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  • नव वर्ष के अवसर पर राम मंदिर में भव्य कार्यक्रम, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी श्रमिकों का सम्मान

    नव वर्ष के अवसर पर राम मंदिर में भव्य कार्यक्रम, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी श्रमिकों का सम्मान

    अयोध्या

    भगवान श्रीराम की नगरी में नव संवत्सर (नव वर्ष) पर ऐतिहासिक आयोजन होने वाला है. समारोह को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हई हैं. राम मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले इस विशेष समारोह की मुख्य अतिथि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु होंगी. वे मंदिर में अनुष्ठान के बाद श्रमिक और कर्मचारियों को सम्मानित भी करेंगी. बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति राम मंदिर परिसर में लगभग चार घंटे तक रहेंगी. वे मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र और श्रीराम नाम मंदिर की स्थापना भी करेंगी. विशेष बात ये है कि मंदिर समिति ने पहली बार किसी बड़े कार्यक्रम के दौरान दर्शन सुचारु रखने की योजना बनाई है.

    जानकारी के मुताबिक 19 मार्च को सुबह 9 बजे से अनुष्ठानों की शुरुआत होगी. दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के 51 वैदिक आचार्य अनुष्ठानों को संपन्न कराएंगे. काशी के आचार्य पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री के नेतृत्व में समस्त अनुष्ठान होंगे. कार्यक्रम की व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही अतिथियों के स्वागत, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और आवागमन की सुचारु व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

    ट्रस्ट के मुताबिक श्रीराम यंत्र की स्थापना के साथ मंदिर के दूसरे तल की धार्मिक गतिविधियों को नई आध्यात्मिक ऊर्जा मिलेगी. यह यंत्र श्रीराम की शक्ति, मर्यादा और राष्ट्र चेतना का प्रतीक माना जाता है. राष्ट्रपति की उपस्थिति से यह आयोजन राष्ट्रीय महत्व का स्वरूप ग्रहण करेगा. हिंदू नववर्ष के शुभारंभ अवसर पर 19 मार्च को प्रस्तावित नव संवत्सर समारोह की तैयारियों को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बैठक भी की थी. जिसमें आयोजन की रूपरेखा, अतिथियों की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई थी.

  • 2.60 करोड़ का बजट पेश, महिलाओं और SC महिलाओं के लिए नकद सहायता की घोषणा

    2.60 करोड़ का बजट पेश, महिलाओं और SC महिलाओं के लिए नकद सहायता की घोषणा

    चंडीगढ़
    पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया है। सूबे के लोगों को इस बजट से खासी उम्मीदें हैं। मान सरकार ने पंजाब की महिलाओं के लिए हर माह 1000 रुपये की योजना शुरू की है। वित्त मंत्री ने इसका एलान किया है।
     
    महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री मावां- धीयां सत्कार योजना
    वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री मावां- धीयां सत्कार योजना के कार्यान्वयन की घोषणा की गई है। योजना के तहत भगवंत मान सरकार सभी वयस्क महिलाओं के बैंक खाते में सीधे 1,000 रुपये प्रति माह हस्तांतरित करेगी। इसके अलावा, अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं के खाते में सीधे 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला इस योजना के तहत पंजीकरण के लिए पात्र होगी। मौजूदा या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, मौजूदा और पूर्व सांसद/विधायक और आयकर दाता इस योजना में शामिल नहीं होंगी। यहां तक कि मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, जैसे वृद्धावस्था पेंशन या विधवा/निराश्रित महिला पेंशन या विकलांगता पेंशन योजना के तहत पंजीकृत महिलाएं भी इस योजना के तहत पात्र होंगी। कुल मिलाकर, पंजाब की लगभग 97% वयस्क महिलाएं इस योजना के तहत पात्र होंगी। इसके लिए 9300 करोड़ बजट का प्रावधान किया गया है।

    1,279 नई बसें चलाई जाएंगी
    महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना के अलावा, हमारी सरकार राज्य में मार्वजनिक परिवहन की पहुंच को और बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, विशेष रूप से अविकसित क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर। वर्तमान में 2,267 बसें परिचालन में हैं और सरकार खरीद और पट्टे के सुमेल के माध्यम से मौजूदा बेड़े में 1,279 नई बसें जोड़ेगी। कुछ नई बसें पहले से ही चालू हैं और शेष नवंबर 2026 तक चालू हो जाएंगी। महिलाओं के मुफ्त बस सफर योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    लोगों की एक लंबे समय से मांग रही है कि नए राशन कार्डों के लिए पंजीकरण खोला जाए ताकि इस राज्य में, जो पूरे देश का पेट भरता है, पंजाब का कोई भी गरीब परिवार कभी भी अपनी थाली में पर्याप्त भोजन की चिंता न करे। हम आगामी वर्ष में 10 लाख नए लाभार्थियों के लिए खाद्य सुरक्षा के द्वार खोलेंगे, उनका स्वागत करेंगे जो लंबे समय से अपने अधिकारपूर्ण समावेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह समानता की विजय है, यह सुनिश्चित करना कि हमारे राज्य की प्रगति के लाभहमारे बीच के जरूरतमंद लोगों तक भी पहुंचे। राज्य के लगभग 7,500 निवासियों को उचित मूल्य की दुकानें / राशन डिपो चलाने के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे, जिससे राज्य में स्मार्ट कार्ड राशन योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को गेहूं के तेजी से वितरण में भी मदद मिलेगी।

