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  • समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट 2’ पर विवाद, मुकेश छाबड़ा के खिलाफ शिकायत

    समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट 2’ पर विवाद, मुकेश छाबड़ा के खिलाफ शिकायत

    समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. कास्टिंग डायरेक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. शो के लेटेस्ट एपिसोड में गलत भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर मुकेश छाबड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. शिकायत में मामले की जांच की मांग की गई है.

    क्या है पूरा मामला?
    लेटेस्ट एपिसोड में एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी, भुवन बाम, मुकेश छाबड़ा और स्टैंड-अप कॉमेडियन कौस्तुभ अग्रवाल बतौर पैनलिस्ट शामिल हुए. शिकायतकर्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ये शिकायत दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 22 सितंबर 2026 की शाम मुंबई के एक होटल के कमरे में लैपटॉप पर नेटफ्लिक्स देखते समय यह एपिसोड देखा. इसी दौरान उन्होंने मुकेश छाबड़ा की ओर से इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति जताई.

    शिकायत के मुताबिक, छाबड़ा को कहते हुए सुना गया- मेरे आराम नगर में आओ, **…
    श्रीवास्तव ने इस टिप्पणी को “बेहद अनुचित, आपत्तिजनक और यौन संकेतों वाली” बताया है. उन्होंने मामले की जांच की मांग की है और कहा है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए.

    शिकायत में जांच की मांग
    शिकायत में यह भी साफ तौर पर कहा गया है कि मामले के कई पहलुओं की अभी पुष्टि होनी बाकी है. इसमें बयान की वास्तविकता, आवाज और व्यक्ति की पहचान, पूरी बातचीत का संदर्भ और सही टाइमस्टैम्प शामिल हैं. शिकायतकर्ता ने ओरिजनल और बिना एडिट किए गए वीडियो की जांच की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि टिप्पणी वास्तव में किसने, किस संदर्भ में और कब की थी.

    इसके अलावा, शिकायत में नेटफ्लिक्स इंडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं. शिकायतकर्ता ने पूछा है कि प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम करने से पहले कंटेंट की समीक्षा और मंजूरी किस तरह दी गई. उन्होंने नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेंट प्रमुख मोनिका शेरगिल की भूमिका की भी जांच करने का अनुरोध किया है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि अगर टिप्पणी सही साबित होती है, तो इससे दर्शकों की गरिमा और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े सवाल उठ सकते हैं. हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं. रिपोर्ट में भी ये पुष्टि नहीं की गई है कि टिप्पणी किसने की, उसका संदर्भ क्या था या वीडियो में वास्तव में क्या कहा गया था.

    पहले भी विवादों में रहा है शो
    ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ इससे पहले भी विवादों में रह चुका है. फरवरी 2025 में शो के पहले सीजन के एक एपिसोड में कंटेंट क्रिएटर और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया की माता-पिता और सेक्स से जुड़ी टिप्पणी पर काफी विवाद हुआ था.

    विवाद बढ़ने के बाद समय रैना के यूट्यूब चैनल से शो का पहला सीजन हटा दिया गया था.

  • PM मोदी की दिवंगत मां को लेकर टिप्पणी का विवाद, राहुल गांधी पर BJP नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप

    PM मोदी की दिवंगत मां को लेकर टिप्पणी का विवाद, राहुल गांधी पर BJP नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप

    नई दिल्ली
     इंदौर में विपक्षी पार्टी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणियों को लेकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है।

    राहुल गांधी ने स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि के साथ मंच पर कुछ बातें कहीं और इशारे किए, जिनसे साफ पता चलता था कि वे प्रधानमंत्री मोदी का मजाक उड़ा रहे थे। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने आज सुबह एक वीडियो बयान में कहा कि राहुल गांधी ने एक मां का मजाक उड़ाकर महिलाओं का अपमान किया है।

    'असभ्य संस्कृति को बढ़ावा दे रहे राहुल गांधी'
    केशवन ने कहा, "कोई भी सभ्य और सही सोच वाला व्यक्ति ऐसी अभद्र और घटिया हरकतों को मजेदार नहीं मानेगा लेकिन राहुल गांधी को उस मंच पर जोर-जोर से हंसते हुए देखा गया जिसे वे उनके साथ साझा कर रहे थे। राहुल गांधी द्वारा ऐसी असभ्य संस्कृति को बढ़ावा देने की वजह से ही वे और कांग्रेस युवाओं से जुड़ने में नाकाम रहे हैं।"

