत कीजिए और संसद चलने दीजिए। अगर राम के नाम पर राजनीति बंद नहीं हुई तो आपके खिलाफ बगावत होगी और संत समाज सड़क पर उतरकर आवाज उठाएगा।

    भाजपा से मिल रही हार, इसलिए संतों और सनातन को कर रहे बदनाम
    हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर संसद में सपा और कांग्रेस के नेताओं ने सनातन संस्कृति का जो अपमान किया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण और अशोभनीय है। यह देश संतों, महापुरुषों और देवी-देवताओं का है, किसी पीर-फकीर या मुल्ला-मौलवियों का नहीं। उन्होंने अखिलेश यादव, राहुल गांधी और 41 मुकदमों वाले पप्पू यादव से सीधा सवाल किया कि क्या कभी मौलाना बनकर मदरसों या वक्फ बोर्ड के घपलों पर प्रदर्शन करने की औकात दिखाई है? महंत राजू दास ने कहा कि राम मंदिर मामले में सरकारी कर्मचारियों से गड़बड़ी हुई तो गिरफ्तारियां हुईं। लेकिन आप भाजपा से राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ पाए तो संतों और सनातन संस्कृति को टारगेट करने लगे? राहुल गांधी लगातार हिंदुओं का अपमान कर रहे हैं। संत समाज और हिंदुओं से मांग है कि ये नेता जहां मिलें, इनका जूतों से स्वागत करो, तब ये मानेंगे।

    सनातन की अस्मिता बचाने का किया आह्वान
    श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य नारायणाचार्य शांडिल्य जी ने कहा कि जो लोग कल तक राम को नकार रहे थे, आज सत्ता पाने के लिए राम-राम जप रहे हैं। ये विधर्मी नेता किसी अन्य धर्म के खिलाफ ऐसा करने की हिम्मत नहीं दिखा सकते क्योंकि वहां से मिलने वाला विदेशी फंड बंद हो जाएगा। उन्होंने 13 अखाड़ों, चारों शंकराचार्यों, जगद्गुरुओं और हर हिंदू से आह्वान किया कि अगर आज नहीं जागे तो अस्मिता खतरे में पड़ जाएगी। अब इन पार्टियों को सड़क पर न निकलने दिया जाए और उनकी औकात बताई जाए।

    भगवा पहनने से सन्यासी नहीं बनते
    महामृत्युंजय मठ उज्जैन के पीठाधीश्वर स्वामी प्रणव पुरी जी ने रामायण की चौपाई का हवाला देते हुए कहा कि बिना वैराग्य के केवल भगवा वस्त्र पहन लेने से कोई सन्यासी नहीं बन जाता। 500 वर्षों के संघर्ष में इनमें से किसी ने राम मंदिर के पक्ष में आवाज नहीं उठाई थी। संत मंदिर में हुई किसी भी गड़बड़ी से दुखी हैं और जांच की मांग करते हैं, लेकिन भगवा पहनकर प्रदर्शन करने से किसी की राजनीतिक दाल नहीं गलेगी। आचरण भी वैसा होना चाहिए।

    विंध्याचल धाम के पंडित दिवाकर मिश्र ने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ मिलकर पप्पू यादव सनातन को बदनाम करने की जो साजिश रच रहे हैं, उसमें वे कभी सफल नहीं होंगे। आज देश का हर सनातनी जागा हुआ है। जैसे मां काली ने रक्तबीज का अंत किया था, वैसे ही भगवा का अपमान करने वालों का भ्रम भी मां दूर करेंगी। 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में युवा और हर सनातनी वोट की चोट से इनका करारा जवाब देंगे।

  • हरियाणा पर राहुल गांधी का तगड़ा आरोप: ‘बीजेपी का हर छठा सांसद और पूरी सरकार घुसपैठियों की’

    हरियाणा पर राहुल गांधी का तगड़ा आरोप: ‘बीजेपी का हर छठा सांसद और पूरी सरकार घुसपैठियों की’

      नई दिल्ली

    कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक हमलावर पोस्ट साझा करते हुए बीजेपी पर एक बार फिर से 'वोट चोरी' का आरोप लगाया है. राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि वोट चोरी के जरिए कभी सीटें चुराई जाती हैं, तो कभी पूरी की पूरी सरकार ही हड़प ली जाती है. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि लोकसभा में बीजेपी के जो 240 सांसद हैं, उनमें से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। 

    राहुल ने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या इन सांसदों को बीजेपी की ही भाषा में 'घुसपैठिया' कहा जाना चाहिए? 

