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  • ईरान-इजराइल जंग का असर, ऑनलाइन बुकिंग के बिना नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर

    ईरान-इजराइल जंग का असर, ऑनलाइन बुकिंग के बिना नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर

    फरीदकोट.

    मध्य पूर्व में बढ़ रहे ईरान–इजराइल तनाव का असर अब भारत में एलपीजी गैस सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। भारत सरकार द्वारा जारी नई हिदायतों के अनुसार. अब उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर केवल ऑनलाइन बुकिंग के बाद ही मिलेगा। उल्लेखनीय है कि नई प्रक्रिया के मुताबिक,अब सिलेंडर की डिलीवरी बुकिंग के बाद मिलने वाले डीएसी कोड के आधार पर ही की जाएगी।

    इसका उद्देश्य सप्लाई प्रणाली को पारदर्शी बनाना और गलत इस्तेमाल को रोकना बताया जा रहा है। दूसरी ओर कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई को लेकर भी दिक्कतें आने की संभावना जताई जा रही है।

    कमर्शिल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित
    गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार फिलहाल 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित हो रही है। फरीदकोट की गैस एजेंसियों के संचालकों ने बताया कि सरकार के निर्देशों के अनुसार अब हर उपभोक्ता को सिलेंडर लेने के लिए पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी और डिलीवरी के समय मिलने वाला डीएसी कोड दिखाना जरूरी होगा। गैस एजेंसी संचालक संजीव जैन ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि जब सप्लाई फिर से शुरू होगी तभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अपनी ई-केवाइसी जल्द से जल्द करवा लें, ताकि भविष्य में सिलेंडर लेने के समय किसी तरह की परेशानी न हो। फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई बड़ी कमी नहीं है और बुकिंग के बाद एक से दो दिनों के भीतर सप्लाई दी जा रही है। हालांकि आने वाले दिनों में सरकार सप्लाई को लेकर कोई कोटा भी तय कर सकती है।

  • वैश्विक तनाव से भारतीय बाजार पर मार, सेंसेक्स 1353 अंक टूटा

    वैश्विक तनाव से भारतीय बाजार पर मार, सेंसेक्स 1353 अंक टूटा

    मुंबई

    पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से वैश्विक बाजारों में गिरावट का माहौल देखने को मिल रहा है। इसके चलते सोमवार को घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की भावना पर भारी असर डाला। रुपया 53 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 92.35 पर बंद हुआ।

    30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,352.74 अंक या 1.71 प्रतिशत गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ, लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। दिन भर में, यह सूचकांक 2,494.35 अंक या 3.16 प्रतिशत गिरकर 76,424.55 पर पहुंच गया।

    इसी क्रम में, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 422.40 अंक या 1.73 प्रतिशत गिरकर 24,028.05 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 752.65 अंक या 3.07 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 23,697.80 पर पहुंच गया।

    सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
    सेंसेक्स पैक में अल्ट्राटेक सीमेंट को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, इसके शेयरों में 5.23 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन और अदानी पोर्ट्स प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। इसके विपरीत, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक को लाभ हुआ।

    क्यों गिरा बाजार?
    ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण निवेशकों की भावना पर भारी नकारात्मक प्रभाव पड़ा, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार लगभग 3 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ खुले और सत्र के अंत में तेजी से नीचे बंद हुए।

    उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक जोखिमों में वृद्धि ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के निशान से ऊपर धकेल दिया और भारतीय रुपये को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा दिया, जिससे मुद्रास्फीति और बाहरी संतुलन को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।

    यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट
    एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 5.96 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 सूचकांक 5.20 प्रतिशत गिर गया। शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी नकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोप के बाजारों में सत्र के मध्य में काफी गिरावट देखी गई। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ।

    ब्रेंट क्रूड का भाव उछलकर 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
    वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 12.34 प्रतिशत की उछाल आई और यह 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले कारोबार में 6,971.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

    शुक्रवार को सेंसेक्स 1,097 अंक या 1.37 प्रतिशत गिरकर 78,918.90 पर बंद हुआ। निफ्टी 315.45 अंक या 1.27 प्रतिशत गिरकर 24,450.45 पर समाप्त हुआ। पिछले सप्ताह, बीएसई बेंचमार्क 2,368.29 अंक या 2.91 प्रतिशत गिर गया, और निफ्टी 728.2 अंक या 2.89 प्रतिशत गिर गया।

  • मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में 15 मार्च तक करें आवेदन, बिहार के युवाओं को 10 लाख तक मिलेगा इंसेटिव

    मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में 15 मार्च तक करें आवेदन, बिहार के युवाओं को 10 लाख तक मिलेगा इंसेटिव

    सिवान.

