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  • हर घर तक पहुंचे सोलर पावर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- सौर ऊर्जा को दें अधिक प्रोत्साहन

    हर घर तक पहुंचे सोलर पावर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- सौर ऊर्जा को दें अधिक प्रोत्साहन

    सौर ऊर्जा के उपयोग को अधिकाधिक प्रोत्साहित करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सोलर उपकरणों की उपलब्धता बढ़ायें
    मंत्रालय में हुई ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऊर्जा उत्पादन के पारम्परिक स्त्रोतों का उपयोग करते हुए राज्य में सौर ऊर्जा के अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। किसानों के लिए सोलर पम्प और गांव से लेकर शहर तक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर उपकरणों की उपलब्धता एवं उपयोग को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के कार्यों की बैठक में समीक्षा कर रहे थे।

    नवाचारों की प्रशंसा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऊर्जा विभाग द्वारा किए गए प्रमुख नवाचारों की प्रशंसा की। बैठक में बताया गया कि गत ढाई वर्ष में प्रदेश में ड्रोन आधारित पेट्रोलिंग का नवाचार सफल हुआ है। इससे विद्युत लाइन ट्रिपिंग को 35 प्रतिशत कम करने और 220 केव्ही के लगभग 10 हजार टॉवरों के टॉप पेट्रोलिंग के कार्य में सफलता मिली है। इसी तरह वर्तमान में 400 और 132 केव्ही के 23 हजार टॉवरों के टॉप पेट्रोलिंग का कार्य ड्रोन द्वारा किया जा रहा है। इंसूलेटेड वर्क प्लेटफार्म का नवाचार भोपाल, जबलपुर, इंदौर और दमोह में किया गया। लाइनमैन द्वारा चालू लाइन में ही वेयर हेन्ड तकनीक और हॉट लाइन स्टिक तकनीक का कार्य इससे संभव होता है। गत वर्ष चालू लाइन में 257 परिचालन किए गए। परिचालन कर्मियों और प्रशिक्षु इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए परिचालन सिम्युलेटर स्थापित किया जा रहा है।

    19 हजार 895 मेगावॉट की सफलतापूर्वक पूर्ति

    बैठक में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी ने विश्वसनीय संचालन का प्रमाण देते हुए विद्युत गृहों द्वारा लगातार विद्युत उत्पादन किया गया है। गत 14 जनवरी को 19 हजार 895 मेगावॉट की सफलतापूर्वक पूर्ति इतिहास की सर्वाधिक पूर्ति है। ट्रांसमिशन कम्पनी का हानियां भी 2.60 प्रतिशत ही हैं। इसी तरह पारेषण उपलब्धता का प्रतिशत 99.52 है।

    समाधान योजना 2025-26

    समाधान योजना 2025-26 के अंतर्गत विलंबित बिल के भुगतान पर सरचार्ज में छूट का लाभ उपभोक्ताओं को दिया गया। कुल 1,970 करोड़ की देनदारियां निराकृत हुईं। उपभोक्ताओं को 473 करोड़ रूपए की सरचार्ज की राशि माफ की गई। स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य प्रगति पर है। तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा 40 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में प्रीपेड मीटरिंग के अंतर्गत 47 हजार से अधिक मीटर प्रीपेड मोड पर संचालित हैं। इस कार्य में 139 प्रतिशत भौतिक प्रगति प्राप्त की गई।

