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  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव 22 अक्टूबर को मुंबई में इंडिया केम-2026 के उद्घाटन सत्र में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 22 अक्टूबर को मुंबई में इंडिया केम-2026 के उद्घाटन सत्र में होंगे शामिल

    रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग के मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को सामने रखने का अवसर

    तीन दिवसीय सम्मेलन में वैश्विक निवेश संवाद, तकनीकी विकास और औद्योगिक विस्तार से जुड़े विषयों पर होगा मंथन

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार, 22 अक्टूबर को मुंबई में होने वाले तीन दिवसीय इंडिया केम 2026 के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय तथा फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 14वें द्विवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग से जुड़े प्रमुख उद्योगपति, निवेशक, विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल होंगे। इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस सेक्टर में मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश के अवसरों ,अधोसंरचना एवं राज्य की नीति को निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से साझा करेंगे ।

    पहले दिन वैश्विक उद्योग जगत के साथ होगा कारोबारी संवाद
    इंडिया केम-2026 के पहले दिन उद्घाटन सत्र के बाद प्रदर्शनी का अवलोकन, मुख्य कार्यपालक अधिकारियों का फोरम और कारोबारी नेटवर्किंग के कार्यक्रम होंगे। सम्मेलन में भारत-अमेरिका, भारत-जापान तथा भारत-यूरोपीय संघ के रसायन एवं पेट्रोकेमिकल फोरम आयोजित किए जाएंगे। इन मंचों पर विभिन्न देशों के उद्योग प्रतिनिधियों के बीच व्यापार, औद्योगिक सहयोग और निवेश की संभावनाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। पहले दिन रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले उद्योगों को पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

    विशेष रसायन से लेकर औद्योगिक अधोसंरचना तक पर चर्चा
    सम्मेलन के दूसरे दिन, 23 अक्टूबर को विशेष रसायन, पेट्रोकेमिकल, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग के लिए अधोसंरचना, पर्यावरणीय विषयों, संयंत्र एवं मशीनरी, पंप और वाल्व तथा कृषि रसायन पर केंद्रित परिचर्चाएं होंगी। इन सत्रों में उद्योगों की जरूरतों, उत्पादन प्रक्रियाओं, तकनीकी सुधार और पर्यावरण संबंधी चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। तीसरे दिन, 24 अक्टूबर को भी प्रदर्शनी जारी रहेगी। तीनों दिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को क्षेत्र की नई संभावनाओं और व्यावसायिक सहयोग के अवसरों पर संवाद का अवसर मिलेगा।

    मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर रहेगा फोकस
    रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग विनिर्माण, औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला और सहायक उद्योगों के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इस क्षेत्र में निवेश बढ़ने से उत्पादन गतिविधियों के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों की संभावनाएं भी बनती हैं। इंडिया केम-2026 जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद मध्यप्रदेश में रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र से संबंधित निवेश अवसरों को सामने रखने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों को पदक जीतने के लिए दी बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों को पदक जीतने के लिए दी बधाई

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत को एशियन पैरा गेम्स में प्राप्त शानदार दोहरी सफलता के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी है। एशियन पैरा गेम्स : 2026 में पुरुषों की 100 मीटर टी 47 स्पर्धा में, 10.69 सेकंड के बेहतरीन समय के साथ स्वर्ण पदक जीतकर श्री दिलीप महादु गावित ने राष्ट्र का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री दिलीप को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामना की है।

