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  • दिल्ली के विवेक विहार में आग की भयावह घटना, 9 लोगों की दर्दनाक मौत

    दिल्ली के विवेक विहार में आग की भयावह घटना, 9 लोगों की दर्दनाक मौत

     नई दिल्ली
     पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में रविवार तड़के एक आवासीय इमारत में आग लगने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि विवेक विहार फेज-1 में चार मंजिला इमारत में आग लगने की सूचना तड़के करीब तीन बजकर 48 मिनट पर मिली, जिसके बाद पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। तुरंत ही बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया।

    विवेक विहार की बिल्डिंग में कैसे लगी आग?
    दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि इस आग की घटना में 9 लोगों की मौत हो गई है। आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर बने फ्लैटों में लगी थी। बचाव और आग बुझाने के काम के दौरान, बिल्डिंग से 10-15 लोगों को बचाया गया, जिनमें से दो लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल ले जाया गया।

    भीषण अग्निकांड में 9 लोगों की मौत
    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आग बुझाने के लिए दमकल की कुल 12 गाड़ियां भेजी गईं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस के दलों ने बचाव और निकासी प्रयासों में सहायता की। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान हो गई है। जान गंवाने वालों में एक डेढ़ साल का मासूम भी है।

    भीषण अग्निकांड में इन लोगों ने गंवाई जान
    चार मंजिला इमारत में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग मंजिल पर शव मिले हैं। पुलिस ने मृतकों के बारे में जानकारी दी है। जानिए भीषण अग्निकांड किन-किन लोगों ने गंवाई जान।

    दूसरी मंजिल (पीछे की तरफ) पर मृतक:
    1. अरविंद, पिता – छोटे लाल, निवासी – B-13, दूसरी मंज़िल, विवेक विहार; उम्र – 60 वर्ष
    2. अनीता जैन, पत्नी – अरविंद जैन; उम्र – 58 वर्ष
    3. निशांत जैन, पिता – अरविंद जैन; उम्र – 35 वर्ष
    4. आँचल जैन, पत्नी – निशांत जैन; उम्र – 33 वर्ष
    5. मास्टर आकाश जैन, पिता – निशांत जैन; उम्र – 1.5 वर्ष
    पहली मंजिल पर मृतक:

    1. शिखा जैन, पत्नी – नवीन; उम्र – 45 वर्ष
    तीसरी मंजिल पर मृतक – एक ही परिवार के सदस्य:
    1. पति – नितिन जैन; उम्र – लगभग 50 वर्ष
    2. पत्नी – शैले जैन; उम्र – लगभग 48 वर्ष
    3. बेटा – सम्यक जैन; उम्र – लगभग 25 वर्ष
    घायल: नवीन जैन; उम्र – 48 वर्ष

    एसी ब्लास्ट से आग लगने की आशंका
    ऐसी आशंका जताई जा रही की एसी ब्लास्ट से घर में आग लगी है। हालांकि, अभी मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग लगने की असल वजह क्या है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। फायर कंट्रोल रूम को इस हादसे की सूचना तड़के 3:48 बजे मिली थी, करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 6:25 बजे आग पर काबू पा लिया गया।

    चार मंजिला बिल्डिंग में कैसे फैली आग?
    अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के बाद भी काफी देर तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा। खासकर ऊपरी मंजिलों पर, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अंदर फंसा न रह जाए। पुलिस के अनुसार, आग ने इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर स्थित कई फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया।

    कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया
    फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और करीब 14 से 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ लोग पीछे के फ्लैट में फंसे होने की आशंका थी, हालांकि पुलिस ने फिलहाल किसी के अंदर फंसे होने से इनकार किया है। 
    AC ब्लास्ट से लगी आग की आशंका
    इस घटना के चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने की वजह एसी में ब्लास्ट हो सकता है. हालांकि, आग लगने के सही कारणों का अभी आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है। 
    बताया जा रहा है कि यह चार मंजिला इमारत थी, जिसमें कुल 8 फ्लैट बने हुए थे. आग लगने के समय ज्यादातर लोग सो रहे थे, जिससे कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके। 
    कूलिंग ऑपरेशन जारी
    दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस के मुताबिक, फिलहाल आग पूरी तरह से काबू में है और कूलिंग ऑपरेशन जारी है. साथ ही, इमारत में सर्च ऑपरेशन चलाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई और अंदर फंसा न हो। 
    इस दर्दनाक हादसे ने इलाके में दहशत फैला दी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। 

  • गुरु गुड़ रह गया और चेला…, दिग्विजय सिंह ने क्यों दिया जीतू पटवारी को यह तंज?

    गुरु गुड़ रह गया और चेला…, दिग्विजय सिंह ने क्यों दिया जीतू पटवारी को यह तंज?

