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  • मरीजों के लिए बड़ी डिजिटल सुविधा, आरोग्य सेतु ऐप पर मिलेगी जांच रिपोर्ट और हेल्थ रिकॉर्ड

    मरीजों के लिए बड़ी डिजिटल सुविधा, आरोग्य सेतु ऐप पर मिलेगी जांच रिपोर्ट और हेल्थ रिकॉर्ड

    अब मरीजों को आरोग्यसेतु एप पर भी मिलेगी जांच रिपोर्ट, स्वयं सुरक्षित रख सकेंगे हेल्थ इलेक्ट्रानिक रिकार्ड

    – मरीज जांच रिपोर्ट भविष्य में जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से कर सकेंगे शेयर

    – सीएम योगी के डिजिटल हेल्थ विजन से यूपी की स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई रफ्तार

    – 900 से अधिक सरकारी अस्पतालों में लैब सेवाएं हुईं डिजिटल, मरीजों को मिल रही बड़ी राहत

    लखनऊ
     योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और मरीजों को बेहतर एवं सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में सरकारी अस्पतालों की लैब में टेस्ट कराने वाले मरीजों को उनकी रिपोर्ट मोबाइल के आरोग्यसेतु ऐप पर भेजने की तैयारी की जा रही है ताकि वह अपनी लैब रिपोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकार्ड के रूप में अपने पास सुरक्षित रख सकें।  

    व्हाट्सएप पर 37.66 लाख और एसएमएस से 31.40 लाख जांच रिपोर्ट भेजी
    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) की दिशा में कई पहल की गई है। उन्होंने बताया कि मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट मोबाइल के आरोग्यसेतु एप पर भेजने की तैयारी की जा रही है, जिसे वह भविष्य में जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से शेयर कर सकेंगे। वहीं प्रदेश के 900 से अधिक सरकारी अस्पतालों में लैबोरेटरी इंफॉरमेशन सिस्टम (एलआईएस) को हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम (एचएमआईएस) से जोड़ दिया गया है। इस व्यवस्था से मरीजों को अब लैब रिपोर्ट के लिए अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। साथ ही डॉक्टर्स को भी जल्द लैब रिपोर्ट मिलने से इलाज में काफी सहूलियत हुई है। उन्होंने बताया कि मरीजों को लैब रिपोर्ट व्हाट्सएप और एसएमएस से भेजी जा रही है। अब तक करीब 58.07 लाख लैब रिपोर्ट का मैसेज व्हाट्सएप पर भेजा गया जबकि 37.66 लाख रिपोर्ट व्हाट्सएप पर भेजी गयी। इसी तरह करीब 46.50 लाख एसएमएस भेजे गए, जिनमें से 31.40 लाख मरीजों को लैब रिपोर्ट भेजी गयी। 

    मरीजों को लैब टेस्ट कराने के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने से मिली मुक्ति
    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की सचिव ने बताया कि एलआईएस-एचएमआईएस के इंटीग्रेटेड होने से अब मरीजों को लैब जांच के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ता है। इससे जहां एक ओर मरीजों के समय की बचत हो रही है वहीं दूसरी ओर उन्हे समय पर इलाज भी मिल रहा है। इसका लाभ डॉक्टरों को भी मिल रहा है। जांच परिणाम सीधे एचएमआईएस पोर्टल पर उपलब्ध होने से चिकित्सकों को रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ता। इससे मरीज की जांच रिपोर्ट के आधार पर उपचार प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही मैनुअल और दोहरी डाटा एंट्री की भी व्यवस्था खत्म हो गयी है।

  • शहरी करदाताओं के लिए बड़ी राहत, OTS योजना में 31.06 करोड़ रुपये का ब्याज माफ

    शहरी करदाताओं के लिए बड़ी राहत, OTS योजना में 31.06 करोड़ रुपये का ब्याज माफ

    योगी सरकार की ओटीएस योजना से शहरी करदाताओं को बड़ी राहत, 31.06 करोड़ रुपये की ब्याज माफी

    48 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त, 29,292 को मिली स्वीकृति

    73.80 करोड़ की मांग के सापेक्ष 24.51 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त

    ओटीएस से निकायों की तिजोरी मजबूत, गृहकर वसूली में लखनऊ नगर निगम प्रदेश में अव्वल

    करदाताओं को औसतन 12655 रुपये की बचत, पुराने बकायों के निस्तारण का अवसर

    पेयजल, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं के विकास में होगा राजस्व का उपयोग

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शहरी करदाताओं के लिए आर्थिक राहत का माध्यम बन रही है। ओटीएस योजना के तहत स्वीकृत 29292 लाभार्थियों को अब तक कुल 31.06 करोड़ रुपये की सरचार्ज एवं ब्याज में छूट दी गई है। इससे प्रत्येक लाभार्थी को औसतन लगभग 12655 रुपये की आर्थिक बचत हुई है। योजना के माध्यम से पुराने कर बकायों के पारदर्शी और सम्मानजनक निस्तारण का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।

    स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के अवसर पर नगर विकास विभाग द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत नागरिकों को वर्षों से लंबित कर बकायों का निस्तारण कराने और सरचार्ज व ब्याज में छूट पाने का अवसर मिल रहा है। इससे जहां आम परिवारों पर पुराने बकाये का आर्थिक बोझ कम हो रहा है, वहीं नगरीय निकायों की राजस्व वसूली को भी गति मिल रही है।

    अब तक 48 हजार से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए

    योजना के प्रति नागरिकों की भागीदारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक कुल 48751 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 25231 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। नगर निगमों में 40480, नगर पालिका परिषदों में 6033,  नगर पंचायतों में 2160, और जल संस्थानों में 394 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

    आवासीय संपत्तियों के सर्वाधिक आवेदन

    योजना का लाभ उठाने वालों में आम परिवारों की भागीदारी सबसे अधिक है। प्राप्त आवेदनों में 81.5 प्रतिशत यानी 31002 आवेदन आवासीय संपत्तियों से संबंधित हैं। इसके अलावा 3785 व्यावसायिक और 3235 मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियों के स्वामियों ने भी योजना के तहत आवेदन किया है। यह भागीदारी शहरी करदाताओं के बीच योजना की पहुंच को दर्शाती है।

    निकायों की आर्थिक मजबूती को मिल रहा आधार

    योजना के अंतर्गत पंजीकृत 73.80 करोड़ रुपये की कुल मांग के सापेक्ष अब तक 24.51 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष राजस्व प्राप्त हुआ है। इससे नगरीय निकायों के लंबित करों की वसूली को गति मिली है। सरकार की इस पहल से करदाताओं को राहत देने के साथ-साथ स्थानीय निकायों के वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

