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  • BRICS Summit 2026: मोदी ने दिया ‘सबको साथ’ का मंत्र, बोले- कोई भी संकट अब एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता

    BRICS Summit 2026: मोदी ने दिया ‘सबको साथ’ का मंत्र, बोले- कोई भी संकट अब एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता

    नई दिल्ली
    विविधता और सहयोग को सेलिब्रेट करते हुए ब्रिक्स समिट पूरी हुई। इस बार ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत ने की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि BRICS में ग्लोबल साउथ के देशों का विश्वास बढ़ा है, क्योंकि BRICS में उनकी आवाज सुनी जाती है, उनके अनुभव का सम्मान होता है और समाधान उनके लिए नहीं, उनके साथ मिलकर बनाए जाते हैं।

    टेक्नॉलजी और क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर ये बोले पीएम मोदी
    पीएम मोदी ने कहा कि BRICS की शक्ति हमारी विविधता और सहयोग में है। ब्रिक्स के पार्टनर देश और आउटरीच के लिए आमंत्रित विशेष प्रतिनिधियों के साथ एक सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नॉलजी और क्रिटिकल मिनरल्स का वेपनाइजेशन हमारी साझा प्रगति में बाधा बन सकता है।

    'कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता'
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज की इंटरकनेक्टेड दुनिया में कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। चुनौतियों को समय रहते पहचानना, उनके लिए तैयार रहना और तुरंत कार्रवाई करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज विश्व में तनावों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोगों के जीवन पर इसका बहुत नकारात्मक असर प्रभाव भी हो रहा है और व्यापक प्रभाव भी हो रहा है।

    पीएम मोदी का सबको साथ लेकर चलने पर जोर
    पीएम ने कहा कि महामारियों, क्लाइमेट डिजास्टर और सप्लाई चेन में गतिरोध ने दिखाया है कि आज की इंटरकनेक्टेड दुनिया में कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। इसलिए हमने ब्रिक्स समूह में कई कदम उठाए हैं। मोदी ने कहा कि टेक्नॉलजी और क्रिटिकल मिनरल्स का वेपनाइजेशन हमारी साझा प्रगति में बाधा बन सकता है। इसलिए हमने टेक्नॉलजी को अपनाने में सबको साथ लेकर चलने पर जोर दिया है।

    मित्रता, सहभागिता और सहयोग… ब्रिक्स समिट का ऐसे हुआ समापन
    उन्होंने कहा कि भारत ने ब्रिक्स के मंच से मित्रता, सहभागिता और सहयोग को आगे बढ़ाया है। हमारी कोशिश है कि ब्रिक्स सहयोग सिर्फ सरकारों तक सीमित ना रहे। हमारे उद्यमी, किसान, रिसर्चर, महिलाएं, युवा इसके सक्रिय भागीदार बनें। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा मानना है कि BRICS में विकसित सल्यूशन का लाभ सिर्फ ब्रिक्स तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इन्हें ग्लोबल साउथ की जरूरतों के अनुरूप अपनाने की जरूरत है।

  • 2035 में अपना स्पेस स्टेशन, 2040 में चांद पर भारतीय; पीएम मोदी ने दुनिया के सामने रखा विजन

    2035 में अपना स्पेस स्टेशन, 2040 में चांद पर भारतीय; पीएम मोदी ने दुनिया के सामने रखा विजन

    नई दिल्ली
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस में चल रही इंटरनेशनल स्पेस समिट को वर्चुअली संबोधित किया. अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने इस समिट का न्योता देने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि सदियों से अंतरिक्ष हमारी कल्पनाओं को प्रेरित करता आ रहा है और आज ये पृथ्वी पर जिंदगियां बचा रहा है. उन्होंने कहा कि 'अंतरिक्ष की संभावनाएं असीमित हैं. हमारी जिम्मेदारी सामूहिक है.'

    संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 'भारत का दृष्टिकोण 'वसुधैव कुटुंबकम' पर आधारित है, यानी 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य'. यह भावना पृथ्वी से आगे भी जानी चाहिए. हम अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर आधारित एक सुरक्षित और टिकाऊ अंतरिक्ष क्षेत्र का समर्थन करते हैं.'

    उन्होंने कहा, 'वैज्ञानिक डेटा का इस्तेमाल खुलेपन और ईमानदारी के साथ एक साझा लक्ष्य के लिए किया जाना चाहिए. भारत की अंतरिक्ष यात्रा इसी सोच को दर्शाती है.'

    पीएम ने की इसरो की तारीफ
    पीएम मोदी ने भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि 'ISRO की टेक्नोलॉजी और पार्टनरशिप न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया के काम आती हैं. इस वैश्विक भरोसे के पीछे भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और टेक्नीशियनों की कई पीढ़ियों की मेहनत और लगन है. दिन-रात काम करके उन्होंने ISRO की साख बनाई है.'

    भारत के स्पेस मिशन के बारे में बताया
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटरनेशनल स्पेस समिट में भारत के स्पेस मिशन के बारे में भी दुनिया को बताया. उन्होंने कहा, 'चंद्रयान-3 ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बना दिया. आदित्य-L1 सूर्य के रहस्यों का पता लगा रहा है. पिछले साल, एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का दौरा किया.'

    भारत की स्पेस जर्नी के भविष्य के बारे में बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'आगे की बात करें तो, हमारा लक्ष्य 2035 तक एक भारतीय स्पेस स्टेशन स्थापित करना और 2040 तक किसी भारतीय को चंद्रमा पर भेजना है.'

