Tag: CM Mann

  • 8 ठिकानों पर CBI की छापेमारी से गरमाई सियासत, CM मान बोले- ‘कुछ नहीं मिला’

    8 ठिकानों पर CBI की छापेमारी से गरमाई सियासत, CM मान बोले- ‘कुछ नहीं मिला’

    चंडीगढ़.

    पंजाब में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई हुई है और मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस में छापेमारी की गई है। इस छापेमारी को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान भी सामने आ गया है और उन्होंने कहा है कि उनको जो लोगों से प्यार मिल रहा है, उससे बीजेपी घबरा गई है।

    चंडीगढ़ के सेक्टर 2 के हाउस नंबर 50 यानी पंजाब सीएम के कैंप ऑफिस में सीबीआई की छापेमारी हुई है। इसे पंजाब में CBI की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। कोठी नंबर 50 में CBI की रेड हुई है। पंजाब कैंप ऑफिस में जांच जारी है और पंजाब में कई ठिकानों पर CBI की कार्रवाई चल रही है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने क्या प्रतिक्रिया दी?
    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, "बीजेपी ने पंजाब चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। मेरे कैंप ऑफिस पर CBI का छापा पड़ा। अब पंजाब सरकार और मुझे बदनाम करने के लिए पंजाब में ED और CBI का गलत इस्तेमाल किया जाएगा। लोगों से मिल रहे प्यार से बीजेपी घबरा गई है।"

    क्यों हो रही ये कार्रवाई?
    पंजाब के मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस, कोठी नंबर 50, सेक्टर-2 में मंगलवार शाम करीब 6 बजे सीबीआई की टीम पहुंची और छापेमारी शुरू की। सीबीआई की टीम दो गाड़ियों में आई थी। उनके साथ एक बस में सीआरपीएफ के जवान भी मौजूद थे। यह कार्रवाई पंजाब में कथित कैश फॉर पोस्टिंग और टेंडर घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में की जा रही है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। कोर्ट ने सीबीआई को जल्द केस दर्ज करने और दो महीने के अंदर जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए थे। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए सोमवार देर रात करीब 2 बजे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सरकार ने मामले में जल्द सुनवाई की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने से पहले ही सीबीआई ने पंजाब में कार्रवाई शुरू कर दी। सीबीआई की कार्रवाई सिर्फ चंडीगढ़ तक सीमित नहीं है। मोहाली के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर घुम्मन के संगरूर जिले के घराचों गांव स्थित घर पर भी सीबीआई की रेड जारी है।

    अरविंद केजरीवाल का भी सामने आ गया बयान
    इस मामले पर आप नेता केजरीवाल ने भी अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा, "चुनाव से दो महीने पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय पर CBI की रेड बीजेपी कि बौखलाहट का नतीजा है। जब से सेंटर में बीजेपी की सरकार आई है उसने पंजाबियों के साथ हमेशा ही धक्का किया है चाहें किसान आंदोलन हो, पंजाब के पानी का मुद्दा हो, पंजाब यूनिवर्सिटी का मुद्दा हो। और अब तो उनके चुने हुए मुख्यमंत्री के साथ भी धक्का कर रही। बीजेपी चुनाव लड़के पंजाब में जीत नहीं सकती तो ED-CBI के सहारे चुनाव लड़ना चाहती है। लेकिन पंजाबियों ने अपना मन बना लिया है और बीजेपी के CBI रेड का जवाब आने वाले चुनाव ने भगवंत मान को 100+ सीटों से जीता कर दोबारा मुख्यमंत्री बनाकर देंगे।"

    6 के खिलाफ CBI ने दर्ज की FIR
    पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से मिली रिपोर्ट के आधार पर CBI ने पंजाब के मुख्यमंत्री के OSD और उसके साथियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए FIR दर्ज की है। आरोप है कि आरोपी पैसे के बदले अधिकारियों, जिसमें IAS और IPS अधिकारी भी शामिल हैं, की पोस्टिंग और विभागीय कार्रवाई को प्रभावित करते थे। इसके अलावा नीति बनाने, प्रशासनिक मंजूरी, टेंडर की शर्तें, लाइसेंस, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव (Land Use Conversion), संपत्ति विवाद और राजस्व व जमीन से जुड़े मामलों में भी दखल देने के आरोप हैं। CBI के मुताबिक, आरोपी सरकारी कर्मचारियों पर यह भी आरोप है कि वे सरकार की ओर से आदेश और नीतियां जारी होने से पहले उनके ड्राफ्ट निजी लोगों को उपलब्ध कराते थे।