    गृहकर वसूली में लखनऊ नगर निगम सबसे आगे

    ओटीएस योजना के तहत गृहकर वसूली में लखनऊ नगर निगम प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में सबसे आगे है। लखनऊ नगर निगम ने अब तक 6.70 करोड़ रुपये के करीब गृहकर वसूली की है। योजना के तहत बड़ी संख्या में बकायेदार आवेदन कर रहे हैं और नगर निगम स्तर पर आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। लखनऊ नगर निगम में अब तक ओटीएस योजना के तहत 4159 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 3723 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं 5 आवेदन निरस्त किए गए हैं, जबकि 239 आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं।

    नागरिक सुविधाओं के विकास में होगा राजस्व का उपयोग

    योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल बकाया करों की वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने से भी जुड़ा है। प्राप्त राजस्व का उपयोग स्वच्छ पेयजल, बेहतर सड़कों, स्ट्रीट लाइटों और आधुनिक नगरीय सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। इस प्रकार ओटीएस योजना के माध्यम से सरकार करदाताओं को पुराने बकायों से राहत देने, राजस्व संग्रह बढ़ाने और शहरों के विकास को गति देने की दिशा में काम कर रही है।

    योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

    नगर विकास सचिव अनुज कुमार झा ने कहा कि ओटीएस योजना से शहरी करदाताओं को राहत देने के साथ नगरीय निकायों की राजस्व वसूली को भी गति मिल रही है। अभी काफी काम करना बाकी है। सभी निकाय योजना को प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले और पुराने बकायों का निस्तारण हो सके।

  • आवासीय स्कूलों को मिली बड़ी सौगात, 15 सर्वोदय विद्यालयों में बढ़ेंगी सुविधाएं

    आवासीय स्कूलों को मिली बड़ी सौगात, 15 सर्वोदय विद्यालयों में बढ़ेंगी सुविधाएं

    सर्वोदय विद्यालयों में सुविधाओं की सौगात, 15 स्कूलों के कायाकल्प के लिए 1.50 करोड़ रुपए जारी 

    आवासीय स्कूलों में मजबूत होगा इंफ्रास्ट्रक्चर, विद्यार्थियों को मिलेंगी बेहतर शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं

    हॉस्टल से स्मार्ट क्लास तक सुधरेंगी व्यवस्थाएं, पेयजल और स्वच्छता पर भी जोर

    बरेली से रायबरेली तक 15 सर्वोदय विद्यालयों को मिलेगा विकास कार्यों का लाभ

    सुरक्षित और आधुनिक माहौल में सर्वांगीण विकास की दिशा में योगी सरकार का कदम

    लखनऊ
     योगी सरकार प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आवासीय और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दे रही है। इसी कड़ी में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं को और मजबूत करने की पहल की गई है। प्रदेश के 15 सर्वोदय विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए 1.50 करोड़ रुपये (150 लाख रुपये) की धनराशि स्वीकृत की गई है।

    इससे बरेली, कौशाम्बी, अयोध्या, ललितपुर, हरदोई, आजमगढ़, बलिया, प्रयागराज, इटावा, फर्रूखाबाद, बांदा, चित्रकूट, जालौन और रायबरेली के सर्वोदय विद्यालय लाभान्वित होंगे। सरकार की इस पहल से इन आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।

    हॉस्टल से स्मार्ट क्लास तक सुविधाएं होंगी मजबूत

    स्वीकृत धनराशि से विद्यालयों में हॉस्टल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशालाओं के रख-रखाव व आवश्यक मरम्मत कार्य कराए जाएंगे। इसके अलावा पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर रहेगा। खेल परिसर के जीर्णोद्धार से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल और शारीरिक विकास के लिए भी बेहतर माहौल मिलेगा।

    शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर फोकस

    योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल विद्यालयों की इमारत और सुविधाओं को बेहतर करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। आधुनिक संसाधनों से लैस विद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा, तकनीक, प्रयोगात्मक अध्ययन और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक होंगे।

    तकनीक और आधुनिक सुविधाओं का बढ़ेगा समन्वय

    सरकार की ओर से विद्यालयों में तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं का रख-रखाव बेहतर होने से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का लाभ मिल सकेगा। आवासीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा।

    हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करें विद्यार्थी

    सरकार का लक्ष्य है कि सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को ऐसा वातावरण मिले, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर आगे बढ़ सकें। विभाग की ओर से कहा गया है कि लक्ष्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करना है। आने वाले समय में तकनीक और आधुनिक सुविधाओं का समन्वय और मजबूत किया जाएगा, ताकि सर्वोदय विद्यालयों के छात्र हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर सकें।

  • सपा शासनकाल में बहुत सारी भर्तियां ऐसी हुईं, जिसमें आवेदन न करने वालों को भी मिला नियुक्ति पत्र- मुख्यमंत्री

    सपा शासनकाल में बहुत सारी भर्तियां ऐसी हुईं, जिसमें आवेदन न करने वालों को भी मिला नियुक्ति पत्र- मुख्यमंत्री

    सीएम योगी ने यूपी में एक लाख नई नौकरियों का किया ‘श्रीगणेश’ 

    विभिन्न विभागों में नवनियुक्त 818 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सौंपे नियुक्ति पत्र 

    सपा के उपदेशक नेता गिनते जाएं, हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे- सीएम योगी

    रविवार को भी मिलेगा लगभग हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र, पुलिस-होमगार्ड में करीब 77 हजार भर्तियों की प्रक्रिया जारी

    यूपीएसएसएससी परिणामों से 25-30 हजार और उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से भी 20-25 हजार भर्तियां होंगी

    सपा शासनकाल में बहुत सारी भर्तियां ऐसी हुईं, जिसमें आवेदन न करने वालों को भी मिला नियुक्ति पत्र- मुख्यमंत्री

    सीएम की दो टूक- 2017 के पहले सरकार ने आयोग-बोर्ड में भाई-भतीजों को बैठाकर बदनाम किया था यूपी को

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मिशन रोजगार’ के अंतर्गत शनिवार को एक लाख नई नौकरियों का शुभारंभ किया। उन्होंने नवचयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और उन्हें शुभकामनाएं दीं। सरकार पर प्रश्न खड़ा करने वाले समाजवादी पार्टी के नेताओं से सीएम योगी ने कहा, आप गिनते जाइए, हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे। आज तीन विभागों के नियुक्ति पत्र दे रहे हैं। रविवार को भी लगभग हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे। यह प्रक्रिया अनवरत चलेगी। यूपी पुलिस में 36 हजार, होमगार्ड में 41-42 हजार युवाओं की नियुक्ति करेंगे। इनके मेडिकल व फिजिकल की प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के अगले छह महीने में जारी होने वाले परिणामों से 25-30 हजार नए युवाओं को अवसर मिलेंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से भी 20-25 हजार युवाओं की भर्ती होगी। तीन-चार महीने में इसके परिणाम आ जाएंगे। यूपीपीएससी की परीक्षाओं के उपरांत भी 15-16 हजार युवाओं को अलग-अलग विभागों में नियुक्ति मिलेगी। 