    भोपाल

    मध्य प्रदेश में कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान शुक्रवार को सार्वजनिक रूप से सामने आ गई. भोपाल में कांग्रेस के अनुसूचित विभाग की प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों की बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर तंज कसते नजर आए. जीतू पटवारी ने भी प्रतिक्रिया में खुद को दिग्विजय सिंह का चेला बता दिया. इस पर दिग्विजय ने कहा, 'गुरु गुड़ रह गया और चेला शक्कर हो गया' .

    भोपाल स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की संगठनात्मक नियुक्तियों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज और बसोड़ समाज को प्रदेश कांग्रेस में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है. उन्होंने मंच पर बैठे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, 'ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में आपकी जो पकड़ है, वो हम लोगों की थोड़ी न है. आप जो कहोगे, केसी वेणुगोपाल से लिखवाकर ले आओगे. जितने प्रिय आप वेणुगोपाल के हो, कोई दूसरा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उतना नहीं है। 

    दिग्विजय​ सिंह की इस बात पर बैठक में मौजूद सभी नेता और कार्यकर्ता हंसने लगे. तभी जीतू पटवारी ने कहा, 'सर मैं भी एक बात कहूं… चेला तो आपका ही हूं.' इस पर दिग्विजय ने कहा, 'आप मेरे चेले हो, लेकिन गुरु गुड़ रह गया और चेला शक्कर बन गया.' दोनों नेताओं की इस टीका-टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरुनी कलह का दावा किया है. मध्य प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी ने कहा कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस के 'संगठन सृजन' कार्यक्रम का 'विसर्जन' करते नजर आ रहे हैं। 

    केसवानी ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह का स्वभाव पहले से ही ऐसा रहा है और कमलनाथ सरकार के समय भी वह सरकार के कामकाज में दखल देते थे. उन्होंने यह भी कहा कि दिग्विजय को इस बात की नाराजगी है कि जीतू पटवारी ने उनके पुत्र जयवर्धन सिंह को जिला अध्यक्ष बनाकर उनका कद कम कर दिया है, जिसके चलते वह लगातार पटवारी पर निशाना साध रहे हैं. बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर गंभीर खींचतान चल रही है और यह स्थिति गृह युद्ध जैसी है। 

    वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के बीच हुई इस टीका-टिप्पणी को सामान्य करार दिया. कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि मंच पर हुआ यह संवाद दोनों नेताओं के बीच बेहतर तालमेल और मजबूत नेतृत्व को दर्शाता है. उन्होंने बीजेपी को अपने संगठन पर ध्यान देने की सलाह दी. वहीं कार्यक्रम के बाद जब मीडिया ने जीतू पटवारी से दिग्विजय सिंह की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया चाही, तो उन्होंने कुछ भी बोलने से से इनकार कर दिया। 

  • अमेरिका का बड़ा कदम: जर्मनी से 5000 सैनिक वापस, ट्रंप ने मर्केल पर तंज क्यों कसा?

    अमेरिका का बड़ा कदम: जर्मनी से 5000 सैनिक वापस, ट्रंप ने मर्केल पर तंज क्यों कसा?

     वाशिंगटन

    अमेरिकी रक्षा विभाग 'पेंटागन' ने जर्मनी से अपने 5000 सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है. यह कदम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच ईरान युद्ध को लेकर तनातनी बढ़ गई है. मर्ज ने ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने को लेकर अमेरिका की आलोचना की थी और उसकी रणनीति पर सवाल उठाए थे. उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान के सामने अमेरिका को जिल्लत का सामना करना पड़ा है। 

    इसके जवाब में ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के नेतृत्व को बेहद खराब बताया. अमेरिकी ने कहा कि मर्ज के नेतृत्व में जर्मनी को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें इमिग्रेशन और ऊर्जा संकट शामिल हैं. बता दें कि अमेरिका की जर्मनी में बड़ी सैन्य मौजूदगी है, जहां उसके करीब 36,000 सैनिक तैनात हैं. इनमें से कई सैनिक रामस्टीन एयर बेस जैसे प्रमुख ठिकानों पर तैनात हैं। 

    अगले 6 से 12 महीने में वापस आएंगे सैनिक

    अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने बताया कि जर्मनी से 5000 सैनिकों को वापस बुलाने का  फैसला रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के निर्देश पर लिया गया है और इसे अगले 6 से 12 महीनों में पूरा किया जाएगा. ट्रंप ईरान युद्ध में सहयोग नहीं देने के लिए नाटो के सदस्य देशों की आलोचना करते रहे हैं और इस सैन्य गठबंधन के औचित्य पर सवाल उठाया है. उन्होंने इटली और स्पेन से भी अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का संकेत दिया है। 

    जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इससे पहले कहा था कि अमेरिका के पास कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है और ईरान शांति वार्ता में बेहद चालाकी दिखा रहा है. इस पर ट्रंप ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि मर्ज ईरान के परमाणु हथियार रखने के पक्ष में हैं और उन्हें स्थिति की समझ नहीं है. बता दें कि जर्मनी में अमेरिकी सैन्य तैनाती यूरोप में सबसे बड़ी है, जबकि इटली और ब्रिटेन में भी उसके हजारों सैनिक मौजूद हैं। 