    उन्होंने वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया को लेकर तीखा हमला बोला है। 

    'असली डर सच्चा का…'
    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार. लोकसभा के 240 बीजेपी सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है. पहचानना मुश्किल नहीं- क्या उन्हें बीजेपी की भाषा में 'घुसपैठिए' कहें?"

    उन्होंने हरियाणा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां तो पूरी सरकार ही 'घुसपैठिया' है। 

    राहुल गांधी ने कहा, "जो संस्थाएं अपनी जेब में रखते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देते हैं- वो ख़ुद 'रिमोट कंट्रोल्ड' हैं. उन्हें असली डर सच्चाई का है, क्योंकि निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो आज ये 140 के पास भी नहीं जीत सकते। 

    इससे पहले राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे आने के बाद चुनाव आयोग और बीजेपी पर हमला बोला था। 

  • कांग्रेस के LoP पद पर संकट, ठाकरे से 1 सीट को लेकर रार, पीछे हटने की अपील

    कांग्रेस के LoP पद पर संकट, ठाकरे से 1 सीट को लेकर रार, पीछे हटने की अपील

    मुंबई 

    महाराष्ट्र में विपक्ष के पास जीतने योग्य एक ही राज्यसभा सीट है, जिसपर कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी दोनों ही दावा पेश कर चुके हैं। अब खबरें हैं कि कांग्रेस ने उद्धव ठाकरे से सीट पर दावेदारी छोड़ने की अपील की है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के लिए यह सीट राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी और केरल विधायक रमेश चेन्नीथला ने ठाकरे से बात की थी। उन्होंने ठाकरे से कहा कि यह सीट कांग्रेस को दी जानी चाहिए, जिसके बदले में शिवसेना यूबीटी को एमएलसी सीट दी जाएगी। खास बात है कि राज्यसभा सीट पर नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। इसपर नतीजों का ऐलान 16 मार्च को होगा।
    इन नेताओं का पूरा हो रहा कार्यकाल

    अप्रैल में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार, शिवसेना यूबीटी नेता प्रियंका चतुर्वेदी, राकांपा (एसपी) की फौजिया खान, आरपीआई (आठवले) के रामदास आठवले, भाजपा के भागवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटिल और राकांपा के धैर्यशील पाटिल का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। सत्तारूढ़ महायुति के पक्ष में भारी बहुमत को देखते हुए एमवीए संसद के ऊपरी सदन और विधान परिषद में केवल एक-एक सदस्य को निर्वाचित कराने में सफल हो सकती है।
    क्या बात हुई

    रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि चेन्नीथला ने ठाकरे को बताया कि महाराष्ट्र की यह एकमात्र सीट कांग्रेस के लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि अगर कांग्रेस को यह सीट नहीं मिलती है, तो संभावनाएं हैं कि पार्टी नेता प्रतिपक्ष के पद पर दावा गंवा सकती है।

    सूत्र ने कहा, 'राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए किसी भी विपक्षी दल को कुल सीटों का 10 फीसदी या कम से कम 25 सदस्य रखने होते हैं। मौजूदा स्थिति है कि कांग्रेस के पास संख्या बल 27 का है, लेकिन कई सांसद ऐसे हैं जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है।ऐसे में 25 का आंकड़ा बनाए रखना चुनौती हो सकता है। ऐसे में एक राज्यसभा सीट भी अहम साबित हो सकती है।'

    उन्होंने कहा, 'इसके चलते कांग्रेस नेतृत्व ने उद्धव ठाकरे से इस मुद्दे पर नहीं अड़ने का अनुरोध किया है। इसके बदले में कांग्रेस शिवसेना यूबीटी को एक एमएलसी सीट देने के लिए तैयार है।'
    MVA के तीनों दलों की नजर

