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  • बिहार CM सम्राट चौधरी पर फिर अभद्र टिप्पणी का मामला, साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

    बिहार CM सम्राट चौधरी पर फिर अभद्र टिप्पणी का मामला, साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

    पटना 
    सोशल मीडिया फेसबुक पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में साइबर पुलिस ने 28 अगस्त को केस दर्ज कर किया है। पता लगाया जा रहा है कि अभद्र टिप्पणी करनेवाला कौन है? मालूम हो कि बिहार सरकार ने चार दिन पहले अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की घोषणा की थी। इस योजना को लेकर एक शख्स ने फेसबुक पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनके परिजनों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। जाति विशेष के नाम पर बने फेसबुक अकाउंट से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है। इसकी जानकारी मिलने पर साइबर थाना ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू की। फेसबुक से जुड़े मोबाइल नंबर, ई-मेल के जरिए आरोपित का पता लगाया जा रहा है।

    बता दें कि इससे पहले इसी महीने बिहार के ही सहरसा जिले में पुलिस ने सम्राट चौधरी पर किए गए अभद्र टिप्पणी के मामले में ऐक्शन लिया था। यहां बनमाईटहरी पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों में एक को पकड़ा था। इस नाबालिग ने अपनी गलती मानते हुए कहा था कि वो नशे की हालत में था। सहरसा पुलिस ने कहा था कि हथियार के साथ फोटो और मुख्यमंत्री के प्रति अपशब्द वाले वीडियो के मामले में दो नाबालिगों को पुलिस ढूंढ रही थी। जांच में यह पाया गया था कि यह वीडियो पुराना था और बाद में यह भी पता चला था कि नशे की हालत में यह वीडियो बनाया गया था।

    इस वीडियो में दोनों लड़के अपना लोकेशन मनिया बता रहे थे। पुलिस ने ऐक्शन लेते हुए एक किशोर को पकड़ा था। इस लड़के ने स्मैक के नशे में अपशब्द कहने की बात कहते हुए माफी मांगी थी। इलाके में यह मामला काफी चर्चा में रहा था।

  • भाई-बहन के रिश्ते के साथ प्रकृति की रक्षा का संदेश, CM सम्राट चौधरी ने पेड़ को बांधी राखी

    भाई-बहन के रिश्ते के साथ प्रकृति की रक्षा का संदेश, CM सम्राट चौधरी ने पेड़ को बांधी राखी

     पटना
    रक्षाबंधन के मौके पर बिहार में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ प्रकृति की रक्षा का संदेश भी दिया गया।

    पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से शुरू की गई परंपरा के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पेड़ को राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया।

    बहनों से राखी बंधवाने के बाद राजधानी वाटिका पहुंचे CM
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहले अपनी बहनों से राखी बंधवाई। इसके बाद वे राजधानी वाटिका (इको पार्क) पहुंचे, जहां बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री ने राजधानी वाटिका में एक पेड़ को राखी बांधी और उसकी रक्षा का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने पौधारोपण भी किया और पौधे में पानी डालकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
    इस दौरान मंत्री रामचंद्र प्रसाद समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

    2012 से रक्षाबंधन पर मनाया जा रहा बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस
    बिहार में रक्षाबंधन के दिन 'बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस' मनाने की परंपरा वर्ष 2012 से चली आ रही है। राज्य सरकार ने हरित आवरण की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से रक्षाबंधन को वृक्ष सुरक्षा दिवस के रूप में मनाने की पहल की थी।

    इस दिन लोगों को पेड़ों को राखी बांधकर उनकी रक्षा और संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। भाई-बहन के रिश्ते की तरह पेड़-पौधों के साथ भी संरक्षण और जिम्मेदारी का भाव जोड़ने की यह पहल पर्यावरण के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का संदेश देती है।

    पेड़ को राखी बांधकर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
    रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पेड़ को राखी बांधना इसी परंपरा का हिस्सा रहा। इस मौके पर उन्होंने पौधारोपण कर लोगों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की अपील का संदेश भी दिया। बिहार में रक्षाबंधन का यह पर्व अब भाई-बहन के स्नेह के साथ प्रकृति की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।

     

  • नेपाल के सैलाब के बाद बिहार में बाढ़ की आशंका, CM ने अधिकारियों को राहत-बचाव के लिए दिए सख्त निर्देश

    नेपाल के सैलाब के बाद बिहार में बाढ़ की आशंका, CM ने अधिकारियों को राहत-बचाव के लिए दिए सख्त निर्देश

