Tag: featured

  • मेरठ में UP Rise 2026 का जलवा, युवाओं के इनोवेशन ने जीता दिल; पेट्रो वाटर विजेता

    मेरठ में UP Rise 2026 का जलवा, युवाओं के इनोवेशन ने जीता दिल; पेट्रो वाटर विजेता

    एमआईईटी मेरठ में यूपीराइज 2026 का आयोजन, युवाओं ने दिखाए नवाचार और उद्यमिता के आइडिया

    बिल्ड फॉर यूपी पिच फिनाले में पेट्रो वाटर विजेता, न्यूरो ग्रिप और एग्री नोवा रहे उपविजेता

    12 छात्र टीमों ने स्थानीय समस्याओं के समाधान पर आधारित आइडिया विशेषज्ञों के सामने किए प्रस्तुत

    टाइम्स नेटवर्क और जूम के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में करीब 1,650 लोगों ने कराया पंजीकरण

    लखनऊ
     योगी सरकार के कैंपस इनोवेशन और करियर ड्राइव से जुड़े यूपीराइज 2026 कार्यक्रम का आयोजन मेरठ के एमआईईटी में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नवाचार, उद्यमिता, करियर विकल्पों और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए व्यावहारिक सोच से जोड़ना रहा। कार्यक्रम टाइम्स नेटवर्क और जूम के सहयोग से प्रस्तुत किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया और बिल्ड फॉर यूपी पिच फिनाले में 12 छात्र टीमों ने अपने आइडिया प्रस्तुत किए।

    स्टार्टअप और उद्यमिता से जोड़ रहा यूपीराइज 2026

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। यूपीराइज 2026 का विश्वविद्यालय दौरा कैंपस स्तर पर युवाओं को अपने विचार प्रस्तुत करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने का मंच उपलब्ध करा रहा है। इससे पहले यह अभियान कानपुर, आगरा, लखनऊ, रायबरेली, मथुरा, बरेली और सहारनपुर समेत विभिन्न शहरों में पहुंच चुका है।

    बिल्ड फॉर यूपी पिच फिनाले में पेट्रो वाटर विजेता

    एमआईईटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंजीकरण और एक्टिवेशन जोन में छात्रों की बढ़-चढ़ कर भागीदारी रही। सीएम-युवा योजना जागरूकता स्टॉल, स्कोरकार्ड गतिविधि और शक्ति जोन की स्टिकी-नोट दीवार ने छात्रों को कार्यक्रम से जोड़े रखा। इसके बाद सभागार में बिल्ड फॉर यूपी पिच फिनाले आयोजित किया गया। 12 टीमों ने स्थानीय समस्याओं पर आधारित अपने समाधान और विचार निर्णायकों के सामने प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विशेषज्ञ सलाहकारों के पैनल ने लाइव किया और समापन पर विजेता टीम को मंच पर 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। बिल्ड फॉर यूपी में पेट्रो वाटर विजेता रहा। न्यूरो ग्रिप रनर अप-1 और एग्री नोवा रनर अप-2 रहा है।

    मेंटर्स के मार्गदर्शन में छात्रों ने सीखे गुर

    कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रदेश मंत्री महामेधा नागर मुख्य अतिथि रहीं। कार्यक्रम में छात्रों की भागीदारी और युवा नेतृत्व से जुड़े विषयों पर भी फोकस रहा। मेंटर पैनल में स्केलेबल कंज्यूमर इंटरनेट प्रोडक्ट्स और इनोवेशन के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले हर्षित देसाई, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विशेषज्ञ जयराज जाधव तथा कंटेंट स्ट्रेटजी और फॉर्मेट क्रिएशन के क्षेत्र में कार्यरत क्रिएटिव प्रोड्यूसर बिपाशा सारंगी शामिल रहीं। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से छात्रों को प्रोडक्ट डेवलपमेंट, डिजिटल बिजनेस और क्रिएटिव स्टोरीटेलिंग के अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला।

    डिजिटल माध्यम से 2 लाख तक पहुंचा कार्यक्रम

    कार्यक्रम में करीब 1,650 लोगों ने पंजीकरण कराया और उपस्थित हुए। डिजिटल माध्यम से करीब दो लाख तथा ऑफलाइन माध्यम से करीब आठ हजार लोगों तक कार्यक्रम की पहुंच रही। कैंपस एंबेसडर सलोनी शर्मा, आदर्श शुक्ला और आस्था चौहान ने छात्र सहभागिता बढ़ाने में सहयोग किया। कार्यक्रम में यूपीआरआईएसई की मानक ब्रांडिंग और प्रोडक्शन व्यवस्था भी दिखाई दी। पंजीकरण एवं मीडिया बैकड्रॉप, ऑक्टोनॉर्म एक्टिवेशन जोन, स्टैंडी, बैनर और साइनेज के जरिए पूरे परिसर में एक समान प्रस्तुति तैयार की गई।

  • नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र

    नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री  साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नागरिकों तक शासकीय डिजिटल सेवाओं की पहुंच को अधिक व्यापक और सुविधाजनक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू किया गया। साथ ही नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर, नागरिकों को सरल और पारदर्शी शासकीय सेवाएं तथा नई पीढ़ी को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार रोजगार सृजन, कौशल विकास, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक अधोसंरचना को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ नागरिकों तक आसानी और समयबद्धता के साथ पहुंचे। तकनीक के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की जा रही है। वहीं युवाओं को सरकारी सेवाओं के साथ उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता और कौशल आधारित रोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है।

    नवा रायपुर के निर्माण में युवा अभियंताओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

    मुख्यमंत्री  साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में उप अभियंता के पद पर चयनित युवा अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं के अभिभावकों को भी बधाई दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर भविष्य के छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का शहर है। यहां आधुनिक अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं और योजनाबद्ध विकास को निरंतर विस्तार दिया जा रहा है। नवनियुक्त अभियंताओं को इस आधुनिक शहर के निर्माण और विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।

    उन्होंने युवा अभियंताओं से कहा कि वे अपने ज्ञान और तकनीकी दक्षता का उपयोग जनहित में करते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। विभिन्न विभागों में नियमित भर्तियां की जा रही हैं और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया गया है। सभी युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हो सकतीं, इसलिए राज्य सरकार उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता, स्टार्टअप और कौशल विकास के माध्यम से भी व्यापक अवसर तैयार कर रही है।

    उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024-30 में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। आने वाले वर्षों में लगभग पौने दो लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों के लिए औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से पारदर्शी चयन प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। गरीब, किसान और सामान्य परिवारों के बच्चे अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर चयनित होकर आगे बढ़ रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं को और गति देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का भी गठन किया गया है।

    डिजिटल गवर्नेंस को नई गति, चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। चिप्स की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मयंक अग्रवाल तथा कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल की ओर से स्टेट हेड  जय नारायण पटेल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

    इस एमओयू के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा। इसी तरह कॉमन सर्विस सेंटर पर उपलब्ध सेवाओं को सेवा सेतु से जोड़ने की दिशा में कार्य होगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता कम होगी और अधिक सेवाएं उनके नजदीकी केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

    कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों की पहचान को नागरिकों के लिए अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से इन केंद्रों पर एकरूप ब्रांडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। केंद्रों पर उपलब्ध प्रमुख सेवाओं की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतिम छोर तक शासकीय सेवाएं पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के ग्राम स्तरीय उद्यमी नेटवर्क और सेवा सेतु केंद्रों का समन्वित उपयोग किया जाएगा।

    16 हजार से अधिक सेवा सेतु केंद्र, 54 लाख से अधिक आवेदन

    वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है।

    प्रदेश में 28,450 सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी 600 से अधिक शासकीय एवं व्यावसायिक सेवाएं नागरिकों को प्रदान की जा रही हैं। एमओयू के बाद सेवा सेतु की 907 शासकीय सेवाओं की पहुंच सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों तक भी विस्तारित होगी। इससे विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को अपने नजदीक ही अधिक सेवाएं प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।

    एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सेवा सेतु को नागरिक सेवाओं के एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार की सेवाओं के साथ केंद्र सरकार की 166 सेवाओं को भी इससे जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इससे एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का उद्देश्य नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से बचाना, सेवाओं की डिलीवरी को समयबद्ध बनाना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ाना है।

    उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी शुरू की गई है। इससे तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हैं और शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। शासन का प्रयास है कि नागरिक को अपनी समस्या लेकर व्यवस्था के पीछे न जाना पड़े, बल्कि व्यवस्था स्वयं उसके समाधान के लिए जवाबदेह बने।

    नवा रायपुर में लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

    कार्यक्रम में नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र भी सौंपा गया। प्रस्तावित संस्थान के निर्माण पर लगभग 250 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। यहां प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

