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  • मोहन भागवत बोले: बीजेपी की सफलता में RSS की अहम भूमिका, राम मंदिर आंदोलन ने भी दिया लाभ

    मोहन भागवत बोले: बीजेपी की सफलता में RSS की अहम भूमिका, राम मंदिर आंदोलन ने भी दिया लाभ

     मुंबई

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भाजपा को लेकर बड़ी लकीर खींच दी है। 2024 के आम चुनाव के दौरान तत्कालीन अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि हम आरएसएस के बिना भी चुनाव में जीत हासिल कर सकते हैं। इसे लेकर संघ कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष देखा गया था। अब सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि भाजपा के ये 'अच्छे दिन' आरएसएस के चलते ही आए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लिए आरएसएस ने प्रतिबद्धता दिखाई थी और जिसने इसका साथ दिया, उसे फायदा मिला। इस तरह उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि संघ के नेतृत्व में चले राम मंदिर आंदोलन का फायदा भाजपा को चुनावी राजनीति में भी मिला।

    इस तरह उन्होंने साफ कर दिया कि भाजपा के लिए आरएसएस का कितना महत्व है और वह भी उसका मातृ संगठन है। माना जा रहा है कि आरएसएस के कार्यकर्ताओं का उत्साह बनाए रखने के मकसद से उन्होंने ऐसी बात कही है। इसके अलावा भाजपा नेतृत्व के लिए भी यह एक संदेश है कि भले ही दल का विस्तार हो गया है, लेकिन उसका वैचारिक आधार अब भी आरएसएस ही है। बता दें कि आरएसएस और भाजपा के संबंधों को लेकर अकसर सवाल उठते रहे हैं। आरएसएस की ओर से भाजपा में किसी भी फैसले लेने के दावों को खारिज किया जाता रहा है। उसका कहना है कि हम संघ के कार्यकर्ता देते हैं, लेकिन उसके फैसलों में हमारा कोई दखल नहीं रहता।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अलग राजनीतिक पार्टी है भाजपा। उसमें बहुत से स्वयंसेवक हैं, लेकिन वह संघ की पार्टी नहीं है। उसमें स्वयंसेवक हैं और वे अपना काम करते हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोगों के पास कोई और काम करने के लिए समय नहीं होता। उन्होंने कहा कि हमारे यहां माताओं-बहनों से आप बात करेंगे तो वे कहेंगे कि इन्हें घर पर भी ध्यान देने का समय नहीं है। आरएसएस का एक ही काम कि संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट किया जाए। इसके अतिरिक्त हमें कोई और काम नहीं करना है।
    हमारे विचार की बात करने से कुछ लोगों को मिलता है फायदा

    मोहन भागवत ने कहा कि फिर सवाल उठता है कि देश में और भी समस्याएं हैं। उनका क्या होगा। इस पर संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कहा था कि संघ कुछ नहीं करेगा और स्वयंसेवक कुछ नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी अहम कामों में संघ के कार्यकर्ता शामिल हैं, लेकिन वे स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि हमारा काम मनमर्जी से चलता है। इसमें नियंत्रण नहीं चलता है। स्वयंसेवकों के बीच एक सहयोग की भावना है। हमारे पास एक शक्ति है तो राष्ट्र के लिए भी एक विचार है और उसके अनुसार जो लोग बात करते हैं। उन्हें लाभ होता है। लेकिन हमारा काम किसी को लाभ पहुंचाना नहीं है।

  • विजय शाह के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, कर्नल कुरैशी पर टिप्पणी और माफी पर होगी चर्चा

    विजय शाह के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, कर्नल कुरैशी पर टिप्पणी और माफी पर होगी चर्चा

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज, 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार पहले ही अपनी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। अब अदालत के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए या नहीं। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के रुख और संभावित निर्देशों को देखते हुए कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है।

    दिल्ली में मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक

    सुनवाई से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मंत्री विजय शाह को लेकर बने राजनीतिक और कानूनी हालात पर विस्तार से चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके।

    सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे।

    इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया।

    पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है।

    बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।

    बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ वकीलों से भी सलाह ली है, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके। सरकार यह भी विचार कर रही है कि कुछ बिंदुओं पर जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग अदालत से की जाए। इस पहलू पर पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर मंथन हुआ है।

    प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात और माफी का दबाव

    इस पूरे घटनाक्रम से पहले, दो दिन पूर्व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह से एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया।

    इसी क्रम में 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। यह इस पूरे विवाद में उनकी चौथी माफी थी।

    क्या है पूरा विवाद?

