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  • बस हादसे से मचा हड़कंप, एक की मौत और 20 यात्री घायल

    बस हादसे से मचा हड़कंप, एक की मौत और 20 यात्री घायल

    बालोद.

    छत्तीसगढ़ के बालोद में बेलगाम रफ्तार शनिवार को सुबह-सुबह दर्दनाक सड़क हादसे का कारण बन गई. यात्रियों से भरी बस करहीभदर के पास दुर्घटना का शिकार हो गई. एक युवक की मौत हो गई है. वहीं 20 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है.

    जानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई बस डीआरडी की बताई जा रही है. बड़ी संख्या में आम यात्री सवार थे. शनिवार सुबह बस बालोद से धमतरी की ओर जा रही थी. इसी दौरान करहीभदर के पास बस अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो गई. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास से गुजर रहे लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. हादसे के बाद शव को बस से बाहर निकालने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी. बताया जा रहा है कि शव को बाहर निकालने में करीब एक घंटे का समय लगा. वहीं घायलों को तत्काल एंबुलेंस 108 की मदद से बालोद जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार कराया जा रहा है.

    हादसे के कारणों की जांच जारी
    फिलहाल हादसे की सूचना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. हादसा किस वजह से हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. शुरुआती तौर पर बस की तेज रफ्तार को हादसे की वजह बताया जा रहा है. हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. बालोद में सुबह-सुबह हुए इस सड़क हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और मृतक की पहचान के साथ हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है.

  • MP Bus Service: यात्रियों को मिलेंगी स्मार्ट सुविधाएं, रूट से छेड़छाड़ पर अलार्म देगा सिस्टम

    MP Bus Service: यात्रियों को मिलेंगी स्मार्ट सुविधाएं, रूट से छेड़छाड़ पर अलार्म देगा सिस्टम

     इंदौर
     बस दुर्घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत चलने वाली बसों में कई आधुनिक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बस शुरू करने से पहले ड्राइवर को अपनी सीट पर लगे ब्रीथ एनालाइजर में फूंक मारनी होगी। यदि उसने शराब पी रखी है तो बस स्टार्ट ही नहीं होगी। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधाओं के लिए बस के टिकट ऑनलाइन मिलेंगे।

    ड्राइवर को झपकी आने पर सेंसर अलार्म के जरिये सचेत करेगा और बस के अपनी लेन से लहराने या रूट बदलने पर भी सुरक्षा सिस्टम सक्रिय हो जाएगा। गुरुवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यात्री परिवहन विजन समिट में पुणे की एरो ईगल कंपनी की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए तैयार बस प्रदर्शित की गई। यह बस कंपनी ने संचालन के लिए रीवा को दी है।

    बसों में ये सुरक्षा इंतजाम

        80 किमी की तय रफ्तार : बस की अधिकतम गति 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित रहेगी। इससे ज्यादा गति से बस नहीं चलाई जा सकेगी।

        सीसीटीवी कैमरे : यात्रियों की निगरानी के लिए बस के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

        साइबर सुरक्षा : बस के इलेक्ट्रानिक सिस्टम को हैकिंग से बचाने के लिए गेटवे सॉफ्टवेयर के जरिये सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
        आग से सुरक्षा : बस निर्माण में अग्निरोधी प्लाइवुड का इस्तेमाल किया गया है। बैटरी के लिए बस के निचले हिस्से में अलग कंपार्टमेंट है। इसके ऊपर फायर एक्टिंग्विशर लगा है। आग बुझाने के लिए केमिकल और पानी, दोनों की व्यवस्था होगी।

        झपकी आई तो अलार्म : ड्राइवर को झपकी आने पर सेंसर उसे अलर्ट करेगा। बस के लहराने पर भी सेंसर सक्रिय होगा, जिससे बस को सीधा रखने में मदद मिलेगी।

        दूसरे वाहनों से दूरी : आगे-पीछे करीब 1.5 मीटर की दूरी पर दूसरा वाहन आने पर ड्राइवर को अलर्ट मिलेगा। रिवर्स पार्किंग के लिए भी सेंसर लगाए गए हैं।