     

  • ब्रिटेन से फ्रांस और जर्मनी तक, मोदी की कूटनीति का असर; NYT बोला- भारत बढ़ा रहा रणनीतिक विकल्प

    ब्रिटेन से फ्रांस और जर्मनी तक, मोदी की कूटनीति का असर; NYT बोला- भारत बढ़ा रहा रणनीतिक विकल्प

    नई दिल्ली
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ अब अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी की है। इस लेख में बड़ा जिक्र यह है कि भारत पिछले एक साल से चुपचाप क्या-क्या कर रहा है। इसके हालिया एनालिसिस में कहा गया है कि 'पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से निपटने के लिए तैयारी कर रहे हैं, एक बार में एक डील के साथ'। इसमें कहा गया है कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल दुनिया भर में भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों का नेटवर्क बढ़ाने में बिताया है।

    पीएम मोदी के दौरे ने बदल दी भारत की तस्वीर
    जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक(DGP) रहे शेष पॉल वैद ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-NYT का यह विश्लेषण अच्छा है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया भर के अलग-अलग देशों की यात्रा कर रहे हैं और समझौते कर रहे हैं, लेकिन इससे यह नतीजा निकालना गलत है कि यह अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ है। भारत एक संप्रभु देश है और वह ऐसे व्यापार और समझौते करने के लिए स्वतंत्र है जो हमारे विकास और तरक्की के लिए फायदेमंद हों, खासकर तब जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का सख्त रुख भारत के हितों को नुकसान पहुंचा रहा हो। अपने हितों की रक्षा के लिए काम करने का मतलब यह नहीं है कि आप अमेरिका के खिलाफ काम कर रहे हैं।

    पीएम मोदी ने साल भर में किए 20 दौरे
    NYT के अनुसार, अगस्त 2025 से, पीएम मोदी ने कम से कम 20 देशों का दौरा किया है, जबकि 13 देशों के नेताओं ने भारत की यात्रा की है। अखबार इनमें से कई मुलाकातों को सिर्फ कूटनीतिक शिष्टाचार के आदान-प्रदान के बजाय खास लक्ष्यों को हासिल करने के मकसद से की गई ठोस, कारोबारी बातचीत बताता है। और इसके नतीजे अब साफ दिखने लगे हैं।
    पीएम मोदी ने अगस्त, 2025 से अब तक कम से कम 20 देशों का दौरा किया है, जबकि 13 देशों के नेताओं ने भारत की यात्रा की है।

    भारत और ब्रिटेन में डील बड़ी भूमिका
    एक्स पर पॉलिटिकल एनालिस्ट ने लिखा-भारत-UK FTA, जो 15 जुलाई 2026 को लागू हुआ, हजारों उत्पादों पर टैरिफ कम करता है या खत्म करता है। स्कॉच व्हिस्की पर भारत का टैरिफ तुरंत 150% से घटकर 75% हो जाएगा और 10 सालों में 40% हो जाएगा, जबकि भारतीय सामानों के 99% हिस्से पर UK का टैरिफ खत्म कर दिया जाएगा। इस समझौते से लंबे समय में सालाना द्विपक्षीय व्यापार में £25.5 बिलियन की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

    यूरोपीय संघ से समझौता एक ऐतिहासिक कामयाबी
    लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद, भारत और EU ने 27 जनवरी 2026 को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिए बातचीत पूरी की। यूरोपीय आयोग EU को भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बताता है, जिसका 2025 में सामान का व्यापार €118 बिलियन का था। यह व्यापार के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा भी देता है।

    फ्रांस से AI, इनोवेशन और रणनीतिक सहयोग
    भारत और फ्रांस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रिसर्च और शिक्षा में सहयोग को और गहरा किया है। दोनों देशों ने पेरिस में 2025 AI एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की, जिसमें AI से जुड़े लगभग 100 ठोस कदम उठाए गए, और फरवरी 2026 में अपने रिश्तों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया।

    नॉर्वे और EFTA निवेश और नौकरियां
    भारत-EFTA आर्थिक साझेदारी, जिसमें नॉर्वे भी शामिल है, के तहत EFTA देशों का लक्ष्य है कि वे 15 सालों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश जुटाएं और दस लाख नौकरियां पैदा करने में मदद करें। नॉर्वे की सरकार ने इस वादे को फिर से दोहराया है।

    दक्षिण कोरिया जहाज निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग
    दक्षिण कोरिया ने भारत के साथ ज्यादा निवेश और जहाज निर्माण में सहयोग करने का वादा किया है। इस साझेदारी में औद्योगिक सहयोग शामिल है, जिसमें भारतीय शिपयार्ड और कोरियाई जहाज निर्माण की विशेषज्ञता का तालमेल भी शामिल है। भारत का लक्ष्य 2047 तक दुनिया के शीर्ष पांच जहाज निर्माण करने वाले देशों में शामिल होना है।

    न्यूजीलैंड के साथ समुद्री सुरक्षा समझौता
    भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच संबंध पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़ गए हैं। अब बातचीत समुद्री सुरक्षा और व्यापार पर केंद्रित है, जो पहले हुए रक्षा सहयोग समझौते पर आधारित है।