    भूजल संरक्षण के लिए 2,971 करोड़ रुपये का बजट
    सरकार ने सतही जल के उपयोग को बढ़ाने और भूजल संरक्षण के दोहरे उद्देश्य से नहरी सिंचाई के अंतर्गत सिंचित क्षेत्र (कमांड एरिया) का और विस्तार करने की योजना बनाई है। सिंचाई क्षेत्र को लगभग पाँच लाख हेक्टेयर तक बहाल करने की उम्मीद के साथ, पाइपलाइनों और ईंट-निर्मित जलमागों के निर्माण के माध्यम से अंतिम-छोर कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस क्षेत्र के लिए 2,971 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है।

    सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
    गृह मामले, न्याय और जेल विभाग के लिए 11.577 करोड़ रुपये का बजट अनुमान प्रस्तावित किया गया है, जो संस्थागत क्षमता, तकनीकी क्षमता और परिचालन तत्परता को मजबूत करने की  निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निरंतर सतर्कता की आवश्यकता है। सीमावर्ती जिलों में 636 मामरिक स्थानों पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाकर रक्षा की दूसरी पंक्ति स्थापित करना, प्रौद्योगिकी-समर्थित निगरानी की दिशा में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाता है। 1,719 कैमरे पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और संबंधित पुलिस स्टेशनों में नियंत्रण कक्ष चालू हो गए हैं, जिससे 24 घंटे निगरानी ने मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के प्रयासों को काफी मजबूत किया है।

    सरकार न केवल राज्य भर में सड़क और पुल बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए, बल्कि मौजूदा परिसंपत्तियों के व्यवस्थित रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए भी दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए, सड़कों, पुलों और सार्वजनिक भवनों के निर्माण, उन्नयन और रखरखाव के लिए आवंटन को वित्तीय वर्ष 2025-26 (बजट अनुमान) की तुलना में दोगुना करके 5,440 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

    तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए 312 करोड़ रुपये का प्रावधान
    मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की है, ताकि दो सर्किटों में बंटे- श्री अमृतसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब के प्रमुख धार्मिक स्थलों की मुफ्त और पूर्ण रूप से सहायता प्राप्त तीर्थयात्रा प्रदान की जा सके। वित्तीय वर्ष 2026-27 में, लगभग 7.15 लाख नागरिकों की तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए 312 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

    खेलों के लिए 1,791 करोड़ रुपये के बजट
    प्रत्येक पूर्ण हो चुके गांव के खेल मैदान में, हमारी सरकार स्थानीय युवा क्लब को एक खेल किट प्रदान करेगी जिसमें क्रिकेट, वॉलीबॉल और फुटबॉल के उपकरण शामिल होंगे। ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के अलावा, पहाड़ी क्षेत्रों में एडवेंचर स्पोर्ट्स शिविर पीपीपी मोड पर विकसित किए जाएंगे, जिससे पेशेवर और टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए संरचित अवसरों का विस्तार होगा। इस व्यापक दृष्टिकोण और हस्तक्षेप के पैमाने को दर्शाते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,791 करोड़ रुपये के बजट आवंटन का प्रस्ताव है।
     
    युद्ध नशे विरुद्ध एंड एंटी गैंगस्टर टेस्ट फोर्स के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन
    वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रवेश परीक्षाओं और एसएराबी तैयारी के लिए समर्पित विंग के साथ प्रशिक्षण शुरू कर देगा, जिससे रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए पंजाब के युवाओं के लिए संरचित मार्गों का और विस्तार होगा। विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाने के लिए, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 287 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है। पिछले बजट में घोषणा के अनुसार, राज्य ने नशा और सामाजिक-आर्थिक जनगणना पहल पर निर्णायक रूप से आगे बढ़त हासिल की है। चालू वर्ष के दौरान, आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिसमें सटीकता, पारदर्शिता और डेटा अखंडता सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का विकास और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं का व्यापक प्रशिक्षण शामिल है। इस तैयारी के आधार पर, जनगणना अप्रैल-2026 से शुरू की जाएगी, जिससे सरकार विश्वसनीय, साक्ष्य-आधारित आंकड़े तैयार कर सकेगी, जो लक्षित कल्याणकारी हस्तक्षेपों का मार्गदर्शन करेंगे।

