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  • CM मान ने बंदी सिंहों की रिहाई का दिया भरोसा, बोले- ‘हर हाल में मिलेगा न्याय’, कानून का रास्ता अपनाएंगे

    CM मान ने बंदी सिंहों की रिहाई का दिया भरोसा, बोले- ‘हर हाल में मिलेगा न्याय’, कानून का रास्ता अपनाएंगे

     चंडीगढ़
     बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे को लेकर गठित चार सदस्यीय कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की। कमेटी में गुरदीप सिंह बठिंडा, एडवोकेट जसपाल सिंह मंझपुर, पाल सिंह फ्रांस और बलविंदर पाल सिंह शामिल हैं। मुलाकात के दौरान कमेटी के सदस्यों ने बंदी सिंहों की रिहाई से जुड़े मुद्दे पर मुख्यमंत्री के समक्ष अपने विचार और मांगें रखीं।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने कमेटी के सदस्यों की बात और उनकी अपील को गंभीरता से सुना है। उन्होंने कमेटी को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार बंदी सिखों की रिहाई के मामले का जल्द से जल्द उचित और कानूनी समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।

    'जो काम पिछली सरकारों ने नहीं किया, हम करेंगे' बंदी सिंहों की रिहाई पर CM भगवंत मान ने दिलाया न्याय का भरोसा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर गठित चार सदस्यीय कमेटी से मुलाकात की। उन्होंने कमेटीपंजाब सरकार कानूनी समाधान हेतु प्रतिबद्ध, जल्द कार्रवाई का भरोसादी सिंहों की रिहाई के मुद्दे को लेकर गठित चार सदस्यीय कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की। कमेटी में गुरदीप सिंह बठिंडा, एडवोकेट जसपाल सिंह मंझपुर, पाल सिंह फ्रांस और बलविंदर पाल सिंह शामिल हैं। मुलाकात के दौरान कमेटी के सदस्यों ने बंदी सिंहों की रिहाई से जुड़े मुद्दे पर मुख्यमंत्री के समक्ष अपने विचार और मांगें रखीं। 

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने कमेटी के सदस्यों की बात और उनकी अपील को गंभीरता से सुना है। उन्होंने कमेटी को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार बंदी सिखों की रिहाई के मामले का जल्द से जल्द उचित और कानूनी समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जायज और कानूनी कदमों को पिछली सरकारों की ओर से कई वर्षों से नहीं उठाया गया, उन्हें उनकी सरकार प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि इस मामले को आगे बढ़ाकर जल्द समाधान तक पहुंचाया जा सके।मान ने कहा कि पंजाब सरकार हमेशा न्याय के साथ खड़ी रही है और बंदी सिखों के मामले में भी सरकार कानून के दायरे में रहते हुए जरूरी कदम उठाएगी।

     उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात की जानकारी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से भी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील है और कमेटी के साथ हुई बातचीत को आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कमेटी की ओर से बंदी सिखों की रिहाई के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के साथ हुई इस बैठक को इस मुद्दे पर आगे की प्रक्रिया के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

    जो पुरानी सरकार ने नहीं किया वो हम करेंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जायज और कानूनी कदमों को पिछली सरकारों की ओर से कई वर्षों से नहीं उठाया गया, उन्हें उनकी सरकार प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि इस मामले को आगे बढ़ाकर जल्द समाधान तक पहुंचाया जा सके।

    दिलाया न्याय का भरोसा
    मान ने कहा कि पंजाब सरकार हमेशा न्याय के साथ खड़ी रही है और बंदी सिखों के मामले में भी सरकार कानून के दायरे में रहते हुए जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

    इस बैठक को माना जा रहा अहम
    मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात की जानकारी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से भी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील है और कमेटी के साथ हुई बातचीत को आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    कमेटी की ओर से बंदी सिखों की रिहाई के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के साथ हुई इस बैठक को इस मुद्दे पर आगे की प्रक्रिया के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

  • आनंदपुर साहिब में CM मान का विपक्ष पर हमला, सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं

    आनंदपुर साहिब में CM मान का विपक्ष पर हमला, सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं

    अमृतसर  

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर साफ किया कि आम आदमी पार्टी सरकार की प्राथमिकता पंजाब और इसके लोग हैं, जबकि कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल कुर्सी की लड़ाई में उलझे हुए हैं. जिंदवड़ी गांव में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि आप सरकार से पहले केवल 22 फीसदी के मुकाबले अब पंजाब के 80 फीसदी खेतों तक नहरी पानी पहुंच चुका है और इसे 100 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य है। 

    मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि पंजाब को अपने पानी, चंडीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय की रक्षा के लिए भाजपा और अकाली दल से दूर रहने की जरूरत है, उन्होंने सरकार के 14,000 किलोमीटर नहरी पानी की पाइपलाइन नेटवर्क, मुफ्त बिजली, मैरिट आधारित नौकरियों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार एक खुशहाल और रंगला पंजाब बनाने के लिए काम कर रही है। 

    इस लोक मिलनी के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “श्री आनंदपुर साहिब के गांव जिंदवड़ी में लोगों के साथ दिल की बातें साझा कीं. पारंपरिक पार्टियों ने हमेशा कुर्सी और परिवारवाद की राजनीति की है, लेकिन हमारी सरकार आम लोगों के लिए काम कर रही है. हमने युवाओं को मैरिट पर नौकरियां, बेहतरीन शिक्षा, खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और मुफ्त बिजली दी है. गांवों के विकास को तेज करने के लिए हमने छह पंचायतों को 20-20 लाख रुपये के चेक भी सौंपे. हमारा एकमात्र उद्देश्य खुशहाल और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ बनाना है। इंकलाब जिंदाबाद। 

