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  • ED विवाद में गरमाई पंजाब की सियासत, AAP ने BJP पर साधा निशाना; FIR को लेकर उठाए सवाल

    ED विवाद में गरमाई पंजाब की सियासत, AAP ने BJP पर साधा निशाना; FIR को लेकर उठाए सवाल

    चंडीगढ़/अमृतसर.

    पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी के माध्यम से आम आदमी पार्टी की लीडरशिप को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

    अरोड़ा ने कहा कि ईडी की ओर से पंजाब के पुलिस महानिदेशक को तीसरा पत्र भेजकर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा गया है, जबकि पंजाब पुलिस पहले ही ईडी से उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और सामग्री को लेकर सवाल उठा चुकी है। अमन अरोड़ा के मुताबिक, पंजाब पुलिस ने ईडी को बताया है कि एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री स्पष्ट रूप से पढ़ने योग्य नहीं है और उसकी प्रमाणिकता भी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने दोबारा साक्ष्य और तथ्य उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि उनकी जांच के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके। इसके बावजूद तीसरा पत्र भेजे जाने पर उन्होंने सवाल उठाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुराने बयान का हवाला देते हुए अरोड़ा ने कहा कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वह केंद्रीय एजेंसियों को केंद्र का तोता कहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आज वही केंद्रीय एजेंसियां केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रही हैं और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

    एल्टिस प्रोजेक्ट पर भी दी सफाई
    एल्टिस प्रोजेक्ट में अपना नाम शामिल किए जाने पर अरोड़ा ने कहा कि उनके मंत्री रहते अथवा आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में इस प्रोजेक्ट के लिए कोई सीएलयू नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि 230 एकड़ के लेआउट की मंजूरी 17 नवंबर 2011 को ली गई थी। उस समय राज्य में अकाली-भाजपा सरकार थी। उन्होंने बताया कि लेआउट से संबंधित अलग-अलग मंजूरियां 14 मई 2011, 25 जून 2013, 28 मार्च 2013 और आठ मई 2014 को भी ली गई थीं। बाद में उनके मंत्री रहते 11 जून 2024 और पांच जून 2025 को लेआउट में बदलाव किए गए। अरोड़ा ने कहा कि उनके कार्यकाल में विभाग में कोई बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी सरकार के कार्यकाल में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाकर नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम और अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में लिए गए फैसलों के आधार पर होनी चाहिए।

    धालीवाल ने भी साधा भाजपा पर निशाना
    पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी पत्रकार वार्ता कर ईडी पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेताओं को ईडी के मामलों में फंसाकर बदनाम करने की कोशिश की गई और बाद में सच सामने आया। धालीवाल ने आरोप लगाया कि अब पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के अन्य नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने ईडी से अपना अधिकारी भेजकर साक्ष्य पेश करने को कहा था, लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। धालीवाल ने कहा कि जांच एजेंसियों के दबाव से आम आदमी पार्टी न डरेगी और न झुकेगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भी अंततः सच सामने आएगा।

  • पंजाब में जीत AAP के लिए क्यों जरूरी? दिल्ली के बाद ‘रंगला पंजाब’ प्लान से सत्ता की नई उम्मीद

    पंजाब में जीत AAP के लिए क्यों जरूरी? दिल्ली के बाद ‘रंगला पंजाब’ प्लान से सत्ता की नई उम्मीद

    चंडीगढ़ 
    साल-2027 मिशन के लिए पंजाब सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने भी कमर कस ली है। पंजाबियों को दोबारा सेवा का भरोसा दिलाते हुए सत्ता में वापसी करना आप के लिए एक बड़ी चुनौती रहेगा। पार्टी ने सीएम भगवंत मान पर ही बड़ा दांव खेलने की तैयारी कर ली है। राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मान को अगली बार के लिए भी सीएम फेस घोषित कर चुके हैं। चुनाव में आप का दारोमदार मान पर ही रहेगा।