    जर्मनी रक्षा तकनीक का खासतौर पर जिक्र
        NYT खास तौर पर जर्मनी की पनडुब्बी तकनीक का जिक्र करता है, जो भारत की हालिया कूटनीतिक कोशिशों के ठोस नतीजों में से एक है। बात सिर्फ यह नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी विदेश यात्रा करते हैं। भारतीय प्रधानमंत्री हमेशा से विदेश यात्राएं करते रहे हैं।
        NYT जिस फर्क को उजागर करता है, वह है सिर्फ बड़े-बड़े बयानों के बजाय खास मकसदों, मापने योग्य लक्ष्यों और ठोस आर्थिक या रणनीतिक नतीजों पर ध्यान देना।

    भारत की अपनी रणनीतिक जरूरतें
    अखबार यह भी बताता है कि देश खुद भी भारत की ओर तेजी से देख रहे हैं, जिसकी वजह भारत की अर्थव्यवस्था का आकार और विकास और उनकी अपनी रणनीतिक जरूरतें हैं।
    जापान और ऑस्ट्रेलिया इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अहम साझेदार हैं। फ्रांस AI और रणनीतिक तकनीक के मामले में भारत के साथ काम कर रहा है। यूरोप व्यापार का एक बड़ा मौक़ा दे रहा है। UK के साथ व्यापार समझौता पहले ही लागू हो चुका है। नॉर्वे और अन्य EFTA देशों ने बड़े निवेश का वादा किया है। दक्षिण कोरिया भारत की जहाज बनाने की क्षमता पर नजर रखे हुए है।

    मेलोनी को टॉफी का पैकेट भी एक संदेश
        इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ एक मीटिंग के दौरान, पीएम मोदी ने उन्हें 'मेलोडी' टॉफी का एक पैकेट भेंट किया – एक छोटा सा ऐसा काम जिसे NYT ने भी खास माना और उसका जिक्र किया। इससे मिलने वाला बड़ा संदेश साफ है-भारत अपनी सभी उम्मीदें या संसाधन किसी एक ही जगह पर नहीं लगा रहा है।
        आज की अनिश्चित दुनिया में, भारत व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा, ज़रूरी मिनरल्स, शिक्षा और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में अपने विकल्पों का दायरा बढ़ा रहा है।

    न्यूयॉर्क टाइम्स के विश्लेषण का मकसद क्या है
        इसका मकसद अमेरिका के खिलाफ होना या डोनाल्ड ट्रंप से ऊपर दिखना नहीं है। इसका मकसद यह पक्का करना है कि व्हाइट हाउस में चाहे कोई भी बैठे, भारत रणनीतिक रूप से स्वतंत्र और आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे। NYT के विश्लेषण का असली महत्व यही है।
        फ्रांस से लेकर जर्मनी, ब्रिटेन से लेकर नॉर्वे, दक्षिण कोरिया से लेकर न्यूजीलैंड, जापान से लेकर ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ तक, भारत स्पष्ट हितों और नतीजों वाली साझेदारियां बना रहा है। विदेश नीति का असल मकसद यही होता है कि आप अपने देश के लिए क्या हासिल करते हैं। और तेजी से, भारत टेक्नोलॉजी, निवेश, बाजार तक पहुंच, नौकरियां, रणनीतिक साझेदारियां और भारतीय कारोबारियों व नागरिकों के लिए नए मौके हासिल कर रहा है।
        आत्मविश्वास से भरा भारत अब दुनिया के उसे चुनने का इंतजार नहीं कर रहा है। भारत अपना रास्ता खुद चुनने के लिए काफी साझेदारियां बना रहा है।

  • PM मोदी के भ्रामक वीडियो केस में आरोपी को झटका, चंडीगढ़ कोर्ट ने दूसरी बेल अर्जी भी ठुकराई

    PM मोदी के भ्रामक वीडियो केस में आरोपी को झटका, चंडीगढ़ कोर्ट ने दूसरी बेल अर्जी भी ठुकराई

    चंडीगढ़.

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संबंधित भ्रामक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार हैदराबाद निवासी 44 वर्षीय हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी की जमानत याचिका जिला अदालत ने दूसरी बार खारिज कर दी है।

    अदालत ने कहा कि चालान का पेश होना जमानत का आधार नहीं हो सकता, विशेषकर जब आरोपित के खिलाफ गंभीर आरोप हों। यह मामला 19 अप्रैल को सेक्टर-26 थाना में दर्ज एफआईआर से संबंधित है। पुलिस ने सिद्दीकी को विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री मोदी से संबंधित फर्जी वीडियो प्रसारित किया। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि सिद्दीकी को झूठा फंसाया गया है और वह ढाई महीने से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मामले में दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य हैं, जिससे जांच को प्रभावित करने की संभावना नहीं है।

    वहीं, सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी बाकी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी। बता दें कि इस मामले में लेखिका मधु किश्वर पर भी गंभीर आरोप हैं।

  • मेटा ने पीएम मोदी का हटाया वीडियो बहाल किया, बताई तकनीकी गड़बड़ी

    मेटा ने पीएम मोदी का हटाया वीडियो बहाल किया, बताई तकनीकी गड़बड़ी

    मेटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पोस्ट रिमूव होने पर सफाई दी है. पीएम मोदी का एक पोस्ट गलती से ब्लॉक हो गया था. अब मेटा ने फेसबुक पर PM मोदी का वीडियो रिमूव किए जाने पर बयान जारी किया है और सफाई दी है.

    मेटा के प्रवक्ता ने कहा है कि वह कंटेंट गलती से हटा दिया गया था और अब उसे बहाल कर दिया गया है. साथ ही उन्होंने बताया है कि यह एक टेक्निकल ग्लिच था.

