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  • पंजाब की तरक्की ही हमारी सियासत: CM भगवंत मान बोले- हर क्षेत्र में नंबर-1 बनने की दिशा में बढ़ रहा राज्य

    पंजाब की तरक्की ही हमारी सियासत: CM भगवंत मान बोले- हर क्षेत्र में नंबर-1 बनने की दिशा में बढ़ रहा राज्य

    मुकेरियां 

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मुकेरियां में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब को हर क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनाने का सफर जनता के सहयोग और विश्वास से लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और समाज कल्याण के क्षेत्र में किए गए वादों को पूरा किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की राजनीति सत्ता का आनंद लेने के लिए नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों की तरक्की और खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां आप सरकार जनता को सुविधाएं देने पर काम कर रही है, वहीं कांग्रेस सत्ता की लड़ाई में उलझी हुई है।

    भगवंत मान ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बीच मुख्यमंत्री बनने की होड़ लगी हुई है और जनता की समस्याओं की किसी को चिंता नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो मौजूदा सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर देगी।

    गुरु साहिब की बेअदबी मामले पर बोले सीएम
    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु साहिब की बेअदबी के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा और उन्हें कानून के अनुसार सजा मिलेगी।

    अकाली दल और सुखबीर बादल पर साधा निशाना
    अकाली दल पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी ने लोगों से झूठे वादे कर सत्ता हासिल की, लेकिन पंजाब के विकास के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि अकाली दल अब अपना जनाधार खो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली सरकार के समय पंजाब में गैंगस्टरों और नशा तस्करों को बढ़ावा मिला, जिसे जनता कभी नहीं भूलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग ऐसे नेताओं को फिर मौका नहीं देंगे।

    विरोधी दलों पर बोला तीखा हमला
    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर जमकर राजनीतिक तीर चलाए। उन्होंने विपक्षी दलों की अंदरूनी कलह और उनके पिछले शासनकाल पर सवाल खड़े किए:

    कांग्रेस की अंतर्कलह पर तंज
     "कांग्रेस केवल सत्ता की मलाई चाटने के लिए लड़ रही है। इनके नेता एक-दूसरे के साथ खड़े होने को तैयार नहीं हैं क्योंकि हर किसी को सिर्फ सीएम की कुर्सी चाहिए। राहुल गांधी जिस बस यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे, उसमें सवार नेता आपस में ही लड़कर ज़ख्मी हो जाएंगे।" सीएम मान ने यह भी दावा किया कि कांग्रेसी नेताओं ने सत्ता में आने पर जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने की बात कही है।

    सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
    भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली दी है और 68 हजार से ज्यादा युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों का सुधार किया गया है, टोल प्लाजा बंद किए गए हैं और राज्य में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का इस्तेमाल होता था, जो अब बढ़कर 88 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है। उन्होंने कहा कि नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं, जिससे भूजल स्तर में सुधार हुआ है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव का दावा
    मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। हमने प्राथमिक और मिडिल स्कूलों का उन्नयन किया है, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया है, स्मार्ट कक्षाएं शुरू की हैं तथा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर प्रथम स्थान हासिल किया है।”

    हमारी सरकार शिक्षा पर विशेष बल दे रही है
    उन्होंने आगे कहा, “पिछले चार वर्षों से हमारी सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट कक्षाओं पर विशेष ध्यान दिया है। पहले केरल शीर्ष स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान हासिल किया है। भविष्य में भी हम ऐसे प्रयास जारी रखेंगे। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर संसार को आलोकित करती है। इसी कारण हमारी सरकार शिक्षा पर विशेष बल दे रही है।”

    राज्य सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को हेल्थ कार्ड जारी किए जा रहे हैं। प्रत्येक परिवार 10 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार का पात्र है। अब तक 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को उनके हेल्थ कार्ड मिल चुके हैं और इस योजना के अंतर्गत लोग लगभग 650 करोड़ रुपये का मुफ्त उपचार प्राप्त कर चुके हैं। मैं सभी पात्र परिवारों से आग्रह करता हूं कि वे इन हेल्थ कार्डों का अधिकतम लाभ उठाएं।”

    महिलाओं और किसानों के लिए योजनाओं का जिक्र
    भगवंत मान ने कहा कि ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजना के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है और यह योजना लगातार जारी रहेगी।

    किसानों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में पहली बार धान के सीजन में ट्यूबवेलों को आठ घंटे से ज्यादा निर्बाध बिजली दी जा रही है और किसानों को दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली मिल रही है।

    मेरी राजनीति सत्ता प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों की प्रगति और समृद्धि के लिए है। आपका विश्वास हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर पंजाब को एक बार फिर हर क्षेत्र में देश का नंबर एक राज्य बनाने की इस यात्रा को आगे बढ़ाएं।