    संस्थान में लगभग 20 अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों और रोजगार बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो और वे रोजगार के साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों का भी लाभ उठा सकें।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आधुनिक कौशल और रोजगार के अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। बदलती तकनीक के इस दौर में युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप आधुनिक कौशल से लैस करना भी आवश्यक है। यह संस्थान प्रदेश के युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा और कौशल संस्थानों के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा नवा रायपुर :  ओ.पी. चौधरी

    आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने नवनियुक्त युवा अभियंताओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें नवा रायपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे आधुनिक शहर के निर्माण में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। अधोसंरचना किसी भी राज्य के आर्थिक विकास की बुनियाद होती है और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
     चौधरी ने कहा कि सरकारी नौकरी के प्रति युवाओं का आकर्षण स्वाभाविक है, लेकिन वर्तमान समय में रोजगार और करियर की संभावनाएं केवल सरकारी क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। निजी क्षेत्र, उद्यमिता, तकनीक और कौशल आधारित क्षेत्रों में भी व्यापक अवसर पैदा हो रहे हैं। राज्य सरकार सरकारी भर्तियों के साथ युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया युवाओं में व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करती है। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं का आह्वान किया कि जिस पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से उन्हें सेवा का अवसर मिला है, उसी भावना के साथ वे अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

    नागरिकों को केंद्रों पर स्पष्ट रूप से मिलेगी उपलब्ध सेवाओं की जानकारी

    सचिव  अंकित आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार सेवा केंद्रों पर नागरिकों से जुड़ी प्रमुख सेवाओं की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन, भूमि उपयोग संबंधी जानकारी, व्यापार अनुज्ञप्ति, निर्माण श्रमिक पंजीयन, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
    इसके साथ ही केंद्र सरकार से संबंधित आधार, आयुष्मान, गैस कनेक्शन, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन, फसल बीमा, फास्टैग, उद्यम परिचय पत्र, कृषि ड्रोन सेवा तथा निजी बैंकों से जुड़ी सेवाएं भी नागरिकों को उपलब्ध होंगी। 

    इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  चंदन कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा नवनियुक्त अभियंता उपस्थित थे।

  • INDIA गठबंधन की बैठक से अखिलेश दूर, शिवराज का राहुल गांधी की लीडरशिप पर बड़ा दावा

    INDIA गठबंधन की बैठक से अखिलेश दूर, शिवराज का राहुल गांधी की लीडरशिप पर बड़ा दावा

    नई दिल्ली

    दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर भारतीय जनता पार्टी हमलावर है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने INDIA गठबंधन की मीटिंग पर निशाना साधते हुए कहा है कि "इंडी गठबंधन राहुल गांधी को नेता मानने को तैयार नहीं है. साथ ही कांग्रेस के नेता भी राहुल गांधी को नेता मानने को तैयार नहीं हैं. उन्होने कहा कि जिसे कांग्रेसी नेता नहीं मान रहे, उसे देश नेता कैसे मानेगा?"

    शिवराज ने आरोप लगाते हुए आगे कहा कि "राहुल गांधी की लीडरशिप इंडी गठबंधन को स्वीकार नहीं है, इसलिए सहयोगी बैठक में नहीं आ रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि" राहुल गांधी खुद कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कह रहे हैं कि मुझे नेता मानो, मुझ पर विश्वास करो। 

    INDIA गठबंधन की मीटिंग पर तंज
    उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन, बैठक से पहले ही बिखर गया है, DMK बैठक में नहीं आ रही है. अखिलेश यादव कहीं और व्यस्त हैं, "आप" ने पहले ही बैठक में आने से मना कर दिया है. साथ ही उद्धव ठाकरे फिजिकली नहीं, वर्चुअली जुड़ेंगे। 

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी नेताओं पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन हताशा में है और यह गठबंधन राहुल गांधी को अपना नेता मानने को तैयार नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए। 

    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इंडिया गठबंधन का कोई विजन नहीं है. साथ ही, राहुल गांधी को 50वीं बार लॉन्च करने की तैयारी चल रही है. केंद्रीय कृषि मंत्री ने आगे कहा कि एक के बाद एक चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद माना जा रहा था कि कांग्रेस जनता से माफी मांगेगी. लेकिन कांग्रेस ने तय कर लिया है कि हम नहीं सुधरेंगे।

    शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा
    SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के हालिया मामले पर बचाव करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि "शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा है, अगर वोटर लिस्ट में गलत नाम जुड़ते हैं तो लोकतंत्र ही मर जाएगा. जो जीवित ही नहीं बचा, उसका नाम वोटर लिस्ट से काटने पर विपक्ष को इतनी आपत्ति क्यों है? प्रश्न तो यह है कि "जो देश का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट में क्यों जुड़ना चाहिए? पवित्र लोकतंत्र के लिए वोटर लिस्ट का शुद्ध होना जरूरी है। 

    विपक्ष अपनी हार पर बहाने बनाता है
    SIR पर विपक्ष की आपत्ति को लेकर शिवराज ने कहा कि "ये लोग मैदान में जीत नहीं पाते हैं, इसलिए हार का ठीकरा प्रधानमंत्री मोदी पर फोड़ते रहते हैं. अगर सब कुछ में धांधली है तो "उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की 37 सीटें कैसे आ गईं?

    "अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग चुनाव परिणाम क्यों आते हैं? ये लोग हार जाते हैं तो वोट चोरी का बहाना बनाते हैं. वोट बिल्कुल भी चोरी नहीं हुए है, देश सब कुछ समझता है, इसीलिए जनता ने कांग्रेस को और इनके सहयोगियों को वोट देना बंद कर दिया है। 

  • MSP Hike से Green Energy Corridor तक, मोदी कैबिनेट के 3 बड़े फैसले; ₹2.79 लाख करोड़ खर्च

    MSP Hike से Green Energy Corridor तक, मोदी कैबिनेट के 3 बड़े फैसले; ₹2.79 लाख करोड़ खर्च

    नई दिल्ली 
    केन्द्र की मोदी सरकार ने आज कैबिनेट की बैठक में तीन बड़े फैसले लिए हैं। केन्द्र की मोदी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 6 रबी की फसलों पर 90 हजार, 962 करोड़ रुपये खर्च करने का खाका बनाया है। केन्द्र की मोदी सरकार ने गेंहू की MSP पर बढ़ोत्तरी करते हुए इसे 2610 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। वहीं देश में क्लीन एनर्जी के लिए मोदी कैबिनेट ने PM धारा योजना को मंजूरी दे दी है। इसके लिए केन्द्र की सरकार ने 1.86 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। केन्द्र की मोदी सरकार ने 3 बड़े फैसले लेते हुए दिल्ली-एनसीआर… में टै्रफिक सिस्टम को ठीक करने के लिए दिल्ली में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS ) को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ITMS योजना पर 1,790 करोड़ रूपये मंजूर किए गए हैं। इसे 24 माह में तीन चरणों में लागू किया जाएगा। 

    कैबिनेट मंत्री अश्वनी वैष्णव ने दी जानकारी
    केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा लिए गए तीन बड़े फैसलों की जानकारी बुधवार को कैबिनेट मंत्री अश्वनी वैष्णव ने प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि MSP को लेकर फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि MSP पर 50 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की व्यवस्थाकी गई है। खबर अपडेट की जा रही है। 

    रबी सीजन के लिए छह फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को सरकार की मंजूरी मिली है. इनमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम (Safflower MSP) के लिए की गई है, जो अब 675 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. वहीं सबसे कम बढ़ोतरी गेहूं की एमएसपी में की गई है, जो 25 रुपये प्रति क्विंटल है। 

    रबी की 6 फसलों का MSP कितना बढ़ा?
    केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम के MSP में बढ़ोतरी की है. उनमें बढ़ोतरी और ताजा एमएसपी पर गौर करें।

    फसल MSP (2027-28)  Increase MSP
    गेहूं 2610 रुपये 25 रुपये
    जौ  2286 रुपये 136 रुपये
    चना 5958 रुपये 83 रुपये
    मसूर 7390 रुपये 390 रुपये
    सरसों 6613 रुपये 413 रुपये
    कुसुम 7215 रुपये 675 रुपये

     

    अश्विनी वैष्णव ने बताया MSP का गणित
    केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि "आज देश भर में दूरगामी असर डालने वाले तीन बड़े फैसले लिए गए। पहला फैसला रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने से जुड़ा है। गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड और सरसों जैसी फसलों के लिए MSP को उत्पादन लागत से कम से कम 50% ज़्यादा तय किया गया है। उदाहरण के लिए गेहूं को ही लें: इसकी उत्पादन लागत ₹1,264 है, फिर भी MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो लागत से 100% से ज़्यादा (लागत का दोगुने से भी ज़्यादा) है। इसी तरह, जौ के लिए MSP को अनुमानित उत्पादन लागत से 58% ज़्यादा तय किया गया है; ₹1,447 की लागत के मुकाबले MSP ₹2,286 प्रति क्विंटल है… कुल मिलाकर, इस रबी सीज़न में 324 लाख मीट्रिक टन की खरीद से किसानों तक ₹90,962 करोड़ पहुंचेंगे।"

    केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत पर अनुमानित मार्जिन गेहूं के लिए 106% है. इसके बाद सरसों के लिए 96%, मसूर के लिए 92%, चना के लिए 59%, जौ के लिए 58% और कुसुम के लिए 50% है. रबी फसलों के MSP में यह बढ़ोतरी किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करेगी और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देगी। 

    सरकार ने ये फैसले भी लिए
    केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लंबे समय तक चलने वाले प्रोग्राम को लेकर लिया गया है, जिसका नाम है PM धारा है. यह रिन्यूएबल एनर्जी को पहुंचाने के लिए जरूरी ग्रिड और स्मार्ट ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रोग्राम है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के बिजली उत्पादन में रिन्यूएबल एनर्जी को इतने बड़े पैमाने पर शामिल किया है, जितना कई देश हासिल नहीं कर पाए हैं। 

    Modi Cabinet का तीसरा फैसला दिल्ली के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) है. राजधानी के लिए Intelligent Traffic Management System को मंजूरी दे दी गई है. तकनीक की मदद से ट्रैफिक की निगरानी और मैनेजमेंट को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा. ITMS का इस्तेमाल ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा और वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संभालने के लिए होगा। 

     

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव उमरिया के बलराम कृषि महोत्सव से वर्चुअली जुड़े

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव उमरिया के बलराम कृषि महोत्सव से वर्चुअली जुड़े

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष में विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के साथ अनेक जनहितैषी निर्णय लिए हैं। किसानों को नई तकनीक का लाभ दिया जा रहा है। उमरिया जिला कोयला भंडारों के लिए प्रसिद्ध है, जिसे काला सोना भी कहते हैं। यहां स्थित बांधवगढ़ किला मध्यप्रदेश की शान है। उमरिया जिला प्राकृतिक औषधि और वन्यजीव संपदा से समृद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा उमरिया जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल, किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष  जयपाल सिंह चावड़ा भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले के किसानों को उपज का समुचित मूल्य दिलवाने के लिए नई कृषि तकनीक और खाद्य प्रसंस्करण को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्तम खेती के लिए सिंचाई सुविधाएं बेहद जरूरी है। इसीलिए राज्य सरकार ने हर गांव और हर खेत को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान धान और अन्न फसलों के उपार्जन के लिए समय रहते पंजीयन कराएं, ताकि एमएसपी का लाभ मिलता रहे। उन्होंने कहा कि इसी सीजन से किसानों को दिन में भी 10 घंटे बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को किसान चौपाल लगाकर हितग्राहियों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं किसान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान गोपालन, दूध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, उद्यानिकी फसलों और जैविक-प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं। उन्होंने उमरिया के किसानों को बताया कि शीघ्र ही जिले में एक बड़ी फूड प्रोसेसिंग यूनिट शुरू होगी। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को पंचायत स्तर पर दुग्ध संकलन समितियों के पंजीयन कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कस्टम हायरिंग सेंटर और सोलर पंप जैसी कृषक कल्याण योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

    नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सेवा कार्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में सेवा से संकल्प अभियान जारी है। राज्य सरकार जिलों में जन विश्वास अभियान के जरिए भी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दे रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्र के अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करवाई जा रही है। किसानों को भी इस स्वामित्व योजना का लाभ मिल रहा है। संपत्ति की पक्की रजिस्ट्री मिलने से हितग्राही बैंक लोन और अन्य आवश्यकताओं के लिए इसे उपयोग कर पाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षित और समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के लिए राज्य सरकार स्कूली बच्चों को कई सौगातें दे रही है। शासकीय स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी दी गई हैं। प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के बच्चों को नि:शुल्क किताबें, ड्रेस और साइकिलें वितरित की जा रही हैं। प्रदेशभर में सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के लिए उमरिया में उपस्थित मंत्री  नागर सिंह चौहान और पूर्व मंत्री सु मीना सिंह से भी संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय जन उपस्थित थे।

     