    इस मामले में CBI ने पंजाब के मुख्यमंत्री के OSD राजबीर घुमन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर, आर.एस. नागरा और अज्ञात सरकारी अधिकारियों व निजी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। FIR में दो सरकारी कर्मचारियों के अलावा बिचौलियों और अन्य सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया है। FIR दर्ज करने के बाद CBI ने चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में कुल 8 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान आरोपियों से जुड़े ठिकानों से लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। CBI इन सामानों की जांच कर रही है ताकि रिश्वतखोरी और अनियमितताओं से जुड़े सबूत जुटाए जा सकें। मामले में आगे की जांच जारी है।

  • मावां-धीयां सत्कार योजना: आज खाते में आएगी तीसरी किस्त, CM मान गोइंदवाल साहिब से करेंगे जारी

    मावां-धीयां सत्कार योजना: आज खाते में आएगी तीसरी किस्त, CM मान गोइंदवाल साहिब से करेंगे जारी

     चंडीगढ़

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज गोइंदवाल साहिब में 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत महिलाओं को सम्मान राशि की तीसरी किस्त जारी करेंगे। इस किस्त में 36 लाख 87 हजार 677 महिलाओं के खातों में 1,262 करोड़ 54 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।

    यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। मान सरकार ने अब तक इस योजना के तहत कुल 73 लाख 99 हजार महिलाओं को लाभ पहुंचाया है। इन महिलाओं के खातों में कुल 2,562 करोड़ 33 लाख रुपये की सम्मान राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। यह राशि दो किस्तों में वितरित की गई है। 

    कार्यक्रम में सरकार की ओर से योजना के तहत महिलाओं और बेटियों से जुड़ी आर्थिक सहायता की किस्त जारी की जाएगी।‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ का उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। आज गोइंदवाल साहिब में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान इसी को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

    कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां की गई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कार्यक्रम में शामिल होकर योजना को लेकर जानकारी साझा करेंगे और लाभार्थियों से भी संवाद करेंगे। इस के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह ₹1,000 और अनुसूचित जाति (SC/ST) की महिलाओं को प्रति माह ₹1,500 की वित्तीय सहायता दी जाती है।

    योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3,000 रुपये की सम्मान राशि मिलती है। वहीं, अनुसूचित जाति की महिलाओं को 4,500 रुपये की सम्मान राशि दी जाती है। यह पहल महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ना है।

    18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को लाभ योजना के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाता है। एक परिवार में पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी गई है। राशि सीधे बैंक खातों में DBT के जरिए ट्रांसफर की जाती है। पहली किस्त जुलाई 2026 में तीन महीने की राशि एक साथ जारी की गई थी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹3,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹4,500 मिले।

    ₹9,300 करोड़ का बजट प्रावधान पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए ₹9,300 करोड़ का प्रावधान किया है। सरकार की ओर से करीब 97% महिलाओं को योजना के दायरे में लाने का अनुमान बताया गया है।

  • LPU में बवाल पर CM मान ने लिया संज्ञान, DGP को मौके पर पहुंचने के आदेश

    LPU में बवाल पर CM मान ने लिया संज्ञान, DGP को मौके पर पहुंचने के आदेश

     चंडीगढ़
     लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों को लेकर स्टूडेंट के प्रदर्शन और नेशनल हाईवे जाम किए जाने के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सख्त रुख अपनाया है।मुख्यमंत्री ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही डीजीपी गौरव यादव को खुद ग्राउंड पर जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। डीजीपी गौरव यादव को मौके पर पहुंचकर कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के साथ स्टूडेंट से बातचीत और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

    अफवाह इंटरनेट पर वायरल होने के बाद भड़के छात्र 
    एलपीयू में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों से जुड़ा मैसेज इंटरनेट
    मीडिया पर वायरल होने के बाद स्टूडेंट बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए थे। नेशनल हाईवे जाम कर दिए जाने के कारण जालंधर और लुधियाना के बीच यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। एलपीयू से रामा मंडी होते हुए पीएपी तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

    जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। रामा मंडी की तरफ आने वाले वाहनों को होशियारपुर रोड की ओर भेजा गया, जबकि जालंधर से कैंट की तरफ जाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से कैंट और नकोदर के रास्ते हाईवे पर भेजने की व्यवस्था की गई।

    स्टूडेंट का प्रदर्शन जारी रहने के कारण पुलिस को यातायात सामान्य करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