    मामले की जड़ 11 मई 2025 की है, जब मंत्री विजय शाह ने महू के रायकुंडा क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इस बयान को सेना, महिलाओं और एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

    पहली और दूसरी माफी:

    विवाद बढ़ने पर मंत्री विजय शाह ने 13 मई 2025 को पहली बार माफी मांगी। उन्होंने कहा, “सोफिया बहन ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।”

    अगले दिन, 14 मई 2025 को लगभग इसी शब्दों में उन्होंने दोबारा माफी दोहराई। हालांकि, इन दोनों माफियों को लेकर यह सवाल उठता रहा कि क्या वे पर्याप्त और बिना शर्त थीं।

    तीसरी माफी: 23 मई 2025 का विस्तृत बयान

    23 मई 2025 को मंत्री विजय शाह ने एक लंबा बयान जारी करते हुए तीसरी बार माफी मांगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से उनका मन विचलित था और उसी मानसिक स्थिति में उनसे भाषाई भूल हुई।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था और वे भारतीय सेना, कर्नल सोफिया कुरैशी तथा देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हैं।

    चौथी माफी: 7 फरवरी 2026, कोर्ट की सुनवाई से पहले

    सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले, 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने चौथी बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकल गए थे, जो उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे।

    उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है, इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है और भविष्य में ऐसी गलती दोहराई नहीं जाएगी।

    सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर

    अब पूरे मामले की दिशा सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई से तय होगी। अदालत यह निर्णय कर सकती है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी या राज्य सरकार की दलीलों और माफियों को देखते हुए कोई अन्य रास्ता अपनाया जाएगा।

     

  • सस्ते बिजली के सपने सच होंगे! अमित शाह देंगे मध्यप्रदेश को 550 करोड़ की मदद

    सस्ते बिजली के सपने सच होंगे! अमित शाह देंगे मध्यप्रदेश को 550 करोड़ की मदद

    भोपाल
    भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है।

    अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।  

    क्या होगा यहां खास
    यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।
     
    छात्रों के लिए नई राह
    आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।
     
    सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।

    शहर को क्या मिलेगा
        ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा
        प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी
        लोकल जॉब्स बढ़ेंगी
        नई इंडस्ट्री निवेश आएगा
        स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे।

    इन 5 कामों पर फोकस
        ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल
        सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन
        बिजली सप्लाई में कम नुकसान
        कार्बन उत्सर्जन में कमी
        विंड एनर्जी को सस्ता बनाना

    52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक
    हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

  • ट्रेड डील की तस्वीर साफ होते ही बाजार में उछाल, सेंसेक्स 84,000 के पार

    ट्रेड डील की तस्वीर साफ होते ही बाजार में उछाल, सेंसेक्स 84,000 के पार

    मुंबई 
    भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत ही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) खुलने के साथ ही लंबी छलांग लगाते हुए 84,000 के पार निकल गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी अपनी ओपनिंग के साथ ही 26,000 के करीब जा पहुंचा. इस बीच SBI, Tata Steel, Titan के साथ ही आईटी सेक्टर की कंपनियों TCS, HCL Tech, Infosys के शेयर भी रफ्तार पकड़ते हुए नजर आए. बाजार में ये जोरदार तेजी भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फ्रेमवर्क (India-US Trade Deal Framework) जारी होने के बाद देखने को मिली है. 

    सेंसेक्स-निफ्टी की तूफानी शुरुआत 
    शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,580.40 की तुलना में रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 84,177 पर ओपन हुआ और अगले ही पल करीब 700 अंकों से ज्यादा की उछाल मारकर 84,314.68 के लेवल पर जा पहुंचा. Sensex के साथ ही एनएसई का निफ्टी भी अपने शुक्रवार के बंद 25,693.70 की तुलना में उछलकर 25,888.70 पर खुला और फिर 25,922 के स्तर तक उछल गया. 