    पूर्वी यूरोप के देशों में रूस को लेकर चिंता बढ़ी
    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2020 में भी जर्मनी से 12,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे बाद में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रद्द कर दिया था. अब फ्रेडरिक मर्ज के नेतृत्व वाली सरकार ने जर्मनी के डिफेंस बजट में भारी बढ़ोतरी की है और 2027 तक इसे देश की जीडीपी के 3% से अधिक तक ले जाने की योजना बनाई है. वहीं, अमेरिका पहले ही रोमानिया में अपनी सैन्य मौजूदगी घटाने का फैसला कर चुका है, जिससे पूर्वी यूरोप के देशों में रूस को लेकर चिंता बढ़ गई है। 

  • वैदिक घड़ी की डिजिटल ध्वनि: 78 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंची भारतीय कालगणना

    वैदिक घड़ी की डिजिटल ध्वनि: 78 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंची भारतीय कालगणना

    वैदिक घड़ी की डिजिटल गूँज: 78 लाख+ लोगों तक पहुँची भारतीय कालगणना की पहचान

    प्रधानमंत्री मोदी ने काशी विश्वनाथ में किया था ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का अवलोकन

    भोपाल 

    काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी के पावन परिसर में स्थापित ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ ने अपनी सांस्कृतिक और वैज्ञानिक आभा से डिजिटल दुनिया में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अनूठी पहल ने सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर 78 लाख 42 हजार 167 से अधिक लोगों तक अपनी डिजिटल रीच दर्ज कराई है।

    प्रधानमंत्री के अवलोकन से मिला वैश्विक विस्तार

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक के इस संगम का अवलोकन बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के बाद किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने इस वैदिक घड़ी को प्राचीन ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टि का अद्भुत मेल बताया। उनके अवलोकन के बाद सोशल मीडिया पर वैदिक घड़ी को लेकर नया उत्साह देखा गया, जिससे यह देश-विदेश में चर्चा का केंद्र बन गई।

    प्रधानमंत्री मोदी के अवलोकन से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर चर्चाओं का ऐसा वातावरण तैयार हुआ कि केवल सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म से ही लाखों उपयोगकर्ताओं तक इसकी गूँज पहुँची। प्रधानमंत्री मोदी और अन्य आधिकारिक यूट्यूब चैनलों पर आयोजित लाइव स्ट्रीम को 5,933 दर्शकों ने सीधे देखा। साथ ही राष्ट्रीय समाचार चैनलों पर हुए सीधे प्रसारण ने करोड़ों दर्शकों तक इसकी जानकारी पहुँचाई 

    सोशल मीडिया के माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर हैशटैग #विक्रमोत्सव_वाराणसी भारत के 'ट्रेंडिंग सेक्शन' में नंबर 1 स्थान पर काबिज रहा, जो सनातन संस्कृति और भारतीय कालगणना से जुड़े आयोजनों के लिए एक डिजिटल मील का पत्थर है। 16 से अधिक प्रमुख हैशटैग्स को ट्रैक किया गया, जिनमें #Varanasi, #विक्रमादित्य_वैदिक_घड़ी और #Vedic Ghadi जैसे हैशटैग ने लाखों लोगों को आकर्षित किया। इस व्यापक कवरेज ने इस गौरवशाली वैज्ञानिक विरासत को वैश्विक पटल पर पुनर्स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    सांस्कृतिक चेतना का नया संवाहक

    मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा निर्मित इस घड़ी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सादर भेंट किया गया था। 04 अप्रैल 2026 को स्थापित यह घड़ी भारतीय कालगणना, पंचांग, और ग्रहों की स्थिति जैसी जटिल गणनाओं को सरलता से प्रस्तुत करती है।

    भविष्य की योजनाएँ

    इस सफल डिजिटल आउटरीच ने सिद्ध कर दिया है कि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और सनातन संस्कृति के वैज्ञानिक आधारों को जानने के लिए उत्सुक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, वाराणसी की सफलता के बाद अब अयोध्या के राम मंदिर सहित देश के सभी प्रमुख ज्योतिर्लिंग परिसरों में ऐसी वैदिक घड़ियाँ स्थापित करने की योजना है, ताकि भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रकाश जन-जन तक पहुँच सके。

    यह न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि भारतीय काल-चिन्तन को वैश्विक पटल पर पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।

    विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐप (Vikramaditya Vedic Clock)

    जिन लोगों को वैदिक घड़ी अपने मोबाइल फोन पर चाहिए तो विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐपवैदिक घड़ी का डिजिटल संस्करण है, जो भारतीय काल गणना (तिथि, नक्षत्र, योग, करण) और 7000 वर्षों का पंचांग दिखाता है। यह ऐप 189+ भाषाओं में उपलब्ध है, जो सूर्योदय-सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त और 30 घंटे के समय प्रारूप को Android/iOS पर दिखाता है।