    सीएम योगी ने लोकभवन सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान मिशन रोजगार पर लघु फिल्म भी दिखाई गई। सीएम ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग व उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि आयोग व बोर्ड जब शासन की राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षा की शुचितापूर्ण प्रक्रिया संपन्न होती है तो परिणाम भी ऐसे ही दिखते हैं।

    गदर मचाने वाले गिनती करें, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक साढ़े 9 लाख नौजवानों को नियुक्ति दी गई है। हम छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। 2017 के पहले गदर मचाने वाले काउंट करें, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे। 2017 के पहले तत्कालीन सरकार ने आयोगों-बोर्डों में भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर दिया था। एक भी भर्ती ईमानदारी से नहीं होती थी। युवाओं के सामने एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई थी। यूपी में नौकरी थी नहीं और बाहर पहचान का संकट था, जिससे उनके सपने तार-तार होते थे। तत्कालीन सरकार की भ्रष्ट-भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली व बीमारू मानसिकता के कारण यूपी बीमारू हो गया था। 

    हमने यूपी की स्ट्रेंथ को इकॉनमिक अपॉर्च्युनिटी माना
    सीएम ने कहा कि 2017 के पहले एक अयोग्य व्यक्ति को उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन का चेयरमैन बना दिया गया। उसके गदर के कारण न्यायालय को और सड़क पर उतर कर युवाओं को कहना पड़ा कि इसे जिंदगी भर जेल में सड़ाओ। 2017 में युवाओं ने सरकार बदलने का बड़ा फैसला भी लिया। हमारी सरकार ने पीएम मोदी के विजन के अनुरूप मिशन रोजगार के कार्यक्रम को बढ़ाया। पिछली सरकार नौजवान की शक्ति, ताकत व प्रतिभा को सम्मान नहीं दे पाई, हमने यूपी की स्ट्रेंथ को इकॉनमिक अपॉर्च्युनिटी माना। उन्होंने यूपी के अंदर अवसरों को लॉक कर दिया था, हमने उस पोटेंशियल को प्रतिभाशाली युवाओं के जरिए अनलॉक करने का प्रयास किया। इसका परिणाम अब दिख रहा है।

    राजनीतिक संक्रमण के दौर से गुजरना पड़ा यूपी को 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली युवा जब यूपी की ताकत बनेंगे तो प्रदेश नंबर-1 इकॉनमी के रूप में खुद को स्थापित करेगा। हर क्षेत्र में नए भारत के नए यूपी के रूप में अपना स्थान बनाएगा। देश का हृदय स्थल, सबसे उर्वरा भूमि, सर्वाधिक जल संसाधन, परंपरागत उद्यम के साथ आगे बढ़ने वाला राज्य है यूपी। कभी प्रति व्यक्ति सर्वाधिक आय वाला यह राज्य राजनीतिक संक्रमण के ऐसे दौर से गुजरा कि नौजवान के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया। उस दौर में कोई भी सुरक्षित नहीं था। नौजवान को रुचि के अनुरूप प्लेटफॉर्म नहीं मिलता था। 

    काले धब्बे से अब मुक्त हो गया यूपी
    सीएम ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले उपदेशक चाचा-भतीजे की जोड़ी बेखौफ नौकरियों पर डकैती डालने निकलती थी, लेकिन 2027 के बाद ये उपदेश देने लायक भी नहीं रह पाएंगे। उत्सव प्रदेश को उपद्रव प्रदेश बनाने वालों को, किसानों को आत्महत्या और यूपी के नागरिकों को भूखे मरने के लिए उनके हाल पर छोड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह मामला गलती का नहीं, बल्कि शरारत का था। हम अब इस काले धब्बे से मुक्त हुए हैं। 

    सपा शासन में आवेदन न करने वालों को भी नियुक्ति पत्र 
    सीएम ने आरोप लगाया कि सपा में बहुत सारी भर्तियां ऐसी हुई थीं, जिसमें आवेदन न करने वालों को भी नियुक्ति पत्र मिल गया और आवेदन करने वाले देखते रह गए। सीएम ने युवाओं से अपील की कि आपके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के भविष्य से आप खिलवाड़ करें। आपको यह ताकत बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से दी है। 

    हमने चुनौती को समाधान तक पहुंचाया
    सीएम ने कहा कि सरकार बनने के बाद हर क्षेत्र में जीरो टॉलरेंस लागू किया गया। अब यूपी के किसी व्यक्ति के समक्ष पहचान का संकट नहीं है। यूपी की उपलब्धियों को देखकर अन्य प्रदेश के लोग भी अभिभूत होते हैं। सपा सरकार ने चुनौतियों को समस्या माना। वे परिवार-सिंडिकेट से बेईमानी व भ्रष्टाचार कराते रहे। 2017 के पहले यूपी सबसे गरीब राज्यों में माना जाता था, लेकिन हमने चुनौती को समाधान तक पहुंचाया, जिससे यूपी की प्रति व्यक्ति आय, अर्थव्यवस्था, महिला वर्कफोर्स व बजट को तीन गुना करने में सफलता मिली। यूपी 6 वर्ष से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट, भारत के ग्रोथ इंजन का महत्वपूर्ण अंग और टॉप-3 इकॉनमी में गिना जा रहा है। एक साथ-एक स्वर में सोचने की ताकत से यूपी इंफ्रास्ट्राक्चर, इकॉनमिक ग्रोथ, ओडीओपी, एमएसएमई सेक्टर आदि के लिए जाना जा रहा है। एमएसएमई सेक्टर में तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दिया गया। 2017 से पहले यह बंद पड़ा था। 

    हस्तशिल्पी के चेहरे पर चमक आती है तो दौड़ता है यूपी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि कारीगर/ हस्तशिल्पी श्रमिक बनने को दर-दर ठोकर खाए। इसका यही मतलब है कि तत्कालीन सरकारों ने उसके हुनर को सम्मान नहीं दिया। हमने उसे सम्मान, मार्केट, टेक्नोलॉजी और प्लेटफॉर्म भी दिया तो वह फिर से खड़ा हुआ। यूपी लाखों करोड़ का एक्सपोर्ट कर रहा है। कारीगर व हस्तशिल्पी के पास पैसा आ रहा है। उसके चेहरे पर चमक आती है तो यूपी तेजी से दौड़ता है। 

