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  • MP में श्रमिकों को 600 करोड़ का गिफ्ट: CM मोहन ने 27 हजार परिवारों को किया ट्रांसफर, गिग वर्कर्स को मिली राहत

    MP में श्रमिकों को 600 करोड़ का गिफ्ट: CM मोहन ने 27 हजार परिवारों को किया ट्रांसफर, गिग वर्कर्स को मिली राहत

    भोपाल 
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रमिकों के हित में केन्द्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाएं संचालित हैं। अब असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी संबल योजना का लाभ दिया जा रहा है। इनमें विभिन्न प्रकार की उपभोक्ता सामग्री पहुंचाने वाले गिग वर्कर्स और प्लेटफार्म वर्कर्स को भी शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश में 3529 गिक वर्कर्स को पहली बार योजना का लाभ प्रदान करने के लिये विभाग की सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस क्षेत्र के पात्र श्रमिकों को पंजीकृत कर सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करवाना हम सभी का दायित्व है। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालयीन बैठक कक्ष से सिंगल क्लिक द्वारा मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि  अंतरित करते हुए ये बातें कहीं। इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी उपस्थित थे। राशि अंतरण के अवसर पर प्रदेश के जिलों में स्थित प्रशासनिक अधिकारी, श्रमिक भाई और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी पहल शुरू की गई है। इस व्यवस्था में औद्योगिक संस्थाओं द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। श्रेष्ठ कार्य के लिए प्रतिष्ठानों को श्रम स्टार रेटिंग के माध्यम से आंकलन कर प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे श्रम कानूनों का बेहतर पालन करने वाले औद्योगिक संस्थानों की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। प्रदेश में 554 कारखानों ने स्वेच्छा से श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था को अपनाया है। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रम विभाग, श्रम संगठनों के साथ ही नागरिकों का भी यह दायित्व है कि जिस प्रतिष्ठान से खरीदारी करते हैं, वहां श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था लागू करने को प्रोत्साहित करें। ऐसे संस्थानों से उत्पाद क्रय करने और सेवाएं लेने को प्राथमिकता भी दी जाए जो श्रमिक भाइयों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 4 नई श्रम संहिताओं का प्रावधान किया है। राज्य सरकार भी इन संहिताओं के अनुरूप नियम तैयार कर लागू करेगी। श्रमिक हित में लागू की गई केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को दिलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबल योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन वाले 5 जिलों बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगौन की तरह अन्य जिलों से भी श्रमिकों को अनुग्रह सहायता देने के कार्य में सक्रिय प्रदर्शन की अपेक्षा की। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की श्रमिक हितैषी नीतियों में श्रम एवं पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने विश्वास व्यक्त कर श्रमिक कल्याण की प्राथमिकता के लिये आभार माना। मंत्री श्री पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में श्रमिकों के हित में प्रारंभ हुई योजना से अब तक एक करोड़ 83 लाख श्रमिक जुड़ चुके हैं। अब तक 8 लाख 27 हजार से अधिक प्रकरणों में 7 हजार 720 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता हितग्राहियों को दी जा चुकी है। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रमिकों को राशि अंतरित किए जाने के अवसर पर श्रम विभाग के अपर सचिव श्री संजय कुमार को उनके सेवानिवृत्ति दिवस पर भावी जीवन के लिए मंगलकामनाएं दीं। बैठक में सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  आलोक सिंह, श्रम विभाग के सचिव एम. रघुराज सहित अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

  • डॉ. यादव का सुझाव: मध्यप्रदेश को विमानन क्षेत्र में रोल मॉडल बनाएं

    डॉ. यादव का सुझाव: मध्यप्रदेश को विमानन क्षेत्र में रोल मॉडल बनाएं

    विमानन क्षेत्र में मध्यप्रदेश को बनाएं रोल मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

    प्रदेश की विमानन नीति की सफलता में जोड़ें नए आयाम
    रीवा से सर्वाधिक 24 हजार यात्रियों ने लिया हवाई सेवाओं का लाभ