  • बांधों में बढ़ा जलस्तर, मंत्री सिलावट ने दिए सतत निगरानी और जल प्रबंधन के निर्देश

    बांधों में बढ़ा जलस्तर, मंत्री सिलावट ने दिए सतत निगरानी और जल प्रबंधन के निर्देश

    मंत्री सिलावट ने की जलाशयों में जलभराव स्थिति की समीक्षा

    अधिक जलभराव वाले बांधों की सतत निगरानी और कम वर्षा वाले क्षेत्रों में जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के दिये निर्देश

    भोपाल

    जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने प्रदेश में वर्षा एवं जलाशयों में जलभराव की स्थिति की वृहद समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश जलाशयों में जलभराव की स्थिति संतोषजनक है। आगामी रबी सीजन की सिंचाई एवं पेयजल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध जल का वैज्ञानिक और संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अधिक जलभराव वाले जलाशयों में सतत निगरानी रखते हुए सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए तथा कम वर्षा वाले क्षेत्रों में जल उपलब्धता के आधार पर अभी से जल प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार की जाए।

    मंत्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश में अब तक प्रदेश में कुल 908.30 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है, जो दीर्घावधि औसत 949.50 मिलीमीटर की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत कम है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में 773.60 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो औसत से 12 प्रतिशत कम है, जबकि पूर्वी मध्यप्रदेश में 1083.60 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो औसत से 4 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने अधिकारियों को वर्षा की क्षेत्रवार स्थिति को ध्यान में रखते हुए जलाशयों के जल प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

    54 प्रमुख बांधों में 89.32 प्रतिशत जलभराव

    प्रदेश के बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ के अंतर्गत 54 प्रमुख बांधों में वर्तमान में औसत जलभराव 89.32 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 95.13 प्रतिशत था, जबकि विगत पांच वर्षों का औसत 88.45 प्रतिशत रहा है। वर्तमान में 35 बांध 90 प्रतिशत से अधिक भरे हुए हैं। 9 बांधों में 75 से 90 प्रतिशत, 5 में 50 से 75 प्रतिशत, 4 में 25 से 50 प्रतिशत तथा एक बांध में 10 से 25 प्रतिशत जलभराव है। मंत्री सिलावट ने 90 प्रतिशत से अधिक जलभराव वाले 35 बांधों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बांध में जलस्तर, पानी की आवक और निकासी की नियमित समीक्षा की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत जल प्रबंधन किया जाए। बांधों के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन दलों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

    कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए विशेष जल प्रबंधन

    मंत्री सिलावट ने पश्चिमी मध्यप्रदेश में औसत से कम वर्षा को देखते हुए उज्जैन तथा नर्मदा-ताप्ती बेसिन में उपलब्ध जल की विशेष समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में सिंचाई, पेयजल तथा अन्य आवश्यकताओं के लिए उपलब्ध जल का बेसिनवार एवं परियोजनावार जल बजट तैयार किया जाए। किसानों को सिंचाई के लिए संभावित जल उपलब्धता की जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। समीक्षा में बताया गया कि बेसिनवार जलभराव की स्थिति में गंगा बेसिन 99 प्रतिशत, यमुना बेसिन 94 प्रतिशत तथा नर्मदा बेसिन 95 प्रतिशत है। चंबल-बेतवा एवं सागर बेसिन में 82-82 प्रतिशत, नर्मदापुरम में 81 प्रतिशत, वैनगंगा में 80 प्रतिशत, उज्जैन में 71 प्रतिशत तथा नर्मदा-ताप्ती बेसिन में 57 प्रतिशत औसत जलभराव दर्ज किया गया है।

    मंत्री सिलावट ने अधिकारियों से कहा कि मानसून समाप्त होने के बाद जलाशयों, बांधों, नहरों एवं जल वितरण प्रणालियों का विस्तृत निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव की कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही कम वर्षा वाले क्षेत्रों में स्थानीय जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • पंजाब कांग्रेस में बदलाव की अटकलें तेज, 48 घंटे में फैसला संभव; वड़िंग पर टिकी नजरें

    पंजाब कांग्रेस में बदलाव की अटकलें तेज, 48 घंटे में फैसला संभव; वड़िंग पर टिकी नजरें

    चंडीगढ़ 

    पंजाब कांग्रेस में अगले 48 घंटे के बीच बड़ा बदलाव हो सकता है। इसको लेकर दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से लेकर पंजाब तक हलचल तेज है। कांग्रेस हाईकमान से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक पंजाब में पार्टी प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद ये बदलाव होगा। 