    पिछली सरकार ने पैदा किए थे बिचौलिए
    सीएम ने कहा कि 2017 के पहले किसान आत्महत्या करता था। दशकों से परियोजनाएं लंबित थीं। बीज-खाद, टेक्नोलॉजी, बाजार कुछ भी नहीं था। पिछली सरकार ने बिचौलिए पैदा कर दिए थे, जो किसान का हिस्सा खा जाते थे। उन्होंने लैंड, सैंड, कैटल, नकल व भू-माफिया पैदा कर दिए थे, जो युवा ऊर्जा को तबाह कर रहे थे। आज यूपी ने इन सबसे मुक्त होकर उत्सव प्रदेश के रूप में नई पहचान बनाई है।

    25 से 29 सितंबर तक होगा यूपीआईटीएस
    मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 से 29 सितंबर तक गौतमबुद्ध नगर में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण का आयोजन होगा। इसमें 650 विदेशी खरीदार यूपी के उत्पादों की खरीदारी करेंगे। 2500 से अधिक एग्जीबिटर्स आएंगे। यूपी के युवा, कारीगर, हस्तशिल्पी, उद्यमी के बनाए गए उत्पादों की शोकेसिंग होगी। उन्हें बड़े ऑर्डर मिलेंगे। 

    2017 के पहले 120, अब 24 हजार से अधिक स्टार्टअप 
    सीएम ने कहा कि 2017 के पहले भी यूपी के पास सबसे ज्यादा युवा शक्ति थी, किंतु स्टार्टअप इकोसिस्टम का अभाव था। तब बमुश्किल 120 स्टार्टअप थे, आज 24 हजार से अधिक स्टार्टअप यूपी में संचालित हो रहे हैं। इनमें आधे स्टार्टअप आधी आबादी संचालित कर रही है, जिससे वे हजारों करोड़ का व्यवसाय कर रही हैं। डिजिटल इंडिया-स्टैंडअप इंडिया ने प्रधानमंत्री जी के विजन को प्रभावी ढंग से बढ़ाया है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने मिशन रोजगार को ईमानदारी से लागू किया है। पीएम मोदी जी भी 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दे रहे हैं।

    2014 के पहले आयुष की पहचान नहीं थी
    सीएम ने कहा कि 2014 के पहले आयुष की पहचान नहीं थी, लेकिन पीएम मोदी जी ने नया मंत्रालय गठित कर ट्रेडिशनल मेडिसिन को पहचान दी। आयुर्वेद, योग, नैचुरीपैथी, होमियोपैथ, यूनानी आदि को प्लेटफॉर्म दिया। एम्स की तर्ज पर दिल्ली में सेंटर संचालित हो रहा है। 2014 के पहले कोई आयुर्वेद, आयुष, होमियोपैथ में फॉर्मेसी व डिप्लोमा की डिग्री के बारे में सोचता नहीं था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। प्रधानमंत्री जी ने आयुष को प्लेटफॉर्म दिया। हमने मॉडर्न व ट्रेडिशनल मेडिसिन पर काम किया। अब आयुष विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज आदि बन रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया (विज्ञापन से नियुक्ति पत्र वितरण तक) की समयबद्धता, मेरिट को लेकर समीक्षा हो रही है। पहले विज्ञापन जारी होते ही सिंडिकेट व गिरोह वसूली के धंधे में व्यस्त हो जाते थे। बची-खुची कसर इंटरव्यू पूरी कर देता था। हमने ग्रुप-3 व 4 भर्ती में इंटरव्यू सिस्टम समाप्त कर दिया।

    इस अवसर पर आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, चिकित्सा शिक्षा व परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।

  • विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर CM यादव का बड़ा संदेश, संसाधनों की कमी नहीं आने देंगे

    विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर CM यादव का बड़ा संदेश, संसाधनों की कमी नहीं आने देंगे

    विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को सरकार है संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्कूटी केवल वाहन नहीं, विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास का है पुरस्कार
    सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिल रहे आगे बढ़ने के बेहतर अवसर
    बेटियों को अवसर मिलने से परिवार और समाज दोनों होते हैं सशक्त
    प्रदेश में शिक्षा का बजट बढ़कर हुआ 38 हजार करोड़ रुपये
    युवाओं के सामर्थ्य से साकार होगा विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत का सपना
    मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को मिली स्कूटी की सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेधावी विद्यार्थियों से किया संवाद

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों को पुरस्कृत करना परिवार , समाज और सरकार का दायित्व है। विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। आर्थिक कठिनाइयों अथवा संसाधनों की कमी के कारण किसी भी प्रतिभावान विद्यार्थी की प्रगति नहीं रुकनी चाहिए। मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही स्कूटी केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और परिश्रम के पुरस्कार के साथ आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के सुभाष स्कूल में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा-12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12 वीं में प्रथम प्रयास में ही 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान पर आना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शनिवार को समारोहपूर्वक प्रदेश के 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई।

    कक्षा की सफलता से कैरियर के सपनों तक, विद्यार्थियों को सतत प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री स्कूटी योजना उन विद्यार्थियों के परिश्रम और प्रतिभा का सम्मान है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अध्ययन कर के बीच अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबें, गणवेश और साइकिलें भी उपलब्ध करा रही है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां उनकी पढ़ाई में बाधा न बनें। आज प्रदेश के बच्चे पढ़-लिखकर पारंपरिक व्यवसायों और खेती-किसानी में भी नई संभावनाएं तलाश रहे हैं। कई विद्यार्थी एग्रीकल्चर स्टार्ट-अप शुरू कर परिवार की आय बढ़ाने का सपना देख रहे हैं। आधुनिक तकनीक और नवाचार से कृषि को लाभ का बेहतर माध्यम बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति उनकी स्पष्ट सोच की सराहना करते हुए कहा , हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि किसान और सामान्य परिवारों से आने वाले विद्यार्थी भी आज चार्टेड एकांटेंट, चिकित्सक, अधिवक्ता, कृषि वैज्ञानिक और उद्यमी बनने के सपने देख रहे हैं। विद्यार्थियों की यह सोच नए और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की पहचान है। देश और प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने के साथ उन्हें साकार करने के लिए परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

    बेटियों को स्कूटी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों को शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलने से केवल उनका जीवन नहीं बदलता, बल्कि पूरे परिवार और समाज का वातावरण सकारात्मक बनता है। मेधावी बेटियों को स्कूटी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने की राह अधिक सुगम होगी। राज्य सरकार विद्यार्थियों को न्यूनतम आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और समर्थ बनाना चाहती है।