    ‘कांग्रेस के नेताओं में मची है सिर-फुटौवल’
    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मुकेरियां की रैली में कांग्रेस के बड़े नेताओं के आपसी मतभेदों को सार्वजनिक मंच से उजागर किया. उन्होंने मजाकिया लहजे में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की आपसी खींचतान का ब्योरा देते हुए मंच से कहा:

    • आपसी खींचतान की फेहरिस्त: आज राजा वडिंग की चरणजीत सिंह चन्नी के साथ नहीं बनती. चन्नी की प्रताप सिंह बाजवा के साथ नहीं पटती और बाजवा की रंधावा से ठनी हुई है. वहीं रंधावा की वडिंग से लड़ाई है। 

    • नवजोत सिंह सिद्धू पर तंज: राजा वडिंग की नवजोत सिंह सिद्धू के साथ बिल्कुल नहीं बनती और सबसे मजेदार बात यह है कि नवजोत सिंह सिद्धू की तो पंजाब कांग्रेस में किसी के साथ भी नहीं बनती। 

    • बीच-बचाव की नौबत: मान ने हंसते हुए कहा कि कांग्रेस की इस आपसी लड़ाई को खत्म कराना अब बहुत जरूरी हो गया है. लगता है अब इस लड़ाई को शांत कराने के लिए हमें ही बीच में आना पड़ेगा। 

    ‘पहले सीटें तो जीत लो, मुख्यमंत्री बाद में बनना’
    भगवंत सिंह मान ने चुटकी लेते हुए कहा कि पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा यानी 59 सीटें चाहिए लेकिन कांग्रेसी बिना सीटें जीते ही आपस में मुख्यमंत्री पद के लिए लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस वाले तो इस तरह बर्ताव कर रहे हैं जैसे राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की शपथ के लिए समय निश्चित कर दिया है और कांग्रेस वालों को मुख्यमंत्री बनाना है, इसलिए सब कह रहे कि मुझे मुख्यमंत्री बनाओ. पहले सीटें तो जीत लो मुख्यमंत्री बनने के लिए, इतनी सीटें लाओगे कहां से? उन्होंने साफ आरोप लगाया कि कांग्रेस में हर कोई एक-दूसरे की लात खींचने में व्यस्त है और यह लड़ाई सिर्फ पंजाब को लूटने के लिए लड़ी जा रही है। 

    कांग्रेस की बस यात्रा पर कसा तीखा तंज
    कांग्रेस की प्रस्तावित बस यात्रा पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब सुनने में आ रहा है कि कांग्रेस वाले एक बस यात्रा करेंगे, जिसमें राहुल गांधी पंजाब के सभी कांग्रेस नेताओं को एक साथ बस में चढ़ाएंगे और उसे हरी झंडी दिखाएंगे। 

        “मैं दावे के साथ कहता हूं कि ये नेता बस में चढ़ तो सारे इकट्ठे जाएंगे लेकिन जब उतरेंगे तो कोई भी इकट्ठा नहीं उतरेगा. सबकी पगड़ी उनके हाथों में होगी, कोई लहूलुहान होगा, किसी का माथा फूटा हुआ होगा तो किसी की नाक टूटी होगी. मेरा तो सुझाव है कि इन नेताओं के साथ दो-चार आदमी लड़ाई छुड़ाने वाले भी बस में चढ़ा देना ताकि बीच रास्ते में भारी बवाल न हो.”
        — भगवंत सिंह मान, मुख्यमंत्री, पंजाब

    भगवंत सिंह मान ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता केवल सत्ता हथियाकर पंजाब को लूटना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार में आने पर मुफ्त बिजली समेत पंजाब की सभी लोक-कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर देगी, क्योंकि कांग्रेसी नेता पहले ही यह बयान दे चुके हैं कि मुफ्त वाली सभी योजनाएं बंद होनी चाहिए। 

    ‘जनता से संवाद का मंच है यह कार्यक्रम’
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मुकेरियां की जनसभा कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनता से सीधा संवाद करने का मंच है। उन्होंने कहा कि लोगों ने आम आदमी पार्टी को समर्थन दिया, जिसके बाद सरकारी स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक सेवाओं में बदलाव देखने को मिला।

    अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जनसभा के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुकेरियां की पवित्र धरती पर मुझे जो प्रेम, स्नेह और विश्वास मिला है, वही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। हम अपने किए गए प्रत्येक वादे को पूरा कर रहे हैं। मुफ्त बिजली, बेहतर सरकारी स्कूल, महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों को दिन में बिजली की आपूर्ति तथा समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास अब वास्तविकता बन चुके हैं।

    'आप' सरकार की प्रमुख उपलब्धियां और योजनाएं

    सीएम भगवंत मान ने मंच से अपनी सरकार की रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाओं और आंकड़ों को जनता के सामने रखा:

