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  • विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- सालों से लंबित समस्याओं का हो रहा निराकरण

    विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- सालों से लंबित समस्याओं का हो रहा निराकरण

    भोपाल/इंदौर
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रतिष्ठा और सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ रहा है। ऐसे समय में वैचारिक प्रतिबद्धता काफी अहम है। मध्यप्रदेश की धरती पर पंडित माखनलाल चुतुर्वेदी, माधवराव सप्रे जैसे कई बड़े पत्रकार हुए और उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। नई दुनिया ने आज समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों की उन विभूतियों का सम्मान किया, जिन्होंने अपने परिश्रम के बल पर समाज में विशिष्ट स्थान बनाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित नई दुनिया प्रोमिनेंस अवॉर्ड-2026 में कहा कि नई दुनिया ने अपनी कई सालों की पत्रकारिता में विश्वसनीयता और जनसरोकार से अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए नई दुनिया पत्रकारिता, प्रतिबद्धता और वैचारिक उत्कृष्टता में सबसे आगे रहा है। हिन्दी वेबसाइट ने भी डिजिटल क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। नईदुनिया-जागरण परिवार कई बड़े राज्यों में पाठकों की पसंद बना हुआ है।

    राज्य का विकास सर्वोपरि
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सालों से लंबित प्रदेश की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है।  राज्य में 21 साल बाद पुन: सार्वजनिक परिवहन के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत हुई है। भोपाल के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान का प्रारूप जारी हो गया है। यह कई वर्षों से लंबित था। राज्य सरकार प्रदेश में अधोसंचरना विकास को आगे बढ़ा रही है। राज्य की आर्थिक समृद्धि के लिए उद्योग और व्यापार को बढ़ाया जा रहा है। युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश ने नई नीतियां लागू कर देश-दुनिया से निवेश आकर्षित किया है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में विकास धरातल पर नजर आने लगा है।

    छात्रों को लैपटॉप-स्कूटी देने वाला एमपी पहला राज्य
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं का विस्तार करते हुए हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों के लिए एयर एंबुलेंस, पर्यटकों के लिए पीएमश्री हेली सर्विस और आमजन को शहरों के बीच फ्लाइट कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाई जा रही है। हमारी सरकार ने इंदौर से अबुधाबी के लिए सीधी उड़ान शुरू की है। बहुत जल्द भोपाल से शारजाह के लिए एक और अंतरराष्ट्रीय उड़ान प्रारंभ की जाएगी। मध्यप्रदेश में बेहतर शिक्षा के लिए सभी प्रबंधन करते हुए सांदीपनि विद्यालयों प्रारंभ किए गए हैं। मेधावी बच्चों को लैपटॉप और स्कूटी बांटने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है।

  • उज्जैन में सिंहस्थ 2028 का मेगा प्लान शुरू, CM मोहन यादव ने खुद चलाई गेती

    उज्जैन में सिंहस्थ 2028 का मेगा प्लान शुरू, CM मोहन यादव ने खुद चलाई गेती

    उज्जैन.

    सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों के तहत शहर में सड़क चौड़ीकरण का काम तेज हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को अपने पैतृक मकान पर स्वयं गेती चलाकर सड़क चौड़ीकरण के लिए भवन हटाने की शुरुआत की।

    इसके साथ ही खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक मार्ग के चौड़ीकरण की कार्यवाही प्रारंभ हो गई।

    730 मीटर लंबे मार्ग का होगा चौड़ीकरण
    करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा। मार्ग चौड़ीकरण एवं विकास कार्य के लिए राज्य शासन द्वारा करीब 9.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

    सिंहस्थ में सुगम यातायात के लिए महत्वपूर्ण कदम
    यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण और व्यस्त संपर्क मार्गों में शामिल है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए मार्ग का चौड़ीकरण यातायात व्यवस्था को सुगम और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा का परिणाम: मध्य प्रदेश के शासकीय स्कूलों में लगातार सुधर रही है शिक्षा व्यवस्था।

    गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा का परिणाम: मध्य प्रदेश के शासकीय स्कूलों में लगातार सुधर रही है शिक्षा व्यवस्था।