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विमानन क्षेत्र में मध्यप्रदेश को देश का रोल मॉडल बनाने के प्रयास किए जाएं। प्रदेश के दूरस्थ इलाकों के साथ ही पड़ौसी राज्यों के यात्रियों को भी विमानन सेवाएं लाभान्वित करती हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र का महत्व बढ़ाने की दृष्टि से भी ये सेवाएं महत्वपूर्ण हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई बैठक में विमानन विभाग के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमानन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विकसित होने वाले मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के परिसर में हैलीपेड निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। हैली सेवाओं के विस्तार के लिए हैलीपेड निर्माण में निजी क्षेत्र का सहयोग प्राप्त किया जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन एयरपोर्ट के विकास के लिए संचालित कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि उज्जैन एयरपोर्ट में एयरफील्ड का कुल क्षेत्रफल 95 एकड़ है। राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार उज्जैन एयरपोर्ट 2700 मीटर लंबाई के रनवे के साथ कुल 4 हजार 100 मीटर लंबाई में विकसित होगा। इसके लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के लिए 590 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि स्वीकृत की जा चुकी है। सिंहस्थ:2028 के दृष्टिगत श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए एयरपोर्ट उपयोगी होगा। उन्होंने निर्देशित किया कि एयरपोर्ट के विकास के सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। बैठक में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के संचालन के संबंध में भी चर्चा हुई।

    रोजगारपरक एविएशन पाठ्यक्रम का लाभ युवाओं को दिलवाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विमानन सेवाओं के विस्तार के साथ दक्ष पायलट और अन्य प्रशिक्षित अमले की आवश्यकता होगी। नई शिक्षा नीति में एविएशन पाठ्यक्रम को रोजगारपरक शिक्षा की श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा एविएशन कोर्स का लाभ युवाओं को दिलवाने के लिये प्रयास करने के ‍निर्देश दिये।

    सफल है प्रदेश की विमानन नीति, रीवा से 24 हजार यात्रियों ने उठाया हवाई सेवा का लाभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 गत फरवरी 2025 में जारी की गई थी। नीति में विमानन क्षेत्र की समग्र वैल्यू चैन के लिए कई तरह के प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश से बनारस और पटना जैसे बड़े नगरों के लिए विमान सेवा प्रारंभ करने का प्रयास किया जाए ताकि धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिले। प्रदेश की विमानन नीति की सफलता में नए आयाम जोड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमानन नीति की सफलता के लिए विभाग के अधिकारियों को बधाई दी।

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश के एयरपोर्ट से नए गंतव्यों को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए वित्तीय सहायता भी शिड्यूल्ड ऑपरेटर्स को दी जा रही है। मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 की सफलता का ही यह प्रमाण है कि गत छह माह में रीवा से 24 हजार यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ उठाया है। रीवा से दिल्ली, रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन और रीवा से इंदौर प्रतिदिन फ्लाइट उपलब्ध है। गत चार माह में रीवा से इंदौर की ऑक्यूपेंसी 85 प्रतिशत और गत डेढ़ माह में रीवा से रायपुर की ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत से अधिक है। रीवा- नई दिल्ली फ्लाइट की ऑक्यूपेंसी भी 70 प्रतिशत से अधिक है।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव विमानन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव श्री आलोक कुमार सिंह, सचिव वित्त श्री लोकेश जाटव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • समृद्ध किसान के योगदान से होगा विकसित भारत का निर्माण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    समृद्ध किसान के योगदान से होगा विकसित भारत का निर्माण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश की जनता के नाम संदेश

    प्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत के निर्माण में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    “किसान कल्याण वर्ष” में मध्यप्रदेश को कृषि के क्षेत्र में ले जाएंगे नई ऊंचाइयों तक
    सच्चा वादा और पक्का काम, यही हमारी सरकार का है संकल्प
    किसानों से जो वादा किया, वह पूरा करके भी दिखाया
    किसानों की समृद्धि ही मध्यप्रदेश की है असली ताकत
    अब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन, स्लॉट बुकिंग को 9 मई तक बढ़ाया
    हर परिस्थिति में आखिरी दम तक रहेंगे अपने अन्नदाताओं के साथ

