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  • बिहार में बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार का बड़ा ऐलान, दीपावली से पहले सड़क-बिजली बहाल करने के निर्देश

    बिहार में बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार का बड़ा ऐलान, दीपावली से पहले सड़क-बिजली बहाल करने के निर्देश

    पटना
    बिहार के बाढ़ पीड़ित परिवारों को सरकार से सहयता की राशि दी जा रही है। सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1.60 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों के खाते में 7-7 हजार रुपये अनुग्रह अनुदान के रूप में हस्तांतरित की। कुल 112.14 करोड़ की राशि लोगों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि अब भी कोई प्रभावित परिवार इस राशि से वंचित है तो उनका नाम शीघ्र भेजें। ताकि, उन्हें भी यह राशि उपलब्ध कराई जा सके।

    मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक साथ 1 लाख 60 हजार परिवारों की पीड़ी कम करने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा 14 तारीख को किसानों को कृषि इनपुट की राशि जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त आधारभूत सूचनाओं को दीपावली के पहले दुरुस्त करने का निर्देश दिया है ताकि, उन इलाकों में लोगों के जनजीवन को समान्य बनाया जा सके। पिछले दिनों गंगा, गंडक, कोसी, बागमती, बलान नदियों में आई बाढ़ की वजह से करीब 55 लाख की आबादी प्रभावित हुई। भागलपुर में अभी भी बाढ़ के कहर से लोग तबाह हैं। नीचे आती गंगा नदी भीषण कटाव कर रही है। नवगछिया में बड़ी संख्या लोगों के ऊंचे-ऊंचे मकान कटकर गंगा नदी में समा गए।

    इस मौके पर सीएम ने कहा कि लोगों को बाढ़ से काफी परेशानी हुई। प्रभावित जिलों के अधिकारियों ने पूरी क्षमता से राहत पहुंचान का काम किया। सभी जिलाधिकारियों से आग्रह करना है कि एक बार फिर से सर्वे करवा लें ताकि कोई प्रभावित परिवार नहीं बचे। दीपावली से पहले प्रभावित इलाके में सड़क, बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को बहाल करना सुनिश्ति करें ताकि त्योहार में जो लोग बाहर से अपने घर पहुंचें उन्हें कोई दिक्कत नहीं हो। सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि बाढ़ की समस्या का स्थाई समाधान किया जाए। सम्राट चौधरी ने बाढ़ के सामय काफी संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया था और राहत शिविर में जाकर व्यवस्था की समीक्षा की थी।

    मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए दूसरे फेज में 112.14 करोड़ की राशि ट्रांसफर किया। इससे पहले 15 सितम्बर को 7-7 हजार की सहायता राशि दी गयी थी। उस समय 8 लाख 27 हजार परिवारों को इसका लाभ मिला था। मुख्यमंत्री का कहना है कि कोई भी परिवार छूटना नहीं चाहिए। जिला स्तर पर सर्वे कर पीड़ितों की सूची तैयार की गयी है। सभी बाढ़ पीड़ितों को विभिन्न फेज में राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

  • बिहार के बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, 1100 रुपये पेंशन खाते में ट्रांसफर; नए लाभार्थी भी जुड़े

    बिहार के बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, 1100 रुपये पेंशन खाते में ट्रांसफर; नए लाभार्थी भी जुड़े

     पटना
    बिहार समेत पूरे देश में नवरात्र पर्व की धूम है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पर्व में राज्य के 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं विधवा बहनों सहित कुल 1 करोड़ 08 लाख 36 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रति व्यक्ति 1100 रुपये की दर से कुल 1237 करोड़ 48 लाख रूपये की राशि का हस्तांतरण किया। उन्होंने कहा कि हमारा जनप्रतिनिधियों से आग्रह है कि जब वे अपने क्षेत्र में जाते है तो गांव में जाकर यह सुनिश्चित करें कि सभी योग्य लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिले।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पात्र लाभार्थी छूटे नहीं। पंचायत विकास दिवस के अवसर पर विशेष तौर पर यह अभियान चलाएं कि कोई भी योग्य पात्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित न रहे। हेल्थ सर्वेक्षण के दौरान भी यह पता करें कि योग्य लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रहा है कि नहीं।