    योजना / क्षेत्र मुख्य लाभ और प्रगति
    मुफ़्त बिजली राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मिल रही है ज़ीरो बिजली बिल की सुविधा।
    रोज़गार बिना किसी भ्रष्टाचार और सिफारिश के 68,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं।
    नहरी पानी व भूजल सिंचाई के लिए नहरी पानी का उपयोग 22% से बढ़ाकर 88% किया गया; भूजल स्तर 2 से 4 मीटर ऊपर आया।
    मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना सभी 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस हेल्थ कार्ड; अब तक 30 लाख से अधिक कार्ड जारी।
    कृषि क्षेत्र धान के सीजन में पहली बार किसानों को दिन के समय 8 घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति।

    'मांवां-धीयां सत्कार योजना' पर बड़ा अपडेट

    महिलाओं के सशक्तिकरण का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि… जो महिलाएं जुलाई महीने में किसी कारणवश पंजीकरण (Registration) नहीं करा सकीं, उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है। अगस्त में उन्हें तीन महीने की राशि एक साथ दी जाएगी। जब तक हमारी सरकार है, यह योजना कभी बंद नहीं होगी।

    'एक्स' (Twitter) पर साझा किया जनता के प्रति आभार

    जनसभा के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा— “मुकेरियां की पवित्र धरती पर मुझे जो प्रेम, स्नेह और विश्वास मिला है, वही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मुफ्त बिजली, बेहतर स्कूल, महिलाओं को वित्तीय सहायता और स्वास्थ्य सेवाएं अब पंजाब की वास्तविकता बन चुके हैं। आइए, हम सब मिलकर पंजाब को फिर से देश का नंबर एक राज्य बनाने की इस यात्रा को आगे बढ़ाएं।”

  • श्री अकाल तख्त साहिब का क्या है महत्व? जहां पेश होंगे पंजाब के CM भगवंत मान, समझिए इसकी पूरी भूमिका

    श्री अकाल तख्त साहिब का क्या है महत्व? जहां पेश होंगे पंजाब के CM भगवंत मान, समझिए इसकी पूरी भूमिका

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के सीएम भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब के सामने आज अपना पक्ष रखेंगे. वह पंजाब सरकार के सभी मंत्रियों, विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष के साथ जाएंगे. मान एक वीडियो को लेकर विवाद पर हैं. उन पर गुरु द्रोही औ पंथ विरोधी होने के आरोप हैं. इसके अलावा पंजाब सरकार के ईशनिंदा से जुड़े एक अधिनियम को भी पंथ की सलाह के बिना पारित किए जाने से नाराजगी है। 

    अकाल तख्त के सामने भगवंत मान इससे पहले भी पेश हो चुके हैं, जब उन्होंने वीडियो को फर्जी बताया था. उन्होंने दावा किया था कि वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से बनाया गया है. हालांकि मामले की सुनवाई के बाद अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने 15 जून को एक आदेश जारी करते हुए मान को गुरुद्रोही और खालसा पंथ का विरोधी घोषित किया था. ऐसा दावा किया गया है कि फोरेंसिक जांच में वीडियो सही पाया गया है. इसीलिए पंजाब सरकार के सभी मंत्रियों विधायकों को अकाल तख्त के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। 

    श्री अकाल तख्त साहिब क्या है?
    श्री अकाल तख्त साहिब सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था है.सरल शब्दों में कहें तो यह सिख समुदाय की सर्वोच्च धार्मिक और नैतिक अदालत है. यह अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर में है और सिखों के पांच तख्तों में सबसे प्रमुख मानी जाती है. इसका अर्थ है अकाल का सिंहासन, जिसका उद्देश्य सिर्फ आध्यात्मिक मार्गदर्शन तक सीमित नहीं है, यह समाज, न्याय और समुदाय से जुड़े मामलों में भी फैसला सुनाता है। 

    सिख नेट के मुताबिक जब गुरु हरगोबिंद के पिता और पांचवें सिख गुरु अर्जन देव को मुगल सम्राट जहांगीर ने शहीद करवाया तो उसके जवाब में गुरु हरगोबिंद ने इसकी स्थापना की थी. जब उन्होंने अकाल तख्त के मंच का अनावरण किया था तो उन्होंने दो तलवारें धारण की थीं. इनमें एक आध्यात्मिक शक्ति पीरी का संकेत देती थी ओर दूसरी सांसारिक शक्ति मीरी का. यह पीरी और मीरी दर्शन ही अकाल तख्त की आत्मा है. जो ये विचार देता है कि धर्म और न्याय अलग नहीं हैं. यानी एक हाथ में आस्था और दूसरे में अत्याचार के विरुद्ध खड़े होने की शक्ति। 

    क्या करता है अकाल तख्त?
        अकाल तख्त हुक्मनामा यानी धार्मिक आदेश जारी करता है. यह हुक्मनामा दुनिया भर के सिखों पर लागू होता है। 

        अकाल तख्त सिख हितों के लिए गलत बात करने वाला या हानिकारक कदम उठाने वाले को धार्मिक दंड दे सकती है। 

        तख्त किसी भी व्यक्ति की सेवा या उसके बलिदानों की सराहना भी कर सकता है जो सिख हितों के लिए काम करते हैं। 