    वैदिक घड़ी ऐप की मुख्य विशेषताएं

    भारतीय काल गणना: यह ऐप समय को 30 मुहूर्तों में बांटकर दिखाता है, जो सूर्योदय पर आधारित है।

    पंचांग विवरण: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, और मास की सटीक जानकारी।

    189+ भाषाएँ: यह ऐप हिंदी, अंग्रेजी सहित 189+ भाषाओं में उपलब्ध है।

    शुभ/अशुभ समय: यह दैनिक 'राहुकाल', 'शुभ मुहूर्त' और 'चौघड़िया' की जानकारी देता है

    इतिहास: इसमें महाभारत काल से लेकर अब तक के 7000 वर्षों का पंचांग समाहित है।

    अलार्म: आप वैदिक समय के अनुसार अलार्म भी सेट कर सकते हैं।

    ऐप कैसे डाउनलोड करें?

    यह ऐप Google Play Store (Android) पर "Vikramaditya Vedic Clock" नाम से उपलब्ध है।

    App Store (iOS/iPhone) से भी इसे डाउनलोड किया जा सकता है।

     

  • क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! रायपुर में IPL मैच 10 व 13 मई को, टिकट बुकिंग कल से शुरू

    क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! रायपुर में IPL मैच 10 व 13 मई को, टिकट बुकिंग कल से शुरू

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर में 10 और 13 मई को आईपीएल मैच होने जा रहा है। इसकी टिकट की बुकिंग कल यानि 3 मई से शुरू हो रही है। मैच के टिकट केवल आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट shop.royalchallengr s.com/ticket और ऐप पर ही उपलब्ध होंगे। किसी अन्य वेबसाइट/ऐप से नकली टिकट न खरीदें।

    बता दें कि 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) vs मुंबई इंडियंस और 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। दोनों मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे। अब तक अपडेट के मुताबिक आरसीबी की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां 6 दिन तक रहेगी। टीम मैदान पर प्रैक्टिस भी करेगी। मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है।

    2 हजार का हो सकता सबसे सस्ता टिकट
    टिकट आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऑनलाइन बुक किए जाएंगे। सबसे सस्ती टिकट ₹2000 की होगी। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक की कैटेगरी में होगी। इसके अलावा प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं। अब दर्शक खिलाड़ियों को बिना किसी रुकावट के और करीब से देख सकेंगे। 

  • पत्रकारों के लिए बेहतरीन अवसर! 2032 तक डिजिटल जर्नलिस्ट की मांग में 13% तेजी, इंवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग में सबसे ज्यादा ग्रोथ

    पत्रकारों के लिए बेहतरीन अवसर! 2032 तक डिजिटल जर्नलिस्ट की मांग में 13% तेजी, इंवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग में सबसे ज्यादा ग्रोथ

     नई दिल्ली

    पत्रकार‍िता में जिस तरह एआई ने दख‍ल दिया है, हर तरफ से नकारात्मक खबरें ही सुनने को मिलती हैं. इस बीच जर्नलिज्म के छात्रों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर आई है. ग्लोबल रिपोर्ट्स और एम्प्लॉयमेंट प्रोजेक्शन के आंकड़ों ने साफ किया है कि साल 2032 तक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट्स की मांग में 13% की जबरदस्त तेजी आने वाली है. बता दें कि ये विकास दर अन्य सभी व्यवसायों की औसत वृद्धि दर से कहीं अधिक है। 

    बढ़ी'AI लिटरेट' पत्रकारों की तलाश
    मार्केट एनालिसिस से ये भी साफ हुआ है कि अब मीड‍िया कंपनियों को सिर्फ पारंपरिक रिपोर्टर नहीं, बल्कि ऐसे पत्रकार चाहिए जो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डेटा के साथ काम करने में सक्षम हों. डेटा जर्नलिज्म और सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट की मांग जिस तेजी से बढ़ रही है, उसके पीछे मुख्य कारण डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऑडियंस का बढ़ता जुड़ाव और रियल-टाइम एंगेजमेंट की जरूरत है। 

    इन क्षेत्रों में मिल रहे हैं सबसे ज्यादा मौके:

    डिजिटल कंटेंट स्पेशलिस्ट: कंपनियां ब्रांड लॉयल्टी और सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन के लिए स्टोरीटेलिंग के माहिर लोगों को ढूंढ रही हैं। 

    मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट: पॉडकास्ट, वीडियो और मोबाइल-फर्स्ट न्यूज के दौर में उन पत्रकारों की मांग बढ़ी है जो मल्टीपल चैनल्स पर कहानी कह सकें। 

    मीडिया एनालिस्ट: बिग डेटा और AI टूल्स के जरिए ऑडियंस के व्यवहार को समझने वाले प्रोफेशनल्स अब संपादकीय फैसलों में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। 

    टेक्निकल राइटर्स: हेल्थकेयर और फाइनेंस जैसे जटिल क्षेत्रों में सरल भाषा में जानकारी देने वाले पत्रकारों की भारी जरूरत है। 