    सम्राट चौधरी ने आगे यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिये राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये की गयी। प्रति माह लगभग 90 हजार से एक लाख पेंशनधारी जुड़ रहे हैं, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिल रहा है। सितम्बर में 93835 नए लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े।

    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल उपस्थित थे। जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं लाभार्थीगण जुड़े हुए हैं।

  • बिहार चुनावी रणनीति पर मंथन करेगा NDA, सीएम सम्राट चौधरी ने बुलाई विधान मंडल दल की बैठक

    बिहार चुनावी रणनीति पर मंथन करेगा NDA, सीएम सम्राट चौधरी ने बुलाई विधान मंडल दल की बैठक

     पटना
    बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए के सभी विधायक, एमएलसी और सांसदों को पटना बुला लिया है। 9 अक्टूबर को सीएम आवास में अहम बैठक होगी। बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर इसमें एनडीए अपनी साझा एकता का प्रदर्शन करेगा। सम्राट के आवास पर मंगलवार को हुई एनडीए के घटक दल के नेताओं की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में एमएलसी चुनाव को लेकर मचे घमासान पर भी चर्चा की गई। इसमें दोनों पार्टियों के आलाकमान को ही अपने-अपने दलों के मामले का तुरंत निपटारा करने की बात तय की गई है।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर हुई एनडीए नेताओं की बैठक में दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी एवं बिजेंद्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के अलावा चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जीतनराम मांझी के हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (HAM), उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के नेता भी मौजूद रहे।

    बैठक से निकलने के बाद संजय सरावगी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विधान परिषद चुनाव को लेकर मंगलवार को एनडीए के सभी नेता बैठे। इसमें एमएलसी चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई। यह चुनाव एनडीए एकजुट होकर लड़ रहा है। जेडीयू और रालोमो में एमएलसी चुनाव को लेकर मचे घमासान पर सरावगी ने कहा कि अपने-अपने दल के मामले उनके नेता देखेंगे।

    सम्राट बोले- एमएलसी चुनाव में साझा प्रचार करेंगे सभी दल
    जानकारी के अनुसार बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा कि एमएलसी चुनाव में एनडीए की जीत सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है कि सभी दलों के नेता साझा प्रचार करें। पार्टी के बजाय गठबंधन को प्राथमिकता दें, ताकि जीत सुनिश्चित हो सके। बैठक में सभी आठों सीटों पर जीत हासिल करने पर विमर्श हुआ।

    4-4 सीटों पर लड़ रही जेडीयू और भाजपा
    बिहार विधान परिषद की जिन 8 सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं उनमें पटना, दरभंगा, कोसी, तिरहुत, सारण क्षेत्र की शिक्षक और स्नातक कोटे की सीटें हैं। एनडीए से भाजपा और जेडीयू चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। एमएलसी चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 9 अक्टूबर तक नामांकन वापसी का समय है।

    सम्राट के आवास पर मंगलवार को हुई बैठक में हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार, रालोमो से मंत्री दीपक प्रकाश, लोजपा-आर के मंत्री संजय सिंह और संजय पासवान के अलावा विधायक संजीव चौरसिया, एमएलसी जनक राम एवं संजय गांधी, भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया भी मौजूद रहे।

  • विधायक निधि की योजनाओं में सुस्ती पर सम्राट चौधरी सरकार का एक्शन, जिलों से तलब हुआ पूरा ब्योरा

    विधायक निधि की योजनाओं में सुस्ती पर सम्राट चौधरी सरकार का एक्शन, जिलों से तलब हुआ पूरा ब्योरा

    पटना
    सम्राट चौधऱी सरकार मुख्यमंत्री क्षेत्र योजना को ठीक से लागू नहीं करने पर नाराज हो गई है। अब राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत पूरे राज्य से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कई योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही सुस्ती से सरकार नाराज है और अब इसकी गहन समीक्षा की जाएगी। विभागीय स्तर पर कई वर्षों से काफी योजनाओं के अधूरे रहने की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।

