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  • सेवा संकल्प अभियान के तहत गुजरात के वडनगर और बस्तर संभाग से रायपुर पहुंचे बाइक राइडर्स

    सेवा संकल्प अभियान के तहत गुजरात के वडनगर और बस्तर संभाग से रायपुर पहुंचे बाइक राइडर्स

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘सेवा संकल्प यात्रा एवं युवा संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गुजरात के वडनगर से लंबी यात्रा तय कर रायपुर पहुंचे बाइक राइडर्स तथा बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से पहुंचे बाइक राइडर्स का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।

    मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित नए भारत का निर्माण हो रहा है। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर सेवा भाव से राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने दुनिया में अपनी एक नई पहचान बनाई है और आज पूरा देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा देश की युवा शक्ति को सेवा, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। गुजरात के वडनगर से प्रारंभ हुई यात्रा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि से उनकी कर्मभूमि वाराणसी तक सेवा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। यात्रा के दौरान युवा स्वच्छता, नशामुक्ति, टीबी मुक्त भारत और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समाज को जागरूक कर रहे हैं। यह यात्रा युवाओं में राष्ट्र के प्रति दायित्वबोध और सेवा की भावना को और मजबूत कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत डेढ़ करोड़ से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए। प्रदेशवासियों ने जिस उत्साह और आत्मीयता के साथ इसमें सहभागिता की, वह प्रधानमंत्री के प्रति जनता के स्नेह और विश्वास को अभिव्यक्त करता है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ से गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने प्रदेश में लंबा समय बिताया है और यहां के जनजीवन को निकटता से देखा और समझा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रधानमंत्री  मोदी के साथ कार्य करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली, अनुशासन, दूरदृष्टि और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को करीब से देखा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य देश के सामने रखा है। इसी लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनने की दिशा में योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर भविष्य की आवश्यकताओं और संभावनाओं के अनुरूप कार्ययोजना बनाई है। शासन की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।

    मुख्यमंत्री  साय ने बस्तर में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी हिंसा और भय से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब शांति, विश्वास और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है। दूरस्थ अंचलों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। बदलते बस्तर में आज नई पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर बड़े सपने देख रही है।

    कार्यक्रम के दौरान आयोजित युवा संवाद में बस्तर से आकर रायपुर के विद्यालयों में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों गोविंद कुमार, दृष्टि ध्रुव, दीपक मरकाम और दीना उइके ने अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने बस्तर में आए बदलाव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्कूल, अस्पताल और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है तथा भय का वातावरण समाप्त होने से बच्चों और युवाओं में भविष्य को लेकर नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है।

    विद्यार्थियों ने कहा कि बस्तर की नई पीढ़ी अब भारतीय सेना और सिविल सेवाओं में शामिल होने के साथ डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़कर देश एवं प्रदेश की सेवा करने के सपने देख रही है। मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर के बच्चों की आंखों में दिखाई दे रहे ये सपने बदलते छत्तीसगढ़ की सबसे सुखद तस्वीर हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।

    कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन करते हुए राज्यसभा सांसद  राजीव शुक्ला ने सेवा संकल्प यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा के अंतर्गत 1200 युवा लगभग 2000 किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं। यात्रा के दौरान युवाओं द्वारा स्वच्छता, टीबी मुक्त भारत, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न सामाजिक विषयों पर जनजागरूकता का संदेश दिया जा रहा है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  अरुण साव एवं  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, मती लक्ष्मी वर्मा एवं  वी.डी. शर्मा, विधायक  मोतीलाल साहू,  पुरंदर मिश्रा,  किरण सिंहदेव एवं  अनुज शर्मा, विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण,  राहुल टिकरिहा,  नवीन मार्कण्डेय सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सेवा संकल्प यात्रा के बाइक राइडर्स तथा बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

  • अबू धाबी में नेतन्याहू की अहम बैठक, एयर डिफेंस और ईरान के प्रभाव पर चर्चा

    अबू धाबी में नेतन्याहू की अहम बैठक, एयर डिफेंस और ईरान के प्रभाव पर चर्चा

    अबू धाबी
     संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अबू धाबी यात्रा की पुष्टि की है। उसने बताया है कि इस दौरान नेतन्याहू ने राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक की भी की थी। बैठक में सऊदी अरब, जॉर्डन, मोरक्को और लीबिया सहित क्षेत्र के कई अरब देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इस बैठक को इजरायल के साथ सामान्य रिश्तों की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान को इस बैठक से दूर रखा गया, जो खुद को इस्लामी दुनिया का रहनुमा होने का दिखावा करता है।

    नेतन्याहू ने अरब देशों को बड़ा ऑफर दिया
    रिपोर्ट के अनुसार, बेंजामिन नेतन्याहू की अरब देशों के नेताओं के साथ हुई बैठक ईरान और मध्य पूर्व में उसके समर्थकों के प्रभाव को सीमित करने के तरीकों पर केंद्रित थी। इस बैठक में यमन के हूती विद्रोहियों पर खास चर्चा की गई, जिनके हमलों के कारण सऊदी अरब को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बैठक के दौरान अरब देशों के प्रतिनिधियों ने हवाई हमलों से रक्षा के लिए एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती के इजरायल के प्रस्ताव को ध्यान से सुना। ऐसी रिपोर्ट हैं कि इजरायल ने पहले ही संयुक्त अरब अमीरात की रक्षा के लिए अपने एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हुए हैं।