    भारत के लिए डबल गोल्ड, डबल गौरव
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशियन पैरा गेम्स : 2026 में महिलाओं की 100 मीटर टी 12 स्पर्धा में 12.02 सेकंड के शानदार गेम्स रिकॉर्ड के साथ अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीतने पर सिमरन को भी हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रजत पदक हासिल करने पर श्री मोहम्मद बासिल एम. को भी बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री मोहम्मद बासिल एम ने ट्रैक पर गति, कौशल और दृढ़ संकल्प का अद्भुत प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी खिलाड़ियों द्वारा भविष्य में भी श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए कामना की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एशियन पैरा गेम्स-2026 में भारतीय एथलीट सुश्री प्रीति पाल को महिलाओं की 100 मीटर टी 35 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतने पर बधाई दी है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की योजना की समीक्षा, मध्यप्रदेश बनेगा देश का मिल्क कैपिटल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की योजना की समीक्षा, मध्यप्रदेश बनेगा देश का मिल्क कैपिटल

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आय बढ़ाने में पशुपालन का विशेष योगदान है। प्रदेश को देश का मिल्क कैपिटल बनाने के उद्देश्य से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने, गौवंश के संवर्धन और संरक्षण तथा पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा समावेशी प्रयास और नवाचार किए जा रहे हैं। प्रदेश की सभी 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में विकसित हो रहे मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना अन्य ग्रामों के लिए उदाहरण और प्रेरणा का स्त्रोत बनेंगे। यह नवाचार प्रदेश में गौपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। योजना के क्रियान्वयन में सभी संबंधित विभाग परस्पर समन्वय से कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मंत्रालय में योजना की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में दिए। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल उपस्थित थे।

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 129 ग्रामों में दूध समितियों का गठन किया जा चुका हैं। इनमें से 70 ग्रामों में दुग्ध संघ की गतिविधियां संचालित हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा सभी वृंदावन ग्रामों को क्षीर सागर योजना में शामिल किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नस्ल सुधार, पशुओं के लिए पोषण, उपचार जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। बैठक में वृंदावन ग्रामों में संचालित गौशालाओं तथा उनके विकास के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी भी दी हैं।

    MP में 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में विकसित होंगे वृंदावन ग्राम
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात मंत्रालय में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना केवल गौवंश संरक्षण तक सीमित नहीं है। इसका सीधा उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पशुपालकों की आय बढ़ाने से भी जुड़ा है। ऐसे में योजना से जुड़े सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल भी मौजूद रहे।

    129 गांवों में बनीं दूध समितियां, 70 में शुरू हुई दुग्ध संघ की गतिविधियां
    बैठक में योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश के 129 गांवों में दूध समितियों का गठन किया जा चुका है। इनमें से 70 गांवों में दुग्ध संघ से जुड़ी गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सरकार का फोकस गांव स्तर पर दूध उत्पादन और उसके व्यवस्थित संग्रहण से लेकर दुग्ध क्षेत्र से जुड़े कामों को मजबूत करने पर है। इससे पशुपालकों को संगठित तरीके से दुग्ध उत्पादन से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    क्षीर सागर योजना से जोड़े जाएंगे सभी वृंदावन ग्राम
    पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से बताया गया कि सभी मुख्यमंत्री वृंदावन ग्रामों को क्षीर सागर योजना में शामिल किया जा रहा है। इसके तहत पशुओं की नस्ल सुधार, बेहतर पोषण और उपचार जैसी सुविधाओं पर काम किया जाएगा। नस्ल सुधार से बेहतर दुग्ध उत्पादन की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं पशुओं के पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देकर पशुपालकों को अधिक उत्पादक पशुधन उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

    गौशालाओं के विकास पर भी रहेगा फोकस
    बैठक में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्रामों में संचालित गौशालाओं और उनके विकास के लिए चल रही गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। सरकार का प्रयास है कि गौशालाओं और पशुपालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए, ताकि गौवंश संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिल सके।

    मुख्यमंत्री ने योजना से जुड़े सभी कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सरकार का लक्ष्य है कि मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को नई दिशा दे और किसानों-पशुपालकों की आय बढ़ाने में उपयोगी साबित हो।