    पटना 
    नेपाल की बाढ़ ने सबको हिला कर रख दिया है। अब नेपाल से सटे बिहार में बाढ़ की आशंका को लेकर सम्राट चौधऱी बेहद ही सतर्क हो गई है। खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बाढ़ को देखते हुए मॉनिटरिंग कर रहे हैं। गुरुवार की सुबह गंडक बराज का जलस्तर बढ़ा है। इसके बाद अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय चौधऱी तथा राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायजा लिया है।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेपाल में आए सैलाब को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी में बाढ़ की स्थिति का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान संभावित प्रभावों, आवश्यक एहतियाती उपायों, सुरक्षा एवं राहत-बचाव कार्यों को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा एवं हर संभव सहायता उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    बताया जा रहा है कि सीएम सम्राट चौधरी नेपाल की बाढ़ से मुख्य तौर से प्रभावित होने वाली गंडक औऱ कोसी नदी का जायजा लिया है। इसके अलावा उन्होंने बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील स्थलों का भी हवाई निरीक्षण किया है। बता दें कि बुधवार की रात 11 बजे गंडक नदी का जलस्तर 1,50,200 क्यूसेक के पीक स्तर पर रहा। इसके बाद जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की गई। हालांकि, देवघाट क्षेत्र में देर से हुई वर्षा के कारण गंडक नदी के जलस्तर में पुनः वृद्धि दर्ज की जा रही है।

    वर्तमान स्थिति में तटबंधों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव परिलक्षित नहीं हुआ है। जल संसाधन विभाग द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, गंगा नदी का जलस्तर घटते रुझान (Decreasing Trend) में है। हालांकि, कुछ स्थानों पर जलस्तर में 1–2 सेंटीमीटर तक मामूली वृद्धि हो सकती है।

    स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट
    बिहार में बाढ़ की आशंका के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। निशांत कुमार ने ऐक्स पर लिखा, 'नेपाल में आई फ्लैश फ्लड कारण गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से बिहार के आठ जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में घबराने की नहीं, सतर्क रहने और तैयार रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संबंधित अधिकारियों से लगातार बातचीत हो रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    मेरी सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मियों से अपील है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित लोगों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए तैयार रहें। अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाओं और चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित रखें, ताकि किसी भी परिस्थिति में लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।'

  • ‘मैं राम का वंशज, भरोसा रखिए’, CM सम्राट ने 1 करोड़ नौकरियां देने का किया दावा

    ‘मैं राम का वंशज, भरोसा रखिए’, CM सम्राट ने 1 करोड़ नौकरियां देने का किया दावा

    पटना.

    मुख्यमंत्री ने पटना में आयोजित 'तुलसी के राम' कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम, सनातन संस्कृति, नदी जोड़ो परियोजना और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर कई बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि फल्गु नदी में अब सालभर पानी रहेगा।

    सोन नदी से फल्गु को जोड़ा जाएगा और नदियों को जोड़ने का काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं लवकुश हूं। लवकुश समाज से आता हूं। भगवान श्रीराम का वंशज हूं। आश्‍वस्‍त करता हूं क‍ि  फल्गु नदी को सोन नदी से जोड़कर गया में पानी की कमी दूर की जाएगी। सोन कोइलवर से भागलपुर तक पीपीपी मोड में मरीन ड्राइव बनाने की बात भी कही। उन्‍होंने नद‍ियों को जोड़ने की योजना की चर्चा की। कहा क‍ि आचार्य चाणक्य के नाम पर पटना में शोध संस्थान खुलेगा। 

    भगवान राम ने समाज को मर्यादा का संदेश दिया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम के प्रतीक हैं। 14 वर्ष के वनवास के दौरान उन्होंने भारत भ्रमण किया और समाज में मर्यादा एवं संस्कृति की स्थापना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीराम ने समाज पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और मर्यादा को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।  

    राम मंदिर आंदोलन और कामेश्वर चौपाल का किया जिक्र
    मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। बिहार के बेटे कामेश्वर चौपाल से शिलापूजन कराया गया था। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम को वर्षों तक टेंट में रखा गया और भक्तों ने संघर्ष कर उन्हें भव्य मंदिर में स्थापित कराया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि देश में 'दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' की व्यवस्था को समाप्त किया गया। उन्होंने कहा कि लंबे इंतजार और कई गठबंधन के बाद 2014 में भाजपा की सरकार बनी और अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वीपी सिंह की सरकार के समय भाजपा ने समर्थन देकर ओबीसी आरक्षण लागू कराने में भूमिका निभाई। बाद में पहली बार अति पिछड़ा समाज के बेटे के प्रधानमंत्री बनने के बाद सवर्ण समाज को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया।