    'दिल्ली यूनिवर्सिटी से भी खदेड़ दिया गया'
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अपने नेता शशि थरूर ने भी इस मोर्चे पर पार्टी की नाकामी को माना है। दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "राहुल गांधी की कड़वी नफरत वाली राजनीति ही वह वजह है जिसकी वजह से कांग्रेस पार्टी और उसके छात्र संगठन एनएसयूआई को दिल्ली यूनिवर्सिटी से खदेड़ दिया गया।"

    'बुजुर्गों का बेशर्मी से अपमान किया गया'
    बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, "एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बुज़ुर्ग व्यक्ति के लिए कुर्सी का इंतजाम करके संवेदनशीलता दिखाई, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी को कल तब मजा करते हुए देखा गया जब ऐसे ही बुज़ुर्गों का बेशर्मी से अपमान किया जा रहा था। राहुल गांधी, जो मसखरों और ऐसे भद्दे सर्कस शो का समर्थन करते हैं, उन्हें एक राजनीतिक नेता के तौर पर गंभीरता से नहीं लिया जा सकता।"

    केंद्रीय मंत्रियों ने क्या कहा?
    केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी नैतिक दिवालियापन के सबसे निचले स्तर पर गिर गए हैं। छात्रों के साथ बातचीत का इस्तेमाल करके पीएम मोदी जी की दिवंगत मां का मजाक उड़ाना और उनका अपमान करना, बुनियादी मानवीय संवेदना और राजनीतिक संस्कृति की चौंकाने वाली कमी को दर्शाता है।"

    केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा, "कांग्रेस अब कॉमेडियन्स और जोकरों की पार्टी बनकर रह गई है। वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं

  • राहुल गांधी के नॉन-वेज बयान पर रिजिजू का जवाब, बोले- खाने पर भी राजनीति

    राहुल गांधी के नॉन-वेज बयान पर रिजिजू का जवाब, बोले- खाने पर भी राजनीति

     नई दिल्ली
    नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के भव्य रात्रिभोज (गाला डिनर) में परोसे गए पूरी तरह शाकाहारी मेनू को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल ने कहा कि भारत में 80 फीसदी लोग मांसाहारी हैं और भारतीय मांसाहारी खाना स्वादिष्ट होता है।

    राहुल की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर विदेशी मेहमानों को परोसे गए भोजन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि ब्रिक्स नेताओं ने भारतीय शाकाहारी व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया है।

    क्या कहा था राहुल गांधी ने ?
    दरअसल, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित एक भव्य भोज में परोसे गए विस्तृत शाकाहारी भोजन के एक दिन बाद राहुल गांधी ने भारत के मांसाहारी भोजन की तारीफ की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर छोले भटूरे की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "जानकारी के लिए बता दूं, 80% भारतीय मांसाहारी हैं। भारतीय मांसाहारी भोजन स्वादिष्ट होता है। और मेरी बहन के छोले भटूरे भी लाजवाब हैं।

    रिजिजू ने किया पलटवार
    राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बिना किसी का नाम लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे गए भोजन को मुद्दा बना रही है।

    रिजिजू ने कहा, "मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि कांग्रेस पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे जाने वाले भोजन के मेनू में भी राजनीति कर रही है। हमारे मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया, जो स्वाद और पोषण से भरपूर होने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रीय परंपराओं से परिपूर्ण हैं।"

    ब्रिक्स गाला डिनर में क्या परोसा गया था?
    स्टार्टर्स
        खांडवी मिले- सरसों, नारियल और करी पत्तों के तड़के के साथ भाप में तैयार किया गया बेसन रोल।
        खुम्ब गलौटी- पुदीने के दानों के साथ परोसे जाने वाले पैन-ग्रिल्ड मशरूम कबाब।

    मेन कोर्स-
        पनीर लबाबदार।
        गुच्ची मार्मिक: हिमालयी मोरेल मशरूम और कोमल शतावरी से तैयार विशेष व्यंजन।
        गाजर बीन पोरियल।

    इसके साथ 'थक्कली बेले सारू' (हल्का दाल का शोरबा), बाजरा पुलाव, चुकंदर रायता और विभिन्न प्रकार की भारतीय ब्रेड्स शामिल की गईं। वहीं मिठाई के रूप में वीवीआईपी मेहमानों के लिए 'ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी' और 'शाहतूत फिरनी' परोसी गई।

     