    नेतन्याहू के यूएई दौरे की पुष्टि
    एक आधिकारिक बयान में, इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय ने पुष्टि की कि नेतन्याहू और उनकी पत्नी ने कल संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के निमंत्रण पर संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया। कार्यालय ने कहा कि इस यात्रा में "दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय चुनौतियों" पर चर्चा हुई। यूएई के दौरे पर गए इजरायली प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख, मोसाद के प्रमुख, प्रधानमंत्री के सैन्य सचिव और राजनीतिक सलाहकार भी शामिल थे।

    लीबिया के सद्दाम हफ्तार से मिले नेतन्याहू
    इटली के अखबार 'इल फोग्लियो' की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अबू धाबी में पूर्वी लीबिया के डिप्टी कमांडर और खलीफा हफ्तार के बेटे सद्दाम हफ्तार के साथ एक गुप्त बैठक की। रिपोर्ट में हफ्तार के पूर्व सलाहकार मोहम्मद बुइसिर का हवाला दिया गया है, जिन्होंने दावा किया कि सद्दाम ने लीबिया का राष्ट्रपति बनने की अपनी कोशिश के लिए इजरायल का राजनीतिक समर्थन हासिल करने के लिए नेतन्याहू से मुलाकात की थी। खबरों के मुताबिक, नेतन्याहू के विमान के उतरने के ठीक 20 मिनट बाद सद्दाम का विमान अबू धाबी में उतरा।

  • सेवा ज्योति कलश कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करें  सभी विभाग अभियान चलाकर करें अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण

    सेवा ज्योति कलश कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करें सभी विभाग अभियान चलाकर करें अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पहले 21 साल बाद सुगम बस के रूप में सरकारी बस सेवा प्रारम्भ हुई। अब 21 साल बाद भोपाल के मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट जारी किया गया। यह मास्टर प्लान भोपाल को वर्ष 2047 में विकसित और हरित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से अनुरोध है कि वे मास्टर प्लान के प्रारूप पर अपने दावे-आपत्ति और सुझाव देने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे।

    उज्जैन में धार्मिक पर्यटन के लिए बस सेवा का संचालन आरंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म जयंती और अनंत चतुर्दशी के अवसर पर सुगम परिवहन सेवा के रूप में प्रदेश में एक बार फिर सरकारी बसें शहर-शहर और गांव-गांव तक सड़कों पर दौड़ने लगी है। सुगम परिवहन शहर के अंदर चलने वाली ई-बसें, जिले के अंदर चलने वाली बसें, एक से दूसरे जिले को जोड़ने वाली बसें और अन्य राज्यों को जाने वाली बस सेवाएं प्रदेशवासियों को उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में धार्मिक पर्यटन के लिए बस सेवा का संचालन आरंभ किया गया है।

    मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को मिली वैश्विक पहचान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाओं को यूनेस्को की अस्थाई लिस्ट में शामिल किए जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत की कुल 78 अस्थायी धरोहरों में से 19 मध्यप्रदेश में होना बड़े गौरव की बात है। इससे मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नई वैश्विक पहचान मिली है।

    सेवा संकल्प अभियान-2026

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के संदर्भ में आरंभ सेवा-संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में लगभग 3 करोड़ 88 लाख दीये सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में प्रज्ज्वलित किये गये। प्रदेश में 650 से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित हुए, जिनमें लगभग 11 हजार यूनिट रक्त एकत्र हुआ। भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता में 87 हजार से अधिक स्कूल-कॉलेजों के 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। आंगन मिलन कार्यक्रम अब तक 43 हजार से अधिक आंगनवाडियों में आयोजित हो चुका है, जिनमें 17 लाख से अधिक माताओं और बच्चों ने भाग लिया हैं। नमो – सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 484 नुक्कड़ टोलियों द्वारा 3000 से अधिक प्रस्तुतियां दी गईं। वड़नगर से वाराणसी यात्रा में अब तक 1000 ग्राम और 190 नगरीय क्षेत्रों में 725 सभाएं आयोजित हुई हैं। सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के अंतर्गत 25 सेवा गतिविधियों में 9 लाख से अधिक नागरिकों एवं 10 हजार से अधिक संस्थाओं ने भाग लिया। सेवा की कहानी कार्यक्रम के अंतर्गत 5 लाख से अधिक प्रेरक कहानियां और आभार संदेश रिकार्ड हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 7 अक्टूबर को आयोजित होने वाले सेवा ज्योति कलश कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।

    हाइड्रोजन ट्रेन के बाद अब लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) ट्रेन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच प्रारंभ की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा गुजरात के साबरमती से मेहसाणा तक देश की पहली लिक्विड नेचुरल गैस से चलने वाली ट्रेन को हरी झण्डी दिखाई गई है। यह ट्रेन एलएनजी और डीजल दोनों से चल सकती है। इससे एक तरफ ईंधन की लागत में कमी आएगी तो दूसरी ओर प्रदूषण भी कम होगा।

    एशियन गेम्स-2026

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशियन गेम्स-2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। कबड्डी में महिला और पुरूष दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। महिला क्रिकेट टीम को स्वर्ण पदक मिला है। इस खेल में सुश्री क्रांति गौड़ ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। शूटिंग में खरगौन के ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर एवं भोपाल की आशी चौकसे ने भारत को रजक पदक दिलाया। देवास के श्री जय मीणा ने एशियाई खेलों में सॉफ्ट टेनिस में कांस्य पदक जीता है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली सुश्री नीरू ढांडा को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

