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  • अमृतसर में बड़ा धार्मिक समागम आज, CM मान-केजरीवाल रहेंगे मौजूद; हंसराज रघुवंशी के कार्यक्रम को लेकर ट्रैफिक प्लान जारी

    अमृतसर में बड़ा धार्मिक समागम आज, CM मान-केजरीवाल रहेंगे मौजूद; हंसराज रघुवंशी के कार्यक्रम को लेकर ट्रैफिक प्लान जारी

     अमृतसर

    मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज अमृतसर आएंगे। वे पाइटेक्स ग्राउंड, रंजीत एवेन्यू में आयोजित भगवान शिव के नाम एक शाम कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी भगवान शिव की महिमा का गुणगान करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सनातन सेवा समिति पंजाब तथा पंजाब सरकार के पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है।

    कार्यक्रम शनिवार शाम 6:30 बजे शुरू होगा। संत-महापुरुषों, विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। आयोजन में प्रवेश सभी श्रद्धालुओं के लिए पूर्णतः निःशुल्क रहेगा।

    कार्यक्रम स्थल पर विशाल मंच और भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल, पार्किंग, चिकित्सा एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

    शुक्रवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सलाहकार दीपक बाली, जिलाधीश दलविंदरजीत सिंह, पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर तथा सनातन सेवा समिति पंजाब के अध्यक्ष विजय शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया और तैयारियों की समीक्षा की। 

    मुख्यमंत्री मान और केजरीवाल करेंगे शिरकत
    राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी विशेष रूप से शामिल होंगे। दोनों नेता भगवान शिव के चरणों में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना करेंगे।

    समय पर पहुंचने की अपील
    पंजाब सरकार के अनुसार, इस राज्य स्तरीय धार्मिक समागम का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। आज शाम होने वाले इस समागम को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। आयोजकों ने लोगों से समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

    4 पॉइंट्स में पढ़ें जारी ट्रैफिक एडवाइजरी:-
        एडीसीपी ट्रैफिक अमनदीप कौर ने बताया कि हरतेज अस्पताल से गुमटाला रोड और टी-पॉइंट (इन-आउट बेकरी) से कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्ग पर विशेष ट्रैफिक प्रबंधन लागू रहेगा। आम लोगों से अपील की गई है कि अत्यंत आवश्यक कार्य न होने पर इन मार्गों का उपयोग करने से बचें।

        रंजीत एवेन्यू जाने वाले वाहन चालक रतन सिंह चौक, एम.के. होटल रोड, बेस्ट वेस्टर्न रोड और सी-मार्केट टी-पॉइंट से होकर जाने वाले वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें। वहीं, शहर के बाहर से आने वाले लोगों को आईटीआई–आनंद पार्क मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।

        कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि प्रमुख चौराहों पर पुलिस कर्मी लगातार निगरानी रखेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने या किसी भी प्रकार की शरारती गतिविधि में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

        ट्रैफिक पुलिस ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है। इससे धार्मिक समागम के शांतिपूर्ण संचालन के साथ लोगों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं
    सरकार की ओर से आयोजन स्थल पर पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष प्रबंध किया गया है। आयोजकों ने लोगों से समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

    ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव
    कार्यक्रम के दौरान रंजीत एवेन्यू और आसपास के इलाकों में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार हरतेज अस्पताल से गुमटाला रोड तथा इन-आउट बेकरी टी-पॉइंट से कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात नियंत्रित किया जाएगा।

  • रोजगार और सियासत साथ-साथ: भगवंत मान ने बांटे नियुक्ति पत्र, धुरी में विपक्ष पर किया हमला

    रोजगार और सियासत साथ-साथ: भगवंत मान ने बांटे नियुक्ति पत्र, धुरी में विपक्ष पर किया हमला

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अलग-अलग विभागों में उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। चंडीगढ़ के म्युनिसिपल भवन में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गयया। अब तक पंजाब सरकार 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है।इस दाैरान मान ने कहा कि आज अलग-अलग विभागों के 355 युवा लड़के-लड़कियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। आने वाले दिनों में पंजाब सरकार इन युवा लड़के-लड़कियों को और भी कई नौकरियां देगी। ये नौकरियां मेरिट के आधार पर दी जाएंगी। 