    प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ी

    प्रदेश में मार्च 2024 में कुल विद्युत क्षमता में नवकरणीय ऊर्जा का प्रतिशत 25 था, जो मार्च 2026 में बढ़कर 33 हो गया है। दो वर्ष पहले जहां 5 हजार 690 मेगावॉट ऊर्जा नवकरणीय स्त्रोतों से उत्पादित की जा रही थी, वहीं अब यह 8 हजार 608 मेगावॉट तक पहुंच गई है। इस उपलब्धि में सर्वाधिक योगदान 5 हजार 376 मेगावॉट सौर ऊर्जा का है। प्रदेश में पवन और अन्य नवकरणीय ऊर्जा से 3 हजार 232 मेगावॉट ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय और ऊर्जा विभाग नीरज मंडलोई ने बताया कि विभाग द्वारा मंत्रिपरिषद के निर्णयों के पालन, राजस्व आय में वृद्धि, घोषणाओं को पूर्ण करने के कार्य को प्राथमिकता दी गई। विद्युत अधोसंरचना की वृद्धि के साथ विभिन्न क्षेत्रों में श्रेष्ठ परिणाम लाने के निर्देश दिए गए हैं। केन्द्र शासन से बेहतर समन्वय के कारण जबलपुर आईलैंडिंग योजना के क्रियान्वयन के लिए 5.08 करोड़ रूपए के केन्द्रीय अनुदान की मंजूरी मिली है। राज्य भार प्रेषण केन्द्र की सायबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी 13.61 करोड़ रूपए का अनुदान प्राप्त हुआ है। केन्द्र सरकार के पावर सिस्टम डेवलपमेंट फंड से प्राप्त अनुदान से प्रदेश में ओपीजीडब्ल्यू (ऑप्टिकल ग्राउंड वायर) की 10 हजार 752 किलोमीटर लाईन में सफलतापूर्वक स्थापना संभव हुई। इसके लिए केन्द्र सरकार 146 करोड़ रूपए की अनुदान राशि प्राप्त हुई। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृष्ट अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 63 हजार से अधिक जनजातीय समुदाय के नागरिकों को आवास गृह के विद्युतीकरण का लाभ दिलवाया गया। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) के अंतर्गत प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया और भारिया समुदाय के 28 हजार से अधिक घरों में विद्युतीकरण होने की उपलब्धि भी मिली है। कृषि फीडर विभक्तिकरण के 374 फीडर और एचटी लाईन में क्षमता वृद्धि के तहत लगभग 18 हजार कार्य पूर्ण किए गए हैं।

    ऊर्जा विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश

        सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रत्येक स्तर पर बढ़ावा दिया जाए।

        मजरों टोलों के सभी घरों तक सभी कार्य पूर्ण करें।

        विद्युत देयक वसूली और नगद संग्रहण में वृद्धि हुई है ,इसे कायम रखें।

        ऊर्जा विभाग में 2500 करोड़ रुपए की हानि को कम किया है। ऐसे प्रयास जारी रखें।

        जबलपुर में वन नेशन वन ग्रिड के अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के कार्य के लिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं।

        विद्युत बचत उपाय पर निरंतर अमल हो।

        प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया, भारिया के घरों में विद्युतीकरण होने की उपलब्धि महत्वपूर्ण है। इन वर्गों के सभी लोगों को लाभ पहुंचाएं।

        ऊर्जा की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारी को अंजाम दें।

        मध्यप्रदेश विद्युत जनरेशन कंपनी लाभ में है। इसके लिए कंपनी के पदाधिकारी बधाई के पात्र हैं।
        बैठक में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • नई सड़कों से बदलेगी रफ्तार, CM डॉ. यादव बोले- मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों का होगा तेज विकास

    नई सड़कों से बदलेगी रफ्तार, CM डॉ. यादव बोले- मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों का होगा तेज विकास

    भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र नई सड़कों से होगा समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

    सिंहस्थ के पहले सड़कों के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश
    रिंग रोड्स निर्माण के कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में तेजी से निर्मित हो रही सड़कें नागरिकों को विकास का पूरा लाभ दिलवाने में सहयोगी हैं। इनसे 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों भोपाल और इंदौर-उज्जैन की अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भी अधोसंरचना विकास के प्रयासों से लाभान्वित होंगे। इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन, उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाई वे फोर लेन, इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे फोर लेन बन जाने से यह सम्पूर्ण क्षेत्र विकास के नए आयामों को स्पर्श करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  गुरुवार को मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिंहस्थ : 2028 के कुछ माह पूर्व ही सड़कों के निर्माण कार्य पूरे किए जाएं। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    अमूल्य जिंदगियां बचाने के प्रयास सराहनीय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़कों के निर्माण, नवाचारों के उपयोग और विभिन्न विधियों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयासों में मिली सफलता सराहनीय है। लोक निर्माण विभाग अन्य विभागों के सहयोग से किसान कल्याण वर्ष में गांव से शहरों तक सब्जियां और फल लेकर आने वाले कृषकों को हेलमेट वितरण के कार्य में भी शामिल हो जिससे सड़कों पर दो पहिया वाहनों की दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। प्रदेश में मूल्यवान जिंदगियां बचाने के लिए लोक निर्माण और अन्य विभाग मिलकर कार्य करें। दुर्घटना की आशंका वाले मार्गों को चिन्हित कर निकट ही प्राथमिक उपचार केंद्र भी संचालित किए जाएं। यह कार्य विभागीय समन्वय से किया जाए।

    बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 481 ब्लैक स्पॉटस चिन्हित हैं। दुर्घटनाओं में कमी लाने की दृष्टि से लोक निर्माण विभाग ने निरंतर कार्य किया है। ब्लैक स्पॉटस का समाधान करते हुए रोड सेफ्टी के अंतर्गत स्कूल जोन में वाहनों की गति सीमित करने, विशेष चेतावनी संकेत लगाने, वाहनों की आवाजाही को स्पष्ट दिशा संकेतक देने, लेन अनुशासन मार्किंग, रोड मार्किंग जैसे उपाय किए गए।

    निर्माण कार्यों की मंजूरी में भी नवाचार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग द्वारा निर्माण कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया में किए गए नवाचार की जानकारी प्राप्त की। कार्य स्वीकृति से पूर्व संबंधित मुख्य अभियंता द्वारा तकनीकी उपयुक्तता और आवश्यकता का प्रमाणीकरण किया जा रहा है। इसी तरह परियोजना की वास्तविक आवश्यकता, यातायात घनत्व, भविष्य की मांग और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के स्थल विश्लेषण, पीएम गति शक्ति पोर्टल से मार्ग अलाइनमेंट, मल्टी- मॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर समन्वय और इंटर कनेक्टिविटी का परीक्षण, जीआईएस आधारित प्लानिंग और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया अपनाने और नए मार्गों के लिए नेटवर्क प्लानिंग और अलाइमेंट परीक्षण के कार्य मुख्य अभियंता स्तर से अनिवार्य किए जाने से अच्छे परिणाम मिले हैं। पुल- पुलियों के सुधार, बसाहट की जगहों पर वीसी मार्ग के निर्माण और कार्यपालन यंत्री द्वारा स्थल निरीक्षण को भी अनिवार्य किया गया है।

    रिंग रोड्स के निर्माण के कार्यों में तेजी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के बड़े नगरों में निर्मित किए जा रहे रिंग रोड्स के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि भोपाल पश्चिमी बायपास जिसकी लंबाई 35.6 किमी है आगामी ढाई वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य है। जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन का रिंग रोड आगामी डेढ़ वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। प्रदेश के अन्य मध्यम छोटे शहरों जैसे रतलाम, देवास, सागर, सतना, रीवा और कटनी जहां यातायात का दबाव बढ़ रहा है, वहां नये रिंग रोड के निर्माण की पहल की गई है। नगर निगम और अन्य एजेंसियों से समन्वय कर विद्यमान बायपास को रिंग रोड में परिवर्तित करने की योजना पर कार्य हो रहा है। 

    रेल्वे ओवर ब्रिज और एलिवेटेड कॉरिडोर

    रेल्वे ओवर ब्रिज के निर्माण में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। भारत सरकार की पहल के अंतर्गत असुरक्षित रेल्वे क्रांसिंग को समाप्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग रेल्वे ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज का निर्माण कर रहा है। इससे यातायात जाम और दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ समय की बचत करने में भी मदद मिलेगी। प्रदेश में पीडब्ल्यूडी सड़कों पर 105 आरओबी बनाए गए हैं। सड़क विकास निगम के अंतर्गत 16 और एनएचएआई के अंतर्गत 25 आरओबी एवं आरयूबी मंजूर किए गए हैं। प्रदेश में एलिवेटेड कॉरिडोर के माध्यम से शहरी कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। जबलपुर में यह कार्य पूरा हो चुका है। ग्वालियर और भोपाल में तीन चौथाई कार्य पूर्ण हो चुका है। इंदौर और उज्जैन में कॉरिडोर के कार्य प्रारंभ हुए हैं।

