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  • कांग्रेस ने हवाई यात्रा का किया इंतजाम, कहा- पीएम मोदी, बस उड़ान भरिए, लोग आपका इंतजार कर रहे

    कांग्रेस ने हवाई यात्रा का किया इंतजाम, कहा- पीएम मोदी, बस उड़ान भरिए, लोग आपका इंतजार कर रहे

      नई दिल्ली
    असम के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बेहद व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री से हिंसा प्रभावित मणिपुर जाने की अपील की है. 

    X पर एक पोस्ट में, खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा, "चुनाव वाले राज्य हमेशा आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होते हैं, लेकिन मणिपुर को "छोड़ा नहीं जाना चाहिए. राज्य 2023 से जल रहा है, और अब फिर से जल रहा है."

    खेड़ा ने दोनों राज्यों के बीच कम दूरी की तरफ इशारा करते हुए लिखा, “आप आज असम में हैं. मणिपुर यहां से सिर्फ एक घंटे की दूरी पर है. कृपया वहां भी जाइए. प्रधानमंत्री की उपस्थिति मणिपुर के लोगों को आश्वस्त करने में बहुत मददगार साबित हो सकती है.” 

    'मेरे पास आपका नंबर नहीं था…':
    कांग्रेस नेता ने फ्लाइट टिकट की फोटो साझा करते हुए लिखा, "आपकी आसानी के लिए हमने गुवाहाटी से इम्फाल का टिकट बुक कर दिया है, आपको बस विमान में सवार होना है. चूंकि मेरे पास आपका नंबर नहीं था, इसलिए मैं टिकट यहीं साझा कर रहा हूं." उन्होंने केंद्र के 'PM CARES' फंड पर कटाक्ष करते हुए संदेश दिया कि प्रधानमंत्री वहां जाकर दिखाएं कि वह वाकई मणिपुर की परवाह करते हैं.

    मणिपुर में 2023 से जारी हिंसा और बीच-बीच में भड़कती घटनाओं को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर सवाल उठाता रहा है. वहीं सरकार का कहना है कि शांति बहाली के प्रयास जारी हैं.

    प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. इस अनूठे राजनीतिक विरोध ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. जहां कांग्रेस समर्थक इसे मणिपुर की अनदेखी का मुद्दा बना रहे हैं, वहीं आलोचक इसे राजनीतिक नौटंकी करार दे रहे हैं.

  • सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई कार, सेना के 4 जवानों की सड़क हादसे में गई जान

    सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई कार, सेना के 4 जवानों की सड़क हादसे में गई जान

    जगदलपुर/मेदिनी नगर/पलामू.

    छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शनिवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में 201 कोबरा बटालियन के चार जवानों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम खपरी बाईपास के समीप हुआ।
    दुर्घटना इतनी भयावह थी कि कार ट्रक के नीचे जा घुसी और उसकी छत पूरी तरह उखड़ गई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोबरा बटालियन के जवान जगदलपुर से लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी तेज रफ्तार डिजायर कार खपरी बाईपास पर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार सीधे ट्रक के नीचे फंस गई और उसमें सवार जवान बुरी तरह अंदर जकड़ गए।

    कार को काटकर जवानों को बाहर निकाला
    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत दल ने गैस कटर की मदद से कार को काटकर जवानों को बाहर निकाला। चार जवानों को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल जवान को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू
    मृतकों में झारखंड के पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड अंतर्गत रानीदेवा गांव निवासी मुकेश कुमार भी शामिल हैं। जैसे ही गांव में उनके निधन की सूचना पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, मुकेश मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव के थे। उनके असमय निधन से गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े ट्रक से अचानक टकराव हादसे का कारण बना। इस हृदयविदारक घटना से सुरक्षाबलों के साथ-साथ पलामू जिले में भी गहरा शोक व्याप्त है।

  • डिब्रूगढ़ में बना नया इतिहास: हाईवे पर उतरा प्रधानमंत्री का विमान, क्या है आपात लैंडिंग सिस्टम?

    डिब्रूगढ़ में बना नया इतिहास: हाईवे पर उतरा प्रधानमंत्री का विमान, क्या है आपात लैंडिंग सिस्टम?

    डिब्रूगढ़
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम दौरे के तहत डिब्रूगढ़ पहुंच गए हैं. उनके दौरे की शुरुआत बेहद रणनीतिक रही, जब उनका विमान डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर नवनिर्मित इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा (ELF) पर उतरा. यह पहली बार है कि पीएम का विमान नेशनल हाइवे पर उतरा.

    पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की यह पहली सुविधा है, जो युद्ध और प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों में भारतीय वायुसेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगी.

    प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे. ₹3,030 करोड़ की लागत से बना यह 6-लेन पुल पूर्वोत्तर का पहला 'एक्स्ट्राडोज्ड' पुल है. इस आधुनिक पुल की मदद से गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच का सफर जो घंटों में तय होता था, अब मात्र 7 मिनट में सिमट जाएगा. इसमें भूकंपरोधी तकनीक और रियल-टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है.