    युवाओं ने खुद अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इसके लिए उन्हें कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा और न ही किसी सिफारिश की जरूरत पड़ी। इसलिए मैं सभी को बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं। 

    भाजपा पर साधा निशाना
    इस दाैरान सीएम ने भाजपा पर निशाना साधा। मान ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री धुरी आए थे और आप जानते ही हैं कि उनके सामने कितने लोग बैठे थे। वह एक फ्लॉप शो था। पंजाब के लोग भाजपा को बिल्कुल भी पसंद नहीं करेंगे क्योंकि पंजाब की जनता और किसानों ने भाजपा का नफरत भरा चेहरा देख लिया है।  

    युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब न सिर्फ नौकरियां पैदा कर रहा है बल्कि ऐसे मौके भी पैदा कर रहा है जो युवाओं को अपने प्रदेश में रहने, आगे बढ़ने और सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने हुनरमंद युवाओं के पलायन के रुझान को पलटने, 65,000 ठेका कर्मचारियों के लिए रेगुलर नौकरी का रास्ता खोलने, 25 नई आई.टी.आई. और 13 मौजूदा आई.टी.आई. संस्थानों के अपग्रेडेशन के माध्यम से हुनर विकास में बड़े निवेश की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप सरकार पंजाब के युवाओं को देश में रहकर ही अपना भविष्य बनाने के लिए उन्हें विश्वास भरने, उचित मौके और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। तकनीकी शिक्षा, सहकारिता, स्थानीय निकायों, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, पशुपालन, लोक निर्माण, आवास निर्माण एवं शहरी विकास तथा अन्य विभागों में नए चुने गए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन पंजाब सरकार के राज्य के युवाओं को रोजगार और सुशासन के माध्यम से सशक्त बनाने के चल रहे मिशन में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

    इस अवसर की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज 355 और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे अब तक दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 67,037 हो गई है। ये सारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर दी गई हैं। ऐसे समय में जब देश भर में नीट जैसे पेपर लीक हो रहे हैं, पंजाब ने ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ भर्ती प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करके और शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल करके मिसाल कायम की है। मैं नव-नियुक्त उम्मीदवारों से अपील करता हूं कि वे सरकारी दफ्तरों में वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों के काम को प्राथमिकता दें। ‘आप’ सरकार युवाओं के विदेशों की ओर पलायन को रोकने और उन्हें पंजाब में ही तरक्की के मौके प्रदान करके उनके सपनों को पंख देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    नव-नियुक्त उम्मीदवारों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार में उम्मीदवारों के चयन का एकमात्र मापदंड कड़ी मेहनत, समर्पण और योग्यता है। वह दिन गए जब सरकारी नौकरियां रिश्वत, सिफारिशों या राजनीतिक संबंधों के आधार पर बांटी जाती थीं। आज योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से नौकरियां दी जा रही हैं। इन युवाओं ने सफलता प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत की है और यह उनके सफर की सिर्फ शुरुआत है। उनके लिए तरक्की की उड़ान भरने के लिए आसमान खुला है और मैं सभी उम्मीदवारों को आगे और बड़े मुकाम हासिल करने के लिए प्रयासरत रहने की सलाह देता हूं।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज से ये नव-नियुक्त कर्मचारी सरकारी परिवार का एक अभिन्न अंग बन गए हैं और ये कर्मचारी खुशहाल व रंगला पंजाब के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “हम सब एकजुट होकर रंगला पंजाब की शान को बहाल करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। आपके हर एक की अब समाज और राज्य के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सरकार ने आपको मौके देकर अपना फर्ज निभाया है। अब आपकी बारी है कि आप ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा करें।

    पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के रिकॉर्ड की तुलना देश के अन्य हिस्सों की वर्तमान स्थिति से की। उन्होंने कहा, “2017 से अब तक देश भर में लगभग 93 परीक्षा पेपर लीक होने की रिपोर्ट मिली है। नीट समेत प्रमुख परीक्षाओं से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने लाखों युवाओं को निराश किया है। हालांकि, 2022 में हमारी सरकार के सत्ता संभालने के बाद पंजाब में एक भी पेपर लीक होने की घटना सामने नहीं आई है। इसका कारण यह है कि राज्य में एक ईमानदार सरकार काम कर रही है। होनहार विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और मेहनत के आधार पर नौकरियां और मौके मिल रहे हैं।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा मेरिट के आधार पर अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और हर नियुक्ति भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद या पक्षपात से मुक्त होकर की गई है। शिक्षा क्रांति के तहत सरकार द्वारा किए गए शिक्षा सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में शानदार बदलाव लाया है। उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी तो स्कूल शिक्षा में पंजाब देश भर में 27वें स्थान पर था। आज नीति आयोग के अनुसार पंजाब ने स्कूल शिक्षा में केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहले नंबर पर कब्जा कर लिया है। यह उपलब्धि इसलिए संभव हुई क्योंकि हमने सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और विश्व स्तरीय शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर के स्कूल अब अत्याधुनिक सुविधाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस हैं, जिससे स्कूलों में ऐसा माहौल सृजित हुआ है जो सीखने, नवाचार और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने आगे कहा, “विद्यार्थी हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि वे अब सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में जो बदलाव आया है, वह बेमिसाल है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में अब विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों ने सिंगापुर में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है। मुख्य शिक्षकों ने आईआईएम अहमदाबाद में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्राइमरी शिक्षकों ने फिनलैंड की तुर्कू यूनिवर्सिटी से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इन पहलकदमियों का उद्देश्य हमारे शिक्षकों की दक्षता बढ़ाना है ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम घरों और पिछड़े वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके उनके भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने कहा, “ये स्कूल ऑफ एमिनेंस आधुनिक शिक्षा के मंदिर के रूप में उभर रहे हैं। ये विद्यार्थियों के जीवन को रोशन कर रहे हैं और ऐसे मौके सृजित कर रहे हैं जो पहले अधिकांश परिवारों के लिए उपलब्ध नहीं थे। इन स्कूलों की सफलता का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थी अब स्कूल ऑफ एमिनेंस में दाखिला ले रहे हैं। यह सरकारी शिक्षा प्रणाली के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन स्कूलों के विद्यार्थियों को आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी कार्यक्रमों, नीट, जेईई, सीएलएटी, एनआईएफटी और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा, “हम अपने बच्चों को सिर्फ परीक्षाएं पास करने के लिए नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सफलतापूर्वक मुकाबला करने और हर क्षेत्र में बड़े पद हासिल करने के लिए तैयार कर रहे हैं। तकनीकी शिक्षा और हुनर विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाने और भविष्य के लिए तैयार करने के लिए ठोस कदम उठा रही है ताकि आधुनिक उद्योगों और उभरती प्रौद्योगिकियों की मांगों को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा, “हमने तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने और युवाओं में रोजगार योग्यता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। वर्तमान समय में 25 नई औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का निर्माण प्रगति पर है। इसके साथ ही मौजूदा 13 आई.टी.आई. को बेहतर बुनियादी ढांचे और आधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के आधुनिकीकरण के लिए 20 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा नंगल में 23 करोड़ रुपए की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है। यह संस्था अत्याधुनिक हुनर विकास और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण के लिए एक हब के रूप में काम करेगी और युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य के सभी 91 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सेमेस्टर इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, “यह पहल विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान उद्योगों से संबंधित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और नौकरी के लिए जरूरी हुनर हासिल करने योग्य बनाती है। हमारा उद्देश्य शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने के साथ-साथ राज्य के युवाओं को तेजी से बदल रही अर्थव्यवस्था की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार करना भी है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये पहलकदमियां भविष्य के लिए युवाओं को हुनरमंद करने, रोजगार योग्यता बढ़ाने और राज्य के युवाओं के लिए अधिक मौके सृजित करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। नए भर्ती हुए कर्मचारियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये कर्मचारी आगामी वर्षों में कड़ी मेहनत और समर्पण की भावना से अपने लिए विशिष्ट स्थान बनाएंगे। उन्होंने नव-नियुक्त कर्मचारियों को दृढ़ता और समर्पण की भावना से अपनी सेवाएं निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आगे कहा, “कड़ी मेहनत ही सफलता की एकमात्र कुंजी है। पंजाब विकास और खुशहाली के लिए असीम मौके प्रदान करता है। आपको अपनी विशिष्ट पहचान बनाने और समाज पर सकारात्मक छाप छोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। कभी भी सपने देखना बंद नहीं करना चाहिए और उन सपनों को साकार करने के लिए लगातार मेहनत करते रहना चाहिए।”