    ये बड़े शेयर खुलते ही भागने लगे 
    भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आई इस तेजी के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे. इनमें आईटी सेक्टर की कंपनियों के स्टॉक्स भी शामिल थे. बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SBI Share (6.20%), Titan Share (2%), Eternal Share (1.50%), Kotak Bank Share (1.46%), Tata Steel Share (1.30%) की शुरुआती तेजी में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लार्जकैप में टीसीएस, रिलायंस, बीईएल, टीसीएस, एचसीएल टेक और इंफोसिस भी ग्रीन जोन में थे. 

    मिडकैप में Godrej Properties Share (4.90%), Bharat Forge Share (2.10%), Policy Bazar Share (2.10%). Bhel Share (1.80%) उछलकर कारोबार करते नजर आए, तो स्मॉलकैप कैटेगरी में Hindustan Copper Share (4.30%), Poonawalla Share (2.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था. 

    विदेशों से मिल रहे थे ग्रीन सिग्नल 
    Indian Stock Market में तेजी के पॉजिटिव सिग्नल पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. जहां अमेरिकी शेयर बाजार बीते शुक्रवार को धुआंधार तेजी के साथ क्लोज हुए थे, तो वहीं सोमवार को Gift Nifty समेत तमाम एशियाई बाजारों में भी तूफानी तेजी देखने को मिली. जापान का निक्केई (Japan Nikkei) करीब 5 फीसदी या 2400 अंकों के आसपास की उछाल के साथ 56,600 के पार ट्रेड कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स (Hang Seng) 390 अंक या 1.50 फीसदी चढ़कर 26,950 पर कारोबार करता दिखाई दिया. साउथ कोरिया के कोस्पी (KOSPI Index) में भी रॉकेट सी तेजी नजर आई और ये इंडेक्स करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 5290 पर पहुंच गया. 

    ट्रेड डील की डिटेल आ गई समझ
    बीते दिनों जब डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर सहमति का बड़ा ऐलान किया था, तो उसके तुरंत बाद शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागे थे और फिर जैसे-जैसे इसे लेकर अपडेट आते गए बाजार उछलता गया. बीते सप्ताह सेंसेक्स 2800 अंक से ज्यादा की बढ़त में रहा था और सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से आठ की मार्केट वैल्यू में कंबाइंड रूप से 4.55 लाख करोड़ का इजाफा हुआ था. 

    अब ट्रेड डील को लेकर फ्रेमवर्क भी जारी किया जा चुका है और शेयर बाजार को भी इस व्यापार समझौते के नफा नुकसान साफ समझ आने लगे हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर देखने को मिल रहा है. बता दें कि डील के तहत कई सामानों पर Zero Tariff, तो कई पर लागू टैरिफ कम करने का प्रस्ताव है, वहीं अमेरिका द्वारा भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ भी 18% किया गया है. 

  • भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन शुरू करेगी पूर्वी भारत मंदिर दर्शन यात्रा, पैकेज डिटेल्स और रूट प्लान जारी

    भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन शुरू करेगी पूर्वी भारत मंदिर दर्शन यात्रा, पैकेज डिटेल्स और रूट प्लान जारी

    नई दिल्ली

    पूर्वी भारत के प्रमुख हिंदू मंदिरों के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) की ओर से संचालित भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को पूर्वी भारत के दिव्य मंदिरों की यात्रा कराई जाएगी। यह 10 दिन की यात्रा श्रद्धालुओं को वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम (ज्योतिर्लिंग) सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाएगी। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को सुविधाजनक ट्रेन यात्रा के साथ पूजा स्थल भ्रमण और स्थानीय अनुभव का अवसर भी मिलेगा।

    IRCTC की साइट से टिकट बुकिंग कर पाएंगे यात्री
    दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन 9 मार्च को रवाना होगी। इस यात्रा में लगभग 150 यात्रियों के जाने की व्यवस्था है। इच्छुक यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट से टिकट बुक कर सकते हैं। इस बार के टूर के माध्यम से यात्रियों को पूर्वी भारत के प्रमुख दिव्य मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे, जिनमें वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम (ज्योतिर्लिंग) शामिल हैं। यात्रा के दौरान न केवल मंदिरों बल्कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर भी भ्रमण कराया जाएगा। IRCTC की यह पहल देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रियों को धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव एक साथ उपलब्ध कराने के लिए की जा रही है।