    मेटा के फेसबुक ने प्रधानमंत्री के एक पोस्ट को रिमूव कर दिया था, जिसके बाद कई कई लोगों ने आपत्ति जताई थी. यहां तक नेताओं ने इस पर अपनी आपत्ति दर्ज की थी. अब मेटा ने इस पर अपनी सफाई दी है.

    पीएम मोदी का वीडियो रिमूव किया था
    वीडियो पिछले गुरुवार आधी रात के तुरंत बाद पोस्ट किया गया था. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर में चल रहे उन प्रदर्शनों के बीच छात्रों को सीधे संबोधित करते दिखाई दिए थे. करीब 3 मिनट लंबे इस वीडियो में प्रधानमंत्री ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि सरकार पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली अनियमितताओं को बेहद गंभीरता से देखती है.

    क्या है मेटा?
    मेटा एक अमेरिकी कंपनी है, जिसके अंदर फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप मैसेजिंग ऐप जैसे प्लेटफॉर्म आते हैं. इसके सीईओ मार्क जकरबर्ग है. साल 2021 में फेसबुक आईएनसी का नाम बदलकर ऑफिशियल तौर पर मेटा किया जा चुका है.

    सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी की पॉपुलैरिटी
    मेटा का भारत में एक बड़ा यूजरबेस है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑफिशियल पेज पर करोड़ों की संख्या में फॉलोअर्स हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंस्टाग्राम पर ही फॉलोअर्स की संख्या 105 मिलियन (10.5 करोड़) के पार पहुंच चुकी है.

  • पंजाब के लिए ऐतिहासिक दिन, PM मोदी करेंगे नई वंदे भारत एक्सप्रेस लॉन्च

    पंजाब के लिए ऐतिहासिक दिन, PM मोदी करेंगे नई वंदे भारत एक्सप्रेस लॉन्च

    चंडीगढ़.

    पंजाब में कल यानी 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिवसीय दौरे पर चंडीगढ़ जा रहे हैं। यहां वह जनता को स्वास्थ्य, सड़क और रेलवे क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात देंगे।
    इसी क्रम में पंजाब को नई वंदे भारत 'संत रविदास एक्सप्रेस' ट्रेन की सौगात मिलेगी।

    यह भारत की दूसरी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन होगी। इस ट्रेन का प्रधानमंत्री जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन से वर्चुअल लोकार्पण करेंगे।

    क्या होगा नई वंदे भारत का रूट
    यह ट्रेन छेहरटा (अमृतसर) से वाराणसी के बीच चलेगी और अमृतसर, जालंधर सिटी, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, लखनऊ, सुल्तानपुर, जौनपुर सिटी होते हुए वाराणसी पहुंचेगी।

    क्या होगा समय?
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, संत रविदास एक्सप्रेस दोनों दिशाओं में हफ्ते में तीन बार चलेगी। ट्रेन नंबर 14624 (छहर्टा-वाराणसी) हर बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी। वापसी में, ट्रेन नंबर 14623 (वाराणसी-छहर्टा) हर गुरुवार, शनिवार और सोमवार को चलेगी। संत रविदास एक्सप्रेस छहर्टा से दोपहर 2:05 बजे चलेगी, अमृतसर में दोपहर 2:25 बजे रुकेगी, अगले दिन सुबह 7:30 बजे लखनऊ पहुंचेगी और दोपहर 12:15 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी की यात्रा में, ट्रेन वाराणसी से शाम 7:05 बजे चलेगी, लखनऊ रात 12:10 बजे पहुंचेगी, अमृतसर शाम 4:35 बजे पहुंचेगी और शाम 5:10 बजे छहर्टा में अपनी यात्रा पूरी करेगी।

    उत्तर भारत के लोगों को होगा फायदा
    इस नई सर्विस से पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच रात भर की यात्रा तेज और ज्यादा सुविधाजनक होने की उम्मीद है। इससे खास तौर पर उन तीर्थयात्रियों को फायदा होगा, जिनमें रविदास समुदाय के लोग भी शामिल हैं, जो अक्सर वाराणसी जाते रहते हैं। दोनों शहरों के बीच सबसे छोटे रेल रूट पर चलने वाली इस ट्रेन से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने और कनेक्टिविटी बेहतर होने की भी उम्मीद है।

    क्यों रविदास समुदाय के लोग जाते हैं वाराणसी?
    वाराणसी स्थित सीर गोवर्धनपुर में संत गुरु रविदास जी का जन्मस्थान (श्री गुरु रविदास जन्मस्थल मंदिर) है, जो रविदासी समाज का प्रमुख तीर्थस्थल है। पंजाब से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर वर्ष यहां दर्शन के लिए आते हैं। संत रविदास एक्सप्रेस शुरू होने से इन श्रद्धालुओं की यात्रा और अधिक सुगम होगी।

  • बंगाल की राजनीति पर पीएम मोदी का प्रहार, सीमा सुरक्षा से लेकर तुष्टीकरण तक विपक्ष को घेरा

    बंगाल की राजनीति पर पीएम मोदी का प्रहार, सीमा सुरक्षा से लेकर तुष्टीकरण तक विपक्ष को घेरा

    पश्चिम बंगाल
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुखर्जी के सिद्धातों को ही अपनाकर बीजेपी ने बंगाल में चुनाव लड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस समय बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिशें हो रही थीं, तब कांग्रेस ने साजिश रचने वाली ताकतों को सामने घुटने टेक दिए थे। तभी श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी।