    उद्योगों को सब्सिडी वाली बिजली के लिए 500 करोड़ रुपये
    पंजाब की औद्योगिक गति को सुदृढ़ करने के लिए, वित्त वर्ष 2026-27 में उद्योग एवं वाणिज्य क्षेत्र के लिए 2,805 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें उद्योगों को सब्सिडी वाली बिजली के लिए निरंतर सहायता और विभिन्न उद्योगों के लिए निवेश एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये की वित्तीय प्रोत्साहन राशि शामिल है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रवेश परीक्षाओं और एसएराबी तैयारी के लिए समर्पित विंग के साथ प्रशिक्षण शुरू कर देगा, जिससे रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए पंजाब के युवाओं के लिए संरचित मार्गों का और विस्तार होगा। विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाने के लिए, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 287 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है।

    नगर विकास कोष में अनुदान को 1,000 करोड़ रुपये किया
    रंगला पंजाब विकास योजना से दोगुना करके 1170 करोड़ रुपये किया जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर विकास को गति दी जा सके। पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, राज्य के कोष से कार्यान्वयन एजेंसी तक धनराशि की रीयल टाईम ट्रैकिंग के लिए एक समर्पित डिजिटल पोर्टल चालू किया गया है, जिसमें कार्यों की जियो-टैग की गई निगरानी और फोटोग्राफिक दस्तावेजीकरण शामिल है। वित्त वर्ष 2025-26 में नगर विकास कोष (एमडीएफ) के तहत 225 करोड़ रुपये के आवंटन की तुलना में, वित्त वर्ष 2026-27 में इस अनुदान को चार गुना बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये किया जा रहा है। एमडीएफ सभी शहरी स्थानीय निकायों के लिए आवश्यक नागरिक अवसंरचना जैसे सड़कें, स्ट्रीट लाइटिंग, जल आपूर्ति, सीवरेज, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता, सार्वजनिक उपयोगिताएँ, सार्वजनिक सुरक्षा प्रणाली और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ अवसंरचना के निर्माण शामिल हैं।

    4,150 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का प्रस्ताव
    वित्त वर्ष 2026-27 में, पनकम्पा (PUNCAMPA) योजना के तहत 4,150 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का प्रस्ताव है। साथ ही स्वीकृत योजनाओं के तहत वनरोपण और वन्यजीव संरक्षण पहल की जाएगी, जिसके लिए 238 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य 760 करोड़ रुपये की जेआईसीए-समर्थित परियोजना शुरू कर रहा है, जिसे अगले आठ वर्षों में लागू किया जाना है। इस परियोजना का उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से वनों के बाहर वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु लचीलापन को बढ़ावा देना है, जिससे पंजाब की दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता मजबूत होगी।

     

     

  • टीम इंडिया तीसरी बार खिताब के लिए उतरेगी, NZ की ‘तिकड़ी’ से होगी कड़ी प्रतिस्पर्धा

    टीम इंडिया तीसरी बार खिताब के लिए उतरेगी, NZ की ‘तिकड़ी’ से होगी कड़ी प्रतिस्पर्धा

    अहमदाबाद

    आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मैच रविवार को टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. ये महामुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा. सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई है, जबकि न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को हराकर फाइनल के लिए क्वालिफाई किया है। 

    अहमदाबाद में टूटा था भारतीय फैन्स का दिल

    19 नवंबर 2023 को इसी मैदान पर खेले गए वनडे वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर करोड़ों भारतीय फैंस का दिल तोड़ दिया था. उस दिन कप्तान रोहित शर्मा सहित पूरी भारतीय टीम बेहद निराश थी और करीब 93 हजार दर्शकों से भरा स्टेडियम भी खामोश हो गया था. हालांकि भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतकर उस दर्द को कुछ हद तक कम किया था। 

    इतिहास रचने का मौका

    अब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया के पास इतिहास रचने का मौका है. अगर भारत यह फाइनल जीतता है तो वह टी20 वर्ल्ड कप खिताब को सफलतापूर्वक डिफेंड करने वाली पहली टीम बन जाएगी. साथ ही भारत तीसरी बार यह ट्रॉफी जीत सकता है. बता दें कि भारत ने 2007 और 2024 का टी20 वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया था। 

    न्यूजीलैंड को हल्के में नहीं ले सकता भारत

    न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुएदक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई है. कीवी टीम के पास फिन एलन,ग्लेन फिलिप्स और कप्तान सैंटनर जैसे खिलाड़ी हैं, जो किसी भी दिन मैच का रुख बदल सकते हैं। 

    बुमराह होंगे सबसे बड़ा हथियार

    भारत के लिए इस मैच में सबसे बड़ा हथियार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हो सकते हैं. उनकी चार ओवर की गेंदबाजी फाइनल का रुख तय कर सकती है. सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भी बुमराह ने शानदार गेंदबाजी की थी और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। 