    विपक्षी पार्टियों पर बरसे मान
    लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हमारी सरकार के पिछले साढ़े चार साल से अधिक के कार्यकाल के दौरान हमने राज्य के लोगों की भलाई और पंजाब की तरक्की के लिए पूरी लगन से काम किया है. दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों ने हमेशा राज्य को बेरहमी से लूटा है और लोगों के संसाधनों की लूट कर उनका शोषण किया है. ये लोग किसी रहम के हकदार नहीं हैं और उन्हें उनके पापों का सबक सिखाया जाना चाहिए। 

    उन्होंने कहा, "कुछ दिन पहले तक अकाली नेता सुखबीर बादल भाजपा के खिलाफ झंडा उठाए घूम रहे थे, लेकिन अब वह राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए पबों के बल आ गए हैं. उनका एकमात्र उद्देश्य बिना किसी वैचारिक समानता के सत्ता हासिल करके राज्य को तबाह करना है, जो पंजाब के लिए बेहद घातक होगा. ये लोग अवसरवादी हैं, जिनका राज्य से कोई सरोकार नहीं है. मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन पार्टियों के गुमराह करने वाले हथकंडों में कभी न आएं, जिन्हें पंजाब की कोई चिंता नहीं है। 

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आगे कहा, "इन पार्टियों का राज्य और इसके लोगों के खिलाफ काम करने का रिकॉर्ड दागी रहा है और इन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता, भाजपा पंजाब विरोधी मानसिकता की शिकार है और इसने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है, चाहे वह पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बी.बी.एम.बी.), सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) नहर, हरिके नहर, गणतंत्र दिवस की झांकियां, ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) या सीमावर्ती क्षेत्र के फंडों का मुद्दा हो। 

    बीजेपी पर हमला बोलते हुए मान ने कहा- "काले कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए पंजाब के 700 से अधिक किसानों की हत्या से भाजपा के हाथ रंगे हुए हैं। 

    मुख्यमंत्री ने कहा, "आप अपनी जनहितैषी और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण देशभर में अपने पंख फैला रही है. राजस्थान में स्थानीय निकायों के चुनावों में पार्टी की जीत इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है. पारंपरिक पार्टियों ने अपने बेबुनियाद और विभाजनकारी हथकंडों से हमेशा आम आदमी को मूर्ख बनाया है। 

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "वास्तव में इन पार्टियों ने अपने सत्ता के दिनों में एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिसके कारण इनके कुकर्म कभी सामने नहीं आए. आज लोग ‘आप’ को चुन रहे हैं और इस पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ राज्य और देश की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है, इसलिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। 

    अकाली दल को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "अपने लंबे कुशासन के दौरान अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का पाप किया, इस घिनौने अपराध के दोषियों को संरक्षण दिया और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी की अनुमति दी. अकालियों ने पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक ठेस पहुंचाने और राज्य में कई तरह के माफिया को संरक्षण देने के अलावा राज्य को बेरहमी से लूटा, अकालियों को दिया गया हर वोट बेअदबी के पक्ष में होगा। 

    उन्होंने कहा, "अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि वह राज्य की कई पीढ़ियों की नस्लकुशी के लिए जिम्मेदार था, क्योंकि उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण दिया गया और यह फलता-फूलता रहा. लोग इन पार्टियों के गुमराह करने वाले प्रचार में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में इन्हें उचित सबक सिखाएंगे। 

    अकाली नेता सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "सुखबीर बादल जमीनी हकीकतों से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने पूरी जिंदगी सुख-सुविधाओं और आलीशान माहौल में बिताई है. सुखबीर बादल कॉन्वेंट के पढ़े हुए हैं, जिन्हें राज्य की बुनियादी भौगोलिक स्थिति का भी ज्ञान नहीं है, लेकिन वह पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहते हैं. बाकी सब छोड़िए, पूर्व उपमुख्यमंत्री राज्य की बुनियादी फसलों में भी अंतर नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों के बारे में बहुत कम ज्ञान है। 

    मुख्यमंत्री ने दावा करते हुए कहा, "मैं राज्य का बेमिसाल विकास सुनिश्चित करने के लिए अपना खून-पसीना बहा रहा हूं और हर गुजरते दिन के साथ हम लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई नई जनहितैषी पहल कर रहे हैं. पुराने नेताओं के विपरीत मैंने सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं मांगा, बल्कि यह सुनिश्चित किया है कि करदाताओं का एक-एक रुपया जनकल्याण के लिए समझदारी से खर्च किया जाए। 

    उन्होंने कहा, "लोगों का बेटा और भाई होने के नाते मैंने पुराने नेताओं की तरह आलीशान जिंदगी जीने के बजाय लोगों के दुख-दर्द और मुश्किलों को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया है, पहले किसी भी शासक ने लोगों की मुश्किलों के बारे में विस्तारपूर्वक बातचीत करने और मिशनरी भावना से उन्हें हल करने के लिए इस तरह लोगों के बीच आकर काम नहीं किया। 

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "उन अहंकारी राजनेताओं ने लोगों से मिलने की बजाय हमेशा खुद को अपनी बड़ी कोठियों की ऊंची दीवारों तक सीमित रखा और अब वे राज्य सरकार के हर कदम से घबराए हुए हैं. इसके विपरीत मैं विकासोन्मुखी और नागरिक-केंद्रित नीतियां बनाने के लिए लोगों से फीडबैक लेने हेतु हमेशा फील्ड में रहा हूं, जिससे राज्य के विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिला है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा, "आप सरकार राज्य के खजाने के एक-एक पैसे का इस्तेमाल राज्य के लोगों की भलाई के लिए कर रही है. राज्य के 90 फीसदी से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है. यहां तक कि किसानों को भी आज दिन के समय बिजली मिल रही है, जो पहले कभी नहीं हुआ था. लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का है और हम इसे लोगों की भलाई पर समझदारी से खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस आ रहा है। 