    बिहार के सिवान जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस योजना के तहत चयनित लाभुकों को उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से अधिकतम 10 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

    जिला उद्योग केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 15 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। महाप्रबंधक विवेक कुमार ने बताया कि उद्योग विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और छोटे-छोटे उद्योगों की स्थापना के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देना है।

    योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के साथ उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवेदन की प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थी उद्योग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट udyami.bihar.gov.in या जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। महाप्रबंधक ने जिले के युवाओं से योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की है।

    373008 अन्नदाताओं के खाते में जाएगी 74.61 करोड़ राशि
    प्रधानमंत्री किसान सम्मान के लाभुक किसानों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 13 मार्च को 22वीं किस्त की राशि जारी कर दी जाएगी। इसको लेकर सभी स्तर की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि जिले के तीन लाख 73 हजार आठ किसानों के खाते में 74.61 करोड़ रुपये भेजी जाएगी।

    यह राशि सीधे बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से आएगी। खास बात यह है कि रबी फसलों की सिंचाई के इस महत्वपूर्ण समय में खाते में आने वाली धनराशि किसानों को कृषि संबंधित कार्यों को पूरा करने में बड़ी राहत मिलेगी। डीएओ ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 13 मार्च को पीएम किसान उत्सव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपराह्न पांच बजे से वेब कास्टिंग के माध्यम से उपस्थित किसानों को संबोधित करेंगे।

  • हड़ताल वापस लेकर काम पर लौटे डॉक्टर, हरियाणा के थप्पड़ कांड में 6 और पुलिसकर्मी सस्पेंड

    हड़ताल वापस लेकर काम पर लौटे डॉक्टर, हरियाणा के थप्पड़ कांड में 6 और पुलिसकर्मी सस्पेंड

    हिसार/पानीपत.

    घरौंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात डॉक्टर को एसएचओ के थप्पड़ मारने के मामले में रविवार को छह और पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना वाले दिन चार मार्च को इन सभी की ड्यूटी सीएचसी में थी। थाना प्रभारी दीपक को पांच मार्च को सस्पेंड किया जा चुका है।

    उधर, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद सरकारी डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान डा. अनिल, वरिष्ठ उप प्रधान डॉ. नितिन व स्टेट को-आर्डिनेटर डा. दीपक गोयल ने बताया कि सोमवार से प्रदेश में डॉक्टर अपनी ड्यूटी देंगे और ओपीडी शुरू करेंगे। उनका पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ चुका है। इसलिए पीड़ित डॉ. प्रशांत अदालत जाएंगे। शनिवार को ओपीडी सेवाएं बंद रहने और रविवार को अवकाश के कारण उपचार लगभग ठप रहा। राज्यभर में प्रतिदिन औसतन 80 से 85 हजार मरीज प्रभावित रहे और दो दिन में यह संख्या करीब 1.6 लाख तक पहुंच गई।

    क्या कहते हैं आंकडे?
    प्रभावित सेवा     प्रभाव का प्रतिशत     विवरण
    सरकारी चिकित्सक भागीदारी     93%     औसतन इतने डॉक्टर हड़ताल में शामिल रहे, जिससे केवल सीमित सेवाएं ही मिल पाईं।
    नियोजित सर्जरी (Planned Surgeries)     95%     दो दिनों के भीतर अधिकांश सर्जरी स्थगित करनी पड़ीं और पोस्टमार्टम के मामले भी लंबित रहे।
    एमएलसी (MLC) सेवाएं     98%     यह सेवा सबसे अधिक प्रभावित हुई क्योंकि इसके लिए सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं।

    जिलों में घटती ओपीडी से बढ़ी परेशानी
    प्रदेश के कई जिलों में ओपीडी लगभग ठप रही। भिवानी में 130 में से करीब 100 चिकित्सक कार्य बहिष्कार में शामिल रहे। और पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज में सामान्य दिनों की ढाई हजार ओपीडी के मुकाबले शनिवार को लगभग 1700 मरीज ही पहुंचे। हिसार में करीब 900 मरीज बिना उपचार लौट गए। यमुना नगर, जींद और झज्जर सहित कई जिलों में एनएचएम व जूनियर रेजिडेंट के सहारे सीमित सेवाएं चलती रहीं। राज्य स्तर के आंकड़ों के अनुसार 20 जिलों में प्रतिदिन 80-85 हजार मरीजों की ओपीडी प्रभावित रही। करनाल में लगभग 5200, हिसार में 6100, गुरुग्राम में 6800 और फरीदाबाद में 6300 मरीज प्रभावित हुए।

