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  • पंजाब में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, पायलट-परगट की जोड़ी पर नजर; 5 हजार कार्यकर्ता होंगे शामिल

    पंजाब में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, पायलट-परगट की जोड़ी पर नजर; 5 हजार कार्यकर्ता होंगे शामिल

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस अब संगठन को एकजुट कर विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को जमीन पर उतारने की तैयारी में जुट गई है। पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस का नया अभियान 8 अक्टूबर को अमृतसर से शुरू होगा।

    दोनों नेता दिल्ली से पंजाब पहुंचेंगे। अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के साथ पार्टी के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत होगी। इस दौरान सचिन पायलट और परगट सिंह को छोड़कर पंजाब कांग्रेस के लगभग सभी प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे।

    दिल्ली में एक फ्रेम में नजर आए दिग्गज नेता
    पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मंगलवार को दिल्ली में उनसे मुलाकात करने के लिए पहुंचे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों और युवा नेतृत्व ने परगट सिंह से मुलाकात कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी ने प्रदेश संगठन में एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया। पूर्व मंत्री त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा, सुख सरकारिया, भारत भूषण आशु, गुरप्रीत सिंह कांगड़, गुरकीरत सिंह कोटली समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने परगट सिंह से मुलाकात की।

  • चंडीगढ़ में SIR को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ निकाला रोष मार्च

    चंडीगढ़ में SIR को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ निकाला रोष मार्च

    चंडीगढ़.

    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चंडीगढ़ कांग्रेस ने मंगलवार को इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ रोष मार्च निकाला।

    हाथों में तिरंगा लेकर प्रदर्शनकारी डीसी कार्यालय की ओर बढ़े। कार्यालय से कुछ दूरी पहले चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयोग तथा केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

    प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि कहा कि कांग्रेस इस अभियान को चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रखेगी। आने वाले दिनों में शहर के प्रत्येक वार्ड, गांव और सेक्टर तक अभियान पहुंचाया जाएगा। मार्च में कांग्रेस के पार्षदों, जिला व ब्लॉक पदाधिकारियों, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल तथा समाजवादी पार्टी सहित इंडिया गठबंधन के अन्य दलों के कार्यकर्ता शामिल हुए।

  • पंजाब कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ के खिलाफ मोर्चा, दिल्ली पहुंचे चन्नी, रंधावा और गुरजीत

    पंजाब कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ के खिलाफ मोर्चा, दिल्ली पहुंचे चन्नी, रंधावा और गुरजीत

    चंडीगढ़.

    पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस हाईकमान ने संगठन को एकजुट करने के साथ ही केंद्र के खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने की कवायद तेज कर दी है।

    मंगलवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों के प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस की भी मजबूत भागीदारी दिखाई दी। पंजाब से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और गुरजीत सिंह औजला समेत अन्य नेता दिल्ली में प्रदर्शन में पहुंचे।

    इंडिया गठबंधन के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सांसदों ने सड़क पर धरना दिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।

  • पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव, 11 अक्टूबर को परगट सिंह संभालेंगे कमान; सचिन पायलट होंगे शामिल

    पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव, 11 अक्टूबर को परगट सिंह संभालेंगे कमान; सचिन पायलट होंगे शामिल

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की औपचारिक ताजपोशी की तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार परगट सिंह 11 अक्टूबर के आसपास चंडीगढ़ में प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभाल सकते हैं।

    इससे पहले दिल्ली में उनकी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और सांसदों के साथ मुलाकातों का दौर जारी है। इन बैठकों के जरिए पंजाब कांग्रेस की आगामी रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर मंथन किया जा रहा है।

    दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का दौर
    प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने से पहले परगट सिंह दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर पंजाब के राजनीतिक हालात की जानकारी साझा कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इन बैठकों में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक बदलाव और पार्टी नेताओं के बीच बेहतर समन्वय जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।

    चंडीगढ़ में होगी परगट सिंह की ताजपोशी
    परगट सिंह की औपचारिक ताजपोशी का कार्यक्रम चंडीगढ़ में आयोजित किए जाने की तैयारी है। कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट भी अगले चार-पांच दिनों में चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं। इसके बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में परगट सिंह को विधिवत रूप से प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार सौंपे जाने की संभावना है। राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी स्तर पर चर्चा चल रही है।