    राज्य सरकार शिक्षा, विद्यार्थियों और प्रदेश के सर्वांगीण विकास को दे रही है सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। आजादी के बाद 1956 में मध्यप्रदेश की स्थापना हुई। राज्य का कुल बजट 55 साल में केवल 22 हजार करोड़ रुपए था और वर्ष 2002-03 तक स्कूल शिक्षा विभाग का बजट मात्र 2600 करोड़ रुपए था। हमारी सरकार ने वर्ष 2025-26 में कुल 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया , इसमें स्कूल शिक्षा के लिए 38 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है। यह वृद्धि बताती है कि राज्य सरकार शिक्षा, विद्यार्थियों और प्रदेश के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रही है।

    सांदीपनि विद्यालय सुविधाओं और पढ़ाई में निजी स्कूलों को पीछे छोड़ रहें हैं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 2002-03 तक प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉप आउट दर 16 प्रतिशत थी, जो वर्तमान में शून्य हो चुकी है। प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं, जो सुविधाओं और पढ़ाई के मामले में निजी स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। अब बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में 50 प्रतिशत विद्यार्थी सांदीपनि और शासकीय स्कूलों से आ रहे हैं। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना और उन्हें उनकी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर देना है।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा है डिजिटल सुविधाओं का विस्तार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कठिनाई के दौर से निकले और तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। हम सबने 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक जन्मोत्सव मनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनधन खातों, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), डिजिटल भुगतान व्यवस्था और कोविड-19 टीकाकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डीबीटी के माध्यम से सरकारी योजनाओं की सहायता सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

    सभी चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम है भारत की युवा शक्ति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश-प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। हमारे बच्चे पढ़-लिखकर सीए बनना चाहते हैं, यह देश की निरंतर बेहतर होती अर्थव्यवस्था का संकेत है। भारत आज दुनिया में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, कुछ वर्षों में भारत, दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनकर उभरेगा। दुनिया के समाने बड़ी से बड़ी चुनौती से निपटने के लिए भारतवासी पूरी तरह सक्षम हैं। राज्य सरकार युवाओं की शक्ति और प्रतिभा का सम्मान करते हुए अमृतकाल में विकसित भारत @2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

    सभी स्कूली बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत है मेधावी विद्यार्थियों को मिली स्कूटी

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज शासकीय स्कूलों के 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी मिल रही है। बच्चों ने अपने अथक परिश्रम से अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है। यह प्रदेशभर के अन्य स्कूली बच्चों के लिए एक प्रेरणा भी है। यह स्कूटी बच्चों के भविष्य को पंख लगाएगी और उनके सपनों को पूरा करने में सहायक बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निरंतर कार्य कर रहे हैं। वे बच्चों के बीच किसी कार्यक्रम में आने और संवाद के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारी कोशिश सदैव बच्चों के चेहरे पर खुशी लाने की रही है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए दृढ़ संकल्पित है।

    युवाओं का चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, वकील और सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है सपना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूटी वितरण कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद कर उनके भावी लक्ष्यों के बारे में जाना। प्रदेश की की मेरिट सूची में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली टॉपर खुशी राय ने बताया कि स्कूटी मिलने से उन्हें कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी। वे चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की तैयारी कर रही हैं। किसान परिवार के आकाश साहू ने एग्रीकल्चर स्टार्ट-अप शुरू करने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि इसके लिए आवश्यक लाइसेंस और अन्य तैयारियां जारी हैं। रवि केवट और मरियम खान ने भी बताया कि वह भी सीए बनने का लक्ष्य लेकर तैयारी कर रहे हैं। मिनी जैन ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर न्यूरो सर्जन बनने की इच्छा व्यक्त की। छात्रा रानी सांपले ने उच्च शिक्षा हासिल कर वकील बनने की बात कही, जबकि खुशी यादव ने एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। छात्र शिव कुमार कौल ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़कर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त अभिषेक सिंह सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।

     

  • El Ministro Principal Yogi entregó las cartas de nombramiento, y los candidatos que las recibieron compartieron sus historias de felicidad.

    El Ministro Principal Yogi entregó las cartas de nombramiento, y los candidatos que las recibieron compartieron sus historias de felicidad.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले अभ्यर्थियों के चेहरे, बोले- बिना भेदभाव मिली नौकरी

    योगी सरकार में मेहनत को मिला मुकाम, लगनशील अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र

    अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा- निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती से साकार हुआ सरकारी नौकरी का सपना

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने का सिलसिला जारी है। शनिवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। युवाओं ने एक स्वर में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत का फल आज उन्हें मिला है।

    नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों ने कहा कि इस सरकार में बिना किसी भेदभाव और लेनदेन के चयन प्रक्रिया पूरी हुई है। युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकारी नौकरी का उनका सपना साकार हुआ है।

    फॉर्म भरने में खर्च हुए मात्र 150 रुपये, मिल गई सरकारी नौकरी

    अयोध्या निवासी एक्सरे टेक्नीशियन पद पर चयनित प्रिंस सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके और परिवार के लिए सौभाग्य की बात है। पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही और किसी तरह का भेदभाव या लेनदेन नहीं हुआ। फॉर्म भरने में केवल 150 रुपये खर्च हुए थे, इसके अलावा एक भी रुपया नहीं लगा। उन्होंने कहा कि मात्र 150 रुपये में नौकरी मिलना योगी सरकार में ही संभव है।

    मेहनत करने वालों को मिल रहा हक

    होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पद पर चयनित आकाश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर बेहद खुशी हो रही है। पिछली बार 400 और इस बार 393 रिक्तियां निकलना बड़ी बात है। इससे दूसरे अभ्यर्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब भर्तियों की जानकारी समय से मिल रही है, जिससे युवा आवेदन कर तैयारी कर पा रहे हैं। यह नियुक्ति उन लोगों के लिए सबक है जो पहले नियुक्तियों में गड़बड़ी कर अभ्यर्थियों का हक मारते थे। वाराणसी निवासी होम्योपैथिक फार्मासिस्ट साक्षी सिंह ने कहा कि पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्ति हुई है। जिन्होंने मेहनत की, उन्हें नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि और सपना साकार होने जैसा है।