    बंटवारे के समय कांग्रेस ने बंगाल को बेसहारा छोड़ा- पीएम मोदी
    उन्होंने कहा कि बंटवारे के समय कांग्रेस ने बंगाल को बेसहारा छोड़ दिया था और आजादी के बाद तुष्टीकरण की राजनीति की।' पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने लोगों को गलत इतिहास पढ़ाने की कोशिश की। हालांकि सच को छिपाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज बंगाल अपने बेड़ियों से मुक्त हो गया है और विकास की नई यात्रा पर निकल पड़ा है।

    'बेड़ियों से आजाद हो गया बंगाल'
    प्रधानमंत्री ने कहा, 'चुनाव और सरकार गठन के बाद, आज मुझे पहली बार आपके बीच आने का सौभाग्य मिला है। बंगाल की हवा में अब एक नई ताजगी है। ऐसा लगता है मानो बंगाल अब अपनी बेड़ियों से आजाद हो गया है और बंगाल का गौरव फिर से लौटने लगा है।' विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि राज्य में हो रहा बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया की ताकत को दिखाता है।

    सीमा पर बाड़ लगाने में रुकावट डाल रही थी ममता सरकार
    उन्होंने कहा, 'बंगाल के लोगों के चेहरों पर चमक है और गांवों में खुशी और भरोसे का माहौल है… बंगाल में यह साफ दिखता है कि आपका एक वोट कैसे बदलाव ला सकता है।' पीएम मोदी ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम में तेजी के लिए राज्य सरकार की कोशिशों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इस प्रक्रिया में रुकावट डाली थी। प्रधानमंत्री ने कहा, 'आपने देखा होगा कि पिछली सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंपने के काम को रोक दिया था। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में वह प्रक्रिया शुरू हो गई है।'

    पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पीएम मोदी ने 20 जून के 'पश्चिमबंग दिवस' के ऐतिहासिक महत्व पर जोर दिया और कहा कि नयी पीढ़ी को उन हालात के बारे में पता होना चाहिए जिनकी वजह से यह राज्य बना। मोदी ने कहा, 'हमें बार-बार 'पश्चिमबंग दिवस' के महत्व को रेखांकित करने की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उस दौरान क्या हुआ था।' बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए और हजारों लोगों के साथ योग किया। इसके बाद वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर जाएंगे।

  • ‘वंदे मातरम्’ की गूंज और रोटी-नमक की परंपरा, स्लोवाकिया में PM मोदी ने बढ़ाए भारत-यूरोप संबंधों के कदम

    ‘वंदे मातरम्’ की गूंज और रोटी-नमक की परंपरा, स्लोवाकिया में PM मोदी ने बढ़ाए भारत-यूरोप संबंधों के कदम

    नई दिल्ली/ ब्रैटिस्लावा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के बाद अब स्लोवाकिया के दौरे पर पहुंच गए हैं. स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में भारतीय प्रधानमंत्री का शानदार स्वागत किया गया. स्लोवाकिया के गठन के बाद, वहां का दौरा करने वाले पीएम मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं. ब्रातिस्लावा पहुंचने पर स्लोवाकिया के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया. पारंपरिक स्लोवाक रीति के अनुसार उन्हें ‘रोटी और नमक’ भेंट किया गया, जो वहां सम्मान, सद्भावना और आतिथ्य का प्रतीक माना जाता है। 

    पीएम मोदी आज स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी. इसके बाद पीएम मोदी ‘टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर’ पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे. इसके अलावा वह डेन्यूब नदी पर आयोजित विशेष हाई-टी कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. पीएम मोदी आज शाम राष्ट्रपति भवन में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति के साथ बेहद अहम बैठक करने वाले हैं, जबकि दिन का समापन राष्ट्रपति की ओर से आयोजित राजकीय रात्रिभोज के साथ होगा। 

    प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को और खास बनाने के लिए प्रसिद्ध स्लोवाक सांस्कृतिक समूह लुसनिका एन्सेम्बल ने ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति दी. इस दौरान भारतीय संस्कृति और स्लोवाक लोक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला. प्रधानमंत्री ने कलाकारों से मुलाकात भी की और उनकी प्रस्तुति की सराहना की. उनके इस दौरे को लेकर स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों में भी काफी उत्साह है. पीएम मोदी के स्लोवाकिया पहुंचते ही भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया. लोगों ने मोदी-मोदी..वंदे मातरम..और भारत माता की जय के नारे लगाए। 

    स्लोवाकिया दौरे के बाद फिर फ्रांस लौटेंगे पीएम मोदी, करेंगे G-7 नेताओं से बात
    स्लोवाकिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर फ्रांस लौटेंगे, जहां वे 16-17 जून को होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इसके अलावा वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ सीधी बात करेंगे. इस दौरे के अंतिम चरण में मोदी 18 जून को पेरिस में आयोजित यूरोप के सबसे बड़े स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी कार्यक्रम ‘वीवाटेक 2026’ में भी शामिल होंगे। 

    पीएम मोदी के दौरे से स्लोवाकिया संग रिश्तों को मिलेगी नई उड़ान
    पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, नवाचार, ऑटोमोबाइल निर्माण, रेलवे क्षेत्र और नई प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा. भारत और स्लोवाकिया हाल के वर्षों में आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं. अप्रैल 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्लोवाकिया यात्रा और फरवरी 2026 में स्लोवाक राष्ट्रपति की भारत यात्रा के बाद यह दौरा संबंधों को नई गति देने वाला माना जा रहा है। 