  • 80% भारतीय नॉन-वेज? राहुल गांधी के छोले-भटूरे पोस्ट पर घमासान

    80% भारतीय नॉन-वेज? राहुल गांधी के छोले-भटूरे पोस्ट पर घमासान

    नई दिल्ली
    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर एक अलग बहस छेड़ दी है। अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने वेजिटेरियन और नॉन-वेजिटेरियन खाने का जिक्र किया, जिसके बाद लोगों उनकी पोस्ट पर काफी कमेंट कर रहे हैं । राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत में 80% लोग नॉन-वेजिटेरियन हैं। भारत का नॉन-वेज खाना बहुत स्वादिष्ट होता है। राहुल के इस पोस्ट को BRICS समिट में परोसे गए वेज फूड से जोड़कर देखा जा रहा है।

    राहुल गांधी ने किया ये पोस्ट
    बता दें कि, राहुल गांधी ने रविवार 13 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट में उन्होंने छोले-भटूरे की फोटो शेयर की। साथ ही कैप्शन में उन्होंने इंडियन नॉन-वेज का जिक्र किया। X पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, "80 प्रतिशत इंडियन नॉन-वेजिटेरियन हैं और इंडियन नॉन-वेज खाना बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट होता है। उन्होंने पोस्ट पर मजाकिया अंदाज में ये भी कहा कि उनकी बहन के बनाए छोले-भटूरे भी उतने ही स्वादिष्ट हैं। पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर देखकर ऐसा लगता है कि ये छोले-भटूरे कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अपने हाथों से तैयार किए थे।

    पोस्ट पर छिड़ी बहस
    दरअसस, BRICS के आधिकारिक गाला डिनर के मेन्यू में कोई नॉन-वेज डिश शामिल नहीं थी। शाकाहारी मेन्यू को लेकर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। वहीं राहुल गांधी के इस पोस्ट को BRICS समिट में परोसे गए वेज फूड से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पोस्ट करते हुए लिखा कि मुझे यकीन नहीं हो रहा कि कांग्रेस पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे गए खाने के मेन्यू पर भी राजनीति कर रही है। हमारे मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी भोजन का आनंद लिया, जो स्वाद और पोषण से भरपूर था और जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं की झलक थी।

    BRICS के मेन्यू में थे ये डिश
    दरअसल 12 सितंबर को आयोजित डिनर के मेन्यू में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता, गुजराती खांडवी और मिलेट्स का पुलाव रखा गया था। कश्मीर की मशरूम डिश और मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी परोसी गई थी। मेन्यू के मुताबिक, स्टार्टर के तौर पर खांडवी मिल-फ्यूई थी। मेन स्टार्टर में पनीर लबाबदार से लेकर गुच्छी मार्मिक, केसर, किशमिशन और मामरा बदाम के साथ पकाए गए हिमाचली गुच्छी मशरूम और मिलेट पुलाव था।

    भारत ने की मेजबानी
    बता दें कि, भारत में आयोजित दो दिवसीय 18वां BRICS शिखर सम्मेलन रविवार को खत्म हुआ। इस सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के नेता एक मंच पर जुटे और कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। साल 2024 में इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को शामिल किया गया। इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी BRICS का सदस्य बन गया। इसके अलावा, पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम को BRICS के साझेदार देशों का दर्जा दिया गया था।

  • ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान पर विवाद, जयपुर के गांव में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी के आरोप

    ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान पर विवाद, जयपुर के गांव में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी के आरोप

    जयपुर
    राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू इलाके में रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल को लेकर जबरदस्त हंगामा हो गया. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने अभियान 'स्कूल ठीक करो' के तहत पार्टी के कार्यकर्ता गांव के सरकारी स्कूल की हालत देखने भेजे थे, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ दिया. वहीं CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनकी टीम के साथियों के साथ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए.

    सुबह-सुबह रामपुरा-कंवरपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल में उस समय हंगामा हुआ जब CJP के कार्यकर्ता स्कूल की हालत देखने वहां पहुंचे. गांव वालों ने इसका विरोध किया और उन्हें भगा दिया. इसके थोड़ी देर बाद आशुतोष रांका खुद स्कूल पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.

    माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हुई. ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं की पिटाई कर दी और उन्हें गांव से दौड़ाया, साथ ही गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए गए.

    माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई. आरोप है कि इसके बाद ग्रामीणों ने आशुतोष समेत CJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और उन्हें गांव से खदेड़ दिया.

    इस दौरान कार्यकर्ताओं की गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की गई और शीशे तोड़ दिए गए. ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं पर रेत भी उछाला और पत्थरबाजी भी की.