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे निरंतर नवाचारों और सुधारों का सकारात्मक असर भी प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में दिखाई दे रहा है। पिछले 23 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बदलावों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की वजह से प्राथमिक शालाओं में विद्यार्थियों की ड्रॉप आउट दर शून्य तक पहुंच गई है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नवाचार के साथ गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार विद्यार्थियों को शिक्षा से सतत जोड़े रखने और उनकी पढ़ाई को रूचिकर एवं आसान बनाने में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साइकिल, स्कूटी, लैपटॉप, गणवेश और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को आर्थिक संबल प्रदान कर शिक्षा के लिये प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इन योजनाओं ने विद्यार्थियों की स्कूल तक पहुंच बढ़ाने के साथ ही उन्हें पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया है।

    इन योजनाओं से विद्यार्थियों का शासकीय स्कूलों के प्रति रूझान बढ़ा है। 

    स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नवाचार, तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं पर केंद्रित व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। पीएमश्री एवं सांदीपनि विद्यालयों, ई-हॉस्टल मैनेजमेंट सिस्टम, गृह संपर्क अभियान और व्यावसायिक शिक्षा जैसे नवाचारों से शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिल रही है।
    प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर विद्यार्थी को समान अवसर, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने और उनके सर्वांगीण विकास पर निरंतर काम किया जा रहा है।

    साइकिल योजना से 1 करोड़ से अधिक विद्यार्थी हुए लाभान्वित
    प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2004-05 में शासकीय स्कूलों की कक्षा 6वीं एवं 9वीं की छात्राओं को स्कूल आने-जाने में आने वाली परेशानी को दूर करने के लिये साइकिल योजना शुरू की गई। योजना अंतर्गत अब तक 1 करोड़ से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना पर प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 2,942.63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई हैं। 

    ड्रॉप आउट दर में आई उल्लेखनीय कमी

    प्रदेश के हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि ड्रॉप आउट दर में उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2002-03 में ड्रॉप आउट दर प्राथमिक स्तर पर 15% और माध्यमिक स्तर पर 24.70% थी। वर्ष 2025-26 में पहली बार प्राथमिक स्तर पर ड्रॉप आउट दर शून्य प्रतिशत हो गई है। माध्यमिक स्तर पर यह दर घटकर 6.2% और सेकंडरी स्तर पर 13.0% रह गई है।

    व्यावसायिक शिक्षा में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी

    व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों को रोजगारोंमुखी और कौशल विकास के लिये भी शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में कक्षा 9वीं से 12वीं तक व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम संचालित करने वाले विद्यालयों की संख्या बढ़कर 3,367 हो गई है, जो देश में सर्वाधिक है। वर्ष 2024-25 में 4.06 लाख विद्यार्थियों एवं वर्ष 2025-26 में 5,98,452 विद्यार्थियों ने इन पाठ्यक्रमों में नामांकन कराया। पिछले दो वर्षों में 1,010 विद्यालयों में एग्रीकल्चर ट्रेड प्रारंभ किया गया है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से जनवरी 2026 में प्रदेश के सभी हाई एवं हायर सेकंडरी विद्यालयों में कॅरियर सप्ताह एवं कॅरियर मेले का आयोजन भी किया गया।

    वर्ष 2003 की तुलना में चार गुना से अधिक बढ़ा शिक्षा बजट

    शासकीय स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश सरकार ने शिक्षा बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। वर्ष 2002-03 में शिक्षा का बजट 2,456 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर 9,623.12 करोड़ रुपये हो गया है। इस प्रकार वर्ष 2003 की तुलना में शिक्षा बजट में लगभग चार गुना वृद्धि हुई है।

    अब तक प्रदेश के 23,000 से अधिक विद्यार्थियों को मिल चुकी है स्कूटी

    प्रदेश सरकार द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2022-23 से मुख्यमंत्री स्कूटी योजना संचालित की जा रही है। कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 70% अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों के नियमित विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलता है। प्रदेश सरकार द्वारा योजना शुरू होने से अब तक 23 हजार 487 विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना पर लगभग 246 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार द्वारा व्यय किए जा चुके हैं। मोटराइज्ड स्कूटी के लिए अधिकतम 90 हजार रुपये और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। 