  • इंदौर में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीसी से जुड़े

    इंदौर में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीसी से जुड़े

    पद्मश्री निकम का राज्य सरकार की ओर से किया अभिनंदन

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को सामाजिक संस्था 'सार्थक' द्वारा इंदौर में आयोजित एक समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित किया। यह समारोह देश के प्रसिद्ध विशेष लोक अभियोजक एवं वर्तमान में राज्यसभा सांसद पद्मश्री उज्ज्वल निकम के जीवनवृत पर केंद्रित फीचर फिल्म 'प्रहार' के प्रमोशन को लेकर आयोजित किया गया था।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के लिए जीना ही वास्तविक जीना है। निकम ने अपनी प्रखर राष्ट्रवादी एवं अत्यंत तर्कपूर्ण दलीलों से मुम्बई आतंकवादी हमले के जीवित आरोपी को अंततः सज़ा दिलाकर एक नई मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि इस केस में जीत हासिल कर निकम ने न्याय के प्रति देशवासियों की आस्था और विश्वास को और भी मजबूती दी। संघर्षपूर्ण जीवन के बावजूद निकम ने न केवल अपने नाम 'उज्ज्वल' को 'सार्थक' किया, अपितु न्याय सेवकों की भावी पीढ़ी (पब्लिक प्रासिक्यूटर्स) के लिए भी एक मानक स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मश्री उज्ज्वल निकम का व्यक्तिश: और पूरी सरकार की ओर से मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

    कार्यक्रम को उज्ज्वल निकम एवं अन्य ने भी संबोधित किया। उल्लेखनीय है कि उज्ज्वल निकम ने सालों पहले देश की कमर्शियल कैपिटल मुम्बई पर हुए सुनियोजित आतंकी हमले में मुठभेड़ के बाद जीवित पकड़े गए आतंकवादी अज़मल कसाब के विरुद्ध पैरवी कर उसे सज़ा दिलाई थी। इनके जीवन पर केंद्रित फीचर फिल्म प्रहार में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता राजकुमार राव ने निकम का किरदार निभाया है।

    कार्यक्रम में पद्मश्री भालू मोंढे, जीतू जिराती, श्रीमती ज्योति उज्ज्वल निकम (ज्योतिजी मूलतः धार जिले से हैं), सार्थक संस्था के संस्थापक दीपक जैन (टीनू), राहुल सेठी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

     

  • प्रधानमंत्री मोदी के संवेदनशील एवं जनहितैषी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार

    प्रधानमंत्री मोदी के संवेदनशील एवं जनहितैषी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार

    भोपाल
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम' को वित्त वर्ष 2030-31 तक निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया है। कुल 53 हज़ार 428 करोड़ रूपए की इस योजना से देशभर के 3 करोड़ 20 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी निर्णयों के लिए प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा दिव्यांगजन पेंशन की पात्रता का दायरा बढ़ाने और सहायता राशि में वृद्धि का निर्णय भी लिया गया है। अब 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर भी लाभ मिल सकेगा। पेंशन के लिए न्यूनतम आयु सीमा भी समाप्त कर दी गई है। यह दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा का सम्बल देने तथा उनके जीवन को और अधिक सम्मानपूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

     

  • मध्यप्रदेश सरकार का किसानों पर फोकस, कृषि विकास और किसान कल्याण के लिए लगातार हो रहे प्रयास

    मध्यप्रदेश सरकार का किसानों पर फोकस, कृषि विकास और किसान कल्याण के लिए लगातार हो रहे प्रयास

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास के लिये प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि उपज मंडी समिति प्रांगण, देवास में आयोजित 'बलराम कृषि महोत्सव' एवं जिला स्तरीय किसान मेले का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों एवं अन्नदाताओं को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी की पावन धरा पर कृषि विभाग द्वारा किसानों के हित में आयोजित यह महाअभियान अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि माताजी की कृपा और शासन के कड़े निर्णयों से प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्ति मिली है। देवास के किसानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिले के अन्नदाता उन्नत तकनीकों और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में कई उत्कृष्ट नवाचार कर रहे हैं, जिससे देवास पूरे प्रदेश में कृषि क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल बनकर उभर रहा है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपेक्स बैंक प्रशासक श्री महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा भाव को आगे बढ़ाते हुए देवास प्रदेश का 45वां जिला है, जहां बलराम कृषि महोत्सव का भव्य आयोजन हो रहा है। विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों और देवास मंडी व्यवस्था को अभूतपूर्व संबल प्रदान किया है।