    स्कूल शिक्षा विभाग में 900 से अधिक अनुकम्पा नियुक्ति आदेश जारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में एक साथ 900 से अधिक अनुकम्पा नियुक्ति आदेश जारी कर दिये गये हैं। इनमें 600 से अधिक लिपिकीय पद और 200 से अधिक भृत्य के पद हैं। इस अभियान से, ऐसे शिक्षक जिनका सेवा में रहते हुए निधन हो गया था, उनके परिजन अनुकम्पा नियुक्ति के लिये बरसों से इन्तजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवेदनशील पहल के लिये स्कूल शिक्षा विभाग की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी प्रकार की कार्यवाही अन्य सभी विभागों में करने के निर्देश दिए।

    बैहर बालाघाट में बीता था मुश्ताक खान का बचपन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हिन्दी फिल्मों के चर्चित अभिनेता और हास्य कलाकार श्री मुश्ताक खान के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के बैहर और बालाघाट में उनका बचपन बीता, शिक्षा-दीक्षा हुई। एक छोटी सी जगह से निकलकर अपनी प्रतिभा के बल पर उन्होंने अभिनय की दुनिया में एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने लगभग 500 फिल्मों में काम किया है।

     

  • ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य के लिए परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और नगरीय निकाय मिलकर तैयार करें विस्तृत कार्ययोजना

    ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य के लिए परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और नगरीय निकाय मिलकर तैयार करें विस्तृत कार्ययोजना

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए प्रदेश में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को न्यूनतम करने के लिए सभी संबंधित विभाग मिशन मोड में समन्वित रूप से कार्य करें।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली प्रत्येक संभावित जनहानि को रोकना होना चाहिए। इसके लिए दुर्घटना से पहले रोकथाम और दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता एवं उपचार—दोनों स्तरों पर व्यवस्था मजबूत करनी होगी। उन्होंने ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य की दिशा में परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग और नगरीय निकायों सहित सभी संबंधित विभागों को विस्तृत और परिणामोन्मुखी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से जुड़ा विषय है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, सुरक्षित सड़क संरचना, यातायात नियमों का प्रभावी पालन, वाहनों की तकनीकी फिटनेस, प्रशिक्षित चालक और दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता जैसे सभी पहलुओं पर एक साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

    ब्लैक स्पॉट पर तेजी से हों सुधारात्मक कार्य

    मुख्यमंत्री  साय ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक उपाय प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 23 ब्लैक स्पॉट में सुधार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों को तेजी से पूरा करने तथा दुर्घटनाओं के कारणों का नियमित विश्लेषण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटना होने के बाद शुरुआती समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। घायल व्यक्ति तक जितनी जल्दी सहायता और चिकित्सा सुविधा पहुंचेगी, जीवन बचाने की संभावना उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने दुर्घटना की सूचना, एम्बुलेंस की उपलब्धता, नजदीकी अस्पताल तक पहुंच और उपचार की पूरी व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं नागरिक, योजनाओं का हो व्यापक प्रचार

    मुख्यमंत्री  साय ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम-राहत योजना और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों तक यह संदेश प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए कि सड़क दुर्घटना देखकर घबराएं नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं।

    बैठक में बताया गया कि पीएम-राहत योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार की सुविधा का प्रावधान है। वहीं राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करने वाले नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार दिलाने में बड़ी मदद मिल सकती है।

    दूरस्थ गांवों तक पहुंचे सार्वजनिक परिवहन, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का होगा विस्तार

    मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की समीक्षा करते हुए इसे और विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता से चिन्हित किया जाए, जहां अभी नियमित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण आधार है। दूरस्थ गांव को बस सेवा से जोड़ने का अर्थ वहां के लोगों के लिए अनेक नए अवसरों के द्वार खोलना है। शासन का प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश के अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक भी सुगम, सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवा पहुंचे।

    बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत वर्तमान में 13 जिलों के 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने परिवहन सुविधा से वंचित क्षेत्रों का सर्वे कर नए मार्गों की संभावनाओं का परीक्षण करने और आवश्यकता के अनुसार योजना का विस्तार करने के निर्देश दिए।

    कोंटा-जगरगुंडा बस सेवा से दुर्गम क्षेत्र में आसान हुआ सफर

    बैठक में दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के सकारात्मक प्रभावों की भी जानकारी दी गई। कोंटा से जगरगुंडा के बीच पहली बार प्रारंभ हुई बस सेवा से क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिली है।

    बताया गया कि अंदरूनी और सुदूर क्षेत्रों से इस यात्रा में पहले लगभग छह घंटे तक का समय लग जाता था। बस सेवा प्रारंभ होने के बाद यही सफर लगभग 45 मिनट में पूरा हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी विकास की गति को तेज करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जिन क्षेत्रों में वर्षों तक सार्वजनिक परिवहन सीमित रहा है, वहां नियमित बस सेवा आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

    पर्यटन मिशन से जुड़े परिवहन विभाग, पर्यटन स्थलों तक बढ़े कनेक्टिविटी

    मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश में पर्यटन विकास की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन स्थलों तक सुरक्षित और सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने में परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पर्यटन मिशन के साथ परिवहन विभाग की भूमिका को प्रभावी रूप से जोड़ने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। पर्यटकों के लिए सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था से प्रदेश के पर्यटन स्थलों तक पहुंच बढ़ेगी। इसका लाभ स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खान-पान और अन्य सेवाओं से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों तथा रोजगार के अवसरों को भी मिलेगा।

    वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को बनाएं और प्रभावी

    मुख्यमंत्री  साय ने वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए। बैठक में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की वर्तमान व्यवस्था और नए केंद्रों की स्थापना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहनों की तकनीकी स्थिति का निष्पक्ष और प्रभावी परीक्षण सड़क सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। तकनीक आधारित व्यवस्था से फिटनेस जांच में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने 15 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके वाहनों के नियमानुसार नवीनीकरण और फिटनेस संबंधी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    एचएसआरपी अभियान में तेजी और लंबित चालानों की रिकवरी के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के अभियान को सुचारु एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के साथ वाहन मालिकों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाए।

    मुख्यमंत्री ने लंबित चालानों की रिकवरी में तेजी लाने और अत्याधुनिक चालान प्रणाली का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात नियमों के पालन के लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।

    कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट से बढ़ेगी पारदर्शिता, योग्य चालकों को ही मिले लाइसेंस

    बैठक में ड्राइविंग टेस्ट के लिए विकसित की जा रही ई-ट्रैक व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके अंतर्गत सीसीटीवी कैमरों और सेंसर आधारित प्रणाली के माध्यम से कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि आवश्यक प्रशिक्षण और दक्षता रखने वाले व्यक्ति ही वाहन चलाएं। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से प्रशिक्षित और जिम्मेदार चालक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    इलेक्ट्रिक वाहनों और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को मिले प्रोत्साहन

    बैठक में राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने तथा नई तकनीक आधारित परिवहन सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।

    मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों से कहा कि परिवहन विभाग की प्रत्येक व्यवस्था के केंद्र में आम नागरिक की सुरक्षा और सुविधा होनी चाहिए। ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों तक सार्वजनिक परिवहन का विस्तार, सुरक्षित एवं फिट वाहन, प्रशिक्षित चालक, आधुनिक तकनीक का उपयोग, बेहतर सड़क सुरक्षा प्रबंधन और दुर्घटना की स्थिति में तत्काल उपचार – इन सभी मोर्चों पर एक साथ प्रभावी ढंग से काम करना होगा।

    उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था ऐसी हो जो प्रदेश के लोगों का सफर आसान बनाने के साथ सुरक्षित भी बनाए। विभागीय समन्वय, आधुनिक तकनीक और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन तंत्र को निरंतर मजबूत किया जाए।

    बैठक में परिवहन मंत्री  केदार कश्यप, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव  एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त  डी. रविशंकर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव  प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • चांगलांग में गश्ती दल पर हमला, हवलदार जानखोकाई कुकी शहीद; सर्च ऑपरेशन तेज

    चांगलांग में गश्ती दल पर हमला, हवलदार जानखोकाई कुकी शहीद; सर्च ऑपरेशन तेज

    नई दिल्ली
    अरुणाचल प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास मंगलवार सुबह संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया। हमले में चार अन्य जवान भी घायल हो गए। यह घटना सीमा के उस संवेदनशील इलाके में हुई, जहां सुरक्षा बल गश्त कर रहे थे और सीमा पर बाड़ लगाने का काम भी चल रहा था। बताया जा रहा है कि घटना चांगलांग जिले के नामपोंग सर्कल में नामपोंग नाले के पास सुबह करीब साढ़े छह बजे हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 21 असम राइफल्स के जवान उस इलाके में नियमित गश्त पर थे।

    अधिकारियों के मुताबिक, गश्ती दल पर संदिग्ध उग्रवादियों ने अचानक और अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस हमले में 42 वर्षीय हवलदार जानखोकाई कुकी की मौके पर ही मौत हो गई। चार अन्य जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलजा चल रहा है। हमले के बाद इलाके में सुरक्षा बलों ने तलाशी और कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज कर दिया है। जवान इलाके के जंगलों, नालों और सीमा के आसपास के रास्तों की जांच कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमलावर गश्ती दल के कितने करीब आए, उन्होंने किस दिशा से फायरिंग की और हमले के बाद किस रास्ते से भाग गए।

    चांगलांग के पुलिस अधीक्षक किर्ली पाडू ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिल चुकी है। उन्होंने चांगलांग थाना प्रभारी को मामले की पूरी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि यह इलाका लंबे समय से संवेदनशील माना जाता है। चांगलांग जिला म्यांमार से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर है। यहां कई जगहों पर सीमा अभी पूरी तरह बाड़ से बंद नहीं है। घने जंगल, पहाड़ी रास्ते और सीमा पार आवाजाही की वजह से सुरक्षा बलों के लिए यह क्षेत्र चुनौतीपूर्ण रहता है। पूर्वोत्तर के इस हिस्से में कुछ विद्रोही गुट सक्रिय बताए जाते हैं। चांगलांग के साथ तिरप और लोंगडिंग जैसे इलाके भी सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं।

    शुरुआती जानकारी में एनएससीएन के-वाईए यानी युंग आंग गुट के उग्रवादियों की संलिप्तता की आशंका जताई गई है। कुछ रिपोर्टों में उल्फा-आई का भी जिक्र आया है, लेकिन इस बात की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच असम राइफल्स ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी है। महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा और बल के सभी रैंकों ने हवलदार जानखोकाई कुकी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। बल ने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि पूरा असम राइफल्स परिवार उनके साथ खड़ा है।

  • चंडीगढ़ में ED का बड़ा एक्शन, ₹656 करोड़ गबन केस में 14 जगह छापे

    चंडीगढ़ में ED का बड़ा एक्शन, ₹656 करोड़ गबन केस में 14 जगह छापे

    चंडीगढ़.