     

  • ‘हनुमान अंश’ के गायक सुनील लोधी से मिले CM मोहन यादव, आंखों के इलाज का कराया ऐलान

    ‘हनुमान अंश’ के गायक सुनील लोधी से मिले CM मोहन यादव, आंखों के इलाज का कराया ऐलान

    नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर आंधी बनकर आई है. 2 करोड़ में बनी फिल्म ने अब तक 111 करोड़ रुपये कमा डाले हैं. फिल्म के साथ-साथ इसकी स्टारकास्ट और सिंगर भी चर्चा में आ चुके हैं. फिल्म का गाना 'मैंने तेरे ही भरोसे' खूब सुना जा रहा है. इस गाने को बुंदेलखंड के नेत्रहीन सिंगर सुनील लोधी ने गाया है. 'मैंने तेरे ही भरोसे' सुनकर हनुमान भक्त सुनील लोधी के मुरीद हो गए हैं.

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बुंदेली गायक सुनील लोधी से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान सीएम ने सरकार की ओर से सुनील की आंखों के इलाज कराने का ऐलान किया. साथ ही उन्हें एक लाख रुपये की सम्मान निधि देने की भी घोषणा की गई.

    सीएम आवास में हुई मुलाकात
    4 सितंबर 2026 को सुनील लोधी अपने माता-पिता के साथ भोपाल स्थित सीएम आवास पहुंचे. वहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका स्वागत किया. सुनील ने तंबूरा बजाते हुए अपना मशहूर भजन सीएम को सुनाया. सीएम ने उनकी आवाज और प्रतिभा की खूब तारीफ की. मुख्यमंत्री ने सुनील से वादा किया कि सरकार उनकी आंखों का इलाज कराएगी. इसके लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स से जांच करवाई जाएगी. इलाज के बाद देखा जाएगा कि रोशनी लौट सकती है या नहीं. सीएम ने सुनील की संगीत शिक्षा पूरी कराने में भी मदद का भरोसा दिलाया. साथ ही सुनील को प्रदेश के संस्कृति विभाग से जोड़ने की भी बात कही.

    प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए सीएम ने सुनील को एक लाख रुपये की सम्मान निधि देने का ऐलान किया. यह राशि उनकी मेहनत और सफलता के सम्मान में दी जा रही है. सीएम ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए हर संभव मदद मिलेगी. मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में सुनील का भजन गाते हुए दिखाया गया है. सीएम ने लिखा कि सागर जिले के प्रतिभाशाली युवा बुंदेली गायक सुनील लोधी और उनके माता-पिता का सम्मान किया गया.

    सुनील लोधी ने कहा कि उन्हें इतना प्यार मिलकर बहुत अच्छा लगा. उन्होंने बताया कि हनुमान जी की कृपा से ही यह फिल्म इतनी अच्छी बनी. सीएम से मिलकर उन्हें बहुत खुशी हुई. अब उन्हें उम्मीद है कि उनकी आंखों की रोशनी लौट सकती है.

  • ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “माटी गणेश – सिद्ध गणेश” अभियान का शुभारंभ किया

    ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “माटी गणेश – सिद्ध गणेश” अभियान का शुभारंभ किया

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में *"माटी गणेश – सिद्ध गणेश"* अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा अभियान की संकल्पना पर केंद्रित पोस्टर का विमोचन भी किया गया।

    परिषद द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नवाचारी पहल करते हुए यह अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत पर्यावरण हितैषी संस्था नर्मदा समग्र द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के समस्त 313 विकासखंडों में परिषद के नेटवर्क से जुड़ी नवांकुर सखियों प्रसफुटन समितियों, विद्यालय, महाविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

    प्रशिक्षित सखियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अपने-अपने ग्रामों में स्थानीय महिलाओं को प्रेरित एवं प्रशिक्षित कर मिट्टी से निर्मित 10 लाख गणेश प्रतिमाओं की घर-घर स्थापना कराई जाएगी। अभियान का लक्ष्य 10 लाख मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमाओं का निर्माण कर 25 लाख लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है।