        यह सिख समुदाय से जुड़े विवादों और महत्वपूर्ण मामलों पर मार्गदर्शन भी देता है। 

    जत्थेदार होता है अकाल तख्त का मुखिया
    अकाल तख्त का प्रमुख जत्थेदार ही उसका मुखिया होता है. जत्थेदार को ही दुनिया भर के सिखों का सर्वोच्च प्रवक्ता और प्रमुख माना जाता है. यह एक धार्मिक नेता की तरह होते हैं जिनसे अपेक्षा की जाती है कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त रहें. वर्तमान में कुलदीप सिंह गरगज कार्यवाहक जत्थेदार हैं.इनकी नियुक्त शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से 2025 में की गई थी. हालांकि तकनीकी तौर पर अकाल तख्त एक स्वतंत्र धार्मिक संस्था है। 

    अकाल तख्त के सामने बुलाए जाने का अर्थ क्या?
    श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार अगर किसी को पेश होने का आदेश देते हैं तो यह एक तरह का धार्मिक समन है. जो आरेापी व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का मौका देता है. जो भी व्यक्ति इसकी अनदेखी करता है वह सिख समुदाय की नजर में अपनी विश्वसनीयता खो देता है. आरोपी अगर पेश होता है तो उसका पक्ष सुनकर अकाल तख्त फैसला करता है कि उसे क्लीनचिट देनी है या फिर प्रायश्चित का आदेश देना है. इसे तनखाह कहा जाता है. यह धार्मिक दंड है. आम तौर पर तनखाह में सेवा कार्य, सार्वजनिक माफी की सजा दी जाती है। 

    सुखबीर सिंह बादल को मिला था धार्मिक दंड

    श्री अकाल तख्त साहिब ने 2024 में पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को तनखैया घोषित किया था. उन्हें तनखाह यानी धार्मिक सजा सुनाई गई थी. उन पर आरोप था कि 2007 से 2027 तक पंजाब की शिरोमणि अकाली दल सरकार में कुछ ऐसे फेसले हुए जिनसे पंथक हितों को नुकसान पहुंचा है. इसमें बेअदबी का माला भी शामिल था. सुखबीर सिंह बादल ने अपनी गलतियों के लिए बिना शर्त माफी मांगी थी. इसके बाद उने तनखाह सुनाई गई थी. उन्हें स्वर्ण मंदिर के बाद सेवादार की वर्दी पहनकर सेवा करनी पड़ी थी। 

    अकाल तख्त सबसे ऊपर क्यों?
    सिखों के पांच तख्त हैं. तख्त का अर्थ सिंहासन या सत्ता का आसन होता है. यह सिख धर्म का आध्यात्मिक और सांसारिक केंद्र है. पहला केंद्र श्री अकाल तख्त साहिब है, जो अमृतसर में है. दूसरा तख्त श्री केशगढ़ साहिब है जो आनंदपुर साहिब में है. तीसरा तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) और चौथा तख्त श्री पटना साहिब तथा पांचवां तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ में है. अकाल तख्त सर्वोच्च इसलिए है, क्योंकि ये पहला तख्त है। 

     

  • CM भगवंत मान का ऐलान: 1 जुलाई से शुरू होगी ‘सत्कार राशि’ योजना, महिलाओं के खातों में पहुंचेगा पैसा

    CM भगवंत मान का ऐलान: 1 जुलाई से शुरू होगी ‘सत्कार राशि’ योजना, महिलाओं के खातों में पहुंचेगा पैसा

    फतेहगढ़ साहिब
    महिला आर्थिक सशक्तिकरण की ओर ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और पहली जुलाई को महिलाओं के बैंक खातों में सीधे तीन महीने की सम्मान राशि की पहली किस्त जमा कर दी जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की माओं-बहनों को 4500 रुपये मिलेंगे, जबकि बाकी सभी श्रेणियों की महिलाओं को 3000 रुपये दिए जाएंगे।

    सीएम बोले पंजाब में रहेगी आप सरकार
    फतेहगढ़ साहिब हलके के गांव चनारथल कलां में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल महिलाओं के सम्मान, वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए 'आप' सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक पंजाब में 'आप' सरकार रहेगी, यह सहायता बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।

    किन महिलाओं के खातों में आएगी राशि
    फतेहगढ़ साहिब में 'लोक मिलनी' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 9 दिन बाद पहली जुलाई को 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर उनके खातों में वित्तीय सहायता जमा होने के नोटिफिकेशन प्राप्त होंगे। जनरल श्रेणी से संबंधित महिलाओं को 1,000 प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 प्रति माह मिलेंगे। यह पैसा बिना किसी मध्यस्थ के सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इसके लिए ₹9,300 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।"

    एक साथ आएगी तीन महीने की किस्त
    चनार्थल कलां गांव में 'लोक मिलनी' (जन-संवाद) कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लाभार्थियों को पहली किस्त के तौर पर तीन महीने का भुगतान मिलेगा. इसका मतलब है कि 1 जुलाई को अनुसूचित जाति की महिलाओं के बैंक खातों में 4,500 रुपये और सामान्य श्रेणी की महिलाओं के खातों में 3,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। 