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी सरकार की सराहना करते हुए कहा, "पंजाब सरकार लोगों के लिए काम कर रही है और इसने घरों को मुफ्त बिजली, 70,000 से अधिक युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के नौकरियां, बेहतर सड़कें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं, बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के अलावा कई अन्य प्रमुख पहल की हैं, जिन्हें पुराने नेताओं द्वारा नजरअंदाज किया गया था। 

    उन्होंने कहा, "युवाओं को नशे की बीमारी से दूर करने के लिए राज्य में 3,100 खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, हमने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल की हैं। 

    मुख्यमंत्री ने कहा, "कोई भी मुफ्त की चीजें या रियायती कार्ड राज्य से गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकते, लेकिन शिक्षा ही एक ऐसी चाबी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें इस चक्र से बाहर निकाल सकती है. इस कारण हमारी सरकार आम आदमी को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है."

    उन्होंने कहा, "राज्यवासियों की सुविधा के लिए 45,000 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और अपग्रेडेशन की जा रही है। 

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मेरे पद संभालने के बाद नहरी सिंचाई के अधीन क्षेत्र बढ़कर 80 फीसदी हो गया है, जिससे किसानों को बहुत लाभ हुआ है. लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है, जो पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार के लिए 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है. यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य कवरेज देने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिसने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करते हुए आम जनता पर वित्तीय बोझ को काफी कम किया है। 

    मुख्यमंत्री ने बताया कि "‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत 1 जुलाई से 18 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला लाभार्थी को 1,000 रुपये और एस.सी. महिलाओं के मामले में 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता के बारे में उनके मोबाइल पर नोटिफिकेशन मिल रहे हैं, ये फंड सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इसकी पात्र होंगी. पंजाब की 97 फीसदी महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है और राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग और अन्य उपस्थित थे। 

  • पंजाब में विवादों के बीच घिरी मान सरकार, प्रदर्शन से लेकर स्कूल-कुत्तों के मुद्दे तक विपक्ष का हमला

    पंजाब में विवादों के बीच घिरी मान सरकार, प्रदर्शन से लेकर स्कूल-कुत्तों के मुद्दे तक विपक्ष का हमला

    चंडीगढ़

    पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सामने आए कुछ विवादों ने सियासी रंग ले लिया है। राजनीतिक दल इन मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे हैं और इनके जरिये सरकार को घेरने के साथ चुनावी समीकरण साधने की कोशिश में हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई मामलों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी समेत अन्य अधिकारियों से जांच के बाद रिपोर्ट मांगी है।

    अमूमन विधानसभा चुनाव से पहले धरने और प्रदर्शन सियासी माहौल को गर्म करते हैं। राजनीतिक दल भी इन आंदोलनों को अपने एजेंडे से जोड़ते हैं। पंजाब में पिछले कुछ दिनों में सामने आए इन विवादों ने इस सिलसिले को और तेज कर दिया है। विपक्षी दल जहां इन्हें सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं वहीं सरकार डैमेज कंट्रोल में जुटी है। 

    काला झंडा दिखाने से लेकर लाठीचार्ज तक
    मोहनजीत सिंह का मामला
    : सुनाम के शेरों गांव में मुख्यमंत्री की लोक मिलनी के दौरान नशे के खिलाफ आवाज उठाते हुए मोहनजीत सिंह ने छत पर खड़े होकर काला झंडा फहराया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। बाद में मोहनजीत ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया। भाजपा, शिअद और कांग्रेस के नेताओं ने उसका समर्थन करते हुए सरकार को घेरा। राज्यसभा सांसद तरुण चुघ की शिकायत पर आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी, संगरूर एसएसपी और डीसी से तत्काल जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

    पांच करोड़ के आरोप : मुख्यमंत्री की पत्नी के नाम पर दुराचार के आरोपी को बचाने के लिए कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस रणजीत सिंह की शिकायत पर आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी से जांच रिपोर्ट मांगी है।

    सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज : बरनाला में मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस लाठीचार्ज के आरोप लगे। महिलाओं समेत प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आरोप है। आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पूछा है कि लाठीचार्ज का आदेश किन परिस्थितियों में दिया गया और इसकी मंजूरी किस अधिकारी ने दी। घायलों की संख्या, चोटों की प्रकृति, चिकित्सा स्थिति और मुआवजे की जानकारी भी मांगी गई है।

    स्कूलों से छात्राओं और आवारा कुत्तों तक
    सीमावर्ती स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस : पंजाब के सीमावर्ती सरकारी स्कूलों में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाने के आरोप लगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकार की ओर से मोर्चा संभाला। आयोग ने मुख्य सचिव से राज्य, जिला और स्कूल स्तर की कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

    मोगा में छात्राओं से कथित उत्पीड़न : सरकारी स्कूल में छात्राओं से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया। मुख्य सचिव और मोगा एसएसपी को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई। शिक्षा विभाग प्रधानाचार्य को निलंबित कर चुका है।

    रूपनगर में बच्ची की मौत : आवारा कुत्तों के हमले में आठ वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में भी आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया। पंजाब में आवारा कुत्तों के आतंक और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इन मामलों को लेकर विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। चुनाव नजदीक आने के साथ इन विवादों के और सियासी मुद्दा बनने के आसार हैं।

