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  • Turkey Earthquake: 5.8 की तीव्रता से आया भूकंप, कई इलाकों में महसूस हुए तेज झटके

    Turkey Earthquake: 5.8 की तीव्रता से आया भूकंप, कई इलाकों में महसूस हुए तेज झटके

    अदियामान 
    तुर्की में गुरुवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. शुरुआती अनुमान के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 5.8 थी. दियारबाकिर, अदियामान और सानलिउर्फा समेत आसपास के कई प्रांतों में लोगों ने झटके महसूस किए. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक दियारबाकिर में भूकंप का असर ज्यादा महसूस हुआ। 

    शुरुआती रिपोर्टों में भूकंप की तीव्रता 5.5 बताई गई थी, जिसे बाद में 5.8 बताया गया. फिलहाल भूकंप से हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. भूकंप से जुड़ी ज्यादा जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। 

    एजेंसी के मुताबिक इसके झटके शानलिउर्फा के साथ अदियामान, मालट्या, दियारबाकिर और गाजियांटेप में भी महसूस किए गए. AFAD ने कहा कि फिलहाल किसी तरह की नकारात्मक स्थिति की जानकारी नहीं है और प्रभावित इलाकों में फील्ड स्कैनिंग जारी है। 

    अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल किसी के मारे जाने या घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है. प्रशासन की टीमें अलग-अलग इलाकों में जाकर हालात का जायजा ले रही हैं. भूकंप के बाद किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने आती है या नहीं, इसे लेकर निगरानी जारी है। 

    संवेदनशील इलाकों में से एक
    पूर्वी तुर्किए दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप-संवेदनशील इलाकों में से एक है। यहां से ईस्ट एनाटोलियन फॉल्ट गुजरती है और यह एनाटोलियन, अरेबियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा के पास स्थित है।

    विनाशकारी भूकंपों का इतिहास
    इस इलाके में विनाशकारी भूकंपों का लंबा इतिहास रहा है। इनमें सबसे प्रमुख फरवरी 2023 में कहरामनमारस प्रांत में आया भूकंप था, जिसमें अकेले तुर्किए में 53,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और यह सदी के सबसे घातक भूकंपों में से एक माना जाता है।

  • धरती के ‘रिंग ऑफ फायर’ में लगातार भूकंप! 7 दिनों में 187 झटकों ने बढ़ाई चिंता

    धरती के ‘रिंग ऑफ फायर’ में लगातार भूकंप! 7 दिनों में 187 झटकों ने बढ़ाई चिंता

    नई दिल्ली

    प्रशांत महासागर के आसपास का इलाका दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप वाले क्षेत्रों में गिना जाता है. पिछले एक हफ्ते में जापान, इंडोनेशिया, अलास्का और अमेरिका के पश्चिमी हिस्सों समेत कई जगहों पर भूकंप दर्ज किए गए. इसी दौरान 4.5 या उससे ज्यादा तीव्रता के कुल 187 भूकंप दर्ज हुए, जिनमें इंडोनेशिया के पास आया 7.7 तीव्रता का भूकंप सबसे बड़ा रहा। 

    इन भूकंपों के बीच 'रिंग ऑफ फायर' एक बार फिर चर्चा में है. हालांकि, 187 भूकंपों का आंकड़ा सिर्फ रिंग ऑफ फायर का नहीं है. यह पूरी दुनिया में एक हफ्ते के दौरान आए 4.5 या उससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंपों का आंकड़ा है. इसलिए इस संख्या को किसी बड़े भूकंप की सीधी चेतावनी मानना सही नहीं होगा। 

    क्या है रिंग ऑफ फायर?
    रिंग ऑफ फायर प्रशांत महासागर के चारों तरफ फैला एक बड़ा इलाका है. इसकी लंबाई करीब 40 हजार किलोमीटर है. इस इलाके में धरती की कई बड़ी प्लेटें एक-दूसरे के पास आती हैं और लगातार धीरे-धीरे खिसकती रहती हैं। 

    इसी प्लेटों की हलचल के कारण यहां भूकंप और ज्वालामुखी ज्यादा आते हैं. जापान, इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड, अलास्का और अमेरिका के पश्चिमी हिस्से इसी इलाके से जुड़े हैं. दुनिया के करीब 90 फीसदी भूकंप इसी इलाके के आसपास आते हैं। 