    सरकार की भूमिका की तुलना हवाई अड्डे के रनवे से करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य की जिम्मेदारी ऐसे मौके और सहायता प्रणालियां प्रदान करना है जो युवाओं को अपनी इच्छाओं को प्राप्त करने योग्य बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा, “एक हवाई अड्डे का रनवे जहाज को नहीं उड़ाता। यह सिर्फ सुचारू उड़ान के लिए सुविधा प्रदान करता है। इसी तरह राज्य सरकार एक अनुकूल वातावरण प्रदान करके युवाओं को उनके सपनों को साकार करने योग्य बनाती है। हम युवा मनाओं की इच्छाओं को पंख दे रहे हैं और उनकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि सभी नौकरियां भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को नजरअंदाज करके केवल योग्यता के आधार पर प्रदान की गई हैं।

    उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी युवा नौकरी की तलाश में विदेश जाने को मजबूर न हो। उन्होंने आगे कहा, “हम पंजाब के अंदर ऐसे मौके पैदा करना चाहते हैं कि हमारे युवा अपने देश में रहकर ही अपना भविष्य तैयार करें। यह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरा करने और हमारे राज्य को मजबूत बनाने के लिए बहुत जरूरी है। वास्तव में सरकार के निरंतर प्रयासों से पहले ही अनेक युवा विदेशों से वापस अपने देश लौट रहे हैं और कई युवा विदेशों से ही अपनी मातृभूमि की सेवा करते हुए देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही नौकरियां उनके लिए कोई एहसान नहीं बल्कि योग्य उम्मीदवारों का सही मायने में बनता हक है। उन्होंने आगे कहा, “ये युवा अपनी योग्यता और कड़ी मेहनत के कारण इन नौकरियों के हकदार हैं। बदकिस्मती से पिछली सरकारों ने कभी भी उनकी ओर ध्यान नहीं दिया। आज ये युवा अपनी योग्यता के आधार पर सफल हुए हैं और यह हर पंजाबी के लिए बड़े गर्व की बात है।