    अभिषेक शर्मा की फॉर्म चिंता

    टूर्नामेंट शुरू होने से पहले अभिषेक शर्मा शानदार फॉर्म में थे, लेकिन वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है. अगर उन्हें फाइनल में मौका मिलता है तो न्यूजीलैंड के ऑफ स्पिनर कोल मैककॉन्ची उनके खिलाफ जल्दी गेंदबाजी कर सकते हैं। 

    स्पिन विभाग में बदलाव संभव

    भारत के स्पिनरवरुण चक्रवर्ती भी हाल के मैचों में प्रभावी नहीं दिखे हैं. उनकी मिस्ट्री स्पिन अब बल्लेबाजों को ज्यादा परेशान नहीं कर पा रही है. ऐसे में संभावना है कि भारत फाइनल में उनकी जगह कुलदीप यादव को मौका दे सकता है। 

    भारतीय टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर.

    न्यूजीलैंड की टीम: मिचेल सेंटनर (कप्तान), फिन एलन, टिम सिफर्ट, रचिन रविंद्र, मार्क चैपमैन, ग्लेन फिलिप्स, डैरिल मिचेल, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, कोल मैककॉन्ची, काइल जैमीसन, जैकब डफी, डेवोन कॉनवे, जिमी नीशम, ईश सोढ़ी.

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का करीला धाम मेले में आगमन, विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का करीला धाम मेले में आगमन, विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव अशोकनगर के करीला धाम मेले में होंगे शामिल

    विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-शिलान्यास

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को अशोकनगर जिले की बहादुरपुर तहसील के ग्राम करीला में रंगपंचमी पर आयोजित होने वाले मेले में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर माता जानकी के दर्शन कर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन और विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे।

    करीला धाम श्रृद्धालुओं की आस्था का केन्द्र

    अशोकनगर जिले की बहादुरपुर तहसील की ग्राम पंचायत जसैया के ग्राम करीला में प्रतिवर्ष रंगपंचमी पर विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह मेला 7 मार्च से 9 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। माँ जानकी करील के ऐसे घने जंगल में ऋषि बाल्मीकी के आश्रम में लवकुश के साथ रहीं, इसलिए इसे करीला कहा गया। मेले में लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गये हैं।

    माँ जानकी के दर्शन कर लाखों श्रद्धालुओं लेते हैं आर्शीवाद

    रंगपंचमी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का करीला धाम आना प्रारंभ हो जाता है। रंगपंचमी के दिन व रात में लाखों श्रद्धालु माँ जानकी के मंदिर में शीश नवाते हैं तथा दर्शन लाभ लेकर आर्शीर्वाद प्राप्त करते हैं। मन्नतें पूरी होने पर हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर राई नृत्य करवाते हैं। करीला के मुख्य मंदिर में माँ जानकी के साथ महर्षि वाल्मिीकि व लव-कुश की प्राचीन प्रतिमाएँ स्थापित हैं। रंगपंचमी पर विशेष रूप से वाल्मीकि गुफा के कपाट खोले जाते हैं।

    माँ जानकी दरबार की भभूति से फसलों के होते है रोग दूर

    माँ जानकी माता के दरबार पर जो श्रद्धालु आते हैं, वे दर्शन लाभ लेकर माँ जानकी दरबार की भभूति अपने साथ ले जाते हैं। इस भभूति को फसल के समय खेतों में फसलों पर छिड़का जाता है। यदि फसल में इल्ली लग जाती है तो भक्तजन माँ के दरबार की भभूति खेतों में डालते हैं। लोगों की मान्यता है कि इस भभूति से फसलों में लगे रोग एवं इल्ली दूर हो जाती है।

    राई नृत्य की रहती है धूम, नृत्यांगनाओं द्वारा किया जाता राई एवं बधाई नृत्य

    करीला धाम में मान्यता है कि जिसके सन्तान न हो वह यहां आकर मन्नतें मांगे तो उसकी मुराद माँ जानकी पूरी करती हैं। श्रृद्धालु माँ जानकी के दरबार में श्रृद्धा की प्रसादी अर्पित कर मन्नतें मांगते हैं। मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु यहां आकर अपनी श्रृद्धानुसार राई नृत्य करवाते हैं। क्षेत्र में यह लोकोक्ति प्रचलित है कि लव व कुश के जन्म के बाद माँ जानकी के अनुरोध पर महर्षि वाल्मिीकि ने उनका जन्मोत्सव बडी धूम-धाम से मनाया था, जिसमें स्वर्ग से उतरकर अप्सराएँ आई थी तथा उन्होंने यहां नृत्य किया था। वही जन्मोत्सव आज भी रंगपंचमी के अवसर पर यहां मनाया जाता है। उसी उत्सव में हर वर्ष सैकडों नृत्यांगनाएँ यहां राई नृत्य प्रस्तुत करती हैं। नृत्यांगनाएँ ओढ़नी से घूंघट डाले नगाड़ों की गूंज एवं मृदंग की थाप पर लम्बे घेर वाले लहंगे एवं पैरों में घुंघरू की खनखनाती आवाज पर मनमोहक अदाओं के साथ रातभर नृत्य करती हैं। ऐसा लगता है मानो अप्सराएँ जमीन पर उतरकर जन्मोत्सव की खुशी मना रही हों। भोर होने पर नृत्यांगनाओं द्वारा प्रस्तुत बधाई नृत्य के साथ मेले का समापन होता है।