    अभिजीत दिपके ने क्या कहा?
    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूरा घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दिपके ने लिखा, 'आशुतोष पर बीजेपी के गुडों ने राजस्थान में हमला किया है. राजस्थान पुलिस ने ऐसा करने दिया है.'

    कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी पर क्या बोले थे आशुतोष?
    जब कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी हुई थी तो सोशल मीडिया पर आशुतोष ने आरोप लगाया कि गांव पहुंचे लोग असल में ग्रामीण नहीं बल्कि भाजपा के बुलाए हुए लोग थे, जिनका सरगना कमल प्रधान गरीबों की जमीन पर कब्जा करने का काम करता है. रांका ने यह भी कहा कि उनकी टीम के जो साथी पहले से मौजूद थे, उनके साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मारपीट की.

    रांका ने पोस्ट में यह भी कहा थी कि उनकी टीम के जो साथी पहले से वहां मौजूद थे, उनके साथ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की. उन्होंने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा को यह मंजूर है कि बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ते रहें, लेकिन अगर इन स्कूलों को ठीक कराने की कोशिश की जाए तो यह उन्हें मंजूर नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि इससे ज्यादा शर्मनाक बात और क्या हो सकती है.

    गांव में स्कूल की हालत को लेकर पहले से ही नाराजगी थी. ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की इमारत लंबे समय से जर्जर हालत में है और बच्चे भैंसों के तबेले जैसी जगह में पढ़ने को मजबूर हैं. इसी मुद्दे पर CJP कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों ने उनका विरोध कर दिया.

    फिलहाल गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण CJP के खिलाफ धरने पर डटे हुए हैं. मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर सियासी हलचल तेज हो गई है.

    ग्रामीणों ने क्या कहा?
    रामीण विष्णु कुमार शर्मा ने बताया कि उनके गांव में पहले प्राथमिक विद्यालय 5वीं कक्षा तक संचालित होता था. स्कूल के लिए जमीन उनके दादाजी ने दी थी. उन्होंने बताया कि 1999 में स्कूल भवन का निर्माण हुआ था, लेकिन उसके बाद से भवन की मरम्मत नहीं हुई.

    विष्णु कुमार शर्मा के मुताबिक, अब स्कूल भवन इतना जर्जर हो चुका है कि वहां बच्चों के बैठकर पढ़ने की स्थिति नहीं है. फिलहाल गांव के एक बड़े भवन में ग्रामीणों ने दो कमरे उपलब्ध कराए हैं, जहां दो शिक्षक करीब 20-30 बच्चों को पढ़ा रहे हैं.

    उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र बगरू विधानसभा में आता है. उनके अनुसार, विधायक डॉ. कैलाश वर्मा ने स्कूल के लिए 9 लाख रुपये का बजट पास होने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक यह काम जमीन पर शुरू नहीं हुआ है.

    विष्णु कुमार शर्मा ने कहा कि स्कूल के लिए दी गई जमीन भी ग्रामीणों की ही है और ग्रामीणों ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए सरकार को जमीन दी थी. उन्होंने कहा कि स्कूल की स्थिति को लेकर सरकार से कार्रवाई की उम्मीद है.

    ग्रामीण राजेश कुमार शर्मा ने CJP कार्यकर्ताओं के गांव में पहुंचने का विरोध किया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण ऐसे कार्यकर्ताओं का विरोध करेंगे और आरोप लगाया कि वे स्कूल के मुद्दे को लेकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

    राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि भारत में विरोध करना जायज है, लेकिन प्रदर्शन का तरीका सही होना चाहिए. उन्होंने CJP पर राजनीतिक रोटियां सेंकने और फंड जुटाने का आरोप लगाया. हालांकि, उनके विदेशी फंड से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती.

    स्कूल की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि बच्चे जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं. उनके मुताबिक, सरकार की ओर से 12 लाख रुपये का बजट पास किया गया है, लेकिन अभी तक स्कूल का निर्माण शुरू नहीं हुआ है.

    उन्होंने कहा कि अगर सरकार स्कूल का निर्माण नहीं कराती है तो ग्रामीण खुद मिलकर स्कूल बनाएंगे, क्योंकि जमीन उनके बुजुर्गों ने दी थी और स्कूल भी उनके प्रयासों से बना था.