    क्या हुआ हड़ताल का असर?
    कुल प्रभावित ओपीडी: इन 20 जिलों में लगभग 80,000 से 85,000 मरीज प्रतिदिन प्रभावित हुए, जिसका कुल योग शनिवार और रविवार को लगभग 1.6 लाख के पार रहा।
    भागीदारी: राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल में भागीदारी का औसत 93% के आसपास रहा। शेष 7% में कुछ आयुष चिकित्सक और एनएचएम के कर्मी शामिल थे जो सीमित स्तर पर सेवाएं दे रहे थे।
    सेवा का नाम     प्रभाव का स्तर     मुख्य कारण/विवरण
    पोस्टमार्टम     90% से अधिक लंबित     प्रदेश के सभी जिलों में पोस्टमार्टम के मामले बड़ी संख्या में रुक गए।
    सर्जरी     95% रद्द     पूरे प्रदेश में नियोजित (Planned) सर्जरी को स्थगित करना पड़ा।
    एमएलसी (MLC)     98% बाधित     सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य होने के कारण यह सेवा लगभग पूरी तरह ठप रही।

    मेडिकल प्रमाण पत्र भी रुके
    प्रदेशभर में चिकित्सकों की दो दिन की हड़ताल का असर मेडिकल प्रमाण पत्र जारी होने पर भी पड़ा। भिवानी के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज और जिला नागरिक अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट व एनएचएम चिकित्सकों ने केवल सीमित ओपीडी सेवाएं संभालीं, जबकि मेडिकल प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए। जिले में प्रतिदिन औसतन 30 से अधिक लोग मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने आते हैं, जबकि राज्य स्तर पर यह संख्या 500 से 600 तक है। प्रमाण पत्र न बनने से कई सरकारी नौकरियों के अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन में अड़चन आई। इन दिनों आईटीआई, पालिटेक्निक प्रशिक्षुओं के अलावा पुलिस, होमगार्ड व अन्य सुरक्षा इकाइयों में भर्ती प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ रही है।

  • उद्यमियों को किसी भी स्तर पर परेशानी होती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर कराएंः सीएम योगी

    उद्यमियों को किसी भी स्तर पर परेशानी होती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर कराएंः सीएम योगी

    लखनऊ,

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश भर से आए पीड़ितों के पास मुख्यमंत्री स्वयं चलकर पहुंचे। उनका प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि सरकार सभी की उचित समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है। निश्चिंत होकर घर जाइए, आपकी समस्याओं का निस्तारण होगा। मुख्यमंत्री ने जनपदों के प्रशासनिक व पुलिस अफसरों को निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण समय सीमा के अंदर सुनिश्चित किया जाए।

    निवेश और उद्योग विकास में देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं
    ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान दो उद्यमियों ने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों, विशेषकर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) व जिला प्रशासन को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में निवेश का बेहतरीन इकोसिस्टम तैयार किया गया है। सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम सहित कई पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू की हैं। उद्यमियों की परेशानी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निवेश और उद्योग विकास में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    अवैध कब्जे के मामले पर सीएम हुए सख्त
    कासगंज से आए पीड़ित ने सीएम के समक्ष पुलिस से जुड़ी शिकायत रखी। पीड़ित ने अपने प्रकरण में कार्रवाई पर देरी की शिकायत की। इस पर सीएम योगी ने पुलिस अधीक्षक को मामले का संज्ञान लेते हुए समस्या के समयबद्ध निराकरण का निर्देश दिया। वहीं एक प्रकरण पारिवारिक विवाद से भी जुड़ा आया। अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायत पर सीएम सख्त हुए, उन्होंने कहा कि ऐसे मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने पीड़ित को आश्वस्त किया कि नियमानुसार तत्काल कार्रवाई होगी।