    परगट सिंह के सामने क्या है सबसे पड़ी चुनौती?
    परगट सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी और अंदरूनी मतभेदों को पीछे छोड़कर नेताओं व कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की होगी। पार्टी में लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच कांग्रेस नेतृत्व ने परगट सिंह को ऐसे चेहरे के रूप में चुना है, जो विभिन्न धड़ों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सके। वहीं, पंजाब के विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ आंदोलन भी जारी है। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष के कार्यभार संभालने के बाद पार्टी की सक्रियता और संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करने की तैयारी है। कांग्रेस का लक्ष्य 2027 के चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना है।

  • दूषित पानी कांड पर सियासत तेज, कांग्रेस ने जांच रिपोर्ट को बताया ‘लीपापोती’, आंदोलन का ऐलान

    दूषित पानी कांड पर सियासत तेज, कांग्रेस ने जांच रिपोर्ट को बताया ‘लीपापोती’, आंदोलन का ऐलान

    इंदौर.

    इंदौर के भागीरथपुरा में हुए दूषित पानी कांड को लेकर सियासत और संवेदनाओं का दौर तेज हो गया है। प्रशासन की बहुचर्चित जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद रविवार को कांग्रेस पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आई।

    सुबह 10 बजे से ही शहर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता पीड़ित परिवारों का दर्द बांटने उनके बीच पहुंच गए। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह प्रभावितों की राय और उनके दर्द के आधार पर ही सरकार के खिलाफ एक बड़े और चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी।

    मृतक जीवनलाल के परिवार से मिले कांग्रेसी
    शुक्रवार रात को शहर कांग्रेस की अहम बैठक में यह तय हुआ था कि पार्टी का हर नेता सीधे पीड़ितों से जाकर मिलेगा। इसी कड़ी में रविवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में टीम ने घर-घर जाकर दस्तक दी। जनसंपर्क की शुरुआत सबसे पहले इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले जीवनलाल के घर से की गई। इसके बाद नेताओं ने भागीरथपुरा के अन्य प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात कर उनकी वर्तमान स्थिति, शिकायतें और प्रशासन की जांच रिपोर्ट को लेकर उनके मन की बात जानी।

    30 साल की लापरवाही की जांच रिपोर्ट में खुली परतें
    भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से बीमारी और मौतों के मामले में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट ने व्यवस्था की लंबी चूक को उजागर किया है। बुधवार को हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड हुई रिपोर्ट के मुताबिक, यह संकट किसी एक अधिकारी की गलती से पैदा नहीं हुआ, बल्कि करीब तीन दशक में सीवर और जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी कई खामियां, निगरानी की कमी, शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई न होना और पाइपलाइन बदलने में हुई लंबी देरी धीरे-धीरे जमा होती गईं। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में सीवर और पेयजल लाइनों की तकनीकी स्थिति से लेकर नगर निगम की निगरानी व्यवस्था और पाइपलाइन बदलने की प्रक्रिया तक कई स्तरों पर कमियां दर्ज की हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भागीरथपुरा में दूषित पानी का खतरा दिसंबर 2025 में अचानक पैदा नहीं हुआ था, बल्कि पुरानी पाइपलाइन व्यवस्था में मौजूद तकनीकी जोखिम लंबे समय से बने हुए थे।

    कई जगह सीवर लाइन पानी की पाइपलाइन के ऊपर
    जांच में सामने आया कि भागीरथपुरा में सीवर नेटवर्क 1990 से 1995 के बीच और जलापूर्ति पाइपलाइन 1999 से 2004 के बीच बिछाई गई थी। कई स्थानों पर दोनों नेटवर्क समानांतर, जबकि कुछ जगह एक-दूसरे को क्रॉस कर रहे थे। आयोग ने पाया कि दोनों लाइनों के बीच निर्धारित दूरी भी कई स्थानों पर नहीं थी। कुछ जगह सीवर लाइन पेयजल पाइपलाइन के ऊपर तक थी। आयोग ने इस स्थिति को दूषित पानी के पेयजल नेटवर्क में प्रवेश के लिए गंभीर तकनीकी जोखिम माना है। यानी जिस नेटवर्क से लोगों के घरों तक पानी पहुंच रहा था, उसमें संक्रमण का खतरा पाइपलाइन बिछाए जाने के समय से ही मौजूद था।