    उन्होंने कहा कि 1 जुलाई को महिला लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर सूचना मिलेगी कि उनके खातों में आर्थिक सहायता जमा कर दी गई है. उन्होंने बताया कि 'मावां-धियां सत्कार योजना' के तहत तीन महीने की आर्थिक सहायता एक साथ दी जाएगी. पंजाब सरकार ने इस योजना के लिए 9300 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। 

    कुछ खास श्रेणियों की महिलाओं को इस योजना से बाहर रखा गया है. जिनमें केंद्र सरकार या देश के किसी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की नियमित या सेवानिवृत्त कर्मचारी, विधायक (MLA) या सांसद (MP) या किसी मौजूदा मंत्री, सांसद या विधायक की पत्नी शामिल हैं. प्रति महिला 1,000 रुपये की मासिक सहायता 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) का एक प्रमुख वादा था। 

    CM मान ने विपक्ष पर भी बोला हमला
    मान ने आगे कहा कि उनकी सरकार चल रही SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) प्रक्रिया के दौरान किसी भी असली मतदाता का नाम सूची से नहीं हटने देगी. उन्होंने कहा, "मैं लोगों को सावधान करना चाहता हूं कि BJP, SIR प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल करके वैध वोट हटवाने की कोशिश कर सकती है, जैसा कि चुनाव वाले दूसरे राज्यों में हुआ है. हालांकि, हम पूरी तरह सतर्क हैं और भगवा पार्टी के बुरे मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे. पंजाब के हर असली वोटर की सुरक्षा की जाएगी। 

    विरोधी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे कभी आम लोगों से नहीं मिलते थे. उन्होंने कहा, "वे अपने आलीशान घरों से तभी बाहर निकलते थे, जब तापमान की जांच कर लेते थे. दूसरी ओर मैं लोगों के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहता हूं. जनसेवा मेरे लिए कभी-कभार करने वाला काम नहीं है, यह मेरी ज़िम्मेदारी है। 

    महिलाएं सम्मान की हकदार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह निश्चित रूप से उन्हें सम्मान, स्वाभिमान और आत्म-विश्वास देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन की स्रोत हैं। माताओं-बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती को पार करने में मदद करते हैं। घरेलू दर्जे को सुधारने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करना बहुत जरूरी है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं तो परिवार खुशहाल होते हैं और समाज आगे बढ़ता है।

    एसआईआर पर भी दी प्रतिक्रिया
    एक अन्य मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारत चुनाव आयोग द्वारा चल रही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पंजाब सरकार किसी भी असली वोट को काटने नहीं देगी। मैं लोगों को सचेत करना चाहता हूं कि भाजपा वैध वोटों को काटने के लिए एसआईआर प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकती है, जैसा कि चुनाव वाले अन्य राज्यों में हुआ है। हालांकि, हम पूरी तरह से सतर्क हैं और भगवा पार्टी के नापाक इरादों को सफल नहीं होने देंगे। पंजाब के हर असली मतदाता की रक्षा की जाएगी।

  • ED एक्शन के बाद पहली बार आमने-सामने होंगे AAP नेता, गुरुग्राम जेल में अरोड़ा से मिलेंगे मान-केजरीवाल

    ED एक्शन के बाद पहली बार आमने-सामने होंगे AAP नेता, गुरुग्राम जेल में अरोड़ा से मिलेंगे मान-केजरीवाल

    चंडीगढ़
    मुख्यमंत्री भगवंत मान 23 मई यानी आज  संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान जेल में संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक, संजीव अरोड़ा गुरुग्राम जेल में बंद हैं।ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार होगा, जब आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता संजीव अरोड़ा से जेल में मिलने पहुंचेंगे। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।

    ED ने किया था गिरफ्तार
    पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन नि
    देशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने पहले उन्हें 7 दिन के रिमांड पर लिया। इसके बाद दो दिन का अतिरिक्त रिमांड भी मिला था। पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

    सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच वित्तीय लेन-देन और कुछ कारोबारी गतिविधियों से जुड़े मामलों को लेकर चल रही है। हालांकि आम आदमी पार्टी लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रही है।

    गिरफ्तारी के बाद AAP का खुला समर्थन
    संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी लगातार उनके समर्थन में खड़ी नजर आई। पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए कर रही है।

    अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का जेल जाकर मुलाकात करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह अरोड़ा के साथ खड़ा है।

    पंजाब की राजनीति में अहम चेहरा
    संजीव अरोड़ा पंजाब की राजनीति और उद्योग जगत दोनों में सक्रिय रहे हैं। आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था और बाद में पार्टी के प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होने लगी।

    पार्टी संगठन और कारोबारी वर्ग में मजबूत पकड़ रखने वाले अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी। विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है।