    किताबें पढ़ो, सोशल मीडिया का न्यूनतम प्रयोग करो
    ‘जनता दर्शन’ में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट दी और उनसे पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। एक बच्चे के पास पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि किताबें पढ़ो। सोशल मीडिया का प्रयोग उतना ही करो, जितनी आवश्यकता है। इसका अत्यधिक प्रयोग घातक है। सीएम ने मोबाइल आदि का प्रयोग भी कम करने की सलाह दी।

  • स्टापेंड संशोधन लागू न होने पर  प्रदर्शन से इलाज ठप, MP के मेडिकल कॉलेजों में 8 हजार डॉक्टर्स हड़ताल पर

    स्टापेंड संशोधन लागू न होने पर प्रदर्शन से इलाज ठप, MP के मेडिकल कॉलेजों में 8 हजार डॉक्टर्स हड़ताल पर

    भोपाल.

    मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों ने लंबित स्टाइपेंड संशोधन को लेकर सोमवार सुबह 9 बजे से हड़ताल शुरू कर दी है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के नेतृत्व में रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे ओपीडी में सेवाएं नहीं देंगे।

    हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी और ऑपरेशन थिएटर में केवल गंभीर मरीजों का ही इलाज किया जाएगा। हड़ताल का असर प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है, क्योंकि रेजिडेंट डॉक्टर अस्पतालों के अधिकांश काम का भार संभालते हैं।

    ओपीडी सेवाएं बंद
    डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी में पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी सेवाएं बंद रहने से मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

    सिर्फ गंभीर मरीजों का ऑपरेशन
    जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन थिएटर में भी केवल अति गंभीर मरीजों का ही ऑपरेशन किया जाएगा। सामान्य और इलेक्टिव सर्जरी जैसे हर्निया, रॉड इंप्लांट और अन्य तय ऑपरेशन फिलहाल टल सकते हैं। इसका सीधा असर इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर पड़ेगा।

    अप्रैल 2025 से लागू होना था संशोधित स्टाइपेंड
    JDA के अनुसार शासन के आदेश के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित स्टाइपेंड संशोधन एक अप्रैल 2025 से लागू होना था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। साथ ही अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान भी नहीं हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

    प्रदेशभर के 8 हजार डॉक्टर आंदोलन में शामिल
    JDA के नेतृत्व में प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के करीब आठ हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न इस आंदोलन में शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों में इलाज और मरीजों की मॉनिटरिंग का लगभग 70 प्रतिशत काम यही डॉक्टर संभालते हैं, इसलिए उनके आंदोलन का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है।

    तीन दिन से काली पट्टी बांधकर कर रहे थे विरोध
    डॉक्टरों ने शुक्रवार से ही शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था और पिछले तीन दिनों से काली पट्टी बांधकर काम कर रहे थे। इसके बावजूद मांगों पर निर्णय नहीं होने के कारण अब उन्होंने हड़ताल का रास्ता अपनाया है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि सरकार जल्द निर्णय लेती है तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा, अन्यथा विरोध को और तेज किया जाएगा।

  • युद्ध की आग में निवेशकों के 15 लाख करोड़ स्वाहा, सेंसेक्स 2400 और निफ्टी 700 अंक लुढ़का

    युद्ध की आग में निवेशकों के 15 लाख करोड़ स्वाहा, सेंसेक्स 2400 और निफ्टी 700 अंक लुढ़का

    नई दिल्ली.

    अमेरिका-ईरान युद्ध ने भारतीय शेयर बाजार को गहरी चोट दी है. पिछले छह सत्रों में से पांच में बाजार में गिरावट देखने को मिली है. खास बात यह है कि पिछले चार दिनों में ही निवेशकों को 13.46 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने दलाल स्ट्रीट का मूड बुरी तरह बिगाड़ दिया और निवेशकों ने ताबड़तोड़ बिकवाली की. आखिरी कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को भारतीय बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 ताश के पत्तों की तरह ढह गए.

    कारोबार के आखिरी घंटों में बिकवाली का ऐसा भूचाल आया कि सेंसेक्स 1,097 अंक लुढ़ककर 78,918.90 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी ने भी 315.45 अंक का गोता लगाई और 24,450.45 के स्तर पर सिमट गया. बीएएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप, जो 27 फरवरी को 463.25 लाख करोड़ रुपये था वह 6 मार्च तक घटकर 449.79 लाख करोड़ रुपये रह गया. बाजार विश्‍लेषक मान रहे हैं कि युद्ध लंबा चला तो यह नुकसान और भी गहरा हो सकता है.