    एक हफ्ते में आए कई बड़े भूकंप
    पिछले एक हफ्ते में सबसे बड़ा भूकंप इंडोनेशिया के पास आया. इसकी तीव्रता 7.7 रही. इसके बाद उत्तरी इंडोनेशिया में 6.9 और दक्षिणी पेरू में 6.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. इसके अलावा जापान, अलास्का और अमेरिका के पश्चिमी हिस्सों में भी 4.5 या उससे ज्यादा तीव्रता के कई भूकंप आए. बड़े भूकंप के बाद छोटे झटके आना आम बात है. इन्हें आफ्टरशॉक कहा जाता है। 

    क्या 187 भूकंप किसी बड़े खतरे का संकेत हैं?
    सिर्फ भूकंपों की संख्या देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि जल्द कोई बड़ा भूकंप आने वाला है. वैज्ञानिक अभी किसी भूकंप की सही तारीख, जगह और तीव्रता पहले से नहीं बता सकते. कैलिफोर्निया और तुर्की जैसे इलाकों में भूकंप का खतरा जरूर बना रहता है, क्योंकि ये भी एक्टिव भूकंपीय क्षेत्रों में आते हैं। 

    187 भूकंपों के आंकड़े को इन जगहों पर आने वाले किसी बड़े भूकंप से जोड़ने का कोई पक्का वैज्ञानिक आधार नहीं है. दुनिया में हर दिन छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं. इसलिए सात दिनों में 187 भूकंपों का आंकड़ा ध्यान खींचता जरूर है, लेकिन सिर्फ इस आंकड़े से किसी बड़ी आपदा की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। 

     

  • जापान में भूकंप का कहर! टोक्यो तक महसूस हुए तेज झटके, 23 लोगों के घायल होने की खबर

    जापान में भूकंप का कहर! टोक्यो तक महसूस हुए तेज झटके, 23 लोगों के घायल होने की खबर

     टोक्यो 

    जापान में रविवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. राजधानी टोक्यो समेत पूर्वी जापान के कई इलाकों में आए इस भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 5.9 मापी गई है. अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण 23 लोग घायल हुए हैं, हालांकि इनमें से ज्यादातर को मामूली चोटें आई हैं. भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया गया है। 

    जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र दक्षिणी इबाराकी प्रांत में था और इसकी गहराई करीब 70 किलोमीटर थी. यह इलाका लगातार भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है. वहीं, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 5.8 दर्ज की है. भूकंप के झटके टोक्यो क्षेत्र में भी महसूस किए गए. फिलहाल किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। 

    चार प्रांतों में 23 लोग घायल

    अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण क्षेत्र के चार प्रांतों में कुल 23 लोग घायल हुए हैं. इनमें सैतामा में 9, कानागावा में 9, चिबा में 4 और इबाराकी में एक व्यक्ति घायल हुआ है। 

    ज्यादातर लोगों को उस समय चोट लगी, जब वे सो रहे थे और अचानक आए भूकंप के झटकों से घबराकर उठ गए. अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग हड़बड़ी में बिस्तर से उठते समय गिर गए, जबकि कुछ फर्नीचर या दरवाजों से टकराकर घायल हुए। 

    जापानी अखबार योमिउरी के मुताबिक, कानागावा प्रांत के योकोहामा में 80 साल से अधिक उम्र की एक महिला भूकंप के दौरान अपने बिस्तर से गिर गई. हादसे में उसके कूल्हे में गंभीर चोट आई है। 

    बीती 28 जुलाई को आया था 7.1 तीव्रता का भूकंप
    बता दें कि जापान में भूकंप आते रहते हैं. बीते महीने 28 जुलाई को जापान के क्यूशू द्वीप पर 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. यह भूकंप कुमामोतो क्षेत्र में आया और इसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक भूकंप के बाद 1 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई थी. तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई थी। 

    जापान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां भूकंप सबसे ज्यादा आते हैं. इसी वजह से यहां भूकंप और सुनामी की चेतावनी देने वाला सिस्टम दुनिया के सबसे बेहतर सिस्टम में गिना जाता है. यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में लोगों को अलर्ट भेज देता है जिससे जान माल का नुकसान कम करने में मदद मिलती है. क्यूशू द्वीप पर रहने वाले लोगों को फिलहाल सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. आने वाले घंटों में स्थिति साफ होने की उम्मीद है। 