    18 मार्च को सफदरजंग वापस लौटेगी गाड़ी
    इस 10 दिन की यात्रा में श्रद्धालुओं को वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन का अवसर मिलेगा और साथ ही गंगा आरती का भी अनुभव कराया जाएगा। इसके अलावा, कोलकाता में यात्रियों को विक्टोरिया मेमोरियल, काली घाट और दक्षिणेश्वर काली मंदिर का दर्शन कराया जाएगा। यात्रा का अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा पुरी के जगन्नाथ मंदिर और झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर की यात्रा है। यह धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा 9 मार्च को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और 18 मार्च को वहीं वापस लौटेगी। इस दौरान यात्रियों को उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भी भ्रमण कराए जाने की योजना है, जिससे यह यात्रा धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक अनुभव दोनों के लिए यादगार बनेगी।

    पैकेज में क्या-क्या शामिल
    भारत गौरव डीलक्स टूरिस्ट ट्रेन में एसी की तीनों श्रेणियों के कोच उपलब्ध होंगे। यात्रियों को इस पैकेज में शाकाहारी भोजन और सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त भी मिलेगा। किराया विवरण (प्रति यात्री) फर्स्ट एसी: ₹1,06,940, सेकंड एसी: ₹98,925, थर्ड एसी: ₹79,285 इस पैकेज में यात्रियों के होटल में ठहरने, खाने, एसी गाड़ी, यात्रा बीमा (इंश्योरेंस) का खर्च शामिल है, जिससे श्रद्धालु आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव कर सकें।

  • छोटी सी चिप, बड़ा सपना: अश्विनी वैष्णव की 2nm चिप और भारत की तकदीर का सवाल

    छोटी सी चिप, बड़ा सपना: अश्विनी वैष्णव की 2nm चिप और भारत की तकदीर का सवाल

    नई दिल्ली

    द‍िग्‍गज कंपनी क्‍वॉलकॉम ने अपने भारतीय केंद्रों में 2nm च‍िप के ड‍िजाइन को व‍िकसि‍त क‍िया है। केंद्रीय मंत्री अश्‍व‍िनी वैष्‍णव ने इस कामयाबी को देखा। यह उपलब्‍ध‍ि भारत को सेमीकंडक्‍टर के क्षेत्र में बहुत आगे ले जा सकती है। 2nm बेहद एडवांस्‍ड च‍िप है, ज‍िस एआई से लेकर गैजेट्स तक में इस्‍तेमाल क‍िया जाएगा।

    केंद्रीय मंत्री अश्‍विनी वैष्‍णव की दो उंगलियों के बीच आपको एक छोटी सी चीज दिख रही होगी। यह 2nm (नैनोमीटर) चिप है। इस चिप को बड़ी अमेरिकी कंपनी क्‍वॉलकॉम ने अपने बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद स्थित इंजीनियरिंग केंद्रों में विकसित किया है, जो भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी है। शनिवार को कंपनी ने इस चिप के डिजाइन के सफल टेप-आउट (डिजाइन के अंति‍म चरण) का ऐलान क‍िया। क्‍या 2nm चिप भारत की तकदीर को बदल सकती है? इसका जवाब है हां, क्‍योंकि यह सबसे एडवांस्‍ड चिप है जिसे आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस से लेकर हमारे गैजेट्स तक में इस्‍तेमाल करने की तैयारी है।

    क्‍यों खास है 2nm (नैनोमीटर) चिप?
    2nm (नैनोमीटर) चिप को नेक्‍स्‍ट-जेनरेशन सेमीकंडक्‍टर टेक्‍नोलॉजी कहा जाता है। इसकी ट्रांजिस्‍टर डे‍ंसिटी बहुत अधिक है। इस चिप का बड़े पैमाने पर उत्‍पादन इस साल शुरू होने की उम्‍मीद है। दावा है कि इस चिप का इस्‍तेमाल शुरू होने के बाद किसी भी गैजेट या अन्‍य इस्‍तेमाल वाली चीज में ऊर्जा की खपत 45 फीसदी कम हो जाएगी। दावा है कि यह मौजूदा 3nm और 5nm चिपसेट से बेहतर परफॉर्मेंस देगी। इस चिप को आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस सर्वरों, स्‍मार्टफोन्‍स, IoT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स में इस्‍तेमाल किया जा सकता है। स्‍मार्टफोन्‍स की बात करें तो सबसे पहले यह चिप प्रीमियम स्‍मार्टफोन्‍स में देखने को मिल सकती है। इनमें iphone 18 सीरीज और Google की अपकमिंग पिक्‍सल स्‍मार्टफोन सीरीज का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।