    राजेश कुमार शर्मा ने सरकार से जल्द से जल्द स्कूल का निर्माण कराने की अपील की. साथ ही उन्होंने बताया कि गांव में पहले पोलिंग बूथ था, लेकिन इस बार उसे दूसरी जगह ट्रांसफर कर दिया गया है. उन्होंने इस पर भी सरकार से ध्यान देने की मांग की.

  • विजय-तृषा की नजदीकी पर DMK का हमला, आधिकारिक कार्यक्रम की बैठने की व्यवस्था पर सवाल

    विजय-तृषा की नजदीकी पर DMK का हमला, आधिकारिक कार्यक्रम की बैठने की व्यवस्था पर सवाल

    चेन्नई
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की कथित गर्लफ्रेंड और एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का फोर्ट सेंट जॉर्ज में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली पंक्ति में बैठना मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके को पसंद नहीं आया।

    डीएमके के आधिकारिक मुखपत्र मुरासोली में छपे संपादकीय में पार्टी ने विजय और तृषा के एक-दूसरे का अभिवादन करने और आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान अभिनेता के बैठने की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। बता दें कि पीली साड़ी और हरे रंग का ब्लाउज पहने तृषा विजय के माता-पिता एसए चंद्रशेखर और शोभा चंद्रशेखर के साथ अगली कतार में बैठी थीं।

    संपादकीय में क्या लिखा गया?
    लेख में लिखा गया, "स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने वाले मुख्यमंत्री विजय की गरिमा तार-तार हो गई। जिन लोगों ने उन्हें वोट दिया था, उन्हें भी यह नजारा बर्दाश्त नहीं हुआ कि बिना किसी शर्म या झिझक के उन्होंने एक एक्टर को अगली कतार में बिठाया और दोनों ने एक-दूसरे को सलामी दी। आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर वही व्यक्ति सामने आया है, जो खुलेआम और बेशर्मी से ऐसी अभद्रता और घिनौनी हरकत करके उसे सही ठहराने की सोचता है।"

    संपादकीय में कहा गया कि विजय के प्रशंसक भी यह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक अभिनेत्री को साथ लाकर उसे सलामी दी। इसमें यह भी दावा किया गया कि कुछ टीवीके वोटर भी उस सीन को स्वीकार नहीं कर पाए, जिसमें दोनों को सैल्यूट करते हुए देखा गया था।

    टीवीके ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
    विजय की पार्टी टीवीके ने अभी तक इस आलोचना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मुख्यमंत्री की पत्नी संगीता ने पहले अपनी याचिका में एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर, मानसिक क्रूरता और पति द्वारा नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाया था। एक जनसभा में विजय ने इस घटनाक्रम को बेकार बताया था।

    संपादकीय में आगे यह भी कहा गया कि सिर्फ तीन महीनों में ही विजय डर गए हैं कि क्या उनकी लोकप्रियता बनी रहेगी और क्या वे अपने पद पर बने रहेंगे। संपादकीय में यह दावा किया गया, "उनके अपने भाषण से ही यह डर सामने आया है। झंडा फहराने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने कहा, यह मत सोचिए कि हमारी जिम्मेदारी पूरी हो गई है और आप हट सकते हैं। अब से आपको हमारे और सरकार के साथ बने रहना होगा। तभी मैं आपके लिए बनी सभी अच्छी योजनाओं को लागू कर पाऊंगा। वे इसी तरह रोते और गुहार लगाते रहे हैं।"

  • काला हिरण फिल्म विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने मेकर्स को लगाई फटकार

    काला हिरण फिल्म विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने मेकर्स को लगाई फटकार

    फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' को लेकर विवाद जारी है. प्रोड्यूसर अमित जानी की ये मूवी सलमान खान से जुडे़ 1998 के काले हिरण शिकार केस पर बेस्ड है. इसका टीजर रिलीज हो चुका है. सलमान खान ने दिल्ली हाईकोर्ट में फिल्म के खिलाफ याचिका दाखिल की थी. इस मामले को लेकर नया अपडेट आया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने सलमान को राहत दी है और मेकर्स के खिलाफ सख्ती बरती है. निर्माता अमित जानी के रवैये पर नाराजगी जताई हुए उनकी आलोचना की है.