  • राजधानी दिल्ली में भूकंप के झटके, उत्तरी जिले में केंद्र रहा

    राजधानी दिल्ली में भूकंप के झटके, उत्तरी जिले में केंद्र रहा

    नई दिल्ली
     राजधानी दिल्ली में रविवार को सुबह सुबह लगभग 4 बजकर 14 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के उत्तरी जिले में 2.9 तीव्रता और 8 किलोमीटर की गहराई पर भूकंप आया था।

    नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने दी जानकारी
    राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि रविवार सुबह दिल्ली के उत्तरी जिले में सुबह लगभग 4 बजकर 14 मिनट पर भूकंप आया। भूकंप की तीव्रता 2.9 रही, वहीं भूकंप की गहराई 8 किलोमीटर मापी गई।

    अरुणाचल प्रदेश और असम में भी आया भूकंप
    राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान ने अन्य पोस्ट में बताया कि दिल्ली के अलावा असम अरुणाटल प्रदेश में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान के अनुसार रविवार सुबह नीन राज्यों में आए भूकंप की तीव्रता कम रही।

    कहां आता है भूकंप
    आपको बता दें कि भूकंप पृथ्वी की सतह से लेकर सतह के नीचे लगभग 700 किलोमीटर तक कहीं भी आ सकते हैं। USGS द्वारा जारी डेटा के अनुसार, वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भूकंप की इस 0-700 किलोमीटर की गहराई वाली रेंज को उथले, मध्यम और गहरे तीन जोन बांटा गया है।

    उथले भूकंप होते हैं ज्यादा खतरनाक
    डेटा के अनुसार उथले भूकंप आम तौर पर गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक खतरनाक होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उथले भूकंपों से निकलने वाली भूकंपीय तरंगों को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है, जिसके परिणामस्वरूप जमीन में तेज कंपन होता है और इससे ढांचों को अधिक नुकसान और जान-माल की अधिक हानि हो सकती है।

     

  • जापान भूकंप से दहला, प्रधानमंत्री ने दिए राहत-बचाव के लिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश

    जापान भूकंप से दहला, प्रधानमंत्री ने दिए राहत-बचाव के लिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश

    नागासाकी
    जापान के क्यूशू द्वीप पर मंगलवार को 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. यह भूकंप कुमामोतो क्षेत्र में आया और इसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक भूकंप के बाद 1 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई है. तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है.

    जापान सरकार ने कुमामोतो के अलावा नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाजाकी प्रान्तों में भी आपातकालीन भूकंप चेतावनी जारी की है. ये सभी इलाके क्यूशू द्वीप पर स्थित हैं. यह जानकारी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दी है.

    राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है. स्थानीय प्रशासन भूकंप से हुए असर का आकलन कर रहा है और साथ ही सुनामी के खतरे पर भी लगातार नजर बनाए हुए है. आपातकालीन टीमें अलर्ट पर हैं और स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है.

    जापान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां भूकंप सबसे ज्यादा आते हैं. इसी वजह से यहां भूकंप और सुनामी की चेतावनी देने वाला सिस्टम दुनिया के सबसे बेहतर सिस्टम में गिना जाता है.

    यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में लोगों को अलर्ट भेज देता है जिससे जान माल का नुकसान कम करने में मदद मिलती है. क्यूशू द्वीप पर रहने वाले लोगों को फिलहाल सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. आने वाले घंटों में स्थिति साफ होने की उम्मीद है.

    कुमामोटो में था भूकंप का केंद्र
    भूकंप का सबसे ज्यादा असर कुमामोटो प्रांत के कई शहरों और कस्बों में देखा गया. यात्सुशिरो, उतो, मशिकी और मिसातो में शिंदो पैमाने पर 6 दर्ज किया गया. वहीं कुमामोटो शहर के मिनामी वार्ड में भी तेज झटके महसूस किए गए. जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कुमामोटो के अन्य हिस्सों के साथ-साथ नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा और मियाजाकी प्रांतों में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. इन इलाकों में शिंदो स्केल पर 5 या उससे अधिक तीव्रता दर्ज की गई. जापान मौसम विभाग के मुताबिक भूकंप का केंद्र कुमामोटो शहर के दक्षिण में स्थित उकी शहर के पास था और इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी. भूकंप के कारण कुमामोटो प्रांत में लगभग 45,600 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. बिजली बहाल करने के लिए राहत और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। 