    इंदौर में अभी सात बसें पहुंचीं
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत इंदौर में अभी सात बसें पहुंची हैं। 45 सीटर इन बसों का डिपो में रंगरोगन किया जा रहा है। 25 दिसंबर से इंदौर में 23 रूट पर सेवा शुरू करने की योजना है। एआइसीटीएसएल के माध्यम से इंदौर से सागर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, नरसिंहपुर, छतरपुर, बीना, नर्मदापुरम और बालाघाट के लिए बसें चलाने की योजना है। इसके अलावा खंडवा-शाजापुर, धार-मंदसौर, धार-पचमढ़ी, झाबुआ-भोपाल, खरगोन-नीमच, बुरहानपुर-नीमच, बड़वानी-आगर मालवा, बड़वानी-शाजापुर और बुरहानपुर-रतलाम सहित अन्य मार्गों पर भी बस सेवा प्रस्तावित है।

    अंदर आरामदायक सफर पर चर्चा, बाहर बस में ठसाठस यात्री
    ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में यात्री परिवहन समिट के दौरान विशेषज्ञ पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए चार प्रमुख बिंदुओं- रीच, रिलायबिलिटी, कंफर्टेबिलिटी और अफोर्डेबिलिटी पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान विजयनगर क्षेत्र में एआईसीटीएसएल की अरविंदो से विजयनगर की ओर आने वाली बस में यात्री ठसाठस भरे थे। कई यात्रियों को बैठने की जगह तक नहीं मिली। खुली खिड़कियों से धूल भी यात्रियों को परेशान कर रही थी। इससे आधुनिक और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन की जरूरत साफ नजर आई।

    यात्रा परिवहन विजन समिट-2026 में विशेषज्ञों के मिले सुझाव
        ईवी ट्रांजिशन के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस हो।

        बस स्टेशनों को आधुनिक ‘बस पोर्ट’ के रूप में विकसित करें।

        छोटे व कम यात्री वाले रूट पर छोटी बसों का संचालन।
        बस डिपो पर कमर्शियल गतिविधि, रिटेल और लाजिस्टिक्स से गैर-किराया राजस्व अर्जित करें।

        स्मार्ट टिकटिंग और पैसेंजर इंफार्मेशन सिस्टम के माध्यम से बसों के आने-जाने व रूट की रियल टाइम जानकारी।

        डिजिटल फीडबैक एवं पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था।
        आरक्षित, अनारक्षित और नियमित यात्री पास डिजिटल मिलें।

    मप्र में परिवहन सेवा
        96 पीएम ई-बसें और 120 इंटरसिटी बसें संचालित हैं।
        6 महीनों में 486 नई पीएम ई-बसें व 34 नई इंटरसिटी बसें बढ़ेंगी।
        2027 तक बसों की संख्या बढ़कर 1,100 पहुंचेगी।
        7 डिपो हैं व अगले छह माह में सौ-सौ बस क्षमता के 9 नए अत्याधुनिक डिपो बनेंगे।
        प्रति वर्ष 70 हजार टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

    300 बसें चल रहीं, जरूरत तीन हजार की
    इंदौर में वर्तमान में करीब 300 बसें चल रही हैं, जबकि शहर की जरूरत करीब तीन हजार बसों की बताई गई है। प्रदेश में अभी निजी ऑपरेटर करीब 87 प्रतिशत बसों का संचालन कर रहे हैं। फिलहाल 11 हजार बसें प्रदेश में निजी आपरेटर चला रहे हैं और अगले चार वर्ष में 15 हजार बसें चलाने की योजना है। इंदौर में एआईसीटीएसएल के अलावा भोपाल, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, उज्जैन और सागर में अन्य परिवहन कंपनियां संचालन करेंगी।

    2030 तक प्रदेश के 30 प्रतिशत हिस्से में होगा पब्लिक ट्रांसपोर्ट
        वर्तमान में 87 फीसद बसे निजी ऑपरेटर चला रहे हैं । मप्र में अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पुर्नजीवित होगा। पीएम ई सेवा व मुख्यमंत्री परिवहन सेवा के तहत फिलहाल 10 हजार बसे प्रदेश के शहरों में चलाई जा रही है। 2030 तक प्रदेश के 169 शहरों में 38 हजार बसें चलाई जाएगी। देश के 30 प्रतिशत सिटी ट्रांसपोर्ट के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा उपलब्ध होगी। – शेखर एन धोले, हेड टेक्नीकल सेक्रेटेरिएट, सेंट्रल इंस्टि्टयुट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट

     

  • अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना बनी बुजुर्ग महिलाओं का सहारा, यूपी सरकार की पहल से मुफ्त यात्रा का लाभ

    अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना बनी बुजुर्ग महिलाओं का सहारा, यूपी सरकार की पहल से मुफ्त यात्रा का लाभ

    अंबेडकरनगर
     सुलतानपुर के कादीपुर की चंद्रावती देवी पांच सौ रुपये लेकर जिला मुख्यालय के निजी चिकित्सक से इलाज करवाने आई थीं। 100 रुपये डॉक्टर की फीस जमा की, 300 रुपये की दवा ले ली।

    वापस घर जाने के लिए 100 रुपये किराये के लिए बचा लिए। पटेल नगर से बस अड्डे तक करीब एक किमी पैदल पहुंचीं। यहां सोमवार दोपहर 12 बजे अकबरपुर से कादीपुर-प्रयागराज जाने वाली रोडवेज बस खड़ी थी।

    कंडक्टर सूरज यादव जोर-जोर से कादीपुर, सुलतानपुर, प्रयागराज जाने के लिए आवाज लगा रहे थे। बोले, दादी बैठो बस में, तुम्हारा तो किराया भी नहीं लगेगा। इतना सुनते ही चंद्रावती के चेहरा खिल उठा। आधार कार्ड निकाला, कंडक्टर ने इसे देखकर जीरो टिकट बना दिया।

    अकबरपुर से कादीपुर का 51 टिकट का दाम बच गया। गर्मी और भूख से परेशान दादी ने तुरंत 20 रुपये का समोसा खाकर पानी पीया। कहा-अब फ्री में बस से घर जाएंगे, किराया बच रहा है।

    आजमगढ़ से अयोध्या जाने वाली बस में सवार गोसाईंगंज की 60 वर्षीय गीता देवी न्यायालय तारीख पर आई थीं। बताया कि आधार कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा हुई। जो किराया लगता, उसे वकील की फीस में दे दिया। सरकार ने बहुत अच्छी सुविधा दी है

    आजमगढ़ की सावित्री देवी बस से मरैला स्थित मायके पहुंचीं। कहा- बहुत अच्छा लग रहा है, सरकार ने हम लोग के बारे में सोचा। अब किराये की टेंशन खत्म। हर महीना जब भी समय मिलेगा, मैं मायके आ जाऊंगी। पहले 100-50 रुपये भी बचाना मुश्किल था, अब मुफ्त सफर हो रहा है। अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना बुजुर्ग महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है।

    एक सप्ताह के भीतर 60 वर्ष से अधिक उम्र की 200 से अधिक महिलाओं ने रोडवेज बसों में निश्शुल्क यात्रा की है। अकबरपुर डिपो की 94 बसों में योजना के तहत दिल्ली, आजमगढ़, लखनऊ, मऊ, गोरखपुर, प्रयागराज रूट पर बुजुर्ग महिलाओं को सिर्फ आधार कार्ड दिखाना होता है, जिसके बाद उन्हें टिकट नहीं लेना पड़ता।

    स्टेशन इंचार्ज लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आधार कार्ड की उम्र के अनुसार सफर का लाभ दिया जा रहा है। यात्री स्मार्ट कार्ड अभी बनना शुरू नहीं हुआ है,शीघ्र ही इसका शुभारंभ होगा।

  • पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा? चंदेरी से भोपाल-इंदौर जैसे शहरों के लिए ई-बस सेवा की मांग तेज

    पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा? चंदेरी से भोपाल-इंदौर जैसे शहरों के लिए ई-बस सेवा की मांग तेज