    मुख्यमंत्री ने नए भर्ती हुए युवाओं को सरकारी व्यवस्था के सक्रिय और समर्पित सदस्य बनने तथा पूरे जोश के साथ लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आगे कहा, “अब जब आप सरकारी परिवार का हिस्सा बन गए हैं, तो आपका फर्ज लोगों की भलाई के लिए काम करना है। अपनी कलम और अधिकार का उपयोग जरूरतमंदों, दबे-कुचले लोगों और उन लोगों की मदद के लिए करें जिन्हें सरकार से सहायता की जरूरत है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करें कि समाज के हर वर्ग को आपकी सेवाओं का लाभ मिले। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि सभी भर्तियां पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से की गई हैं और उम्मीदवारों ने मुकाबले वाली परीक्षाओं में सफल होने के बाद ही रोजगार प्राप्त किया था। उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार का पहले दिन से ही एकमात्र एजेंडा युवाओं को रोजगार के मौके देकर सशक्त बनाना रहा है। आज एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि आप पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास और तरक्की में सक्रिय भागीदार बन गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने ठेका आधारित कर्मचारियों के बारे में पंजाब सरकार के ऐतिहासिक फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “एक बड़े जन हितैषी फैसले में राज्य सरकार ने ठेकेदारी प्रणाली को खत्म करने और लगभग 65,000 कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 65,000 से अधिक ठेका आधारित कर्मचारियों ने अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण साल पंजाब की सेवा में समर्पित किए हैं। उन्होंने कहा, “इन कर्मचारियों ने राज्य के लिए अथक मेहनत की है। यह बिल्कुल उचित है कि उन्हें अपने रोजगार में सम्मान, सुरक्षा और स्थिरता मिले। अब कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच कोई ठेकेदार नहीं रहेगा।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कर्मचारियों को अब सीधा रोजगार, अधिक सम्मान और स्थायी सेवा के लिए स्पष्ट रास्ता मिलेगा। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के विभागों और संस्थाओं में निजी ठेकेदारों के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों को सीधे तौर पर राज्य रोजगार के अधीन लाया जाएगा। उन्होंने कहा, “पांच साल लगातार आउटसोर्स पर काम करने के बाद कर्मचारी सीधे सरकार के अंदर रोजगार के लिए योग्य हो जाएंगे। इसके बाद, 10 साल की ठेका सेवा पूरी करने के बाद उन्हें रेगुलर मंजूरशुदा रिक्तियों के विरुद्ध रेगुलर करने के लिए विचार किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस सकारात्मक बदलाव को सुचारू बनाने के लिए दो नए कानून लाए जा रहे हैं। पहला कानून आउटसोर्स्ड रोजगार से सीधे सरकार के अंदर ठेके पर रोजगार में तब्दीली को नियंत्रित करेगा। दूसरा कानून मंजूरशुदा रिक्तियों के विरुद्ध सीधे ठेका आधारित रोजगार से रेगुलर सेवा तक का रास्ता प्रशस्त करेगा। यह एक ऐतिहासिक कदम है जो हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों के जीवन में मिसाली बदलाव लाएगा। इस दौरान, पंजाब के विभिन्न हिस्सों से नव-भर्ती हुए उम्मीदवारों ने पूरी तरह योग्यता-आधारित, स्वतंत्र और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री और पंजाब सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक समर्थन, सिफारिशों या रिश्वतखोरी के बिना सरकारी नौकरी प्राप्त करना आखिरकार एक हकीकत बन गया है और पंजाब की रोजगार प्रणाली में एक बड़ी तब्दीली को दर्शाता है।

    धूरी से रणजोध सिंह ने पक्षपात की बजाय योग्यता को प्राथमिकता देने और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की। इसी तरह की भावनाओं को दोहराते हुए पटियाला के गांव बूटा सिंह वाला के एक पूर्व सैनिक काला सिंह ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शी तरीके से की गई थी और इसमें किसी प्रकार की कोई हेराफेरी की बिल्कुल भी गुंजाइश नहीं थी। अमृतसर से मनप्रीत कौर ने इस दिन को अपने और अपने परिवार के लिए ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के नौकरी प्राप्त की है और उन्हें मेहनत का फल मिला है। उन्होंने आगे कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने बहुत से परिवारों के लिए लंबे समय से आ रही बाधाओं को तोड़ा है और युवाओं में विश्वास बहाल किया है।

    मोहाली से परमीत कौर ने सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाली अपने परिवार की पहली सदस्य बनने पर बहुत खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की गई थी और इस मौके ने उनके परिवार का भविष्य बदल दिया है। एक और प्रेरणादायक उदाहरण में एक चौकीदार के पुत्र ने अपनी चौथी सरकारी नौकरी पूरी तरह योग्यता के आधार पर प्राप्त की बताई। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने उनके कई एनआरआई दोस्तों को पंजाब वापस आने और सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन देने के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित किया है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और गुरमीत सिंह खुड्डियां सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

        भगवंत मान सरकार ने योग्यता के आधार पर 67,037 नौकरियां पैदा की, 25 नई आई.टी.आई. के साथ कौशल आधारित ढांचे का विस्तार किया और तकनीकी शिक्षा में बड़ा निवेश किया