    2030 से पहले एक करोड़ लोगों को नौकरी का दावा
    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान रोजगार को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2030 से पहले एक करोड़ लोगों को नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बक्सर जेल में रखी भगवान वामन की प्रतिमा को वहां से मुक्त कराकर बक्सर में वामन मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर कई योजनाओं का भी उल्लेख किया। गया के विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए 680 करोड़ रुपये की योजना का जिक्र किया गया। सीता मंदिर के निर्माण पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई।

    फल्गु में पानी लाने के लिए नदियों को जोड़ने की योजना
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मां सीता ने फल्गु नदी को शाप दिया था। अब सोन नदी का पानी फल्गु में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फल्गु को सोन से जोड़ने के साथ अन्य नदियों को भी आपस में जोड़ने का काम किया जाएगा! ताकि बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की समस्या दूर हो सके। उन्होंने कहा कि फल्गु नदी में सालभर पानी उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि घर की दीवार का रंग भगवा हो जाने पर कुछ लोग चिढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवा सनातन संस्कृति का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

    धार्मिक पर्यटन और विकास को मिलेगी गति
    मुख्यमंत्री की घोषणाओं में धार्मिक स्थलों के विकास के साथ जल संसाधन और आधारभूत संरचना पर भी जोर दिया गया। विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर, बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर और सीता मंदिर के निर्माण से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं फल्गु और सोन नदी को जोड़ने की योजना से गया में जल संकट दूर करने और नदी आधारित विकास को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सनातन संस्कृति, धार्मिक स्थलों के विकास और बिहार की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।

  • भू-माफिया से पेपर लीक तक, बिहार में सात अपराधों पर लगेगा सीसीए

    भू-माफिया से पेपर लीक तक, बिहार में सात अपराधों पर लगेगा सीसीए

    पटना
    बिहार सरकार ने असामाजिक तत्व और संगठित अपराध पर नियंत्रण को लेकर डीएम के अधिकार बढ़ाये हैं। हाल ही में बिहार सीसीए (अपराध नियंत्रण अधिनियम) में किए गये संशोधन में जिलाधिकारियों को सात तरह के बड़े अपराधों में शामिल अपराधियों पर सीसीए लगाने की मंजूरी दी गयी है। सार्वजनिक या निजी संपत्ति को गैर कानूनी तरीके से बड़ा नुकसान पहुंचाने वाले अपराधियों के साथ ही गैर कानूनी तरीके से उसकी चल-अचल संपत्ति से बेदखल करने वाले भू-माफियाओं पर भी सीसीए लगेगा। संगठित कदाचार, अवैध खनन, सोशल मीडिया पर घृणा फैलाने और मानव तस्करी में संलिप्त अपराधी भी इसके दायरे में आयेंगे।

    राज्य सरकार ने सीसीए लगाने के मापदंडों में भी संशोधन किया है। ऐसे मामलों में शामिल अपराधियों पर सीसीए लगाने के लिए आवश्यक होगा कि उक्त व्यक्ति के विरुद्ध बीते पांच वर्षों के दौरान कम से कम दो मामले में पुलिस रिपोर्ट दाखिल हो, जिसमें उसकी संलिप्तता दिखाई गई हो। साथ ही उस अवधि के दौरान किसी एक मामले में दोष सिद्ध किया गया हो। पहले यह अवधि मात्र दो वर्ष रखी गयी थी। अधिनियम की धारा 12 के तहत अब डीएम पहली बार में अधिकतम छह महीने के लिए जिला या क्षेत्र बदर करने का आदेश दे सकेंगे। पहले यह अवधि मात्र छह महीने की थी।

    उक्त अवधि को समीक्षा कर छह-छह महीने के लिए बढ़ाया जा सकेगा। पीड़ित डीएम द्वारा पारित जिला बदर या निष्कासन जैसे आदेशों के खिलाफ प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष अपील कर सकेंगे। 2024 से लागू बिहार सीसीए एक्ट में आईपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 से जुड़ी धाराएं शामिल थी, जिन्हें बदल दिया गया है। अब नये बीएनएस और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 की धाराएं डाली गयी हैं। इससे न्यायालय में अपराधियों को सजा दिलाने में आ रही तकनीकी बाधाएं समाप्त होंगी।