    किसान मेले का मुख्य उद्देश्य कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, प्राकृतिक व जैविक खेती तथा श्रीअन्न (मिलेट मिशन) को बढ़ावा देना रहा। मेले में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा रबी सीजन के दृष्टिगत कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों जैसे गेहूं, चना, मसूर एवं सरसों की प्रमाणित किस्मों पर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया।

    मंडी प्रांगण में आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रिप-स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों एवं कृषि नवाचारों की भव्य प्रदर्शनी भी लगाई गई। समारोह के दौरान देवास जिले के प्रगतिशील किसानों ने अपने नवाचारों के अनुभव भी साझा किए। इसमें देवास विकासखण्ड के ग्राम छोटी चुरलाय निवासी कृषक श्री धर्मेन्द्र सिंह राजपूत ने प्राकृतिक और आधुनिक खेती के समन्वय से मॉडल फार्मिंग और आय वृद्धि के बारे में बताया, ग्राम कनोरिया की श्रीमती पवित्रा नागर ने प्राकृतिक खेती के तरीकों और उसके परिणामों पर चर्चा की, सोनकच्छ के ग्राम अरनिया कला निवासी श्री नारायण सिंह सेंधव ने शेडनेट व पॉलीहाउस के जरिए उद्यानिकी फसलों के प्रबंधन की जानकारी दी, ग्राम पोलाय जागीर के श्री लक्ष्मीनारायण ने किसान उत्पादक संगठन के जरिए उत्पादों की मार्केटिंग व्यवस्था पर प्रकाश डाला तथा टोंकखुर्द के ग्राम चौबारधीरा की श्रीमती संगीता कुशवाह ने प्राकृतिक खेती के सफल क्रियान्वयन के व्यावहारिक अनुभव साझा किए।

    कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन एवं नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले कृषकों में आधुनिक खेती के लिए देवास के श्री धर्मेन्द्र सिंह राजपूत, उन्नत पशुपालन के लिए श्री दौलत यादव, प्राकृतिक खेती के लिए श्रीमती पवित्रा नागर तथा फसल विविधीकरण के लिए ग्राम मेंडकी धाकड़ के श्री जगदीश नागर शामिल हैं। इसी क्रम में उद्यानिकी फसल (शेडनेट एवं पॉलीहाउस) हेतु सोनकच्छ के श्री नारायण सिंह सेंधव, एफपीओ मार्केटिंग के लिए श्री लक्ष्मीनारायण, प्राकृतिक खेती के लिए टोंकखुर्द की श्रीमती संगीता कुशवाह, खातेगांव की श्रीमती चिंताबाई कुमरे एवं बागली के श्री बांकेसिंह कर्मा को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त कन्नौद विकासखण्ड के ग्राम खेरखेड़ा से प्राकृतिक खेती के सफल क्रियान्वयन एवं प्रसार के लिए श्रीमती ज्योति राव तथा श्री रामभरोसे बैरागी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला भेरूलाल अटारिया, महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल, डॉ. रायसिंह सेंधव, पूर्व देवास विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री राजेश यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं किसान उपस्थित रहे।

  • अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सीएम मोहन यादव ने बेटियों को दी बधाई, हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देने पर जोर

    अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सीएम मोहन यादव ने बेटियों को दी बधाई, हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देने पर जोर