    52 हफ्ते के निचले स्तर पर कई नामी कंपनियां
    बाजार में बिकवाली का आलम यह था कि बीएसई 500 की कई दिग्गज कंपनियां अपने 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गईं. इनमें एसीसी लिमिटेड, अंबुजा सीमेंट्स, बर्जर पेंट्स इंडिया, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और सोनाटा सॉफ्टवेयर जैसी कंपनियां शामिल हैं. 4,374 शेयरों में से 2,304 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 258 शेयर अपने साल के सबसे निचले स्तर को छू गए.

    बैंकिंग सेक्टर में ‘रक्तपात’
    बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ी भूमिका बैंकिंग सेक्टर ने निभाई. सेंसेक्स के शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक सबसे बड़ा लूजर रहा, जिसके शेयर 3.39% तक गिर गए. इसके अलावा एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और भारतीय स्टेट बैंक में भी 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. बीएसई बैंकेक्स और बीएसई ऑटो इंडेक्स में भारी बिकवाली रही. अल्ट्राटेक सीमेंट और लार्सन एंड टुब्रो जैसे भारी वजन वाले शेयरों ने भी बाजार को नीचे खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी. हालांकि, इस सुनामी के बीच भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मास्युटिकल जैसे शेयरों ने थोड़ी मजबूती दिखाई और हरे निशान में बंद हुए.

    संभलेगा या और गिरेगा बाजार
    शेयर बाजार विश्‍लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए अब 24,600 और 24,700 के स्तर बड़ी रेजिस्टेंस बन गए हैं. यदि निफ्टी 24,300 के स्तर से नीचे फिसलता है तो यह तेजी से 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक गिर सकता है. युद्ध की अनिश्चितता के बीच निवेशकों को फिलहाल आक्रामक खरीदारी से बचना चाहिए.

  • नव वर्ष के अवसर पर राम मंदिर में भव्य कार्यक्रम, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी श्रमिकों का सम्मान

    नव वर्ष के अवसर पर राम मंदिर में भव्य कार्यक्रम, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी श्रमिकों का सम्मान

    अयोध्या

    भगवान श्रीराम की नगरी में नव संवत्सर (नव वर्ष) पर ऐतिहासिक आयोजन होने वाला है. समारोह को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हई हैं. राम मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले इस विशेष समारोह की मुख्य अतिथि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु होंगी. वे मंदिर में अनुष्ठान के बाद श्रमिक और कर्मचारियों को सम्मानित भी करेंगी. बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति राम मंदिर परिसर में लगभग चार घंटे तक रहेंगी. वे मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र और श्रीराम नाम मंदिर की स्थापना भी करेंगी. विशेष बात ये है कि मंदिर समिति ने पहली बार किसी बड़े कार्यक्रम के दौरान दर्शन सुचारु रखने की योजना बनाई है.

    जानकारी के मुताबिक 19 मार्च को सुबह 9 बजे से अनुष्ठानों की शुरुआत होगी. दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के 51 वैदिक आचार्य अनुष्ठानों को संपन्न कराएंगे. काशी के आचार्य पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री के नेतृत्व में समस्त अनुष्ठान होंगे. कार्यक्रम की व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही अतिथियों के स्वागत, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और आवागमन की सुचारु व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

    ट्रस्ट के मुताबिक श्रीराम यंत्र की स्थापना के साथ मंदिर के दूसरे तल की धार्मिक गतिविधियों को नई आध्यात्मिक ऊर्जा मिलेगी. यह यंत्र श्रीराम की शक्ति, मर्यादा और राष्ट्र चेतना का प्रतीक माना जाता है. राष्ट्रपति की उपस्थिति से यह आयोजन राष्ट्रीय महत्व का स्वरूप ग्रहण करेगा. हिंदू नववर्ष के शुभारंभ अवसर पर 19 मार्च को प्रस्तावित नव संवत्सर समारोह की तैयारियों को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बैठक भी की थी. जिसमें आयोजन की रूपरेखा, अतिथियों की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई थी.