    अमित जानी को कोर्ट से पड़ी फटकार
    दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म 'काला हिरण' को लेकर एक्स (X) और यूट्यूब से टीजर समेत दूसरे सोशल मीडिया लिंक्स हटाने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी को फटकार लगाई है. कोर्ट ने अमित जानी के वकील से कहा कि इस बात से आपका दुस्साहस बढ़ा है कि पिछली बार कोई आदेश पारित नहीं हुआ था. कोर्ट ने निर्माता अमित जानी से कहा-आपको लगता है कि आप कानून से ऊपर हैं. वो दिन-प्रतिदिन बद्दतर होते जा रहे हैं. आप एक आम आदमी के साथ भी ऐसा नहीं कर सकते.

    अमित जानी के वकील ने कहा कि ये तो सिर्फ एक टीजर है, इससे सलमान खान के व्यक्तित्व का कैसे उल्लंघन हो रहा है? मैं उनका नाम तो ले ही नहीं रहा हूं. अमित जानी के वकील ने आगे कहा कि इसमें कोई डीपफेक (Deepfake) या AI वीडियो भी नहीं है. घटनाओं पर या सार्वजनिक प्रदर्शन पर कोई संरक्षण नहीं है.

    सलमान के वकील ने क्या दी दलील?
    दूसरी तरफ, सलमान खान के वकील ने कहा भले ही सलमान का नाम मेंशन ना किया गया हो, लेकिन एक्टर की पहचान और छवि का मेकर्स ने इस्तेमाल किया है. सलमान को 4 मामलों में से 3 में बरी कर दिया गया है, 1 मामले में सजा पर रोक लगा दी गई है. तब भी फिल्म में सलमान को लेकर बना नैरेटिव, उनके छवि को नुकसान पहुंचा सकता है. वकील का कहना है कि पूरे समुदाय (बिश्नोई समाज) को सलमान खान के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है.

    ये पूरा विवाद फिल्म 'काला हिरण' के फर्स्ट लुक पोस्टर से शुरू हुआ था. पोस्टर में लीड हीरो काशिफ इकबाल खान का लुक सलमान खान से मिलता-जुलता दिखा था. टीजर आने के बाद मूवी की कहानी और साफ हुई. सलमान और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से इंस्पायर्ड कैरेक्टर इसमें दिखे. काला हिरण केस का साफ जिक्र दिखा. टीजर में साफ कहा गया कि ये फिल्म बिश्नोई समाज को समर्पित है. हालांकि विवाद को तूल पकड़ता देख मेकर्स ने दावा किया कि उनकी मूवी किसी व्यक्ति विशेष पर फोकस्ड नहीं है

  • आमिर खान की तीसरी शादी पर विवाद, दोस्त अमीन हाजी ने किया बचाव

    आमिर खान की तीसरी शादी पर विवाद, दोस्त अमीन हाजी ने किया बचाव

    5 जुलाई को आमिर खान, गौरी स्प्रैट संग शादी के बंधन में बंधे. ये आमिर की तीसरी शादी है. नई शुरुआत के बाद दोनों बेहद खुश थे. लेकिन आमिर की खुशियां जमाने को रास नहीं आ रही हैं. उनकी तीसरी शादी पर बवाल मचा हुआ है. कोई इसे लव जिहाद बता रहा है, तो उनके खिलाफ फतवा जारी कर रहा है. हंगामे के बीच आमिर के करीबी दोस्त-एक्टर अमीन हाजी ने उनका सपोर्ट किया है.

    आमिर के सपोर्ट में दोस्त
    रेडिफ एक इंटरव्यू में अमीन ने कहा कि वो आमिर को 30 से अधिक सालों से जानते हैं. लोग अकसर आमिर के निजी जीवन का निर्णय बिना सच समझे कर लेते हैं.

    उन्होंने कहा कि मैं आमिर को 15 साल से ज्यादा नहीं, बल्कि 35 साल से भी ज्यादा जानता हूं. मैंने उन्हें हमेशा शादी की इज्जत करते देखा है. कई लोग एक असफल रिश्ते के बाद निराशावादी हो जाते हैं, लेकिन वो ऐसे नहीं हैं. उन्होंने हमेशा शादी को इज्जत से देखा है. लोग उनके निजी जीवन पर जो मजाक बनाते हैं. वो उस सच को नहीं देखते कि वो कितने ईमानदार और निष्पक्ष रहे हैं. जब भी उन्होंने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चुना, उन्होंने जिम्मेदारी से किया. उन्होंने हमेशा ये सुनिश्चित किया कि उनका पूर्व परिवार और बच्चे ठीक से देखे जाएं. बहुत कम लोग इसे स्वीकारते हैं.

    अमीन ने आगे बताया कि आमिर भावुक स्वभाव के व्यक्ति हैं और उन्होंने खुद देखा है कि आमिर ने दिल टूटने को कैसे सहा है.