    शिकायतें आती रहीं, व्यवस्था कमजोर रही
    आयोग के समक्ष अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बयानों में पाइपलाइन लीकेज, खराबी और पानी की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतों का उल्लेख हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, जलापूर्ति नेटवर्क की पर्याप्त मैपिंग, संवेदनशील स्थानों की पहचान, लीकेज की निगरानी और समय पर मरम्मत की व्यवस्था प्रभावी नहीं थी। आयोग ने इसे महज तकनीकी समस्या न मानते हुए संस्थागत स्तर की विफलता भी माना है।

    चार साल में पूरा हुआ पाइप बदलने का काम 
    पुरानी पाइपलाइन बदलने की प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई, लेकिन टेंडर और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लगातार देरी होती रही। आयोग ने अलग-अलग चरणों में हुई देरी का ब्योरा भी रिपोर्ट में दर्ज किया है।

    पहले टेंडर में—
    टेंडर जारी करने में – 39 दिन की देरी
    एमआइसी स्तर पर निर्णय में – 63 दिन
    अनुबंध प्रक्रिया में करीब – 94 दिन
    काम पूरा करने की निर्धारित समयसीमा – मई 2024
    वास्तविक पूर्णता – जनवरी 2026

    आयोग के आकलन के मुताबिक, विभिन्न चरणों की देरी को मिलाकर असामान्य विलंब 859 दिन से अधिक रहा। रिपोर्ट में टेंडर शाखा, इंजीनियरिंग अधिकारियों, प्रशासनिक स्तर, पर्यवेक्षण व्यवस्था और ठेकेदार की भूमिका की अलग-अलग समीक्षा की गई है।

    126 दिन बाद तय हुआ कि टेंडर फिर से होगा
    दूसरे टेंडर की वित्तीय बोली 22 अगस्त 2024 को खोली गई थी। इसके बाद दोबारा टेंडर कराने की सिफारिश 26 दिसंबर 2024 को की गई। यानी इस निर्णय तक पहुंचने में करीब 126 दिन लग गए। इसके बाद तीसरे टेंडर में भी प्रक्रिया तेज नहीं हुई। तकनीकी और वित्तीय बोली की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला टेंडर समिति के समक्ष रखने में करीब 94 दिन लगे। इस तरह तीन टेंडर और सैकड़ों दिनों की प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद पाइपलाइन जनवरी 2026 में बदली जा सकी, जबकि मूल रूप से काम मई 2024 तक पूरा होना था।

    पुराने रिकॉर्ड नहीं मिले, जांच में आई मुश्किल
    जांच आयोग को पुराने सीवर और जलापूर्ति नेटवर्क से संबंधित मूल नक्शे, वर्क ऑर्डर, माप पुस्तिका, निरीक्षण रिकॉर्ड और पूर्णता प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए जा सके। आयोग ने कहा कि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण यह तय करना मुश्किल रहा कि मूल निर्माण के दौरान किस स्तर पर और किस प्रकार की चूक हुई थी।

    कई अधिकारियों और महापौर परिषद को क्लीनचीट
    रिपोर्ट में तत्कालीन निगमायुक्त और वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा, तत्कालीन निगमायुक्त एवं वर्तमान पर्यटन विभाग के एमडी दिलीप यादव तथा तत्कालीन निगमायुक्त और वर्तमान सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल को क्लीनचीट दी गई है। इसके अलावा तत्कालीन अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा, अपर आयुक्त सिद्धार्थ जैन और अभिषेक गेहलोत को भी जांच में क्लीनचीट मिली है। आयोग के अनुसार, इन अधिकारियों के कार्यकाल में पानी की पाइपलाइन बिछाने के काम में कोई देरी सामने नहीं आई। महापौर और महापौर परिषद को भी आयोग ने क्लीनचीट दी है।

