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  • पंजाब में CBI रेड पर सियासी घमासान, CM कैंप ऑफिस की कार्रवाई को लेकर AAP ने BJP पर साधा निशाना

    पंजाब में CBI रेड पर सियासी घमासान, CM कैंप ऑफिस की कार्रवाई को लेकर AAP ने BJP पर साधा निशाना

    चंडीगढ़.

    मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र व चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस पर सीबीआई की कार्रवाई के बाद पंजाब में सियासी पारा चढ़ गया है।

    आम आदमी पार्टी के विधायक एवं पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भारतीय जनता पार्टी का विंग करार देते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इन जांच एजेंसियों के जरिये पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। धालीवाल ने कहा कि जब राजनीतिक मोर्चे पर भाजपा को पंजाब में अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा तो अब सीबीआई और ईडी को आगे किया जा रहा है। धालीवाल ने कहा कि पंजाब में सीबीआई ने कई स्थानों पर कार्रवाई पर दावा किया कि कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी के अधिकारी खाली हाथ लौटे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कार्रवाई के बावजूद कुछ हाथ नहीं लगा तो फिर इस तरह की कार्रवाई का मकसद क्या था।

    सीएम कैंप आफिस पर देर रात दबिश
    सीबीआई ने मंगलवार शाम चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस समेत पंजाब के नाै ठिकानों पर दबिश दी। सीबीआई की इस कार्रवाई से पंजाब में सियासी भूचाल आ गया है। आप ने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। वहीं विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार पर वार बताया। दरअसल सीबीआई ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में उनके ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद ताबड़तोड़ छापेमारी में लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज समेत कई इलेक्ट्रॉनिक व अन्य सामग्री कब्जे में ली है। सीबीआई ने चंडीगढ़, मोहाली, संगरूर, गुरदासपुर, लुधियाना, रोपड़ के मोरिंडा और जालंधर में भी आरोपियों के ठिकानों की तलाशी ली। चंडीगढ़ में सीबीआई की रेड शाम सवा छह बजे से रात 11 बजे तक चली।

    आपराधिक मामला दर्ज करने का हाईकोर्ट का निर्देश
    यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सोमवार के उस आदेश के बाद हुई जिसमें अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंजाब के डीजीपी को भेजी गई तीन चिट्ठियों में लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपते हुए आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने सीबीआई से दो महीने में जांच रिपोर्ट भी मांगी थी। सीबीआई ने इस मामले में सीएम मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर, आरएस नागरा और अज्ञात सरकारी व निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई की टीम रोपड़ के मोरिंडा भी पहुंची जहां ओएसडी घुमन के करीबी के यहां तलाशी ली। 

  • माइसरखाना के निष्कासन के बाद बठिंडा की सियासत गरम, AAP के 7 दावेदार टिकट के लिए मैदान में

    माइसरखाना के निष्कासन के बाद बठिंडा की सियासत गरम, AAP के 7 दावेदार टिकट के लिए मैदान में

    बठिंडा
    बठिंडा में आम आदमी पार्टी के मौड़ हलके में विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना के पार्टी से निष्कासन के बाद अब सियासी हलचल तेज हो गई है। MLA की जगह संगठन में खाली हुई राजनीतिक स्पेस को भरने के लिए पार्टी के भीतर कई चेहरे सक्रिय हो गए हैं। 

    इसके साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव की टिकट के लिए भी अभी से जमीन तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। मौड़ में फिलहाल करीब सात नेताओं के नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा में हैं।

    खास बात यह है कि इन नेताओं ने केवल पार्टी संगठन तक अपनी गतिविधियां सीमित नहीं रखी हैं, बल्कि वर्करों से व्यक्तिगत संपर्क, गांवों में बैठकें और डोर-टू-डोर संपर्क भी बढ़ा दिया है। यानी मुकाबला सिर्फ हलका इंचार्ज बनने का नहीं, बल्कि 2027 में पार्टी का चेहरा बनने की तैयारी का भी दिखाई दे रहा है।

    मौड़ में AAP की कमान पाने की दौड़…

        किसी की नजर दिल्ली पर, कोई मान से करीबियां बढ़ा रहा: मौड़ में दावेदारों के बीच असली मुकाबला स्थानीय संगठन के साथ-साथ ऊपर तक पहुंच बनाने का भी है। पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कुछ नेता दिल्ली में बैठे पार्टी नेताओं से संपर्क साध रहे हैं, जबकि कुछ की कोशिश मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ अपने राजनीतिक संबंध मजबूत करने की है। ऐसे में आने वाले दिनों में हलका इंचार्ज की नियुक्ति पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन का संकेत भी दे सकती है।