  • पंजाब में पावर कट से बढ़ी चिंता, इंजीनियरों ने मान सरकार से की बिजली उत्पादन बढ़ाने की मांग

    पंजाब में पावर कट से बढ़ी चिंता, इंजीनियरों ने मान सरकार से की बिजली उत्पादन बढ़ाने की मांग

    पटियाला 

    पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने राज्य में थर्मल और सोलर बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने की मांग की है। महासचिव इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल ने कहा कि पंजाब का बिजली क्षेत्र वित्तीय संकट और बिजली की कमी का सामना कर रहा है।

    बिजली की बढ़ती कमी से उद्योग, खेती और घरेलू खपतकर्ता प्रभावित हो रहे हैं। तत्काल कदम न उठाने पर आने वाले वर्षों में हालात गंभीर होंगे। पंजाब की अपनी बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ती मांग से बहुत कम है। इससे पावरकाॅम को ऊर्जा विनिमय से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है। राजपुरा और तलवंडी साबो के निजी थर्मल प्लांट कोयला भंडार बनाए रखने में विफल रहे हैं। इन प्लांटों में कोयले की भारी कमी है। यह सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के नियमों का सीधा उल्लंघन है। निवेश में देरी से महंगी बिजली खरीद पर निर्भरता बढ़ेगी।

    इंजीनियरों के अनुसार पंजाब सरकार की ओर से सब्सिडी की राशि का भुगतान लंबित है। इसके अलावा कई सरकारी विभागों पर बिजली बिलों का भुगतान नहीं करने के कारण भी पावरकॉम पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।

    एसोसिएशन ने दावा किया है कि एआरआर में खर्चों का अनुमान कम रखे जाने के कारण टैरिफ में अनुचित कटौती हुई है। इससे पावरकॉम के राजस्व पर असर पड़ रहा है। इंजीनियरों के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष में पावरकॉम को करीब 7,800 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का सामना करना पड़ सकता है।

    संकट के प्रमुख कारण
    एसोसिएशन के अनुसार, पंजाब को गैर-सौर और रात की उच्चतम मांग पूरी करने के लिए थर्मल उत्पादन क्षमता तुरंत बढ़ानी होगी। ऐसा न करने पर राज्य हर गर्मी में गंभीर बिजली की कमी के चक्र में फंसा रहेगा। पंजाब बिजली की मांग पूरी करने के लिए राज्य के बाहर से खरीदी गई बिजली और निजी उत्पादकों पर तेजी से निर्भर हो रहा है। इस आर्थिक बोझ के कारण तत्काल नीति समीक्षा की आवश्यकता है। क्षमता बढ़ाने में लगातार देरी से बिजली मांग और इन-स्टेट उत्पादन क्षमता का अंतर बढ़ रहा है।

    वित्तीय चुनौतियां और भविष्य की मांग
    पावरकाॅम की वित्तीय स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। इसका मुख्य कारण पंजाब सरकार का बकाया सब्सिडी का भुगतान न करना है। मौजूदा वित्तीय साल में पावरकाॅम को करीब 7,800 करोड़ रुपये के राजस्व की कमी का सामना करना पड़ सकता है। एसोसिएशन के सुझावों पर ध्यान नहीं दिया गया जबकि औद्योगिक विस्तार, खेती, घरेलू खपत और डेटा सेंटर जैसे उच्च-भार वाले क्षेत्रों से भविष्य में बिजली की जरूरत काफी बढ़ेगी। राज्य-क्षेत्र बिजली उत्पादन परियोजनाओं में निवेश से पंजाब के युवाओं को रोजगार का बड़ा मौका मिलेगा।

    गर्मियों में बढ़ जाती है मांग
    पत्र के अनुसार गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही पीक डिमांड के समय पंजाब का अपना बिजली उत्पादन अपेक्षाकृत कम हो जाता है। ऐसे में मांग पूरी करने के लिए बिजली एक्सचेंज से महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ती है। इससे पावरकॉम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है।

    एसोसिएशन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे जलविद्युत उत्पादन वाले राज्य भी अब बिजली बैंकिंग के बजाय खुले बाजार में बिजली बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे पंजाब के लिए सस्ती बिजली की उपलब्धता और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

    निजी बिजली संयंत्रों पर निर्भरता पर सवाल
    इंजीनियरों ने निजी थर्मल प्लांटों पर बढ़ती निर्भरता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इससे पंजाब का बड़ा पूंजी निवेश निजी क्षेत्र की ओर जा रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकारी क्षेत्र में नए बिजली उत्पादन प्रोजेक्ट शुरू करने और प्रदेश की अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए तत्काल नीति बनाने की मांग की है।

     

     

  • मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार संजीव अरोड़ा से आज मिलेंगे CM मान, केजरीवाल भी कर चुके हैं मुलाकात

    मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार संजीव अरोड़ा से आज मिलेंगे CM मान, केजरीवाल भी कर चुके हैं मुलाकात

    चंडीगढ़ 
    मुख्यमंत्री भगवंत मान 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से मिलने सोमवार को गुरुग्राम की भोंडसी जेल जाएंगे। भगवंत मान दूसरी बार मंत्री अरोड़ा से जेल में मिलने जा रहे हैं। 

    संजीव अरोड़ा को ईडी ने 9 मई को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से वह जेल में हैं। निचली अदालत उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है, जबकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर अभी सुनवाई चल रही है। संजीव अरोड़ा के जेल जाने के बाद भी पंजाब सरकार उनके साथ खड़ी है।