  • 2.60 करोड़ का बजट पेश, महिलाओं और SC महिलाओं के लिए नकद सहायता की घोषणा

    2.60 करोड़ का बजट पेश, महिलाओं और SC महिलाओं के लिए नकद सहायता की घोषणा

    चंडीगढ़
    पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया है। सूबे के लोगों को इस बजट से खासी उम्मीदें हैं। मान सरकार ने पंजाब की महिलाओं के लिए हर माह 1000 रुपये की योजना शुरू की है। वित्त मंत्री ने इसका एलान किया है।
     
    महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री मावां- धीयां सत्कार योजना
    वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री मावां- धीयां सत्कार योजना के कार्यान्वयन की घोषणा की गई है। योजना के तहत भगवंत मान सरकार सभी वयस्क महिलाओं के बैंक खाते में सीधे 1,000 रुपये प्रति माह हस्तांतरित करेगी। इसके अलावा, अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं के खाते में सीधे 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला इस योजना के तहत पंजीकरण के लिए पात्र होगी। मौजूदा या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, मौजूदा और पूर्व सांसद/विधायक और आयकर दाता इस योजना में शामिल नहीं होंगी। यहां तक कि मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, जैसे वृद्धावस्था पेंशन या विधवा/निराश्रित महिला पेंशन या विकलांगता पेंशन योजना के तहत पंजीकृत महिलाएं भी इस योजना के तहत पात्र होंगी। कुल मिलाकर, पंजाब की लगभग 97% वयस्क महिलाएं इस योजना के तहत पात्र होंगी। इसके लिए 9300 करोड़ बजट का प्रावधान किया गया है।

    1,279 नई बसें चलाई जाएंगी
    महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना के अलावा, हमारी सरकार राज्य में मार्वजनिक परिवहन की पहुंच को और बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, विशेष रूप से अविकसित क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर। वर्तमान में 2,267 बसें परिचालन में हैं और सरकार खरीद और पट्टे के सुमेल के माध्यम से मौजूदा बेड़े में 1,279 नई बसें जोड़ेगी। कुछ नई बसें पहले से ही चालू हैं और शेष नवंबर 2026 तक चालू हो जाएंगी। महिलाओं के मुफ्त बस सफर योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    लोगों की एक लंबे समय से मांग रही है कि नए राशन कार्डों के लिए पंजीकरण खोला जाए ताकि इस राज्य में, जो पूरे देश का पेट भरता है, पंजाब का कोई भी गरीब परिवार कभी भी अपनी थाली में पर्याप्त भोजन की चिंता न करे। हम आगामी वर्ष में 10 लाख नए लाभार्थियों के लिए खाद्य सुरक्षा के द्वार खोलेंगे, उनका स्वागत करेंगे जो लंबे समय से अपने अधिकारपूर्ण समावेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह समानता की विजय है, यह सुनिश्चित करना कि हमारे राज्य की प्रगति के लाभहमारे बीच के जरूरतमंद लोगों तक भी पहुंचे। राज्य के लगभग 7,500 निवासियों को उचित मूल्य की दुकानें / राशन डिपो चलाने के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे, जिससे राज्य में स्मार्ट कार्ड राशन योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को गेहूं के तेजी से वितरण में भी मदद मिलेगी।

    भूजल संरक्षण के लिए 2,971 करोड़ रुपये का बजट
    सरकार ने सतही जल के उपयोग को बढ़ाने और भूजल संरक्षण के दोहरे उद्देश्य से नहरी सिंचाई के अंतर्गत सिंचित क्षेत्र (कमांड एरिया) का और विस्तार करने की योजना बनाई है। सिंचाई क्षेत्र को लगभग पाँच लाख हेक्टेयर तक बहाल करने की उम्मीद के साथ, पाइपलाइनों और ईंट-निर्मित जलमागों के निर्माण के माध्यम से अंतिम-छोर कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस क्षेत्र के लिए 2,971 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है।

    सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
    गृह मामले, न्याय और जेल विभाग के लिए 11.577 करोड़ रुपये का बजट अनुमान प्रस्तावित किया गया है, जो संस्थागत क्षमता, तकनीकी क्षमता और परिचालन तत्परता को मजबूत करने की  निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निरंतर सतर्कता की आवश्यकता है। सीमावर्ती जिलों में 636 मामरिक स्थानों पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाकर रक्षा की दूसरी पंक्ति स्थापित करना, प्रौद्योगिकी-समर्थित निगरानी की दिशा में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाता है। 1,719 कैमरे पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और संबंधित पुलिस स्टेशनों में नियंत्रण कक्ष चालू हो गए हैं, जिससे 24 घंटे निगरानी ने मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के प्रयासों को काफी मजबूत किया है।