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत 2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सच्चा वादा और पक्का काम, यही हमारी सरकार का संकल्प है। हमने किसानों से जो वादा किया, वह पूरा करके भी दिखाया है। जब हमारे खेतों से लेकर कारखाने तक समृद्धि आएगी, तभी तो हमारे किसान भी समृद्ध और खुशहाल होंगे। मैं प्रदेश के सभी किसान भाइयों-बहनों को आश्वस्त करता हूं कि उनकी मेहनत, पसीना और आपका भविष्य हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों की समृद्धि ही मध्यप्रदेश की असली ताकत है। आइए, हम सब मिलकर “किसान कल्याण वर्ष” में मध्यप्रदेश को कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को प्रदेश की जनता के नाम दिये संदेश में कहा कि मैं अपने आपको सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे मध्यप्रदेश की सेवा का अवसर मिला है और उसी सेवा भाव से मैं अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा हूं। जब से मैंने मुख्यमंत्री के रूप में इस महत्वपूर्ण पद की शपथ ली है, तब से पूरा मध्यप्रदेश ही मेरा परिवार है, प्रदेशवासियों का सुख ही मेरा सुख है और उनका दुख ही मेरा दुख है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश की तीव्र गति के विकास का मुख्य आधार हमारे प्रिय किसान भाई-बहन हैं। मैं प्रदेश के समस्त अन्नदाताओं को नमन करता हूं। हमारी सरकार किसानों की खुशहाली और उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। हम न केवल किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए संकल्पित हैं, बल्कि उनके जीवन में सुख और आनंद के सूर्योदय का भी प्रयास कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाये बिना प्रदेश के सर्वांगीण विकास की कल्पना अधूरी है। हमारी सरकार किसानों के हर सुख-दुख में साथ है। इसी का परिणाम है कि मध्यप्रदेश सरकार निरंतर किसान हितैषी ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। आज मैं ऐसे विषय पर संवाद कर रहा हूं, जो हमारे प्रदेश की आत्मा, हमारे अन्नदाता यानी किसानों से जुड़ा हुआ है। मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है और इसी भावना के साथ इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है।

     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं प्रदेशवासियों से यह साझा करना चाहता हूं कि प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से खरीदी की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह 22 लाख मीट्रिक टन की अभूतपूर्व वृद्धि न केवल हमारे किसानों की मेहनत का सम्मान है, बल्कि उनकी आय को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त करता हूं।

    अब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन, स्लॉट बुकिंग को 9 मई तक बढ़ाया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे यह बताते हुए भी अत्यंत प्रसन्नता है कि आज से पूरे प्रदेश के छोटे–बड़े सभी किसान भाइयों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग पूरी तरह से खोली जा चुकी है। गेहूं उपार्जन अब सप्ताह में 6 दिन होगा और शनिवार को अवकाश नहीं रहेगा। उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन निर्बाध रूप से जारी रहेगा। साथ ही 30 अप्रैल तक होने वाली स्लॉट बुकिंग को अब 9 मई तक बढ़ा दिया गया है।

    किसानों को अब उनकी भूमि के बदले 4 गुना मुआवजा

     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान भाइयों को कोई समस्या न हो, यह हमारी सरकार का संकल्प है। राज्य सरकार सदैव किसानों के साथ है। हमारी सरकार ने भू-अर्जन को भी लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब किसानों को उनकी भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सिर्फ निर्णयों की सूची नहीं, बल्कि उस विश्वास की कहानी है जो हमारी सरकार और किसानों के बीच मजबूत हो रही है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल विविधीकरण को बढ़ावा, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार इन सभी क्षेत्रों में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने दलहन, उड़द और तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उड़द को तय समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा और किसानों को तय समर्थन मूल्य के अतिरिक्त खरीदी गई उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सोयाबीन की सफलता के बाद सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने की घोषणा के फलस्वरूप बाजार भाव में वृद्धि हुई और किसानों को सरसों का दाम एमएसपी से भी अधिक मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबको विदित है कि हमारी सरकार इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है, जिसमें किसानों को मात्र पांच रुपये में कृषि पंप का कनेक्‍शन दिया जा रहा है। साथ ही, हमारी योजना है कि अब हमारे किसानों को रात के बदले दिन में ही सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी। कृषक मित्र योजना में 90 प्रतिशत सब्सिडी पर किसान को सोलर सिंचाई के पंप दिए जा रहे हैं, जिससे बिजली के मामले में किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।  

    प्रदेश को मिल्क केपिटल बनायेंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में हम निरंतर नवाचारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमने दुग्ध उत्पादन से लेकर संकलन बढ़ाने के भी प्रयास किए हैं। नई 1752 दुग्ध समितियों का गठन किया है। हमारा प्रतिदिन का दूध संकलन 10 लाख किलोग्राम से अधिक पुहंच गया है और दुग्ध उत्पादक किसान भाइयों को 1600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया गया है। किसानों को अब दूध का दाम प्रति किलो 8 से 10 रुपये बढ़कर मिल रहा है। ये सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम हैं। हम चाहते हैं कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन के साथ ही दूसरे नये रास्ते भी तैयार हों।