    अरोड़ा चार महीने से जेल में हैं, इसके बावजूद पंजाब सरकार ने उन्हें अभी तक मंत्री पद से नहीं हटाया है। आम आदमी पार्टी और खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते रहे हैं।

    चंडीगढ़ स्थित सरकारी कोठी से हुई थी गिरफ्तारी
    प्रवर्तन निदेशालय ने फर्जी बिलिंग और लेनदेन से जुड़े मामले में छापेमारी के बाद संजीव अरोड़ा को 9 मई को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। इस दौरान ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे। गिरफ्तारी और शुरुआती पूछताछ में कोर्ट के आदेशानुसार संजीव अरोड़ा को हरियाणा की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वह वहीं बंद हैं और उनकी कानूनी टीम जमानत के लिए प्रयासरत है।

    भाजपा पर राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप
    आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार ने इस पूरी कार्रवाई को भाजपा की साजिश करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर गैर-भाजपा शासित राज्यों के नेताओं और मंत्रियों को निशाना बना रही है।

    मंत्रियों के विभागों में हुआ फेरबदल
    संजीव अरोड़ा के जेल जाने के बाद उनके अधीन आने वाले सभी प्रशासनिक विभाग पंजाब सरकार ने अन्य कैबिनेट मंत्रियों में बांट दिए, ताकि राज्य के विकास कार्य और विभागीय कामकाज प्रभावित न हों। कानूनी और राजनीतिक विवादों के बावजूद पंजाब सरकार ने संजीव अरोड़ा का इस्तीफा नहीं लिया है। वह अभी भी भगवंत मान कैबिनेट में मंत्री हैं।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान व आप का समर्थन
    मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले भी संजीव अरोड़ा से जेल में जाकर मुलाकात कर चुके हैं। आज की मुलाकात भी इसी सिलसिले की एक कड़ी है। इसके जरिए मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी यह संदेश देना चाहते हैं कि संकट की इस घड़ी में वे अपने नेता के साथ खड़े हैं।

    संजीव अरोड़ा पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला क्या है?
    ED का आरोप है कि 2023-24 में संजीव अरोड़ा की कंपनी ने करीब 157.12 करोड़ रुपए के मोबाइल फोन की बिक्री दिखाई। इनमें 102.50 करोड़ रुपए के मोबाइल फोन UAE की दो कंपनियों को निर्यात किए जाने का दावा किया गया। इन लेन-देन में वास्तविक माल की आपूर्ति के बजाय फर्जी बिल, शेल/डमी कंपनियों और कागजी निर्यात का इस्तेमाल किया गया।

    ED का दावा है कि संजीव अरोड़ा ने फर्जी खरीद के बिल तैयार किए और कागजों में मोबाइल फोन का निर्यात दिखाकर सरकार से GST समेत अन्य फायदे लिए। जांच एजेंसी के अनुसार, करीब 102.50 करोड़ रुपए की रकम अवैध तरीके से कलेक्ट की गई। ED की चार्जशीट में अरोड़ा को इस मामले का ‘किंगपिन’ बताया गया है।

  • बेंगलुरु में संत से मिले भगवंत मान, केजरीवाल और सिसोदिया की मौजूदगी ने खींचा ध्यान

    बेंगलुरु में संत से मिले भगवंत मान, केजरीवाल और सिसोदिया की मौजूदगी ने खींचा ध्यान

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के सीएम भगवंत मान ने बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर से मुलाकात की। इस दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। 

    उन्होंने पंजाब समेत पूरे देश की तरक्की, खुशहाली और शांति की कामना की। इस संबंधी उन्होंने खुद ही फोटो शेयर की की। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर का पंजाब से भी गहरा जुड़ाव रहा है। उन्हें पंजाब सरकार के विशेष निमंत्रण पर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी शताब्दी समारोह के तहत आयोजित सर्व धर्म सम्मेलन में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। ऐसे में वह नवंबर 2025 में पंजाब दौरे पर आए थे।

    इस दौरान उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब में संत सम्मेलन में शिरकत की थी। इसके बाद लुधियाना, बठिंडा और जालंधर में सत्संग और ध्यान सत्रों का नेतृत्व किया। इन कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रखने, किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करने और समाज में भाईचारे व मानसिक शांति को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

    45 से अधिक शहरों में आश्रम
    आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर का पंजाब से 1980 के दशक से गहरा जुड़ाव रहा है। आज पंजाब में उनके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। राज्य के अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला समेत 45 से अधिक प्रमुख शहरों में आर्ट ऑफ लिविंग के केंद्र सक्रिय रूप से चल रहे हैं। वहीं मोहाली में संगठन का एक बड़ा परिसर द वेलनेस सिटी मौजूद है, जो करीब 20 एकड़ में फैला है। यहां आयुर्वेदिक अस्पताल और ध्यान केंद्र जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

  • मिशन रोजगार को रफ्तार! CM मान आज 1746 जवानों को देंगे नियुक्ति पत्र, लोक मिलनी कार्यक्रम भी

    मिशन रोजगार को रफ्तार! CM मान आज 1746 जवानों को देंगे नियुक्ति पत्र, लोक मिलनी कार्यक्रम भी

    जालंधर 
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज जालंधर में 1,746 पुलिस जवानों को नियुक्ति पत्र देंगे। मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम ‘मिशन रोजगार’ के तहत आयोजित किया जा रहा है। राज्यस्तरीय समारोह के दौरान सीएम पंजाब पुलिस में नए भर्ती हुए जवानों को औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र देंगे। 