    अशोकनगर
    पर्यटन नगरी चंदेरी को पर्यावरण हितैषी इलेक्ट्रिक बस सेवा से जोड़ने की मांग क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से की गई है। नागरिकों का कहना है कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा तथा मुख्यमंत्री परिवहन सेवा के तहत प्रदेश के विभिन्न शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। ऐसे में ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण चंदेरी को भी इस सुविधा से जोड़ा जाना चाहिए।

    दूरस्थ शहरों को जोड़ने के लिए भी प्रक्रिया चल रही
    मुख्यमंत्री परिवहन सेवा के तहत इंदौर, भोपाल, उज्जैन सहित अ
    न्य शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है। दूरस्थ शहरों को जोड़ने के लिए भी प्रक्रिया चल रही है। नागरिकों ने इसी योजना में चंदेरी को शामिल करने की मांग रखी है।

    सुझाव दिया गया है कि इंदौर-चंदेरी, भोपाल-चंदेरी, ग्वालियर-चंदेरी, जबलपुर-चंदेरी और सागर-चंदेरी के बीच इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू की जाएं। इससे स्थानीय नागरिकों को आवागमन की सुविधा मिलने के साथ चंदेरी आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। नागरिकों का कहना है कि ई-बस सेवा शुरू होने से प्रदूषण कम करने के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

     

  • भोपाल के यात्रियों के लिए खुशखबरी! E-Bus के बेड़े में 10 नई बसें, अब देर रात तक मिलेगी सेवा

    भोपाल के यात्रियों के लिए खुशखबरी! E-Bus के बेड़े में 10 नई बसें, अब देर रात तक मिलेगी सेवा

     भोपाल 
    राजधानी भोपाल की सड़कों पर ई-बस का परिवहन और मजबूत होता जा रहा है। बता दें कि, ई-बसों के बेड़े में 10 और नई बसें जोड़ीं गई हैं। इससे शहर में चलने वाली बसों का बेड़ा अब 30 का हो गया है। इस विसतार से बस सेवाओं की फ्रीक्वेंसी बेहतर हुई है और यात्रियों को अब हर 10 से 15 मिनट के अंतराल पर बसें उपलब्ध होंगी।

    मुख्य रूटों पर कनेक्टिविटी और न्यूनतम किराया
    यह नया ई-बस बेड़ा मुख्य रूप से कोलार, बैरागढ़ और अशोका गार्डन को जोड़ने वाले तीन प्रमुख रूटों (बी35, बी-36 और बी-37) पर चलाया जा रहा है। सभी बसों को एमपी नगर बोर्ड ऑफिस से होकर गुजारा जा रहा है, जो तीनों रूटों का मुख्य जंक्शन है। इससे नौकरीपेशा और विद्यार्थियों को सीधी आवाजाही में बड़ी राहत मिली है। यात्रा का न्यूनतम किराया 6 से 7 रुपए और अधिकतम 40 रुपए तय किया गया है।

    शहर के ये इलाके भी सेवा से जुड़े
    इन बसों के जरिए शहर के प्रमुख केंद्र, जैसे न्यू मार्केट, बावड़ियाकला, सलैया, रोहित नगर, सुभाषनगर, कोहेफिजा, पीर गेट, हमीदिया अस्पताल, नादरा बस स्टैंड, बिट्टन मार्केट और आइएसबीटी जुड़ गए हैं।

    सुबह 6:30 से रात 9 बजे तक मिलेगी सेवा
    बीसीएलएल से मिली जानकारी के अनुसार, ई-बसों
    का समय सुबह 6:30 बजे से बढ़ाकर रात 9:00 बजे तक कर दिया गया है। बीसीएलएल सीईओ अंजू अरुण कुमार ने बताया कि, शहर में कुल 100 ई-बसों के संचालन की योजना है, जिसके तहत नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में रोजाना 10 से 12 हजार यात्री इन ई-बसों में सुगम सफर का लाभ उठा रहे हैं।

    हजारों यात्रियों को होगा फायदा

    पीएम ई-बस की संख्या में बढ़ोतरी के साथ शहर में ये सेवा और सुलभ हो गई है। शुरुआत में 20 बसों के संचालन ही यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी, जिसे देखते हुए अब शहर की ई बसों के बेड़े में 10 और बसें जोड़ी गई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, फिलहाल रोजाना करीब 10 से 15 हजार यात्री इन बसों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बसों की संख्या बढ़ने से पीक आवर्स में बसों के बीच का अंतर कम होगा और स्टॉप पर इंतजार करने का समय भी घटेगा।