    खास बात है कि इस सीट पर महाविकास अघाड़ी के तीनों बड़े दलों की नजर है। एक ओर जहां आदित्य ठाकरे ने एक पोस्ट में कहा, 'राज्यसभा चुनाव के लिए हो रही वार्ता में कोई गतिरोध नहीं है; सभी दल एक-दूसरे के संपर्क में हैं। हमने एक राज्यसभा सीट पर अपना दावा पेश किया है, क्योंकि संख्यात्मक ताकत और एमवीए के लिए तय 'रोटेशन' नीति के अनुसार इस सीट पर शिवसेना यूबीटी को चुनाव लड़ना चाहिए।'

    वहीं, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 'पीटीआई-भाषा' से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी इस सीट से चुनाव लड़ने के अपने दावे पर अडिग है, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि बातचीत चल रही है और विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिए जाएंगे।

    इधर, वरिष्ठ राजनेता शरद पवार भी इस सीट के दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। खबर है कि उनकी बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने गठबंधन के साथियों से पिता का समर्थन करने की अपील की है।
    किसके पास कितनी संख्या

    शिवसेना यूबीटी के पास 20, कांग्रेस के पास 16 और राकंपा शरद पवार के पास 10 विधायकों का समर्थन है। हाल ही में शिवसेना यूबीटी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि 16 मार्च को होने वाले चुनावों से पहले राज्यसभा की एकमात्र सीट को लेकर एमवीए के भीतर चर्चा हो रही है, लेकिन सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के नाते शिवसेना यूबीटी का रुख इस फैसले के लिए अहम होगा।

  • भोपाल में किसान महासम्मेलन के चलते ट्रैफिक डायवर्जन, राहुल गांधी और खड़गे करेंगे शिरकत

    भोपाल में किसान महासम्मेलन के चलते ट्रैफिक डायवर्जन, राहुल गांधी और खड़गे करेंगे शिरकत

    भोपाल

    भोपाल में आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का महत्वपूर्ण दौरा है. राजधानी में आयोजित किसान महा चौपाल कार्यक्रम में दोनों नेता शामिल होंगे और किसानों से सीधे संवाद करेंगे इस दौरे को प्रदेश की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी दोपहर 12 बजे दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना होंगे और लगभग 1 बजे भोपाल पहुंचेंगे. एयरपोर्ट पर संक्षिप्त स्वागत के बाद वे दोपहर 1:30 बजे जवाहर चौक के लिए प्रस्थान करेंगे और करीब 1:55 बजे वहां पहुंचेंगे.

    किसान महा चौपाल कार्यक्रम
    दोपहर 2 बजे से किसान महा चौपाल कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे किसानों को संबोधित करेंगे. यह कार्यक्रम लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगा. दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक राहुल गांधी किसानों के बीच मौजूद रहेंगे और अलग-अलग कृषि मुद्दों, समर्थन मूल्य, फसल नुकसान, कर्ज, और अन्य समस्याओं पर खुलकर चर्चा करेंगे. बताया जा रहा है कि इस दौरान वे किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और पार्टी की नीतियों को साझा करेंगे.

    कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राहुल गांधी दोपहर 3:35 बजे जवाहर चौक से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे. वे शाम 4 बजे भोपाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे और 4:15 बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे. यह दौरा आगामी राजनीतिक रणनीति और किसानों से बातचीत के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें पार्टी नेतृत्व जमीनी स्तर पर संपर्क मजबूत करने का प्रयास करेगा.

    राहुल-खड़गे के साथ मंच पर 250 नेता बैठेंगे

    मंच पर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ करीब 250 नेता बैठेंगे। इनमें एमपी कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, कांग्रेस मीडिया डिपार्टमेंट के नेशनल चेयरमैन पवन खेड़ा भी रहेंगे।

    साथ ही पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, एमपी के सभी कांग्रेस विधायक, तीनों राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, अशोक सिंह, पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के मेंबर और सभी 71 जिला कांग्रेस अध्यक्ष बैठेंगे। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, सीईसी मेंबर भी शामिल होंगे।

    तीन दिन की तैयारी में लाखों लोग जुटेंगे: पटवारी

    मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- देश के हर किसान को चाहे वह भाजपा की विचारधारा को एक्सेप्ट करता हो, लेकिन जो किसान खेती से जुड़ा है। उसे ये एहसास हो गया है कि नरेंद्र मोदी ने दबाव में आकर ट्रेड डील की है। उसी का असर है कि तीन दिन की तैयारी में लाखों लोग भोपाल आ रहे हैं।