     योगी सरकार में दूसरी बार नियुक्ति पत्र पाने का सौभाग्य मिला

    बलरामपुर निवासी एक्सरे टेक्नीशियन पद पर चयनित शिव शंकर ने कहा कि योगी सरकार में दूसरी बार नियुक्ति पत्र पाने का सौभाग्य मिला है। इस प्रक्रिया में किसी तरह का पैसा नहीं लगा। शिव शंकर ने बताया कि वर्ष 2015 में भी उनका चयन हुआ था, लेकिन इंटरव्यू में छांट दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय इंटरव्यू में पैसे चले थे, जिसके कारण उनकी नियुक्ति नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने इंटरव्यू हटा दिया है और पूरी ईमानदारी से नियुक्तियां हो रही हैं। पहले की सरकारों में पैसे देने वालों को नौकरी मिलती थी, जबकि आज पढ़ने-लिखने वाले छात्रों को अवसर मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर परिवार गौरवान्वित

    सहारनपुर निवासी होम्योपैथिक फार्मासिस्ट आराधना चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही और कहीं भी गलत तरीके से काम नहीं हुआ। इसी पर चयनित प्रिंसी गुप्ता ने कहा कि उन्हें मेहनत के आधार पर नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना बेहद खास पल है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। वहीं होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पल्लवी देवी ने कहा कि वह दो साल से तैयारी कर रही थीं। आज उनकी मेहनत का फल मिल गया है। उन्होंने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को निष्पक्ष बताया।

    योगी सरकार में ईमानदारी से काम हो रहा

    गोरखपुर निवासी डॉ. सफिया बानो का चयन प्रवक्ता यूनानी के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया 15 महीने में पूरी हो गई। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में ईमानदारी से काम हो रहा है और नियुक्तियां पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न हो रही हैं।

  • सूर्यकिरण की कलाबाजियों से गूंजा मेरठ का आसमान, 9 हॉक जेट ने दिखाया शानदार एयर शो

    सूर्यकिरण की कलाबाजियों से गूंजा मेरठ का आसमान, 9 हॉक जेट ने दिखाया शानदार एयर शो

    गरजा आसमान, थम गईं निगाहें, सूर्यकिरण ने मेरठ में लिखी शौर्य की नई इबारत

    सेवा संकल्प अभियान के तहत पहली बार क्रांतिधरा में हुआ एयर शो, नौ हॉक जेट की कलाबाजियों ने हजारों दर्शकों को किया रोमांचित

    तिरंगे की लकीरों से सजा आसमान, मेरठ के तीन जांबाजों ने वायुसेना के प्रदर्शन में जोड़ा शहर का गौरव

    मेरठ, 
     एक साथ नौ लड़ाकू विमान। देखते ही देखते बदलते फॉर्मेशन। कभी जमीन को छू लेने जैसी उड़ान तो कभी आसमान में उल्टी कलाबाजी। फिर दो विमान आमने-सामने बढ़े और पलक झपकते एक-दूसरे को क्रास करते निकल गए। शनिवार को मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटिड टाउनशिप में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम ने पहली बार मेरठ के आसमान को अपना प्रदर्शन मंच बनाया तो हजारों लोगों की निगाहें ऊपर टिक गईं। हॉक एमके-132 विमानों की गर्जना के बीच आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की लकीरें उभरीं और पूरा माहौल वंदेमातरम् के उद्घोष के साथ राष्ट्रभक्ति से भर उठा। केंद्र और प्रदेश की योगी सरकार की पहल पर सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए इस ऐतिहासिक एयर शो में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई रोमांच से भर गया।

    हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर नौ हॉक जेट विमान सुबह करीब 10 बजकर 25 मिनट पर मेरठ के आसमान में पहुंचे। मैदान में मौजूद दर्शकों ने तालियों तथा जय हिंद और वंदेमातरम के उद्घोष से इन विमानों का स्वागत किया। इससे पहले सुबह साढ़े सात बजे से ही न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। दर्जनभर से अधिक स्कूलों के छात्र, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस स्वयंसेवक इस रोमांचकारी क्षण का साक्षी बनने पहुंचे। परिवारों के साथ चिकित्सक, व्यापारी और उद्यमियों ने भी इस ऐतिहासिक प्रदर्शन का आनंद लिया।

    पलक झपकते बदलते रहे फॉर्मेशन
    सूर्यकिरण के विमानों ने आसमान में ऐसा तालमेल दिखाया कि हर करतब के साथ दर्शकों की तालियां तेज होती गईं। नौ विमानों ने पहले वी-आकार में उड़ान भरी, फिर अलग-अलग दिशाओं में बिखरते हुए अगले ही पल दोबारा सटीक फॉर्मेशन बना लिया। लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैन्यूवर ने रोमांच बढ़ाया। करीब 100 से 150 फीट की ऊंचाई पर विमानों की सटीक उड़ान देखकर लोग सांस थामे रहे। दो जेट आमने-सामने बढ़े और ऐन वक्त पर एक-दूसरे को क्रास करते हुए निकल गए तो मैदान तालियों से गूंज उठा। विमानों के पीछे केसरिया, सफेद और हरे रंग की लकीरों ने आसमान को तिरंगे में रंग दिया। इन स्मोक पॉड्स को नासिक स्थित वायुसेना के बेस रिपेयर डिपो में विकसित किया गया है। हवाई करतबों के बीच तिरंगे की यह छटा बच्चों के लिए खास आकर्षण रही।

    तिरंगे की छटा के साथ मेरठ के तीन जांबाजों ने बढ़ाया गौरव
    मेरठ में हुए इस एयर शो का शहर से सीधा जुड़ाव भी रहा। सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम में मेरठ के तीन स्क्वाड्रन लीडर शामिल हैं। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और राहुल सिंह ने आसमान में हॉक जेट उड़ाते हुए करतब दिखाए, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से पूरे प्रदर्शन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली। अपने शहर के तीन जांबाजों को इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बना देखकर दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया। योगी सरकार के सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस आयोजन ने मनोरंजन से आगे बढ़कर युवाओं को राष्ट्रसेवा और अनुशासन का संदेश दिया। स्कूली बच्चों ने भारतीय वायुसेना की क्षमता, साहस और तकनीकी दक्षता को प्रत्यक्ष देखा। ऐसे आयोजनों के जरिए युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी और रक्षा सेवाओं के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

    1996 में बनी सूर्यकिरण, 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा
    सूर्यकिरण भारतीय वायुसेना की एयरोबैटिक प्रदर्शन टीम है और 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा है। इसकी स्थापना 1996 में हुई थी। टीम में 13 पायलट होते हैं, जबकि प्रदर्शन के दौरान नौ पायलट एक साथ उड़ान भरते हैं। लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव रखने वाले पायलटों को टीम के लिए चुना जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी हवाई कलाबाजियों से दर्शकों को रोमांचित कर चुकी सूर्यकिरण का मेरठ में यह पहला प्रदर्शन था। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अनुसार, मेरठ में एयर शो के आयोजन का प्रस्ताव 13 मई को भेजा गया था और 8 सितंबर को इसे आधिकारिक मंजूरी मिली।