    दो अपर आयुक्त और इंजीनियर पर लापरवाही की टिप्पणी
    आयोग ने तत्कालीन अपर आयुक्त भव्या मित्तल और रोहित सिसोनिया को लापरवाही के लिए जिम्मेदार माना है। वहीं, तत्कालीन नर्मदा प्रोजेक्ट प्रभारी कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव की भूमिका पर गंभीर टिप्पणी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 15 अक्टूबर 2025 को रोहित सिसोनिया ने भागीरथपुरा के टेंडर के संबंध में संजीव श्रीवास्तव को चर्चा करने के लिए लिखा था, लेकिन इस पर 26 दिसंबर को चर्चा हुई। आयोग ने इसे करीब 72 दिन की देरी माना। रिपोर्ट में कहा गया है कि संजीव श्रीवास्तव की ओर से अनावश्यक देरी हुई, जबकि रोहित सिसोनिया ने मामले की पर्याप्त निगरानी नहीं की। भव्या मित्तल के कार्यकाल में भी टेंडर फाइल में देरी का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।

    मृतकों के स्वजन को 10 लाख रुपये मुआवजे की अनुशंसा
    न्यायिक जांच आयोग ने दूषित पानी के कारण जान गंवाने वाले लोगों के स्वजन को 10-10 लाख रुपये क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा की है। फिलहाल मृतकों के स्वजन को रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से दो-दो लाख रुपये की राहत राशि दी जा चुकी है।

  • 2027 चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस का मेगा प्लान, संगठन में फेरबदल के संकेत

    2027 चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस का मेगा प्लान, संगठन में फेरबदल के संकेत

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच अब संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलने की अटकलों के बीच माना जा रहा है कि आज या अगले एक-दो दिन में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।

    हाई कमान की ओर से सिंगल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का फैसला ले लिया गया है और इस संबंध में अमरिंदर सिंह को भी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने भी इसकी पुष्टि की है। हालांकि, अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

    कांग्रेस संगठन में बदलाव की तैयारी
    प्रदेश अध्यक्ष बदलने के साथ ही पंजाब कांग्रेस संगठन में कई अन्य पदों पर भी फेरबदल किए जाने की संभावना है। हाईकमान 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन में क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश कर सकता है। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष के साथ नई टीम के गठन पर भी नजर रहेगी। दरअसल, एक जुलाई को कांग्रेस हाईकमान ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कमेटी का गठन किया था। इसके बाद पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आए।

    पंजाब कांग्रेस में दिखी गुटबाजी
    पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह और राणा गुरजीत सिंह समेत कई नेताओं ने संगठन से जुड़े फैसलों को लेकर असहमति जताई थी। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की मांग भी लगातार चर्चा में रही। विवाद के बीच पंजाब कांग्रेस के तत्कालीन प्रभारी भूपेश बघेल को जिम्मेदारी से हटाया गया और पांच सितंबर को सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया।

    सचिन पायलट ने की नेताओं से मुलाकात
    पायलट ने इसके बाद पार्टी के विभिन्न गुटों के नेताओं से मुलाकात कर एकजुटता बनाने की कोशिश की। इसके बावजूद प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद पूरी तरह समाप्त नहीं हो सके। अब वड़िंग के स्थान पर नया प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद सबसे बड़ी चुनौती सभी गुटों को साथ लेकर चलने की होगी। वहीं, वड़िंग को किसी दूसरे प्रदेश में संगठनात्मक जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा भी है। आने वाले दिनों में कार्यकारी अध्यक्षों और संगठन के अन्य पदों पर भी बदलाव हो सकते हैं। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि हाईकमान पंजाब कांग्रेस की नई टीम में किन नेताओं को जगह देता है और 2027 विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को किस तरह तैयार करता है।

  • कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर सस्पेंस के बीच विजय इंदर सिंगला का बेबाक जवाब

    कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर सस्पेंस के बीच विजय इंदर सिंगला का बेबाक जवाब

    चंडीगढ़.