    संशोधित अधिनियम में डीएम को प्राप्त अधिकार
    ● चिह्नित अपराधी को जिला या उसके किसी हिस्से से बाहर निकालने का आदेश

    ● अपराधी को समय-समय पर थाने में हाजिरी लगाने और अपनी गतिविधियों की सूचना देने का आदेश

    ● संदिग्धों की तलाशी, संपत्ति की जब्ती और वारंट जारी करने की शक्ति

    ● लोक व्यवस्था खतरे में डालने वाले अपराधियों को हिरासत में लेने का आदेश

    इनमें शामिल अपराधियों पर भी लग सकेगा सीसीए
    ● सार्वजनिक या निजी संपत्ति अवैध कब्जा करने या उसको भारी नुकसान पहुंचाने में

    ● पेपर लीक या संगठित कदाचार में

    ● अवैध खनन में

    ● वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने में

    ● सोशल मीडिया पर जाति, धर्म, भाषा या समुदाय के आधार पर शत्रुत या घृणा फैलाने पर

    ● मानव तस्करी में शामिल होने पर

    ● विस्फोटक पदार्थ (हथियार, गोली, बम) रखने या उसके व्यापार में

  • बिहार में शिक्षा और उद्योग को बढ़ावा, भागलपुर बनेगा एआई हब और रोजगार केंद्र

    बिहार में शिक्षा और उद्योग को बढ़ावा, भागलपुर बनेगा एआई हब और रोजगार केंद्र

    भागलपुर
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में आधुनिक जरूरतों को देखते हुए भागलपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इसी साल भागलपुर में करीब 400 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र भी बनेगा। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राज्य के 211 नए डिग्री कॉलेजों के शुभारंभ के मौके पर भागलपुर के गोराडीह प्रखंड के कासिल गांव में आयोजित समारोह में ये घोषणाएं कीं। इसके साथ ही राज्य के 211 प्रखंडों में स्थापित नए डिग्री कॉलेजों में बुधवार से सत्र शुरू हो गया।

    मुख्यमंत्री ने इसे बिहार के लिए गौरव का दिन बताते हुए कहा कि अब राज्य के सभी 534 प्रखंडों के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। बिहार की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय को आधुनिक स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए 220 एकड़ भूमि हस्तांतरित की गई है।

    मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्ट एवं सिविल इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले एक वर्ष के भीतर विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना कर दी जाएगी। मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्ट एवं सिविल विश्वविद्यालय खोला जाएगा। साथ ही बिहार में चार नए निजी विश्वविद्यालयों को भी मंजूरी दी गई है।

    उन्होंने कहा कि पीरपैंती में 70 हजार करोड़ की लागत से 2400 मेगावाट का पावर प्लांट लगने जा रहा है। इसकी क्षमता को 1600 मेगावाट और बढ़ाया जायेगा। यानी, पीरपैंती थर्मल की क्षमता अब 4,000 मेगावाट की होगी। उन्होंने ऐलान किया कि भागलपुर, मुंगेर और बांका के जिला या अनुमंडल अस्पताल में सभी रोगों का इलाज होगा। समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी तथा उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर समेत जिले के विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कहलगांव से तीनपहाड़ी तक रोपवे बनेगा। इससे इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। भागलपुर क्षेत्र में दो एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे, जिनमें सुल्तानगंज में प्रस्तावित एयरपोर्ट भी शामिल है। इससे क्षेत्र में उद्योग, पर्यटन और व्यापार को नई गति मिलेगी।

    श्रावणी मेला के बाद विक्रमशिला सेतू का मरम्मत शुरू होगा
    बुधवार को कासिल गांव में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, सेतु का स्लैब गिरने की जानकारी के बाद उन्होंने रक्षा मंत्री से व्यक्तिगत मदद का अनुरोध किया। रक्षा मंत्रालय ने बीआरओ की टीम भेजकर एक माह में बेली ब्रिज तैयार कर दिया। सीएम ने कहा, इस वैकल्पिक व्यवस्था से इतर इसके स्थायी समाधान को लेकर योजना तैयार करायी। ट्रस ब्रिज बनाने का फैसला लिया गया। श्रावणी मेला के बाद पुल की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। हर हाल में 30 नवंबर तक क्षतिग्रस्त पुल को तैयार करते हुए एक दिसंबर से सभी तरह के वाहनों के लिए पुल पर आवाजाही सामान्य कर दिया जाएगा