    यूनिवर्सिटी ने वायरल दावों को बताया झूठा
    एलपीयू की रजिस्ट्रार डा मोनिका गुलाटी ने इंटरनेट मीडिया पर फैल रहे संदेशों और दावों को झूठा, बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया है। यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व इंटरनेट मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिये अफवाहें फैला रहे हैं, जिससे स्टूडेंट के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है और यूनिवर्सिटी के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।

    यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और केवल यूनिवर्सिटी के आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी को ही सही मानें।
    एफआइआर दर्ज, मैसेज के स्रोत की भी जांच

    इस मामले में पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम के साथ इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए मैसेज के स्रोत की भी जांच कर रही है। साइबर सेल यह पता लगाने में जुटा है कि संदेश सबसे पहले किस नंबर या अकाउंट से सामने आया और इसके बाद किस तरह इसे आगे फैलाया गया।

    मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब डीजीपी स्तर पर मामले की निगरानी की जा रही है। ग्राउंड पर स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश देकर साफ किया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • पंजाब में निवेश से 6.31 लाख नौकरियों की संभावना: मान

    पंजाब में निवेश से 6.31 लाख नौकरियों की संभावना: मान

    चंडीगढ़.

    पंजाब तेज़ी से एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र और निवेश के पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान 1.89 लाख करोड़ रुपये का बड़ा निवेश आकर्षित किया है, जिससे 6.31 लाख युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा हुए हैं और पारंपरिक औद्योगिक केंद्रों से बाहर भी औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिला है।

    नए निवेश प्रस्तावों के मामले में मोहाली 9,478 करोड़ रुपये के निवेश के साथ अग्रणी रहा, जबकि लुधियाना 4,968 करोड़ रुपये के निवेश के साथ दूसरे स्थान पर है। निवेश के बढ़ते दायरे से निवेशकों के बढ़ते विश्वास का पता चलता है और साथ ही पूरे पंजाब में रोजगार, उद्यमिता तथा अधिक आय के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं। उद्योग विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह ऐतिहासिक निवेश घरेलू और वैश्विक निवेशकों के पंजाब के औद्योगिक इकोसिस्टम पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। सरकार ने बेहतर बुनियादी ढांचे, पारदर्शी शासन और आसान प्रशासनिक स्वीकृतियों के जरिए एक निवेशक-अनुकूल माहौल तैयार किया है।

    मोहाली और लुधियाना सबसे आगे
    कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म के माध्यम से मिले नए निवेश प्रस्तावों में मोहाली 9,478 करोड़ रुपये के साथ पहले स्थान पर है, जबकि लुधियाना 4,968 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा पटियाला में 2,590 करोड़ और होशियारपुर में 2,003 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं। फतेहगढ़ साहिब, बठिंडा, कपूरथला और जालंधर जैसे अन्य जिले भी इस विकास यात्रा में अहम योगदान दे रहे हैं।

    टाटा, जेएसडब्ल्यू और नेस्ले जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल
    मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, ऐची स्टील्स, वर्धमान, नेस्ले, हिंदुस्तान लीवर, कारगिल, डी हेउस, एचएमईएल, संथान टेक्सटाइल और फ्रायडेंबर्ग जैसी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने निवेश या अपने कारोबार का विस्तार किया है।

    एमएसएमई और क्लस्टर विकास पर फोकस
    सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य के प्रमुख केंद्रों में विशेष औद्योगिक क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। जैसे कि मोहाली में हाई-टेक मेटल क्लस्टर, लुधियाना में ऑयल एक्सपेलर व पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग, गारमेंट्स और हनी प्रोसेसिंग क्लस्टर, पटियाला कटिंग टूल क्लस्टर है। मुख्यमंत्री मान ने अंत में कहा कि सरकार का असली उद्देश्य केवल निवेश के आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि इस निवेश को पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमिता और बेहतर आय के अवसरों में बदलना है। पंजाब निवेशकों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • चुनावी अभियान के आगाज पर CM मान का दावा, ‘गारंटियों से ज्यादा काम किया’

    चुनावी अभियान के आगाज पर CM मान का दावा, ‘गारंटियों से ज्यादा काम किया’

    लुधियाना.

    पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आम आदमी पार्टी ने लुधियाना से अपना चुनावी कैंपेन लॉन्च किया। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पम्पलेट जारी किया। सीएम ने कहा कि हमने जितनी गारंटी लोगों को दी उससे ज्यादा काम किया।

    उन्होंने कहा कि हमने सड़क सुरक्षा योजना के तहत सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) से हर साल 2700 लोगों की जान बचाई। इसकी तारीफ तो खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की। CM मान ने आगे कहा कि भाजपा-अकाली सरकारों के दौरान पंजाब में नशे की समस्या बढ़ी, अब वही लोग नशा विरोधी यात्रा निकाल रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी नशा खत्म करने के नाम पर लोगों से वोट मांगे थे, लेकिन पंजाब से नशा खत्म नहीं हुआ। सीएम भगवंत मान ने कहा कि 1 अक्तूबर को फिर से अगले 3 महीने की टूं-टूं होगी। महिलाओं को पैसे दिए जाएंगे। सभी विरोधियों ने भी फार्म भरे है लेकिन कह कुछ नहीं सकते। कभी विरोधियों ने नहीं खुलकर बताया कि उनका रोड मेप चुनाव में क्या है। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पम्पलेट जारी किया। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पम्पलेट जारी किया।

    सिसोदिया बोले- भगवंत मान पर रब का हाथ
    इससे पहले पंजाब के AAP प्रभारी मनीष सिसोदिया ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने ईडी-सीबीआई भेजकर खूब कोशिश की कि इनका काम रुक जाए, लेकिन भगवंत मान पर रब का हाथ है। कोई उनका कुछ बिगाड़ नहीं सका। वहीं, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि 2.68 लाख बूथ सदस्य सरकार के काम घर-घर पहुंचाएंगे और लोगों के मुद्दे सरकार तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो काम आप सरकार ने किए वो पिछली किसी सरकार ने नहीं किए।

    25,332 बूथों तक पहुंचेगा संगठन
    AAP के मुताबिक पंजाब में 25,332 बूथ हैं और कैंपेन में 2,68,553 बूथ कमेटी सदस्य शामिल होंगे। कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकार के साढ़े चार साल के काम, योजनाओं और चुनावी गारंटियों की जानकारी देंगे। इसके साथ ही पार्टी का सदस्यता कैंपेन भी चलाया जाएगा। पार्टी ने कैंपेन को करीब एक महीने तक चलाने की बात कही है।

    20 सितंबर से धूरी से घर-घर जाएंगे CM मान
    चुनावी कैंपेन के अगले चरण में मुख्यमंत्री भगवंत मान 20 सितंबर को धूरी में कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाएंगे। इसके बाद बूथ कमेटियों के जरिए पूरे पंजाब में कैंपेन चलाया जाएगा। पार्टी का फोकस सरकार के काम और योजनाओं को सीधे मतदाताओं तक पहुंचाने पर रहेगा।

  • CM मान को अनफॉलो करने लगे मुलाजिम, AAP सरकार ने भी कसी कमर; 2500 से ज्यादा कर्मचारियों पर कार्रवाई संभव

    CM मान को अनफॉलो करने लगे मुलाजिम, AAP सरकार ने भी कसी कमर; 2500 से ज्यादा कर्मचारियों पर कार्रवाई संभव

    चंडीगढ़ 
    पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और 3 लाख सरकारी मुलाजिमों के बीच आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है। सरकार ने ढ़ाई हजार मुलाजिमों की लिस्ट तैयार कर ली है, जो बीती 27 अगस्त को दफ्तर से गैरहाजिर होकर हड़ताल में शामिल हुए थे। 

    अब सरकार इन पर सर्विस रूल्स के मुताबिक सस्पेंड करने, फोर्स लीव पर भेजने, सेलरी काटने से लेकर नियमों से जुड़ी कोई भी कार्रवाई कर सकती है। वहीं मुलाजिमों ने भी सरकार के सामने झुकने से इनकार कर दिया है। मुलाजिमों ने सीधे CM भगवंत मान के खिलाफ डिजिटल स्ट्राइक शुरू कर दी है। जिसमें CM को फेसबुक, X (पहले ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर अनफॉलो करने की अपील की गई है। कल मुलाजिमों की लुधियाना में मीटिंग भी रखी गई है।

    मुलाजिमों पर एक्शन क्यों हो रहा पंजाब सरकार के करीब 3 लाख मुलाजिम बकाया DA, ओल्ड पेंशन स्कीम के अलावा कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने समेत 8 मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। 27 अगस्त को मुलाजिमों ने सामूहिक छुट्‌टी लेकर महा हड़ताल की। इसके बाद सरकार ने उनसे मीटिंग तय कर ली। पहले चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन और फिर इसे जालंधर के PAP कॉम्प्लैक्स में तय किया गया।

    हालांकि मीटिंग से एक घंटे पहले CM भगवंत मान ने साफ किया कि पहले हड़ताल खत्म करो, फिर बातचीत होगी। इसके बाद मुलाजिम नेता PAP कॉम्पलैक्स में पहुंचे लेकिन CM मीटिंग करने नहीं आए। एक अफसर ने मुलाजिम नेताओं को कहा कि पहले वे हड़ताल खत्म करने का वीडियो जारी करें, उसके बाद सीएम आएंगे। मुलाजिम नहीं माने तो सीएम ने मीटिंग रद्द कर दी।