    'मुझे दिल्ली क्यों जाना चाहिए?'- पंजाब कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन और संगठन में जारी खींचतान के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और पंजाब कांग्रेस चुनाव प्रबंधन व समन्वय समिति के अध्यक्ष विजय इंदर सिंगला का यह बेबाक बयान सामने आया है।

    बीती रात से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान पद के लिए चली आ रही खींचतान के बीच ये उनका पहला रिएक्शन है, जो सामने आया है। राज्य इकाई की कमान संभालने की रेस में सबसे आगे चल रहे सिंगला ने दिल्ली जाने और पार्टी हाईकमान से मुलाकात करने की अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। अध्यक्ष पद को लेकर जारी घमासान और दिल्ली दौरों से जुड़े सवालों पर विजय इंदर सिंगला ने साफ लहजे में कहा- भाई, मुझे दिल्ली क्यों जाना चाहिए? मेरे संगरूर के गांवों में पहले से कार्यक्रम तय हैं और मैं उन्हीं में व्यस्त हूं। मैं दिल्ली तभी जाता हूं जब वहां कोई काम होता है या फिर हाईकमान की ओर से कोई बुलावा आता है। फिलहाल दिल्ली जाने का ऐसा कोई कार्यक्रम तय नहीं है।

    पंजाब कांग्रेस में सुगबुगाहट तेजह
    विजय इंदर सिंगला का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब कांग्रेस में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी हाईकमान वर्तमान अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह किसी नए चेहरे को कमान सौंपने पर विचार कर रहा है। इसके पीछे का मुख्य मकसद 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के धड़ों के बीच राजनीतिक संतुलन स्थापित करना है।

    हाईकमान के फैसले का इंतजार जारी
    हिंदू चेहरे और केंद्रीय नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले विजय इंदर सिंगला को इस अंदरूनी खींचतान के बीच एक सर्वमान्य और तटस्थ विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उनके इस बयान से साफ है कि वे फिलहाल अपनी जमीनी राजनीति और संगरूर क्षेत्र के दौरों पर ही ध्यान केंद्रित कर रहे हैं तथा हाईकमान के औपचारिक फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

  • पंजाब कांग्रेस में बदलाव की अटकलें तेज, 48 घंटे में फैसला संभव; वड़िंग पर टिकी नजरें

    पंजाब कांग्रेस में बदलाव की अटकलें तेज, 48 घंटे में फैसला संभव; वड़िंग पर टिकी नजरें

    चंडीगढ़ 

    पंजाब कांग्रेस में अगले 48 घंटे के बीच बड़ा बदलाव हो सकता है। इसको लेकर दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से लेकर पंजाब तक हलचल तेज है। कांग्रेस हाईकमान से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक पंजाब में पार्टी प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद ये बदलाव होगा। 

    कांग्रेस के भीतरी सोर्सेज के मुताबिक यह बदलाव पार्टी प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग को लेकर हो सकता है लेकिन अभी तक इसकी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। पायलट ने हाल ही में यूथ कांग्रेस और जिला प्रधानों से दिल्ली में मीटिंग कर इसका फीडबैक लिया था।

    पायलट ने राहुल-खरगे को सौंपी फीडबैक रिपोर्ट

    पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर संगठन को लेकर हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर पंजाब कांग्रेस को लेकर अहम बैठक हुई. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सचिन पायलट ने पंजाब कांग्रेस को लेकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सौंप दी है। 

    संगठन के भीतर चल रही खेमेबाजी और नेताओं के बीच मतभेद को लेकर फीडबैक दिया गया है. रिपोर्ट में प्रदेश अध्यक्ष की कार्यशैली का भी जिक्र है. सूत्रों के मुताबिक, सचिन पायलट की रिपोर्ट में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर भी फीडबैक दिया गया है. रिपोर्ट में संगठन के कामकाज, नेताओं के बीच समन्वय और प्रदेश नेतृत्व को लेकर सामने आई बातों का उल्लेख किया गया है। 

    चन्नी खेमे की शिकायतों को भी रिपोर्ट में जगह
    सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में चरणजीत सिंह चन्नी खेमे की ओर से उठाई गई शिकायतों और आपत्तियों का भी जिक्र किया गया है. चन्नी खेमे की ओर से प्रदेश संगठन और नेतृत्व को लेकर जो बातें हाईकमान के सामने रखी गई थीं, उन्हें भी पायलट के फीडबैक में शामिल किए जाने की जानकारी है. पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से अलग-अलग खेमों के बीच मतभेद की स्थिति रही है. हाल में सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एक ही मंच पर नजर आए थे। 