    भोपाल
     मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर प्रदेश की सभी बेटियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में बेटियों को शक्ति, साहस और आत्मविश्वास का स्वरूप बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे अपनी प्रतिभा के दम पर हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि प्रदेश की बेटियों के सपनों को नए पंख मिलें और उन्हें शिक्षा, विकास तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के भरपूर अवसर प्राप्त हों। उन्होंने बेटियों की क्षमताओं पर विश्वास जताते हुए कहा कि वे अपनी मेहनत, प्रतिभा और आत्मविश्वास से समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

    बेटियां बनें शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर
    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बेटियों को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें और अपनी रुचि व योग्यता के अनुसार भविष्य का निर्माण कर सकें।

    बेटियों का सशक्त होना परिवार, समाज और देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। जब लड़कियों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलते हैं, तो वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं। शिक्षा और आत्मविश्वास के माध्यम से बेटियां अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने में सक्षम बनती हैं।

    हर क्षेत्र में आगे बढ़ें बेटियां
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बेटियों को अपने सपनों को पूरा करने और जीवन में नई उपलब्धियां हासिल करने के अवसर मिलने चाहिए। वे शिक्षा, विज्ञान, खेल, तकनीक, प्रशासन, व्यवसाय और अन्य क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकती हैं।

    उन्होंने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश और देश के विकास में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। बेटियों को प्रोत्साहन और सहयोग देकर उनकी प्रतिभा को आगे लाया जा सकता है।

    बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का संदेश
    अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन समाज को याद दिलाता है कि प्रत्येक बालिका को सम्मानजनक जीवन जीने, अपनी प्रतिभा विकसित करने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में भरोसा दिलाया कि बेटियां अपने सपनों को साकार करें और प्रदेश व देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं, इसके लिए हर कदम पर उनके साथ खड़े रहने का संकल्प जरूरी है।

  • प्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का महत्वपूर्ण योगदान है :- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का महत्वपूर्ण योगदान है :- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का बड़ा योगदान है। हमारा अनूपपुर जल संपदा से संपन्न है। जिले में केवई उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधा को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में तकनीक और नवाचार से कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता का विस्तार करना हमारा लक्ष्य है। प्रदेश में कुछ समय बाद किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में जारी सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत किसान हितैषी योजनाओं की जानकारियां अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा की जायें। राज्य सरकार युवाओं, गरीबों, महिलाओं और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ज्वार, बाजरा जैसे श्रीअन्न के साथ-साथ धान उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू हो गया है। उन्होंने किसान भाइयों से समय रहते पंजीयन कराने का आह्वान किया।  ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री निवास से अनूपपुर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में वर्चुअली जुड़कर किसान बंधुओं से संवाद किया।

    राज्य सरकार हर कदम पर किसान भाईयों के साथ है
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान चौपालें लगाकर किसान हितैषी योजनाओं का प्रसार-प्रचार किया जाए। किसान चौपालों के माध्यम से किसानों की समस्याओं का भी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि अनूपपुर में धान, गेंहू, दलहन और तिलहन के उत्पादन के साथ हमारे किसान नई तकनीक और नई फसलों को अपना रहे हैं। किसानों द्वारा मशरूम और स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाइयों को पशुपालन, दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियां अपनाते हुए नवीन तकनीक और नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि का भविष्य उज्जव है, किसान भाई अपने बच्चों को कृषि उद्योगों से जोड़े। राज्य सरकार हर कदम पर किसान भाईयों के साथ है।

    ग्रामीण भाईयों को मिलेंगे सुगम परिवहन सेवा और नि:शुल्क रजिस्ट्री के लाभ
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आरंभ हुई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना का लाभ दूरदराज के गांव वालों को मिलेगा। ग्रामीण भाईयों के लिए नि:शुल्क रजिस्ट्री की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा आरंभ की गई है। राज्य सरकार बच्चों की बेहतर पढ़ाई और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया किसान भाईयों से संवाद
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाईयों क्रमश: रमेश सिंह, अरूणकुमार चंद्रवंशी, प्रेमलाल केवट, रामभजन और माधव सिंह राठौर से उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने, प्राकृतिक खेती, शासकीय योजनाओं और पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन के संबंध में बातचीत की। अनूपपुर के कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में अपेक्स बैंक भोपाल के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव, विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति रमेश उपस्थित रहे

  • जिस घर में जन्मे, छोटे से बड़े हुए, खेले-कूदे…,’ कहते-कहते भावुक हुए सीएम डॉ. यादव, अपने ही घर पर आखिर क्यों चलाई गैंती?