    योजना एवं विकास विभाग के अनुसार, जनवरी 2026 में 17वीं विधानसभा (2021-22 से 2025-26) के दौरान विधायकों और विधान पार्षदों द्वारा अनुशंसित विकास कार्यों पर 71.40 फीसदी राशि खर्च हो चुकी है। लगभग 20 फीसदी स्वीकृत योजनाएं अभी भी विभिन्न चरणों में लागू की जा रही हैं।

    कुल उपलब्ध निधि का ठीक से उपयोग नहीं हुआ
    विभागीय सूत्रों के अनुसार, अभी भी कई क्षेत्रों में आठ वर्ष पहले की स्वीकृत राशि के कार्य पूरे नहीं हुए हैं। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की मार्च 2023 की रिपोर्ट में भी मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर कमियां सामने आई थीं। नमूना जांच किए गए 13 प्रमंडलों में कुल उपलब्ध निधि का 28 से 59 प्रतिशत तक उपयोग नहीं हुआ था। इससे पर्सनल लेजर अकाउंट में अव्यवहृत शेष राशि पड़ी रही।

    वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रत्येक विधायक के लिए वार्षिक आवंटन ती करोड़ रुपये से बढ़ाकर ती करोड़ रुपये कर दिया गया था, ताकि उनके क्षेत्र में विकास कार्य तेज गति से हो सकें। बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में कुल 318 सदस्य (243 विधायक और 75 विधानपार्षद) हैं, जो सालाना 1272 करोड़ रुपये की योजनाओं की अनुशंसा कर सकते हैं

    पटना समेत ये शहर चयनित
    मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत चयनित शहरों में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, छपरा, सीवान, सासाराम, बेतिया, सीतामढ़ी, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय, नवादा, औरंगाबाद, बांका, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, लखीसराय सहित कई प्रमुख शहरी क्षेत्र शामिल हैं।

  • बिहार में योजनाओं की होगी ऑनलाइन निगरानी, संकल्प पोर्टल पर दिखेंगी सरकार की उपलब्धियां

    बिहार में योजनाओं की होगी ऑनलाइन निगरानी, संकल्प पोर्टल पर दिखेंगी सरकार की उपलब्धियां

     पटना
     मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार अब अपनी उपलब्धियों और विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति को संकल्प पोर्टल पर दर्ज करेगी।

    इसके लिए पोर्टल विकसित किया जा रहा। सरकार की ओर से लिए गए संकल्पों, घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति उसी एक प्लेटफार्म पर प्रदर्शित होगी। इससे विभागों के कामकाज की निगरानी अपेक्षाकृत सहज होगी और सरकार की उपलब्धियों का दस्तावेज भी बनता जाएगा।

    बहरहाल, सरकार का जोर योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर है। यह पोर्टल उसका एक उपादान होगा। इसके माध्यम से विभागवार उपलब्धियों को व्यवस्थित रूप से संकलित किया जाएगा। समय-समय पर इसकी समीक्षा भी होगी।

    इससे मुख्यमंत्री और शीर्ष स्तर पर योजनाओं की प्रगति की निगरानी आसान होगी। सरकार की ओर से हाल के महीनों में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और जनहित से जुड़े कार्यों को भी इसमें सम्मिलित किया जाएगा।

    विभागों के प्रदर्शन का होगा आकलन
    संकल्प पोर्टल पर सरकार की प्रमुख योजनाओं, लिए गए निर्णयों और निर्धारित लक्ष्यों के साथ वास्तिवक प्रगतिका ब्योरा होगा। विभागों को अपने स्तर से संबंधित सूचनाएं और उपलब्धियां पोर्टल पर दर्ज करनी होंगी। इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस विभाग ने किस क्षेत्र में कितनी प्रगति की है और कौन से लक्ष्य पूरे किए गए हैं।