    सरकार न केवल राज्य भर में सड़क और पुल बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए, बल्कि मौजूदा परिसंपत्तियों के व्यवस्थित रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए भी दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए, सड़कों, पुलों और सार्वजनिक भवनों के निर्माण, उन्नयन और रखरखाव के लिए आवंटन को वित्तीय वर्ष 2025-26 (बजट अनुमान) की तुलना में दोगुना करके 5,440 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

    तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए 312 करोड़ रुपये का प्रावधान
    मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की है, ताकि दो सर्किटों में बंटे- श्री अमृतसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब के प्रमुख धार्मिक स्थलों की मुफ्त और पूर्ण रूप से सहायता प्राप्त तीर्थयात्रा प्रदान की जा सके। वित्तीय वर्ष 2026-27 में, लगभग 7.15 लाख नागरिकों की तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए 312 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

    खेलों के लिए 1,791 करोड़ रुपये के बजट
    प्रत्येक पूर्ण हो चुके गांव के खेल मैदान में, हमारी सरकार स्थानीय युवा क्लब को एक खेल किट प्रदान करेगी जिसमें क्रिकेट, वॉलीबॉल और फुटबॉल के उपकरण शामिल होंगे। ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के अलावा, पहाड़ी क्षेत्रों में एडवेंचर स्पोर्ट्स शिविर पीपीपी मोड पर विकसित किए जाएंगे, जिससे पेशेवर और टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए संरचित अवसरों का विस्तार होगा। इस व्यापक दृष्टिकोण और हस्तक्षेप के पैमाने को दर्शाते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,791 करोड़ रुपये के बजट आवंटन का प्रस्ताव है।
     
    युद्ध नशे विरुद्ध एंड एंटी गैंगस्टर टेस्ट फोर्स के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन
    वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रवेश परीक्षाओं और एसएराबी तैयारी के लिए समर्पित विंग के साथ प्रशिक्षण शुरू कर देगा, जिससे रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए पंजाब के युवाओं के लिए संरचित मार्गों का और विस्तार होगा। विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाने के लिए, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 287 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है। पिछले बजट में घोषणा के अनुसार, राज्य ने नशा और सामाजिक-आर्थिक जनगणना पहल पर निर्णायक रूप से आगे बढ़त हासिल की है। चालू वर्ष के दौरान, आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिसमें सटीकता, पारदर्शिता और डेटा अखंडता सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का विकास और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं का व्यापक प्रशिक्षण शामिल है। इस तैयारी के आधार पर, जनगणना अप्रैल-2026 से शुरू की जाएगी, जिससे सरकार विश्वसनीय, साक्ष्य-आधारित आंकड़े तैयार कर सकेगी, जो लक्षित कल्याणकारी हस्तक्षेपों का मार्गदर्शन करेंगे।

    उद्योगों को सब्सिडी वाली बिजली के लिए 500 करोड़ रुपये
    पंजाब की औद्योगिक गति को सुदृढ़ करने के लिए, वित्त वर्ष 2026-27 में उद्योग एवं वाणिज्य क्षेत्र के लिए 2,805 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें उद्योगों को सब्सिडी वाली बिजली के लिए निरंतर सहायता और विभिन्न उद्योगों के लिए निवेश एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये की वित्तीय प्रोत्साहन राशि शामिल है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रवेश परीक्षाओं और एसएराबी तैयारी के लिए समर्पित विंग के साथ प्रशिक्षण शुरू कर देगा, जिससे रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए पंजाब के युवाओं के लिए संरचित मार्गों का और विस्तार होगा। विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाने के लिए, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 287 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है।

    नगर विकास कोष में अनुदान को 1,000 करोड़ रुपये किया
    रंगला पंजाब विकास योजना से दोगुना करके 1170 करोड़ रुपये किया जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर विकास को गति दी जा सके। पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, राज्य के कोष से कार्यान्वयन एजेंसी तक धनराशि की रीयल टाईम ट्रैकिंग के लिए एक समर्पित डिजिटल पोर्टल चालू किया गया है, जिसमें कार्यों की जियो-टैग की गई निगरानी और फोटोग्राफिक दस्तावेजीकरण शामिल है। वित्त वर्ष 2025-26 में नगर विकास कोष (एमडीएफ) के तहत 225 करोड़ रुपये के आवंटन की तुलना में, वित्त वर्ष 2026-27 में इस अनुदान को चार गुना बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये किया जा रहा है। एमडीएफ सभी शहरी स्थानीय निकायों के लिए आवश्यक नागरिक अवसंरचना जैसे सड़कें, स्ट्रीट लाइटिंग, जल आपूर्ति, सीवरेज, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता, सार्वजनिक उपयोगिताएँ, सार्वजनिक सुरक्षा प्रणाली और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ अवसंरचना के निर्माण शामिल हैं।

