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  • छत्तीसगढ़ में श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात, बस्तर से दंतेवाड़ा तक निःशुल्क बस सेवा शुरू हुई

    छत्तीसगढ़ में श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात, बस्तर से दंतेवाड़ा तक निःशुल्क बस सेवा शुरू हुई

    जगदलपुर.

    नगरनार स्थित एनएमडीसी के स्टील प्लांट के भीतर आग लगने की एक और घटना सामने आई है. इस बार प्लांट परिसर में टीआरएल कंपनी के स्टोर में आग लग गई. घटना के बाद मौके पर पहुंचे फायर फाइटर ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया.

    राहत की बात यह रही कि आग पर नियंत्रण कर लिया गया, लेकिन घटना के कारणों और इससे हुए नुकसान को लेकर अब तक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, वहीं प्लांट प्रबंधन ने घटना को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. उल्लेखनीय है कि स्टल प्लांट परिसर के भीतर आग लगने की सूचना से कुछ समय के लिए हलचल की स्थिति निर्मित हो गई. आग किस वजह से लगी, स्टोर में किस तरह की सामग्री रखी हुई थी और आग से कितना नुकसान हुआ है, इन सवालों के जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं. आग बुझाने के लिए फायर फाइटर को मौके पर पहुंचना पड़ा, उनके प्रयासों से आग पर काबू पा लिया गया. घटना को लेकर प्लांट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

    प्रबंधन के टिप्पणी करने से इनकार के कारण आग लगने की वजह, नुकसान की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि घटना की विस्तृत जांच कराई जा रही है या नहीं. औद्योगिक इकाई के भीतर आग लगने की घटनाओं में समय पर आग पर नियंत्रण के साथ-साथ उनके कारणों का पता लगाना भी महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके. अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रबंधन घटना को लेकर कब तक आधिकारिक जानकारी देता है, और आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा कब होता है.

    नगरनार स्टील प्लांट में इससे पहले भी आग लगने की घटना सामने आ चुकी है. ऐसे में एक बार फिर प्लांट परिसर में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पिछली और वर्तमान घटना के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने के बीच आग लगने के कारणों की जांच और औद्योगिक सुरक्षा उपायों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है.

  • लुधियाना में बच्चों से भरी स्कूल बस का एक्सीडेंट, बिजली के खंभे से टकराने पर कई छात्र घायल

    लुधियाना में बच्चों से भरी स्कूल बस का एक्सीडेंट, बिजली के खंभे से टकराने पर कई छात्र घायल

    लुधियाना.

    जालंधर बाइपास पर शास्त्री नगर के एक निजी स्कूल की बस अचानक बेकाबू होकर बिजली के खंभे से जा टकराई। बस में स्कूली बच्चे सवार थे। हादसे में कुछ बच्चों को मामूली चोटें आईं। आसपास के लोगों ने तुरंत बच्चों को बस से बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिलाया।

    बताया जा रहा है कि सड़क किनारे पड़ी रेत पर बस चढ़ने के बाद चालक नियंत्रण नहीं रख सका। इसके बाद बस सड़क से उतरकर बिजली के खंभे से जा भिड़ी। हादसे का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बस तेज रफ्तार में आती दिखाई दे रही है।

    पेरेंट्स ग्रुप में चालक पर उठे सवाल
    हादसे की जानकारी मिलने के बाद बच्चों के अभिभावकों में भी चिंता पैदा हो गई। स्कूल के छात्रों के पेरेंट्स के बनाए गए ग्रुप में हादसे को लेकर काफी चर्चा हुई। कुछ अभिभावकों ने बस चालक की लापरवाही पर सवाल उठाए। मौके पर पहुंचे लोगों ने ड्राइवर को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वो बस छोड़कर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

    CCTV ने खोल दी लापरवाही की पोल
    घटना का जो CCTV फुटेज सामने आया है उसमें दिखाई दे रहा है कि सड़क पर रेत का ढेर लगा था। जैसे ही तेज रफ्तार बस रेत के ढेर पर चढ़ गई, उसका अचानक संतुलन बिगड़ गया और बस सीधे बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि खंभा भी टूट गया और हाई-वोल्टेज तारें बस के ऊपर गिर गईं। तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार व अन्य लोग मौके पर पहुंचे। इस हादसे के बाद बस में बच्चों के बीच चीख-पुकार मच गई। बस से संबंधित स्कूल प्रबंधन की ओर से अभी तक इस हादसे को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस अब इस हादसे की CCTV के आधार पर जांच कर रही है और फरार ड्राइवर की भी तलाश जारी है।