     

  • इतिहास बदलने की चुनौती: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का महा मुकाबला आज

    इतिहास बदलने की चुनौती: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का महा मुकाबला आज

    अहमदाबाद
    India vs. New Zealand: क्रिकेट की दुनिया का सबसे बड़ा मंच सज चुका है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार, 8 मार्च को मेजबान भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। सेमीफाइनल में इंग्लैंड को धूल चटाने के बाद सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम आत्मविश्वास से लबरेज है। वहीं, दूसरी ओर मिचेल सैंटनर की कप्तानी में न्यूजीलैंड की टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। यह मुकाबला न केवल दो देशों के बीच की जंग है, बल्कि भारत के लिए अपने खिताब की रक्षा करने और न्यूजीलैंड के लिए इतिहास बदलने का सुनहरा मौका है।

    अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम (India vs. New Zealand Final) इस ऐतिहासिक मैच का गवाह बनेगा। 1 लाख 32 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस मैदान पर 'मेन इन ब्लू' को घरेलू दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिलने की उम्मीद है। स्टेडियम की आधुनिक लाइट व्यवस्था और पिच की स्थिति मैच के परिणाम में बड़ी भूमिका निभा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यहाँ की पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को समान अवसर प्रदान करती है, जिससे प्रशंसकों को एक हाई-स्कोरिंग और रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    भारतीय टीम की बल्लेबाजी की कमान संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के हाथों में है, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म दिखाया है। गेंदबाजी में जसप्रीत बमराह की सटीक यॉर्कर और वरुण चक्रवर्ती की फिरकी विरोधियों के लिए पहेली बनी हुई है। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम अपने अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण और फिन एलेन जैसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों के दम पर भारत को चुनौती देने के लिए तैयार है। कीवी टीम का रिकॉर्ड आईसीसी नॉकआउट मुकाबलों में भारत के खिलाफ काफी बेहतर रहा है, जो भारतीय खेमे के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

    मैच का समय, लाइव प्रसारण (Match Schedule)

    नीचे दिए गए विवरण के अनुसार आप इस महामुकाबले का आनंद ले सकते हैं:
    विवरण (DETAILS)    जानकारी (INFORMATION)
    मैच (Fixture)    भारत बनाम न्यूजीलैंड (Final)
    तारीख (Date)    8 मार्च, 2026 (रविवार)
    समय (Time)    शाम 7:00 बजे IST (टॉस 6:30 बजे)
    स्थान (Venue)    नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद
    टीवी टेलीकास्ट (TV)    स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क (Star Sports Network)
    लाइव स्ट्रीमिंग (Digital)    जियो-हॉटस्टार (JioHotstar App & Web)

    भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह दिन किसी त्योहार से कम नहीं है। यदि भारत यह मैच जीतता है, तो वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में तीन बार खिताब जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। मैच से पहले एक भव्य क्लोजिंग सेरेमनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय और बॉलीवुड कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। क्रिकेट की इस महाजंग में कौन बाजी मारेगा, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन रोमांच की कोई कमी नहीं रहने वाली है।

    संभाबित टीमें
    भारत (IND) :
    संजू सैमसन (WK) , सूर्यकुमार यादव (C) , अभिषेक शर्मा  , ईशान किशन, तिलक वर्मा , हार्दिक पांड्या , शिवम दुबे , अक्षर पटेल , अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती , जसप्रीत बुमराह, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव  

    न्यूजीलैंड (NZ) : टिम सिफर्ट (WK), मिचेल सैंटनर (C), फिन एलेन,  रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डेरिल मिचेल, जेम्स नीशम, कोल मैककॉन्ची, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, डेवोन कॉनवे, काइल जैमीसन,  ईश सोढ़ी, जैकब डफी

  • तेलंगाना में बस्तर के 125 नक्सलियों ने छोड़े हथियार, IG ने बताया माओवादी हिंसा क्यों छोड़ रहे हैं

    तेलंगाना में बस्तर के 125 नक्सलियों ने छोड़े हथियार, IG ने बताया माओवादी हिंसा क्यों छोड़ रहे हैं