    ईडी चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-II ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 जगहों पर तलाशी की। यह जांच हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन आदि के 645 करोड़ सार्वजनिक फंड के कथित गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में है।

    जांच हरियाणा पुलिस के फरवरी 2026 के एफआईआर पर आधारित है, जिसमें डेवलपमेंट एंड पंचायत विभाग के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक खातों में गड़बड़ी पाई गई थी। तलाशी मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स, सुंदर ज्वेलर्स और बिचौलिये गौरव कंसल सहित ज्वेलरी फर्मों पर हुई। कथित गबन की रकम ज्वेलर्स के खातों से व्यापारिक लेनदेन दिखाकर लेयर्ड की गई और आईएएस अधिकारियों तक पहुंचाई गई।

    सीबीआई ने पहले ही छह हरियाणा कैडर आईएएस समेत आरोपियों के खिलाफ तीसरा चार्जशीट दाखिल किया है। ईडी ने पहले 4 गिरफ्तार किए, 211 करोड़ की संपत्ति अटैच/जब्त की और 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की। नई तलाशियों से और सबूत मिले। जांच जारी है।

  • रीवा में तस्कर का पुलिस कस्टडी से फरार होने का सनसनीखेज मामला

    रीवा में तस्कर का पुलिस कस्टडी से फरार होने का सनसनीखेज मामला

    रीवा.

    ओडिशा पुलिस की कस्टडी से रीवा लाया जा रहा कुख्यात गांजा तस्कर आदित्य मिश्रा मंगलवार दोपहर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र स्थित छूहिया घाटी में तीन गाड़ियों से आए बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेरकर कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर बेहोशी का स्प्रे किया और आरोपित को छुड़ाकर ले गए।

    दिनदहाड़े हुई इस घटना से सीधी और रीवा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, गांजा तस्करी के मामले में ओडिशा पुलिस की हिरासत में बंद आदित्य मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर रीवा लाया जा रहा था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस का वाहन जैसे ही छूहिया घाटी के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने तीन गाड़ियों से उसे घेर लिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर बेहोशी का स्प्रे किया, जिससे वे कुछ देर के लिए अचेत हो गए। इसी दौरान बदमाश आदित्य मिश्रा को लेकर फरार हो गए। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

    घाटी और आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान
    घटना की सूचना मिलते ही सीधी और रीवा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सीधी एसपी और रामपुर नैकिन थाना पुलिस के साथ रीवा के अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। छूहिया घाटी और आसपास के जंगलों में नाकाबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आरोपित को भगाने में इस्तेमाल की गई तीनों गाड़ियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस फरार आरोपित और उसे छुड़ाने वाले बदमाशों की तलाश में जुटी है।

    कई राज्यों में दर्ज हैं गांजा तस्करी के मामले
    आदित्य मिश्रा रीवा-सीधी क्षेत्र का कुख्यात गांजा तस्कर बताया जाता है। उसके खिलाफ कई राज्यों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। ओडिशा पुलिस की कस्टडी से उसे छुड़ाने के लिए कथित तौर पर की गई इस सुनियोजित कार्रवाई ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • विधेयक के प्रारंभिक प्रारूप पर नागरिकों और संस्थाओं को अपनी बात रखने का अवसर  हिंदी और अंग्रेजी में पुलिस विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रारूप, 30 दिनों के भीतर दे सकेंगे सुझाव और आपत्तियां

    विधेयक के प्रारंभिक प्रारूप पर नागरिकों और संस्थाओं को अपनी बात रखने का अवसर हिंदी और अंग्रेजी में पुलिस विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रारूप, 30 दिनों के भीतर दे सकेंगे सुझाव और आपत्तियां

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 का प्रारंभिक प्रारूप तैयार किया है। प्रस्तावित विधेयक को लेकर राज्य के आम नागरिकों, विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।

     गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में आवश्यक संशोधन करते हुए नए विधेयक का प्रारूप तैयार किया गया है। आम नागरिक प्रस्तावित प्रावधानों का अध्ययन कर अपनी राय शासन के समक्ष रख सकें, इसके लिए विधेयक का प्रारूप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है।

    विधेयक का प्रारूप पुलिस विभाग की वेबसाइट cgpolice.gov.in के नोटिस/प्रेस रिलीज सेक्शन में हिंदी एवं अंग्रेजी में अपलोड किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के किसी प्रावधान को लेकर किसी नागरिक, संस्था अथवा संबंधित हितधारक का कोई सुझाव या आपत्ति है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत शासन को भेजा जा सकता है।

    सुझाव देने के लिए 30 दिनों का समय

    राज्य शासन ने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है। इसके माध्यम से प्रस्तावित विधेयक पर आम जनता के साथ ही विषय विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों को भी अपनी राय रखने का अवसर मिलेगा। सुझाव एवं आपत्तियां 'प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, गृह एवं जेल विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर' के पते पर भेजी जा सकती हैं।

    इस पहल के माध्यम से प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 पर नागरिकों और संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनके सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।