    अमीन कहते हैं- लोग मजाक उड़ाते हैं कि उन्होंने इतने सालों के बाद फिर से प्यार ढूंढ लिया, लेकिन 15 साल बहुत लंबा समय है. मैंने उनका दिल टूटते देखा है. मैंने उन्हें रोते देखा है. रिश्ते उतने सरल नहीं होते जितना बाहर के लोग सोचते हैं और ये मान लेना गलत है कि शादी टूटने की पूरी जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति की होती है. सच्चाई ये है कि आमिर अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं. वो जो कुछ भी करते हैं, ईमानदारी और जुनून के साथ करते हैं. इसका निजी जिंदगी पर प्रभाव होता है. कोई भी व्यक्ति जो इतने गहराई से काम में डूबे हुए इंसान के साथ रहता है,

    कभी-कभी खुद को इग्नोर महसूस कर सकता है.
    आमिर ने पहली शादी अपनी बचपन की दोस्त रीना दत्ता से 1986 में की थी. शादी से उन्हें दो बच्चे हैं, जुनैद खान और आयरा खान. 16 साल बाद दोनों का रिश्ता टूट गया. 'लगान' के समय उन्हें किरण राव से प्यार हो गया. 2005 में आमिर ने किरण से शादी कर ली. दोनों को एक बेटा आजाद है. 2021 में आमिर और किरण तलाक लेकर अलग हो गए. दो शादियां टूटने के बाद आमिर का प्यार-शादी से विश्वास नहीं टूटा. क्या वाकई प्यार को बार-बार मौका देना गलत है?

  • खान सर केस में नया मोड़, अग्रिम जमानत की तैयारी के बीच गिरफ्तारी की मांग तेज

    खान सर केस में नया मोड़, अग्रिम जमानत की तैयारी के बीच गिरफ्तारी की मांग तेज

    पटना
     खान सर लापता हो गए हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। लेकिन खान सर का कुछ भी पता नहीं चल सका है। आखिर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज होने के बाद खान सर कहां अंडरग्राउंड हो गए हैं और पुलिस उन्हें क्यों नहीं गिरफ्तार कर पा रही है? ज्ञान बिंदू जी.एस एकेडमी ने यह गंभीर सवाल उठाए हैं। एकेडमी प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि जिस तरह से ज्ञान बिंद् के डायरेक्टर रौशन आनंद को गिरफ्ताार करने में पुलिस ने त्वरित ऐक्शन दिखाया आखिर उस तरह का ऐक्शन खान सर को अरेस्ट करने में क्यों नहीं दिखाया गया? ज्ञान बिंदु एकेडमी के टीचर ने खान सर की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर आमरण अनशन की धमकी तक दे दी है।

    ज्ञान बिंदु के शिक्षक वरुण ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में सवाल उठाते हुए कि रौशन सर की गिरफ्तारी के लिए जिस तरह से प्रशासन ने तत्परता दिखाई वैसी तत्परता वो आज क्यों नहीं दिखा रही है? खान की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? 4 तारीख को एफआईआऱ दर्ज कराई गई थी और अब 8 तारीख हो गया है। केस दर्ज होने के बाद वो अपने क्लासरूम में डिजीटल बोर्ड पर सीसीटीवी फुटेज को चला कर कह रहे हैं कि इस व्यक्ति की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। जबकि खुद उस व्यक्ति (खान सर) पर ऐसी-ऐसी धाराएं लगी हैं कि उसकी तो उसी समय गिरफ्तारी होनी चाहिए थी

    ज्ञान बिंदु एकेडमी के टीचर ने आगे कहा कि जो शख्स उस वक्त वहां नहीं थे यानी रौशन सर की इसमें कोई संलिप्ता नहीं है उसे आपने गिरफ्तार कर रखा है। जिस शख्स पर प्रत्यक्ष एफआईआर है आज वो आसानी से और आराम से अपना जीवन जी रहा है। हमारी मांग है कि उनकी (खान सर) गिरफ्तारी अविलंब होनी चाहिए। टीचर वरुण ने कहा कि हमलोगों ने पहले भी कहा है कि जो गार्ड इस मामले में है वो कैंपस का गार्ड है, खान का गार्ड नहीं है। गार्ड ने खुद कहा कि हम कैंपस के गार्ड हैं। उस गार्ड को सुरक्षाा मिलनी चाहिए। अगर उस गार्ड के साथ कुछ भी गलत होता है तो उसका सारा बोझ रौशन सर पर डाल दिया जाएगा इसलिए उसे सुरक्षा मिलनी चाहिए।