    योजनाओं की चाल से अवगत होगी जनता
    अभी विभिन्न विभागों से उपलब्धियों का ब्योरा जुटाने की प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद पोर्टल पर नियमित रूप से सूचनाएं अपडेट की जाएंगी। यह अभिनव पहल जन-सापेक्ष होगा, क्योंकि इसके जरिये नागरिकों को भी सरकार की योजनाओं की गति और उपलब्धियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी एक प्लेटफार्म पर मिल जाएगी।

    डैश-बोर्ड पर बिहार गति से लेकर पत्राचार तक
    पोर्टल के डैश-बोर्ड पर 10 विंडो होंगे। उनके जरिये बिहार गति, फ्लैगशिप ग्रीन/फील्ड प्रोजेक्ट, मुख्यमंत्री की घोषणाएं, मंत्रिमंडल के निर्णय आदि की जानकारी मिलेगी।

    इसके अतिरिक्त सौ दिन का रिपोर्ट कार्ड, वीआइपी के साथ जन-प्रतिनिधियों के पत्र के आधार पर मुख्यमंत्री द्वारा कराए गए कार्य का ब्योरा भी होगा।

    राज्य में आधारभूत संरचना के विकास को लेकर हुई पहल के अतिरिक्त मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र (तारापुर) की प्रगति संबंधित विंडो भी होगा। सहयोग कार्यक्रम में आए आवेदन से संबंधित जानकारी भी इस पर दर्ज होगी।

  • बिहार के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य, 2-3 स्कूलों पर होगा एक इंस्ट्रक्टर

    बिहार के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर की पढ़ाई अनिवार्य, 2-3 स्कूलों पर होगा एक इंस्ट्रक्टर

    पटना
    बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों में अगले वर्ष से कम्प्यूटर की शिक्षा अनिवार्य होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को दानापुर स्थित एक स्कूल में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को पढ़ाई की अत्याधुनिक सुविधाएं देकर हम उन्हें निजी विद्यालयों के समकक्ष बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने दानापुर के बाटागंज स्थित राजकीय मध्य विद्यालय रामजीचक में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

    शिक्षा विभाग को अगले वर्ष से सभी सरकारी विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा को अनिवार्य बनाने की दिशा में आवश्यक योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए दो-तीन स्कूलों पर एक इंस्ट्रक्टर की व्यवस्था होगी, ताकि विद्यार्थियों को कम्प्यूटर की शिक्षा नियमित रूप से मिल सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।

    सुविधाओं पर मांगा सुझाव
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों अभिभावकों से स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था या सुविधाओं में सुधार के संबंध में सुझाव मांगा। सीएम ने कहा कि उनके सुझावों से न केवल संबंधित विद्यालय बल्कि पूरे राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मौके पर अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों को पेरेंट्स ऑफ द मंथ के लिए सम्मानित किया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मेरे सपनों का भारत-सेवा चित्र अभियान’ के अंतर्गत आयोजित सेवा चित्र प्रतियोगिता का अवलोकन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए विकसित भारत-2047, सोलर एनर्जी, मेट्रो ट्रेन, रोबोट एवं सपनों का भारत आदि विषयों पर आधारित चित्रों के संबंध में जानकारी ली तथा उनकी कल्पनाशीलता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने मन लगाकर पढ़ाई करने, नियमित रूप से स्कूल आने और 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने की सलाह भी दी।

    पढ़ाई पर नजर रखें : मंत्री
    शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अभिभावकों से कहा कि सिर्फ बच्चों को स्कूल भेज देने से आपकी ड्यूटी खत्म नहीं हो जाती। बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में अभिभावकों की नियमित भागीदारी जरूरी है। अभिभावक बच्चों की पढ़ाई पर नजर रखें, उनसे संवाद करें और उनकी समस्याओं को समझें।

  • बिहार में शिक्षा को वर्ल्ड क्लास बनाने की तैयारी, 100 शिक्षक जाएंगे विदेश, सरकार उठाएगी पूरा खर्च

    बिहार में शिक्षा को वर्ल्ड क्लास बनाने की तैयारी, 100 शिक्षक जाएंगे विदेश, सरकार उठाएगी पूरा खर्च