    जेल मुलाकात पर राजनीतिक नजर
    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी है। निकाय चुनावों और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच आप अपने नेताओं के समर्थन का स्पष्ट संकेत देना चाहती है।

    केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी नेता संजीव अरोड़ा के बीच गुरुग्राम जेल में होने वाली मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

    रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का गुरुग्राम जेल में आम आदमी पार्टी नेता संजय अरोड़ा से मिलने जाना केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं, बल्कि इसके पीछे कई सवाल खड़े होते हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुलाकात के तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, जेल में बंद व्यक्ति को यह समझाना कि ''अगर कमाया हुआ पैसा वापस जाना भी पड़े तो रोना नहीं चाहिए'', दूसरा, कथित तौर पर 'लूटे हुए धन' की जानकारी हासिल करना, और तीसरा, जेल के माहौल और व्यवस्था को समझना।

    रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह सिर्फ एक 'मीटिंग' नहीं थी, बल्कि एक तरह की 'रेकी' थी, जिससे आगे की राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई और नाम भी सामने आ सकते हैं।

    अरोड़ा को 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था।

    अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें मंत्री का सरकारी आवास भी शामिल था। यह कार्रवाई 2024 में भी हुई जांच से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें औद्योगिक जमीन को रिहायशी परियोजनाओं में बदलने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं।

    इस कार्रवाई को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।

    अब गुरुग्राम की जेल में बंद संजीव अरोरा से सीएम भगवंत मान की होने वाली मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसा है और कहा है कि आने वाले दिन में किसी अन्य नेता का नंबर आ सकता है, ऐसे में सीएम मान जेल की सुविधाओं का आंकलन करने के लिए जेल जा रहे हैं।

  • कलाकारों की बढ़ती ताकत से डरी BJP? भगवंत मान ने दिलजीत को लेकर लगाया बड़ा आरोप

    कलाकारों की बढ़ती ताकत से डरी BJP? भगवंत मान ने दिलजीत को लेकर लगाया बड़ा आरोप

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लाखों विद्यार्थियों के साथ विश्वासघात बताया, जिनके सपने परीक्षा प्रणाली में बार-बार हुई असफलताओं के कारण चूर-चूर हो गए हैं। कई मुद्दों पर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ की ओर से भाजपा के इशारे पर राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, उनके खिलाफ डराने-धमकाने का अभियान शुरू कर दिया गया है।

    दिलजीत के राजनीति में आने से इनकार पर धमकाने की राजनीति शुरू
    CM ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रसिद्ध गायक दिलजीत दोसांझ के राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, भाजपा ने उनके खिलाफ डराने-धमकाने की चालों का सहारा लिया। तमिलनाडु के राजनीतिक मैदान में अभिनेता विजय की सफलता के बाद, भाजपा को एहसास हुआ कि कलाकारों को ज्यादा जनता की मान्यता मिलती है, इसलिए उन्होंने दिलजीत दोसांझ को राजनीति में लाने की कोशिश की। जब से दिलजीत सिंह ने भाजपा का प्रस्ताव ठुकरा दिया है, उनके खिलाफ धमकाने की सियासत शुरू हो गई है, जो बिल्कुल गलत है। उनके मैनेजर के घर पर हमला करना धमकी की इस राजनीति को दर्शाता है।

    पेपर लीक ने उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया
    मीडिया से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री बोले- नीट पर्चा लीक होने की घटना ने लाखों उम्मीदवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में केंद्र की असफलता को जग-जाहिर कर दिया है। विद्यार्थियों ने अथक मेहनत की और परीक्षा पास करने की उम्मीद में रातें जागकर बिताईं, लेकिन पेपर लीक ने उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है।

    परीक्षार्थी गहरे सदमे में हैं क्योंकि केंद्र सरकार उनकी भविष्य की आशाओं के साथ हुई इस धोखाधड़ी को रोकने में असफल रही है। इस पेपर लीक के कारण लाखों उम्मीदें टूट गई हैं। केंद्र को परीक्षा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से करवाने को सुनिश्चित बनाना चाहिए था, जिससे लाखों विद्यार्थियों की किस्मत बदल सकती थी।

    विकास और भलाई एजेंडा AAPको सत्ता में वापस लाएगा
    इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि "रंगला पंजाब" बनाना पंजाब में 'आप' का एकमात्र चुनाव मुद्दा रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'आप' सरकार ने पिछले कुछ सालों में कई लोक-हितैषी और विकास-मुखी पहल की हैं। पंजाब के विद्यार्थी नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लगभग 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। लोग 10 लाख रुपए तक का नकद रहित डॉक्टरी इलाज करवा रहे हैं। हम विकास, भलाई और ईमानदार शासन के एजेंडे के साथ लोगों के पास जाएंगे। पंजाब में सर्वपक्षीय विकास हो रहा है और लोग इन पहलों का दिल से समर्थन कर रहे हैं।

  • पंजाब की राजनीति में हलचल: भगवंत मान पहुंचे दिल्ली, द्रौपदी मुर्मू के सामने बागी सांसदों का मुद्दा उठाएंगे

    पंजाब की राजनीति में हलचल: भगवंत मान पहुंचे दिल्ली, द्रौपदी मुर्मू के सामने बागी सांसदों का मुद्दा उठाएंगे

    चंडीगढ़.