    चुनावी तैयारियों के मद्देनजर रिक्त पदों पर नियुक्तियां लगभग पूरी हो गई हैं। बूथ से लेकर हलका स्तर तक संगठन को मजबूत करने की कवायद जारी है। चुनाव प्रचार की मुख्य कमान भी सीएम भगवंत सिंह मान ही संभालेंगे जबकि दिल्ली की टीम चुनावी प्रबंधन देखेगी। दिल्ली के कई आप नेताओं को पंजाब में सक्रिय करने की तैयारी कर ली गई हैं। उनकी जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं और इसके लिए आप के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया पूरी तरह सक्रिय हैं।

    पार्टी मान सरकार के पांच साल के कार्यकाल को ही अपना मुख्य चुनावी एजेंडा बनाएगी। लोगों के बीच अपने काम गिनवाकर और सियासी विरोधियों को निशाने पर लेते हुए दोबारा सेवा का माैका मांगेगी। इसके लिए पार्टी मान सरकार का रिपोर्ट कार्ड तैयार करेगी, जिसे मतदाताओं में वितरित किया जाएगा।

    राज्यसभा सांसद छोड़ चुके साथ
    2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में सक्रिय रहे राज्यसभा सांसद भाजपा में चले गए हैं। इनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। साल 2022 के चुनाव में राघव चड्ढा आप के प्रमुख रणनीतिक चेहरों में रहे हैं जबकि संदीप पाठक संगठन और चुनावी रणनीति से जुड़े रहे।

    पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह का युवाओं में प्रभाव है। अशोक मित्तल शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। विक्रमजीत साहनी उद्योग, समाजसेवा और पंजाबी प्रवासी समुदाय में पहचान रखते हैं। इसी तरह राजिंदर गुप्ता उद्योगपतियों में अच्छा रसूख रखते हैं। चुनाव से पहले सांसदों के दल-बदल से विधानसभा चुनाव में आप को नुकसान हो सकता है।

    2014 में एंट्री और 2022 में सत्ता
    पंजाब की सियासत में आम आदमी पार्टी का निर्णायक उदय 2014 के लोकसभा चुनाव से माना जाता है। पार्टी ने 13 में से चार सीटें फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, संगरूर और पटियाला जीती थीं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में आप ने 20 सीटें जीतकर कांग्रेस के बाद मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया। हालांकि 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी तीन सीटों तक सिमट गई लेकिन 2022 में उसने जोरदार वापसी की। भगवंत मान के नेतृत्व में आप ने 117 में से 92 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत के साथ सरकार बनाई।

    पार्टी के लिए जीत क्यों जरूरी
    पंजाब में दोबारा जीत पार्टी के लिए बहुत जरूरी है। इसी के चलते पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल भी सूबे में सत्ता वापसी के भरसक प्रयासों में जुटे हैं। साल 2022 में जब आप ने पंजाब में सरकार बनाई थी तो दिल्ली में भी आप की सरकार थी। दिल्ली माॅडल के बूते ही पंजाब में सत्ता की राह आसान की गई मगर अब हालात विपरीत हैं। आप दिल्ली खो चुकी है और अब पंजाब को हाथ से फिसलने नहीं देना चाहती। लिहाजा दोबारा जीत के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी है।

  • कैबिनेट मंत्री और विधायकों संग AAP का हल्ला बोल, ED कार्रवाई के खिलाफ भाजपा नेता के घर प्रदर्शन

    कैबिनेट मंत्री और विधायकों संग AAP का हल्ला बोल, ED कार्रवाई के खिलाफ भाजपा नेता के घर प्रदर्शन

    अमृतसर.

    पंजाब के अमृतसर में केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के विरोध में रविवार को आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग के निवास स्थान के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।

    प्रदर्शन में पंजाब सरकार के मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, विधायक जसबीर सिंह, आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रभबीर सिंह बराड़, विधायक डाॅ. इंदर बीर सिंह निज्जर, विधायक डाॅ. अजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों की आवाज दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि बीते दिनों पंजाब मंत्रिमंडल के मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी लगातार जनहित के मुद्दे उठा रही है और इसी कारण पार्टी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