    Samsung S26 सीरीज में भी आ सकती है चिप
    कहा जाता है कि 2nm चिप तकनीक को सैमसंग की अपकमिंग गैलेक्‍सी एस26 सीरीज के स्‍मार्टफोन्‍स में लाया जा सकता है। ऐसी अफवाहें हैं कि Exynos 2600 प्रोसेसर में 2एनएम प्रोसेस का इस्‍तेमाल किया गया है। इसके अलावा, एआई सर्वरों, डेटा सेंटरों और उन एआई ऐप्‍ल‍िकेशंस के लिए भी यह चिप कारगर होने वाली है, जो बहुत ज्‍यादा बिजली इस्‍तेमाल करते हैं।

    क्‍या सिर्फ क्‍वाॅलकॉम ये चिप बना रही या अन्‍य कंपनियां भी?
    2nm (नैनोमीटर) चिप पर काम करने वाली क्‍वॉलकॉम अकेली नहीं है। TSMC (N2 process), सैमसंग, इंटेल, आईबीएम जैसी कंपनियां इसे तैयार कर रही हैं।

    भारत के लिए यह उपलब्‍ध‍ि अहम क्‍यों?
    क्‍वॉलकॉम का बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद स्थित इंजीनियरिंग केंद्रों में 2nm चिप को विकस‍ित करना भारत के लिए बड़ी उपलब्‍ध‍ि है। कंपनी ने खुद कहा है कि अमेरिका के बाहर यह उसका सबसे बड़ा इंजीनियर‍िंग टैलंट पूल है। केंद्रीय मंत्री अश्‍विनी वैष्‍णव के अनुसार, इस तरह की उपलब्‍ध‍ियां यह बताती हैं कि भारत का डिजाइन इकोसिस्‍टम कितना आगे निकल गया है। दुनिया में सेमीकंडक्‍टर को लेकर जो मुकाबला चल रहा है, उसमें हमारी तैयारी भी काफी मजबूत है। खबर में जिस टेप-आउट का जिक्र हमने शुरू में किया था, उसका मतलब होता है चिप डिजाइनिंग की फाइनल स्‍टेज।

    कैसे बदल सकती है भारत की तकदीर?
    भारत मैन्‍युफैक्‍चरिंग का दुनिया में बड़ा हब बनता जा रहा है। इस कामयाबी के बाद वह प्रोडक्‍ट डिजाइनिंग का भी बड़ा केंद्र बनकर उभर सकता है। टेक्‍नोलॉजी के क्षेत्र में सेमीकंडक्‍टर का क्षेत्र आने वाले समय में काफी अहम होने वाला है। अगर भारत सेमीकंडक्‍टर के विकास में आगे निकलता है तो वह अमेरिका और चीन के समकक्ष खड़ा होकर दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकता है। इससे भारतीय टैलंट की साख और मजबूत होगी।

  • यात्रियों को राहत: राजधानी की सड़कों पर उतरीं 500 ई-बसें, दिल्ली–पानीपत बस सेवा शुरू

    यात्रियों को राहत: राजधानी की सड़कों पर उतरीं 500 ई-बसें, दिल्ली–पानीपत बस सेवा शुरू

    नई दिल्ली
    दिल्ली में भाजपा सरकार के एक साल पूरा होने पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने आज रामलीला मैदान से डीटीस की 500 नई ईवी बसों और दिल्ली-पानीपत बस सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह समेत तमाम मंत्री और भाजपा विधायक और अधिकारी मौजूद रहे।

    दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह, लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंच से इन इलेक्ट्रिक बसों और दिल्ली-पानीपत बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    पिछली सरकार सिर्फ बात बनाने वाली सरकार थी : नितिन नबीन
    इस दौरान रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि आज के दिन 8 फरवरी को ही दिल्ली का मैंडेट आया था और दिल्ली की जनता ने कमल खिलाने का काम किया था। आज के दिन आपने दिल्ली की जनता को जो 500 ईवी बसों का तोहफा देने का काम किया है, यह निश्चित रूप से आप बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पिछली सरकार के झूठे वादे से दिल्ली की जनता त्रस्त हो गई थी। पिछली सरकारों ने दिल्ली की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया था। यूं कहें तो पिछली सरकार सिर्फ बात बनाने वाली सरकार थी, लेकिन आज भाजपा की सरकार दिल्ली की जनता के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यहां तेजी से विकास के कार्य कर रही है। इसके लिए मैं दिल्ली की भाजपा सरकार को बहुत बहुत बधाई देता हूं।

    11 सालों तक दिल्ली विकास में पिछड़ी रही : रेखा गुप्ता
    इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "11 सालों तक दिल्ली विकास में पिछड़ी रही। दिल्ली के लोगों की उम्मीदें और सपने खत्म हो गए। दिल्ली ने विकास के सपने देखना बंद कर दिया। दिल्ली के लोग पानी-सीवेज और हेल्थकेयर जैसी बेसिक सुविधाओं के लिए तरसते रह गए। लेकिन 2025 के विधानसभा चुनावों में दिल्ली के लोगों ने उन लोगों को करारा जवाब दिया, जो खुद को दिल्ली का मालिक समझते थे।''

    रेखा गुप्ता ने केजरीवाल को बताया घमंडी
    उन्होंने कहा कि घमंडी केजरीवाल कहता था, "मुझे हराने के लिए तुम्हें दोबारा जन्म लेना पड़ेगा", लेकिन दिल्ली के लोगों ने इसी जन्म में इसी रामलीला मैदान में बीजेपी सरकार बनाकर दिल्ली का माहौल बदल दिया। दिल्ली के लोगों ने दिखा दिया कि अगर वे किसी को प्यार और स्नेह से सत्ता की कुर्सी पर बिठा सकते हैं, तो उसे नीचे गिराना भी जानते हैं।''

    रविवार को भाजपा द्वारा दिल्ली विधानसभा का चुनाव जीतने के एक वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर दिल्ली सरकार द्वारा जल्द ही दिल्लीवासियों को कई और तोहफे देने की योजना है। 20 फरवरी को दिल्ली सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड भी पेश करेगी, जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि हो सकते हैं।

    दिल्ली के लोगों से किए वादों को पूरा करने की अधिक खुशी : पंकज सिंह
    दिल्ली के मंत्री पंकज सिंह ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि आज हमारी सरकार को सत्ता में आए एक साल पूरा हो गया है। इसी दिन मैं विधायक बना था। इससे भी अधिक खुशी की बात यह है कि हम दिल्ली के लोगों से किए गए वादों को पूरा कर रहे हैं। आज हमने दिल्ली के लोगों के लिए 500 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की हैं। हम दिल्ली और पानीपत के बीच कनेक्टिविटी भी बढ़ा रहे हैं। इसलिए, मैं खुश हूं कि हमारा काम दिन-ब-दिन आगे बढ़ रहा है।

    वहीं, दिल्ली से बीजेपी विधायक अनिल गोयल ने भी एएनआई से बातचीत में कहा कि यह जश्न दिल्ली के लिए और दिल्ली के पर्यावरण को ठीक करने के लिए है। दिल्ली की प्रदूषित हवा को ठीक करने के लिए, आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 500 ईवी बसों का उद्घाटन कर रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री पंकज सिंह और हमारी पूरी टीम को धन्यवाद देता हूं।

     

  • आतंक के खिलाफ भारत अडिग: मलेशिया में पीएम मोदी ने कहा– कोई समझौता नहीं होगा

    आतंक के खिलाफ भारत अडिग: मलेशिया में पीएम मोदी ने कहा– कोई समझौता नहीं होगा

    नई दिल्ली
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मलेशिया के उनके समकक्ष अनवर इब्राहिम के बीच व्यापक बातचीत के बाद भारत और मलेशिया ने रविवार को रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर तथा व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई पहलों की शुरुआत की। बैठक के बाद मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया एक 'विशेष संबंध' साझा करते हैं और दोनों पक्ष विभिन्न क्षेत्रों में अपने संबंधों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा, ''आतंकवाद पर हमारा संदेश स्पष्ट है; कोई दोहरा मापदंड नहीं, कोई समझौता नहीं।'