    जिस घर में जन्मे, छोटे से बड़े हुए, खेले-कूदे…,’ कहते-कहते भावुक हुए सीएम डॉ. यादव, अपने ही घर पर आखिर क्यों चलाई गैंती?

    भोपाल/उज्जैन
     मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री जन-कल्याण के लिए कितना समर्पित हैं, वे सादगी कितनी पसंद करते हैं इसका अंदाजा इस बात से लग जाता है कि उन्होंने सिंहस्थ महाकुंभ, उज्जैन के समग्र विकास के लिए अपने पैतृक निवास और जन्मस्थान को भी समर्पित कर दिया। उन्होंने खुद गैंती चलाकर मकान का हिस्सा तोड़ा। पैतृक घर जनता को समर्पित करते वक्त प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव भावुक नजर आए। उनका मानना है कि जहां जन्म हुआ हो, उस घर को तोड़ना पड़े तो मन पर असर होता है। लेकिन, विकास के लिए यह बलिदान दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह कदम उज्जैन के विकास और जन-सुविधाओं के विस्तार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    गौरतलब है कि सीएम डॉ. यादव 27 सितंबर को अपने पुश्तैनी घर पहुंचे। उन्होंने यहां अपने पैतृक घर के बाहर पूजा-अर्चना की और फिर गैंती लेकर विकास की नई नींव रखी। इसे लेकर उन्होंने मीडिया से कहा कि  जिस घर में छोड़े से बड़े हुए हों, खेले-कूदे हों, उसको तोड़ना पड़े तो मन पर प्रभाव होना स्वाभाविक है। अगर सिंहस्थ के लिए जरूरी है तो हमें यह बलिदान देना ही चाहिए। हम सब मिलकर वो कर रहे हैं। पूरा देश इस बात को देख रहे हैं कि लोग अपने मकान को आनंद से तोड़ रहे हैं। ताकि, दूसरों को मदद मिले।

    उज्जैन ने पेश किया उदाहरण
    सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से कहा कि जब मैं पहली बार साइंस कॉलेज से चुनाव जीतकर आया, तब जॉइंट सेक्रेटरी का चुनाव लड़ा, फिर प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ा और उसके बाद भी जब-जब चुनाव लड़ा, हर चुनाव में मेरे सामने एक बात रही। आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए हमें अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। मैं मानता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दृष्टि से एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वे व्यक्तिगत हितों से परे रहकर नियम, कानून और सुशासन के लिए आवश्यक सभी विषयों को प्राथमिकता देते हैं। उनके सार्वजनिक जीवन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उज्जैन के लोगों ने अपना मकान खुद पीछे हटाया, ये आदर्श उदाहरण है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, लेकिन 40 करोड़  लोगों के आने का बोझ है। सबने योगदान दिया । मैं अपनी सरकार को भी धन्यवाद देता हूं। जिसने बिना भेदभाव के चाहे वो हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, पारसी, सबने अपने देवस्थान तक पीछे किए। इससे सरकार पर विश्वास बनता है।। यही उज्जैन का आदर्श है, इसी से सरकार पर भरोसा बनता है।