    4,150 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का प्रस्ताव
    वित्त वर्ष 2026-27 में, पनकम्पा (PUNCAMPA) योजना के तहत 4,150 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का प्रस्ताव है। साथ ही स्वीकृत योजनाओं के तहत वनरोपण और वन्यजीव संरक्षण पहल की जाएगी, जिसके लिए 238 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य 760 करोड़ रुपये की जेआईसीए-समर्थित परियोजना शुरू कर रहा है, जिसे अगले आठ वर्षों में लागू किया जाना है। इस परियोजना का उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से वनों के बाहर वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु लचीलापन को बढ़ावा देना है, जिससे पंजाब की दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता मजबूत होगी।

     

     

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    टीम इंडिया तीसरी बार खिताब के लिए उतरेगी, NZ की ‘तिकड़ी’ से होगी कड़ी प्रतिस्पर्धा

    अहमदाबाद

    आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मैच रविवार को टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. ये महामुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा. सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई है, जबकि न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को हराकर फाइनल के लिए क्वालिफाई किया है। 

    अहमदाबाद में टूटा था भारतीय फैन्स का दिल

    19 नवंबर 2023 को इसी मैदान पर खेले गए वनडे वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर करोड़ों भारतीय फैंस का दिल तोड़ दिया था. उस दिन कप्तान रोहित शर्मा सहित पूरी भारतीय टीम बेहद निराश थी और करीब 93 हजार दर्शकों से भरा स्टेडियम भी खामोश हो गया था. हालांकि भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतकर उस दर्द को कुछ हद तक कम किया था। 

    इतिहास रचने का मौका

    अब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया के पास इतिहास रचने का मौका है. अगर भारत यह फाइनल जीतता है तो वह टी20 वर्ल्ड कप खिताब को सफलतापूर्वक डिफेंड करने वाली पहली टीम बन जाएगी. साथ ही भारत तीसरी बार यह ट्रॉफी जीत सकता है. बता दें कि भारत ने 2007 और 2024 का टी20 वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया था। 

    न्यूजीलैंड को हल्के में नहीं ले सकता भारत

    न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुएदक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई है. कीवी टीम के पास फिन एलन,ग्लेन फिलिप्स और कप्तान सैंटनर जैसे खिलाड़ी हैं, जो किसी भी दिन मैच का रुख बदल सकते हैं। 

    बुमराह होंगे सबसे बड़ा हथियार

    भारत के लिए इस मैच में सबसे बड़ा हथियार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हो सकते हैं. उनकी चार ओवर की गेंदबाजी फाइनल का रुख तय कर सकती है. सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भी बुमराह ने शानदार गेंदबाजी की थी और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। 

    अभिषेक शर्मा की फॉर्म चिंता

    टूर्नामेंट शुरू होने से पहले अभिषेक शर्मा शानदार फॉर्म में थे, लेकिन वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है. अगर उन्हें फाइनल में मौका मिलता है तो न्यूजीलैंड के ऑफ स्पिनर कोल मैककॉन्ची उनके खिलाफ जल्दी गेंदबाजी कर सकते हैं। 

    स्पिन विभाग में बदलाव संभव

    भारत के स्पिनरवरुण चक्रवर्ती भी हाल के मैचों में प्रभावी नहीं दिखे हैं. उनकी मिस्ट्री स्पिन अब बल्लेबाजों को ज्यादा परेशान नहीं कर पा रही है. ऐसे में संभावना है कि भारत फाइनल में उनकी जगह कुलदीप यादव को मौका दे सकता है। 

    भारतीय टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर.

    न्यूजीलैंड की टीम: मिचेल सेंटनर (कप्तान), फिन एलन, टिम सिफर्ट, रचिन रविंद्र, मार्क चैपमैन, ग्लेन फिलिप्स, डैरिल मिचेल, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, कोल मैककॉन्ची, काइल जैमीसन, जैकब डफी, डेवोन कॉनवे, जिमी नीशम, ईश सोढ़ी.