    छात्र-छात्राओं में रोमांच, हर पल मोबाइल में कैद करने की होड़
    सूर्य किरण के विमानों ने जैसे ही आसमान में फॉर्मेशन बदला, स्कूली बच्चों में उत्साह की लहर दौड़ गई। कोई हाथ हिलाकर पायलटों का अभिवादन कर रहा था तो कोई मोबाइल कैमरा आसमान की ओर किए हर करतब रिकॉर्ड करने में जुटा था। एयर शो देखने आए अनुभव ने कहा, पहली बार इतनी नजदीक से लड़ाकू विमानों को उड़ते देखा। जब दो विमान आमने-सामने आए तो सच में सांस रुक गई। अब वह भी वायुसेना में कैरियर बनाना चाहते हैं। छात्रा अनन्या बोलीं, योगी सरकार ने युवाओं को वायुसेना से परिचित कराकर उनमें जोश भर दिया है। तिरंगे के रंगों वाली लकीरों के बीच विमानों की उड़ान देखकर बहुत गर्व हुआ। यह दिन स्कूल में पढ़े किसी भी अध्याय से ज्यादा याद रहेगा। युवाओं में हर रोमांचक पल को कैमरे में सहेजने की होड़ रही।

    ट्रैफिक-पार्किंग-पेयजल समेत पुख्ता रही समस्त व्यवस्था
    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई, जबकि दर्शकों की सुविधा के लिए पेयजल उपलब्ध कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए मोहिउद्दीनपुर के आसपास 10 नॉटिकल मील यानी करीब 18.5 किलोमीटर क्षेत्र को 21 सितंबर तक अस्थायी रेड और नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में ड्रोन, रिमोट संचालित विमान, हॉट एयर बैलून और अन्य यूएवी उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा।

    एयर शो के दौरान राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी, जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह, सीडीओ नुपूर गोयल, एडीएम सिटी, नगरायुक्त समेत सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

  • नियुक्ति पत्र मिलते ही खुशी से झूमे अभ्यर्थी, किसान की बेटी का प्रोफेसर बनना बना खास पल

    नियुक्ति पत्र मिलते ही खुशी से झूमे अभ्यर्थी, किसान की बेटी का प्रोफेसर बनना बना खास पल

    नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे, अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी का जताया आभार
     
    किसान की बेटी बनी प्रोफेसर, बोलीं- निष्पक्ष और पारदर्शी चयन ने युवाओं में भरा नया भरोसा
     
    फार्मासिस्ट और एक्स-रे टेक्नीशियन ने कहा- योग्यता के आधार पर मिली नौकरी, पूरी निष्ठा से निभाएंगे जिम्मेदारी
     
    लखनऊ

     लोकभवन सभागार में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर नवचयनित अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए उनका आभार जताया। किसी ने किसान परिवार से निकलकर प्रोफेसर बनने की अपनी यात्रा साझा की तो किसी ने बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार का अवसर मिलने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि योग्यता के आधार पर हुए चयन से युवाओं में मेहनत के बल पर सरकारी सेवा में आने का भरोसा बढ़ा है।
     
    किसान की बेटी बोलीं- निष्पक्ष चयन से युवाओं में नई ऊर्जा
    हाथरस की डॉ. रेखा पलावत का लोक सेवा आयोग से प्रोफेसर शल्य तंत्र के पद पर चयन हुआ है। मुख्यमंत्री से संवाद में उन्होंने कहा कि उनके पिता किसान हैं और वह मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं। माता-पिता के कठिन परिश्रम से वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। उन्होंने आवेदन से चयन और नियुक्ति तक की प्रक्रिया कम समय में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी और आयुष मंत्री का आभार जताया।
     
    डॉ. रेखा ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में योग्यता के आधार पर परिणाम आने से अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह आया है। अब युवाओं में यह विश्वास है कि सच्चे मन से मेहनत करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि मिली जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगी।
     
    अंशु ने मुख्यमंत्री को दिया पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का श्रेय

    लखनऊ की अंशु गुप्ता का चयन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट के पद पर हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी खुशी साझा करते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का श्रेय उन्हें दिया। अंशु ने कहा कि वर्ष 2022 से 2026 तक 800 से अधिक होम्योपैथिक फार्मासिस्टों का चयन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पालन करेंगी।
     
    बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के लिए जताया आभार
    एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयनित सरिता सोनी ने मुख्यमंत्री योगी और प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से हुई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बेटियों को न केवल सुरक्षा और सम्मान से जीने का अवसर मिला है, बल्कि आगे बढ़ने के लिए रोजगार का अवसर भी मिला है। उन्होंने अपने दायित्व का निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने की बात कही।
     
    लखनऊ के अनुराग गौतम का भी एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को दिल से धन्यवाद देते हुए पूरी निष्ठा से सेवा करने का भरोसा दिलाया।
     
    निष्पक्ष चयन पर सचिन ने मुख्यमंत्री को कहा धन्यवाद

    भदोही के सचिन कुमार सिंह का उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से वायरमैन अनुदेशक के पद पर चयन हुआ है। उन्हें आलापुर, अंबेडकरनगर में तैनाती मिली है। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और मिली जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाने की बात कही।
     
    प्रयागराज के महेश कुमार यादव का चयन प्लंबर अनुदेशक के पद पर हुआ है। उन्हें गोंडा में तैनाती मिली है। उन्होंने भी नियुक्ति मिलने पर आभार जताते हुए अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का भरोसा दिया।
     
    पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया को दिया सफलता का श्रेय
    उद्योग विभाग में सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयनित दिलीप कुमार पांडे ने कहा कि उनकी सफलता केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है। इसमें माता-पिता, शिक्षकों और उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया का भी योगदान है। उन्होंने इस दिन को अपने लिए ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री का हृदय से आभार जताया।
     
    सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयनित यशवंत सिंह ने भी नियुक्ति मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
     
    इन्हें मुख्यमंत्री के हाथों मिले नियुक्ति पत्र
    आयुष विभाग में डॉ. सुधीर चौहान को प्रोफेसर होम्योपैथ, आराधना चौधरी, रोशनी, प्रिंसी गुप्ता, साक्षी सिंह, पल्लवी देवी और आकाश शुक्ला को फार्मासिस्ट होम्योपैथ, डॉ. हिमानी और डॉ. रोमा आनंद को रीडर आयुर्वेद तथा डॉ. सफिया बानो और डॉ. मोहम्मद कासिफ को प्रवक्ता यूनानी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
     