    पटना
    बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है। सीएम सम्राट चौधऱी ने कहा है कि राज्य के सहायक प्रोफेसर ऑक्सफोर्ड समेत विदेशों के अन्य मशहूर विश्विद्यालयों में ट्रेनिंग लेंगे। मुख्यमंत्री रविवार को बापू सभागार में 211 नये डिग्री कॉलेजों में नवनियुक्त शिक्षकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि जबतक कॉलेज में आकर बच्चे पढ़ेंगे नहीं, तबतक इस संस्थान का महत्व नहीं होगा। कॉलेज में पढ़ने विद्यार्थी जरूर आयें, इसे सुनिश्चित करायें। 75 प्रतिशत न्यूनतम हाजिरी हो1ानी ही चाहिए। नहीं तो सरकार की बड़ी तैयारी सफल नहीं होगी। इसको लेकर हमारी टीम भी काम करेगी। उन्होंने कहा कि लाइव क्लासेज की भी व्यवस्था शुरू करें। यह भी कहा कि राज्य के डिग्री कॉलेजों में भी खुला विश्वविद्यालय की मान्यता सरकार देगी।

    इस मौके पर बिहार की शिक्षा व्यवस्था को वर्ल्ड क्लास बनाने को लेकर सीएम सम्राट चौधऱी ने बड़ा ऐलान किया। सीएम ने कहा कि 100 प्रोफेसरोों को ऑक्सफोर्ड समेत दुनिया के बड़े विश्वविद्यालयों में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। सबका खर्ज राज्य सराकर वहन करेगी। यह ट्रेनिंग एक महीने की होगी। सीएम सम्राट चौधऱी ने कहा कि बेहतर शिक्षा का सपना तब ही पूरा होगा जब हम अपनी तमाम चीजों को स्थापित करने का काम करेंगे। उसमें यह भी एक व्यवस्था है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की चीजों को हम कैसे इसमें जोड़ें। मैं जरूर कहूंगा कि 100 लोगों को चिन्हित करें जिनको ऑक्सफोर्ड में भेजकर वहां से भी कोर्स कराने का काम करें। तब तो हम दुनिया के मानक पर आ पाएंगे।

    सीएम ने आगे कहा कि दुनिया में जहां कहीं भी अच्छे संस्थान हैं वहां से जोड़ना हमारे बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देगा। एक जमाना था जब हमने क्वालिटी के साथ क्वांटिटी को लेकर समझौता किया। बड़ी संख्या में लोग पढ़ने लगे। अब क्वालिटी औऱ क्वांटिटी दोनों ही साथ चलाना होगा। इसलिए दुनिया में जहां भी अच्छे यूनिवर्सिटी हैं। मैं शिक्षकों से आग्रह करूंगा कि अगर आप लोगों को लगता है कि दुनिया में कहीं कोई अच्छा संस्थान है तो उसका सुझाव विभाग को दें। वैसे 10 संस्थानों को हम चिन्हित करेंगे जिनसे सीधा संवाद कराने का काम बिहार सरकार अपने खर्च पर करेगी।

  • CM के कार्यक्रम में ड्यूटी से गैरहाजिरी और लापरवाही पर बड़ा एक्शन, पटना में पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

    CM के कार्यक्रम में ड्यूटी से गैरहाजिरी और लापरवाही पर बड़ा एक्शन, पटना में पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

     पटना
     मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी में लापरवाही व अनुशासनहीनता बरतना एक महिला पुलिसकर्मी और महिला गृहरक्षक को महंगा पड़ गया।

    यातायात पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी से बिना सूचना गायब मिली महिला सिपाही निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, महिला गृहरक्षक रुचि कुमारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

    मामला दो सितंबर का है। मुख्यमंत्री के चैंबर आफ काॅमर्स में कार्यक्रम के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए रूट लाइन की जांच की जा रही थी।

    बाटा मोड़ से गायब मिली थीं दोनों पुलिसकर्मी
    इसी दौरान बाटा मोड़ पर यातायात संचालन के लिए महिला पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। जांच के क्रम निशा कुमारी और रूचि कुमारी अपने निर्धारित पोस्ट से अनुपस्थित पाई गई।