    शीशे और दरवाजे खोलकर बच्चों को बाहर निकाला
    जानकारी के मुताबिक स्थानीय लोगों ने शीशे और दरवाजे खोलकर बच्चों को बाहर निकाला। कई बच्चों को चोटें आने की बात कही जा रही है, जबकि कुछ को अंदरूनी चोटें लगने की भी जानकारी है। परिजनों ने भी पता चलने पर मौके पर पहुंचकर बच्चों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। इस हादसे के लिए तेज रफ्तार और ड्राइवर की लापरवाही को जिम्मेदार बताया जा रहा है। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से डर के मारे बस को छोड़ कर फरार हो गया।

    14 साल की हैंडबॉल खिलाड़ी की मौत
    वहीं, आपको बता दें कि लुधियाना में एक और दर्दनाक हादसा सामने आया है। लुधियाना के हैबोवाल इलाके में हुए एक सड़क हादसे में 14 वर्षीय हैंडबॉल खिलाड़ी अंशिका की मौत हो गई। अंशिका राज्य स्तर की हैंडबॉल प्लेयर थी। उसे स्टेट लेवल का मैच खेलने के लिए बठिंडा जाना था। लेकिन मैच से ठीक एक दिन पहले हुए हादसे ने उसकी जान ले ली।

  • उज्जैन में ई-बस सेवा का शुभारंभ, एक टिकट में 17+ मंदिर और ऐतिहासिक स्थल

    उज्जैन में ई-बस सेवा का शुभारंभ, एक टिकट में 17+ मंदिर और ऐतिहासिक स्थल

    उज्जैन
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  उज्जैन के श्री महाकाल लोक अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर से ‘उज्जैन दर्शन’ और ‘पीएम ई-बस सेवा’ की शुरूआत हरी झंडी दिखाकर की। इसके साथ ही उज्जैन में धार्मिक पर्यटन और सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने की पहल शुरू हुई।

    महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालु अब 200 रुपये के एक ही टिकट पर शहर के 17 से अधिक प्रमुख मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों की इलेक्ट्रिक एसी बसों में बैठकर सैर कर सकेंगे। 27 किलोमीटर लंबे रूट पर संचालित इन बसों की सबसे बड़ी सुविधा हॉप-ऑन हॉप-ऑफ है। मतलब- यात्री किसी एक मंदिर पर उतरकर दर्शन कर सकता है और उसी टिकट पर अगली उपलब्ध बस से आगे जा सकता है।

    एक ही टिकट पर सभी बसों में यात्रा
    हरी झंडी दिखाने के बाद शक्ति पथ पर मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ स्वयं बस में सफर कर परिवहन व्यवस्था का जायजा लिया। बस संचालन पर निगरानी रखने वाली कंपनी- उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक संदीप सोनी ने बताया कि ‘उज्जैन दर्शन’ बस सेवा की सबसे खास बात यह है कि यात्रियों को हर मंदिर तक पहुंचने के लिए अलग-अलग वाहन की व्यवस्था नहीं करनी होगी।

    200रु में उज्जैन दर्शन, 27.01 किलोमीटर का पूरा सर्किट
    उज्जैन दर्शन सेवा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका निर्धारण धार्मिक पर्यटन सर्किट है. सेवा मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होगी और महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋण मुक्तेश्वर महादेव, भर्तहरि गुफा, गढ़कालिका माता मंदिर, कालभैरव, सिद्धि वट, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामन गणेश, अष्टविनायक, शनि नवग्रह, इस्कॉन मंदिर बस स्टैंड और उज्जैन रेलवे स्टेशन से होते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पहुंचेगी। 

    200 रुपये के टिकट पर यात्री निर्धारित स्टाप पर उतरकर दर्शन कर सकेंगे और फिर उसी टिकट से अगली उपलब्ध बस में बैठकर आगे की यात्रा जारी रख सकेंगे।