    भगवंत मान सरकार की प्रमुख उपलब्धियां

        वर्ष 2022 से अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता, पारदर्शिता और बिना किसी सिफारिश के प्रदान की गई हैं।
        पंजाब के गांवों, कस्बों और शहरों के युवाओं को सरकार की रोजगार अभियान का लाभ हुआ है।
        कई विभागों में भर्ती जारी है, जिसमें और नौकरियों की भर्ती का काम शुरू किया जा रहा है।
        कई उम्मीदवारों ने प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से कई बार सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं, जो भर्ती प्रणाली में लोगों के भरोसे का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

    कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा सुधार

        पंजाब भर में 25 नई आई.टी.आई. निर्माणाधीन हैं।
        13 मौजूदा आई.टी.आई. को बेहतर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जा रहा है।
        सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के आधुनिकीकरण पर 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए।
        सरकारी पॉलिटेक्निक इमारतों के निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण में 12 करोड़ रुपए का निवेश किया गया।
        आईआईटी रोपड़ के सहयोग से 8 सरकारी पॉलिटेक्निकों में साइबर-फिजिकल सिस्टम लैब स्थापित की जा रही हैं।
        5 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इनोवेशन लैब स्थापित की गई हैं।
        नंगल में 23 करोड़ रुपए की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है।
        सरदूलगढ़ में 17 करोड़ रुपए की लागत से नई आईटीआई बनाई जा रही है।
        उद्योग की मांग के अनुसार कौशल तैयार करने और नौकरी के लिए तैयार युवाओं को प्रदान करने के लिए सभी 91 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सेमेस्टर इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है।

  • CM मान का बड़ा बयान: बेअदबी बिल गवर्नर को भेजा, कैबिनेट की बैठक शुरू

    CM मान का बड़ा बयान: बेअदबी बिल गवर्नर को भेजा, कैबिनेट की बैठक शुरू

    चंडीगढ़
     पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में आज पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बता दें कि, इस बैठक को उद्योग जगत और सामाजिक योजनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। बैठक को लेकर मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से अधिसूचना जारी की है वहीं विस्तृत एजेंडा बाद में सार्वजनिक किया गया है।

    उद्योगपतियों को मिली राहत
    जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार ने उद्योगपतियों को राहत देने के लिए कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए। इससे पहले सरकार नई औद्योगिक नीति लागू कर चुकी है, जिसका उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों को सहूलियत प्रदान करना है। माना जा रहा है कि आज की बैठक में इन प्रयासों को और मजबूती देने के लिए नई घोषणाएं हो सकती हैं।

     इससे पहले कल पठानकोट में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा था कि बिल अभी तक उनके पास नहीं पहुंचा है और जैसे ही बिल आएगा, उस पर विचार किया जाएगा। आज की बैठक में बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

    इसके साथ ही विभिन्न विभागों में चल रही भर्तियों और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा। दोपहर 12 बजे वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा प्रेस कांफ्रंस करेंगे। एक महीने में यह दूसरी बैठक

    इससे पहले बड़ी कैबिनेट बैठक 11 अप्रैल 2026 को हुई थी, जिसमें ग्रामीण विकास और धार्मिक संरक्षण से जुड़े अहम फैसले लिए गए थे। इसमें 11,500 से अधिक गांवों में करीब 3 लाख स्ट्रीट लाइट्स लगाने को मंजूरी दी गई थी, जिसकी लागत ₹550 करोड़ तय की गई थी। साथ ही ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार बिल-2026’ को मंजूरी मिली थी, जिसमें बेअदबी मामलों में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।

    इससे पहले मार्च 2026 में हुई बैठकों में बजट से जुड़े फैसले, खिलाड़ियों के लिए 3% आरक्षण, स्वास्थ्य विभाग में भर्ती से जुड़ी अनुमति और शहीद होम गार्ड के परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा देने जैसे निर्णय शामिल रहे थे।

    सामाजिक योजनाओं पर भी फोकस
    बैठक में मावां-धीयां सत्कार योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा भी की। इसके अलावा मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना की प्रगति पर चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