    दिव्यांग यात्रियों के लिए रहेगी विशेष व्यवस्था
    इन ई-बसों में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। बसों में हाइड्रोलिक डोर/लिफ्ट और व्हीलचेयर के लिए निर्धारित स्थान दिया गया है। इससे व्हीलचेयर या ट्राइसाइकिल के साथ बस में चढ़ना या उतरना आसान रहेगा। बसों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। शुरुआती संचालन में तीन प्रमुख रूट पर सेवा शुरू हुई थी, लेकिन अब यात्रियों की जरूरत को मद्देनजर रखते हुए शहर में बसों का नेटवर्क बढ़ाया गया है। हालांकि, इस सेवा का यात्रियों की जरूरत के हिसाब से आगे औरर विस्तार किया जाएगा।

  • जनजातीय वर्ग का आर्थिक सशक्तीकरण: व्यवसायिक परिसरों से स्थानीय व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

    जनजातीय वर्ग का आर्थिक सशक्तीकरण: व्यवसायिक परिसरों से स्थानीय व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

    धमतरी

    राज्य शासन एवं भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के समग्र विकास के लिए संचालित योजनाओं को धमतरी जिले में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने, आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने तथा सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा कई महत्वपूर्ण पहलें की जा रही हैं। इसी कड़ी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कमार समुदाय के लिए आधुनिक व्यवसायिक परिसरों (कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स) का निर्माण कराया जाएगा, ताकि वे स्वरोजगार स्थापित कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।

       जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तावित इन व्यवसायिक परिसरों का निर्माण जिले  के बेलरगांव, कसपुर, बोरई, कुकरेल, सिंगपुर, दुगली एवं केरेगांव में किया जाएगा। इन परिसरों में कमार समुदाय के हितग्राही अपनी आवश्यकता एवं रुचि के अनुसार दुकानें संचालित कर सकेंगे। इससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ेगी तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी नई मजबूती मिलेगी।

       भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जनमन (PM JANMAN – Pradhan Mantri Janjati Adivasi Nyaya Maha Abhiyan) योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक मूलभूत सुविधाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, पेयजल, बिजली, आजीविका एवं अन्य विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। धमतरी जिले में इस योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप जिले को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, जो जिले के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि जनजातीय विकास के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है।

      शिक्षा के क्षेत्र में भी कमार समुदाय के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में संचालित कमार विद्यालय को उच्चीकृत कर कक्षा दसवीं से बारहवीं तक संचालित करने की प्रक्रिया जारी है। इससे विद्यार्थियों को उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगी। यह पहल नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों तथा जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

      इसी प्रकार जिले के औद्योगिक एवं व्यापारिक विकास को गति देने के उद्देश्य से बोरई में अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल स्थापित करने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं कांकेर जिले को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु के रूप में विकसित हो रहे बोरई में बस टर्मिनल के निर्माण से यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी, यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा व्यापार एवं पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। बस टर्मिनल के साथ विकसित होने वाला व्यवसायिक परिसर स्थानीय युवाओं एवं जनजातीय हितग्राहियों के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। बस टर्मिनल के लिए स्थल चयन कर लिया गया है । 

    राज्य शासन की जनजातीय कल्याण संबंधी योजनाओं तथा भारत सरकार की पीएम जनमन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय आजीविका मिशन एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन से धमतरी जिले के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर उभर रही है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि विकास की मुख्यधारा का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी आजीविका और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।

    कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने  बताया कि “विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के समग्र विकास के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। हमारा उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। विभिन्न क्षेत्रों में बनाए जा रहे व्यवसायिक परिसर कमार समुदाय के लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेंगे। साथ ही कमार विद्यालय को उच्च माध्यमिक स्तर तक विकसित करने तथा बोरई को अंतर्राज्यीय परिवहन एवं व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए जिले को प्राप्त राष्ट्रपति पुरस्कार हमारी पूरी टीम और जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। आने वाले समय में भी जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।”