    लोकतंत्र के लिए बताया खतरा
    मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि आम आदमी पार्टी डरने वाली नहीं है और पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता की आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार यह सोचती है कि गिरफ्तारियों और दबाव की राजनीति से विपक्ष को चुप कराया जा सकता है तो यह उसकी गलतफहमी है। विधायक डाॅ. इंदर बीर सिंह निज्जर ने कहा कि पंजाब की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। वहीं विधायक डाॅ. अजय गुप्ता ने कहा कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है।

    चुग के घर के बाहर बनाया सुरक्षा घेरा
    प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी बड़ी संख्या में तैनात रहा। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ाई हुई थी। प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी वापस लेने की मांग की। आम आदमी पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि इसी तरह विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई जारी रही तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

  • AAP को फिर झटका, 7 बागी सांसदों की बीजेपी में एंट्री पर सभापति ने दी हरी झंडी

    AAP को फिर झटका, 7 बागी सांसदों की बीजेपी में एंट्री पर सभापति ने दी हरी झंडी

    नई दिल्ली
     राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सोमवार 27 अप्रैल 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में मर्जर को आधिकारिक मान लिया, जिससे उच्च सदन में अरविंद केजरीवाल की पार्टी के सांसदों की संख्या घटकर तीन रह गई है. इस बदलाव के बाद, राज्यसभा में बीजेपी के सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। 

    बता दें, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता वे सात सांसद हैं जिन्होंने विलय किया है. राज्यसभा की वेबसाइट के मुताबिक सातों सांसद बीजेपी की मेंबर लिस्ट के हिस्सा हैं. सूत्रों ने बताया कि सातों सांसदों ने शुक्रवार को राज्यसभा चेयरमैन से अपील की थी कि मर्जर के बाद उन्हें बीजेपी का सांसद माना जाए और इसे मान भी लिया गया। 

    वहीं, इससे पहले आम आदमी पार्टी ने रविवार को राज्यसभा चेयरमैन के सामने एक पिटीशन दी थी, जिसमें उन सात सांसदों की मेंबरशिप खत्म करने की मांग की गई थी, जिन्होंने पार्टी बदल ली थी. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने चेयरमैन राधाकृष्णन को एक पिटीशन दी है जिसमें राज्यसभा में पार्टी के उन सात सांसदों को अयोग्य करने की मांग की गई है, जिन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में मर्जर का ऐलान किया था। 

    बता दें, पिछले शुक्रवार को आप (AAP) को तब झटका लगा जब सात राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दे दिया और बीजेपी में मर्जर का ऐलान कर दिया. उनका आरोप था कि केजरीवाल की पार्टी अपने उसूलों, वैल्यूज और नैतिकता से भटक गई है। 

    आप (AAP) के 7 सांसदों के बीजेपी में मर्जर पर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि कुछ लोग मेरे फैसले के पीछे की वजह पूछ रहे हैं. मैं अपना करियर बनाने नहीं, बल्कि अपना करियर छोड़कर पॉलिटिक्स में आया था. आप अब उन लोगों के हाथ में चली गई है जो अपने फायदे के लिए काम कर रहे हैं. हम कुल 7 सांसदों ने इस पॉलिटिकल पार्टी को छोड़ने का फैसला किया था. मैं आपकी सभी समस्याओं को और भी मेहनत से उठाऊंगा और उनके सॉल्यूशन पर भी काम कर पाऊंगा। 

    संजय सिंह का बीजेपी और बागी सांसदों पर हमला
    सांसदों के दल बदल पर आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह भड़कते नजर आए थे. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने 7 सांसदों का ऐसे आम आदमी पार्टी से अलग होना गैर कानूनी बताया था. संजय सिंह ने राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की बात कही थी. उनका कहना था कि बीजेपी ने नियमों के खिलाफ काम किया. इसके बावजूद, इन सांसदों को बीजेपी में शामिल होने की मंजूरी मिल गई है। आम आदमी पार्टी नेता और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने राघव चड्ढा पर भड़कते नजर आए थे. उन्होंने राघव को 'गद्दार' बताया था। 

     