    बिना पूर्व सूचना या अनुमति के अपने ड्यूटी स्थल से वापस चली गई थी। मुख्यमंत्री के वीआईपी कार्यक्रम जैसे अति महत्वपूर्ण अवसर पर ड्यूटी से इस तरह गायब रहना गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और आदेशों के उल्लंघन माना गया।

    मामले में निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से जीवनयापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय यातायात संचालन निर्धारित किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है।

    जाम के बीच केबिन में मोबाइल चलाते मिले तीन यातायात पुलिसकर्मी, वेतन रोका
    शहर में यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद कई इलाकों में जाम की समस्या बनी रहती है। इसकी एक वजह ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी सामने आ रही है।

    यातायात एसपी के औचक निरीक्षण में बाकरगंज पोस्ट पर इस तरह का मामला उजागर हुआ है। सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ा था, बावजूद यातायात व्यवस्था संभालने की बजाय तीन यातायात पुलिसकर्मी केबिन के अंदर मोबाइल चलाते मिले।

    तीनों पुलिसकर्मियों का वेतन रोक इनसे सात दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया है। पांच सितंबर की शाम करीब 6:45 बजे बाकरगंज यातायात पोस्ट का औचक निरीक्षण किया गया।

    इस दौरान एएसआई रविन्द्र कुमार मंडल, महिला सिपाही गीता कुमारी और गृहरक्षक सूरज कुमार केबिन में बैठकर मोबाइल का इस्तेमाल करते पाए गए। निरीक्षण के समय सड़क पर जाम की स्थिति बनी हुई थी।

    जबकि शाम पांच से रात आठ बजे तक पिक आवर में कर्मियों को केबिन से बाहर रहकर यातायात संचालन कराने का निर्देश है। इसके बावजूद तीनों ने निर्देश की अनदेखी की।

    रविन्द्र कुमार मंडल और गीता कुमारी का वेतन तत्काल प्रभाव से धारित कर दिया गया है। गृहरक्षक सूरज कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए अलग से प्रतिवेदन भेजा जा रहा है। इसी तरह कारगिल यातायात पोस्ट पर दो महिला पुलिसकर्मियों को मोबाइल चलाते हुए मिली। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

     

  • 8 करोड़ ग्रामीणों को राहत! बिहार में पक्के मकानों पर होल्डिंग टैक्स नहीं लगेगा

    8 करोड़ ग्रामीणों को राहत! बिहार में पक्के मकानों पर होल्डिंग टैक्स नहीं लगेगा

    पटना
    बिहार के लोगों को सम्राट चौधरी सरकार बड़ी राहत देने जा रही है। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में अब सिर्फ व्यावसायिक कर ही लगेगा। गांवों और कस्बों में कच्चा मकान को छोड़ पक्का और अर्धपक्का मकान से होल्डिंग टैक्स (मकान कर) वसूलने के फैसले को सरकार वापस लेने जा रही है। इससे ग्रामीण इलाकों के लगभग 8 करोड़ से अधिक लोगों को राहत मिलेगी। पंचायती राज विभाग ग्रामीणों से शुल्क वसूली के प्रावधानों में संशोधन कर रहा है। संशोधन के बाद यह नया प्रावधान लागू होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक तरह के टैक्स लेने के प्रस्ताव पर 15 जुलाई को राज्य कैबिनेट की मुहर लगी थी। लेकिन अभी तक गजट प्रकाशित नहीं किया गया है। पंचायती राज विभाग ने इसकी अधिसूचना भी जारी नहीं की है।