    ये है खास
    इस हॉप-ऑन हॉप-ऑफ व्यवस्था से श्रद्धालुओं को अपनी सुविधानुसार प्रमुख स्थलों पर रुकने का अवसर मिलेगा। टिकट का भुगतान डिजिटल माध्यम और यूपीआई से किया जा सकेगा। बस में यात्रियों को गाइड की सुविधा भी मिलेगी। बसों में जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे और रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा है। डिजिटल असिस्टेंट सह गाइड यात्रियों को प्रमुख मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों के पौराणिक महत्व की जानकारी देगा।

    27 किमी के दायरे में इन स्थलों को यात्रा के लिए जोड़ा
    27 किलोमीटर लंबे उज्जैन दर्शन मार्ग पर 17 से अधिक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ा गया है। मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होने वाली बस महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, शिप्रा नदी के घाट, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका माता मंदिर, काल भैरव, सिद्धवट, अंगारेश्वर, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता, चिंतामण गणेश, अष्ट विनायक, शनि नवग्रह मंदिर और इस्कान मंदिर होते हुए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी। इसके बाद बस वापस मेघदूत वन पार्किंग पर लौटेगी।

    शहर के 12 अन्य मार्ग भी सक्रिय
    उज्जैन शहर में कुल 12 मार्गों में जो शैक्षणिक, धार्मिक, आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ेंगे उसमें तपोभूमि-पानविहार, उज्जैन रेलवे स्टेशन-कालियादेह महल, कानीपुरा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-तपोभूमि, देवास-ताजपुर, देवास गेट-नए आरटीओ, महाकाल चौराहा-अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट-नानाखेड़ा, अवंतिका विश्वविद्यालय-नानाखेड़ा, देवास गेट-मुरलीपुरा, तपोभूमि-नजरपुर और उज्जैन दर्शन मार्ग शामिल हैं।

    इन 12 मार्गों से गुजरेगी बस
    शहर में स्थानीय परिवहन को सुगम बनाने के लिए 12 बस मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं। इनमें तपोभूमि से पान विहार, रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, कानीपुरा से अभिलाषा कालोनी, देवास गेट से नानाखेड़ा और अवंतिका विश्वविद्यालय से नानाखेड़ा जैसे मार्ग शामिल हैं। इनसे आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक और धार्मिक क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान बनाने का लक्ष्य है।

    सिंहस्थ से पहले महत्वपूर्ण कदम
    सिंहस्थ 2028 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए यह व्यवस्था निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और शहर के धार्मिक पर्यटन को व्यवस्थित करने की दिशा में अहम पहल है। हालांकि, इसकी वास्तविक उपयोगिता नियमित संचालन, बसों की उपलब्धता और यात्रियों को समय पर सुविधा मिलने पर निर्भर करेगी।

    कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेश नाथ महाराज, डा. लता वानखेड़े, महापौर मुकेश टटवाल, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

    बस सरकार की, संचालन ग्रीन सेल का
    बस सेवा की पूरी व्यवस्था कई स्तरों पर काम करेगी। राज्य स्तर पर मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवाईपीएल) व्यवस्था देखेगी। इसके तहत उज्जैन संभाग के लिए यूसीटीसीएल काम करेगी। यूसीटीसीएल के एमडी मनीष सिंह और कार्यकारी निदेशक संदीप सोनी हैं।

    नगर निगम आयुक्त, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी व्यवस्था से जुड़े हैं। बसों का प्रत्यक्ष संचालन ग्रीन सेल कंपनी करेगी। ड्राइवर-कंडक्टर उपलब्ध कराने से लेकर बस के मेंटेनेंस तक की जिम्मेदारी ग्रीन सेल की रहेगी। इसके बदले यूसीटीसीएल द्वारा ऑपरेटर को 58 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।

    ये रहेगी संचालन की व्यवस्था
    यात्रियों से किराया लेने और फेयर कलेक्शन की जिम्मेदारी ‘चलो’ कंपनी को दी गई है। टिकट से मिलने वाली पूरी आय यूसीटीसीएल के पास जाएगी। ‘चलो’ कंपनी को बस संचालन के हिसाब से 8 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