    'सचमुच बहुत खास… ' ब्रातिस्लावा में मिले स्वागत पर बोले पीएम मोदी
    प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि यह यात्रा भारत और स्लोवाकिया के संबंधों को नई ऊंचाई देने तथा सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश का अवसर है. उन्होंने राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ होने वाली बैठकों को लेकर उत्साह भी जताया. पीएम मोदी ने आज सुबह एक्स पोस्ट में लिखा, ‘कल शाम ब्रातिस्लावा में मिला स्वागत सचमुच बहुत खास था. मैं भारतीय समुदाय के स्नेह और आत्मीयता के लिए उनका आभारी हूं. ऐसे भाव उन मज़बूत रिश्तों को दर्शाते हैं जो हमारे लोगों को जोड़ते हैं और भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को और मजबूत बनाते हैं। 

     वंदे मातरम्, महादेव कीर्तन… पीएम मोदी की स्लोवाकिया यात्रा की बेहद खास शुरुआत
    प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को बेहद खास बनाने के लिए प्रसिद्ध स्लोवाक सांस्कृतिक समूह लुसनिका एन्सेम्बल ने ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति दी. इस दौरान भारतीय संस्कृति और स्लोवाक लोक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला. प्रधानमंत्री ने कलाकारों से मुलाकात भी की और उनकी प्रस्तुति की सराहना की. समूह के कलाकारों ने इसे अपने जीवन का यादगार क्षण बताया। 

    पीएम मोदी ने ब्रातिस्लावा में स्लोवाक संगीत समूह ‘महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट’ की आध्यात्मिक प्रस्तुति भी देखी. इसके अलावा प्रसिद्ध बाल लोकनृत्य दल ‘कोपानिचियारिक’ ने पारंपरिक स्लोवाक नृत्य प्रस्तुत कर भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत किया. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर बढ़ती नजदीकियों की झलक भी दिखाई दी। 

  • पीएमएनआरएफ से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान

    पीएमएनआरएफ से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान

    नई दिल्ली

     दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। जिसमें अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायलों को बाहर निकाला जा चुका है। अब इस हादसे पर पीएम मोदी व दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से हादसे में मृतक को परिजनों को मुआवजे का ऐलान किया गया है।

    दिल्ली मोदी ने मालवीय नगर अग्निकांड पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, 'अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।'

    पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
    इसके साथ ही पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

    मालवीय नगर अग्निकांड पर सीएम रेखा गुप्ता ने क्या बताया?
    सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'मालवीय नगर में हुई भीषण अग्निकांड की घटना में हुई जनहानि से मैं अत्यंत दुखी हूं। शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने तथा इस हृदयविदारक त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों को शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करती हूं।'

    'मौके पर आपातकालीन एजेंसियां मौजूद'
    मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा, 'दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), CATS एम्बुलेंस सेवा तथा अन्य आपातकालीन एजेंसियों की टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया और उन्होंने बचाव एवं राहत कार्य शुरू कर दिया गया था। उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण प्रभावित परिसर से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनका सफलतापूर्वक बचाया गया है। '

    रेखा गुप्ता ने आगे कहा, 'दिल्ली सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित परिवारों को हर संभव चिकित्सा सहायता और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इस दुख की घड़ी में दिल्ली सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। हम इस त्रासदी से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'

    प्रशासन ने क्या कहा?
    मालवीय नगर के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, 'जैसे ही आज सुबह मुझे यह जानकारी मिली, हमने अपनी टीम को सक्रिय किया और वहां से सभी बलों को सूचित किया। उन्हें घटनास्थल पर रवाना कर दिया गया। मुझे ट्रेनिंग पर जाना था, लेकिन मैं ट्रेनिंग छोड़कर घटनास्थल पर पहुंचा। हमें जानकारी मिली कि इस इमारत के नीचे एक रेस्टोरेंट चलाया जा रहा था। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है, लेकिन आशंका है कि उस रेस्टोरेंट की वजह से ही आग लगी है।'

    उन्होंने आगे बताया, 'अब तक कुछ शव बरामद कर अस्पताल भेजे जा चुके हैं और 7-8 अन्य लोग भी घायल हुए हैं। कुछ लोग तीसरे मंजिल से कूदे, स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दा बिछाया और उन्हें बचाने का प्रयास किया। समय रहते बीएसईएस ने बिजली की आपूर्ति काट दी। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी जरूरी है। रेस्टोरेंट के लाइसेंस की जांच के लिए भी आदेश दिए गए है।'

    'आप' नेता सोमनाथ भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, 'आज सुबह करीब 8.30 बजे, मेरे विधानसभा क्षेत्र हौजरानी में एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई; इसमें कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। मरने वालों में ज्यादा अफ्रीकी नागरिक हैं। तलाश और बचाव अभियान अभी भी जारी है, और आगे की जानकारी का इंतजार है।'
    अभिषेक पाण्डेय

  • ‘मन की बात’ में छाए गुरिंदरवीर, 10.09 सेकंड के रिकॉर्ड पर PM मोदी बोले- देश को आप पर गर्व है

    ‘मन की बात’ में छाए गुरिंदरवीर, 10.09 सेकंड के रिकॉर्ड पर PM मोदी बोले- देश को आप पर गर्व है

    जालंधर.