  • अमेरिका-पाकिस्तान की नजदीकी के बीच बोले जयशंकर, आतंकवाद पर समझ जरूरी

    अमेरिका-पाकिस्तान की नजदीकी के बीच बोले जयशंकर, आतंकवाद पर समझ जरूरी

    नई दिल्ली
    विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पड़ोसी देश से उत्पन्न होने वाला आतंकवाद भारत की प्रमुख चिंताओं में से एक है। अगर नई दिल्ली के साझेदार इस चिंता को पूरी तरह नहीं समझते हैं, तो इसका द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ता है। उनका यह बयान अमेरिका और पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी के बीच भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में आया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के समापन के अवसर पर एशिया सोसाइटी की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां जयशंकर ने भारतीय-अमेरिकी और प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्यों के साथ-साथ नीति विशेषज्ञों को संबोधित किया।

    एस जयशंकर से भारत-अमेरिका संबंधों के बारे में सवाल किया गया। उनसे खासतौर पर पिछले एक वर्ष के दौरान व्यापार और टैरिफ से जुड़े घटनाक्रम व द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर दिशा में ले जाने के लिए क्या किए जाने की जरूरत है, इस बारे में पूछा गया। जयशंकर ने कहा, 'अगर मैं व्यापक नजरिए से देखूं तो मैं देखता हूं कि दुनिया के कई देशों के अमेरिका के साथ संबंध अधिक कठिन रहे हैं। मेरा मतलब है कि इससे हमें सांत्वना शायद न मिले, लेकिन यह एक वास्तविकता है।' उन्होंने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंधों का जिक्र किया, जिनमें पिछले एक वर्ष के दौरान सुधार आया है, खासकर जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के कुछ ही महीनों बाद।

    आतंकवाद को लेकर क्या बोले जयशंकर
    जयशंकर ने कहा कि एक मुद्दा हर देश की संवेदनशीलताओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा, 'भारत के लिए जो बात विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, वह आतंकवाद का मुद्दा है। हमारा मानना है कि शायद बहुत कम ऐसे देश हैं, जिन्हें कई दशकों से किसी पड़ोसी देश की ओर से जानबूझकर और सुनियोजित नीति के तहत उस तरह के आतंकवाद का सामना करना पड़ा है, जैसा हमने किया है।' पाकिस्तान का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, 'अगर जो बात हमारे लिए इतनी अहम है, उसके बारे में पर्याप्त समझ या सराहना या सहानुभूति नहीं है, तो मुझे लगता है कि इससे भी एक समस्या पैदा होती है। यदि मेरी प्रमुख चिंताओं में से किसी एक को मेरा साझेदार पूरी तरह नहीं समझता है, तो स्पष्ट रूप से इसका संबंधों पर असर पड़ता है।'

    पहलगाम हमले के बाद और बढ़ा तनाव
    पिछले साल मई में भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाकर ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस हमले को पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने अंजाम दिया था और इसमें 26 लोग मारे गए थे जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे। पिछले पूरे साल और यहां तक कि गत सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में भी ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रुकवाया था। भारत लगातार किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार करता रहा है।

    ट्रंप का अब तक कैसा रहा है रवैया
    पिछले साल जून में कनाडा के कनानास्किस में आयोजित जी7 नेताओं के शिखर सम्मेलन से लौटने के बाद ट्रंप ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर की व्हाइट हाउस में दोपहर के भोजन पर मेजबानी की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मुनीर ने पिछले साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान व्हाइट हाउस में ट्रंप से फिर मुलाकात की थी। ट्रंप ने विभिन्न मौकों पर सार्वजनिक रूप से मुनीर की प्रशंसा की और उन्हें महान जनरल, महान फील्ड मार्शल, एक महान व्यक्ति बताया। जयशंकर ने कहा, 'हम निश्चित रूप से उम्मीद करेंगे और अपेक्षा करेंगे कि भारत-अमेरिका संबंध आगे बढ़ते हुए बेहतर दिशा में जाएं। लेकिन मुझे सामने मौजूद मुद्दों को लेकर वास्तविकता को ध्यान में रखना होगा और जिस हद तक हम इनमें से कुछ मुद्दों पर आगे बढ़ने में सक्षम होंगे, मुझे लगता है कि हमारे संबंध बेहतर होंगे।'

  • पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर मिलेगा आरक्षण

    पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर मिलेगा आरक्षण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के लिए लगभग 24 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी। युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए मंत्रि-परिषद ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का बड़ा फैसला किया है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये, स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश राशि के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये तथा स्वास्थ्य केंद्रों व औषधि नियंत्रण के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। अधोसंरचना विस्तार के तहत 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से दमोह-कटनी 4-लेन मार्ग निर्माण, ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़ 22 लाख रुपयें और सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन की कान्ह डायवर्सन परियोजना सहित दतिया, नीमच व सागर की बंडा वृहद सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति दी गई। यह निर्णय प्रदेश में रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को गति प्रदान करेंगे।

    पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर अग्निवीरों को मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की युवाओं को सशक्त बनाने की मंशा के अनुरूप मंत्रिपरिषद ने प्रदेश की वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार अब गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी)की भर्ती में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसी तरह गृह विभाग अंतर्गत विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों 20 प्रतिशत, जेल विभाग अंतर्गत जेल प्रहरी में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20, वन विभाग अंतर्गत वन रक्षक में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक कर विभाग अंतर्गत आबकारी आरक्षक में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण (हॉरिजेन्टल) दिये जाने का निर्णय लिया गया है।

    कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को गणवेश की राशि प्रदाय करने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र और छात्राओं के लिये गणवेश की राशि डीबीटी के माध्यम से छात्र, छात्राओं और पालकों के खातों में प्रदाय करने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।

    अतिथि शिक्षकों को मानदेय प्रदाय करने के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने अतिथि शिक्षकों के मानदेय प्रदाय संबंधी योजना को आगामी 5 वर्षों 2026-27 से 2030 -31 तक निरंतर संचालन के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश के शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं में शिक्षकों के विषयमान से स्वीकृत पदों में से रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन की व्यवस्था की जाती है। प्रदेश में वर्तमान में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत है।

    सिंगरौली में 605 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय निर्माण के लिए 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने जिला चिकित्सालय सिंगरौली में अतिरिक्त 155 बिस्तरों की वृद्धि करते हुए 450 से 605 बिस्तरीय चिकित्सालय में विस्तार कार्य के साथ आंतरिक और बाह्य विकास कार्यों तथा बॉयोमेडिकल उपकरण एवं अस्पताल फर्नीचर आदि कार्य के लिए 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

    उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में जिला चिकित्सालय सिंगरौली के परिसर में 400 बिस्तरीय अस्पताल भवन एवं 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक के एकजाई भवन निर्माण कार्य के लिए 188 करोड़ 72 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। जिला चिकित्सालय के क्षेत्रफल वृद्धि एवं 450 बिस्तर से 605 बिस्तरीय अस्पताल भवन सहित अन्य कार्य के फलस्वरूप लागत में वृद्धि होने से राशि रूपये 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

    दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने दमोह-कटनी मार्ग लम्बाई 105.10 कि.मी. का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एच.ए.एम) के लिए बनाए गए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर निर्माण के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रूपये (जीएसटी सहित) की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

    स्वीकृति अनुसार परियोजना निर्माण लागत की 40 प्रतिशत राशि 865 करोड़ 15 लाख रूपये (जीएसटी सहित) का भुगतान निर्माण अवधि के दौरान म.प्र. सडक विकास निगम द्वारा लिये जा रहे ऋण के माध्यम से किया जायेगा।  निर्माण लागत की शेष 60 प्रतिशत राशि, एन्यूटी, ओ.एण्ड.एम, ब्याज, निर्माण पूर्व कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) एवं सुपरविजन चार्जेस के लिए कुल राशि 3,605 करोड़ 15 लाख रूपये का व्यय किये जाने के लिए शासन द्वारा म.प्र. सडक विकास निगम को राज्य बजट के माध्यम से इक्विटी के रूप में दिये जाने एवं इसके विरूद्ध निगम द्वारा राज्य शासन को शेयर्स जारी किये जाने का अनुमोदन किया गया है।

    लोक स्वास्थ्य केंद्रों, ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम के सुदृढीकरण और औषधि नियंत्रण के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत तीन योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य, उप स्वास्थ्य और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण से संबंधित योजना के लिए 3,113 करोड़ 27 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम का सुदृढीकरण से संबंधित योजना के लिए 20 करोड़ 90 लाख रूपये और औषधि नियंत्रण से संबंधित योजना के लिए 111 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।

    छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल के निर्माण के लिए 953 करोड़ 69 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल एवं अन्य भवनों का निर्माण तथा सभी संबंद्ध सेवाओं सहित बाहय विकास कार्यों के लिए 953 करोड़ 69 लाख रूपयें की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

    वर्ष 2022 में छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल एवं अन्य भवनों के निर्माण के लिए 768 करोड़ 22 लाख रूपयें की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। वर्तमान में शासन द्वारा जी.एस.टी. की दरों को 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत होने से अंतर की राशि, डेडीकेडेट विद्युत फीडर लाईन, नगर पालिक निगम द्वारा भवन अनुज्ञा फीस में वृद्धि होने के फलस्वरूप 953 करोड़ 69 लाख रूपयें की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

    दतिया की माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिये  1,608.02 करोड़ रूपयें की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने दतिया जिले की माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,608.02 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से दतिया जिले के 78,484 हेक्टेयर में क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

    नीमच की रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 524 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने नीमच जिले की रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 524 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। यह एक वृहद सिंचाई परियोजना है। परियोजना अन्तर्गत गांधीसागर जलाशय से जल उद्वहन कर नीमच जिले के 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की जा रही है।

    उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोस डक्ट परियोजना के निरंतर संचालन के लिए 358 करोड़ 22 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोस डक्ट परियोजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 358 करोड़ 22 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उज्जैन की पवित्र शिप्रा नदी में प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को प्रवेश करने से रोकना है। यह योजना 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महापर्व के दृष्टिगत निर्माणाधीन है। इसके तहत प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को 30.15 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग और ढकी हुई नहर के माध्यम से मोड़ कर प्रदूषित पानी को गंभीर नदी तक पहुंचाना है।

    सागर की बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 1,052 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सागर जिले के बण्डा तहसील के ग्राम उल्दन में धसान नदी पर प्रस्तावित बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,052 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सागर जिले के 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई करना है।

    विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में रहवासियों के लिए 1 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न वितरण की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावासों और आश्रमों की तरह ही विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में रहवासियों को भोजन के लिए रु. 1 प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न वितरण किये जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए वितरित खाद्यान्न पर राज्य अनुदान का भुगतान विद्यार्थियों को रियायती दर पर खाद्यान्न योजना पर राज्य शासन से अनुदान मद अंतर्गत विकलनीय होगा।