    महाकाल लोक पुलिस स्टेशन शुरू
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने श्री महाकाल लोक पुलिस स्टेशन का भी शुभारंभ किया. महाकाल क्षेत्र में बढ़ती श्रद्धलुओं की संख्या और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

    14.42 किलोमीटर सड़क, आरओबी और पुल का निरीक्षण
    मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया. लोक निर्माण विभाग द्वारा सीआईआरएफ के तहत निर्मित की जा रही 42.14 किलोमीटर लंबी सड़क और आरओबी व पुल निर्माण कार्यो को देखा. मुख्यमंत्री ने कहा, ''अवंतिका प्राचीन काल से गौरवशाली नगरी है. उज्जैन के सौंदर्यीकरण में नागरिक भी अपना योगदान दे रहे हैं. उज्जैन में मेट्रो ट्रेन की सौगात जल्द मिलने वाली है.'' प्रदेश में उद्योगिक विकास और अलग अलग शहरों के विकास से जुड़े प्रयासों के बारे में बताया। 

    172.87 करोड़ की 15 विकास परियोजनाएं
    मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले को 172.87 करोड़ के 15 वि
    कास कार्यों की भूमिपूजन व लोकार्पण कर सौगात दी है. जिसमें 12 कार्य भूमिपूजन व 3 लोकार्पण है. भूमिपूजन में गौशाला मार्ग से शिप्रा विहार मार्ग निर्माण, महाकाल लोक क्षेत्र में पार्किंग, श्री महाकाल मंदिर परिसर का विकास और क्षिप्रा नदी के घाटों का जीर्णोद्धार शामिल है. साथ ही महाकाल मंदिर के पीछे लैंडस्केप, चिंतामण जवासिया में पुलिस आवास, उन्हेल में थाना भवन, पर्यटन विभाग से सबंधित कार्य. जिनकी लागत 153.31 करोड़ है. वहीं, 19.56 करोड़ के लोकार्पण में नीलगंगा और उन्हेल में निर्मित पुलिस आवास व थाना भवन, बड़नगर में निर्मित 33/11 के.वी विद्युत उपकेंद्र शामिल हैं। 

     

  • इंदौर में सिटी बस ने मचाया कहर, 4 लोगों को कुचला; 1 की मौत, 3 गंभीर

    इंदौर में सिटी बस ने मचाया कहर, 4 लोगों को कुचला; 1 की मौत, 3 गंभीर

    इंदौर.

    मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के प्रसिद्ध राजबाड़ा क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। रविवार को एक बेकाबू सिटी बस ने राह चलते चार लोगों को जोरदार टक्कर मार दी।

    इस भीषण दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस फिलहाल सभी पीड़ितों की शिनाख्त करने में जुटी हुई है।

    घायलों का उपचार जारी
    एमजी रोड थाना प्रभारी विजय सिसौदिया से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा सिटी बस चालक की गफलत और लापरवाही के कारण घटित हुआ। अनियंत्रित बस अचानक सड़क से गुजर रहे पैदल यात्रियों पर चढ़ गई, जिससे चारों लोग उसकी चपेट में आ गए।

  • पानी के तेज बहाव में बस बहने से बची, CG पुलिस ने 70 यात्रियों को किया सुरक्षित रेस्क्यू

    पानी के तेज बहाव में बस बहने से बची, CG पुलिस ने 70 यात्रियों को किया सुरक्षित रेस्क्यू

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर के पास सारागांव में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोल्हान नाले के तेज बहाव में जय अंबे की बस फंस गई. रायपुर से बलौदाबाजार जा रही बस में 70 यात्री सवार थे.

    मार्ग पर पानी के तेज बहाव के कारण सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात थी. बाकी वाहनों की तरह बस को भी आगे जाने से रोका गया, लेकिन चालक ने ब्रेक नहीं लगाया. जानकारी के मुताबिक, विधानसभा थाना क्षेत्र के कोल्हान नाले में पानी के तेज बहाव को देखकर बस में सवार यात्रियों ने चालक को आगे जाने से मना किया. इसके बावजूद वह बस को आगे बढ़ाता गया. आगे से आ रही ट्रकों को रास्ता देने के लिए बस को साइड देना पड़ा. तभी तेज बहाव में बस फंस गई, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया. कुछ  लोगों ने घबराकर खिड़की से बाहर कूदने की तैयारी कर ली थी. स्थिति को संभालते हुए पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने बस के पास पहुंचकर लोगों को बाहर निकाले की प्रक्रिया शुरू की. दाई ओर की खिड़की से यात्रियों को बाहर निकाला गया. रेस्क्यू अभियान में ग्रामीणों ने भी पुलिस की मदद की. सभी 70 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया. पुलिस की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया.