    कांग्रेस के भीतरी सोर्सेज के मुताबिक यह बदलाव पार्टी प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग को लेकर हो सकता है लेकिन अभी तक इसकी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। पायलट ने हाल ही में यूथ कांग्रेस और जिला प्रधानों से दिल्ली में मीटिंग कर इसका फीडबैक लिया था।

    पायलट ने राहुल-खरगे को सौंपी फीडबैक रिपोर्ट

    पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर संगठन को लेकर हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर पंजाब कांग्रेस को लेकर अहम बैठक हुई. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सचिन पायलट ने पंजाब कांग्रेस को लेकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सौंप दी है। 

    संगठन के भीतर चल रही खेमेबाजी और नेताओं के बीच मतभेद को लेकर फीडबैक दिया गया है. रिपोर्ट में प्रदेश अध्यक्ष की कार्यशैली का भी जिक्र है. सूत्रों के मुताबिक, सचिन पायलट की रिपोर्ट में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर भी फीडबैक दिया गया है. रिपोर्ट में संगठन के कामकाज, नेताओं के बीच समन्वय और प्रदेश नेतृत्व को लेकर सामने आई बातों का उल्लेख किया गया है। 

    चन्नी खेमे की शिकायतों को भी रिपोर्ट में जगह
    सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में चरणजीत सिंह चन्नी खेमे की ओर से उठाई गई शिकायतों और आपत्तियों का भी जिक्र किया गया है. चन्नी खेमे की ओर से प्रदेश संगठन और नेतृत्व को लेकर जो बातें हाईकमान के सामने रखी गई थीं, उन्हें भी पायलट के फीडबैक में शामिल किए जाने की जानकारी है. पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से अलग-अलग खेमों के बीच मतभेद की स्थिति रही है. हाल में सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एक ही मंच पर नजर आए थे। 

    रिपोर्ट के बाद अब हाईकमान के फैसले पर नजर
    सूत्रों के मुताबिक, पायलट की रिपोर्ट में पंजाब कांग्रेस की जमीनी स्थिति से लेकर संगठन के अंदरूनी समीकरणों तक का फीडबैक शामिल है.
    अब निगाह इस बात पर है कि पायलट की रिपोर्ट और राहुल गांधी-खरगे के साथ हुई चर्चा के बाद पंजाब कांग्रेस के संगठन को लेकर हाईकमान क्या कदम उठाता है। 

    PM मोदी का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू, सुधारों पर होगा मंथन
    पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व के लिए संगठन के भीतर समन्वय और सामूहिक नेतृत्व अहम मुद्दा बना हुआ है. पायलट पहले ही कह चुके हैं कि कांग्रेस पंजाब चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी और राहुल गांधी चुनाव अभियान का चेहरा होंगे। 

     

  • बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 16 राहत शिविर और 10 बाढ़ चौकियां सक्रिय

    बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 16 राहत शिविर और 10 बाढ़ चौकियां सक्रिय

    कुशीनगर में बाढ़ राहत को युद्धस्तर पर किया गया सक्रिय, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ समेत टीमें तैनात

    गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच योगी सरकार का राहत अभियान तेज, प्रभावितों तक शीघ्र पहुंच रही मदद

    बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 16 राहत शिविर और 10 बाढ़ चौकियां सक्रिय

    13 हजार से अधिक लंच पैकेट और 2100 राशन किट बांटे, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा रहे लोग

    प्रभावित गांवों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई सक्रिय, गांवों में पहुंचाई जा रही हर जरूरी राहत

    लखनऊ/कुशीनगर
     उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति को लेकर योगी सरकार की ओर से प्रशासन को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। कुशीनगर में बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिला प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने प्राथमिकता पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही उन्हें समय पर भोजन, राशन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराया है।

    राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक 29 सितंबर को सुबह आठ बजे बड़ी गंडक नदी का जलस्तर 96.48 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के बिंदु 96 मीटर से 0.48 मीटर ऊपर था। वाल्मीकि नगर बैराज से भी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण खड्डा तहसील के 18 और तमकुहीराज तहसील के 14 गांव प्रभावित हुए हैं।

    प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
    राहत कार्यों के तहत प्रभावित गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 10 बाढ़ चौकियां और 16 राहत शिविर स्थापित किए हैं। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रभावित परिवारों की जरूरतों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी भी तैनात
    बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी बाढ़ राहत दलों की टीमें तैनात की गई हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी नावों की व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य के लिए स्थानीय गोताखोरों की 66 सदस्यीय टीम भी सक्रिय है।