    सैलरी में भी उछाल का रुझान
    हायरिंग ट्रेंड्स बताते हैं कि खोजी पत्रकारिता (इनवेस्ट‍िगेट‍िव रिपोर्ट‍िंग) और ब्रांडेड कंटेंट जैसे खास क्षेत्रों में सालाना सैलरी में 8% से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी जा रही है. यह साफ संकेत है कि जो जर्नलिस्ट अपनी स्किल्स को अपग्रेड करेंगे, उनके लिए करियर और कमाई, दोनों के रास्ते खुले हैं। 

  • 33% महिलाओं की भागीदारी के साथ BJP बनाएगी ‘नवीन टीम’, ड्रीम पर काम तेज

    33% महिलाओं की भागीदारी के साथ BJP बनाएगी ‘नवीन टीम’, ड्रीम पर काम तेज

      नई दिल्ली

    पश्चिम बंगाल और असम सहित पांच राज्यों के चुनाव नतीजे के बाद बीजेपी में कई अहम फैसले होंगे. बीजेपी अध्यक्ष की कमान संभाल रहे नितिन नवीन को अपनी टीम का गठन करना हो तो उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक कैबिनेट विस्तार पेंडिग है. बीजेपी संगठन और सरकार के हिसाब से मई का महीना कई बड़े बदलाव लेकर आएगा। 

    माना जा रहा है कि 4 मई को बाद बीजेपी नवीन टीम के साथ यूपी से बिहार तक कैबिनेट गठन को अमलीजामा पहनाने का काम करेगी. लंबे समय से लटके पड़े कई फ़ैसले मई में लागू होने की संभावना है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में योगी सरकार में फेरबदल शामिल है। 

    उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे पहले बीजेपी कैबिनेट विस्तार करके सियासी समीकरण को साधने की कवायद करना चाहती है. बिहार में सीएम और डिप्टीसीएम बनाए जाने के बाद अब कैबिनेट विस्तार होना है, जिसे अब बीजेपी अमलीजामा पहनाना चाहती है? बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने सारी तैयारी कर ली है, जिसे चार मई के बाद किसी भी दिन अमल में लाया जा सकता है? 
     
    नवीन टीम में युवा और महिलाओं को तवज्जे? 

    जेपी नड्डा की जगह नितिन नवीन बीजेपी के अध्यक्ष 2025 के आखिर में बन गए हैं, लेकिन पांच महीने के बाद भी अपनी टीम का गठन नहीं कर सके हैं. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने चार मई के बाद नवीन टीम के गठन का प्लान बनाया है. इस तरह संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव करने का है.  बीजेपीके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में जल्द ही एक नई टीम बनने की संभावना है। 

    माना जा रहा है कि नितिन नवीन की टीम में अनुभवी और युवा नेताओं का मिश्रण होगा ताकि एक संतुलन टीम बन सके. युवाओं के साथ महिलाओं को भी शामिल करने की रणनीति है. बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 33 फीसदी महिलाओं को शामिल करने की योजना है। 

    यूपी में योगी कैबिनेट का विस्तार का प्लान
    उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने भूपेंद्र चौधरी की जगह पर पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष तो बना दिया है, लेकिन अभी तक उनकी टीम नहीं बन सकी है. सूत्रों के अनुसार यूपी में ख़ाली पड़ें पदों को भरने के अलावा कुछ फेरबदल भी हो सकता है. इसमें कुछ मौजूदा मंत्रियों की ज़िम्मेदारी में बदलाव की भी संभावना है.पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी की सरकार में वापसी तय मानी जा रही है। 

    2027 के चुनावों को ध्यान में रख कर क्षेत्रीय जातीय समीकरणों को भी साधा जाएगा. बीजेपी नेताओं के अनुसार योगी कैबिनेट में फेरबदल के साथ ही प्रदेश बीजेपी में भी नई टीम का गठन होने की संभावना है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम और योगी कैबिनेट दोनों का निर्णय करते समय आगामी 2027 विधानसभा चुनाव का ध्यान रखा जाएगा। 

    बिहार में सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का गठन
    यूपी कैबिनेट विस्तार के साथ बिहार में सम्राट चौधरी के अगुवाई में बनी एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल का गठन होना है. बीजेपी जेडीयू के फार्मूले के अनुसार दोनों के पास सोलह-सोलह मंत्री पद रहने की संभावना है, वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास जो विभाग हैं, वो सभी बीजेपी कोटे से बनने वाले मंत्रियों को दिए जा सकते हैं. ऐसे ही जेडीयू के दोनों उपमुख्यमंत्रियों के पास के विभाग जेडीयू कोटे से बनने मंत्रियों को दिए जाएंगे। 

    उम्मीद है कि मई का महीना बीजेपी में संगठन और सरकार, दोनों ही स्तरों पर बड़े बदलाव लेकर आएगा. इन बदलावों की मुख्य वजह आगामी चुनाव और राजनीतिक संतुलन बनाए रखना होगा। 