    पुलिस ने बस चालक को हिरासत में ले लिया है. पूछताछ में चालक से पता लगाया जा रहा  कि चेतावनी के बावजूद उसने बस को आगे क्यों बढ़ाया. साथ ही बस परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई. सीएसपी विधानसभा वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि शनिवार को कोल्हान नाले में पानी का बहाव बढ़ा हुआ था. मौके पर मौजूद टीम वाहनों को आगे जाने से रोक रही थी. इसके बावजूद यात्री बस आगे बढ़ गई. ट्रकों की आवाजाही के दौरान बस को साइड करना पड़ा, जिसके बाद वह पानी के बहाव में फंस गई. पुलिस ने तत्काल यात्रियों को खिड़कियों के रास्ते बाहर निकाला. सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और बस को भी बाहर कर लिया गया. चालक को हिरासत में लिया गया है. मामले में जांच जारी है.

  • उज्जैन वालों का सफर होगा आसान, 12 रूट पर उतरेंगी 100 ई-बसें

    उज्जैन वालों का सफर होगा आसान, 12 रूट पर उतरेंगी 100 ई-बसें

    उज्जैन
     
    महाकाल की नगरी उज्जैन में सरकारी परिवहन सेवा का इंतजार खत्म हो गया है। दो-तीन दिनों में सिटी 2 बस सेवा फिर शुरू होने वाली है। इसके लिए शुक्रवार-शनिवार को 10 ई-बसें (Ujjain e-buses service) शहर पहुंच जाएंगी। इन बसों को सबसे पहले उज्जैन दर्शन रूट पर उतारकर सिटी बस सेवा की शुरुआत की जाएगी।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना में शुक्रवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में भोपाल से कुछ जिलों में संचालन के लिए 351 बसों को झंडी दिखाई। उज्जैन की 10 सिटी बसें भी शामिल थीं। ये बसें शुक्रवार देर रात या शनिवार सुबह तक शहर पहुंच जाएंगी। इन बसों को 27 किलोमीटर से अधिक लंबे उज्जैन दर्शनी रूट पर संचालित किया जाएगा। संभावना है कि दो-तीन दिन में बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद यात्रियों को आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस इन ई-बसों मैं सुलभ सफर की सुविधा मिल सकेगी। हालांकि, अभी इसका किराया घोषित नहीं किया गया है। जल्द ही किराया और फेरों की संख्या निर्धारित की जाएगी।

    यूसीटीएसएल को सौंपी संचालन की कमान
    मप्र में बसों के संचालन के लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड (एमपीवायपीआइएल) नाम से राज्य स्तरीय कंपनी बनाई जा रही है। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री है। परिवहन सचिव मनीष सिंह है। जेएनएनयूआरएम के अंतर्गत उज्जैन में सिटी बस संचालन के लिए उज्जैन नई व्यवस्था में यूसीटीएसएल अब सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (यूसीटीएसएल) थी। एमपीवायपीआइएल के अधीन सहायक कंपनी के रूप में कार्य करेगी। इसका कार्य क्षेत्र भी बढ़ाया है। अब यूसीटीएसएल के अधीन संभाग के सभी सातों जिलों की बस सेवा रहेगी। उज्जैन से ही संभाग के जिलों की बस सेवा पर नियंत्रण रखा जाएगा। उज्जैन में संचालित ई-सिटी बसों का संचालन यूसीटीएसएल के पूर्व माध्यम से होगा। संचालन के लिए में ही निजी ऑपरेटर का चयन किया जा चुका है। शासन ने उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी को जिम्मेदारी भी सौंपी है।