    इसके बाद सरकार ने सभी विभागों के सेक्रेटरीज को लेटर जारी कर कहा कि वह उन सब मुलाजिमों की लिस्ट भेजें, जो बिना वजह के ड्यूटी से गैरहाजिर रहे। इसके बाद सरकार ये एक्शन लेने की तैयारी में है।

    सरकार की सख्ती पर मुलाजिमों के 2 बड़े एक्शन
    1. लुधियाना मीटिंग में अगले संघर्ष का ऐलान सरकारी मुलाजिमों के सांझा मोर्चा की कल लुधियाना में मीटिंग बुलाई गई है। जिसमें सरकार की तरफ से किए जा रहे एक्शन के अलावा मांगें न माने जाने को लेकर आगे के संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। मुलाजिम नेताओं का कहना है कि सरकार चाहे एस्मा लगा दे लेकिन वह पीछे नहीं हटेंगे।

    2. सोशल मीडिया पर अनफॉलो मुहिम मुलाजिम यूनियनों ने CM को सोशल मीडिया पर अनफॉलो करने की मुहिम शुरू कर दी है। लुधियाना के मुलाजिम नेता तेजिंदर सिंह नंगल ने लिखा- हम CM भगवंत मान को फॉलो करते थे, लेकिन इन्होंने हमें बुलाकर भी मीटिंग नहीं की। इसलिए सारे मुलाजिम उन्हें अनफॉलो कर रहे हैं।

  • पंजाब में कर्मचारियों की महाहड़ताल, सरकार ने भेजा न्योता; आज CM मान करेंगे बैठक

    पंजाब में कर्मचारियों की महाहड़ताल, सरकार ने भेजा न्योता; आज CM मान करेंगे बैठक

    चंडीगढ़.

    पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 18 प्रतिशत डीए से जुड़े फैसले को पंजाब सरकार से लागू कराने की मांग को लेकर साझा कर्मचारी मंच के आह्वान पर पंजाब के सरकारी कर्मचारी आज 27 अगस्त को महाहड़ताल पर हैं।

    पंजाब सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ के कार्यालयों के अलावा प्रदेशभर के सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। महाहड़ताल के कारण सरकारी कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। इसी बीच कर्मचारियों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज दोपहर एक बजे जालंधर स्थित पीएपी मुख्यालय में साझा कर्मचारी मंच के नेताओं के साथ बैठक बुलाई है। बैठक में शामिल होने के लिए साझा कर्मचारी मंच के कोआर्डिनेटर सुखचैन सिंह खैहरा, पंजाब सिविल सचिवालय कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान सुशील कुमार फौजी सहित कई कर्मचारी नेता चंडीगढ़ से जालंधर के लिए रवाना हो गए हैं।

    10 कर्मचारी नेता होंगे बैठक में शामिल
    मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में साझा कर्मचारी मंच के अलावा पुरानी पेंशन बहाली को लेकर गठित एसोसिएशन और पेंशनर एसोसिएशन के नेता भी शामिल होंगे। बैठक में कुल 10 कर्मचारी नेताओं के शामिल होने की जानकारी है। कर्मचारी नेता 18 प्रतिशत डीए लागू करने के साथ-साथ अपनी अन्य मांगों को भी सरकार के सामने रखेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान के अलावा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, मुख्य सचिव, वित्त सचिव और पर्सनल विभाग के सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

    महाहड़ताल के बीच सरकार से समाधान की उम्मीद
    कर्मचारियों का कहना है कि हाईकोर्ट के 18 प्रतिशत डीए से जुड़े फैसले को लागू करने में सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए। इसी मांग को लेकर साझा कर्मचारी मंच ने महाहड़ताल का आह्वान किया है। अब सभी की निगाहें दोपहर एक बजे होने वाली बैठक पर टिकी हैं। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक में उनकी मांगों पर ठोस फैसला लिया जा सकता है। बैठक के नतीजे के आधार पर महाहड़ताल को लेकर कर्मचारी संगठनों की अगली रणनीति तय होगी।

  • पंजाब में खेलों के जरिए नशे पर वार, CM मान ने 500 आधुनिक ग्रामीण खेल मैदानों की दी सौगात

    पंजाब में खेलों के जरिए नशे पर वार, CM मान ने 500 आधुनिक ग्रामीण खेल मैदानों की दी सौगात

    चंडीगढ़.