    प्रधानमंत्री आईआईएम गुवाहाटी (IIM Guwahati) का उद्घाटन करेंगे, जो क्षेत्र में उच्च शिक्षा के मानक बदलेगा. साथ ही, कामरूप जिले में राष्ट्रीय डेटा केंद्र (National Data Center) का शुभारंभ होगा. 8.5 मेगावाट क्षमता वाला यह केंद्र पूर्वोत्तर की सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप से सुरक्षित और सशक्त बनाएगा.

    शहरी परिवहन को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे. इनमें से 100 बसें अकेले गुवाहाटी के लिए होंगी, जबकि बाकी नागपुर, भावनगर और चंडीगढ़ के लिए रवाना की जाएंगी.

    क्या है इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (14 फरवरी) असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर भारतीय वायुसेना के C-130J Super Hercules से लैंड किया. यह सुविधा ऊपरी असम में एक हाईवे स्ट्रिप पर बनाई गई है, जो युद्ध या आपातकाल में लड़ाकू विमानों, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के लिए वैकल्पिक लैंडिंग की जगह देगी. यह पूर्वोत्तर भारत की रक्षा और रणनीतिक तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम है. 

    ELF क्या है और डिब्रूगढ़ में क्यों खास?

    इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी एक ऐसा हाईवे स्ट्रिप होता है जहां सामान्य समय में गाड़ियां चलती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे रनवे में बदलकर विमान उतारे और उड़ाए जा सकते हैं. डिब्रूगढ़ ELF असम के ऊपरी हिस्से में है, जो भारत-चीन सीमा के बहुत करीब है.

    •     भारतीय वायुसेना (IAF) को अगर मुख्य एयरबेस पर हमला हो या क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो वैकल्पिक जगह देगी.
    •     विमानों को तैनात करने की सुविधा देगी, जिससे दुश्मन का निशाना लगाना मुश्किल हो जाएगा.
    •     पूर्वी सेक्टर में हवाई ऑपरेशंस की गहराई और जीवित रहने की क्षमता बढ़ाएगी.
    • पहले ही सफल रिहर्सल हो चुकी है
    • इस ELF की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. हाल ही में पूर्ण पैमाने 'रिहर्सल' की गई…

        राफेल और सुखोई-30 MKI जैसे लड़ाकू विमान.
        C-130J सुपर हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट.
        डोर्नियर सर्विलांस विमान.
        एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH).

    ये सभी विमान हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक उतरे और उड़े. 'टच एंड गो' मैन्यूवर्स और कॉम्बैट फॉर्मेशन लैंडिंग भी की गई. हेलीकॉप्टरों से घायलों को निकालने (कैजुअल्टी इवैक्यूएशन) का अभ्यास भी हुआ. यह सुविधा युद्ध के साथ-साथ मानवीय सहायता मिशनों में भी काम आएगी.

    प्रधानमंत्री मोदी खुद IAF के C-130J विमान से इस स्ट्रिप पर उतरे. यह 2021 में उत्तर प्रदेश में बने इसी तरह के स्ट्रिप की तरह होगा, जहां भी उन्होंने विमान से लैंडिंग की थी. यह सेना की क्षमता का प्रदर्शन भी है.

    देशभर में ELF का नेटवर्क

    डिब्रूगढ़ ELF अकेला नहीं है. सड़क परिवहन मंत्रालय और IAF मिलकर देशभर में ऐसे 28 स्थानों की पहचान कर चुके हैं. असम में ही 5 ELF बन रहे हैं. कई पहले से ऑपरेशनल हैं. सभी IAF एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड्स को आधुनिक बनाया जा चुका है.

    पूर्वोत्तर में अन्य रणनीतिक प्रोजेक्ट्स

    यह सुविधा पूर्वोत्तर की रक्षा को मजबूत करने की बड़ी योजना का हिस्सा है…

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे प्रस्तावित अंडरवाटर रोड-रेल सुरंग – नदी के उत्तर और दक्षिण तट के बीच तेज आवाजाही. कई स्ट्रैटेजिक टनल और ऑल-वेदर रोड – बरसात या आपदा में भी कनेक्टिविटी बनी रहे. ये प्रोजेक्ट्स सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) पर निर्भरता कम करेंगे. सेना की तेज तैनाती सुनिश्चित करेंगे.

    क्यों जरूरी है यह सब?

    पूर्वोत्तर भारत की संवेदनशील सीमाओं (चीन, म्यांमार, बांग्लादेश) के पास है. यहां का इलाका मुश्किल है – नदियां, पहाड़, बाढ़. ये प्रोजेक्ट्स… प्राकृतिक आपदाओं और दुश्मन हमले दोनों से बचाव देंगे. सेना को तेज रिस्पॉन्स और बेहतर लॉजिस्टिक्स देंगे. रक्षा के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी कनेक्टिविटी और विकास लाएंगे.

    डिब्रूगढ़ ELF पूर्वोत्तर की रक्षा रीढ़ को मजबूत करने वाला मील का पत्थर है. यह भारत की रणनीतिक सोच को दर्शाता है – भूगोल की चुनौतियों को ताकत में बदलना. आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट्स पूर्वोत्तर को और सुरक्षित और विकसित बनाएंगे.