      मालूम हो कि धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत संकरा के आश्रित गाँव मसानडबरा में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के लिए पक्के मकान बनाए गए हैं, ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल सके। यह पहल कमार जनजाति के रहन-सहन और मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है |

        यह  देश की दूसरी  और छत्तीसगढ़ की पहली पीएम जनमन  आवास कॉलोनी है । यह कॉलोनी विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के लिए बनाई जा रही है। आधुनिकता के दौर में  कमार समुदाय की परम्परा,सांस्कृतिक से जुड़े रहने का भी पूरा ख्याल रखा गया है ।  ताकि नई पीढ़ी को भी अपनी समुदाय की परम्परा, सांस्कृतिक से जुड़े रहे।  मसानडबरा में पीएम जनमन  आवास कॉलोनी में. पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना  से  की कार्य योजना बनाई जा रही है । ये आवास पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली से जगमग होंगे ।

    आवास निर्माण में बड़ी उपलब्धि

    जिले में 1481 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 1046 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 435 आवास निर्माणाधीन हैं। अधिकारियों ने बताया कि शेष आवास अगले चार माह में पूर्ण कर लिए जाएंगे। ग्रामीणों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।

    सड़क एवं आधारभूत संरचना का विस्तार

    पीएम–जनमन योजना के तहत 36 सड़कों का निर्माण स्वीकृत किया गया है। इन सड़कों की कुल स्वीकृति लागत 1341.60 लाख रुपए है। अधिकांश निर्माण कार्य प्रगति पर है। सड़कें बन जाने से दूरस्थ बसाहटों को बाजार, स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक सेवाओं से बेहतर जोड़ मिलेगा।

      पेयजल व बिजली व्यवस्था पूर्ण

    जल जीवन मिशन के अंतर्गत सभी घरों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा दिया गया है। साथ ही हर घर का विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है। गांवों में रोशनी पहुँचने से बच्चों की पढ़ाई, आजीविका कार्यों और सुरक्षा की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है।

    बहुउद्देश्यीय केंद्र: नए अवसरों के द्वार

    जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए भारत सरकार द्वारा स्थापित बहुउद्देश्यीय केंद्र ग्रामीण अंचलों में नई संभावनाएँ तैयार कर रहे हैं।
    नगरी ब्लॉक के बोईरगांव में निर्मित नया बहुउद्देश्यीय केंद्र शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आजीविका संबंधी गतिविधियों का केंद्र बन रहा है।
    आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को ज्ञानवर्धक शिक्षण सामग्री और खिलौने उपलब्ध कराए गए हैं। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ, प्रशिक्षण और आवश्यक मार्गदर्शन भी यहीं प्राप्त होगा।
        50-सीटर बालक छात्रावास निर्माण नगरी विकासखंड के बाजार कुर्रीडीह में 50-सीटर बालक छात्रावास का निर्माण जारी है। इसका कार्य जनवरी तक पूर्ण हो जाएगा। छात्रावास तैयार होने के बाद कमार जनजाति के बच्चों को सुरक्षित आवास, भोजन और अध्ययन की सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। 

    मॉडल बसाहटों में समग्र विकास

    ग्राम पिपरहीभर्री में एकीकृत ग्राम योजना एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सामाजिक एवं संसाधन मानचित्र, गैप एनालिसिस, लघुवनोपज प्रबंधन और आजीविका कार्ययोजनाओं का दस्तावेजीकरण किया गया है।
    यह कार्य ग्रामीण समुदाय को अपने प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और टिकाऊ विकास की दिशा में सशक्त आधार प्रदान करता है।
     133 बसाहटों में त्वरित गतिविधियों की सौ फीसदी संतृप्ति
      जिले की 133 बसाहटों में त्वरित गतिविधियों की पूर्ण संतृप्ति हासिल की गई है। इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि प्रत्येक कमार परिवार तक योजना का लाभ समय पर पहुँचे। पीएम–जनमन योजना के माध्यम से विकास, सम्मान और आत्मनिर्भरता की रोशनी अब जिले की हर जनजातीय बसाहट तक पहुँच रही है।
    दूरस्थ अंचलों में रहने वाले परिवार अब मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं और सुरक्षित, स्वस्थ तथा बेहतर जीवन की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहे हैं।