    वरुण ने आगे कहा कि अगर खान सर गिरफ्तार नहीं होते हैं तो हम आमरण अनशन करेंगे। हमने न्यायालय से भी गुहार लगाई है कि जल्द इस प्रक्रिया को देख कर रौशन सर को बेल दी जाए और जो दोषी है उसपर कार्रवाई करने का आदेश प्रशासन को दिया जाए। बहरहाल आपको बता दें कि खान सर के वकील कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत की याचिका दायर करने की तैयारी में हैं। खान सर पर हत्या के प्रयास और आर्म्स ऐक्ट के तहत संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 2 जून को खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट में हुए बवाल के बाद खान सर पर बीएनएस की धारा 109 के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25(9), 27 और 35 के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं बेहद कड़ी हैं और इनसे खान सर की मुश्किलें निश्चित तौर से बढ़ सकती हैं।

  • 61 की उम्र में शादी पर क्यों विवाद? राखी गुलजार ने दिया करारा जवाब

    61 की उम्र में शादी पर क्यों विवाद? राखी गुलजार ने दिया करारा जवाब

    'कभी-कभी', 'काला पत्थर', 'बाजीगर', 'करण अर्जुन', 'बॉर्डर' और 'बादशाह' जैसी फिल्मों में यादगार एक्टिंग के लिए फेमस सीनियर एक्ट्रेस राखी गुलजार ने आमिर खान की तीसरी शादी की खबरों पर हो रही आलोचना पर अपनी राय दी है. आमिर, जिनकी पहले रीना दत्ता और बाद में किरण राव से शादी हुई थी, अब 60 साल की उम्र में अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी करने जा रहे हैं.

    हालांकि इस कपल के फ्यूचर प्लान को लेकर फैंस में एक्साइटेड हैं, लेकिन कुछ लोगों ने इसकी आलोचना भी की है. कई सोशल मीडिया यूजर्स 61 साल की उम्र में एक्टर के तीसरी बार शादी करने के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं.

    राखी गुलजार का रिएक्शन
    'वैरायटी इंडिया' से बात करते हुए राखी ने कहा, '61 साल की उम्र में शादी करने में क्या गलत है? रॉबर्ट डी नीरो ने दो बार शादी की है और अब वे एक रिलेशनशिप में हैं (अपनी पार्टनर टिफनी चेन के साथ), जिनसे उनकी एक बेटी है जो 2023 में पैदा हुई थी. जब वे 80 साल से ज्यादा उम्र के थे, तब उन्हें बच्चा हुआ था. शादी में खुशी उम्र पर निर्भर नहीं करती.'

    अपना उदाहरण देते हुए राखी ने बताया कि उन्होंने गीतकार और फिल्ममेकर गुलजार से तब शादी की थी जब वे लगभग 40 साल के थे. इस कपल ने 15 मई 1973 को एक शानदार बॉलीवुड शादी में शादी की और उसी साल उनकी बेटी मेघना गुलजार का जन्म हुआ.

    इसके अलावा, एक्ट्रेस ने कहा कि भले ही उन्होंने आमिर खान के साथ कभी काम नहीं किया है, लेकिन वे उन्हें एक बहुत ईमानदार इंसान मानती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वे इस बात की तारीफ करती हैं कि तलाक के बाद भी आमिर ने अपनी दोनों पूर्व पत्नियों, रीना दत्ता और किरण राव के साथ अच्छी दोस्ती बनाए रखी है, जो उनके अच्छे चरित्र को दर्शाता है.

    आमिर खान ने शादी की पुष्टि की
    आमिर ने अमेरिका में यात्रा के दौरान 'वैरायटी इंडिया' के साथ बातचीत में यह खबर शेयर की. शादी के प्लान की पुष्टि करते हुए एक्टर ने कहा, 'मैं अभी अमेरिका में यात्रा कर रहा हूं. शादी की खबर सच है. यह 5 जुलाई को है.'

    खबरों के मुताबिक, शादी पर्सनल समारोह होगा जिसमें करीबी परिवार के सदस्य और दोस्त शामिल होंगे. हालांकि, समारोह के बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है.  एक्टर ने पहले कहा था कि शादी अभी उनकी प्राथमिकता नहीं है, लेकिन अब उनका कहना है कि वह और गौरी दोनों ही साथ में अगला कदम उठाने के लिए तैयार महसूस कर रहे हैं.