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  • थर्मल प्लांटों का कोयला भंडार घटा, पंजाब में बिजली कटौती ने उद्योगों की बढ़ाई चिंता

    थर्मल प्लांटों का कोयला भंडार घटा, पंजाब में बिजली कटौती ने उद्योगों की बढ़ाई चिंता

    पटियाला 
    पंजाब में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बीच थर्मल प्लांटों में कोयले का स्टॉक घट गया है। प्रदेश के पांच थर्मल प्लांटों में से चार में सिर्फ 8 से 15 दिन का कोयला बचा है। इनमें तलवंडी साबो में आठ, राजपुरा में 10, गोइंदवाल में 11 और लहरा मुहब्बत में 15 दिन का स्टॉक है। रोपड़ में 29 दिन का कोयला उपलब्ध है।

    केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के नियमों के मुताबिक 1000 किलोमीटर से अधिक दूरी की कोयला खदानों से आपूर्ति पाने वाले थर्मल प्लांटों में 30 दिन का कोयला स्टॉक होना चाहिए। मानसून से पहले ऐसे प्लांटों में 21 दिन का स्टॉक होना चाहिए। पंजाब को कोयला 1300 से 1900 किलोमीटर दूर स्थित खदानों से मिलता है। ऐसे में मौजूदा स्टॉक तय मानक से काफी कम है।

    कोयला उत्पादक राज्यों ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी मानसूनी बारिश के कारण खनन प्रभावित होने और कोयले का परिवहन धीमा होने को सप्लाई में कमी की वजह बताया जा रहा है। पावरकाम के डायरेक्टर (उत्पादन) पुन्नरदीप सिंह बराड़ ने बताया कि कोयले की सप्लाई तेज कराने के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण को पत्र लिखा गया है।

    इधर, सोमवार को पंजाब में बिजली की मांग 16,467 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। 2025 में इसी दिन मांग 8,090 मेगावाट थी, यानी इस बार 8,377 मेगावाट ज्यादा मांग रही। 2024 में इसी दिन मांग 12,093 मेगावाट दर्ज की गई थी।

    रिकॉर्ड मांग के मुकाबले पावरकाम के अपने सभी स्रोतों से सिर्फ 4,833 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। इसमें सरकारी थर्मलों से 839, हाइडल प्रोजेक्टों से 720 और निजी थर्मलों से 2,941 मेगावाट बिजली मिली। मांग पूरी करने के लिए पावरकाम ने पावर ग्रिड से 11,623 मेगावाट बिजली ली।

    अभी तक पांच यूनिट बंद, 1130 मेगावाट उत्पादन ठप
    रोपड़ के यूनिट नंबर 4 और 5 तथा लहरा मुहब्बत के यूनिट नंबर 1, 3 और 4 तकनीकी समस्या के कारण बंद हैं। इनसे कुल 1130 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित है। इसके अलावा रणजीत सागर बांध के दो और यूबीडीसी प्रोजेक्ट के तीन यूनिट बंद हैं, जिससे करीब 345 मेगावाट उत्पादन ठप है। भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर बांधों में पिछले साल के मुकाबले पानी का स्तर भी कम है, जिससे हाइडल उत्पादन प्रभावित हुआ है। 

    बिजली की कमी के चलते पावरकाम ने उद्योगों में रोटेशन के आधार पर साढ़े चार घंटे तक के कट लगाए। यदि कोयले की सप्लाई और बंद यूनिटों की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो बिजली उपलब्धता पर दबाव बना रहेगा।

    किस थर्मल में कितना कोयला
    तलवंडी साबो (1980 मेगावाट)  – 8 दिन
    राजपुरा (1400 मेगावाट) – 10 दिन
    गोइंदवाल (540 मेगावाट) – 11 दिन
    लहरा मुहब्बत (920 मेगावाट) – 15 दिन
    रोपड़ (840 मेगावाट) – 29 दिन 

  • मध्य प्रदेश की बिजली व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी! HT लाइनों में C-वेज कनेक्टर से होगा सुधार