    इस रूट पर चलेगी उज्जैन दर्शन सेवा
    है। उज्जैन दर्शन रूट की लंबाई 27.01 किलोमीटर है। यह सिटी बस के आंतरिक शहर के लिए निर्धारित 12 रूट में तीसरे नंबर का सबसे बड़ा रूट इसमें मेघदूत वन से बस मिलेगी। उज्जैन दर्शन रूट मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होगा, जो महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, शिप्रा नदी, ऋणमुक्तेश्वर, भर्तृहरि गुफाएं, गढ़कालिका, काल भैरव, सिद्धवट मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम, चिंतामन गणेश मंदिर से होते हुए पुनः मेघदूत वन पर समाप्त होगा। शुरुआत में इस रूट पर 10 बसें उतारी जाएंगी। कुछ दिनों में इस रूट पर बसों की संख्या 15 भी हो सकती है।

    तीन महीने में 12 रूट पर दौड़ेंगी 100 बसें
    शहर को सिटी बस के लिए केंद्र से कुल 100 ई-बसें आवंटित हुई है। मक्सी रोड पुराने डिपो पर ई-बस डिपो तैयार किया जा रहा है। यहां चार्जिग स्टेशन का निर्माण जारी है। एक-दो दिन में 100 में से 20 बसें उज्जैन पहुंच जाएंगी। इससे यूसीटीएसएल उज्जैन दर्शन के बाद एक-दो और रूट पर ई-बस सेवा शुरू कर देगा। संभावना है कि तीन महीने में सभी 100 बसें उज्जैन को उपलब्ध हो जाएंगी। ऐसा होने पर इस वर्ष के अंत या नए साल की शुरुआत में सभी 100 बसें निर्धारित सभी 12 रूट पर दौड़ती नजर आएंगी। ये रूट शहर के एक से दूसरे छोर को जोड़ने के साथ ही आसपास के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों को भी उज्जैन से जोड़ रहे है।

    जल्द ऑन रोड होंगी बसें
    बस सुविधा के लिए उज्जैन की बसों को भोपाल में हरी झंडी दिखाई गई है। 10 ई-बसें उज्जैन के लिए रवाना हो गई हैं। दो तीन दिन में इन्हें ऑनरोड कर दिया जाएगा। शुरुआत उज्जैन दर्शन रूट से की जा रही है। चरणबद्ध रूप से सभी 100 ई-बसें ऑनरोड हो जाएंगी।-संदीप सोनी, सीईओ, यूसीटीएसएल

    11 रूट पर मिलेंगी बसें 
    उज्जैन दर्शन के बाद चरणबद्ध रूप से शेष 11 रूट पर सिटी बस सेवा शुरू की जाएगी। बसें इलेक्ट्रिक होंगी. 7 सीसीटीवी कैमरों संग अन्य सुरक्षा से लैस होंगी।

    रूट-यू1: तपोभूमि से पान बिहार, लंबाई 33.35 किमी।

    रूट-यू2: रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, लंबाई 9.48 किमी।

    रूट-यूः कानीपुरा से अभिलाषा कॉलोनी, लंबाई 12.94 किमी।

    रूट-यू 4: देवासगेट से तपोभूमि, लंबाई 16.78 किमी।

    रूट-यूडः देवासगेट से ताजपुर, लंबाई 16 किमी।

    रूट-यू 6: देवासगेट से सांवराखेड़ी नए आरटीओ, लंबाई 8.97 किमी।

    रूट-यू महाकाल चौराहे से अभिलाषा कॉलोनी, 11.52 किमी।

    रूट-यू४: देवासगेट से नानाखेड़ा, लंबाई 4.25 किमी।

    रूट-यू9: अवंतिका विवि जवासिया से नानाखेड़ा, लंबाई 17.84 किमी।

    रूट-यू 10: देवासगेट से मरलीपुरा, लंबाई 5.03 किमी।

    रूट-यू11: तपोभूमि से नजरपुर, लंबाई 28.44 किमी।

    रूट-यू 12: उज्जैन दर्शन, लंबाई 27.01 किमी।

    (अभी किराया दर व रूट पर बसों की संख्या घोषित नहीं की गई

  • दिल्ली-महोबा स्लीपर बस हादसा: आग में झुलसे 9 यात्री, ड्राइवर पर गंभीर आरोप

    दिल्ली-महोबा स्लीपर बस हादसा: आग में झुलसे 9 यात्री, ड्राइवर पर गंभीर आरोप

    ग्रेटर नोएडा
     ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक यात्री बस में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई है। यह बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। यह भीषण हादसा दयानतपुर गांव के पास हुआ। हादसे के समय बस में करीब 35 लोग सवार थे।

    घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
    बताया जा रहा कि रात करीब 11 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर टोल के पास शॉर्ट सर्किट के चलते बस में आग लग गई। ड्राइवर ने आग लगने के बाद बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया था। लेकिन भीषण आग के चलते बस में अफरातफरी मच गई। हादसे के समय कुछ यात्री तो बस से निकलने में कामयाब हो गए। लेकिन कुछ यात्रियों की बस के अंदर जलने से मौत हो गई। यह बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है। घायलों को नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस बस में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।

    सीएम योगी ने हादसे का लिया संज्ञान
    ग्रेटर नोएडा में हुए सड़क हादसे का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार करवाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से संवाद कर हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का भी निर्देश दिया है। 

    आग लगने के बाद बस में भर गया था धुआं
    इस हादसे में कई बच्चों और बुजुर्गों की मौत की भी खबर है। हादसे वाली बस का नंबर BR32 PA8647 है। बस में यात्रा कर रहे एक चश्मदीद ने बताया कि जब मैं सो गया था, तो किसी ने मुझे जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है और हम सब बाहर निकलने के लिए हड़बड़ी में भागे। बस से निकलना आसान नहीं था। बहुत ज़्यादा धुआं था। घबराहट के बीच हम किसी तरह बाहर निकल पाए। बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी।

    सीएम योगी ने मुआवजे का किया ऐलान
    ग्रेटर नोएडा बस हादसे पर सीएम योगी ने मुआवजे का ऐलान किया है. मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए व घायलों को 50-50 हजार रुपए को आर्थिक मदद का सीएम ने किया ऐलान. बस हादसे में 30 लोगों को पुलिस व बचाव दल ने सुरक्षित बचाया। 

    पुलिस अधिकारी ने बस हादसे की दी जानकारी
    साथ ही सीएम योगी ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. यह घटना यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे हुई, जो जेवर थाना क्षेत्र में आता है. ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि आग लगते ही बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए बस से कूदना शुरू कर दिया. हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई. देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपने चपेट में ले लिया। 

    अभी भी फंसे हो सकते हैं कुछ और लोग
    आग की सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद फायर टीम ने आग पर काबू पा लिया. चिंता की बात यह है कि कुछ लोगों के अभी भी बस में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. फायर विभाग के मुताबिक जब तक कूलडाउन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तबतक बस के अंदर तलाशी नहीं ली जा सकेगी। 

    बस ड्राइवर से की जा रही पूछताछ
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त बस के सभी प्रपत्र (फिटनेस, परमिट आदि) वैध पाए गए हैं। गौतमबुद्ध नगर पुलिस बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। यात्रियों को तत्काल वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था कर उनके गंतव्य स्थानों पर भेजा जा रहा है।

  • बसों की छत पर सामान ढोने पर 49 स्लीपर बसों के चालान

    बसों की छत पर सामान ढोने पर 49 स्लीपर बसों के चालान

    बसों की छत पर सामान ढोने पर 49 स्लीपर बसों के चालान

    रायपुर
    यात्री बसों में छत पर सामान ढोने और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई की। परिवहन उड़नदस्ता रायपुर ने अंतरराज्यीय बस स्टैंड भाठागांव समेत प्रमुख मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया।
    जांच के दौरान छत पर सामान ले जाने वाली 49 स्लीपर बसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2 लाख 64 हजार रुपए के चालान किए गए। अधिकारियों के मुताबिक बसों की छत पर सामान ढोना सड़क सुरक्षा मानकों के विपरीत है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
    अभियान के दौरान बसों के दस्तावेज, फिटनेस और परमिट की वैधता भी जांची गई। शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने, किराया सूची प्रदर्शित नहीं करने और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले 111 वाहनों से 42 हजार 800 रुपए शास्ति वसूल की गई।
    इस तरह कुल 160 यात्री बसों पर 3 लाख 6 हजार 800 रुपए की चालानी कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग के अनुसार कार्रवाई के बाद बस संचालकों को नियमों का पालन करने और वाहनों में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • सरकारी बस सेवा पर संकट, पंजाब में कल से 5500 कर्मचारी हड़ताल पर