  • सरकार का बड़ा फैसला: IAS अधिकारियों के तबादले, दीपक सक्सेना को आबकारी आयुक्त पद मिला

    सरकार का बड़ा फैसला: IAS अधिकारियों के तबादले, दीपक सक्सेना को आबकारी आयुक्त पद मिला

    भोपाल
     राज्य सरकार ने शुक्रवार आधी रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 11 आईएएस और 4 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. नई लिस्ट के अनुसार, कई अहम विभागों में शीर्ष स्तर पर बदलाव हुआ है. 2009 बैच के मनीष सिंह को दोबारा जनसंपर्क आयुक्त बनाया गया है, जबकि अब तक जनसंपर्क की कमान संभाल रहे दीपक कुमार सक्सेना को आबकारी आयुक्त ग्वालियर की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

    स्वास्थ्य और वन विभाग में अदला-बदली
    अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को वन विभाग से हटाकर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और भोपाल गैस त्रासदी विभाग की कमान सौंपी गई है. उनके पास पर्यावरण विभाग पहले की तरह बना रहेगा, इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा आयुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी वर्णवाल को दी गई है. वहीं प्रमुख सचिव संदीप यादव को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से हटाकर वन विभाग का मुखिया बनाया गया है. उन्हें प्रवासी भारतीय विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है.

     

    MP में 11 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर

    IAS अधिकारी वर्तमान पदस्थापना नवीन पदस्थापना
    IAS अशोक बर्णवाल (1991) अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, वन विभाग तथा कृषि उत्पादन आयुक्त, मध्य प्रदेश तथा अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग एवं पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक, एप्को (अतिरिक्त प्रभार) (1) अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा
    (2) अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा कृषि उत्पादन आयुक्त, मध्य प्रदेश तथा अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग तथा पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक, एप्को तथा आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्य प्रदेश भोपाल (अतिरिक्त प्रभार)
    IAS संदीप यादव (2000) प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, प्रवासी भारतीय विभाग तथा आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्य प्रदेश भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) (1) प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, वन विभाग तथा
    (2) प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, प्रवासी भारतीय विभाग (अतिरिक्त प्रभार)
    IAS अजय गुप्ता (2009) संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मध्य प्रदेश, भोपाल प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर
    IAS मनीष सिंह (2009) सचिव, मध्य प्रदेश शासन, जेल विभाग तथा सचिव, मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, भोपाल तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड (अतिरिक्त प्रभार) (1) आयुक्त, जनसंपर्क मध्य प्रदेश, भोपाल तथा
    (2) सचिव, मध्य प्रदेश शासन, परिवहन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, भोपाल तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश माध्यम (अतिरिक्त प्रभार)
    IAS अभिजीत अग्रवाल (2010) आबकारी आयुक्त, मध्य प्रदेश, ग्वालियर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल
    IAS दीपक कुमार सक्सेना (2010) आयुक्त, जनसंपर्क मध्यप्रदेश, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश माध्यम (अतिरिक्त प्रभार) आबकारी आयुक्त, मध्य प्रदेश, ग्वालियर
    IAS उमाशंकर भार्गव (2011) राज्यपाल के अपर सचिव, राजभवन, भोपाल संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मध्य प्रदेश, भोपाल
    IAS सुनील दुबे (2016) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, भिंड राज्यपाल के उप सचिव, राजभवन, भोपाल
    IAS संघमित्रा गौतम (2016) उप सचिव, मध्य प्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, अलीराजपुर
    IAS नंदा भलावे कुशरे (2019) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आगर मालवा अपर परियोजना संचालक, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, भोपाल
    IAS कमल सोलंकी (2019) उप सचिव, मध्य प्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, रायसेन

    3 SAS अधिकारियों का भी तबादला

    • अधिकारी शिवशेखर शुक्ला, भाप्रसे (1994), अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, गृह विभाग तथा अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग तथा आयुक्त-सह-संचालक, स्वराज संस्थान एवं न्यासी सचिव, भारत भवन तथा अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग (अतिरिक्त प्रभार) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जेल विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा गया है.
    • अधिकारी अजय गुप्ता, भाप्रसे (2009) द्वारा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर का कार्यभार ग्रहण करने पर अधिकारी विशेष गढ़पाले, भाप्रसे (2008) प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, जबलपुर तथा सचिव, मध्य प्रदेश शासन, ऊर्जा विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर (अतिरिक्त प्रभार) केवल प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे.
    • अधिकारी अभिजीत अग्रवाल, भाप्रसे (2010) द्वारा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री कुमार पुरुषोत्तम, भाप्रसे (2012) प्रबंध संचालक, कृषि विपणन बोर्ड-सह-आयुक्त, मण्डी, मध्य प्रदेश, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) केवल प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे.

    मनीष सिंह फिर संभालेंगे जनसंपर्क
    सरकार ने 2009 बैच के मनीष सिंह को दोबारा जनसंपर्क विभाग की कमान दी है. वे पहले भी इस विभाग का नेतृत्व कर चुके हैं. उनके पास परिवहन और जेल विभाग पूर्ववत रहेंगे. साथ ही मप्र राज्य सड़क परिवहन निगम और इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा. जनसंपर्क संभाल रहे दीपक कुमार सक्सेना को अहम जिम्मेदारी देते हुए आबकारी आयुक्त ग्वालियर बनाया गया है. लंबे समय से आबकारी देख रहे अभिजीत अग्रवाल को मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ भोपाल का प्रबंध संचालक बनाकर वापस बुलाया गया है.