    मध्य प्रदेश की बिजली व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी! HT लाइनों में C-वेज कनेक्टर से होगा सुधार

    ग्वालियर
     प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए अब एचटी (हाईटेंशन) लाइनों के कनेक्शनों में आधुनिक तकनीक अपनाने की तैयारी है। विद्युत वितरण कंपनियां कंडक्टर जंपर और अन्य कनेक्शनों में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक बाइंडिंग पद्धति के स्थान पर सी-वेज कनेक्टर के उपयोग की संभावनाओं का परीक्षण करेंगी। महाराष्ट्र में इस तकनीक के बेहतर परिणाम सामने आने के बाद प्रदेश में भी इसे वितरण नेटवर्क में लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

    तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक एचटी लाइन में कनेक्शन कमजोर होने पर ढीला संपर्क, स्पार्किंग, हॉट स्पॉट और जंपर फेल होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। कई बार यही छोटी तकनीकी खराबी लाइन फॉल्ट और लंबे समय तक बिजली गुल होने का कारण बन जाती है। सी-वेज कनेक्टर का उद्देश्य कनेक्शन को मजबूत और स्थायी बनाकर इन समस्याओं की संभावना को कम करना है।

    ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पहले चयनित क्षेत्रों में सी-वेज कनेक्टर लगा कर इनके प्रदर्शन का परीक्षण किया जाएगा। इसमें कनेक्शन की मजबूती, फाल्ट की स्थिति, स्पार्किंग और जंपर फेल होने की घटनाओं जैसे तकनीकी पहलुओं की निगरानी की जाएगी। परिणाम सकारात्मक रहे तो वितरण कंपनियां इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य क्षेत्रों में भी लागू कर सकती हैं।

    ब्रेकडाउन घटाने पर रहेगा जोर
    वितरण नेटवर्क में इस तकनीक के इस्तेमाल का सबसे बड़ा लक्ष्य अनियोजित बिजली व्यवधान और ब्रेकडाउन को कम करना है। मजबूत कनेक्शन होने से लाइन की विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है, जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। खासकर उन क्षेत्रों में जहां एचटी लाइनों में बार-बार जंपर या कनेक्शन संबंधी खराबी के कारण फाल्ट होते हैं, वहां यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।

    एमपी ट्रांसको में पहले से आधुनिक कनेक्टिविटी
    मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) अपने एक्स्ट्रा हाईटेंशन नेटवर्क में आधुनिक कनेक्टिविटी तकनीकों का उपयोग कर रही है। अब इसी तरह के तकनीकी सुधार वितरण नेटवर्क में किए जाने की तैयारी है। यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो आने वाले समय में पारंपरिक कनेक्शन पद्धति की जगह आधुनिक कनेक्टरों का इस्तेमाल बढ़ाया जा सकता है।

        वैसे एमपी ट्रांसको पहले से ही आधुनिक कनेक्टिविटी तकनीकों का उपयोग कर रही है। ट्रांसमिशन लाइनों में भी सी-वेज कनेक्टर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यदि सभी विद्युत वितरण कंपनियां इस तकनीक को अपनाती हैं, तो इससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी और इसका सीधा लाभ आमजन को मिलेगा। – शशिकांत ओझा, जनसंपर्क अधिकारी, एमपी ट्रांसको।

     

  • आंधी-बारिश के बावजूद रोशन रहा उत्तर प्रदेश, बिजली व्यवस्था को लेकर योगी सरकार का बड़ा दावा

    आंधी-बारिश के बावजूद रोशन रहा उत्तर प्रदेश, बिजली व्यवस्था को लेकर योगी सरकार का बड़ा दावा

    आंधी-बारिश में भी रोशन उत्तर प्रदेश, योगी सरकार कर रही निर्बाध बिजली आपूर्ति

    फॉल्ट पर तत्काल एक्शन, दिन-रात मोर्चे पर डटे बिजलीकर्मी

    आंधी-बारिश के बीच यूपीपीसीएल की टीमें युद्धस्तर पर कर रहीं फॉल्ट दूर

    स्थानीय फॉल्ट कम से कम समय में ठीक करने के अधिकारियों को निर्देश

    त्योहारों के मद्देनजर बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने पर विशेष फोकस