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पटियाला जिले के गांव देधना से विभिन्न जिलों में स्थापित किए गए 509 से अधिक आधुनिक ‘ग्रामीण खेल मैदानों’ का उद्घाटन करके जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके साथ ही अब तक युवाओं को समर्पित किए गए खेल मैदानों की कुल संख्या 734 हो गई है।

    उन्होंने कहा कि यह पहल गांवों के युवाओं को विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी और ‘नशों से दूर रहने तथा खेलों से जुड़ने’ के संदेश को प्रोत्साहित करते हुए नशों के खिलाफ सरकार की लड़ाई को और मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार इस वर्ष पंजाब भर में 1,744 करोड़ रुपये के खेल बजट से 3,100 ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रही है, जिसमें विशेष रूप से इन मैदानों के लिए 1,500 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके साथ ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के अलावा गांवों में 6,000 जिम स्थापित करने का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है। पंजाब भर में 3,100 आधुनिक ग्रामीण खेल मैदान विकसित करने की राज्य सरकार की योजना के दूसरे चरण के तहत युवाओं को खेल मैदान समर्पित करने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और जमीनी स्तर पर विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पंजाब स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 255 ग्रामीण खेल मैदान समर्पित करने के बाद आज हम 509 और ग्रामीण खेल मैदान लोगों को समर्पित कर रहे हैं।"

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,500 करोड़ रुपये के बजट से पंजाब भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस 3,100 ग्रामीण खेल मैदान तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया, "दूसरे चरण में समर्पित किए जा रहे 509 ग्रामीण खेल मैदानों में से 43 लुधियाना, 41 मानसा, 36 संगरूर, 34-34 बठिंडा और पटियाला, 33 श्री मुक्तसर साहिब, 32 अमृतसर में तथा बाकी अन्य जिलों के गांवों को समर्पित किए गए हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा, "ये ग्रामीण खेल मैदान ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और हमारे युवाओं को ‘नशों से दूर रहने तथा खेलों से जुड़ने’ का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली और उभरते खिलाड़ियों के लिए ये मैदान उम्मीद और अवसरों की किरण बनेंगे।" उन्होंने बताया कि ग्रामीण खेल मैदानों में वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट और अन्य लोकप्रिय पारंपरिक खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी विभिन्न खेल एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित करेगी, ताकि खेल और शारीरिक गतिविधियां प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग बन सकें। उन्होंने कहा, "ये मैदान गांवों में आपसी सद्भाव और एकता के प्रतीक बनेंगे।"

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यदि किसी बच्चे के पास पढ़ाई के लिए अच्छा स्कूल और शारीरिक विकास के लिए उपयुक्त खेल मैदान हो, तो वह बच्चा विश्व स्तर पर गांव, पंजाब और देश का नाम रोशन कर सकता है। यह बड़े गर्व और संतोष की बात है कि हम शिक्षा और खेलों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन ग्रामीण खेल मैदानों को आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस किया जा रहा है, जिसमें रात के समय खेल गतिविधियों के लिए हाई-मास्ट (बड़ी) लाइटें, वॉकिंग ट्रैक के साथ फुटलाइटें, मजबूत जालियों की बाड़ और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हरे-भरे और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देने के लिए खेल मैदानों के आसपास पौधे भी लगाए जा रहे हैं।"
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेल मैदानों में फुटबॉल के गोलपोस्ट, वॉलीबॉल के पोल, बच्चों के लिए झूले और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, "प्रत्येक गांव में लोकप्रिय खेल के अनुसार खिलाड़ियों को खेल सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है। यदि किसी विशेष गांव में क्रिकेट लोकप्रिय है, तो वहां विशेष रूप से क्रिकेट किट उपलब्ध करवाने के साथ-साथ अन्य लोकप्रिय खेलों की आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी।"

    उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 को खेलों और खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा, "इस वर्ष पंजाब में 3,100 ग्रामीण खेल मैदान तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही 6,000 ग्रामीण जिम भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 500 का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है।" मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा सीजन 5 सितंबर से बठिंडा से शुरू होगा, जिसमें अनुमानित 10 लाख खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पहली बार पंजाब हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है, जिसके मैच अक्टूबर-नवंबर के दौरान जालंधर और मोहाली में करवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब के लोगों को अपनी ही धरती पर अपने हॉकी सितारों को खेलते देखने का अवसर मिलेगा। पंजाब में आई.पी.एल. की तर्ज पर एक टी-20 क्रिकेट लीग भी करवाई जा रही है, जो 30 अगस्त से 13 सितंबर तक पी.सी.ए. स्टेडियम, मोहाली में खेली जाएगी।"