    पंजाब के जालंधर के युवा धावक गुरिंदरवीर सिंह ने अपनी रफ्तार से देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में रांची में आयोजित राष्ट्रीय फेडरेशन कप एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ महज 10.09 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया।

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में गुरिंदरवीर सिंह की खुलकर सराहना की और उनसे सीधे बातचीत कर उनके संघर्ष और सफलता की कहानी देशवासियों तक पहुंचाई।
    प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि रांची में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे, लेकिन पुरुष 100 मीटर दौड़ में दो दिनों के भीतर तीन बार रिकॉर्ड टूटना पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। इसी उपलब्धि के कारण गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया।

    भारतीय नौसेना में ऑफिसर हैं गुरविंदर
    बातचीत के दौरान गुरिंदरवीर सिंह ने बताया कि वह भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हैं और उनका सपना ट्रैक पर भी देश का नाम रोशन करना तथा वर्दी में भी राष्ट्र सेवा करना है। उन्होंने बताया कि उनके पिता और दादा दोनों खिलाड़ी रहे हैं। बचपन में जब वह उनके पदक और ट्रॉफियां साफ करते थे, तभी उनके मन में भी खिलाड़ी बनने का सपना जागा।
    गुरिंदरवीर ने प्रधानमंत्री को बताया कि एक समय ऐसा भी था जब लोगों ने उन्हें कहा कि 100 मीटर दौड़ भारतीय खिलाड़ियों के लिए उपयुक्त स्पर्धा नहीं है। कई लोगों का मानना था कि भारतीय धावक इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। लेकिन उनके पिता ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने और असंभव को संभव करने की प्रेरणा दी। यही विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।