    जगदलपुर
    नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को तेलंगाना में 130 माओवादियों ने हथियारों के साथ सरेंडर कर दिया है। सरेंडर करने वाले ज्यादातर नक्सली छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। तेलंगाना के डीजीपी के सामने आत्मसमर्पण करने वाले 130 माओवादियों में से 125 छत्तीसगढ़ के, 4 तेलंगाना के और एक आंध्र प्रदेश का रहने वाला है।

    तेलंगाना में सरेंडर करने वाले नक्सली सीपीआई (माओवादी), दंडकारण्य विशेष जोनल कमेटी और तेलंगाना राज्य कमेटी क्षेत्र के मेंबर हैं। इनमें से ज्यादातर नक्सली बस्तर इलाके में एक्टिव थे।

    हथियार भी सुरक्षाबलों को सौंपे
    हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में लौटे इन कैडरों ने 124 हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी सुरक्षा बलों के सामने जमा कराया, जो माओवादी संगठन को लगे बड़े झटके को दर्शाता है। अधिकारियों ने कहा कि यह घटनाक्रम पिछले कई महीनों से छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड तथा अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों में संचालित लगातार और समन्वित सुरक्षा अभियानों का परिणाम है।

    अभियान के कारण पड़ा असर
    बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा-लगातार चलाए जा रहे अभियान, सुरक्षा तंत्र के विस्तार, फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस की स्थापना से माओवादी कैडरों की आवाजाही पर प्रभाव पड़ा है। बस्तर क्षेत्र और उससे सटे वन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे सतत और केंद्रित अभियानों ने माओवादी गढ़ों को धीरे-धीरे ध्वस्त किया है तथा उनके संगठनात्मक नेटवर्क को बाधित किया है, जिससे कैडरों पर हिंसा का मार्ग छोड़ने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

    सरेंडर के बाद मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy ने कहा कि Mahatma Gandhi के देश में हिंसक और सशस्त्र आंदोलन किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि जो लोग मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए सरकार पुनर्वास और बेहतर जीवन की व्यवस्था कर रही है.

    केंद्र सरकार ने देश से नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 तक की समय सीमा तय की है. जैसे-जैसे यह तारीख करीब आ रही है, वैसे-वैसे नक्सलियों के सरेंडर की घटनाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं. हाल ही में नक्सल संगठन के टॉप नेताओं में शामिल देवजी के आत्मसमर्पण की खबर भी सामने आई थी. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अब संगठन के गिने-चुने नेता ही बचे हैं, जो लगातार दबाव के चलते इधर-उधर छिपते फिर रहे हैं.

    जीवन में बदलाव से आया परिवर्तन
    उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार ने सुरक्षा प्रयासों के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं को लागू कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, आजीविका के अवसरों तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर दिए गए विशेष ध्यान के कारण पहले से अलग-थलग पड़े गांवों तक धीरे-धीरे शासन की पहुंच बढ़ी है। इन प्रयासों ने स्थानीय समुदायों का लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत किया है तथा जनसामान्य के बीच माओवादी प्रचार के प्रभाव को कम किया है।

    देवजी की टीम के माओवादी भी शामिल
    इन 130 माओवादी कैडर्स में नक्सल संगठन के कई अहम सदस्य भी शामिल हैं। हाल ही में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी संगठन के चीफ देवजी की PLGA कमांडर टीम के सदस्य भी इस सरेंडर में शामिल हैं।

    ICCC सेंटर में हुआ कार्यक्रम
    माओवादियों ने यह आत्मसमर्पण 7 मार्च को हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित ICCC सेंटर में किया। कार्यक्रम में तेलंगाना सरकार के सीनियर अधिकारी और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी भी मौजूद रहे।

    सुरक्षाबलों के दबाव के कारण सरेंडर जारी
    सुरक्षाबलों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण माओवादी कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। बड़ी संख्या में हुए इस सामूहिक आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियां माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका मान रही हैं।

    सरकार ने कहा है कि जो भी उग्रवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास और नई शुरुआत के सभी रास्ते खुले हैं।

    क्या कहा बस्तर रेंज के आईजी ने
    बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि नक्सलियों का सरेंडर दूरस्थ क्षेत्रों में शासन की बढ़ती पहुंच तथा सुरक्षा बलों के लगातार चलाए जा रहे अभियानों के प्रयास को दिखाता है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों से माओवादी संगठनात्मक ढांचा काफी कमजोर हुआ है। उनके संचालन क्षेत्र में उल्लेखनीय कमी आई है। जैसे-जैसे विकास और कल्याणकारी योजनाएं आंतरिक गांवों तक पहुँचती जाएंगी, वैसे-वैसे क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास का मार्ग और सुदृढ़ होगा।

     

  • राम नाम मंदिर स्थापना समारोह: 19 मार्च को राष्ट्रपति करेंगी शुरुआत, हजारों मेहमान होंगे मौजूद