    कुमामोटो 2016 में झेल चुका है विनाशकारी भूकंप

    यह भूकंप अप्रैल, 2016 में आए विनाशकारी कुमामोटो भूकंपों की याद दिलाता है. उस समय आए दो बड़े भूकंपों में 278 लोगों की मौत हुई थी और करीब 2,800 लोग घायल हुए थे. जापान के कुमामोटो प्रांत में 14 और 16 अप्रैल 2016 को दो बड़े भूकंप आए थे. उन भूकंपों में ऐतिहासिक कुमामोटो किले को भी भारी नुकसान पहुंचा था. किले के पुनर्निर्माण का काम अब भी जारी है और इसके वर्ष 2052 तक पूरा होने की उम्मीद है. इसके अलावा भूकंप के चलते आसो ओहाशी ब्रिज पूरी तरह ढह गया था, सड़कें, रेलवे लाइनें, अस्पताल और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ था. जापान को करीब ₹2.3 लाख करोड़ का नुकसान भूकंप की वजह से हुआ था। 

    जापान के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
    जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कुमामोटो प्रांत में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. प्रधानमंत्री की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सबसे पहले भूकंप से हुए नुकसान का जल्द से जल्द आकलन किया जाए.

    इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव अभियान तेज करने को कहा गया है. निर्देश में साफ कहा गया है कि मानव जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने तथा उनकी जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं.

    प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह भी कहा है कि सरकार एकजुट होकर काम करे और लोगों को निकासी, नुकसान की स्थिति और अन्य जरूरी जानकारी समय पर और सही तरीके से उपलब्ध कराई जाए.

  • वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय मदद शुरू, राहत अभियान तेज

    वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय मदद शुरू, राहत अभियान तेज

    नई दिल्ली
    दक्षिण अमेरिका के वेनेजुएला में 25 जून को भूकंप के दो झटके हजारों लोगों की जिंदगियां निगल गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक इस भूकंप में 1430 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि आंकड़ा बहुत बड़ा हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार, परिवारों ने आज सुबह कम से कम 68,900 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। अब भी मलबे से लाशों पर लाशें निकल रही हैं। वहीं देश के उत्तरी तट के बाद अब भी लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी कराकास और माराके में भी 4.9 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।

    वेनेज़ुएला के सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों में से एक, ला ग्वायरा में, अपने प्रियजनों और पड़ोसियों की तलाश कर रहे लोग फावड़ों, भारी मशीनों, रस्सियों और अपने हाथों का इस्तेमाल करके कंक्रीट के ढेर को हटाने की कोशिश करते दिखे। भूकंप में 3360 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को 250 के करीब लोगों को जिंदा निकाला गया है।

    खुद ही परिजनों को तलाश रहे लोग
    वेनेजुएला में राहत टीमों की कमी की वजह से लोगों को खुद ही मलबा हटाकर परिजनों की तलाश करनी पड़ रही है। वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा है कि लोग ला गुआइरा राज्य की यात्रा से बचें। उन्होंने कहा कि यह समय बेहद संवेदनशील है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाना है। उन्होंने कहा कि तेजी से पुलिस, सिविल प्रोटेक्शन, दमकल की टीमें भेजने के लिए रास्ते खाली रखना जरूरी है।

    जमींदोज हो गईं 1000 इमारतें
    बीबीसी रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला के उत्तरी तटीय क्षेत्र और राजधानी काराकास में भूकंप के कारण सैकड़ों इमारतें, कई अस्पताल और शॉपिंग सेंटर पूरी तरह जमींदोज हो गये हैं। इसके अलावा करीब 1,000 अन्य बुनियादी ढांचागत स्थलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा तबाही काराकास के उत्तर में स्थित ला गुएरा क्षेत्र में हुई है, जहां देश का मुख्य बंदरगाह और सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थित है। ला गुएरा में अब तक मलबे से 243 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