  • GST कलेक्शन ने बनाया रिकॉर्ड, अप्रैल में 2.43 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा आंकड़ा

    GST कलेक्शन ने बनाया रिकॉर्ड, अप्रैल में 2.43 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा आंकड़ा

    नई दिल्ली
     ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में भारी इजाफा हुआ है। इससे भारत में आर्थिक गतिविधियों पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ा है। देश में अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 2.42 लाख करोड़ रुपये के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। नए वित्त वर्ष के पहले महीने जीएसटी कलेक्शन में भारी उछाल इस बात का संकेत है कि देश की इकॉनमी तेजी से आगे बढ़ रही है। अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन में पिछले साल के मुकाबले 8.7 फीसदी की तेजी आई है।

    इससे पहले एक महीने में सबसे अधिक जीएसटी कलेक्शन का रेकॉर्ड पिछले साल अप्रैल में बना था। उस महीने यह 2.37 लाख करोड़ रहा था। इस बार नेट जीएसटी कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल की तुलना में 7.3 फीसदी अधिक है। अप्रैल में टोटल रिफंड भी 19.3 फीसदी बढ़कर 31,793 करोड़ रुपये रहा। इस तरह नेट जीएसटी रेवेन्यू 2,10,909 करोड़ रुपये रहा। इसमें इम्पोर्ट लिंक्ड रेवेन्यू की मजबूत भूमिका रही।

    रेकॉर्ड पर जीएसटी कलेक्शन

        अप्रैल में GST कलेक्शन 2.42 लाख करोड़ के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
        यह कलेक्शन पिछले साल अप्रैल की तुलना में 8.7 फीसदी अधिक है
        पिछले साल अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन ₹2.37 लाख करोड़ रहा था
        नेट जीएसटी कलेक्शन भी 7.3% बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपये रहा
        महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु और यूपी सबसे आगे

    आयात से होने वाली कमाई में क्या रही खास बात?
    अप्रैल के जीएसटी कलेक्शन में एक खास बात आयात से जुड़ी जीएसटी रेवेन्यू के दबदबे का कायम रहना रहा। आयात पर आईजीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर लगभग 26% तो नेट कस्टम जीएसटी रेवेन्यू 42.9% की रफ्तार से बढ़ा, जो वैश्विक अस्थिरता के बावजूद कारोबार की मजबूती को दिखा रहा है। डेलाइट इंडिया के इनडायरेक्ट टैक्स पार्टनर एमएस मणि के मुताबिक इससे आयात में तेजी का पता चलता है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि कस्टम कलेक्शंस के आंकड़े नहीं होने के चलते इस तेज उछाल के कारणों का सटीक पता लगाना मुश्किल है।

    घरेलू खपत स्थिर लेकिन ग्रोथ धीमी
    आयात ने ओवरऑस ग्रोथ को तगड़ा सपोर्ट मिला लेकिन घरेलू जीएसटी कलेक्शन इसकी तुलना में सुस्त रही। ग्रास डोमेस्टिक रेवेन्यू अप्रैल महीने में सालाना आधार पर 4.3% की रफ्तार से बढ़कर ₹1.85 लाख करोड़ पर पहुंचा जिससे सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में कटौती के बाद भी खपत में स्थिर रुझान का संकेत मिला है। एमएस मणि का कहना है कि दरों में तेज कटौती के बावजूद घरेलू खपत पर जीएसटी कलेक्शन का बढ़ना खपत में अच्छी बढ़ोतरी का संकेत है। हालांकि एक अहम बात ये है कि यह ग्रोथ सभी राज्यों में एक जैसी नहीं रही। कुछ बड़ी मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमिंग स्टेट्स में लो-सिंगल-डिजिट ग्रोथ रही जैसे कि गुजरात में 3% और महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा में करीब 5% की ग्रोथ रही।

    ग्रास कलेक्शन में तेज उछाल लेकिन नेट रेवेन्यू की रफ्तार सुस्त
    मजबूत ग्रास के बावजूद नेट जीएसटी रेवेन्यू ग्रोथ सुस्त रही और यह सालाना आधार पर 7.3% बढ़कर ₹2.11 लाख करोड़ तक पहुंचा। इसकी मुख्य वजह रिफंड की अधिक स्पीड रही। अप्रैल में सालाना आधार पर टोटल रिफंड 19.3% की रफ्तार से बढ़ा तो घरेलू रिफंड 54% से अधिक बढ़ गया। टैक्स कनेक्ट एडवायजरी सर्विसेज एलएलपी के विवेक जालान का कहना है कि नेट डोमेस्टिक कलेक्शंस में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, क्योंकि रिफंड में तेज बढ़ोतरी हुई।