    बिहार लौटेें बाहर रह रहे युवा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भागलपुर में उद्योग स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उन्हें रोजगार के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंनेे बाहर रह रहे लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे लौटें और बिहार की समृद्धि एवं विकास में सहभागी बनें। राज्य सरकार उन्हें उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक भूमि, बिजली और पानी जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को साकार करने का काम कर रहे हैं।

    जीविका दीदियों के लिए गुड न्यूज
    मुख्यमंत्री ने कहा, 25 जुलाई को बची हुई जीविका दीदियों को 10 हजार की राशि मिलेगी। 24 जुलाई को सम्राट सरकार के सौ दिन पूरे होंगे। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा में सुधार के भी संकेत दिए। बोले, राज्य के सभी जिले में जिला और अनुमंडल अस्पताल है। भागलपुर में मेडिकल कॉलेज भी है। ऐसे में इन अस्पतालों में डॉक्टरों को सभी रोगों का इलाज करना होगा। गंभीर बीमारी को छोड़कर शेष मामले में यदि रेफर किया जाता है तो सिविल सर्जन और संबंधित चिकित्सक पर कार्रवाई होगी।

  • बिहार में शराब तस्करों की खैर नहीं! 57 हजार गिरफ्तार, 127 माफियाओं की संपत्ति पर कार्रवाई की तैयारी

    बिहार में शराब तस्करों की खैर नहीं! 57 हजार गिरफ्तार, 127 माफियाओं की संपत्ति पर कार्रवाई की तैयारी

    पटना
    बिहार में शराबबंदी और शराब माफिया दोनों ही अहम मुद्दा है। सरकार यह दावा करती रही है कि राज्य में कई सालों से लागू शराबबंदी को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए वो कटिबद्ध है। दूसरी तरफ शराब माफिया राज्य में शराबबंदी का माखौल बनाने में जुटे रहते हैं। पुलिस-प्रशासन समय-समय पर इन माफियााओं पर नकेल कसती है और माफियाओं को उनके अंजाम तक पहुंचाती है। अब सम्राट चौधरी सरकार ने शराब माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई का प्लान तैयार कर लिया है। जिसके तहत 100 से ज्यादा माफियाओं की संपत्ति जब्त कर ली जााएगी। बिहार में शराब से अवैध संपत्तियां बनाने वाले 127 माफिया को चिह्नित कर लिया गया है। मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने इन शराब माफिया की संपत्तियां जब्त करने को लेकर बीएनएसएस की धारा 107 के तहत न्यायालय को प्रस्ताव भेजा है।

    प्रत्येक माह औसतन 3,50,677 लीटर शराब बरामद की
    मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के डीआईजी अजय कुमार पांडेय ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि बिहार की विभिन्न जिलों की पुलिस ने 2026 में प्रत्येक माह औसतन 3,50,677 लीटर शराब बरामद की है, जो वर्ष 2025 के मासिक औसत (3,14,610 लीटर) से 11 फीसदी अधिक है। इसी तरह, मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने वर्ष 2026 में औसत प्रतिमाह 1,06,237 लीटर शराब बरामद की, जो वर्ष 2025 के मासिक औसत (85,645 लीटर) से 24 फीसदी अधिक है। 2026 में माह मई तक राज्य पुलिस द्वारा कुल 38,474 लीटर स्पिरिट जब्त की गयी है।

    मई महीने तक कुल छह ऑपरेशन चलाए गए
    मद्य निषेध डीआईजी ने यह भी बताया है कि शराब माफिया के खिलाफ 2026 में मई तक कुल छह ऑपरेशन चलाए गए। इनमें पांच ऑपरेशन यूपी में जबकि एक झारखंड में चला। इन ऑपरेशन में पांच करोड़ रुपये से अधिक की शराब और वाहन जब्त हुए।

    57 हजार व्यक्तियों की मद्य निशेष अधिनियम के तहत गिरफ्तारी हुई
    डीआईजी ने इसके साथ ही यह भी जानकारी दी है कि इस साल अब तक 50 हजार से ज्यादा लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बिहार पुलिस ने इस साल मई तक 19,877 कारोबारी समेत कुल 57 हजार व्यक्तियों की मद्य निशेष अधिनियम के तहत गिरफ्तारी हुई है। इनमें 37,027 पीने वाले रहे। इस दौरान राज्य के अंदर से 569 कारोबारी जबकि अन्य राज्यों से पांच बड़े कारोबारी गिरफ्तार किए गए। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2016 से मई 2026 तक कुल बरामद शराब का 97 फीसदी हिस्सा नष्ट किया जा चुका है।