    प्रगति पथ प्रदेश की तीव्र प्रगति में होंगे सहायक

    प्रदेश में छह प्रगति पथ निर्माणाधीन हैं। इनमें नर्मदा प्रगति पथ और मालवा-निमाड़ विकास पथ के कार्य क्रमश: 68 और 92 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं। मध्यभारत विकास पथ का कार्य 61 प्रतिशत, बुंदेलखण्ड विकास पथ का कार्य 33 प्रतिशत पूर्ण हुआ है। विंध्य एक्सप्रेस-वे का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। अटल प्रगति पथ के निर्माण के लिए आवश्यक प्रकिया प्रचलन में है।

    लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि  केपेसिटी बिल्डिंग सहित विभिन्न एप का प्रयोग और नए मार्गों के लिए कृषक पथ, आस्था पथ, विकास पथ जैसे अभिनव नामकरण किए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यों की प्रगति से अवगत करवाया। विशेष रूप से इंदौर- उज्जैन स्टेट हाईवे 59 के 6लेन बनने और उज्जैन- जावरा हाईवे 4 लेन और इंदौर-उज्जैन हाइवे फोरलेन, वेस्टर्न भोपाल बायपास, स्टेट हाइवे 67 के नर्मदापुरम- टिमरनी खंड और सिवनी मालवा बायपास टू लेन, सागर- दमोह फोर लेन और बड़वाह- धामनोद फोर लेन सड़क परियोजनाओं की जानकारी दी गई। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव सहित अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

     

  • किसानों के लिए बड़ा ऐलान, बुक स्लॉट वालों से 28 मई तक खरीदेगी सरकार गेहूं

    किसानों के लिए बड़ा ऐलान, बुक स्लॉट वालों से 28 मई तक खरीदेगी सरकार गेहूं

    जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार
    जिन किसानों के 23 मई तक स्लॉट बुक हैं, उन्हें मिली बड़ी राहत
    मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास से इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन होगा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गेहूं उपार्जन के लिए जिन किसानों के स्लॉट 23 मई तक बुक हो चुके हैं, सरकार उनका गेहूं 28 मई तक खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण के प्रतिबद्ध है। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार लगातार किसान हितैषी निर्णय ले रही है। इस बात की प्रसन्नता है कि गेहूँ उपार्जन में हमने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते वर्ष हमने लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा जायेगा। पूरे देश में अगर सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदा गया, तो वो हमारे मध्यप्रदेश में खरीदा गया है। अभी तक हम 93 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद चुके हैं।

    गेहूँ उपार्जन के लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। हमने निर्णय किया है कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक की जाती है।

    अभी तक हम 91 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद चुके हैं। इसके लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। मुझे किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। इस पर हमने कहा कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। इसलिए उन किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक करने की मैं घोषणा करता हूं।

    2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान
    उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी प्रकार की चिंता न करें, सरकार उनके हितों की पूरी रक्षा करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य सहित किसानों को खरीदी केंद्रों पर 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसान, गरीब, महिला और युवा चारों वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। 

    वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों की हम चिंता करते हैं। मैं किसान भाई-बहनों से निवेदन करता हूं कि आप चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं। वैश्विक चुनौतियों के बीच गेहूं भंडारण भी हमारे लिए चुनौती है। बारदाना खरीदना-लाना भी एक चुनौती है। हमारे सामने मौसम और ट्रांसपोर्टेशन भी चुनौती है। इसके बावजूद हमने भंडारण की क्षमता बढ़ाई। उन्होंने कहा कि हम किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम खरीदी केंद्र पर 2625 रुपये क्विंटल गेहूं का दाम देंगे।

    वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों के कल्याण के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। किसान भाई-बहन चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं।

     

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को जगदलपुर में होगी 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को जगदलपुर में होगी 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक

    बस्तर में पहली बार आयोजित होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की उच्च स्तरीय बैठक

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का किया आत्मीय स्वागत

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 19 मई को जगदलपुर में होगी 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक

    बैठक से अंतरराज्यीय समन्वय, सुरक्षा और विकास को मिलेगी नई दिशा

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 19 मई 2026 का दिन बस्तर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन के रूप में दर्ज होने जा रहा है। जगदलपुर में पहली बार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

    इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने दोनों मुख्यमंत्रियों से विभिन्न समसामयिक विषयों पर सार्थक चर्चा भी की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में पहली बार आयोजित हो रही यह उच्च स्तरीय बैठक क्षेत्र के लिए गौरव और विश्वास का विषय है। कभी नक्सली हिंसा की चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर आज शांति, सुरक्षा और विकास की नई पहचान बना रहा है। ऐसे समय में देश के वरिष्ठ नेतृत्व और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति बस्तर के बदलते स्वरूप और बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक अंतरराज्यीय समन्वय को नई मजबूती प्रदान करेगी तथा विकसित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बस्तर के निर्माण की दिशा में भी ऐतिहासिक भूमिका निभाएगी।

  • ग्लोबल सिनेमा में दिखेगा मध्यप्रदेश का दम, CM मोहन यादव की नई पहल से बढ़ी उम्मीदें

    ग्लोबल सिनेमा में दिखेगा मध्यप्रदेश का दम, CM मोहन यादव की नई पहल से बढ़ी उम्मीदें

    भोपाल 
     मध्यप्रदेश के ग्रामीण पर्यटन और समृद्ध सांस्कृतिक वैभव को अब वैश्विक मंच पर एक नई और विशिष्ट पहचान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी विजन और नेतृत्व में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश तेजी से एक 'ग्लोबल फिल्मिंग हब' के रूप में स्थापित हो रहा है। इसी कड़ी में स्पेन के प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस ‘कलर्स कम्युनिकेशन ग्रुप’ द्वारा निर्मित अंतर्राष्ट्रीय टेलीविजन सीरीज़ "रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड" की शूटिंग प्रदेश के विभिन्न पर्यटन अंचलों में हुई। इस गौरवशाली पहल से मध्यप्रदेश की अनूठी जीवन शैली और पर्यटन स्थलों का प्रदर्शन दुनिया के 80 से अधिक देशों में किया जाएगा, जिससे राज्य की पर्यटन संभावनाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई उड़ान मिलेगी।

    सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया की जनजातीय परंपरा का हुआ फिल्मांकन
    अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के तहत छिंदवाड़ा जिले की नैसर्गिक सुंदरता और यहां की जीवंत जनजातीय संस्कृति ने स्पेनिश फिल्म क्रू को गहराई से प्रभावित किया है। टीम ने जिले के सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया क्षेत्र में प्रवास कर ग्रामीण जीवन, स्थानीय परंपराओं और पातालकोट की विशिष्ट जीवन शैली को कैमरे में कैद किया। विशेष रूप से पातालकोट में संपन्न जनजातीय विवाह की पारंपरिक रस्मों और प्राकृतिक सौंदर्य का फिल्मांकन किया गया है। स्पेनिश डायरेक्टर जुआन फ्रूटोस ने धूसावानी होमस्टे में मिले आत्मीय आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा कि यदि कोई वास्तविक भारत की जड़ों को जानना चाहता है, तो उसे मध्यप्रदेश के इन गांवों का अनुभव अवश्य लेना चाहिए।

    स्पेन में हुए एमओयू के मिल रहे सुखद परिणाम

    यह महत्वपूर्ण उपलब्धि इसी वर्ष जनवरी-2026 में स्पेन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मेले 'FITUR मैड्रिड 2026' के दौरान हुए रणनीतिक समझौतों और एमओयू (MoU) का सुखद परिणाम है। पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. और अपर प्रबंध संचालक अभय अरविंद बेडेकर के मार्गदर्शन में प्रदेश को एक 'फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन' के रूप में वैश्विक पटल पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इस सीरीज़ में न केवल ग्रामीण संस्कृति, बल्कि सांची स्तूप, भीमबेटका की गुफाएं, सतपुड़ा नेशनल पार्क और उज्जैन के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जैसी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहरों को भी शामिल किया गया है, जो प्रदेश के बहुआयामी पर्यटन वैभव को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेंगी।

    मध्यप्रदेश बनेगा ग्लोबल फिल्मिंग हब
    इस वैश्विक पहल से न केवल मध्यप्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग सुदृढ़ होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, होमस्टे और हस्तशिल्प जैसी गतिविधियों को भी भारी प्रोत्साहन मिलेगा। कलेक्टर छिंदवाड़ा श्री हरेंद्र नारायन एवं जिला प्रशासन के समन्वय से संपन्न हुई यह शूटिंग राज्य को विश्व सिनेमा के मानचित्र पर एक जीवंत और सांस्कृतिक कैनवास के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले समय में ऐसे अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स से मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।

    मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा शूटिंग के लिए आवश्यक अनुमति, लॉजिस्टिक सहयोग, सुरक्षा व्यवस्था और ऑन-ग्राउंड समन्वय उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल राज्य को “फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन” के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बीते कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश ने फिल्म पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बॉलीवुड फिल्मों, वेब सीरीज़ और अंतर्राष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट्स के लिए प्रदेश लगातार पसंदीदा लोकेशन बन रहा है। इससे न केवल राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग मजबूत हो रही है, बल्कि स्थानीय रोजगार, ग्रामीण पर्यटन और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। मध्यप्रदेश आज केवल “टाइगर स्टेट” नहीं, बल्कि विश्व सिनेमा के लिए प्रकृति, संस्कृति, अध्यात्म और अनुभवों से भरा एक जीवंत कैनवास बन चुका है।

  • सादगी का संदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटाई अपने कारकेड की गाड़ियों की संख्या

    सादगी का संदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटाई अपने कारकेड की गाड़ियों की संख्या

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर अपने कारकेड में घटाई वाहनों की संख्या

    राष्ट्र हित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने पर मध्यप्रदेश में होगा अमल, निर्देश जारी

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर आगामी आदेश तक अपने कारकेड में वाहनों की संख्या कम कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को राज्य मंत्री परिषद की बैठक में मंत्री परिषद के सदस्यों से वर्तमान वैश्विक संकट को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने सहित राष्ट्र हित में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करने की अपील की थी। मध्यप्रदेश गंभीरता से इस पर अमल करेगा। इस तारतम्य में राज्य सरकार ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

    मुख्यमंत्री के काफिले में चलेंगे 8 वाहन

    आगामी आदेश तक मुख्यमंत्री के कारकेड में 13 वाहनों के स्थान पर 8 वाहन ही चलेंगे। उनके भ्रमण के समय वाहन रैली आयोजित नहीं की जाएगी। सभी मंत्रीगण यात्रा में न्यूनतम वाहनों का प्रयोग करेंगे। यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि नव नियुक्त निगम-मंडल के पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करें और वाहन रैली आयेाजित न करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के आहवान और दिए गए सुझावों के अनुरूप मध्यप्रदेश में शासकीय कार्यों में मितव्ययता के उपायों पर अमल करने को कहा है। मंत्रीगण सहित निगम-मंडल के पदाधिकारियों और आम नागरिकों से वाहनों के कम से कम प्रयोग करने, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और अनावश्यक रूप से वाहनों का उपयोग न किए जाने को कहा गया है।

     

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव की राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से दिल्ली में बैठक, समसामयिक मुद्दों पर हुई चर्चा

    मुख्यमंत्री मोहन यादव की राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से दिल्ली में बैठक, समसामयिक मुद्दों पर हुई चर्चा

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। यहां उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सीएम मोहन यादव ने उन्हें अंगवस्त्रम ओढ़ाया और भेंट किया और स्मृति चिन्ह भेंट किया। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के संबंध में ट्वीट भी किया। सीएम मोहन यादव ने दिल्ली में हुई इस भेंट की तस्वीरें अपने एक्स हेंडल पर पोस्ट की हैं। इधर सीएम के दिल्ली दौरे पर भोपाल में राजनैतिक अटकलें तेज हो गई हैं। बीजेपी में खासी गहमागहमी है।

    मध्यप्रदेश में इन दिनों निगम मंडलों, प्राधिकरणों में नियुक्तियों का दौर चल रहा है और प्रदेश मंत्रि-मंडल मेें विस्तार की भी संभावना जताई जा रही है। इधर राज्य सरकार का ढाई वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो रहा है। ऐसे में मंत्री और विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा का कार्यक्रम निर्धारित किया जा रहा है। ऐसी राजनैतिक गहमागहमी के बीच सीएम मोहन यादव के दिल्ली दौरे से भोपाल में खासतौर पर सत्ताधारी पार्टी में हलचलें तेज हो गई हैं।

    बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के संबंध में सीएम मोहन यादव का ट्वीट

    आज नई दिल्ली में @BJP4Indi के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी से सौजन्य भेंट की।