    आवासीय मकानों से शुल्क वसूली संबंधी संशोधन से गांवों के किसान, मजदूर और गरीबों को राहत मिलेगी। सरकार के फैसले से लोगों में चौतरफा नाराजगी थी। विपक्ष भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रहा था। इसलिए राज्य सरकार त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थानों से जुड़े ग्रामीण इलाकों में नया कर वसूली के प्रावधानों को संशोधन के बाद ही लागू करने की तैयारी कर रही है। पीएम आवास योजना के तहत बने गरीबों के घरों के लिए सालाना होल्डिंग टैक्स सबंधित विभाग (ग्रामीण विकास विभाग) से लेना था, पर इस प्रावधान को भी हटाने की तैयारी है। पंचायत क्षेत्रों में व्यावसायिक मकान निर्माण कार्य के लिए आवश्यकतानुसार पंचायतों को कर वसूलने का हक होगा।

    पंचायतों का राजस्व बढ़ेगा
    व्यावसायिक, औद्योगिक व संस्थागत उपयोग वाले भवन पर 100 रुपये से 5 हजार रुपये तक सालाना कर लगना है। पेशा शुल्क भी लगेगा। व्यावसायी द्वारा स्थापित चावल मिल जिसकी क्षमता 2 टन प्रति घंटा से अधिक है, उस पर कर का प्रावधान है। सिनेमा हॉल, विवाह भवन, होटल, पेट्रोल पंप और रसोई गैस एजेंसी पर सालाना 5 हजार रुपये शुल्क वसूलने का प्रावधान किया गया था। हालांकि संशोधन के बाद इस शुल्क में भी कमी की जा सकती है। मेले में बिक्री होने पर पशु के लिए भी शुल्क लगेगा।

    सरकार ने क्यों लिया था फैसला
    पंचायतों की आय बढ़ा कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मकानों से कर वसूलने का निर्णय लिया गया था। 16 वीं केंद्रीय वित्त आयोग ने देश भर की पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कर लगाने की अनुशंसा की है। वित्त आयोग की अनुशंसा है कि ग्रामीण इलाकों में प्रत्येक घरों से सालाना औसतन 1200 रुपये वसूल कर पंचायत अपनी आय बढ़ाने का प्रयास करे।
    पहले यह कर की दर तय थी

    आवास के प्रकार कर की दर(प्रतिवर्ष)
    पक्का मकान 100 रुपए

    अर्द्ध पक्का मकान 50 रुपये

    कच्चा मकान कर नहीं

    पीएम आवास के मकान 25 रुपये (ग्रमाीण विभाग देगा)

    सफाई शुल्क 30 रुपये (प्रति घर मासिक)

    पेट्रोल पंप 5 हजार रुपये

    रसोई गैस एजेंसी 5 हजार रुपये

    ईंट चिमनी 5 हजार रुपये

    सिनेमा हॉल 5 हजार रुपये

    जलापूर्ति शुल्क 30 रुपये (प्रतिमाह)

  • बापूधाम महोत्सव का आगाज आज, मैथिली ठाकुर समेत कई कलाकार देंगे प्रस्तुति; गांधी मैदान नो-ड्रोन जोन

    बापूधाम महोत्सव का आगाज आज, मैथिली ठाकुर समेत कई कलाकार देंगे प्रस्तुति; गांधी मैदान नो-ड्रोन जोन

    पटना 
    सीएम सम्राट चौधरी आज गांधी मैदान में 284.99 करोड़ की 145 योजनाओं की सौगात देंगे। वे साढ़े बारह में बापूधाम महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। उसके बाद 8889.19 लाख की लागत से बनने वाली 90 योजनाओं की आधारशिला रखेंगे। वहीं 19610.14 लाख की लागत से बने 55 योजनाओं का उदघाटन करेंगे। सुरक्षा को लेकर गांधी मैदान को चारों तरफ से सील कर दिया गया है। पुलिस अधिकारी व जवानों का पहरा हो गया है। पुलिस केन्द्र, गांधी मैदान व प्रेक्षा गृह को नो ड्रोन फ्लाई जोन घोषित किया गया है।