    प्रदेश में यूरिया की उपलब्धता पिछले साल से अधिक

     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस साल युद्ध की स्थिति के बावजूद प्रदेश में यूरिया की उपलब्धता 5.90 लाख मीट्रिक टन है, जो पिछले साल से भी अधिक है। इसी प्रकार अन्य उर्वरक के भी पर्याप्त भंडारण किए गए हैं। उर्वरकों की वितरण प्रणाली में भी सुधार किया गया है। नवाचार और तकनीक का उपयोग कर किसानों को अब बिना लाइन लगाए मनचाहे स्थानों से खाद दिलाने की व्यवस्था की गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने किसानों के साथ बीते दो सालों में जो रिश्ता बनाया है, उसे हम आगे भी निभाएंगे। हम हर परिस्थिति में आखिरी दम तक अपने अन्नदाताओं के साथ खड़े रहेंगे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश: गांवों में रात्रि विश्राम करें और कार्यों का निरीक्षण करें

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश: गांवों में रात्रि विश्राम करें और कार्यों का निरीक्षण करें

    जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    छोटे किसानों का गेहूं उपार्जन पहले करायें, उपार्जन केन्द्रों में हों सभी जरूरी सुविधाएं
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ वीसी से की विभिन्न अभियानों की समीक्षा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय से प्रदेश में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान, पूर्ण हो चुके संकल्प से समाधान अभियान और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर समुचित दिशा-निर्देश दिए।

    समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर्स से कहा कि प्रदेश और समाज की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा विभिन्न अभियानों के माध्यम से महती प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार के इन सभी प्रयासों एवं अभियानों में जन जुड़ाव एवं सहभागिता बेहद जरूरी है। इन सभी अभियानों की सार्थकता और सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब इनमें अधिकाधिक जनसहयोग एवं जन भागीदारी भी हो। इसके लिए सभी समर्पित और फोकस्ड होकर प्रयास करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे जनता के कल्याण के कामों को तेजी से पूर्ण करायें। सरकार की योजनाओं का फील्ड में पूर्णतया क्षमता और दक्षता के साथ व्यापक स्तर पर सुचारु एवं बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर, उनकी जरुरतों और सुझावों पर अमल करते हुए जनोन्मुखी प्रशासन से खुद की और सरकार की साख बढ़ायें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स लगातार जिले में भ्रमण करें, लोगों से चर्चा करें, उनकी समस्या सुनकर समाधान करें और गांवों में रात्रि विश्राम करें, इससे सरकारी योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च तक 2026 तक "संकल्प से समाधान अभियान" चलाया गया। इस अभियान से सरकार की 106 प्रकार की योजनाओं का सीधा लाभ जनता और जरुरतमंदों तक पहुंचाया गया। सभी कलेक्टर्स इस अभियान के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हमेशा क्रियाशील रहें और जनता को अधिकतम लाभ दिलायें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ हुआ है। यह 30 जून 2026 तक चलेगा। विगत 2 सालों में अभियान के अंतर्गत हुए जल संचयन के कार्यों से यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। अब आवश्यकता है कि इस साल भी जल संरक्षण और सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के भरसक प्रयास किये जायें।

    गेहूं उपार्जन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाये। उन्हें समय पर भुगतान भी करायें। सभी कलेक्टर्स गेहूं उपार्जन केन्द्रों का सघन निरीक्षण करें और यह देखें कि खरीदी केंद्र पर समुचित छाया-पानी, बारदाना, तेज गर्मी के चलते ओआरएस घोल, पावडर आदि सभी जरूरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। किसानों को किसी भी तरह की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत परेशानी नही हो। अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया निर्बाध रूप में से जारी है।अब तक 1 लाख 13 हज़ार से अधिक किसानों से 4 लाख 96 हज़ार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। इन किसानों को करीब 355 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ऐसा पहली बार हुआ है कि पहले दिन तुलाई वाले किसानों को दूसरे दिन ही भुगतान भी कर दिया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास एवं प्रशासन विभाग से कहा कि वे अपने विभागीय स्वच्छता अभियान को जल गंगा संवर्धन अभियान से जोड़ लें। जनसहयोग से जगह-जगह पर प्याऊ लगवायें। इनकी साफ़-सफाई पर भी विशेष ध्यान दें।तकनीक से जुड़कर नवाचार भी करें।

    सांदीपनि विद्यालयों में करें रैन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के कारण बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में आये उल्लेखनीय परिणामों को राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आई गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों को लेकर अभिभावकों की धारणा इस कदर परिवर्तित हुई है कि वे अपने बच्चों के दाखिले निजी विद्यालयों से निकालकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में भर्ती करा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवायें। जून में जब स्कूल पुनः खुलेंगे, तब अधिकाधिक लोगों को सांदीपनि विद्यालयों का अवलोकन करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बड़ी उपलब्धि है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कारण हमारा स्कूल ड्रॉप आउट रेशियो जीरो हो चुका है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर कम से कम 50 बेडेड हास्पिटल होने चाहिए। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में बर्न यूनिट्स स्थापित की जाये। ग्रीष्मकालीन स्थायी निर्देशों (मेडिकल प्रोटोकॉल्स) का कढ़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। सभी कलेक्टर्स एवं नगरीय निकाय स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी पूरी कर लें।