    सार्वजनिक हित पहले
    बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सार्वजनिक हित को सर्वोपरि माना है। सिंहस्थ की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अपना पैतृक मकान भी परियोजना की निर्धारित सीमा में आ रहा है। उन्होंने अपने घर पर कुदाल चलाकर यह संदेश दिया है कि विकास योजना का असर व्यक्तिगत संपत्ति तक भी पहुंचा है। सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में उनके परिवार की संपत्ति भी उसी प्रशासनिक प्रक्रिया के दायरे में है, जो अन्य प्रभावित भवनों पर लागू है। सीएम डॉ. यादव ने दशकों पुरानी पारिवारिक यादों से जुड़े घर के बावजूद सिंहस्थ के लिए जरूरी शहरी बदलाव को सार्वजनिक हित के रूप में देखा। पैतृक मकान का प्रभावित होना उस बड़े बदलाव का हिस्सा है, जिसके तहत सिंहस्थ-2028 से पहले पुराने उज्जैन की सड़क, यातायात और शहरी अधोसंरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

    मार्ग का होना है चौड़ीकरण
    उल्लेखनीय है कि उज्जैन की खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक लगभग 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किए जाने की कार्यवाही प्रारंभ की गई है। मार्ग चौड़ीकरण एवं विकास कार्य के लिए राज्य शासन द्वारा प्रदत्त लगभग 9.80 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जाएगी। यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण एवं व्यस्त संपर्क मार्गों में शामिल है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं एवं वाहनों की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए मार्ग का चौड़ीकरण यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।

  • प्रदेश में पानी पर भी बिजली और पानी से भी एनर्जी स्रोत मजबूत हुए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश में पानी पर भी बिजली और पानी से भी एनर्जी स्रोत मजबूत हुए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित हिंदू इकोनॉमिक फोरम के कार्यक्रम में उद्योगपतियों को प्रदेश की उद्योग नीति और औद्योगिक विकास के प्रति शासन की प्रतिबद्धता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज उन क्षेत्रों में अग्रणी है, जो उद्योगों के लिए सबसे आवश्यक और महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सरप्लस बिजली के साथ पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पानी पर सोलर पैनल से भी बिजली बनाई जा रही है। साथ ही पानी से एनर्जी के भी स्रोत मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के नए सेक्टर पर लगातार कार्य किया जा रहा है। इसमें धार्मिक पर्यटन के साथ मेडिकल टूरिज्म भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आर्थिक विकास के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार शाम होटल शेरेटन, इंदौर में हिंदू इकोनॉमिक फोरम के इंदौर चैप्टर के शुभारंभ कार्यक्रम में ‘अर्थ अभ्युदय’ विषय पर मुख्य संबोधन दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002-03 में मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये हुआ करती थी। वर्ष 2022 तक यह बढ़कर 1 लाख 40 हजार रुपये और वर्ष 2026 में 1 लाख 67 हजार रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि 10 से 12 वर्षों का समयकाल बहुत बड़ा नहीं होता, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की आर्थिक ग्रोथ बढ़ाकर विकास के पहिये को गति देने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए अब तक हुए एमओयू को जमीन पर उतारने में सफलता मिल रही है। शासन की मंशा प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने और अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की है। मध्यप्रदेश में उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

    भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार श्री वी. अनंता नागेश्वरन ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में देश की विकास दर 7.8 प्रतिशत है और आने वाले वर्षों में इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत का विदेशों के साथ व्यापार लगातार बढ़ रहा है। कार्यक्रम में फोरम के प्रमुख विज्ञानान्द ने भी संबोधित किया।

    कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के अब तक तीन आयोजन देश-विदेश में हो चुके हैं। पहला आयोजन वर्ष 2014 में नई दिल्ली में हुआ था। इसके बाद वर्ष 2018 में अमेरिका के शिकागो शहर में और वर्ष 2023 में थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस का आयोजन हुआ। वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस का चौथा आयोजन आगामी 18 से 20 दिसंबर 2026 तक मुंबई में होगा। कार्यक्रम में वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के कार्यक्रमों पर आधारित वृतचित्र भी दिखाया गया।