    इस आपदा के बाद वेनेजुएला में अंतरराष्ट्रीय राहत और बचाव दल पहुंचना शुरू हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) मानवीय मामलों के प्रमुख टॉम फ्लेचर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर वैश्विक सहायता अभियान चलाने की घोषणा की है। ब्रिटेन, अमेरिका, नीदरलैंड, मैक्सिको और स्विट्जरलैंड ने अपनी खोजी और बचाव टीमें, प्रशिक्षित श्वान दल और ड्रोन भेजे हैं। अमेरिका ने इसके साथ ही युद्धपोत, परिवहन विमान और 15 करोड़ डॉलर (लगभग 1,415 करोड़ 40 लाख रुपये) की वित्तीय सहायता देने का भी एलान किया है। आंतरिक मामलों के मंत्री डियोसडाडो काबेलो के अनुसार, भूकंप का सबसे ज्यादा असर काराकास के लॉस पालोस ग्रांडेस और अल्तामिरा इलाकों के अलावा ला गुएरा, अरागुआ, काराबोबो और फाल्कन जैसे उत्तरी तटीय राज्यों पर पड़ा है।

  • भूकंप से तबाह वेनेजुएला: चारों ओर मलबा, संचार सेवाएं बंद, USGS ने जारी किया डराने वाला अनुमान

    भूकंप से तबाह वेनेजुएला: चारों ओर मलबा, संचार सेवाएं बंद, USGS ने जारी किया डराने वाला अनुमान

    काराकास

    वेनेजुएला में आए लगातार दो जोरदार भूकंपों ने भारी तबाही की आशंका पैदा कर दी है. राजधानी कराकास सहित कई इलाकों में इमारतों के ढहने की खबरें सामने आई हैं, जबकि हजारों लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए. USGS यानी यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने चेतावनी दी है कि इस आपदा में मरने वालों की संख्या 10 हजार से ज्यादा हो सकती है। 

    वेनेजुएला में पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था, जिसका केंद्र वेनेजुएला के कैरेबियाई तट पर स्थित मोरोन इलाके के पश्चिम में था। भूकंप की गहराई करीब 22 किलोमीटर दर्ज की गई. इसके कुछ ही वक्त बाद एक और शक्तिशाली झटका महसूस किया गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। 

    अमेजन शहर तक भूकंप का असर
    एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, 7.2 और 7.5 तीव्रता वाले भूकंपों ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. यहां तक कि करीब 1,700 किलोमीटर दूर ब्राजील के अमेजन जैसे शहरों में भी इमारतों को खाली कराना पड़ा. बुधवार देर रात, कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने कहा कि वह देश को संबोधित करने की तैयारी कर रही थीं। 

    भूकंप के तीन घंटे के अंदर देश को संबोधित न करने और उस दौरान सरकार की ओर से किसी के घायल होने या मारे जाने की कोई रिपोर्ट न दिए जाने पर राजनेताओं और वेनेज़ुएला के लोगों ने रोड्रिग्ज की आलोचना की। 

    वेनेजुएला में जबरदस्त भूकंप के बाद अफरा-तफरी और भारी तबाही जैसे हालात
    वेनेजुएला की राजधानी में आए भूकंप के बाद तबाही जैसे हालात हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज में वेनेजुएला के उत्तरी तट पर एक के बाद एक आए जबरदस्त भूकंप के कारण डरे हुए लोग और गिरी हुई इमारतें दिखाई दे रही हैं। 

    वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने की हेल्थ वर्कर्स से काम पर लौटने की अपील
    वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने डॉक्टरों और नर्सों से कहा है कि वे भूकंप में घायल हुए लोगों के इलाज में मदद के लिए स्थानीय अस्पतालों और इमरजेंसी रूम में रिपोर्ट करें। 

    वेनेज़ुएला के अख़बार 'एल नैशनल' के मुताबिक, देश को संबोधित करते हुए रोड्रिगेज ने कहा, "मैं डॉक्टरों, नर्सों और सभी हेल्थ वर्कर्स से काम पर लौटने की अपील करती हूं, जिससे हम उन लोगों का इलाज कर सकें, जिन्हें अस्पतालों और प्राइवेट हेल्थ सेंटरों के इमरजेंसी रूम में लाया जा रहा है। 

    रोड्रिगेज ने कहा कि राष्ट्रीय, राज्य और नगरपालिका अधिकारी इस संकट से निपटने के लिए काम कर रहे हैं और देश के सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्यों में सबसे पहले मदद भेजी जा रही है। 

     अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने वेनेज़ुएला के प्रति संवेदना जताई
    अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट भी उन विदेशी अधिकारियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने वेनेज़ुएला के साथ एकजुटता दिखाई है। 

    उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "हम उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है. इस मुश्किल वक्त में प्रभावित सभी समुदायों के लिए हिम्मत, सुरक्षा और जल्द ठीक होने की कामना करते हैं। 

     वेनेजुएला में भूकंप के बाद इमरजेंसी का ऐलान 
    वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने जबरदस्त भूकंपों के बाद इमरजेंसी का ऐलान किया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप के बाद अपनी में रोड्रिगेज ने मौतों की पुष्टि की, लेकिन यह नहीं बताया कि कितने लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही, उन्होंने खोज और बचाव कार्यों की देखरेख के लिए एक हाई-लेवल टास्क फोर्स बनाने का भी ऐलान किया है। 
     
    भूकंप के बाद पूरे वेनेजुएला में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर पड़ा असर
    वॉचडॉग 'NetBlocks' के मुताबिक, भूकंप से बिजली और टेलीकम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने के बाद वेनेजुएला में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर बुरा असर पड़ा है. अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती भी हुई है या नहीं। 

    कनेक्टिविटी में रुकावट की वजह से आने वाले कुछ घंटों में हॉटस्पॉट से मिलने वाली जानकारी और वीडियो की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है.

    मेक्सिको ने वेनेज़ुएला के साथ जताई एकजुटता 
    मेक्सिको के विदेश मंत्रालय ने वेनेज़ुएला में भूकंप आने के बाद वहां के लोगों के प्रति सहानुभूति जताई है. इसके साथ ही मेक्सिकों ने भूकंप से हुए नुकसान खेद प्रकट की है। 

    पल भर में बदल गई तीव्रता
    US जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने शुरू में कहा कि पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था, जिसे बाद में बदलकर 7.2 कर दिया गया. इसका केंद्र कैरेबियन तट पर बसे मोरोन इलाके के पश्चिम में था, जो काराकस से करीब 168 किलोमीटर पश्चिम में है. भूकंप की गहराई 22 किलोमीटर थी। 

    USGS ने ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता के और भी बड़े भूकंप की जानकारी दी. दूसरे भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी और इसका केंद्र मोरोन से 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। 

    दंग रह गए लोग
    वेनेजुएला में आए ये भूकंप एक सदी से भी ज्यादा वक्त में वेनेजुएला में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से थे. राजधानी काराकस में लोग हिलती हुई इमारतों से बाहर निकल आए. कई लोग यह देखकर हैरान रह गए कि पूरी की पूरी दीवारें गिर गई थीं और सड़क से ही घर का फर्नीचर दिखाई दे रहा था. राजधानी के दो इलाकों में धूल के गुबार भी देखे गए, जहां आमतौर पर रेस्तरां और अन्य कारोबारों में काफी चहल-पहल रहती है। 

     

     

  • इंडोनेशिया में शक्तिशाली भूंकप का कहर, 6.7 तीव्रता के झटकों से पालू में मची भगदड़

    इंडोनेशिया में शक्तिशाली भूंकप का कहर, 6.7 तीव्रता के झटकों से पालू में मची भगदड़

    पालू 

    इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में मंगलवार (16 जून 2026) को आए 6.7 तीव्रता के बेहद शक्तिशाली भूकंप ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. इस तेज झटके के कारण मध्य सुलावेसी प्रांत की राजधानी पालू और उसके आसपास के इलाकों में व्यापक स्तर पर नुकसान की खबरें आ रही हैं। 

    भूकंप इतना जोरदार था कि लोग डर के मारे अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे. डराने वाली बात यह है कि पालू वही शहर है जिसने करीब आठ साल पहले एक बेहद विनाशकारी भूकंप और सुनामी का सामना किया था, जिसके जख्म आज भी यहां के लोगों के दिलों में ताजा हैं. इस नए झटके ने एक बार फिर स्थानीय निवासियों के मन में पुरानी और खौफनाक यादों को जिंदा कर दिया है। 

    अस्पतालों से मरीजों को निकाला गया बाहर, होटल और इमारतों को पहुंचा नुकसान
    भूकंप के तेज झटकों को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से पालू शहर के कई अस्पतालों से मरीजों को तुरंत बाहर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया. सोशल मीडिया और समाचार एजेंसियों द्वारा जारी तस्वीरों में देखा जा सकता है कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को उनकी ड्रिप और स्ट्रेचर के साथ खुले आसमान के नीचे ले जा रहे हैं। 