    मान सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में अब तक पंजाब पुलिस में 13,092 युवाओं की भर्ती करने का दावा किया गया है। वहीं, 3,298 अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, पंजाब पुलिस के जिला कैडर में इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और एएसआई (ASI) के 1,600 नए पद भी मंजूर किए गए हैं।

    सरकार के मुताबिक, अब तक राज्य के 70,840 युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री के जालंधर दौरे के तहत सब-डिवीजन करतारपुर के गांव काहलवां में लोक मिलनी भी आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के मद्देनजर जालंधर ग्रामीण पुलिस और सिविल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पुख्ता कर लिया है।

    वीवीआईपी दौरे से पहले एडवांस सुरक्षा समीक्षा
    वीवीआईपी दौरे से पहले एडवांस सुरक्षा समीक्षा के तहत डिप्टी कमिश्नर जालंधर वरजीत वालिया (IAS), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जालंधर ग्रामीण हरविंदर सिंह विर्क (PPS), एसपी (पीबीआई) गुरप्रीत सिंह, डीएसपी करतारपुर नरेंद्र सिंह औजला और थाना प्रभारी करतारपुर एसआई गुरप्रीत सिंह ने गांव काहलवां में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

    शहर में आने-जाने वाले मार्गों, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स पर नाके
    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वीवीआईपी सुरक्षा, आने-जाने वाले मार्गों, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स, पार्किंग व्यवस्था, पुलिस तैनाती, ट्रैफिक डायवर्जन और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों ने कार्यक्रम के दौरान लगातार सतर्कता, प्रभावी एक्सेस कंट्रोल, सुचारू ट्रैफिक नियमन और उचित भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर दिया।

    योजना का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए
    एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी तरह सतर्क रहने तथा स्वीकृत सुरक्षा योजना का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम जनता को कम से कम असुविधा हो और कार्यक्रम शांतिपूर्ण व व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

  • पंजाब में सियासी हलचल: CM भगवंत मान की पत्नी को NHRC नोटिस, 5 करोड़ की रिश्वत का आरोप

    पंजाब में सियासी हलचल: CM भगवंत मान की पत्नी को NHRC नोटिस, 5 करोड़ की रिश्वत का आरोप

    चंडीगढ़ 
    राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों पर संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। NHRC ने मामले की जांच कर 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। आपको बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रंजीत सिंह ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी ने 5 करोड़ रुपये की रिश्वत के बदले रेप के एक मामले को दबाने या उसे रफा-दफा करने का प्रयास किया। आयोग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा प्रभाग को भी इसके बारे में सूचित कर दिया है।

    राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "जब राज्य में शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति से जुड़े किसी व्यक्ति पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले में इस तरह के आरोप लगते हैं तो यह बेहद चिंता का विषय है। हमने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आयोग आगे की कार्रवाई तय करेगा।"

    उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "अधिकारियों को संविधान द्वारा दी गई शक्तियों का उपयोग केवल जनता के कल्याण के लिए करना चाहिए। यदि वे किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव में काम करते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। हमने उन्हें जांच और रिपोर्ट जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया है।"

    NHRC ने स्पष्ट किया है कि पंजाब पुलिस और प्रशासन से विस्तृत रिपोर्टप्राप्त होने के बाद ही निष्पक्ष जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

  • भगवंत मान सरकार की बढ़ी मुश्किलें, HC ने रोकी एक और भर्ती; 2 दिनों में दूसरा बड़ा झटका

    भगवंत मान सरकार की बढ़ी मुश्किलें, HC ने रोकी एक और भर्ती; 2 दिनों में दूसरा बड़ा झटका

     चंडीगढ़
    पंजाब में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भगवंत मान सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. पेपर लीक और भर्ती में अनियमितताओं के आरोपों के बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दो दिनों के भीतर दूसरी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. अदालत ने पंजाब स्टेट रूरल लाइवलीहुड्स मिशन (PSRLM) के तहत होने वाली 85 पदों की भर्ती प्रक्रिया को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है। 

    हाईकोर्ट ने 41 ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और 44 क्लस्टर कोऑर्डिनेटर पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया पर 2 सितंबर तक रोक लगाने का आदेश दिया. इससे पहले अदालत फार्मासिस्ट ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया पर भी रोक लगा चुकी है. ऐसे में लगातार दूसरी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगने से सरकार की चयन प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। 

    यह भर्ती प्रक्रिया जनवरी 2026 में शुरू हुई थी और फरवरी में इसके परिणाम घोषित कर दिए गए थे. चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा के लिए 70 अंक निर्धारित किए गए थे, जबकि 10-10 अंक इंटरव्यू, शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के लिए तय किए गए थे। 

    याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि परिणाम जारी करते समय केवल कुल अंक बताए गए, लेकिन लिखित परीक्षा के अलावा इंटरव्यू, योग्यता और अनुभव के लिए दिए गए 30 अंकों का कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया. इससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए। 

    मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने भर्ती से जुड़े सभी रिकॉर्ड तलब किए और जांच के लिए वकीलों तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की एक समिति का गठन किया. समिति ने रिकॉर्ड की जांच के दौरान अंक आवंटन में अनियमितताएं पाईं। 

    समिति की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगाने का फैसला सुनाया. अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी. लगातार दो भर्ती प्रक्रियाओं पर अदालत की रोक के बाद पंजाब सरकार की भर्ती प्रणाली को लेकर विपक्ष भी हमलावर हो सकता है। 

  • पंजाब की तरक्की ही हमारी सियासत: CM भगवंत मान बोले- हर क्षेत्र में नंबर-1 बनने की दिशा में बढ़ रहा राज्य