    पेयजल आपूर्ति में न रहे कोई कमी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाएं ताकि ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था हर हाल में निर्बाध रहे। आवश्यकतानुसार टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाये। पेयजल संरचनाओं के संरक्षण एवं संधारण पर विशेष ध्यान दें। किसी को भी पेयजल संबंधी परेशानी न होने पाये।

    ज्ञान भारतम ऐप

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक "ज्ञान भारतम ऐप" तैयार किया गया है। कोई भी नागरिक पुरानी साहित्यिक या धार्मिक पांडुलिपियों को इस ऐप में अपलोड कर सकता है। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया कि 17 अप्रैल 26 तक इस ऐप में साढ़े 6 लाख से अधिक पांडुलिपियां अपलोड की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को इस विषय के लिये जिला स्तरीय समिति का गठन कर लेने के निर्देश दिए।

    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के कलेक्टर्स द्वारा विभिन्न अभियानों और विविध विषयों में प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अच्छा प्रदर्शन करने वाले कलेक्टर्स को बधाई दी और प्रदर्शन में पिछड़ने वाले कलेक्टर्स को और बेहतर कार्य कर सुधार लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार करने के लिए अब प्रदेश के सभी कलेक्टर्स द्वारा पिछले एक साल में किए गए कार्यों के आधार पर उनकी रैंकिंग की जायेगी।

    20 अप्रैल को भोपाल में होगा सम्मेलन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश हमेशा से महिलाओं के हितों की योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे देश में अव्वल रहा है। आगामी 20 अप्रैल को भी भोपाल में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें महिलाओं की रैली एवं आमसभा भी होगी।

    बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का फीडबैक लेकर कलेक्टर्स को डिलिवरी सिस्टम में और अधिक सुधार लाकर इन्हें कस्टमर फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर अपने जिलों में टीम लीडर की तरह काम करें।

    बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी अन्य प्रमुख सचिव, सचिव एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • भोपाल में डा. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती महोत्सव का उद्घाटन, 03 दिन चलेगा आयोजन

    भोपाल में डा. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती महोत्सव का उद्घाटन, 03 दिन चलेगा आयोजन

    भोपाल 
     डा बाबासहाब आंबेडकर जयंती मैदान तुलसी नगर, भोपाल में 12 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक 03 दिवसीय डा. बाबासहाब आंबेडकर जयंती उत्सव समारोह का प्रारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के हाथों हुआ। कार्यक्रम को विधायक श्री भगवानदास सबनानी, आरपीआई (आंबेडकर) के राष्ट्रीय महासचिव डा मोहनलाल पाटील, दि बुध्दिस सोसाइटी आफ इंडिया के श्री बी टी गजभीये , समता सैनिक दल के श्री उदभान चवरे तथा जयंती समारोह समिति के अध्यक्ष श्री रामु गजभिये ने संबोधित किया तथा संचालन वामन जंजाले जी ने किया। मंच पर धम्मरतन सोमकुवर, बाबुराव ढोने, चिंतामन पगारे, गौतम पाटील, विजय कुमार, दिलिप मस्के, दिलिप बागडे, दिलिप कडबे उपस्थित थे। जयंती समारोह को सम्बोधित करते हुए डा मोहन यादव जी ने कहा कि डा आंबेडकर ने विश्व में देश का मान बढ़ाया। हम बाबासाहेब के सपनों को साकार कर सभी को न्याय दिला रहे है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के स्थापित गायक देवानंद जगताप एवं गायीका स्वरा तामगाडगे ने डा बाबासहाब आंबेडकर की जीवनी पर गीतों की प्रस्तुति दी।
     कार्यक्रम में बढी संख्या मे भोपाल के आंबेडकर अनुयायियों उपस्थिति थे।

  • डॉ. अंबेडकर के पंच तीर्थ के विकास का ऐतिहासिक निर्णय, बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    डॉ. अंबेडकर के पंच तीर्थ के विकास का ऐतिहासिक निर्णय, बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    डॉ अंबेडकर के सम्मान में पंच तीर्थ का विकास का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम

    तत्कालीन सरकार द्वारा डॉ अंबेडकर को नहीं दिया गया उचित सम्मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव
    तुलसी नगर अंबेडकर मैदान में डॉ अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ यादव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि डॉ.भीमराव अंबेडकर के समग्र योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा पंच तीर्थ का विकास किया गया है। इसके पूर्व डॉ अंबेडकर को भारत रत्न दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में संविधान के निर्माण और विधि ,शिक्षा,दलित वर्ग के कल्याण आदि क्षेत्रों में डॉ. अंबेडकर की योगदान को दृष्टिगत रखते हुए पंच तीर्थ के विकास का यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके पूर्व की सरकारों ने डॉ. अंबेडकर की उपलब्धियां को महत्व नहीं दिया। उन्हें उनके जीवन में जो सम्मान दिया जा सकता था तत्कालीन सरकार द्वारा नहीं दिया गया। मध्यप्रदेश डॉ अंबेडकर की जन्म भूमि है। महू (डॉ अंबेडकर नगर)में  स्मारक के निर्माण सहित देश में पंच तीर्थ का विकास किया गया है। उनकी दीक्षाभूमि न सिर्फ नागपुर थी बल्कि लंदन में भी वे उच्च शिक्षा के लिए गए। इस नाते  वहां स्मारक और पुस्तकालय का निर्माण किया गया है, जिसे देश-विदेश के लोग देखने पहुंचते हैं।

     मुख्यमंत्री डॉ यादव रविवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित डॉ अंबेडकर मैदान में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजादी के उस दौर में जब अंग्रेजों को भगाकर  देश को आजाद करने का संकल्प चल रहा था और ऐसे समय में जब देश  सैकड़ों साल की गुलामी के बाद आजादी की  तरफ कदम बढ़ा रहा था ऐसे में हमारे समाज की कठिनाइयों का और आपस की  कमजोरी का उचित समाधान करने के लिए डॉ आंबेडकर आगे आए। समाज के अंदर हमारे अनुसूचित जाति, जनजाति ओबीसी सभी वर्गों के बीच की कठिनाइयों का समाधान जब तक नहीं करेंगे तब तक आने वाले समय में संकट  रहेगा। इस संकट को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने पहचाना कि हमें  समाज को संगठित और एकत्रित रखना है। भारत के सभी वर्गों के बीच सम्मान का भाव रखना है। समानता का भाव लाना है। आपस की एकजुटता को बढ़ाना है। इसलिए सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा में लोकतंत्र का दीपक जलाने के लिए मध्य प्रदेश के लाल संविधान के शिल्पी डॉ भीमराव अंबेडकर को आज सभी कोटि-कोटि  नमन करते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि  बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों के लिए उनके जन्म स्थान को तीर्थ स्थान बनाने का काम  किया गया है।

    महू की धरती पवित्र धरती  है। भारत के पहले विधि मंत्री, भारतीय संविधान के जनक और भारतीय गणराज्य के निर्माता के सम्मान में पंच तीर्थ बनाने के लिए  पूरी ताकत लगाई गई और वे  तीर्थं  दुनिया के सामने स्थापित हो गए हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर वर्तमान केंद्र सरकार ने ही वर्ष 2016 में यह पहल की। पंच तीर्थ के रूप में जिन स्थानों का विकास किया गया  है, उनमें महू (जन्मभूमि), लंदन (शिक्षा भूमि), नागपुर (दीक्षा भूमि), दिल्ली (महापरिनिर्वाण स्थल), और मुंबई (चैत्य भूमि) शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को समर्पित महू और नागपुर हैं जहां बाबा साहब का जन्म हुआ,उन्होंने बौद्ध धर्म की दीक्षा प्राप्त की,वो दीक्षा भूमि नागपुर और शिक्षा भूमि लंदन भी है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है जब मैं लंदन गया तो मैंने बाबा साहब अंबेडकर की शिक्षा भूमि को भी देखा।वह मकान  भी देखा।

    आज वह तीर्थ  दुनिया के सामने  है। समाधि स्थल का  भी विकास हुआ है। दीक्षा भूमि भी आस्था का केंद्र है।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि आज आपके बीच में मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि सच में बाबा साहब का वह स्लोगन जो हम सबको ताकत देता है, शिक्षा शेरनी का दूध है जो पियेगा वो ताकतवर होगा। वे शिक्षा के महत्व को सदैव प्रतिपादित करते रहे। इसलिए हम सब उनके इस स्लोगन को भी याद रखते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने उपस्थित जन समुदाय को तीन दिवसीय कार्यक्रम और बाबा साहब की जयंती की  बधाई दी।

    कार्यक्रम को विधायक भगवान दास सबनानी और अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

    प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ यादव का पुष्पहारों से स्वागत किया गया। बौद्ध समाज और डॉक्टर अंबेडकर जयंती आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री डॉ यादव का स्वागत किया। 