    शहर के एक प्रतिष्ठित फोर-स्टार होटल के जनरल मैनेजर एफेंडी नताली ने बताया कि भूकंप आते ही होटल के सभी कमरों को खाली करा लिया गया था. हालांकि अचानक आए इस झटके से मेहमानों के बीच भारी अफरा-तफरी और घबराहट का माहौल बन गया था, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी सुरक्षित हैं और होटल की इमारत को केवल मामूली नुकसान पहुंचा है. शहर के अन्य हिस्सों से भी छतों के गिरने, दीवारों में दरारें आने और सड़कों पर मलबा बिखरने की तस्वीरें सामने आई हैं। 

    सुनामी का कोई खतरा नहीं, लेकिन प्रशासन ने जारी की आफ्टरशॉक्स की चेतावनी
    अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र पालू शहर से लगभग 43 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर था. मुख्य भूकंप के बाद इलाके में कई आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए, जिनमें से सबसे शक्तिशाली झटका 5.2 तीव्रता का मापा गया। 

    एहतियात के तौर पर तटीय इलाकों के पास रहने वाले लोग समुद्र से दूर सुरक्षित स्थानों पर चले गए ताकि किसी संभावित सुनामी से बचा जा सके. इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकीय एजेंसी (BMKG) ने साफ किया है कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है, लेकिन उन्होंने लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है क्योंकि आने वाले दिनों तक आफ्टरशॉक्स का सिलसिला जारी रह सकता है। 

    राहत और बचाव कार्य जारी, नुकसान का आकलन कर रही हैं एजेंसियां
    इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने एक बयान में कहा है कि वे वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों से नुकसान, संभावित हताहतों और विस्थापित हुए लोगों के बारे में सटीक डेटा जुटाने में लगे हैं. मलबे को हटाने और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए राहत दल को सक्रिय कर दिया गया है। 
    चूंकि इंडोनेशिया 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है, इसलिए यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और लोगों से शांत रहने की अपील की जा रही है। 

  • नर्मदापुरम में भूकंप का असर, 3.8 मैग्नीट्यूड की तीव्रता दर्ज; गांवों में फैली दहशत

    नर्मदापुरम में भूकंप का असर, 3.8 मैग्नीट्यूड की तीव्रता दर्ज; गांवों में फैली दहशत

    नर्मदापुरम

     नर्मदापुरम जिले के केसला ब्लॉक के ग्राम चिचवानी और छीतापुरा क्षेत्र में सोमवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक आए कंपन से ग्रामीणों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।

    रात करीब 9:38 बजे महसूस हुआ कंपन
    मौसम केंद्र भोपाल और नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, 8 जून 2026 की रात करीब 9:39 बजे भूकंप दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड मापी गई। जबकि इसकी गहराई जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे बताई गई।

    छीतापुरा गांव तक महसूस हुए झटके
    चिचवानी गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर छीतापुरा में भी लोगों ने झटके महसूस किए। स्थानीय जनपद पंचायत सदस्य संतोष सल्लाम ने बताया कि वह रात में छत पर सो रहे थे, तभी अचानक कुछ सेकंड के लिए कंपन महसूस हुआ। शुरुआत में ऐसा लगा कि घर हिल रहा है, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।

    हल्की श्रेणी का माना जाता है 3.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप
    विशेषज्ञों के अनुसार 3.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है। ऐसे भूकंप में आमतौर पर बड़े नुकसान की संभावना कम रहती है, लेकिन इसके झटके लोगों को स्पष्ट रूप से महसूस हो सकते हैं।

    छत सो रहा था, अचानक से कंपन हुआ
    ग्राम चिचवानी से 2 किमी दूर स्थित छीतापुरा में भी झटके महसूस हुए। जनपद पंचायत सदस्य संतोष सल्लाम ने बताया रात करीब 9.30 बजे के आसपास जब में छत पर सो रहा था, तब कुछ पलभर के लिए कंपन हुआ। ऐसा लगा मानो घर हिल गया है लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ।

    3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है
    जानकारों के अनुसार 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है। इसमें आमतौर पर बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन झटके साफ महसूस होते हैं। एसडीएम निलेश शर्मा ने बताया मुझे इसकी जानकारी मिली है। अधिकृत पता करके थोड़ी देर में बताऊंगा।