    16 सामुदायिक रसोई से उपलब्ध कराया जा रहा भोजन
    प्रभावित लोगों को भोजन की समस्या न हो, इसके लिए खड्डा तहसील में 13 और तमकुहीराज तहसील में तीन सामुदायिक रसोई स्थापित की गई हैं। इन रसोइयों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को नियमित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा प्रशासन की ओर से 13,030 लंच पैकेट और 2,100 राशन किट वितरित किए जा चुके हैं। राहत सामग्री की उपलब्धता और वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है।

    स्वास्थ्य सेवाओं की भी व्यवस्था
    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दो मेडिकल टीमों को लगाया गया है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों तक आवश्यक चिकित्सा सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुलिस, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत आपूर्ति सहित संबंधित विभागों को भी राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय रखा गया है। प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार बचाव एवं राहत कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। योगी सरकार की आपदा प्रबंधन व्यवस्था के तहत प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

  • नर्सिंग विद्यार्थियों से मिले डिप्टी CM शुक्ल, उज्ज्वल भविष्य को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई

    नर्सिंग विद्यार्थियों से मिले डिप्टी CM शुक्ल, उज्ज्वल भविष्य को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई

    नर्सिंग विद्यार्थियों ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल का जताया आभार

    सरकार विद्यार्थियों के हितों एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    भोपाल 

    नर्सिंग विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित होने से प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। परिणाम जारी होने से विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई, उच्च कक्षाओं में प्रवेश एवं करियर से जुड़ी बाधाओं का समाधान हुआ है। परीक्षा परिणाम घोषित होने पर नर्सिंग विद्यार्थियों एवं विभिन्न प्रतिनिधियों ने आज भोपाल स्थित उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के निवास कार्यालय में भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने परीक्षा परिणाम घोषित होने पर सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए न्यायालय के समक्ष छात्र हित का पक्ष मजबूती से रखा। न्यायालय के आदेश के परिपालन में परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं। सरकार विद्यार्थियों के हितों एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी आवश्यक कदम उठाती रहेगी। विद्यार्थियों एवं प्रतिनिधियों ने कहा कि परीक्षा परिणाम घोषित होने से विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है और उनकी आगे की शिक्षा एवं करियर का मार्ग प्रशस्त हुआ है। विद्यार्थियों एवं प्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उप मुख्यमंत्री शुक्ल का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया तथा छात्र हित में किए गए प्रयासों के लिए कृतज्ञता व्यक्त की।

  • साय कैबिनेट के बड़े फैसले, मंत्रालय महानदी भवन में हुई बैठक; कई प्रस्तावों को मंजूरी

    साय कैबिनेट के बड़े फैसले, मंत्रालय महानदी भवन में हुई बैठक; कई प्रस्तावों को मंजूरी

    रायपुर 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

    1. मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति (पॉलिसी)-2024 में प्रशासकीय अनुमोदन उपरांत जारी संशोधित नीति-2026 का कार्याेत्तर अनुमोदन किया गया। संशोधित नीति में पूर्व की व्यवस्था को और अधिक स्पष्ट करते हुए यह प्रावधान किया गया है कि मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। साथ ही, अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों के अंतर्गत अब शासकीय महाविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 5 माह अध्यापन कार्य पूर्ण करने पर 5 अंक दिए जाने का प्रावधान किया गया है। पूर्व नीति में राजकीय विश्वविद्यालय में किए गए अध्यापन अनुभव का यह लाभ स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं था।

    मंत्रिपरिषद द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि शासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के कार्यानुभव का उपयोग करते हुए उन्हें रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर दिया जाए तथा मानदेय निर्धारण में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखण्ड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की जाए। अतिथि व्याख्याताओं एवं अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि एवं आकस्मिक अवकाश संबंधी प्रावधानों को भी स्पष्ट किया गया है।

    2. मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री जी द्वारा 10 सितम्बर, 2026 को फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा के परिपालन में, फिल्म के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एस.जी.एस.टी.) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को किए जाने हेतु वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया।

    3. मंत्रिपरिषद द्वारा पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।

    अब इस आरक्षण को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 बनाया गया है, जिसका मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया है। इन नियमों में नियुक्ति एवं सेवा शर्तें, भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।