    राम नाम मंदिर स्थापना समारोह: 19 मार्च को राष्ट्रपति करेंगी शुरुआत, हजारों मेहमान होंगे मौजूद

    अयोध्या

    रामनगरी में नव संवत्सर – समारोह को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। राम मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के लिए करीब पांच हजार विशिष्ट मेहमानों की सूची तैयार कर ली गई है। समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी। वह राम मंदिर परिसर में लगभग चार घंटे तक रहेंगी। साथ ही राम मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र व श्रीराम नाम मंदिर स्थापना भी करेंगी। पहली बार किसी बड़े कार्यक्रम में दर्शन सुचारु रखने की योजना भी बनी है।

    19 मार्च को सुबह नौ बजे से अनुष्ठानों का शुभारंभ हो जाएगा। दक्षिण भारत, काशी व अयोध्या के 51 वैदिक आचार्य अनुष्ठानों को संपन्न कराएंगे। काशी के आचार्य पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री के नेतृत्व में समस्त अनुष्ठान होंगे। समारोह में केरल की आध्यात्मिक गुरु मां अमृता मरी, कर्नाटक के धर्माधिकारी पद्मभूषण वीरेंद्र हेगड़े और सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी शामिल होंगे। मां अमृता के साथ 100 से अधिक अनुयायी भी अयोध्या आ रहे हैं, उनके ठहरने के लिए कमरे बुक कराए जा रहे हैं। मेहमानों में उत्तराखंड के भी कारसेवक शामिल हैं। इसके अलावा अयोध्या जिले से करीब एक हजार लोगों को मेहमान के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।

    कार्यक्रम की व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही अतिथियों के स्वागत, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और आवागमन की सुचारु व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समारोह की तैयारी की समीक्षा करने के लिए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा भी अयोध्या पहुंचे हैं और वह ट्रस्ट के पदाधिकारी और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।

    वहीं, राम मंदिर में लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को पंजाब से 1500 श्रद्धालुओं का जत्था विशेष ट्रेन से अयोध्या पहुंचा।. सभी ने रामलला के दर्शन किए और राम मंदिर की व्यवस्था को सराहा। साथ ही अयोध्या के विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी की सराहना भी की।

  • MP के इस जिले में BJP का संगठन विस्तार, नई मंडल कार्यकारिणी में 25 पदाधिकारी नियुक्त

    MP के इस जिले में BJP का संगठन विस्तार, नई मंडल कार्यकारिणी में 25 पदाधिकारी नियुक्त

    सुसनेर

    भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से सुसनेर मंडल की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। मंडल अध्यक्ष डॉ. सौरभ जैन ने 25 पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपते हुए संगठन को और सक्रिय बनाने का संदेश दिया है।

    घोषित कार्यकारिणी में कल्याण सिंह, अभय जैन, पीरू सिंह सारखा, जसवंत सिंह पालड़ा, मानसिंह गुराड़ी और कमल भावसार को मंडल उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं लखन सेन और बनास कुंवर कालूसिंह चौहान को मंडल महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मंडल मंत्री के रूप में गोपाल सिंह, जितेंद्र सिंह राजपूत, हेमराज जाट, कमलसिंह सेमली, सिद्धू सिंह पटपड़ा और दुर्गाबाई विक्रम चौहान को शामिल किया गया है। दिनेश कानुडिया को कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि ईश्वर सिंह पटेल और गोपाल पाटीदार को सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

    संगठन के संचालन के लिए अनिल जैन को कार्यालय मंत्री बनाया गया है। उनके सहयोग के लिए नारायण सिंह कलारिया और मनोज सुमन को सह कार्यालय मंत्री नियुक्त किया गया है।

    मीडिया और आईटी से जुड़े दायित्वों में दीपक जैन को मीडिया प्रभारी, स्नेहा युगल किशोर परमार को सह मीडिया प्रभारी बनाया गया है। वहीं यशवंत बैरागी को सोशल मीडिया प्रभारी, सिया भावसार को सह सोशल मीडिया प्रभारी तथा कार्तिक शर्मा को आईटी सेल प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मंडल अध्यक्ष ने कहा कि नई टीम संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मिलकर कार्य करेगी।

  • 1400 KM का सफर करेंगी 25 जांबाज बाइकर्स, क्वींस ऑन द व्हील्स 3.0 को CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी

    1400 KM का सफर करेंगी 25 जांबाज बाइकर्स, क्वींस ऑन द व्हील्स 3.0 को CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी

    भोपाल.