    टॉप 5 राज्य
    अप्रैल में ग्रॉस इम्पोर्ट रेवेन्यू 25.8 फीसदी उछलकर 57,580 करोड़ रुपये पहुंच गया जबकि ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू 4.3 फीसदी तेजी के साथ 1.85 लाख करोड़ रुपये रहा। कस्टम से नेट रेवेन्यू यानी आयात पर जीएसटी में 42.9 फीसदी तेजी आई जबकि नेट डोमेस्टिक रेवेन्यू में केवल 0.3 फीसदी तेजी रही। इससे साफ है कि अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन में तेजी में एक्सटरनल ट्रेड की अहम भूमिका रही।

    जीएसटी कलेक्शन में टॉप पांच राज्यों में महाराष्ट्र (13,793 करोड़ रुपये), कर्नाटक (5,829 करोड़ रुपये), गुजरात (5,455 करोड़ रुपये), तमिलनाडु (4,724 करोड़ रुपये) और उत्तर प्रदेश (4,399 करोड़ रुपये) शामिल हैं। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 8.3 प्रतिशत बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपए हो गया। पिछले वित्त वर्ष (2025) में यह 20.55 लाख करोड़ रुपये था। नेट जीएसटी कलेक्शन 19.34 लाख करोड़ रुपये रहा जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 7.1% अधिक है। यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत आर्थिक गतिविधि का संकेत देता है।

  • टीएमसी के आरोप और EC का जवाब: ममता की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं के पहरे की पूरी कहानी

    टीएमसी के आरोप और EC का जवाब: ममता की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं के पहरे की पूरी कहानी

    कलकत्ता

    पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग ख़त्म होने के एक दिन बाद ईवीएम और पोस्टल बैलट बॉक्स को रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर विवाद हो गया। 

    30 अप्रैल की दोपहर से शुरू हुआ ये विवाद शाम तक काफ़ी बढ़ गया और कई जगह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेताओं, उनके समर्थकों और प्रशासन-पुलिस के लोगों के बीच बहस देखने को मिली। 

    तृणमूल कांग्रेस के लोग स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर पुलिस-प्रशासन पर 'धांधली' करने के आरोप लगाते दिखे. वहीं बीजेपी ने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी हार रही है, इसलिए 'धांधली' के आरोप लगाए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण में विधानसभा की 142 सीटों पर वोटिंग हुई थी. नतीजे 4 मई को आएंगे। 

     टीएमसी ने स्ट्रॉन्गरूम में पोस्टल बैलट से छेड़छाड़ का आरोप लगाया और इसके बाद पार्टी के नेताओं के संबंधित जगह पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद भी पहुंच गईं और धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया. विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताया. मामले ने तूल पकड़ा तो चुनाव आयोग को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति साफ करनी पड़ी. इस दौरान क्या-क्या हुआ?

    शाम तीन बजे के बाद तक सब सामान्य था, फिर एक ई-मेल आया. ई-मेल में इस बात की सूचना थी कि शाम 4 बजे स्ट्रॉन्गरूम खुलेगा. टीएमसी नेता कुणाल घोष और शशि पांजा मौके पर पहुंचे, लेकिन उनको अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई. टीएमसी ने इस पर शक जताते हुए पार्टी प्रतिनिधियों के बिना पोस्टल बैलट और पिंक पेपर संभालने को लोकतंत्र के खिलाफ बताया. टीएमसी ने इसका वीडियो भी शेयर किया और इसके बाद सियासी पारा चढ़ता ही चला गया. कुणाल घोष और शशि पांजा स्ट्रॉन्गरूम के बाहर धरने पर बैठ गए. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंच गईं। 

    सीएम की अपील पर बड़ी तादाद में टीएमसी समर्थक पहले से ही मौके पर थे. सीएम ने समर्थकों से 24 घंटे स्ट्रॉन्गरूम की निगरानी करने की अपील की थी. ममता सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्गरूम में पहुंचीं और करीब तीन घंटे तक रहीं. इस स्कूल में भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम रखी हुई है, जहां से खुद ममता बनर्जी उम्मीदवार हैं. ममता बनर्जी करीब तीन घंटे तक स्ट्रॉन्गरूम में रहीं. स्ट्रॉन्गरूम से निकलने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने उनको अंदर जाने से रोक दिया. जब कहा कि मुझे जाने का अधिकार है, चुनाव नियमों के मुताबिक उम्मीदवार को सील कक्ष के बाहर तक जाने की अनुमति है, तब मुझे जाने दिया गया। 

    उन्होंने कई जगह गड़बड़ी मिलने का दावा करते हुए कहा कि अगर कोई गड़बड़ी हुई, तो हम लड़ेंगे. ईवीएम मशीन लूटने की कोई कोशिश करेगा, तो हम जिंदगी-मौत एक कर देंगे. टीएमसी के आक्रामक रुख, धरना-प्रदर्शन और आरोप के बीच कई घंटे तक माहौल गर्म बना रहा. इस दौरान टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ममता बनर्जी का यह नाटकीय रवैया पश्चिम बंगाल के लिए सबसे साफ एग्जिट पोल है। 