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए दिवील्ली रवाना हो गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उनसे पहले आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा सुबह करीब 11 बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री की मुलाकात दोपहर 12 बजे तय है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे हैं और इस दौरान वे बागी सांसदों से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर सरकार का पक्ष राष्ट्रपति के सामने रखेंगे। वहीं, राघव चड्ढा अपने साथियों के साथ राष्ट्रपति से मिलकर पंजाब सरकार की ओर से की गई कार्रवाई पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि 24 अप्रैल को आप के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली थी। इनमें संदीप पाठक, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, संजीव अरोड़ा और विक्रमजीत साहनी समेत अन्य नाम शामिल हैं। इन सांसदों ने इसे सामूहिक निर्णय बताते हुए नियमों के तहत कदम उठाने का दावा किया था।

    आप कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
    इसके बाद 25 अप्रैल से पंजाब में आप कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। कई जगहों पर नारेबाजी और प्रदर्शन हुए। इसी बीच हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लिए जाने का मामला भी सामने आया, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा को और तेज कर दिया। 30 अप्रैल को पीपीसीबी (पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की टीमों ने कुछ औद्योगिक इकाइयों में कार्रवाई की, जिसे भी इस पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देखा गया। 2 मई को आप छोड़ने वाले सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने भ्रष्टाचार और एक महिला के शोषण के आरोपों में गैर-जमानती एफआईआर दर्ज की।

    पुलिस टीम उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची, लेकिन वे पहले ही वहां से निकल चुके थे।
    वहीं, 1 मई को पंजाब विधानसभा में सरकार ने फ्लोर टेस्ट भी पास कर लिया। 117 सदस्यीय सदन में आप के 88 विधायकों ने सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि विपक्ष ने इस प्रक्रिया का बहिष्कार किया। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और राघव चड्ढा की राष्ट्रपति से अलग-अलग होने वाली मुलाकातों को अहम माना जा रहा है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और घटनाक्रम से जुड़े मुद्दे सामने रखेंगे।

  • पंजाब CM राष्ट्रपति से अकेले मिलेंगे, 6 सांसदों के राइट टू रिकॉल पर होगी बातचीत, विधायक लाने की परमिशन नहीं मिली

    पंजाब CM राष्ट्रपति से अकेले मिलेंगे, 6 सांसदों के राइट टू रिकॉल पर होगी बातचीत, विधायक लाने की परमिशन नहीं मिली

    चंडीगढ़ 
     राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ 5 मई की मुलाकात से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद जो होगा, उससे आगे की रणनीति तय की जाएगी। राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें पंजाब का गद्दार बताया था। इसके साथ ही, भगवंत मान ने दलबदल से जुड़े विषय को लेकर राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था।

    खास बात है कि भगवंत मान ने राष्ट्रपति से अपने सारे विधायकों संग मिलने का समय मांगा था, लेकिन राष्ट्रपति ने सिर्फ भगवंत मान को अकेले मिलने का समय दिया है। अब भगवंत मान ने कहा है कि वह अपने सारे विधायकों के साथ दिल्ली राष्ट्रपति भवन जाएंगे।

    राष्ट्रपति ने भगवंत मान के अकेले मिलने का समय दिया
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    रुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति ने उन्हें 5 मई को दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लिखा, 'पंजाब की जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 5 मई को दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है। हालांकि, हमने सभी विधायकों के लिए समय मांगा था, लेकिन मुझे अकेले ही मिलने का निमंत्रण मिला है।'

    राष्ट्रपति से मिलने के बाद बनाएंगे रणनीति
    भगवंत मान ने कहा कि वह अपने साथी विधायकों के साथ राष्ट्रपति भवन जाएंगे। उनके सारे विधायक बाहर इंतजार करेंगे और वह अकेले राष्ट्रपति से मिलने अंदर जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं अंदर जाकर राष्ट्रपति के समक्ष सभी की ओर से पंजाब की आवाज और जनता का पक्ष मजबूती से रखूंगा। बैठक के बाद अगली रणनीति साझा की जाएगी। यह कीमती समय देने के लिए माननीय राष्ट्रपति का तहे दिल से धन्यवाद।

    राघव चड्ढा को लेकर भगवंत मान ने क्या कहा
    इससे पहले, सीएम मान ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा कि जो लोग इस दलबदल को सामान्य बात या परंपरा बता रहे हैं, वे जनता के फैसले की घोर अवहेलना को उचित ठहरा रहे हैं। यह अस्वीकार्य है, और इस तरह बोलने वाले लोग अपनी निष्ठा बदलने की तैयारी में दिख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के जनादेश का अपमान करने वाले ये सांसद किसी भी दया के पात्र नहीं हैं, क्योंकि वे पंजाब और पंजाबियों के गद्दार हैं।