    गांधी मैदान में प्रवेश के लिये आम लोगों के लिये 09,10,11 व 12 गेट बनाये गये हैं। डीएम सौरभ सुमन यादव ने बताया कि गांधी मैदान में कार्यक्रम के बाद सीएम किसानों के लिये आयोजित मेला प्रेक्षा गृह में जाएंगे। उनका हेलीकॉप्टर पुलिस केन्द्र में लैंड करेगा। डीएम ने बताया कि 01 सितम्बर को सुप्रसिद्ध लोक गायिका सह विधायक मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति के साथ साथ करीना पांडेय व सबिता पांडेय का भी कार्यक्रम होगा। दो सितंबर को प्रसिद्ध बॉलीबुड सिंगर सलमान अली का कार्यक्रम रखा गया है।उसी दिन स्थानीय कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। 03 सितंबर को प्रसिद्ध कलाकार अजीत आनंद व उनकी टीम की प्रस्तुति होगी। उसी दिन डॉ तीष्या श्री के नेतृत्व में नीलोत्पल मृणाल, स्वयं श्रीवास्तव सहित प्रसिद्ध कवियों की हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री 19610.14 लाख रुपये की लागत से बने 55 योजनाओं का करेंगे उदघाटन
    सीएम सम्राट चौधरी 55 योजनाओं का उदघाटन करेंगे। जिस पर 19610.14 लाख रुपये खर्च किये गये हैं। स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल 01 के तहत नौ योजनाओं का उदघाटन होगा। 2685.33 लाख की लागत से निर्माण कार्य पूरा किया गया है। मनरेगा के 24 योजनाओं का 241.14 में पूरा किया गया है। खेल विभाग के एक योजना का 194.50 लाख में पूरा हुआ है। इस प्रकार पथ निर्माण, चिकित्सा, पर्यटन, पुलनिर्माण आदि योजनाओं का उदघाटन करेंगे।

    कल्याण विभाग की ओर से शहर में 520 आसन वाले अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय के भवन का निर्माण कार्य व सौ आसन वाले राजकीय कल्याण छात्रावास भवन का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। पहाड़पुरके मनकररिया, दक्षिणी नोनिया व हरसिद्धि के सेवराहा में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर,आदापुर के विशनपुरवा, कोरईया,सुगौली के केथवलिया व बेलवटिया में स्वास्थ्य उपकेन्द्र का निर्माण किया गया। एक सेंटर के निर्माण में 42.84 लाख खर्च आया है। भोपतपुर ओपी भवन, झरोखर ओपी, चकिया थाना भवन , हरपुर थाना, नकरदेई थाना, कल्याणपुर थाना, मेहसी थाना व पुलिस लाइन में बीस महिला बैरक का निर्माण व विद्युतीकरण कार्य पूरा किया गया।

    भीबीजीरामजी के तहत तुरकौलिया के बालक विद्यालय में चहारदीवारी, नाला निर्माण, चरगाहा में पीसीसी कार्य,शंकर सरैया में सार्वजनिक स्थान पर मिट्टी भराई, जयसिंहपुर में ईंटसोलिंग व मिट्टी भराई,सुगौली के सुगांव में आंगनबाड़ी केन्द्र भवन का निर्माण, मनसिंघा में शवदाह गृह,अरेराज के चटिया बड़हरवा विद्यालय में चहारदीवारी, ममरखा में पीसीसी कार्य, तेतरिया के कोठिया में जीविका भवन का निर्माण,चिरैया के राघोपुर में आंगनबाड़ी केन्द्र का निर्माण कार्य पूरा किया गया। डेयरी मत्स्य व पशु संसाधन विभाग की ओर से कोटवा में प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय व बंजरिया के जटवा में प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय का निर्माण कार्य पूरा किया गया।

    बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की ओर से मजुराहां को कोटवा से जोड़ने के लिये धनौती नदी पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल सह पहुंच पथ का निर्माण पूरा हुआ है। जिसकी लागत 1371.72 लाख है। चकिया के कोइरगांवा में पंचायत सरकार भवन, वैशाहा, कोटवा के जसौली में, तुरकौलिया के शंकर सरैया, कल्याणपुर के उतरी गवन्द्री, पकड़ी दीक्षित, केसरिया के खिजिरिपुरा, पीपराकोठी के पंडितपुर, तेतरिया के तेतरिया में पंचायत सरकार भवन का उदघाटन होगा।