     

  • मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्रिकेटर और कोच अमय खुरासिया की पुस्तक 74 वर्ष बाद पुस्तक का विमोचन किया

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्रिकेटर और कोच अमय खुरासिया की पुस्तक 74 वर्ष बाद पुस्तक का विमोचन किया

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में क्रिकेटर और केरल के कोच अमय खुरासिया द्वारा लिखित हिन्दी पुस्तक " 74 वर्ष बाद" का विमोचन किया। इस दौरान अमय खुरासिया की बेटी और पुस्तक की सह-लेखिका अमयसी कीर्ति खुरासिया भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमय खुरासिया और सह-लेखिका अमयसी कीर्ति को बधाई दी। यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा में भी लिखी गई है।

    यह पुस्तक भगवान श्रीकृष्ण के गीता में दिए उपदेशों और युद्ध नीतियों की वर्तमान दौर में उपयोगिता पर आधारित है। खुरासिया ने कोच के रूप में गीता और भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का प्रयोग क्रिकेट टीम की रणनीति बनाने में किया। इसके फलस्वरूप केरल राज्य की टीम ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 74 वर्ष में पहली बार फाइनल तक का सफर तय किया। दिलीप ट्रॉफी जैसे देश के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहली बार केरल के छह खिलाड़ी एक साथ चुने गए। इस पुस्तक के संदर्भ में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, संजय बांगर, श्रीलंका के पूर्व कप्तान दिलीप मेंडिस और बीसीसीआई के पूर्व सचिव संजय जगदाले सहित केरल निवासी अभिनेता मोहनलाल ने भी अपना अभिमत व्यक्त किया हैं।

     

  • अन्नदाताओं को राहत: उर्वरकों पर केंद्र सरकार ने दी 41 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति

    अन्नदाताओं को राहत: उर्वरकों पर केंद्र सरकार ने दी 41 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति

    अन्नदाताओं को उरर्वकों पर सब्सिडी के लिए केंद्र सरकार ने दी 41 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने फॉस्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) को मंजूरी दी है जो अन्नदाताओं के हित में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय है। खरीब सीजन- 2026 में इससे किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन-2026 के लिए फॉस्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी के लिए 41 हजार 533.81 करोड़ की बजटीय व्यवस्था को स्वीकृति प्रदान की है। यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है। गत वर्ष स्वीकृत राशि से यह 4,317 करोड़ रुपए अधिक है। वैश्विक चुनौतियों और अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के रुझानों के बावजूद केंद्र सरकार ने किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित किया है कि उर्वरक रियायती, किफायती एवं उचित दरों पर उपलब्ध हों और उन पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

    मध्यप्रदेश में किसान-कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय कृषि लागत को संतुलित कर किसानों की आय और उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करेगा। मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 कृषि और कृषक कल्याण वर्ष है। इस नाते ऐसे निर्णय मध्यप्रदेश के अन्नदाताओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी हैं। मध्यप्रदेश सरकार किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। किसानों को नई तकनीक से अवगत करवाने के लिए उन्नत कृषि महोत्सव भी आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को शिक्षित जागरूक बनाने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान हितैषी इस पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी एवं केंद्रीय मंत्रीमंडल का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा: दो राज्यों को जोड़ने वाला फोर लेन बायपास होगा सांस्कृतिक पुल

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा: दो राज्यों को जोड़ने वाला फोर लेन बायपास होगा सांस्कृतिक पुल

    दो राज्यों को सांस्कृतिक डोर से जोड़ेगा नया फोर लेन बायपास : मुख्यमंत्री डॉ यादव

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री गडकरी का जताया आभार

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को दिन-प्रतिदिन नई-नई सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा रविवार को मध्यप्रदेश (ज़िला निवाड़ी) और उत्तर प्रदेश (ज़िला झाँसी) राज्यों में, झांसी के लिए 15.5 किमी लंबाई के 4-लेन वाले दक्षिणी बाईपास के निर्माण और बंगाय खास से ओरछा तिगेला तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-39 को जोड़ने वाली लिंक रोड के लिए 631.73 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है। यह बायपास और लिंक रोड दो बड़े प्रदेशों के नागरिकों को एक सांस्कृतिक डोर से हमेशा के लिए जोड़ देगा।

    केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर), राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर), राष्ट्रीय राजमार्ग-39, राष्ट्रीय राजमार्ग-539, राष्ट्रीय राजमार्ग-552 इन पाँच राजमार्गों के जंक्शन पर स्थित है, जिसके कारण शहर के भीड़भाड़ वाले मुख्य इलाके से होकर गुज़रने वाले ट्रैफिक में भारी बढ़ोतरी होती है। झांसी में एक नया औद्योगिक शहर (BIDA) भी बसाया जा रहा है, जहां भारी माल ढुलाई की ज़रूरत होगी। उन्होंने कहा कि दक्षिणी बाईपास झांसी के आस-पास से गुज़रने वाले शहरों के बीच के ट्रैफिक के लिए एक निर्बाध रास्ता बनाएगा, जिससे शहर के अंदर यात्रा का समय कम होगा और शहर में ट्रैफिक का दबाव घटेगा। इससे प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के बीच, झांसी से होकर गुज़रने वाले पाँच राष्ट्रीय राजमार्गों के रास्ते माल की आवाजाही में लगने वाला समय भी कम होगा। यह बाईपास ओरछा तिगेला पर खत्म होता है, जो UNESCO की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल है और जहाँ जहाँगीर महल, राम राजा मंदिर और बेतवा वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं। हाईवे तक बेहतर पहुंच से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकास को भी गति मिलेगी।

     

  • उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाएं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाएं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सरकार हर घड़ी किसानों के साथ, तय वक्त पर प्रारंभ होगी गेहूं खरीदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पहले छोटे किसानों का खरीदा जाएगा गेहूं, फिर मध्यम एवं बड़े किसानों से होगी खरीदी
    प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं
    केन्द्र एवं जूट कमिश्नर के साथ ही बारदाना प्रदाय एजेंसियों से लगातार सम्पर्क में है राज्य सरकार
    उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाएं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। हमारी सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। प्रदेश में तय वक्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। उपार्जन प्रक्रिया में पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद मध्यम एवं बड़े किसानों के गेहूं की खरीदी की जाएगी। स्लॉट बुकिंग वाले सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध रूप से खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। सरकार सभी व्यवस्थाएं कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गेहूं उपार्जन कार्य के संबंध में सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह के सदस्य एवं कृषक प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है। गेहूं उपार्जन में बारदान की उपलब्धता निरंतर बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में गेहूं खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से बारदाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदान प्रदाय एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है।

    उपार्जन शुरू होने से पहले कराएं तौल केन्द्रों का निरीक्षण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाये। किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न होने पाये। मुख्यमंत्री ने उपार्जन व्यवस्था पर नियमित रूप से निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय एवं कृषि उपज मंडियों में भी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन के दृष्टिगत प्रदेश के सभी तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले गहन निरीक्षण करा लिया जाए, जिससे किसानों में किसी भी तरह का संशय न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों के वर्तमान ढांचे में क्रमबद्ध सुधार किया जाये। सभी मंडियों को वैश्विक जरुरतों के मुताबिक अपग्रेड कर इन्हें वर्ल्ड क्लास मंडी की तरह तैयार किया जाये।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन केंद्रों में आने वाले किसानों को सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन एवं पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाये। किसी को भी किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत असुविधा का सामना न करना पड़े। किसी भी केन्द्र में किसानों/ट्रेक्टर-ट्राली की लंबी-लंबी कतारें न लगें, सभी किसानों का सहजता से गेहूं तुल जाये, ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं। जिन किसानों से गेहूं खरीदा जाये, कम से कम समय में उनके खातों में भुगतान कर देने की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।

    10 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएगी गेहूं खरीदी

    अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से एवं अन्य सभी संभागों में 15 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने बतायाकि जिन संभागों में 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होनी है, उनके लिए आगामी मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो जायेगी। शुक्रवार, 10 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उपार्जन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं। बीते उपार्जन वर्ष 2025-26 में 15 लाख 44 हजार 55 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था। उन्होंने बताया कि इस उपार्जन वर्ष के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रूपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल बोनस का लाभ भी इस वर्ष देने जा रही है।

    अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होना अनुमानित है। इसके लिए 3 लाख 12 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता होगी। प्रदेश में गेहूं खरीदी आरंभ करने के लिए आवश्यक बारदान का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केन्द्र सरकार की ओर से लिमिट भी तय कर दी गई है। राज्य सरकार को केन्द्र से हर जरूरी सहयोग भी मिल रहा है। जूट कमिश्नर कार्यालय सहित अन्य बारदाना प्रदायकर्ताओं से भी बारदान सामग्री प्राप्त की जा रही है। इसके साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति के निर्देश पर अतिरिक्त बारदान खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।

    बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित कृषक प्रतिनिधि और खाद्य, सहकारिता एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।