  • महिलाओं को आर्थिक सहारा: पंजाब में ₹1500 मासिक योजना लॉन्च, जालंधर से रजिस्ट्रेशन शुरू

    महिलाओं को आर्थिक सहारा: पंजाब में ₹1500 मासिक योजना लॉन्च, जालंधर से रजिस्ट्रेशन शुरू

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार आज मंगलवार से अपनी प्रस्तावित 'मावां धियां सत्कार योजना' के लिए महिला लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन शुरू करेगा, जिसकी शुरुआत मुख्यमंत्री भगवंत मान जालंधर से करेंगे। इसके 1 जुलाई से शुरू होने की उम्मीद है। इस दिन से जनरल श्रेणी की महिलाओं को सीधे 1,000 और अनुसूचित जाति श्रेणी की महिलाओं 1,500 रुपये का मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा।

    आप के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू में 15 अप्रैल से नौ विधानसभा क्षेत्रों जैसे आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला ग्रामीण में पायलट आधार पर चलाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि 15 मई से इस प्रक्रिया का विस्तार बाकी 108 विधानसभा क्षेत्रों में भी कर दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के समय आवेदकों को पंजाब आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र और बैंक पासबुक जमा करना होगा। इन दस्तावेज़ों का इस्तेमाल पात्रता की जांच करने और लाभार्थियों के खातों में सीधे लाभ ट्रांसफर करने में मदद के लिए किया जाएगा।

    यह योजना आम आदमी पार्टी (AAP) के 2022 के विधानसभा चुनावों के उस वादे को पूरा करने की दिशा में एक कदम है, जिसमें महिलाओं को वित्तीय सहायता देने की बात कही गई थी। हालांकि, पार्टी ने उस समय 18 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये देने की बात कही थी, लेकिन सरकार ने अब संकेत दिया है कि योजना के लागू होने के साथ-साथ इसके अंतिम स्वरूप, जिसमें लाभार्थी के लिए पात्रता के मानदंड और 1,000 से 1,500 रुपये की सीमा के भीतर मिलने वाली सटीक राशि शामिल है को भी अधिसूचित कर दिया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए पिछले कई महीनों से तैयारियां चल रही हैं, जिसमें लाभार्थियों का डेटाबेस तैयार करना और बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से किए जा रहे इस रजिस्ट्रेशन का उद्देश्य पूरे राज्य में योजना को लागू करने से पहले छोटे पैमाने पर इसके सिस्टम की जांच करना है। महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना शुरू करने वाला पंजाब अकेला राज्य नहीं है। पड़ोसी राज्यों—हरियाणा और हिमाचल प्रदेश—ने भी ऐसी योजनाओं की घोषणा की है।

    दिल्ली और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने भी हाल के वर्षों में इसी तरह के कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य घरेलू कल्याण और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसके साथ ही, इस योजना से राज्य के खजाने पर सालाना 10,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का बोझ पड़ने की संभावना है। राज्यों में पंजाब का GSDP के मुकाबले कर्ज़ का अनुपात सबसे ज़्यादा है, और नीति-निर्धारक हलकों में बार-बार होने वाले कल्याणकारी भुगतानों के लिए उपलब्ध वित्तीय गुंजाइश को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालाँकि, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने से इसका बेहतर क्रियान्वयन हो पाएगा। इस तरह इकट्ठा किया गया डेटाबेस लाभार्थियों की अंतिम संख्या तय करने में मदद करेगा।

  • अनाज मंडी में मेगा इवेंट: CM मान आज करेंगे ₹508 करोड़ की योजनाओं का एलान

    अनाज मंडी में मेगा इवेंट: CM मान आज करेंगे ₹508 करोड़ की योजनाओं का एलान

    फाजिल्का/जलालाबाद.

    पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में आज विकास की बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कुछ ही देर में जलालाबाद की अनाज मंडी पहुंचेंगे, जहां वह करीब 508 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है।

    सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और 350 किलोमीटर पुराने मार्गों की मरम्मत शामिल है। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार से ही तैयारियां तेज कर दी थीं। अब अनाज मंडी को पूरी तरह कार्यक्रम के अनुरूप तैयार कर लिया गया है। मंच, टेंट, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और बैरिकेडिंग समेत सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

    अधिकारियों से सुरक्षा व इंतजामों का लिया जायदा
    डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मनदीप कौर और उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कड़ी निगरानी में ले लिया है। अनाज मंडी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर धातु जांच उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

    पैकेज इलाके के लिए बड़ी सौगात
    स्थानीय विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी के अनुसार, यह पैकेज जलालाबाद के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद वह लोगों को संबोधित भी करेंगे। सुबह से ही अनाज मंडी में लोगों की आवाजाही बढ़ती जा रही है और हर कोई मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

  • मान ने केंद्र सरकार से की अपील, मिडिल ईस्ट में फंसे पंजाबियों के लिए जारी की हेल्पलाइन नंबर

    मान ने केंद्र सरकार से की अपील, मिडिल ईस्ट में फंसे पंजाबियों के लिए जारी की हेल्पलाइन नंबर

    चंडीगढ.

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के मद्देनजऱ वहां फंसे पंजाबियों की सहायता के लिए 24 घंटे कार्यरत हेल्पलाइन जारी करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फंसे हुए लोगों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के साथ लगातार संपर्क में है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ित परिवारों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'अरब देशों में उत्पन्न तनावपूर्ण हालात के कारण अनेक पंजाबी गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति या उसके परिवार का सदस्य वहां फंसा हुआ है, तो वे तुरंत जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। राज्य सरकार उनकी सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर है।'

    27×7 हेल्पलाइन जारी
    उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो 24×7 कार्यरत रहेगा। प्राप्त सूचनाओं को तुरंत संबंधित विभागों और भारत सरकार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि राहत और निकासी की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, 'हम फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द हर आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए वचनबद्ध हैं। किसी भी परिवार को घबराने की आवश्यकता नहीं है- पंजाब सरकार इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।' खाड़ी देशों में फंसे युवाओं, कामगारों और विद्यार्थियों के परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में उनके कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी।

    'भारतीय नागरिकों को वापस लाया जाए'
    मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से अपील की कि वह मध्य पूर्व में उत्पन्न हालात को देखते हुए फंसे पंजाबियों तथा अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार आवश्यक कूटनीतिक और प्रशासनिक प्रयासों के माध्यम से युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे सभी लोगों की शीघ्र सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगी।

  • ‘दशकों तक पंजाब के बच्चों को जानबूझकर अनपढ़ रखा’, CM मान ने अकाली दल और कांग्रेस पर साधा निशाना

    ‘दशकों तक पंजाब के बच्चों को जानबूझकर अनपढ़ रखा’, CM मान ने अकाली दल और कांग्रेस पर साधा निशाना

    मानसा.

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि शिअद और कांग्रेस ने अपने दशकों के शासन के दौरान जानबूझकर पंजाब के बच्चों को अनपढ़ रखा, जबकि राजनीतिक परिवार फलते-फूलते रहे। इन पार्टियों को लोगों की तरक्की की नहीं, बल्कि अपने बेटा-बेटी व रिश्तेदारों के लिए सत्ता हासिल करने की चिंता थी।

    सरदूलगढ़ के गांव साहनेवाली में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) का नींवपत्थर रखने के बाद संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान हर वर्ष 240 विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाएगा। मान ने कहा कि भाजपा दलबदलुओं पर निर्भर है।

    अकाली दल और कांग्रेस पुराने इंजन
    वह अन्य पार्टियों के नेताओं की मदद से पंजाब में चुनाव जीतने का सपना देख रही है, लेकिन यह सपना ही रह जाएगा। सीएम ने कहा, आप सरकार पंजाब के विकास के लिए अरविंद केजरीवाल के नए इंजन पर चल रही है, जबकि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस के इंजन पुराने हो चुके हैं और सूबे को आगे बढ़ाने के सक्षम नहीं हैं।