  • MP के शहर में 100 ई-बसें दौड़ेंगी, यात्रियों के लिए 10 रूट और नई सुविधाएं

    MP के शहर में 100 ई-बसें दौड़ेंगी, यात्रियों के लिए 10 रूट और नई सुविधाएं

    ग्वालियर
    ग्वालियर शहर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ी तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार की पीएम-ई बस सेवा के तहत ग्वालियर को मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसें डिपो का काम पूरा होते ही सड़कों पर दौड़ेंगी। इन बसों को इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (पीआईएस) से लैस किया जाएगा, जिससे उनकी हर गतिविधि स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटर की जा सकेगी। निगम के अधिकारियों ने धार के पीथमपुर में तैयार हो रही बसों का निरीक्षण भी कर लिया है।

    हालांकि जलालपुर आइएसबीटी और रमौआ डिपो पर सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य देरी से शुरू होने के कारण परियोजना में कुछ विलंब हो सकता है। ऐसे में अब ई-बसों के मई-जून 2026 तक शहर में शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। बसों का संचालन अब नगर निगम की जगह राज्य सरकार की होल्डिंग कंपनी के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

    केंद्र सरकार करेगी सिस्टम का टेंडर

    बसों में लगाए जाने वाले आइटीएमएस और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के लिए टेंडर और कंपनी का चयन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। बसों में स्पीकर सिस्टम भी होगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से ड्राइवर और कंडक्टर को सीधे निर्देश दिए जा सकेंगे।

    ऐसे चलेगी ई-बस सेवा
    पीएम-ई बस सेवा के तहत शहर में कुल 100 बसें चलाई जाएंगी। पहले चरण में 60 बसें और दूसरे चरण में 40 बसें आएंगी। सभी बसें 9 मीटर लंबी मिडी इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इनका संचालन जलालपुर आइएसबीटी और रमौआ डिपो से होगा और यहीं बनाए जा रहे चार्जिंग स्टेशन से बसों को चार्ज किया जाएगा।

    10 रूट किए गए फाइनल
    शहर में बस संचालन के लिए 10 रूट तय किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण कर नागरिकों से सुझाव भी लिए हैं। बसें आते ही इन्हीं रूटों पर संचालन शुरू किया जाएगा।

    15.50 करोड़ से बन रहे डिपो और चार्जिंग स्टेशन
    ई-बस सेवा के संचालन और रखरखाव के लिए रमौआ और आइएसबीटी डिपो पर करीब 15.50 करोड़ रुपए से सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें रमौआ डिपो पर सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 4.29 करोड़, चार्जिंग के लिए एचटी कनेक्शन 7.31 करोड़, आइएसबीटी में सिविल व आंतरिक इलेक्ट्रिकल कार्य 1.16 करोड़ और बाहरी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन के लिए 2.73 करोड़ रुपए शामिल हैं।

    58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान
    बस संचालन के लिए एजेंसी को नगर निगम 58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान करेगा। इसमें केंद्र सरकार 22 रुपए प्रति किलोमीटर देगी, जबकि शेष 36.14 रुपए नगर निगम को वहन करना होगा। निगम को उम्मीद है कि बसों से होने वाले कलेक्शन से इस खर्च की भरपाई हो जाएगी।

    बसों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
    पीएम-ई बसें पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, डिजिटल डिस्प्ले और पैसेंजर सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं होंगी। बस जिस स्थान से गुजरेगी, उस क्षेत्र की जानकारी डिस्प्ले स्क्रीन पर दिखाई देगी। ये बसें एक बार चार्ज होने पर लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी। नोडल अधिकारी मुनीष सिकरवार के अनुसार पीथमपुर में बसों का निरीक्षण किया जा चुका है और बसें तैयार हैं। रमौआ और आइएसबीटी में चार्जिंग स्टेशन का कार्य पूरा होते ही संभावित रूप से मई-जून तक बसें ग्वालियर में आ सकती हैं। पहले चरण में 60 बसें आएंगी।