    इससे पहले सीएम मोहन यादव गुरुवार को मध्य प्रदेश के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल के बेटे प्रबल सिंह पटेल की शादी में सम्मिलित होने आंध्रप्रदेश के प्रसिद्ध देवस्थान तिरुपति पहुंचे थे। उन्होंने वर-वधु को आशीर्वाद दिया।

    प्रदेश में जहां एक ओर निगम मंडलों, प्राधिकरणों में राजनैतिक नियुक्तियां की जा रहीं हैं वहीं प्रदेश मंत्रि-मंडल मेें विस्तार भी संभावित

    बता दें कि प्रदेश में जहां एक ओर निगम मंडलों, प्राधिकरणों में राजनैतिक नियुक्तियां की जा रहीं हैं वहीं प्रदेश मंत्रि-मंडल मेें विस्तार भी संभावित है। इधर मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार का 13 मई को ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके लिए सीएम मोहन यादव द्वारा सभी मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री ने बैठकों की डेडलाइन भी तय कर दी है जिससे कई मंत्रियों की परेशानी बढ़ गई है।

    मंत्रियों को अपने विभाग और अपने प्रभार के जिले की उपलब्धियां, नवाचार, आगे की कार्य योजना तथा चुनौतियों के बारे में जानकारी देनी होगी

    सीएम मोहन यादव ने मंत्रियों से कहा ​है कि समीक्षा बैठकें 8 मई से 10 मई के बीच विभागवार होंगी। इसमें मंत्रियों को अपने विभाग और अपने प्रभार के जिले की उपलब्धियां, नवाचार, आगे की कार्य योजना तथा चुनौतियों के बारे में जानकारी देनी होगी। विभागों के एसीएस, पीएस और सचिवों की भी इस दौरान कड़ी परीक्षा होगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव: यह वही मौका है जब सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव: यह वही मौका है जब सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है

    सपने कभी रुकते नहीं, बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है सपनों को सच करने का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं द्वितीय परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं
    प्रदेश में 7 मई से शुरू हो रही है कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की द्वितीय परीक्षा

    भोपाल

    प्रदेश सरकार द्वारा एमपी बोर्ड के परी क्षा परिणाम में असफल हुए विधार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए द्वितीय परीक्षा का अवसर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुनः परीक्षा देने वाले विधार्थियों को शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि प्रिय विद्यार्थियों, आप जानते हैं कि इस साल एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 16 वर्षों में सबसे बेहतर रहा, इसी प्रकार 10वीं के परिणाम भी अच्छे रहे, लेकिन कुछ परीक्षार्थी सफल नहीं हो सके थे। ऐसे बच्चों के लिए मध्यप्रदेश में द्वितीय परीक्षा अवसर की शुरुआत 7 मई से की जा रही है। आप सभी को मेरी ओर से अग्रिम शुभकामनाएं।

    आप केवल छात्र नहीं, प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आप सभी मेरे लिए केवल छात्र नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य की उज्ज्वल आशा हैं। जब आप अपने सपनों के लिए मेहनत करते हैं, तो उसमें केवल आपका नहीं, आपके परिवार का, आपके शिक्षकों का और पूरे प्रदेश का विश्वास जुड़ा होता है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं होतीं, परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं आते, इससे मन थोड़ी देर के लिए ठहर जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि सपने कभी रुकते नहीं, वह बस सही मौके का इंतजार करते हैं और यह वही मौका है।

    महज योजना नहीं, विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देन का संकल्प

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं हर विद्यार्थी को ये कह रहा हूं कि एक परिणाम आपके पूरे भविष्य की कहानी तय नहीं कर सकता। प्रदेश सरकार की ओर से यह अवसर इसी दिशा में एक विशेष पहल है। ये महज योजना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को फिर से उड़ान देन का संकल्प है। यह उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण है। जो 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में किसी कारणवश अनुत्तीर्ण हो गए या परीक्षा नहीं दे पाए। द्वितीय परीक्षा विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत है। एक ऐसा मौका, जहां आप अपनी मेहनत को फिर से साबित कर सकते हैं। अपने आत्मविश्वास को पुनः खड़ा कर सकते हैं और अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच सकते हैं। वहीं अब प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से प्रारंभ हो रही हैं।