    पंजाब की तरक्की ही हमारी सियासत: CM भगवंत मान बोले- हर क्षेत्र में नंबर-1 बनने की दिशा में बढ़ रहा राज्य

    मुकेरियां 

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मुकेरियां में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब को हर क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनाने का सफर जनता के सहयोग और विश्वास से लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और समाज कल्याण के क्षेत्र में किए गए वादों को पूरा किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की राजनीति सत्ता का आनंद लेने के लिए नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों की तरक्की और खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां आप सरकार जनता को सुविधाएं देने पर काम कर रही है, वहीं कांग्रेस सत्ता की लड़ाई में उलझी हुई है।

    भगवंत मान ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बीच मुख्यमंत्री बनने की होड़ लगी हुई है और जनता की समस्याओं की किसी को चिंता नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो मौजूदा सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर देगी।

    गुरु साहिब की बेअदबी मामले पर बोले सीएम
    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु साहिब की बेअदबी के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा और उन्हें कानून के अनुसार सजा मिलेगी।

    अकाली दल और सुखबीर बादल पर साधा निशाना
    अकाली दल पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी ने लोगों से झूठे वादे कर सत्ता हासिल की, लेकिन पंजाब के विकास के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि अकाली दल अब अपना जनाधार खो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली सरकार के समय पंजाब में गैंगस्टरों और नशा तस्करों को बढ़ावा मिला, जिसे जनता कभी नहीं भूलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग ऐसे नेताओं को फिर मौका नहीं देंगे।

    विरोधी दलों पर बोला तीखा हमला
    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर जमकर राजनीतिक तीर चलाए। उन्होंने विपक्षी दलों की अंदरूनी कलह और उनके पिछले शासनकाल पर सवाल खड़े किए:

    कांग्रेस की अंतर्कलह पर तंज
     "कांग्रेस केवल सत्ता की मलाई चाटने के लिए लड़ रही है। इनके नेता एक-दूसरे के साथ खड़े होने को तैयार नहीं हैं क्योंकि हर किसी को सिर्फ सीएम की कुर्सी चाहिए। राहुल गांधी जिस बस यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे, उसमें सवार नेता आपस में ही लड़कर ज़ख्मी हो जाएंगे।" सीएम मान ने यह भी दावा किया कि कांग्रेसी नेताओं ने सत्ता में आने पर जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने की बात कही है।

    सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
    भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली दी है और 68 हजार से ज्यादा युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों का सुधार किया गया है, टोल प्लाजा बंद किए गए हैं और राज्य में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का इस्तेमाल होता था, जो अब बढ़कर 88 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है। उन्होंने कहा कि नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं, जिससे भूजल स्तर में सुधार हुआ है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव का दावा
    मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। हमने प्राथमिक और मिडिल स्कूलों का उन्नयन किया है, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया है, स्मार्ट कक्षाएं शुरू की हैं तथा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर प्रथम स्थान हासिल किया है।”

    हमारी सरकार शिक्षा पर विशेष बल दे रही है
    उन्होंने आगे कहा, “पिछले चार वर्षों से हमारी सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट कक्षाओं पर विशेष ध्यान दिया है। पहले केरल शीर्ष स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान हासिल किया है। भविष्य में भी हम ऐसे प्रयास जारी रखेंगे। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर संसार को आलोकित करती है। इसी कारण हमारी सरकार शिक्षा पर विशेष बल दे रही है।”

    राज्य सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को हेल्थ कार्ड जारी किए जा रहे हैं। प्रत्येक परिवार 10 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार का पात्र है। अब तक 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को उनके हेल्थ कार्ड मिल चुके हैं और इस योजना के अंतर्गत लोग लगभग 650 करोड़ रुपये का मुफ्त उपचार प्राप्त कर चुके हैं। मैं सभी पात्र परिवारों से आग्रह करता हूं कि वे इन हेल्थ कार्डों का अधिकतम लाभ उठाएं।”

    महिलाओं और किसानों के लिए योजनाओं का जिक्र
    भगवंत मान ने कहा कि ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजना के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है और यह योजना लगातार जारी रहेगी।

    किसानों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में पहली बार धान के सीजन में ट्यूबवेलों को आठ घंटे से ज्यादा निर्बाध बिजली दी जा रही है और किसानों को दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली मिल रही है।

    मेरी राजनीति सत्ता प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों की प्रगति और समृद्धि के लिए है। आपका विश्वास हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर पंजाब को एक बार फिर हर क्षेत्र में देश का नंबर एक राज्य बनाने की इस यात्रा को आगे बढ़ाएं।

    ‘कांग्रेस के नेताओं में मची है सिर-फुटौवल’
    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मुकेरियां की रैली में कांग्रेस के बड़े नेताओं के आपसी मतभेदों को सार्वजनिक मंच से उजागर किया. उन्होंने मजाकिया लहजे में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की आपसी खींचतान का ब्योरा देते हुए मंच से कहा:

    • आपसी खींचतान की फेहरिस्त: आज राजा वडिंग की चरणजीत सिंह चन्नी के साथ नहीं बनती. चन्नी की प्रताप सिंह बाजवा के साथ नहीं पटती और बाजवा की रंधावा से ठनी हुई है. वहीं रंधावा की वडिंग से लड़ाई है। 

    • नवजोत सिंह सिद्धू पर तंज: राजा वडिंग की नवजोत सिंह सिद्धू के साथ बिल्कुल नहीं बनती और सबसे मजेदार बात यह है कि नवजोत सिंह सिद्धू की तो पंजाब कांग्रेस में किसी के साथ भी नहीं बनती। 