    21 फरवरी को यह तय हुआ कि 24 को भोपाल में चौपाल होगी। उसमें लाखों की तादाद में लोग आएंगे। भोपाल की सड़कें पट जाएंगी। ये अपने आप में मैसेज है कि ये ट्रेड डील देश विरोधी, किसान विरोधी है। नरेंद्र मोदी दबे हुए हैं। उन्होंने कंप्रोमाइज किया है।

    दुनिया भर में चल रही सेक्स फाइल का भी इस डील पर असर पड़ा है। यह कोई इल्जाम नहीं है। ट्रम्प ने एक बार कहा था कि मैं नरेंद्र मोदी का पॉलिटिकल करियर खत्म नहीं करना चाहता। यह हमारे देश की बेइज्जती है।

    PM का अपमान होगा तो हर भारतवासी को गुस्सा आएगा

    जीतू पटवारी ने कहा- आखिर नरेंद्र मोदी हमारे प्रधानमंत्री हैं। उनके खिलाफ विदेश का कोई राष्ट्राध्यक्ष इस तरह की बात करता है तो भारत के हर नागरिक को गुस्सा आएगा, लेकिन सवाल यह है कि इस पर नरेंद्र मोदी ने कोई बयान क्यों नहीं दिया। इस ट्रेड डील से किसानों की गर्दन ट्रम्प की तलवार पर रख दी गई है।

    ट्रेड डील से एमपी के 70 फीसदी किसान प्रभावित

    जीतू पटवारी ने कहा- राहुल जी और खड़गे जी को धन्यवाद। इस ट्रेड डील से सबसे ज्यादा किसान अगर कहीं प्रभावित हुए हैं तो मप्र में हुए हैं। सोयाबीन उत्पादक किसान सबसे ज्यादा हमारे यहां के हैं। हम सोया स्टेट थे।

    कपास, मक्का सबसे ज्यादा यहां पैदा होते हैं। 70% किसान इससे प्रभावित हैं तो उन्होंने मप्र को सबसे पहले चुना। मेरी और उनकी आपस में बात हुई। पार्टी ने निर्णय लिया और अब हम किसान की लड़ाई लड़ेंगे।

    शहरभर में रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

    कार्यक्रम के दौरान जवाहर चौक और आसपास के मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। डिपो चौराहा से पीएनटी या पॉलिटेक्निक चौराहा होकर आवागमन किया जा सकेगा। प्लेटिनम चौराहा से आने वाले वाहन माता मंदिर या टीटी नगर मार्ग का उपयोग करेंगे। रंगमहल से आने वाले वाहन बाणगंगा या माता मंदिर मार्ग से गुजरेंगे।

    एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को कंट्रोल रूम तिराहा, पीएचक्यू, लिली टॉकीज, तलेया, भारत टॉकीज, हमीदिया रोड और लालघाटी होकर जाने की सलाह दी गई है, ताकि किसी प्रकार की देरी से बचा जा सके।

    दिक्कत होने पर करें संपर्क

    पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का पालन करें और अनावश्यक रूप से कार्यक्रम स्थल के आसपास न जाएं। किसी भी असुविधा की स्थिति में यातायात कंट्रोल रूम के नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है। 

    शिवराज सिंह चौहान के क्षेत्र से करेंगे लड़ाई की शुरुआत

    जीतू पटवारी ने कहा- यहां के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान देश के कृषि मंत्री हैं। जब अमेरिका के कृषि मंत्री का बयान आया तो उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी को बहुत साधुवाद वो विश्व के ऐसे नेता हैं कि जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

    उन्होंने भारत के किसानों को बचा लिया। क्या भारत के किसानों की कोई गर्दन पकड़कर हत्या कर रहा था? अगर बचा लिया तो जीरो प्रतिशत टैरिफ के एग्रीकल्चर प्रोडक्शन आएगा। 18% टैरिफ पर यहां से अमेरिका जाएंगे।

    हम विदिशा, बुधनी से यह किसान संवाद यात्रा शुरू करेंगे। प्रदेश का हर नेता कार्यकर्ता इसे आगे लेकर जाएंगे। जैसे नरेंद्र मोदी को तीन काले कानून वापस लेने पडे़ थे। वैसे ही ये ट्रेड डील भी वापस लेना पड़ेगी।