    मउगंज, छिन्दवाडा, मैहर और टीकमगढ जिलों में नवीन जिला हाथकरघा कार्यालय के लिए 12 नवीन पदों के सृजन के साथ हथकरघा संचालनालय के लिए 2 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मउगंज, छिन्दवाडा, मैहर और टीकमगढ जिलों में नवीन जिला हाथकरघा कार्यालय के लिए 3-3 नवीन पद कुल 12 नवीन पदों के सृजन के साथ हथकरघा संचालनालय के लिए 2 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृत पदों को विभागीय सुसंगत भर्ती नियमों में सम्मिलित करने की आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को अधिकृत किया गया है।

    भूमि के अंतरण पर उपकर का ग्रामीण विकास निधि में अंतरण की योजना की निरंतरता के लिए 3,580.22 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने म.प्र. उपकर अधिनियम, 1982 के अंतर्गत भूमि के अंतरण पर उपकर का ग्रामीण विकास निधि में अंतरण की योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 3,580.22 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में भूमि व संपत्तियों का क्रय-विक्रय और उनका पंजीयन एक सतत वैधानिक प्रक्रिया है, जिससे उपकर की राशि निरंतर प्राप्त होती है। इस राशि का उपयोग त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं (मुख्यतः जनपद व जिला पंचायतों) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए किया जाता है।

    विधि विभाग की 14 योजनाओं के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग की 14 प्रमुख योजनाओं की 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि न्यायिक अधोसंरचना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर व्यय की जाएगी।

    स्वीकृति अनुसार प्रमुख रूप से उच्च न्यायालय भवन व आवासीय परिसर निर्माण के लिए 372 करोड़ रुपये, महाधिवक्ता कार्यालय के लिए 357 करोड़ 77 लाख रुपये और राज्य न्यायिक अकादमी भवन के लिए 200 करोड़ रुपये का व्यय किया जायेगा। इसके अलावा अधिवक्ता कल्याण, ए.डी.आर. सेंटर्स, लोक अदालत और विभागीय आईटी व पुस्तकालय सुदृढ़ीकरण के लिए भी वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

    न्यायालयों के निर्वाह पत्र तामिल से संबंधित योजना की निरंतरता के लिए 622 करोड़ 37 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत निर्वाह पत्र तामिल से संबंधित योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 622 करोड़ 37 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में राज्य के समस्त अधीनस्थ न्यायालयों यथा जिला एवं सत्र न्यायालय, सिविल न्यायालय आदि में पदस्थ ऐसे शासकीय सेवकों (प्रोसेस सर्वर) का वेतन आहरित किया जाता है जो न्यायालयों के पत्रों की तामिल करवाते है। योजना में उनके वेतन, भत्तों के साथ यात्रा देयकों का भुगतान भी किया जाता है।

    वनोपज एवं खनिज परिवहन के अभिवहन शुल्क की नई दरों का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद ने राज्य में उत्पादित वनोपज (खनिज वनोपज, लघु वनोपज एवं बांस को छोड़कर) तथा अन्य राज्यों से आयातित वनोपज के परिवहन के लिए अभिवहन शुल्क एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एन.ओ.सी) शुल्क की नवीन दरों को स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही खनिज वनोपजों के परिवहन पर भी प्रति टन की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है।

    स्वीकृति अनुसार सामान्य वनोपज के परिवहन के लिए एक घनमीटर तक की मात्रा पर 200 रुपये का शुल्क तय किया गया है। एक घनमीटर से अधिक मात्रा होने की स्थिति में पहले घनमीटर के लिए 200 रुपये और उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घनमीटर के लिए 100 रुपये अतिरिक्त देय होंगे। यदि अतिरिक्त मात्रा आधे (1/2) घनमीटर से कम है तो उसकी गणना शून्य मानी जाएगी वहीं यदि यह मात्रा आधे घनमीटर से अधिक और एक घनमीटर से कम है तो उसकी गणना पूरे एक घनमीटर के रूप में की जाएगी।

    मंत्रि-परिषद ने खनिज वनोपजों के परिवहन के लिए भी प्रति टन शुल्क की दरें अनुमोदित की हैं। इसके तहत पहली श्रेणी के खनिजों—जैसे लाइम स्टोन, डोलोमाइट, फायर क्ले, मैंगनीज अयस्क, कॉपर अयस्क, रॉक फॉस्फेट, पायरोफिलाइट, डायस्पोर, ऑकर, बॉक्साइट, आयरन अयस्क, कैल्साइट, कोयला, क्वार्ट्ज, सिलिका सैंड, शेल, स्लेट और सोप स्टोन के परिवहन पर 81 रुपये प्रति टन की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है। दूसरी श्रेणी में शामिल फ्लैग स्टोन, ग्रेनाइट, मार्बल एवं मिट्टी पत्थर के परिवहन के लिए 52 रुपये प्रति टन का शुल्क देय होगा।

    अन्य निर्णय

    मंत्रि-परिषद ने केन्द्र प्रवर्तित योजना "न्यायालय भवनों का निर्माण" में स्वीकृत निर्माण कार्यों के लंबित दायित्वों में भारत सरकार द्वारा नियत की गई अधिकतम व्यय सीमा से अधिक की राशि 691 करोड़ 1 लाख रूपये का भुगतान राज्य शासन द्वारा राज्य योजना में उपलब्ध करायी गई राशि से किए जाने की अनुमति प्रदान की है।