    बच्चों के साथ खड़े रहें अभिभावक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों से भी मेरा विनम्र निवेदन है कि इस समय बच्चों के साथ खड़े रहें। उनके मन को समझें, उन्हें सपोर्ट करें क्योंकि कई बार एक विश्वास भरा शब्द ही उन्हें नई ऊर्जा दे देता है, हर विद्यार्थी में अपार क्षमता है। अगर जरूरत है तो केवल उसे पहचानने की, उसे संवारने की और सही दिशा देने की। याद रखिए यह परीक्षा सिर्फ अंक सुधारने का नहीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करने का अवसर भी है। अंत में मैं आप सभी को परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। आप प्रदेश का भविष्य हैं। आप सफल होकर अपने सपनों को साकार करें और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करें। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं। आगे बढ़ें, सफल हों और अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को छुएं।

     

  • सुशासन की निरंतर यात्रा – मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश

    सुशासन की निरंतर यात्रा – मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश

    सुशासन का है यह दौर, जिसका ओर है ना छोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नवाचारों के साथ हमने प्रदेश की तरक्की के बनाए हैं नए रास्ते
    मुख्यमंत्री का निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों ने किया अभिनंदन

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैसी नीयत होती है, वैसी ही बरकत होती है। हमारा प्रदेश आज देश में सुशासन के जरिए लोक कल्याण का पर्याय बन चुका है। लोक कल्याण के अवसर सबको मिलते हैं, लेकिन जो हृदय की गहराईयों से लोगों के कल्याण की सोच रखते हैं, ईश्वर उसकी मदद करते हैं। हमारी सरकार लोक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्ध सोच, कर्मठता, समर्पण और नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है। आज प्रदेश के हर कोने में, हर छोर में सुशासन का दौर है। उन्होंने कहा कि हमने 'विरासत से विकास' की परम्परा को कायम रखते हुए जनहित में अधिकाधिक नवाचार अपनाकर प्रदेश की तरक्की के नए रास्ते बनाये हैं। प्रदेश की जनता की सेवा, कल्याण और सबके जीवन में खुशहाली लाने में हम कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विधायकों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'सच्चा वादा- पक्का काम' यही हमारी सरकार का मूलमंत्र है। प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन बढ़ाने के लिए हम भरपूर प्रयास कर रहे हैं। पर्यटन बढ़ेगा तो प्रदेश में रोजगार बढ़ेंगे और इसका सीधा लाभ हमारे अपने नागरिकों को होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आयोग-निगम-मंडलों एवं विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए सभी श्रेष्ठ व्यक्तियों को अवसर दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश के विभिन्न निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुए गरिमामय समारोह में अभिनंदन कर आभार जताया। अभिनंदन समारोह में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप भी उपस्थित थे।

    समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष रामनिवास रावत, मध्यप्रदेश राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण की नवनियुक्त अध्यक्षा श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. कृष्णपाल सिंह यादव, निगम के उपाध्यक्ष संजीव कांकर, रतलाम विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, प्राधिकरण के उपाध्यक्षद्वय गोविंद काकाणी एवं प्रवीण सोनी तथा मध्यप्रदेश राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष महेश केवट एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करके उन्हें जनकल्याण का सेवा दायित्व देने के लिए आभार ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतीक चिन्ह भी दिए गए।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्रीनको ग्रुप के कार्यकारी निदेशक बंडारू ने की भेंट

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्रीनको ग्रुप के कार्यकारी निदेशक बंडारू ने की भेंट

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ग्रीनको ग्रुप के कार्यकारी निदेशक नरसिम्हा राव बंडारू तथा उपाध्यक्ष नवीन कुमार ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट कर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी गतिविधियों के बारे में विस्तार से चर्चा की।

    उल्लेखनीय है कि ग्रीनको ग्रुप भारत की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है। यह ग्रुप शिवपुरी जिले में सौर ऊर्जा संयंत्र और मंदसौर व रतलाम जिलों में पवन ऊर्जा संयंत्र संचालित कर रहा है। नीमच जिले में गांधी सागर के पास 1920 मेगावाट क्षमता के भारत के सबसे बड़े पंप हाइड्रो स्टोरेज प्लांट का निर्माण भी 11 हजार करोड़ रूपए के निवेश से किया जा रहा है। इस परियोजना से लगभग 4 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। ग्रीनको ग्रुप प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा गतिविधियों के विस्तार का इच्छुक है।