    • बीच-बचाव की नौबत: मान ने हंसते हुए कहा कि कांग्रेस की इस आपसी लड़ाई को खत्म कराना अब बहुत जरूरी हो गया है. लगता है अब इस लड़ाई को शांत कराने के लिए हमें ही बीच में आना पड़ेगा। 

    ‘पहले सीटें तो जीत लो, मुख्यमंत्री बाद में बनना’
    भगवंत सिंह मान ने चुटकी लेते हुए कहा कि पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा यानी 59 सीटें चाहिए लेकिन कांग्रेसी बिना सीटें जीते ही आपस में मुख्यमंत्री पद के लिए लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस वाले तो इस तरह बर्ताव कर रहे हैं जैसे राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की शपथ के लिए समय निश्चित कर दिया है और कांग्रेस वालों को मुख्यमंत्री बनाना है, इसलिए सब कह रहे कि मुझे मुख्यमंत्री बनाओ. पहले सीटें तो जीत लो मुख्यमंत्री बनने के लिए, इतनी सीटें लाओगे कहां से? उन्होंने साफ आरोप लगाया कि कांग्रेस में हर कोई एक-दूसरे की लात खींचने में व्यस्त है और यह लड़ाई सिर्फ पंजाब को लूटने के लिए लड़ी जा रही है। 

    कांग्रेस की बस यात्रा पर कसा तीखा तंज
    कांग्रेस की प्रस्तावित बस यात्रा पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब सुनने में आ रहा है कि कांग्रेस वाले एक बस यात्रा करेंगे, जिसमें राहुल गांधी पंजाब के सभी कांग्रेस नेताओं को एक साथ बस में चढ़ाएंगे और उसे हरी झंडी दिखाएंगे। 

        “मैं दावे के साथ कहता हूं कि ये नेता बस में चढ़ तो सारे इकट्ठे जाएंगे लेकिन जब उतरेंगे तो कोई भी इकट्ठा नहीं उतरेगा. सबकी पगड़ी उनके हाथों में होगी, कोई लहूलुहान होगा, किसी का माथा फूटा हुआ होगा तो किसी की नाक टूटी होगी. मेरा तो सुझाव है कि इन नेताओं के साथ दो-चार आदमी लड़ाई छुड़ाने वाले भी बस में चढ़ा देना ताकि बीच रास्ते में भारी बवाल न हो.”
        — भगवंत सिंह मान, मुख्यमंत्री, पंजाब

    भगवंत सिंह मान ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता केवल सत्ता हथियाकर पंजाब को लूटना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार में आने पर मुफ्त बिजली समेत पंजाब की सभी लोक-कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर देगी, क्योंकि कांग्रेसी नेता पहले ही यह बयान दे चुके हैं कि मुफ्त वाली सभी योजनाएं बंद होनी चाहिए। 

    ‘जनता से संवाद का मंच है यह कार्यक्रम’
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मुकेरियां की जनसभा कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनता से सीधा संवाद करने का मंच है। उन्होंने कहा कि लोगों ने आम आदमी पार्टी को समर्थन दिया, जिसके बाद सरकारी स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक सेवाओं में बदलाव देखने को मिला।

    अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जनसभा के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुकेरियां की पवित्र धरती पर मुझे जो प्रेम, स्नेह और विश्वास मिला है, वही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। हम अपने किए गए प्रत्येक वादे को पूरा कर रहे हैं। मुफ्त बिजली, बेहतर सरकारी स्कूल, महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों को दिन में बिजली की आपूर्ति तथा समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास अब वास्तविकता बन चुके हैं।

    'आप' सरकार की प्रमुख उपलब्धियां और योजनाएं

    सीएम भगवंत मान ने मंच से अपनी सरकार की रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाओं और आंकड़ों को जनता के सामने रखा:

    योजना / क्षेत्र मुख्य लाभ और प्रगति
    मुफ़्त बिजली राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मिल रही है ज़ीरो बिजली बिल की सुविधा।
    रोज़गार बिना किसी भ्रष्टाचार और सिफारिश के 68,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं।
    नहरी पानी व भूजल सिंचाई के लिए नहरी पानी का उपयोग 22% से बढ़ाकर 88% किया गया; भूजल स्तर 2 से 4 मीटर ऊपर आया।
    मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना सभी 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस हेल्थ कार्ड; अब तक 30 लाख से अधिक कार्ड जारी।
    कृषि क्षेत्र धान के सीजन में पहली बार किसानों को दिन के समय 8 घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति।

    'मांवां-धीयां सत्कार योजना' पर बड़ा अपडेट

    महिलाओं के सशक्तिकरण का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि… जो महिलाएं जुलाई महीने में किसी कारणवश पंजीकरण (Registration) नहीं करा सकीं, उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है। अगस्त में उन्हें तीन महीने की राशि एक साथ दी जाएगी। जब तक हमारी सरकार है, यह योजना कभी बंद नहीं होगी।

    'एक्स' (Twitter) पर साझा किया जनता के प्रति आभार

    जनसभा के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा— “मुकेरियां की पवित्र धरती पर मुझे जो प्रेम, स्नेह और विश्वास मिला है, वही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मुफ्त बिजली, बेहतर स्कूल, महिलाओं को वित्तीय सहायता और स्वास्थ्य सेवाएं अब पंजाब की वास्तविकता बन चुके हैं। आइए, हम सब मिलकर पंजाब को फिर से देश का नंबर एक राज्य बनाने की इस यात्रा को आगे बढ़ाएं।”