    पीएम मोदी कुआलालंपुर पहुंचे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर इब्राहिम ने उनका स्वागत किया जो द्विपक्षीय संबंधों में एक नई गति का संकेत है। वार्ता से पहले मोदी का आज सुबह पर्दाना पुत्र में औपचारिक स्वागत किया गया। मोदी ने कहा, ''भारत और मलेशिया के बीच एक विशेष संबंध है। हम समुद्री पड़ोसी हैं। सदियों से दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे और स्नेहपूर्ण संबंध रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'आज, भारतीय मूल के लोगों की आबादी के मामले में मलेशिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। हमारी सभ्यताएं, साझा सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्य हमें एक सूत्र में बांधते हैं।'' मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद विरोधी उपायों, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को मजबूत करेंगे।

    उन्होंने यह भी कहा कि हम रक्षा सहयोग को और अधिक व्यापक बनाएंगे। उन्होंने कहा, ''कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ हम सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे।'प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत के दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ''हिंद-प्रशांत क्षेत्र विश्व के विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों का संघ) के साथ मिलकर पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास, शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।

    मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, संपर्क और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करना जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक मोर्चे पर भारत ने शानदार वृद्धि दर्ज की है।

     

  • DK कैंप का दावा- ‘2.5 साल का फॉर्मूला था तय, सिद्धारमैया ने वादा किया था’

    DK कैंप का दावा- ‘2.5 साल का फॉर्मूला था तय, सिद्धारमैया ने वादा किया था’

    बेंगलुरु
    कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच एक बार फिर मुख्यमंत्री पद का मुद्दा सतह पर आ गया है. DK शिवकुमार कैंप के विधायक बसवराज शिवगंगा ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार के बीच 2.5-2.5 साल का पावर-शेयरिंग समझौता हुआ था.

    बसवराज शिवगंगा ने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को लेकर किसी भी बयान को तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए, जब तक वो कांग्रेस हाईकमान की ओर से ना आया हो. उन्होंने यथींद्रा के बयानों को भी हल्के में लेने की बात कही.

    शिवगंगा ने कहा, हाईकमान के अलावा किसी के बयान को गंभीरता से मत लीजिए. कम से कम मेरे बयान को तो गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि मैं एक विधायक हूं और मुख्यमंत्री चुनने में मेरा वोट है. यथींद्रा के पास ऐसा कोई वोट नहीं है. मीडिया को तय करना है कि किसके बयान को तवज्जो देनी है.

    उन्होंने आगे दावा किया कि उन्हें यह संदेश मिला है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच 2.5 साल का फॉर्मूला वास्तव में तय हुआ था. शिवगंगा के मुताबिक, सिद्धारमैया ने इस पावर शेयरिंग व्यवस्था का वादा किया था.

    इस बीच, DK शिवकुमार के समर्थन में एक और विधायक सामने आ गए हैं. मंगलुरु से कांग्रेस विधायक अशोक राय ने खुले मंच से DK शिवकुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है. अशोक राय ने कहा कि DK शिवकुमार छह महीने के भीतर मुख्यमंत्री के रूप में मंगलुरु लौटेंगे.

    मंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान अशोक राय ने DK शिवकुमार के साथ मंच साझा करते हुए कहा, हम छह महीने में इस कांग्रेस भवन का निर्माण पूरा कर लेंगे और जब आप मुख्यमंत्री बनकर आएंगे, तब इसी भवन का उद्घाटन करेंगे.

    अशोक राय का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर पहले से ही अंदरूनी खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं. एक के बाद एक विधायकों के बयान पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही असहमति को सार्वजनिक रूप से उजागर कर रहे हैं.

    हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक किसी भी तरह के पावर शेयरिंग फॉर्मूले या नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. कांग्रेस हाईकमान लगातार यह दोहराता रहा है कि सरकार स्थिर है और मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बदलाव तय नहीं है.