    राष्ट्रपति से क्यों मिलने जा रहे CM मान आम आदमी पार्टी (AAP) के कुल 7 व पंजाब से राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी में बड़ी फूट की खबरें सामने आई थीं। पालिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख की मानें तो विधायकों को साथ ले जाकर मान यह दिखाना चाहते हैं कि पंजाब के विधायक अभी भी उनके और अरविंद केजरीवाल के साथ पूरी तरह एकजुट हैं।

    इसके अलावा वह पंजाब में भी मैसेज देने की कोशिश करेंगे कि उनकी पार्टी के 6 सांसदों ने पार्टी बदली तो उन्होंने उनकी मेंबरशिप खारिज करने तक की लड़ाई लड़ी। इससे इस बात का भी डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश होगी कि AAP ने गैर पंजाबियों को चुनकर राज्यसभा भेजा था। चूंकि राज्यसभा के लिए विधायक वोटिंग करते हैं, इसलिए इसमें लोगों का सीधा दखल नहीं है। इस फैसले की जिम्मेदार उन्हें राज्यसभा भेजने वाली पार्टी ही होती है।

    कल विधायकों की जालंधर मीटिंग की इनसाइड स्टोरी भी पढ़िए… कल आम आदमी पार्टी (AAP) ने जालंधर में मीटिंग बुलाई थी। सवा घंटे चली इस मीटिंग में विधायकों ने इकट्ठा होकर शक्ति प्रदर्शन किया। राघव चड्ढा के सवाल पर हर विधायक चिढ़ता नजर आया। खुद सिसोदिया यह कहकर निकल गए कि BJP बहुत घटिया और झूठी पार्टी है। उसकी बातों में मत आया करो।

    मीटिंग में CM भगवंत मान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। इस दौरान CM ने सुखपाल खैहरा का उदाहरण देते हुए विधायकों को अप्रत्यक्ष तौर पर चेतावनी दी।

    CM ने कहा- कुछ गड़बी पानी निकलने से नदी नहीं सूखती। खैहरा को भी गलतफहमी हुई थी कि AAP को छोड़ने से AAP खत्म हो जाएगी। खैहरा के न रहते भी 92 MLA आए। जो गए, उन्हें भी यही भ्रम है, लेकिन अच्छा हुआ वे वक्त से गए। इनके जाने से जो निगेटिविटी फैली है, उसे अगले कुछ महीनों में दूर कर लिया जाएगा।

    पार्टी सूत्र ने दावा किया की मीटिंग में 80 से ज्यादा विधायक आए थे। कुछ हाजिरी लगाकर निकल गए, क्योंकि उनके कार्यक्रम पहले से शेड्यूल थे।

    AAP की मीटिंग के क्या राजनीतिक मायने…

        कार्यकर्ताओं-विधायकों को बुलाकर विरोधियों को जवाब: पंजाब की AAP सरकार ने जालंधर में करीब 1 हजार ऑब्जर्वर और विधायकों की मीटिंग बुलाई। पार्टी सूत्रों ने बताया कि राघव चड्ढा के साथ हुए विवाद और फिर पार्टी के 6 राज्यसभा सांसदों के टूटने से बॉटम लाइन वर्करों में मैसेज जा रहा था कि पार्टी में गड़बड़ी है। विरोधी कई दिन से AAP पर हमलावर थे। मीटिंग के जरिए उन्हें जवाब दिया गया।

        वर्करों के बीच जाकर साथ खड़े होने का संदेश: BJP ने AAP के राज्यसभा सांसदों को तोड़कर बड़ा डेंट दिया है। सूत्र बताते हैं कि मीटिंग में वर्करों की निराशा को दूर करने पर काम किया गया। उन्हें गेम खिलाना इसी का हिस्सा रहा। खुद सिसोदिया ने एक-एक के पास जाकर हाथ मिलाया।

        विधायकों-ऑब्जर्वर्स की बॉन्डिंग चेक की: पार्टी के ही एक जिला लेवल वर्कर ने बताया कि मीटिंग और गेम्स के जरिए विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच की बॉन्डिंग भी चेक की गई। चुनाव सामने हैं और पार्टी इससे पहले हर तरह का नाराजगी को दूर करना चाहती है। इसलिए, सबको एक मंच पर लाया गया, ताकि ऊपर से भेजे मैसेज का नीचे तक असर हो।

        एक्टिविटी करवाकर जोश भरा: पार्टी की तरफ से विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच 20 मिनट तक गेम करवाए गए। इसमें रस्साकसी और रिंग के बीच से शरीर निकालने का कंपीटिशन करवाया गया। खुद मनीष सिसोदिया ने वर्करों और विधायकों के बीच पहुंचकर जोश भरा और तालियां बजाते नजर आए।