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि खेल पंजाब की गौरवशाली विरासत और समृद्ध संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा, "2023 में नई खेल नीति लाई गई थी, जिसके तहत खेल बजट में वृद्धि की गई है और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए नकद पुरस्कार तथा वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। पंजाब के इतिहास में पहली बार खेलों के लिए 1,744 करोड़ रुपये का समर्पित बजट आवंटित किया गया है।" उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 40,415 खिलाड़ियों को 135 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है, जिसमें ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये तथा एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए 8 लाख रुपये शामिल हैं। उन्होंने कहा, "85 खिलाड़ियों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, जबकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन करने वाले 11 खिलाड़ियों को पी.सी.एस./डी.एस.पी. अधिकारी नियुक्त किया गया है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के खेल प्रयासों का उद्देश्य पंजाब भर में एक मजबूत खेल इकोसिस्टम तैयार करना, जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करना और युवाओं को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद और डॉ. बलबीर सिंह भी उपस्थित थे।

  • मोगा को मिली नई सौगात, 120 बेड का ‘कैपिटल अस्पताल’ शुरू, मालवा क्षेत्र को मिलेगा बेहतर इलाजपंजाब में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, CM मान ने मोगा में 120 बेड के ‘कैपिटल अस्पताल’ का किया शुभारंभ  मोगा को मिली नई सौगात, 120 बेड का ‘कैपिटल अस्पताल’ शुरू, मालवा क्षेत्र को मिलेगा बेहतर इलाज

    मोगा को मिली नई सौगात, 120 बेड का ‘कैपिटल अस्पताल’ शुरू, मालवा क्षेत्र को मिलेगा बेहतर इलाजपंजाब में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, CM मान ने मोगा में 120 बेड के ‘कैपिटल अस्पताल’ का किया शुभारंभ मोगा को मिली नई सौगात, 120 बेड का ‘कैपिटल अस्पताल’ शुरू, मालवा क्षेत्र को मिलेगा बेहतर इलाज

    मोगा.

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज मोगा में 120 बेड वाले अत्याधुनिक 'कैपिटल अस्पताल' का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह सुविधा मालवा क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करेगी।

    इसे मोगा जिले का पहला नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एन.ए.बी.एच.)-मान्यता प्राप्त मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अस्पताल लोगों को उनके घरों के नजदीक ही गंभीर बीमारियों का विशेष इलाज मुहैया कराएगा।
    मुख्यमंत्री ने बताया कि पात्र मरीज 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' और 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत कैशलेस इलाज का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही पंजाब सरकार 1,090 आम आदमी क्लीनिकों के नेटवर्क के माध्यम से पूरे राज्य में किफायती स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर रही है।
    ट्विटर पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, "आज मैंने मोगा में 120 बेड वाला अत्याधुनिक कैपिटल अस्पताल पंजाब के लोगों को समर्पित किया है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस यह अस्पताल 'मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना' के तहत मुफ्त इलाज भी प्रदान करेगा।
    अब मालवा क्षेत्र के लोगों को मानक इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। हम हर पंजाबी के लिए किफायती, आधुनिक और उच्च मानक वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।"

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, "यह कोई राजनीतिक रैली नहीं है। यह पूरे पंजाब में विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए हमारे निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा हमारी सरकार की दो सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं क्योंकि ये सर्वांगीण विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं।" मुख्यमंत्री ने कहा, "डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा मानवता की सेवा को समर्पित पेशे हैं। दुर्भाग्य से कुछ लोग इन पवित्र पेशों को बदनाम कर रहे हैं, लेकिन हमारी सरकार दोनों क्षेत्रों में लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।" निजी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "यह बहुत गर्व की बात है कि यहां आधुनिक मशीनों और प्रौद्योगिकी से लैस ऐसा अस्पताल बना है। विशेषज्ञ डॉक्टर लोगों को मानक इलाज देंगे। जब 2022 में हमारी सरकार ने बागडोर संभाली थी तो स्कूली शिक्षा में पंजाब 27वें स्थान पर था। आज निरंतर सुधारों और अथक प्रयासों के कारण पंजाब स्कूली शिक्षा में देश का नंबर एक राज्य बनकर उभरा है।"