    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में प्रिंस सिंह, पंकज कुमार वर्मा, शिवानंद शुक्ल, मोहम्मद अफरोज, ट्विंकल पटेल, सरिता सोनी, सविता देवी और अनुराग गौतम को एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर नियुक्ति पत्र मिले। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में तृप्ति श्रीवास्तव और ललित कुमार वर्मा को सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

  • आपदा पीड़ितों को त्वरित राहत, यूपी में 249.76 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित

    आपदा पीड़ितों को त्वरित राहत, यूपी में 249.76 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित

    01 अप्रैल से 18 सितंबर तक आपदाओं से प्रभावित लोगों को दी गई 249.76 करोड़ रुपये की सहायता

    आपदा प्रभावितों को शीघ्र राहत देने के लिए योगी सरकार की संवेदनशील पहल

    किसानों की फसल, क्षतिग्रस्त मकानों और पशुहानि के मामलों में भी प्रभावित परिवारों को जल्द मिली आर्थिक मदद

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों और परिवारों को समय पर राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में अतिवृष्टि, वज्रपात, सर्पदंश, बाढ़, मानव-वन्यजीव द्वंद्व, ओलावृष्टि, डूबने की घटनाओं, अग्निकांड और आंधी-तूफान जैसी विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 01 अप्रैल 2026 से 18 सितंबर 2026 तक विभिन्न आपदाओं से बचाव और राहत के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों को अलग-अलग मदों में कुल 249.76 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। 

    राज्य सरकार की ओर से घोषित विभिन्न आपदाओं में राहत के लिए अब तक 206.19 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं, ओलावृष्टि से हुए नुकसान के सापेक्ष राहत के लिए 111.67 करोड़ रुपये, बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 114.04 करोड़ रुपये और अग्निकांड से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए 36.85 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सरकार की ओर से अलग-अलग आपदाओं की प्रकृति और नुकसान के अनुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

    जनहानि से प्रभावित परिवारों को 156.92 करोड़ रुपये की सहायता

    वज्रपात, सर्पदंश, डूबने, आंधी-तूफान, मानव-वन्यजीव द्वंद्व, अग्निकांड और अतिवृष्टि से हुई जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों और परिजनों को भी राहत सहायता दी गई है। ऐसे मामलों में अब तक 156.92 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है।

    फसल क्षति के लिए 1.16 लाख किसानों को 72.31 करोड़ रुपये वितरित

    योगी सरकार की राहत व्यवस्था में किसानों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। ओलावृष्टि, बाढ़, अतिवृष्टि और अग्निकांड से प्रभावित 1,16,000 किसानों की फसल क्षति के सापेक्ष अब तक 72.31 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसानों को इस सहायता से आर्थिक राहत मिली है।

    इसी तरह बाढ़, अतिवृष्टि, अग्निकांड, आंधी-तूफान और वज्रपात से क्षतिग्रस्त 23,595 मकानों के सापेक्ष प्रभावित लोगों को 15.09 करोड़ रुपये की राहत सहायता दी जा चुकी है। सरकार ने पशुहानि के मामलों में भी प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। अग्निकांड, वज्रपात, आंधी-तूफान, सर्पदंश और अतिवृष्टि से हुई कुल 1,519 पशुहानि के सापेक्ष 5.25 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की गई है।

    आपदाओं के दौरान घायल हुए लोगों को भी राहत सहायता प्रदान की गई है। आंधी-तूफान, ओलावृष्टि, अग्निकांड, वज्रपात और मानव-वन्यजीव द्वंद्व से घायल हुए कुल 183 लोगों को 19.90 लाख रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। इस प्रकार, 01 अप्रैल से 18 सितंबर 2026 तक प्रदेश में विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों और परिवारों को कुल 249.76 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। इसमें जनहानि से प्रभावित परिवारों, फसल क्षति झेलने वाले किसानों, मकान क्षति के मामलों, पशुहानि से प्रभावित लोगों और आपदाओं में घायल हुए लोगों को शामिल किया गया है।

    योगी सरकार की ओर से आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देना है। विभिन्न प्रकार की आपदाओं के लिए अलग-अलग मदों में धनराशि जारी करने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने की व्यवस्था के माध्यम से सरकार ने आपदा के बाद लोगों को संभालने और उनके नुकसान को कम करने पर जोर दिया है।

  • सौर ऊर्जा योजना में लोन प्रक्रिया होगी तेज, PM सूर्य घर के आवेदनों के समयबद्ध निपटारे पर जोर

    सौर ऊर्जा योजना में लोन प्रक्रिया होगी तेज, PM सूर्य घर के आवेदनों के समयबद्ध निपटारे पर जोर

    पीएम सूर्य घर योजना में ऋण वितरण की गति बढ़ाने पर जोर

    पात्र उपभोक्ताओं के आवेदनों का समयबद्ध प्रक्रिया को किया जाए सुनिश्चित

    यूपी नेडा निदेशक ने पीएसयू बैंकों को दिए निर्देश

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सोलर रूफटॉप उपभोक्ताओं को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूपी नेडा के निदेशक की अध्यक्षता में प्रमुख पीएसयू बैंकों, आरईसी, एसएलबीसी एवं संबंधित हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
        यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि ऋण आवेदनों के अनावश्यक रिजेक्शन को न्यूनतम किया जाए। पात्र उपभोक्ताओं के आवेदनों का समयबद्ध प्रक्रिया एवं स्वीकृति सुनिश्चित किया जाए। स्वीकृत ऋण का शीघ्र वितरण किया जाए, ताकि रूफटॉप सोलर की स्थापना में देरी न हो। लंबित मामलों की नियमित बैंकवार समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों, ऋण स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया एवं ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई।
         पीएम सूर्य घर योजना के पोर्टल एवं जन सार्मथ्य से संबंधित प्रक्रियात्मक समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए। बैठक में एसएलबीसी के माध्यम से बैंकों के साथ नियमित समन्वय एवं लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। आरईसी एवं संबंधित हितधारकों से बैंकिंग प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में सहयोग का आग्रह किया गया।
        इससे पूर्व,  बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों, ऋण स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया एवं ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। यूपी नेडा का उद्देश्य है कि सौर ऊर्जा अपनाने के इच्छुक प्रत्येक पात्र परिवार को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध ऋण सुविधा उपलब्ध हो, जिससे उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर स्थापना की गति और तेज हो सके।
        बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया,.इंडियन बैंक, यूको बैंक सहित प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा एसएलबीसी एवं आरईसी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।