    कृषि वर्ष से पहले अहम बदलाव
    किसान कल्याण एवं कृषि विभाग से अजय गुप्ता को ह
    टाकर मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है. राज्यपाल के अपर सचिव रहे उमाशंकर भार्गव को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग का संचालक बनाया गया है. यह बदलाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्य सरकार वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रही है. ऐसे में कृषि विभाग में नई प्रशासनिक रणनीति के संकेत माने जा रहे हैं.

    इसके साथ ही भिंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील दुबे को राज्यपाल का उप सचिव बनाया गया है. जबकि उच्च शिक्षा विभाग की उपसचिव संघमित्रा गौतम को आलीराजपुर जिले का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है. आगर मालवा की सीईओ नंदा भलावे कुशरे को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का परियोजना संचालक बनाया गया है. जबकि कमल सोलंकी को रायसेन जिले का मुख्य कार्यक्रम अधिकारी नियुक्त किया गया है.

    राज्य प्रशासनिक सेवा के भी तबादले
    आईएएस के साथ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में भी फेरबदल किया गया है. शाजापुर के अपर कलेक्टर भुरला सिंह सोलंकी को जिला पंचायत आगर मालवा का सीईओ, मिलिंद कुमार नामदेव को खरगोन और वीर सिंह चौहान को भिंड जिला पंचायत का सीईओ बनाया गया है. जबकि राकेश शर्मा को मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल का मुख्य महाप्रबंधक बनाया गया है.

  • रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक: भारत ने चार बड़ी ताकतों के साथ संतुलन बनाकर दुनिया को चौंकाया

    रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक: भारत ने चार बड़ी ताकतों के साथ संतुलन बनाकर दुनिया को चौंकाया

    नई दिल्ली

    भारत के रक्षा मंत्रालय ने करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी. इससे पहले बीते कुछ महीनों में कई अन्य प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है. भारत ऐसा अपनी रक्षा तैयारियों को आधुनिक बनाने के लिए कर रहा है. लेकिन, भारत ने अपनी इन रक्षा तैयारियों में अपनी पारंपरिक नीति से अलग एक बड़ा रणनीतिक बदलाव किया है. वह अब किसी एक देश पर पूरी तरह निर्भर नहीं है. उसने अपनी विदेश नीति की तरह ही रक्षा खरीद नीति में मल्टीपोलर बना दिया है. बीते कुछ महीनों के डेवलपमेंट को देखा जाए तो ऐसा लगता है कि भारत ने इस नीति में रूस के साथ-साथ अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी जैसे सुपरपावर्स को साधने का काम किया है. तकनीकी रूप से जर्मनी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं है लेकिन वह एक बहुत बड़ी आर्थिक शक्ति और सैन्य शक्ति है.

    भारत की इस रणनीति का उद्देश्य किसी एक वैश्विक पावर पर अत्यधिक निर्भरता से बचते हुए पूर्व और पश्चिम दोनों से सर्वश्रेष्ठ तकनीक हासिल करने की है. हाल के महीनों में रूस, अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी के साथ बड़े सौदों ने न केवल इन देशों को साधने का काम किया है, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और रणनीतिक स्वायत्तता को भी मजबूत किया है.

    रूस के साथ मजबूत रणनीतिक रिश्ते

    रूस भारत का सबसे पुराना और भरोसेमंद रक्षा साझेदार बना हुआ है. वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों के बावजूद रूस मौजूदा वक्त में सैन्य हार्डवेयर का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है. ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का संयुक्त उद्यम इसका प्रमुख उदाहरण है. S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की दो स्क्वाड्रन इसी साल डिलीवर होने वाले थहैं. इतना ही नहीं गुरुवार को ही रक्षा मंत्रालय ने रूस से 10 हजार करोड़ में एस-400 सिस्टम की मिसाइलें खरीद फैसला किया. इसी तरह रूस के साथ मिलकर ही यूपी के अमेठी में 6 लाख से अधिक AK-203 असॉल्ट राइफलों का स्वदेशी उत्पादन चल रहा है. सरकारी कंपनी एचएएल में Su-30MKI इंजनों का निर्माण भी रूस के सहयोग से चल रहा है. ये सौदे रूस को भारत में स्थायी बाजार देते हैं, जबकि भारत को सस्ती और विश्वसनीय तकनीक मिलती है.

    अमेरिका से मिलेगा हाईटेक तकनीक

    अमेरिका के साथ संबंध खरीदार-विक्रेता से व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी तक पहुंच चुके हैं. GE-F414 जेट इंजन सौदा सबसे बड़ा ब्रेकथ्रू है, जिसमें HAL के साथ 80 फीसदी तकनीक ट्रांसफर की बात चल रही है. यह सुविधा पहले केवल NATO सहयोगियों को मिलती थी. यह सौदा मार्च 2026 तक फाइनल होने की उम्मीद है, जो तेजस MkII और AMCA जैसे स्वदेशी फाइटर को पावर देगा. इसके अलावा, 31 MQ-9B सी गार्जियन ड्रोन और 6 अतिरिक्त P-8I पोसीडॉन विमानों की खरीद हिंद महासागर में अभूतपूर्व निगरानी प्रदान करेगी. अमेरिका को भारत एक पसंदीदा सुरक्षा भागीदार मिलता है, जबकि भारत को ‘सबमरीन हंटर’ जैसी उन्नत क्षमता मिलती है.

    रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस से 114 राफेल खरीदने को मंजूरी दे दी है.

    फ्रांस बना एक सबसे भरोसेमंद साझेदार

    फ्रांस भारत का सबसे भरोसेमंद पश्चिमी साथी साबित हुआ है, जहां तकनीक साझा करने में कोई शर्त नहीं लगाई जाती. 36 राफेल फाइटर की सफल खरीद के बाद रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने गुरुवार को 114 राफेल जेट्स की मंजूरी दी है. यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा है. इनमें से ज्यादातर भारत में निर्मित होंगे, जिसमें 50 फीसदी स्वदेशी सामग्री होगी. नौसेना के लिए 26 राफेल-एम (मरीन) पहले ही क्लियर हैं. स्कॉर्पीन (कलवरी-क्लास) सबमरीन पर सहयोग जारी है, जहां मझगांव डॉक अतिरिक्त यूनिट बना रहा है. फ्रांस को भारत में बड़ा बाजार और सह-उत्पादन मिलता है, जबकि भारत को हाई-परफॉर्मेंस फाइटर और
    जर्मनी के साथ सबमरीन डील

    जर्मनी भारत की अंडरवाटर डोमिनेंस में प्रमुख भूमिका निभा रहा है. प्रोजेक्ट-75(I) के तहत थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (TKMS) के साथ 6 एडवांस्ड कन्वेंशनल सबमरीन का सौदा करीब $8-10 बिलियन (70,000-90,000 करोड़) का है. जनवरी 2026 में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की यात्रा के दौरान सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए और मार्च तक यह सौदा फाइनल होने की उम्मीद है. ये सबमरीन मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड में बनेंगी, जिसमें फुल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा. ये सबमरीन लंबे समय तक पानी के नीचे रह सकेंगी.

  • दिल्ली के आदेश पर MP कांग्रेस ने किया बड़ा एक्शन, कई पदाधिकारी हटाए और जिलों की कार्यकारिणी भंग

    दिल्ली के आदेश पर MP कांग्रेस ने किया बड़ा एक्शन, कई पदाधिकारी हटाए और जिलों की कार्यकारिणी भंग

    भोपाल
    मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठनात्मक सख्ती दिखाते हुए चार जिलों की जिला कार्यकारिणी भंग कर दी है। यह फैसला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश के बाद लिया गया है। अब नई गाइडलाइन के अनुसार दोबारा कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।

    AICC ने सभी राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छोटे जिलों में अधिकतम 31 और बड़े जिलों में 51 से ज्यादा सदस्य कार्यकारिणी में शामिल नहीं किए जाएं। इसी निर्देश के पालन में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने छिंदवाड़ा, सागर, मऊगंज और झाबुआ जिलों में घोषित पदाधिकारियों से जिम्मेदारियां वापस ले ली हैं।

    कितने सदस्य कार्यकारिणी में शामिल किए जाएंगे?

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) और जिला अध्यक्षों को भेजे गए पत्र में जिला कार्यकारिणी का नया स्वरूप तय किया गया है. निर्देश के अनुसार, बड़े जिलों में अधिकतम 51 और छोटे जिलों में 31 सदस्य ही कार्यकारिणी में शामिल किए जा सकेंगे. इससे अधिक सदस्यों को शामिल करने की अनुमति नहीं होगी. इसी मानक के आधार पर अब सभी जिलों में पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. दरअसल, जिला अध्यक्षों ने करीब तीन महीने की मशक्कत के बाद कार्यकारिणी की सूची तैयार कर पीसीसी को भेजी थी.

    पीसीसी स्तर पर परीक्षण के बाद चार जिलों की कार्यकारिणी घोषित भी कर दी गई थी, जबकि शेष जिलों की घोषणा 15 फरवरी तक करने की तैयारी थी. इसी बीच केंद्रीय नेतृत्व का नया फरमान आ गया, जिससे पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ी.

    नाम काटना संगठन के सामने बनेगा चुनौती

    नई सीमा लागू होने के बाद जिला अध्यक्षों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहले से घोषित या प्रस्तावित नामों में कटौती की है. जिन नेताओं के नाम कार्यकारिणी से हटाए जाएंगे, उनकी नाराजगी स्वाभाविक मानी जा रही है. वहीं, पीसीसी को भी सभी जिलों की संशोधित सूचियों का दोबारा परीक्षण करना होगा, जिसके बाद ही अंतिम घोषणा संभव होगी.

    कमलनाथ के जिले में बनी जंबो कार्यकारिणी

    प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले ने पुष्टि करते हुए कहा कि सभी जिलों की कार्यकारिणी नए सिरे से बनाई जाएगी. प्रयास है कि फरवरी माह के भीतर सभी जिलों की कार्यकारिणी घोषित कर दी जाए. वहीं छिंदवाड़ा जिले की कार्यकारिणी सबसे बड़ी थी, जिसमें कुल 261 सदस्य शामिल थे. इसमें 73 महामंत्री, 68 सचिव, 62 आमंत्रित सदस्य और अन्य पदाधिकारी थे. सूत्रों के अनुसार, इसी तरह की भारी-भरकम कार्यकारिणियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने आकार सीमित करने का निर्णय लिया है, ताकि संगठन अधिक चुस्त-दुरुस्त और सक्रिय बने तथा पदाधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके.