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "एक समय था, जब सरकारी स्कूल सिर्फ गरीब बच्चों के लिए माने जाते थे और लोग उनका मजाक उड़ाते थे। हमने 'स्कूल्स ऑफ एमिनेंस' की स्थापना की और शिक्षा प्रणाली का कायाकल्प किया। आज पंजाब केरल को पछाड़कर स्कूली शिक्षा में देश का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य बन गया है।" उन्होंने आगे कहा, "2022 में सरकारी स्कूलों के केवल 82 विद्यार्थियों ने नीट की परीक्षा पास की थी। इस साल सरकारी स्कूलों के 881 विद्यार्थियों ने नीट पास किया है, जो हमारी शिक्षा प्रणाली में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है।"

    मुख्यमंत्री ने बताया, "इस नए अस्पताल में पंजाब सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजनाएं दोनों उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को अधिकतम लाभ मिलेगा। हमारी सरकार ने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और राज्यीय तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित 'सड़क सुरक्षा फोर्स' की शुरुआत की है। इस फोर्स में 1,597 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवान और 144 अत्याधुनिक वाहन शामिल हैं।" उन्होंने कहा, "पिछले साल फरवरी में अपनी शुरुआत से लेकर सड़क सुरक्षा फोर्स ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को लगभग 50 प्रतिशत तक घटाया है, साथ ही हादसे के शिकार लोगों के कीमती सामान और पैसों की सुरक्षित वापसी भी सुनिश्चित की है।"
    मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब ने देश की पहली सर्व-व्यापी स्वास्थ्य सेवा योजना 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' भी शुरू की है, जो राज्य के हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराती है। पंजाब भारत का पहला राज्य है, जो ऐसी व्यापक स्वास्थ्य कवरेज मुहैया करा रहा है, जिससे मानक इलाज सुनिश्चित करते हुए लोगों पर वित्तीय बोझ काफी कम हुआ है।"

    उन्होंने कहा, "यह ऐतिहासिक पहल सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस इलाज प्राप्त कर चुके हैं और पंजाब स्वास्थ्य क्षेत्र में सफलता की नई इबारत लिख रहा है।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, "चेन्नई का अपोलो अस्पताल लिवर ट्रांसप्लांट के लिए जाना जाता है और उत्तरी भारत में ऐसी बहुत कम सुविधाएं हैं। पंजाब अब दिल्ली के बाद दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जिसने मोहाली में लिवर ट्रांसप्लांट केंद्र स्थापित किया है। विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने और कीमती जानें बचाने की दिशा में यह एक और महत्वपूर्ण कदम है।"

  • नशे के खिलाफ पंजाब सरकार की नई पहल, लुधियाना में CM मान लॉन्च करेंगे ‘सूरमा’ मुहिम

    नशे के खिलाफ पंजाब सरकार की नई पहल, लुधियाना में CM मान लॉन्च करेंगे ‘सूरमा’ मुहिम

    लुधियाना

    पंजाब को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को लुधियाना में नशा विरोधी अभियान के तहत ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत करेंगे। 

    नशे जैसी गंभीर समस्या को हराना किसी जंग जीतने से कम नहीं माना जा रहा है। इसी के तहत पंजाब सरकार ने उन युवाओं को ‘सूरमा’ (योद्धा) का नाम दिया है, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से नशे को मात दी है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भी ऐसे ही युवा होंगे।

    6 युवाओं का होगा विशेष सम्मान
    इस मुहिम के तहत मुख्यमंत्री भगवंत मान आज ऐसे 6 युवाओं को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित करेंगे, जो कभी नशे की गिरफ्त में थे, लेकिन अब पूरी तरह नशा छोड़ चुके हैं। ये सभी युवा अब समाज की मुख्यधारा से जुड़कर विभिन्न कार्यों में लगे हुए हैं।

    कोई मेहनत-मजदूरी कर रहा है तो कोई छोटा-मोटा रोजगार चलाकर अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर रहा है। सरकार का उद्देश्य इन युवाओं को सम्मानित कर यह संदेश देना है कि नशे को छोड़कर एक बेहतर और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत की जा सकती है।

    प्रशासन की तैयारियां मुकम्मल
    लुधियाना के गुरु नानक भवन में होने वाले इस बड़े आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसमें कई कैबिनेट मंत्री, विधायक और पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

    दूसरों के लिए बनेगी प्रेरणा
    इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य राज्य के अन्य युवाओं को प्रेरित करना है। जो युवा अभी भी नशे के जाल में फंसे हैं, उन्हें यह संदेश देना है कि नशा छोड़ने पर सरकार और समाज दोनों उनके साथ खड़े हैं। यह सम्मान समारोह उन माता-पिता के लिए भी उम्मीद की किरण लेकर आया है, जिनके बच्चे इस बुरी लत का शिकार हैं। ‘सूरमा’ मुहिम पंजाब के युवाओं में नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लाने का काम करेगी।