        राजनीतिक जगह को लेकर अंदरखाने मुकाबला शुरू: मौड़ में अभी तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन सात चेहरों की बढ़ती सक्रियता ने साफ कर दिया है कि माइसरखाना के बाद खाली हुई राजनीतिक जगह को लेकर अंदरखाने मुकाबला शुरू हो चुका है। हलका इंचार्ज का फैसला पार्टी के लिए महज संगठनात्मक नियुक्ति नहीं होगा।

        टिकट की दौड़ के समीकरण भी काफी हद तक प्रभावित: इससे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मौड़ में पार्टी के संभावित चेहरे और टिकट की दौड़ के समीकरण भी काफी हद तक प्रभावित हो सकते हैं। अब नजर पार्टी हाईकमान के फैसले पर है कि वह पुराने संगठनात्मक चेहरे पर भरोसा जताता है, सरकार के करीब माने जाने वाले चेहरे को आगे करता है या स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले नेता को जिम्मेदारी सौंपता है।

        जीदा के पास संगठन और सरकार दोनों का अनुभव: दावेदारों में एडवोकेट नवदीप सिंह जीदा का नाम सबसे प्रमुखता से चर्चा में है। वह बठिंडा लोकसभा हलके के इंचार्ज हैं और पंजाब शुगरफेड के चेयरमैन भी हैं। पार्टी के पुराने कार्यकर्ता होने के कारण संगठन में उनकी पहचान नई नहीं है। संगठनात्मक जिम्मेदारी और सरकार से जुड़े पद पर रहने का अनुभव उनकी दावेदारी का मजबूत पक्ष माना जा रहा है।

        डॉ. राजू ढड्डे: शुरुआत से AAP के साथ: डॉ. राजू ढड्डे भी मौड़ की राजनीति में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। वह आम आदमी पार्टी के शुरुआती दौर से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ उनके करीबी संबंधों की भी पार्टी हलके में चर्चा रहती है। ऐसे में उनकी दावेदारी का आधार पुराना संगठनात्मक जुड़ाव और शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच दोनों को माना जा रहा है।

        महिला विंग की नेता ने भी बढ़ाई सक्रियता: महिला विंग की पंजाब वाइस प्रधान रूपिंदर कौर गिल भी इस दौड़ में सक्रिय हैं। लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़ी होने के कारण संगठन में उनका अपना आधार है। महिला कार्यकर्ताओं और महिला वोटरों के बीच सक्रियता को देखते हुए वह भी हलका इंचार्ज की दौड़ में महत्वपूर्ण चेहरा बनकर उभर रही हैं।

        सिपी भाकर ने बदली राजनीतिक पारी: सिपी भाकर की राजनीतिक पृष्ठभूमि अलग है। वह पहले कांग्रेस में रह चुके हैं और लोकसभा चुनाव 2024 से पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। AAP में आने के बाद अब उन्होंने मौड़ में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। वर्करों से संपर्क और क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाकर वह भी अपनी जगह बनाने में जुटे हैं।

        बूटा सिंह संदोहा के पास ग्रामीण संगठन का आधार: बूटा सिंह संदोहा लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। वह जिला परिषद के सदस्य हैं और नशे के खिलाफ काम करने वाली टीम से भी जुड़े रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में उनकी सक्रियता और लंबे समय से पार्टी संगठन में रहने का अनुभव उनकी दावेदारी का आधार है।

        हिम्मत सिंह के साथ परिवार की भी राजनीतिक मौजूदगी: मौड़ हलके के कोऑर्डिनेटर हिम्मत सिंह कुत्तीवाल भी मैदान में हैं। उनकी पत्नी रानी कौर जिला परिषद सदस्य हैं। यानी हलके में राजनीतिक सक्रियता के साथ परिवार की भी स्थानीय स्तर पर मौजूदगी है। यही वजह है कि उनका नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है।

        माइसरखाना से रंजीत सिंह मठाड़ू की दावेदारी: रंजीत सिंह मठाड़ू गांव माइसरखाना के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी मौजूदा सरपंच हैं। माइसरखाना क्षेत्र से स्थानीय पकड़ और पंचायत स्तर पर राजनीतिक संपर्कों के चलते उन्होंने भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है।

  • सुखबीर बादल पर AAP के सवाल, बहरीन से पत्नी और गाड़ी से जुड़ा मुद्दा गरमाया

    सुखबीर बादल पर AAP के सवाल, बहरीन से पत्नी और गाड़ी से जुड़ा मुद्दा गरमाया

    चंडीगढ़.

    आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया पर निशाना साधा है.

    उन्होंने इसी के साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की श्री आनंदपुर साहिब में एसजीपीसी की सराय में रह रही एक बहरीन की महिला के आरोपों पर लगातार चुप्पी पर भी सवाल उठाया. बलतेज पन्नू ने कहा कि वह इस मामले पर पहले ही करीब चार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं, लेकिन सिख समुदाय के उठाए गए सवालों का अभी तक जवाब नहीं मिला है. बलतेज पन्नू ने कहा, “हरसिमरत कौर बादल महिलाओं के मुद्दों पर प्रोग्राम और रैलियों में हिस्सा ले रही हैं, लेकिन एक महिला के महीनों तक एसजीपीसी की साड़ी में रहने से जुड़े आरोपों पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं. वह इन सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रही हैं? जब एक महिला के साथ हुए बर्ताव और एसजीपीसी के रिसोर्स के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं, तो चुप्पी क्यों है?”

    इन सवालों का जवाब कब देंगे?
    हरजिंदर सिंह धामी पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “धामी साहब ने मीडिया का सामना करने के बजाय एक वीडियो भी जारी किया है. आज जब पटियाला में मीडिया ने उनसे सवाल पूछे तो उन्होंने फिर कहा कि वह इस मामले पर कुछ नहीं कहेंगे क्योंकि वह वहां किसी और काम से आए थे. हरजिंदर सिंह धामी कब प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और इन सवालों का जवाब देंगे?” आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “यह कोई साधारण राजनीतिक विवाद नहीं है. एक एसजीपीसी संगठन, एसजीपीसी के रिसोर्स और जिस तरह से एक महिला को महीनों तक वहां रखा गया, उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं. सिख समुदाय को सवाल पूछने और साफ जवाब पाने का पूरा हक है.” उन्होंने कहा, “महिला ने कहा है कि उसने हरजिंदर सिंह धामी और सुखबीर सिंह बादल को सब कुछ बता दिया था. क्या यह कमेटी हरजिंदर सिंह धामी से पूछताछ करेगी? क्या यह सुखबीर सिंह बादल से पूछताछ करेगी? क्या यह जांच करेगी कि उन्हें क्या पता था, उन्हें कब पता चला और क्या कार्रवाई की गई?”

    रिपोर्ट देने के लिए 15 दिन का समय दिया
    आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “अगर एसजीपीसी सच में बिना किसी भेदभाव के जांच चाहती है, तो यह काम अनुभवी लोगों को देना चाहिए. किसी रिटायर्ड सिख जज या रिटायर्ड सीनियर पुलिस अधिकारी से जांच करने को कहा जा सकता था. ये जूनियर मेंबर न तो कानून के माहिर हैं और न ही प्रशासन के. बिना किसी स्वतंत्र और अनुभवी जांच के, सीनियर लोगों से जुड़े मामले में सही जांच कैसे हो सकती है?” बलतेज पन्नू ने कहा कि एसजीपीसी ने जांच कमेटी को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 15 दिन का समय दिया है, लेकिन सवाल उठाया कि क्या यह कदम सिर्फ मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए उठाया गया है. उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने कमेटी को 15 दिन का समय दिया है. क्या यह सोचा जा रहा है कि 10 या 15 दिन बाद मामला पीछे छूट जाएगा और लोग इसे भूल जाएंगे? लोग इस मुद्दे को नहीं भूलेंगे. पूरी दुनिया में सिख समुदाय इस बारे में बात कर रहा है और पंजाबी मीडिया चैनलों द्वार भी इस मुद्दे पर चर्चा की जा रही हैं. “15 दिन बाद भी सवाल कायम रहेंगे. 10 दिन बाद भी रहेंगे और 10 महीने बाद भी रहेंगे जब तक सही जवाब नहीं मिल जाते.