    संघर्ष व अनुशासन को बताया सफलता का राज
    प्रधानमंत्री ने जब उनसे सफलता का राज पूछा तो गुरिंदरवीर ने कहा कि संघर्ष, अनुशासन, परिवार का सहयोग और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा। हार और चोट के दौर में भी परिवार ने उनका मनोबल नहीं टूटने दिया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों की खेल भावना की भी सराहना की। गुरिंदरवीर ने बताया कि मैदान के बाहर वह और अनिमेष अच्छे मित्र हैं, लेकिन प्रतियोगिता के दौरान दोनों एक-दूसरे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। यही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भारतीय दौड़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के अंत में गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि दोनों खिलाड़ी भविष्य में भी देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करेंगे। ‘मन की बात’ में मिली इस विशेष पहचान के बाद पंजाब ही नहीं, पूरे देश के खेल प्रेमियों में गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को लेकर गर्व का माहौल है। साथियो, एक स्पर्धा जिसकी पूरे देश में सबसे अधिक चर्चा हुई, वह थी 100 मीटर दौड़। महज दो दिनों के भीतर पुरुष 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा। यह उपलब्धि हासिल करने वाले दो खिलाड़ी हैं—गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर। मैंने सोचा कि इस बार ‘मन की बात’ में इन दोनों खिलाड़ियों से बातचीत की जाए, ताकि देशवासी इनके संघर्ष और सफलता की कहानी सुन सकें।
    प्रधानमंत्री: अनिमेष जी नमस्कार। गुरिंदरवीर जी, आपको भी नमस्कार, सत श्री अकाल।
    अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह: नमस्कार सर।
    प्रधानमंत्री: आप दोनों ने अद्भुत उपलब्धि हासिल की है। संगीत में तो जुगलबंदी के बारे में सुना था, लेकिन खेल में इस तरह की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा कम ही देखने को मिलती है। आप दोनों ने एक-दूसरे को चुनौती दी और फिर उससे आगे निकलने का प्रयास किया। मैं चाहता हूं कि ‘मन की बात’ के श्रोता आपके बारे में अधिक जानें। पहले अनिमेष जी, आप अपने बारे में बताइए।
    अनिमेष कुजूर: सर, मेरा नाम अनिमेष कुजूर है। मैं 200 मीटर और 400 मीटर स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हूं। मेरा संबंध छत्तीसगढ़ से है और वर्तमान में मैं ओडिशा की ओर से खेलता हूं। पिछले वर्ष मैं एशियाई प्रतियोगिता और विश्व विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीतकर लौटा था।
    मैंने वर्ष 2021 में एथलेटिक्स की शुरुआत की। उससे पहले मैं सैनिक विद्यालय, अंबिकापुर में पढ़ता था और फुटबॉल खेलता था। कोविड काल के दौरान मेरे माता-पिता मुझे बाहर जाकर दौड़ने और खेलने की अनुमति देते थे।
    बाद में मेरे मित्रों ने मुझे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। मुझे यह भी नहीं पता था कि वहां से राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन होगा। वहीं से मेरा चयन हुआ और आज मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं।
    प्रधानमंत्री: बहुत अच्छा। अब गुरिंदरवीर जी, आप अपनी कहानी बताइए।
    गुरिंदरवीर सिंह: नमस्कार सर। मेरा नाम गुरिंदरवीर सिंह है। मैं भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हूं और हाल ही में मैंने 100 मीटर दौड़ में 10.09 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। मैं पहला भारतीय हूं जिसने 10.1 सेकंड की बाधा को पार किया है। मेरा प्रयास है कि मैं ट्रैक पर भी और वर्दी में भी देश की सेवा करूं।
    मेरे पिता और दादा दोनों खिलाड़ी रहे हैं। बचपन में जब भी घर की सफाई होती थी, मैं उनके पदक और ट्रॉफियां साफ करता था। उन्हें देखकर मेरे मन में जिज्ञासा पैदा होती थी कि ये सम्मान कैसे मिले। तब मेरे पिता मुझे अपनी खेल यात्राओं की कहानियां सुनाते थे। वहीं से मेरे भीतर भी खिलाड़ी बनने का सपना पैदा हुआ।
    वे सुबह दौड़ने जाते थे, तो मैं भी उनके साथ जाने लगा। उन्होंने जो कुछ खेलों से सीखा था, वह मुझे सिखाना शुरू किया। इसी दौरान मैंने उसेन बोल्ट को विश्व रिकॉर्ड बनाते देखा। तब मैंने अपनी मां से मजाक में कहा था कि आज आप मुझे टेलीविजन देखने नहीं दे रहीं, लेकिन एक दिन ऐसा आएगा जब आप मुझे टेलीविजन पर खोजेंगी। आज जब मेरी मां मुझे दौड़ते हुए देखती हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है।
    हम एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। मेरे पिता वॉलीबॉल खिलाड़ी थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उन्हें खेल छोड़ना पड़ा। उनका अधूरा सपना उन्होंने मेरे भीतर देखा। वे हमेशा कहते थे कि सपने केवल देखने से पूरे नहीं होते, उनके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। वे मुझे मिल्खा सिंह जी के संघर्ष और मेहनत की कहानियां सुनाते थे, जो मुझे बहुत प्रेरित करती थीं।
    जब मैंने 100 मीटर स्पर्धा चुनी, तब कई लोगों ने कहा कि यह भारतीयों के लिए उपयुक्त स्पर्धा नहीं है। लेकिन मेरे पिता हमेशा कहते थे कि यदि लोग कहते हैं कि यह संभव नहीं है, तो हमें करके दिखाना है। उनके विश्वास ने मुझे आगे बढ़ने की ताकत दी।
    प्रधानमंत्री: आप दोनों ने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इतने कठिन खेल में सफलता पाने के लिए कौन-सी भावना और कौन-सा संकल्प आपको आगे बढ़ाता रहा?
    गुरिंदरवीर सिंह: सर, शुरुआत में संघर्ष बहुत था। कई बार मन में संदेह भी आया। लेकिन मेरे परिवार ने हमेशा मेरा साथ दिया। जब मैं हारता था या चोटिल हो जाता था, तब वे कहते थे कि एक असफलता से जीवन खत्म नहीं हो जाता। मेरे प्रशिक्षक भी हमेशा कहते थे कि यदि तुम प्रयास नहीं करोगे, तो कोई और भी नहीं कर पाएगा। परिवार और समाज का यही विश्वास मुझे आगे बढ़ाता रहा।
    अनिमेष कुजूर: सर, जब मैंने एथलेटिक्स शुरू की तो बहुत लोगों ने कहा कि यह नया क्षेत्र है, शायद मैं सफल नहीं हो पाऊंगा। लेकिन मेरे पिता हमेशा कहते थे कि जिस रास्ते पर चलने का निर्णय लिया है, उस पर पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। उन्होंने मुझे हर प्रकार का सहयोग दिया।
    लोग कहते थे कि भारतीय धावक विश्व स्तर पर स्प्रिंट नहीं कर सकते। लेकिन हमने साबित किया है कि भारतीय खिलाड़ी भी किसी से कम नहीं हैं। लगातार प्रशिक्षण और मेहनत से हम अपने प्रदर्शन में सुधार कर रहे हैं। अब हमारा चयन राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भी हो गया है और वहां भी हम देश का नाम रोशन करने का प्रयास करेंगे।
    प्रधानमंत्री: मेरे मन में एक सवाल है। क्या आप दोनों ने पहले से तय कर रखा था कि एक-दूसरे का रिकॉर्ड तोड़ना है?
    अनिमेष कुजूर: सर, पहले 10.18 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड मेरे नाम था। फिर गुरिंदरवीर भाई ने उसे 10.17 सेकंड के साथ तोड़ दिया। उसके बाद मैंने 10.15 सेकंड का समय निकालकर नया रिकॉर्ड बना दिया। लेकिन सच कहूं तो हम दोनों रिकॉर्ड टूटने से खुश थे, क्योंकि इससे भारतीय स्प्रिंटिंग को नई पहचान मिल रही थी।
    हम सऊदी अरब में एक प्रतियोगिता के दौरान साथ रहे थे। वहीं हमने तय किया था कि भारतीय स्प्रिंटिंग को आगे ले जाना है। हमारी सफलता दूसरे खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगी।
    प्रधानमंत्री: गुरिंदरवीर जी, आप क्या कहना चाहेंगे?
    गुरिंदरवीर सिंह: सर, हम दोनों एक-दूसरे की मदद करते हैं। रिकॉर्ड बनाने से पहले भी हम वार्म-अप के दौरान एक-दूसरे को सलाह दे रहे थे। मैदान के बाहर हम अच्छे मित्र हैं, लेकिन मैदान के भीतर हम प्रतिस्पर्धी बन जाते हैं। दोनों की कोशिश रहती है कि बेहतर प्रदर्शन करें। यही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हमें आगे बढ़ाती है।
    प्रधानमंत्री: आपने जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह खेल भावना की शानदार मिसाल है। एक-दूसरे को चुनौती देना, आगे निकलने का प्रयास करना और फिर भी एक-दूसरे की मदद करना वास्तव में प्रेरणादायक है। मुझे विश्वास है कि आप दोनों भविष्य में भी देश का नाम रोशन करेंगे। मेरी ओर से आप दोनों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
    गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर: बहुत-बहुत धन्यवाद सर।