    गौरतलब है कि AICC के निर्देश जारी होने से मात्र दो दिन पहले ही इन चारों जिलों में नई कार्यकारिणी घोषित की गई थी। उस दौरान बड़े पैमाने पर पद बांटे गए थे। खासकर छिंदवाड़ा जिले में कांग्रेस ने 250 से अधिक पदाधिकारियों की घोषणा कर दी थी, जिसे लेकर संगठन के भीतर भी चर्चा तेज हो गई थी। अब पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि संगठन में संतुलन और अनुशासन बनाए रखने के लिए तय मानकों के अनुसार ही नई कार्यकारिणी गठित की जाएगी। 

  • ऑस्ट्रेलिया को जिम्बाब्वे का झटका, वर्ल्ड कप में दूसरी बार आया अप्रत्याशित उलटफेर

    ऑस्ट्रेलिया को जिम्बाब्वे का झटका, वर्ल्ड कप में दूसरी बार आया अप्रत्याशित उलटफेर

     कोलंबो 
    Australia vs Zimbabwe ICC Men's T20 World Cup 2026: आईसीसी मेन्स  टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब जिम्बाब्वे ने क्रिकेट की दिग्गज टीम ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से करारी शिकस्त दे दी.

    इस टूर्नामेंट के इतिहास में यह लगातार दूसरी बार है जब जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराया. इससे पहले साल 2007 में ऐसा हुआ था. कुल म‍िलाकर ज‍िम्बाब्वे की टीम दोनों ही बार ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ टी20 वर्ल्ड कप में जीती है. 

    आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-बी का 19वें मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में हुआ. लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्स्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत काफी खराब रही.जोश इंग्लिस, कैमरन ग्रीन , टिम डेविड और ट्रेविस हेड के रूप में ऑस्ट्रेलिया ने अपने चार बड़े विकेट 29 रन के अंदर ही गंवा दिए.

    हालांकि इसके बाद ग्लेन मैक्सवेल और मैट रेनशॉ ने मिलकर पारी को संभालने की कोश‍िश की. दोनों के बीच 59 गेंदों में 77 रन की पार्टनरश‍िप हुई. जब तक ये जोड़ी क्रीज पर टिकी हुई थी, लगा ऑस्ट्रेलिया की टीम जीत जाएगी. मगर रयान बर्ल ने मैक्सवेल की पारी को 31 रन पर रोककर इस पार्टनरशिप को तोड़ दिया. इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया की पारी भी ब‍िखर गई. मार्कस स्टोइन‍िस और बेन ड्वारशुइस दोनों छह रन बना पाए. रेनशॉ भी 44 गेंदों में 65 रन बनाकर आउट हो गए. उनके रूप में ऑस्ट्रेलिया को 139 रन पर 8वां झटका लगा. एडम जाम्पा दो रन के स्कोर पर बोल्ड हो गए. 

    जहा जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 2 विकेट पर 169 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया. ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, लेकिन ब्रायन बेनेट ने 56 गेंदों पर नाबाद 64 रनों की संयमित पारी खेलकर पारी को थामे रखा. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मार्कस स्टोइनिस और कैमरन ग्रीन ने एक-एक विकेट लिया.

    जवाब में खेलने उतरी ऑस्ट्रेल‍िया की टीम टारगेट से 23 रन पीछे रह गई.  

     

    टी20 इंटरनेशन में ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे चौथी बार आमने-सामने हुए. अब तक ऑस्ट्रेलिया ने 2 और जिम्बाब्वे ने 2 बार एक-दूसरे को पराजित किया. लेकिन जिम्बाब्वे ने दोनों ही बार कंगारुओं को टी20 वर्ल्ड कप में मात दी.  

    – ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है. 13 फरवरी 2026 को कोलंबो (आरपीएस) में खेले गए मुकाबले में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर बड़ा उलटफेर किया.

    – इससे पहले 2018 में हरारे में खेले गए दो मैचों में ऑस्ट्रेलिया ने दबदबा दिखाया था- 6 जुलाई को 5 विकेट से और 3 जुलाई को 100 रनों की विशाल जीत दर्ज की थी.

    – वहीं, टी20 वर्ल्ड कप 2007 में केप टाउन में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर इतिहास रचा था. कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि भले ही ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी रहा हो, लेकिन जिम्बाब्वे ने भी बड़े मंच पर चौंकाने की काबिलियत साबित की है.

  • सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी कमी, निवेशकों के लिए राहत, 22K गोल्ड के दाम 8 हजार कम

    सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी कमी, निवेशकों के लिए राहत, 22K गोल्ड के दाम 8 हजार कम

    इंदौर 
    13 फरवरी 2026 को सोना और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट आई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, गुरुवार शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का दाम ₹1,42,575 प्रति 10 ग्राम था, जो शुक्रवार को घटकर ₹1,33,920 प्रति 10 ग्राम आ गया है. वहीं, चांदी (999, प्रति किलो) के रेट में भी शुक्रवार को 17 हजार रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है.सोने चांदी का भाव में आज यानि 13 फरवरी 2026 को बड़ी गिरावट रिकॉर्ड हो रही है। अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट कॉमेक्स पर मार्केट ओपन होते ही गोल्ड और सिल्वर रेट में बड़ी गिरावट देखने, को मिली है। एमसीएक्स पर भी कल यानि 12 फरवरी को मार्केट क्लोज होने तक चांदी के भाव में 9% से ज्यादा की गिरावट रिकॉर्ड हुई थी। सोने का भाव भी 4% से ज्यादा गिर गए। मार्केट के जानकारों का कहना है कि भू राजनीतिक तनाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की नीतियों और महंगाई के आंकड़ों से सोने चांदी की चाल तय होगी। इसके अलावा डॉलर की स्थिति भी कमोडिटी मार्केट को प्रभावित कर रही है।

    Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट

                                  शुद्धता               गुरुवार शाम का रेट     शुक्रवार सुबह का रेट     जानें कितना सस्ता हुआ गोल्ड/सिल्वर

    सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)     155650                         152751                     ₹2899 सस्ता
    सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)     155027                         152139                     ₹2888 सस्ता
    सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)     142575                         133920                     ₹8655 सस्ता
    सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)     116738                         114563                     ₹2175 सस्ता
    सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)     91055                           89359                       ₹1696 सस्ता
    चांदी (प्रति 1 किलो)     999                    259133                         241945                      ₹17188 सस्ता

    IBJA रेट (गुरुवार, 12 फरवरी 2026)

    गुरुवार को सोने का भाव (999 शुद्धता):
    सुबह का रेट: ₹156147 प्रति 10 ग्राम
    शाम का रेट: ₹155650 प्रति 10 ग्राम

    गुरुवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता):
    सुबह का रेट: ₹260614 प्रति किलो
    शाम का रेट: ₹259133 प्रति किलो

    कॉमेक्स पर कैसा है सोना चांदी का हाल
    कॉमेक्स पर मार्केट ओपन होने के बाद सोने का भाव $4,953.00 प्रति औन्स से नीचे आ गया। कल गोल्ड रेट $5,081.50 प्रति औन्स और सिल्वर रेट $82.515 प्रति औन्स के साथ ओपन हुए थे, लेकिन उसके बाद भी गिरावट जारी रही। आज सिल्वर रेट गिरावट के साथ $74.865 प्रति औन्स पर ओपन हुआ है।

    घरेलू कमोडिटी मार्केट का हाल
    MCX पर गुरुवार को 02 अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना एक दिन में 4.07% की गिरावट के बाद 1,52,300 रुपये प्रति दस ग्राम पर क्लोज हुआ था। इसके अलावा 05 मार्च 2025 डिलीवरी वाली चांदी MCX पर एक दिन में 9.84% की बड़ी गिरावट के बाद 2,37,136 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

    कमोडिटी मार्केट में जारी है उठापटक
    इस महीने की शुरुआत से ही सोने, चांदी, तांबे जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में वोलैटिलिटी बनी हुई है। निवेशकों के साथ ही आम जनता भी स्थिरता का इंतजार कर रहे हैं। फेड रिजर्व बैंक की पॉलिसी, भू राजनीतिक तनाव में कमी, डॉलर की कीमतों में उतार चढ़ाव से मार्केट काफी प्रभावित होता है इसीलिए बाजार के जानकारों द्वारा निवेशकों को यह सलाह दी जाती है कि ऐसे वोलेटाइल मार्केट में निवेश करने से पहले हर छोटी बड़ी अपडेट पर नजर बनाकर रखें। इस समय सतर्क रुख अपनाना जरूरी है। 

    इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.

  • सर्दी जा रही, गर्मी बढ़ रही: मध्य प्रदेश में पारा 30 डिग्री के पार, अगले सप्ताह नए मौसम सिस्टम से सीमित बदलाव

    सर्दी जा रही, गर्मी बढ़ रही: मध्य प्रदेश में पारा 30 डिग्री के पार, अगले सप्ताह नए मौसम सिस्टम से सीमित बदलाव

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में अब सर्दी की रवानगी शुरू हो चुकी है. न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी साफ दिखाई दे रही है और दिन का पारा तेजी से चढ़ रहा है. प्रदेश के 15 से ज्यादा शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. वहीं ज्यादातर शहरों में रात का तापमान भी 10 डिग्री से ऊपर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है, लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना है. यानी अब ठंड धीरे-धीरे विदा लेने वाली है.

    वेस्टर्न डिस्टरबेंस का सीमित असर
    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. हालांकि इनका असर पहाड़ी इलाकों तक ही सीमित रहेगा. मध्यप्रदेश में इसका प्रभाव बहुत कम देखने को मिलेगा. फिलहाल प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्के बादल छाए हुए हैं और कुछ जिलों में मौसम बदला-बदला नजर आ रहा है, लेकिन तेज ठंड की वापसी के आसार नहीं हैं.