    ₹1 लाख एक बहरीन की महिला के अकाउंट में ट्रांसफर
    बलतेज पन्नू ने मामले में नया खुलासा करते हुए कहा, 23 जुलाई, 2026 को पंजाब नेशनल बैंक में एसजीपीसी सेक्रेटरी के नाम पर खोले गए अकाउंट से ₹1 लाख एक बहरीन की महिला के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे. यह ₹1 लाख क्यों ट्रांसफर किए गए? यह किस मकसद से दिए गए थे? इस पेमेंट को किसने मंज़ूरी दी? यह पैसा किस हेड में ट्रांसफर किया गया? एसजीपीसी को इन सवालों के जवाब देने चाहिए.”बलतेज पन्नू ने पूछा, “क्या इससे बड़ा कोई सबूत हो सकता है? एफआईआर खुद एक बड़ा सबूत थी, लेकिन किसी ने उन सवालों के जवाब नहीं दिए. अब यह एसजीपीसी के अकाउंट से उस महिला के अकाउंट में ट्रांसफर है जिसने आरोप लगाया था. यह ₹1 लाख क्यों ट्रांसफर किए गए? यह किस मकसद के लिए दिए गए थे?” बलतेज पन्नू ने कहा, “यह सिर्फ़ एक ट्रांसफर है. बाकी पेमेंट का क्या? कैश खर्च का क्या? उसके रहने, खाने, घूमने और दूसरी सुविधाओं पर हुए खर्च का क्या? गाड़ी एसजीपीसी ने दी थी, उसका फ्यूल एसजीपीसी ने दिया था, ड्राइवर को एसजीपीसी ने दिया था और सेवादार एसजीपीसी के कर्मचारी थे. इसके अलावा, अगर उसे पर्सनल खर्च के लिए भी पैसे दिए जा रहे थे, तो उन आठ महीनों के पूरे खर्च का हिसाब दिया जाना चाहिए.”

    दुनिया भर की सिख कम्युनिटी का योगदान
    बलतेज पन्नू ने कहा, “ये संस्थाएं कुर्बानियों से बनी हैं. दुनिया भर की सिख कम्युनिटी इनमें अपना योगदान देती है. वे इसलिए योगदान नहीं देते कि आप एक महिला को एसजीपीसी सराय में ले आएं, उसे आठ महीने तक वहां रखें, उसे परेशान करें और कम्युनिटी को कोई यह भी न बताए कि उसे वहां क्यों और किस मकसद से रखा गया था. सिख कम्युनिटी को यह जानने का हक है कि उसकी संस्थाएं कैसे चल रही हैं. उसे यह जानने का हक है कि उसका पैसा कैसे खर्च हो रहा है. किसी को भी कम्युनिटी के योगदान को पर्सनल या राजनीतिक रिसोर्स के तौर पर इस्तेमाल करने का हक नहीं है.” बलतेज पन्नू ने सवाल किया, “11 साल से एसजीपीसी के चुनाव क्यों नहीं हुए? सिख संगत को अपने प्रतिनिधि चुनने से क्यों दूर रखा जा रहा है? ये वो सवाल हैं जो सिख संगत और सिख बुद्धिजीवियों को पूछने चाहिए,”

  • चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: कांग्रेस-AAP के बीच फिर गठबंधन के आसार

    चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: कांग्रेस-AAP के बीच फिर गठबंधन के आसार

    चंडीगढ़
     दिसंबर में प्रस्तावित चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच एक बार फिर गठबंधन की संभावना बनती दिखाई दे रही है। रविवार को कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समिति और पाॅलिटिकल अफेयर्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक हुई।

    प्रदेश चुनाव समिति में नगर निगम चुनाव के लिए आप के साथ गठबंधन के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। बैठक में पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल, सांसद मनीष तिवारी सहित चुनाव समिति के सदस्य मौजूद रहे।

    सूत्रों के अनुसार, प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में सदस्यों से सीधे पूछा गया कि क्या कांग्रेस को नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए।

    चर्चा के दौरान अधिकांश सदस्यों ने गठबंधन के प्रस्ताव पर सहमति जताई। अब चुनाव समिति के सदस्यों की राय के बाद प्रस्ताव को पार्टी हाईकमान के समक्ष रखा जाएगा। अंतिम फैसला हाईकमान ही करेगा।

    मालूम हो कि पंजाब विधानसभा से पहले चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव होने हैं। साल 2024 का लोकसभा चुनाव भी चंडीगढ़ में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन के तहत ही लड़ा था जिस कारण कांग्रेस उम्मीदवार मनीष तिवारी भाजपा को काफी कम मार्जन से हराने में कामयाब हुए थे।