    रिपोर्ट के बाद अब हाईकमान के फैसले पर नजर
    सूत्रों के मुताबिक, पायलट की रिपोर्ट में पंजाब कांग्रेस की जमीनी स्थिति से लेकर संगठन के अंदरूनी समीकरणों तक का फीडबैक शामिल है.
    अब निगाह इस बात पर है कि पायलट की रिपोर्ट और राहुल गांधी-खरगे के साथ हुई चर्चा के बाद पंजाब कांग्रेस के संगठन को लेकर हाईकमान क्या कदम उठाता है। 

    PM मोदी का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू, सुधारों पर होगा मंथन
    पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व के लिए संगठन के भीतर समन्वय और सामूहिक नेतृत्व अहम मुद्दा बना हुआ है. पायलट पहले ही कह चुके हैं कि कांग्रेस पंजाब चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी और राहुल गांधी चुनाव अभियान का चेहरा होंगे। 

     

  • CG कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में जुटे वरिष्ठ नेता, प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत भी शामिल

    CG कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में जुटे वरिष्ठ नेता, प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत भी शामिल

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यकारणी की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत कर रहे हैं। बैठक में PCC अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए हैं।

    राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक के बाद कनेक्ट सेंटर की टीम के साथ भी बैठक प्रस्तावित है। नए प्रदेश प्रभारी के तौर पर सुखदेव भगत का यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा है, ऐसे में उनकी वरिष्ठ नेताओं और संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों के साथ हो रही बैठकों पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं। मुलाकात के दौरान नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा का संचार करने, जिला एवं ब्लॉक इकाइयों को सक्रिय करने व आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ. चर्चा में संगठनात्मक एकजुटता, युवाओं व महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं पिछड़े वर्गों को संगठन में समुचित प्रतिनिधित्व देने तथा जनता के ज्वलंत मुद्दों महंगाई, बेरोजगारी, जल-जंगल-जमीन, किसानों-मजदूरों के हक को सड़क से सदन तक प्रभावी ढंग से उठाने पर विशेष जोर दिया गया.

    इस अवसर पर प्रभारी सुखदेव भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी कांग्रेसी एक परिवार की तरह हैं. हम सब मिलकर संगठन को गांव-गांव, बूथ-बूथ तक मजबूत करेंगे. कार्यकर्ता ही हमारी असली पूंजी हैं, उनका सम्मान और मनोबल बढ़ाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ में संगठन को नयी धार दी जायेगी और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सशक्त जनआंदोलन खड़ा किया जायेगा.

  • कांग्रेस नेता को धमकी मामले में पुलिस की कार्रवाई, शोएब ढेबर समेत 2 आरोपी गिरफ्तार

    कांग्रेस नेता को धमकी मामले में पुलिस की कार्रवाई, शोएब ढेबर समेत 2 आरोपी गिरफ्तार

    रायपुर.

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को धमकी मिलने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों की गिरफ्तारी की है. पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भतीजे शोएब ढेबर और वेनिंगटन होटल के कर्मचारी पुलिस गिरफ्त में हैं.

    आरोप है कि लॉरेंस विश्नोई गैंग का गुर्गा बनकर कांग्रेस नेता से रंगदारी मांगी गई थी.  मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर अन्य लोगों को भी धमकी दी थी. पुलिस अब इस पूरे मामले में आरोपियों की भूमिका और उनसे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है. जांच के दौरान कुछ अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, हाल में ढेबर परिवार को भी बिश्नोई गैंग से धमकी भरा कॉल आया था और भारी भरकम पैसे की डिमांड की गई थी.

    पुलिस को शक है कि इन आरोपियों द्वारा ही यह कृत्य किया गया है, जिसकी जांच जारी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी देने के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे. आरोपियों का नेटवर्क किन लोगों तक फैला हुआ है. बहरहाल, पुलिस ने शोएब ढेबर और होटल कर्मचारी को गिरफ्तार करने के बाद मामले की जांच तेज कर दी. मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी और अब तक की जांच का खुलासा देर शाम तक किया जा सकता है. आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद मामले में और तथ्य स्पष्ट होंगे.