    वहीं, आम आदमी पार्टी के 7 बागी सांसदों के बीजेपी में विलय पर पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि राज्यसभा चेयरमैन का यह फैसला 7 सांसदों के बीजेपी में मर्जर वाले लेटर पर आधारित है, लेकिन जब चेयरमैन मेरे लेटर पर ध्यान देंगे, जिसमें कहा गया है कि इन सांसदों की सदस्यता सस्पेंड कर दी जानी चाहिए, तो मुझे उम्मीद है कि वह संविधान और डेमोक्रेसी की रक्षा के लिए अपना फैसला देंगे. चेयरमैन के फैसले के बाद हम और बात करेंगे। 

  • AAP के 50 विधायकों के टूटने की संभावना, कांग्रेस ने बढ़ाया अलर्ट

    AAP के 50 विधायकों के टूटने की संभावना, कांग्रेस ने बढ़ाया अलर्ट

    चंडीगढ़ 

     आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका दिया है। चड्ढा आम आदमी पार्टी के दो तिहाई राज्यसभा सांसदों को साथ लेकर भाजपा में शामिल होने वाले हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पंजाब से लेकर नई दिल्ली तक उथल-पुथल मची हुई है। इसी बीच पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने आम आदमी पार्टी को सलाह दी है कि वह सचेत रहे, क्योंकि हो सकता है कि उसके 50 विधायक भी जल्दी ही भाजपा में शामिल हो जाएं।

    एएनआई से बात करते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पैसा देखकर लोगों को राज्यसभा सीट दे दी। ऐसे में इन लोगों की कोई विचारधारा नहीं थी। ऐसे में ऐसा संभव था कि वह अलग होंगे, यह तो होना ही था। उन्होंने कहा, "पार्टी ने पैसा देखकर लोगों को राज्यसभा सांसद बना दिया। इनकी कोई विचारधारा तो थी नहीं। ऐसे में वह जैसे आए थे, वह वैसे ही चले गए। मुझे तो डर है कि ऐसे ही आम आदमी पार्टी के 50 विधायक भी न चले जाएं। यह तो केवल सांसद गए हैं। जब विचारधारा नहीं है, आप को लोग पैसा देखकर, इंडस्ट्री देखकर राज्यसभा सदस्य बनाओगे। और उनसे कई तरीके की मदद लोगे, तो यह होना ही था।"
    कार्यकर्ताओं को बनाना चाहिए था राज्यसभा सांसद: वारिंग

    कांग्रेस पंजाब सांसद ने कहा कि आम आदमी पार्टी को ऐसे लोगों को राज्यसभा भेजना चाहिए था, जिनकी विचारधारा पता थी। उन्हें कार्यकर्ताओं को यह सीट देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, "जब भी पार्टी विचारधारा का व्यक्ति नहीं चुनती हैं, तो ऐसा ही होता है। वैसे भी इन राज्यसभा सांसदों की पंजाब में कोई कीमत नहीं है। ऐसा माल चाहें आम आदमी पार्टी के पास रहे, चाहें वह भाजपा के पास चला जाए। हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।"
    यह अन्य पार्टियों के लिए सबक: वारिंग

    कांग्रेस पंजाब अध्यक्ष वारिंग ने कहा कि इस घटनाक्रम से अन्य पार्टियों को भी सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी लोगों को बड़े पदों की जिम्मेदारियां दें, उसके पहले उनकी विचारधारा की जांच कर लें। अगर केवल पैसे वाले लोगों को ऐसे पद दिए जाएंगे, तो वह लोग छोड़कर भागेंगे ही। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने कभी भी ऐसे लोगों को राज्यसभा नहीं भेजा। कांग्रेस ने कार्यकर्ता को और विचारधारा से मेल खाने वाले व्यक्तियों को ही राज्यसभा भेजा है। इन राज्यसभा सांसदों को शामिल करके भाजपा यह न सोचे कि उन्होंने पंजाब फतह कर लिया है, क्योंकि इन सांसदों से वैसे भी पंजाब में नफरत ही थी।"

  • लड़के का डोप टेस्ट हो शादी के लिए अनिवार्य, AAP सांसद ने लोकसभा में की नए कानून की मांग

    लड़के का डोप टेस्ट हो शादी के लिए अनिवार्य, AAP सांसद ने लोकसभा में की नए कानून की मांग