    टीएमसी के आरोप
    टीएमसी ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ मिलकर लोकतंत्र से खिलवाड़ का आरोप लगाया और कहा कि स्ट्रॉन्गरूम के आसपास उनकी जानकारी के बगैर हलचल हो रही है, जो गलत है. कुणाल घोष ने कहा कि तय यह हुआ था कि बिना बताए स्ट्रॉन्गरूम की सील नहीं तोड़ी जाएगी. फिर ऐसा क्यों हुआ? उन्होंने विपक्ष पर भी हमला बोला और कहा कि हम जब गलत का विरोध कर रहे हैं, तब बीजेपी को इतनी मिर्ची क्यों लग रही है। 

    चुनाव आयोग का जवाब
    टीएमसी के आरोप पर चुनाव आयोग को रात के समय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब देना पड़ा. चुनाव आयोग ने टीएमसी के आरोप सिरे से खारिज कर दिए और कहा कि स्ट्रॉन्गरूम में रखे बैलट की छंटनी की जा रही थी. यह प्रक्रिया का हिस्सा है. चुनाव आयोग ने दावा किया कि सभी पार्टियों को इसकी जानकारी पहले ही दे दी गई थी. बैलट बॉक्स के साथ किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है. खुदीराम अनुशीलन केंद्र के सभी सात स्ट्रॉन्गरूम पूरी तरह से सुरक्षित हैं. पोस्टल बैलट की छंटनी का काम दूसरे कमरे में चल रहा था। 

  • MP में श्रमिकों को 600 करोड़ का गिफ्ट: CM मोहन ने 27 हजार परिवारों को किया ट्रांसफर, गिग वर्कर्स को मिली राहत

    MP में श्रमिकों को 600 करोड़ का गिफ्ट: CM मोहन ने 27 हजार परिवारों को किया ट्रांसफर, गिग वर्कर्स को मिली राहत

    भोपाल 
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रमिकों के हित में केन्द्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाएं संचालित हैं। अब असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी संबल योजना का लाभ दिया जा रहा है। इनमें विभिन्न प्रकार की उपभोक्ता सामग्री पहुंचाने वाले गिग वर्कर्स और प्लेटफार्म वर्कर्स को भी शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश में 3529 गिक वर्कर्स को पहली बार योजना का लाभ प्रदान करने के लिये विभाग की सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस क्षेत्र के पात्र श्रमिकों को पंजीकृत कर सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करवाना हम सभी का दायित्व है। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालयीन बैठक कक्ष से सिंगल क्लिक द्वारा मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि  अंतरित करते हुए ये बातें कहीं। इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी उपस्थित थे। राशि अंतरण के अवसर पर प्रदेश के जिलों में स्थित प्रशासनिक अधिकारी, श्रमिक भाई और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी पहल शुरू की गई है। इस व्यवस्था में औद्योगिक संस्थाओं द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। श्रेष्ठ कार्य के लिए प्रतिष्ठानों को श्रम स्टार रेटिंग के माध्यम से आंकलन कर प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे श्रम कानूनों का बेहतर पालन करने वाले औद्योगिक संस्थानों की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। प्रदेश में 554 कारखानों ने स्वेच्छा से श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था को अपनाया है। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रम विभाग, श्रम संगठनों के साथ ही नागरिकों का भी यह दायित्व है कि जिस प्रतिष्ठान से खरीदारी करते हैं, वहां श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था लागू करने को प्रोत्साहित करें। ऐसे संस्थानों से उत्पाद क्रय करने और सेवाएं लेने को प्राथमिकता भी दी जाए जो श्रमिक भाइयों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 4 नई श्रम संहिताओं का प्रावधान किया है। राज्य सरकार भी इन संहिताओं के अनुरूप नियम तैयार कर लागू करेगी। श्रमिक हित में लागू की गई केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को दिलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबल योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन वाले 5 जिलों बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगौन की तरह अन्य जिलों से भी श्रमिकों को अनुग्रह सहायता देने के कार्य में सक्रिय प्रदर्शन की अपेक्षा की। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की श्रमिक हितैषी नीतियों में श्रम एवं पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने विश्वास व्यक्त कर श्रमिक कल्याण की प्राथमिकता के लिये आभार माना। मंत्री श्री पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में श्रमिकों के हित में प्रारंभ हुई योजना से अब तक एक करोड़ 83 लाख श्रमिक जुड़ चुके हैं। अब तक 8 लाख 27 हजार से अधिक प्रकरणों में 7 हजार 720 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता हितग्राहियों को दी जा चुकी है। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रमिकों को राशि अंतरित किए जाने के अवसर पर श्रम विभाग के अपर सचिव श्री संजय कुमार को उनके सेवानिवृत्ति दिवस पर भावी जीवन के लिए मंगलकामनाएं दीं। बैठक में सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  आलोक सिंह, श्रम विभाग के सचिव एम. रघुराज सहित अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।