    सरकारी बस सेवा पर संकट, पंजाब में कल से 5500 कर्मचारी हड़ताल पर

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़. त्योहारी और कामकाजी सीजन के बीच पंजाब की सड़कों पर एक बार फिर परिवहन सेवाएं ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।

    अपनी लंबित मांगों और सेवाओं को नियमित कराने की मांग को लेकर पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के लगभग 6500 अनुबंध कर्मचारी आर-पार की लड़ाई के मूड में आ चुके हैं। यूनियन की घोषणा के मुताबिक आगामी 22 सितंबर से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी, जिसके चलते करीब 2700 से ज्यादा सरकारी बसों के पहिए थम सकते हैं। इस बड़े फैसले से रोजाना सफर करने वाले आम यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों की परेशानियां बढ़ना तय माना जा रहा है।

    साढ़े चार साल से टल रही है नियमितीकरण की मांग
    चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी पिछले साढ़े चार साल से लगातार अपनी नौकरी पक्की करने और शोषणकारी ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने की गुहार लगा रहे हैं। सरकार के नुमाइंदों के साथ इस सिलसिले में अब तक 60 से 65 दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा है। बीते 17 सितंबर को परिवहन मंत्री के साथ होने वाली अहम बैठक भी ऐन वक्त पर रद्द कर दी गई, जिसके बाद कर्मचारियों के पास आंदोलन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा।

    पीएफ, ईएसआई और किलोमीटर स्कीम पर गंभीर आरोप
    यूनियन के महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों ने ठेकेदारों के मार्फत काम कर रहे कर्मियों के भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) के नाम पर हो रहे कथित शोषण का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कागजी दावों के उलट धरातल पर कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। इसके साथ ही यूनियन ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकारी बेड़े की करीब 800 बसें कंडम घोषित हो चुकी हैं, तो नई बसें खरीदने के बजाय किलोमीटर स्कीम को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है? वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरकेश कुमार विक्की ने कहा कि सरकारी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की बजाय इसे कमजोर करने की साजिश रची जा रही है।

    मंत्रियों के आवास के बाहर प्रदर्शन और आर-पार का अल्टीमेटम
    यूनियन नेताओं ने दोटूक शब्दों में चेताया कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 22 सितंबर को होने वाले चक्का जाम के साथ-साथ कर्मचारी मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के सरकारी आवासों के बाहर भी जोरदार धरने-प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा आंदोलन के दौरान पूर्व में कर्मचारियों पर दर्ज किए गए पुलिस मामलों को वापस लेने और जेलों में बंद साथियों की रिहाई की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई है। बहरहाल, यदि इस गतिरोध को समय रहते बातचीत के जरिए नहीं सुलझाया गया, तो आने वाले दिनों में पंजाब की सड़कों पर यात्रियों का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

  • CG Bus Strike: किराया बढ़ाने की मांग पर कल बसों का चक्का जाम, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

    CG Bus Strike: किराया बढ़ाने की मांग पर कल बसों का चक्का जाम, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

    राजनांदगांव.

    बस ऑपरेटरों ने 21 सितंबर से हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। ऐसे में यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती है हड़ताल के दौरान बसों के पहिए थमने से जिले के भीतर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।

    रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्र से शहर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिले में भी बस आपरेटर संघ द्वारा शासन-प्रशासन पर दबाव बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बस किराया बढ़ाने की मांग को लेकर जिले के बस ऑपरेटरों ने शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी है। ऑपरेटरों का कहना है कि मौजूदा किराए में बसों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है।

    डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, परमिट, टैक्स, कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि लंबे समय से यात्री किराए में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। राजनांदगांव जिला मुख्यालय के दो बस स्टैंड से विभिन्न क्षेत्रों में 300 से अधिक वर्षों का संचालन होता है। बस ऑपरेटरों ने शासन से यात्री किराए में बढ़ोतरी करने की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत के बीच वर्तमान किराया व्यवस्था में बस संचालन आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। मांग पर जल्द निर्णय नहीं होने की स्थिति में बस संचालकों ने आंदोलन का ऐलान किया है। लंबे समय से किराया बढ़ाने जाने की तैयारी की जा रही है।