  • PoK को भारत का हिस्सा मानने पर अमेरिका का बयान, शहबाज-मुनीर ने उठाया नक्शे का मुद्दा

    PoK को भारत का हिस्सा मानने पर अमेरिका का बयान, शहबाज-मुनीर ने उठाया नक्शे का मुद्दा

    वाशिंगटन 

    अमेरिका से पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाली खबर आई है. अमेरिका और भारत ने ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी किया है. मगर इससे पाकिस्तान की टेंशन बढ़ गई है. अब सवाल है कि आखिर अमेरिका ने ऐसा क्या किया कि शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की नींद उड़ जाएगी. दरअसल, अमेरिका ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके को भारत का हिस्सा माना है. वैसे भी पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके भारत का हिस्सा है. भारत शुरू से यह मानता है कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है, जिस पर पाकिस्तान ने कब्जा जमा रखा है. अब भारत की इस बात पर अमेरिका ने भी मुहर लगा दी है. अमेरिका ने जो नक्शा जारी किया है, वह साफ-साफ बता रहा है कि पाकिस्तान का कब्जा अवैध है और पीओके भारत का ही हिस्सा है.

    जी हां, अमेरिका ने एक ऐसा नक्शा जारी किया है जिसने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है. अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय यानी यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रजेंटेटिव ने भारत-अमेरिका के नए अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट की जानकारी देते हुए जो नक्शा इस्तेमाल किया है, उसे देखकर शहबाज और मुनीर की छाती फट जाएगी. अमेरिका की ओर से जारी नक्शे में पूरा कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया है. इस नक्शे के मुताबिक, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी भारत में शामिल है. इस नक्शे में न कोई लाइन ऑफ कंट्रोल है और नकोई विवादित क्षेत्र. साफ-साफ सब कुछ भारत का दिखाया गया है.

    क्या हुआ नक्शे में
    दरअसल, यूएसटीआर यानी यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रजेंटेटिव (USTR) ने भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर अंतरिम फ्रेमवर्क से जुड़ा एक पोस्ट किया. इस पोस्ट में अमेरिकी उत्पादों (ट्री नट्स, ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन, रेड सोरघम, फल आदि) के लिए भारत में नए बाजार खुलने की बात थी. अमेरिका ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘ट्री नट्स और सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन से लेकर लाल ज्वार और ताज़े और प्रोसेस्ड फलों तक, अमेरिका-भारत एग्रीमेंट अमेरिकी प्रोडक्ट्स के लिए नए मार्केट एक्सेस देगा.’ मगर इस पोस्ट के साथ जारी नक्शे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
    अमेरिका ने यही नक्शा जारी किया है, जिसमें पीओके को भारत का हिस्सा माना गया है.

    अमेरिका का बड़ा संकेत
    अमेरिका की ओर से जारी यह नक्शा सिर्फ एक तस्वीर नहीं है.यह अमेरिका की सोच का बड़ा संकेत है. भारत हमेशा कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा इलाका भारत का अभिन्न अंग है. इसमें PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान भी हैं. अब अमेरिका के आधिकारिक अकाउंट से ऐसा नक्शा आने का मतलब है कि वाशिंगटन भारत की इस बात को मान रहा है. इसका यह भी संकेत है कि अमेरिका अब पीओके के मसले पर न्यूट्रल नहीं है. यह बात हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील के साथ आई है. दोनों देशों ने टैरिफ कम करने और ट्रेड डील पर फ्रेमवर्क जारी किया है.

    पाक को झटका
    अमेरिका का यह कदम पाकिस्तान के लिए यह बड़ा झटका है. पाकिस्तान दशकों से पीओके पर अवैध कब्जा जमा रखा है. भारत ने यह प्रण कर रखा है कि पीओके को वापस लेकर रहेगा. इस दिशा में भारत के लिए यह अच्छी खबर है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को इस नक्शे को आंख खोलकर देखना चाहिए. उनका सबसे पुराना दोस्त अमेरिका अब भारत के साथ खड़ा दिख रहा है. जिनके घर जाकर मुनीर बिरयानी खाते हैं, उन्होंने कैसे भारत का लोहा माना है.