    कुछ जिलों में हल्के बदल 
    फिलहाल सक्रिय मौसमी हलचल के कारण प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्के बादल देखे जा रहे हैं। कुछ जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया और गुरुवार को भी आंशिक बादल छाए रह सकते हैं।

    ठंड का हल्का एक और दौर संभव
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों में बर्फबारी के बाद जब सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलेगी, तब तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इससे प्रदेश में हल्की ठंड की वापसी हो सकती है, हालांकि तीखी सर्दी की संभावना नहीं है।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमा
    14 फरवरी: कुछ जिलों में सुबह हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश के आसार नहीं हैं। दिन में बादल छा सकते हैं।
    15 फरवरी: सीमित इलाकों में हल्का कोहरा रहेगा। वर्षा की संभावना नहीं।

    इन शहरों में 30°C पार
    धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी सहित 15 से अधिक शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी गई। नर्मदापुरम और सागर में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री या उससे अधिक रहा। दूसरी ओर पचमढ़ी में सबसे कम 8.2 डिग्री दर्ज हुआ। खजुराहो, मंदसौर, कटनी (करौंदी), रीवा और राजगढ़ में भी पारा 10 डिग्री के आसपास या उससे अधिक रहा। प्रदेश में अब ठंड की पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है और मौसम धीरे-धीरे गर्मी की ओर रुख कर रहा है। 

    हल्की सर्दी का एक और दौर

    मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। हल्की सर्दी का एक और दौर आ सकता है।

    अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम

        14 फरवरी- कुछ जिलों हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छा सकते हैं।
        15 फरवरी- कुछ ही जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है।

    इन जिलों में पारा बढ़ा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी समेत 15 शहरों में पारा 30 डिग्री के पार रहा।

    वहीं, गुरुवार-शुक्रवार की रात में नर्मदापुरम और सागर में तापमान 17 डिग्री या इससे अधिक पहुंच गया। वहीं, पचमढ़ी में सबसे कम 8.2 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 8.6 डिग्री, मंदसौर में 9.7 डिग्री, कटनी के करौंदी में 10 डिग्री, रीवा में 10.2 डिग्री और राजगढ़ में तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में तापमान 10 डिग्री से ज्यादा रहा।

    भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म

    भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है।

  • Wall Street से Dalal Street तक कोहराम, निवेशकों के अरबों डूबे; समझिए गिरावट की बड़ी वजहें

    Wall Street से Dalal Street तक कोहराम, निवेशकों के अरबों डूबे; समझिए गिरावट की बड़ी वजहें

    मुंबई 

    अमेरिका से भारतीय शेयर बाजार तक कोहराम मचा हुआ है. इसकी सबसे बड़ी वजह AI को लेकर चिंता अब ग्‍लोबल स्‍तर पर आ चुकी है. एआई से मार्केट में भारी गिरावट देखी जा रही है. खासकर आईटी कंपनियों के लिए तो बड़ा संकट खड़ा हो चुका है. शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भी खुलते ही तेजी से गिरा. 

    सेंसेक्‍स 772.19 अंक या 0.92% टूटकर 82,902.73 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 0.78 फीसदी या 200.30 अंक गिरकर  25,606.90 पर कारोबार कर रहा था. सबसे ज्‍यादा गिरावट आईटी शेयरों में देखी जा रही है. टीसीएस इंफोस‍िस, एचसीएल टेक से लेकर महिंद्रा टेक के शेयर करीब 6 फीसदी तक गिरे हैं.  

    BSE के टॉप 30 शेयरों में से 24 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. बाकी 6 शेयरों में तेजी है, जो मामूली तेजी पर हैं. Infosys में करीब 6 फीसदी, टीसीएस में 5 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. एचसीएल टेक 4.14 फीसदी और टेक महिंद्रा के शेयरों में करीब 3 फीसदी की गिरावट है.  

    बीएसई के 3,337  शेयरों में से 847 शेयरों में तेजी और 2,327 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. 163 शेयर अनचेंज हैं. 41 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर और 106 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर हैं. वहीं 55 शेयरों में लोअर सर्किट और 79 शेयरों में अपर सर्किट है.                
    अमेरिकी बाजार में 90 लाख करोड़ स्‍वाहा

    वहीं अमेरिका में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई है. वहीं अब एशियाई मार्केट में भी गिरावट हावी है. निवेशकों को डर है कि नए AI टूल्स कई पारंपरिक बिजनेस मॉडल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है और कंपनियों के मुनाफे को कम कर सकता है. AI का सबसे ज्‍यादा असबर ट्रकिंग, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सॉफ्टवेयर से जुड़े शेयरों में देखने को मिल रहा है. रिपोर्र्ट्स का दावा है कि अमेरिकी बाजार में आई गिरावट से करीब एक ट्रिलियन डॉलर या 90 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए हैं. 

    अमेरिकी बाजार में कोहराम 
    अमेरिकी मार्केट में गुरुवार को डॉऊ जोंस 669.42 अंक या 1.34% गिरकर 49,451.98  पर क्‍लोज हुआ. नैसडैक में सबसे ज्‍यादा गिरावट रही, जो 469.32  अंक या 2.03% टूटकर 22,597.15 पर बंद हुआ. S&P 500 इंडेक्‍स 1.57% या 108.71 अंक टूटकर 6,832.76  पर क्‍लोज हुए.