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश के बीच बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए योगी सरकार पूरी सक्रियता के साथ जुटी है। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मौसम खराब होने से कहीं-कहीं बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, लेकिन विभागीय टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर फॉल्ट दूर करने और आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं। बिजलीकर्मी दिन-रात फील्ड में रहकर हर चुनौती का सामना कर रहे हैं। यही वजह है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने की लगातार कोशिश की जा रही है।

    फॉल्ट पर तत्काल एक्शन, युद्धस्तर पर बहाली

    आंधी और तेज बारिश के कारण बिजली के तार टूटने, पोल प्रभावित होने या अन्य तकनीकी फॉल्ट आने पर बिजली विभाग की टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। विभाग की ओर से उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा गया है कि जहां भी आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां टीमों को भेजकर जल्द से जल्द बिजली बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा विभिन्न जनपदों के बिजली उपकेंद्रों का निरीक्षण कर कर्मचारियों को निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

    रात में भी मोर्चे पर डटे बिजलीकर्मी

    बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए विभागीय कर्मचारी केवल दिन में ही नहीं, बल्कि रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ मेंटेनेंस कार्यों में जुटे हैं। रात के समय नियमित रखरखाव और जरूरी तकनीकी कार्यों के जरिए बिजली नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। 

    स्थानीय दोषों को कम से कम समय में ठीक करने के निर्देश

    वहीं बरसात के मौसम में विद्युत आपूर्ति पर विशेष ध्यान देने को लेकर यूपीपीसीएल अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में विद्युत आपूर्ति में बाधाओं की संभावना रहती है, इसलिए अधिकारी अधिक सावधानी बरतें। अधिकारी अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर आवश्यक अनुरक्षण कार्य कराना सुनिश्चित करें, जिससे विद्युत आपूर्ति बेहतर बनी रहे। साथ ही स्थानीय दोषों को कम से कम समय में ठीक किया जाए। 

    इसके साथ ही यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने आगामी त्योहारों को देखते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर स्थानीय दोष के कारण कहीं विद्युत आपूर्ति बाधित होती है तो उसे कम से कम समय में ठीक कर आपूर्ति बहाल की जाए। स्थानीय फाल्ट की सूचना सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाए। साथ ही आपूर्ति बहाल होने में लगने वाले संभावित समय की जानकारी भी दी जाए, ताकि उपभोक्ता वास्तविक स्थिति से अवगत रहें।

    योगी सरकार का फोकस, सुविधा के साथ सुरक्षा भी

    योगी सरकार में ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बिजली विभाग की टीमें क्षेत्र में नियमित निरीक्षण और मेंटेनेंस कर संभावित खतरों को दूर करने में लगी हैं। यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि अगर कहीं बिजली का तार टूटा हुआ दिखाई दे या करंट लीकेज की आशंका हो तो उसके पास जाने अथवा उसे छूने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल नजदीकी बिजली कार्यालय या टोल फ्री नंबर 1912 पर सूचना दें।

    नंगे या गीले पैर विद्युत उपकरणों से रहें दूर

    यूपीपीसीएल के वितरण निदेशक ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बारिश और नमी के दौरान लोगों से विद्युत सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नंगे या गीले पैर विद्युत उपकरणों और तंत्र से दूर रहें। बारिश के दौरान पार्कों या विद्युतीकृत क्षेत्रों में जमा पानी में न जाएं और लोहे की जालियों व बाउंड्री से दूरी बनाए रखें। घरों में भी कूलर, फ्रिज, स्विच बोर्ड समेत अन्य उपकरणों को जूते-चप्पल पहने बिना न छुएं।