    हल्की श्रेणी का भूकंप, नुकसान की खबर नहीं
    विशेषज्ञों के अनुसार 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में माना जाता है। ऐसे भूकंपों में आमतौर पर बड़े नुकसान की संभावना कम होती है, लेकिन झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए जा सकते हैं। प्रशासन ने भी फिलहाल किसी तरह की क्षति की पुष्टि नहीं की है।

    प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट
    एसडीएम निलेश शर्मा ने बताया कि भूकंप की जानकारी प्राप्त हुई है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। अब तक किसी गांव से नुकसान या घायल होने की सूचना नहीं मिली है।

  • भूकंप से दहला फिलीपींस, 8.2 तीव्रता के झटकों के बाद कई देशों में सुनामी का खतरा

    भूकंप से दहला फिलीपींस, 8.2 तीव्रता के झटकों के बाद कई देशों में सुनामी का खतरा

    मनीला
    दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ में सोमवार सुबह जोरदार भूकंप से धरती कांप उठी है। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 8.2 रही है, जिसके बाद फिलीपींस और इंडोनेशिया के कुछ हिस्सों में चेतावनी जारी की गई है। चेतावनी में तटीय इलाके में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया है। भूकंप जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे झटके और जोर से महसूस किए गए।

    जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने शुरू में इसकी तीव्रता 7.2 बताई थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 8.2 कर दिया। भूकंप के बाद अमेरिका के सुनामी चेतावनी सिस्टम ने सुनामी का अलर्ट जारी किया है। इसने चेतावनी दी कि खतरनाक लहरें इलाके के तटीय इलाकों को प्रभावित कर सकती हैं।

    इंडोनेशिया में भी सुनामी की चेतावनी
    इंडोनेशिया की जियोफिजिस्ट एजेंसी ने देश के उत्तर-पूर्वी तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। इसमें लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा है। इंडोनेशियाई एजेंसी ने भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 मापी है।

    फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्कानोलॉजी एंड सिस्मोलॉजी ने भूकंप के 7.0 तीव्रता का होने का अनुमान लगाया है। इसने एक मीटर ऊंची सुनामी की लहरें उठने की चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने कहा है कि भूकंप के बाद ये लहरें कई घंटे तक रह सकती हैं।

    जापान, इंडोनेशिया समेत इन देशों में अलर्ट
    अलजजीरा के मुताबिक, फिलीपींस के पास आए जबरदस्त भूकंप के बाद जा
    पान ने अपने प्रशांत महासागर तट के कुछ हिस्सों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग का अनुमान है कि जापान के कुछ इलाकों में एक मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। 

    भूकंप के बाद अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने सुनामी का खतरा बताते हुए चेतावनी जारी की है. एजेंसी के मुताबिक, खतरनाक लहरें समुद्र तट पर स्थित द्वीप को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसके बाद इंडोनेशिया की जियोफिजिक्स एजेंसी ने भी देश के उत्तरपूर्वी तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की और अपने नागरिकों को सतर्क रहने के साथ-साथ निर्देशों का पालन करने की अपील की। 

    चेतावनी में कहा गया है कि शक्तिशाली भूकंप से काफी नुकसान हो सकता है और आने वाले घंटों और दिनों में इसके बाद तेज झटके आ सकते हैं. बीते रविवार को भी भारत समेत कई देशों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे. भारत के साथ-साथ नेपाल, चीन और भूटान में आए भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.3 मापी गई थी. इस भूकंप का केंद्र भूटान था। 

    किसी के मारे जाने की खबर नहीं
    इंडोनेशिया और फिलीपींस में अभी तक किसी बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। अधिकारियों ने भूकंप के केंद्र के पास जोरदार झटके आने की बात कही है, जिससे भारी नुकसान हो सकता है। लोगों से सावधान रहने को कहा गया है, क्योंकि आने वाले घंटों और झटके महसूस किए जा सकते हैं। इलाके में एजेंसियां समुद्र के जलस्तर पर नजर रख रही हैं।

    दक्षिणी फिलीपींस के सारांगनी प्रांत में स्थित अलाबेल के पुलिस चीफ बेंजी अंचेता ने बताया कि भूकंप के बाद स्थानीय पुलिस स्टेशन की इमारत में दरार पड़ गई। अंचेता ने बताया कि तत्काल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा, "यह अब तक का सबसे जोरदार भूकंप है, जो हमने महसूस किया है।"