    नई दिल्ली

    आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद मालविंदर सिंह कंग नेकेंद्र सरकार से आग्रह किया कि शादी के समय लड़कों के डोप टेस्ट और चिकित्सा जांच को अनिवार्य बनाने के लिए कानून बनाया जाए। उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान यह मांग उठाई। कंग ने कहा, ‘आज हमारे समाज में तलाक और घरेलू हिंसा के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जब नया रिश्ता जुड़ता है तो लड़की के बारे में बहुत जांच-पड़ताल की जाती है, लेकिन लड़कों को लेकर उतनी जांच-पड़ताल नहीं होती।’ उनका कहना था कि शादी के समय लोग इस तरह की चीजें छिपाते हैं।

    उन्होंने कहा, 'सरकार से मांग है कि एक कानून बनाया जाए कि शादी के समय डोप टेस्ट और चिकित्सा जांच अनिवार्य हो।' उन्होंने कहा कि शादी के बाद कई बार सामने आता है कि लड़का गंभीर रूप से बीमार है या फिर वह आपराधिक प्रवृत्ति का है। इससे महिलाओं के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

    कंग ने कहा कि दूल्हे के लिए अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए कि वह मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और डोप टेस्ट का सर्टिफिकेट लड़की वालों के सामने पेश करे और तभी शादी हो।
    कांग्रेस सांसद ने की ऑनलाइन कारोबारियों पर लगाम की मांग

    कांग्रेस के उज्जवल रमण सिंह ने सरकार से ऑनलाइन कारोबार पर अंकुश लगाने तथा छोटे एवं मझौले व्यापारियों के हितों के संरक्षण की मांग की। सिंह ने शून्य काल में इस बारे में नियम बनाने और छोटे दुकानदारों और मझौले व्यापारियों का व्यवसाय को बचाने के उपाय करने की सरकार से मांग की।

    सपा के वीरेन्द्र सिंह ने किसानों के घरों में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने पर बिल बढ़कर आने तथा प्रीपेड मीटर लगाने से उन्हें हो रही कठिनाइयों की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनकी समस्यायें दूर करने की मांग की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निशिकांत दुबे ने मुस्लिमों और ईसाइयों से विवाह करने वाली आदिवासी युवतियों का अनुसूचित जनजाति का दर्जा समाप्त करने की मांग की।

    भाजपा के ही चन्दूभाई छगनभाई शिहोरा ने गुजरात के सुरेन्द्र नगर इलाके के नमक किसानों को बारिश से हुए नुकसान की भरपाई करने और उन्हें भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। सपा के आनंद भदौरिया ने उत्तर प्रदेश में शहीदों और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किये जाने का मुद्दा उठाया और इसके दोषियों को सजा देने की मांग की। कांग्रेस के डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले ने 2027 की जनगणना के लिए निर्धारित प्रारूप के कॉलम में अन्य पिछड़ा वर्ग को भी जोड़ने की मांग की।

  • AAP नेता लक्की ओबोराय की जालंधर में हत्या, गुरुद्वारे के बाहर हमलावरों ने चलाईं 5 गोलियां

    AAP नेता लक्की ओबोराय की जालंधर में हत्या, गुरुद्वारे के बाहर हमलावरों ने चलाईं 5 गोलियां

     चंडीगढ़
    पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. यह सनसनीखेज वारदात मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर हुई. बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने लक्की ओबोराय पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें उनके शरीर में पांच गोलियां लगीं. 

    गंभीर हालत में उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद से जालंधर शहर में डर और दहशत का माहौल है. वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी. 

    पत्नी ने AAP के टिकट पर लड़ा था नगर निगम चुनाव
     
    पुलिस मामले से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. जानकारी के अनुसार, लक्की ओबोराय की पत्नी ने आम आदमी पार्टी की ओर से नगर निगम चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. 

    लक्की ओबोराय को कैंट हल्का की इंचार्ज राजविंदर कौर थियाडा का करीबी बताया जा रहा है. फिलहाल पुलिस घटनास्थल से सबूत जुटाने में लगी है और पूरे मामले की जांच जारी है.