    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से 'नारी सशक्तिकरण' और 'साहस' की एक नई मिसाल पेश की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से 'क्वींस ऑन द व्हील्स 3.0' (Queens on The Wheel 3.0) के तहत देश के कोने-कोने से आई 25 महिला सुपर बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। महिला बाइकर्स 7 दिन में 1400 किमी का सफर तय कर एमपी के पर्यटन का प्रचार करेंगी।

    सांची, चंदेरी, कूनो, ग्वालियर और ओरछा होते हुए खजुराहो जाएंगी। 1400 किलोमीटर की यह रोमांचक बाइक ट्रायल 13 मार्च को भोपाल में समाप्त होगी।

    7 दिन और 1400 किलोमीटर का सफर
    'क्वींस ऑन द व्हील्स' बाइक रैली का यह तीसरा संस्करण एक बड़े उद्देश्य के साथ शुरू हुआ है। 25 सुपर बाइकर्स का यह ग्रुप अगले 7 दिनों तक मध्यप्रदेश की सड़कों पर 1400 किलोमीटर का सफर तय करेगा। यह यात्रा भोपाल से शुरू होकर सांची, चंदेरी, कूनो नेशनल पार्क, ग्वालियर और ओरछा जैसे प्रमुख ऐतिहासिक व प्राकृतिक स्थलों से गुजरते हुए खजुराहो पहुँचेगी।

    नारी शक्ति और सुरक्षा का संदेश
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुपर बाइकर्स को शुभकामनाएं दी, उन्होंने कहा कि "देश का दिल मध्यप्रदेश अजब भी है, गजब भी है और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सजग भी है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आयोजन केवल एक बाइक रैली नहीं है, बल्कि यह बदलते समाज की सकारात्मक तस्वीर है। यह रैली 'रिस्पॉन्सिबल ट्रैवल' (जिम्मेदार पर्यटन) को प्रोत्साहित करेगी और यह दिखाएगी कि प्रदेश की सड़कें महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वींस ऑन द व्हील 3.0 केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण, साहस और पर्यटन के माध्यम से मध्यप्रदेश की पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने का अनूठा अभियान है। मुख्यमंत्री ने कहा- 'देश का दिल' मध्य प्रदेश अजब भी है, गजब भी है और महिलाओं के लिए सुरक्षित व सजग भी है।

    ऐतिहासिक स्थलों का होगा प्रचार-प्रसार
    इस यात्रा का रूट मैप प्रदेश के समृद्ध इतिहास और वन्यजीवों की झलक दिखाने के लिए तैयार किया गया है। बाइकर्स जहाँ चंदेरी की बुनाई और सांची के स्तूपों को करीब से देखेंगी, वहीं कूनो में चीतों की धरती का अनुभव भी लेंगी। इस साहसिक यात्रा का समापन 13 मार्च को वापस भोपाल में ही होगा।

  • यूपी आज जो कुछ भी कर पा रहा है, उसके पीछे है पं. गोविंद बल्लभ पंत की सोचः सीएम योगी

    यूपी आज जो कुछ भी कर पा रहा है, उसके पीछे है पं. गोविंद बल्लभ पंत की सोचः सीएम योगी

     

    पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य प्रेरणास्रोत, आज भी कर रहे हमारा मार्गदर्शनः मुख्यमंत्री

    लखनऊ,

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पूर्व गृह मंत्री व उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री ‘भारत रत्न’ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर शनिवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने लोकभवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें भारत मां का महान सपूत, प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, कुशल अधिवक्ता व सुयोग्य प्रशासक बताया। सीएम ने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अपने समय में उत्तर प्रदेश के विकास व सुधार के लिए अनेक कदम उठाए।

    राष्ट्रपिता के आह्वान पर वकालत छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े थे पं. पंत
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जन्म वर्तमान उत्तराखंड में हुआ था, उस समय उत्तराखंड संयुक्त प्रांत का हिस्सा था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर वह वकालत छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े थे। जब देश गुलाम था, तब 1937 में उत्तर प्रदेश के प्रीमियर के रूप में उनका चयन हुआ था। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पं. गोविंद बल्लभ पंत जी का स्मरण सभी करते हैं।

    मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने रखी थी विकास की आधारशिला
    सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पंत जी ने विकास की जो आधारशिला रखी और जो विजन प्रस्तुत किया, उसका अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बना हुआ है। यूपी आज जो कुछ भी कर पा रहा है, उसके पीछे पं. गोविंद बल्लभ पंत की सोच है। उन्होंने अपने समय में उत्तर प्रदेश के विकास व सुधार के लिए अनेक कदम उठाए। उन्होंने गृह मंत्री के रूप में देश को अमूल्य सेवाएं दीं। राजभाषा हिंदी के प्रोत्साहन, प्रचार-प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। देश की स्वाधीनता में अमूल्य योगदान तथा उत्तर प्रदेश व देश की बहुमूल्य सेवा के लिए 1957 में उन्हें ‘भारत रत्न’ प्रदान किया गया। पं. गोविंद बल्लभ पंत के कार्य आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं।

    इस दौरान कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जय देवी, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।