  • ट्रांसफार्मर, फीडर और उपकेंद्रों की चौबीसों घंटे निगरानी, मेंटेनेंस कार्य तेज

    ट्रांसफार्मर, फीडर और उपकेंद्रों की चौबीसों घंटे निगरानी, मेंटेनेंस कार्य तेज

    भीषण गर्मी में भी बिजली आपूर्ति में उत्तर प्रदेश बना नंबर वन, 31 हजार मेगावाट से अधिक की डिमांड पूरी

    योगी सरकार की सतर्कता से निर्बाध बिजली सप्लाई, दिन-रात मैदान में डटे बिजलीकर्मी

    7 जून को 31,147 मेगावाट बिजली आपूर्ति, देश में सबसे अधिक डिमांड पूरी

    ट्रांसफार्मर, फीडर और उपकेंद्रों की चौबीसों घंटे निगरानी, मेंटेनेंस कार्य तेज

     8 जून को दोपहर 12 बजे 27,838 मेगावाट बिजली सप्लाई, हर घंटे मांग के अनुसार आपूर्ति जारी

    लखनऊ 
    उत्तर प्रदेश में इस समय प्रचंड गर्मी का दौर जारी है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उप्र. पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है। डिमांड बिजली आपूर्ति करने में उत्तर प्रदेश नंबर वन पर है। बढ़ती मांग के बावजूद प्रदेश में सुचारु बिजली व्यवस्था बनाए रखने को लेकर योगी सरकार के प्रयासों की व्यापक सराहना हो रही है।

    6 और 7 जून को यूपी में रिकॉर्ड डिमांड बिजली आपूर्ति की गई

    यूपी इस समय डिमांड बिजली आपूर्ति करने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। 7 जून को प्रदेश में 31,147 मेगावाट की रिकॉर्ड डिमांड बिजली आपूर्ति की गई, जो देश में सबसे अधिक रही। इसी तरह 6 जून को भी डिमांड बिजली आपूर्ति करने में  उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा है। 6 जून को 31049 मेगावाट और 5 जून को 29130 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई थी। लगातार इतनी बड़ी मात्रा में बिजली उपलब्ध कराना यूपीपीसीएल की मजबूत कार्यप्रणाली और बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है।

    8 जून को दोपहर 12 बजे 27838 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई

    7-8 जून की रात 1 बजे 30165 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई। इसी तरह रात 3 बजे 29190 मेगावाट और रात 4 बजे 28482 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई है। इसी तरह 8 जून की सुबह 6 बजे 25463 मेगावाट, सुबह 8 बजे 22666 मेगावाट, सुबह 10 बजे 26288 मेगावाट और सुबह 11 बजे 27138 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई है। ऐसे ही दोपहर 12 बजे 27838 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई है। 

    विभागीय टीम लगातार मेंटेनेंस कार्य में जुटी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसी के अनुरूप यूपीपीसीएल की टीमें चौबीसों घंटे बिजली व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली मांग का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मर, फीडर और अन्य विद्युत उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसे देखते हुए विभागीय टीमें लगातार मेंटेनेंस कार्यों में जुटी हुई हैं। 

    बिजली कर्मी दिन-रात फील्ड में रहकर कर रहे कार्य

    दिन के साथ-साथ रात्रिकालीन समय में भी बिजलीकर्मी फील्ड में रहकर आवश्यक तकनीकी कार्यों को पूरा कर रहे हैं। इससे संभावित खराबियों को पहले ही दूर किया जा रहा है और बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने में मदद मिल रही है।
    प्रदेश के विभिन्न जिलों में बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार उपकेंद्रों तथा वितरण तंत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान बिजली व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि उपभोक्ताओं को हर परिस्थिति में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

    प्रदेश में लगातार रिकॉर्ड स्तर पर डिमांड बिजली आपूर्ति की जा रहीः निदेशक वितरण

    यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन पावर कॉरपोरेशन उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। प्रदेश लगातार रिकॉर्ड स्तर पर डिमांड बिजली आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने बताया कि यूपीपीसीएल की टीमें हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।