    जबकि पंजाब में दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। पिछले दो मेयर चुनाव भी कांग्रेस और आप एक साथ मिलकर लड़ चुके हैं ।ऐसे में अब फिर से गठबंधन होने पर भाजपा की राह मुश्किल हो जाएगी।

    कांग्रेस के भीतर गठबंधन को लेकर मंथन की बड़ी वजह वर्ष 2021 का नगर निगम चुनाव है। उस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पहली बार चंडीगढ़ में नगर निगम चुनाव लड़ा था और 35 में से 14 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।

    कांग्रेस को आठ सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा ने 12 और शिरोमणि अकाली दल ने एक सीट जीती थी ।कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि 2021 में भाजपा और कांग्रेस के बीच परंपरागत मुकाबला आप के मैदान में उतरने के बाद त्रिकोणीय हो गया था।

    आप को मिले वोटों का एक हिस्सा ऐसा था, जो विपक्षी वोट के रूप में कांग्रेस के खाते में जा सकता था। कांग्रेस का मानना है कि इस बार तीनों दलों के अलग-अलग चुनाव लड़ने पर फिर से विपक्षी वोटों का बंटवारा हो सकता है।

    इस बैठक में पार्टी के प्रमुख रजनी पाटिल, सांसद मनीष तिवारी समेत चुनाव समिति के अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित थे। यह स्पष्ट हुआ कि एकसाथ खड़े होने से ना केवल वोटों का उलझन भंग होगा बल्कि भाजपा की सत्ता-धारण की राह पर भी गहरा असर पड़ेगा। पिछले 2021 के नगर निगम चुनाव की याद ताजा करते हुए यह कहा जा सकता है कि तब भी आम आदमी पार्टी ने पहली बार नगर निगम में भाग लेकर 14 वार्ड जीत कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। कांग्रेस को मात्र आठ सीटें मिलीं और भाजपा एवं शिरोमणि अकाली दल ने क्रमशः बारह और एक-एक सीट जीती। उस समय यह स्पष्ट था कि विपक्षी दलों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण वोट शेयरों का बंटवारा भड़कर हुआ था। उसी तर्क को आज के दौर में उभारा गया है कि यदि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़ती हैं तो फिर से वोटों का विखंडन हो सकता है और परिणामस्वरूप भाजपा आसान जीत का दावा कर सकती है। विगत वार्षिक चुनावों में देखा गया कि जब दोनों दल एक साथ खड़े हुए थे, या कुछ प्रमुख वार्ड्स में गठबंधन के बाद हों थे, तो उन्हें काफी मजबूती मिली। 2021 के चुनाव में कुल 29.

    79 प्रतिशत वोट कांग्रेस को मिले, इसके बाद भाजपा के 29.30 प्रतिशत व आम आदमी पार्टी के 27.08 प्रतिशत वोट थे। इसके अतिरिक्त निर्दलीय उम्मीदवारों को 7.10 प्रतिशत और अन्य दलों को 6.26 प्रतिशत वोट मिले थे। कांग्रेस वफादार चेहरे अब इस गठबंधन के तहत नई टिकट रणनीति अपनाने को तैयार हैं और अपने दल बदलों के अनुभव से सबक लेकर विजयी मार्ग पर अग्रसर हैं। अतीत में दिखे संघर्षों के बावजूद, अब दोनों दल यह समझते हैं कि सिर्फ़ ट्रिक-टैको पर टिके रहकर नहीं जीत सकते; बल्कि एक मजबूत और तालमेलपूर्ण गठबंधन योजना बनानी पड़ेगी ताकि विपक्षी दलों के बीच समन्वय हो सके और मतदाताओं के बीच मतभेद को दूर किया जा सके। इसके अलावा, पंजाब विधानसभा चुनाव के बावजूद भी चंडीगढ़ में नगर निगम चुनाव पूर्व होना अनिवार्य है और इस बार भी दोनों दलों के बीच एकजुट होकर कार्य करने की संभावना तेज़ी से बढ़ रही है। कांग्रेस के अंदर भी यह सर्वसम्मति स्पष्ट हो रही है कि 2024 के लोकसभा तथा 2025 के नगर निगम चुनाव में भी दो प्रमुख दलों के बीच एक फ्यूजन की आकांक्षा है। यह मतदाताओं के बीच उम्मीद जगाती है कि दोगली चुनाव लड़ने की बजाए एक सशक्त, संयुक्त मोर्चा प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रकार, चंडीगढ़ में आगामी नगर निगम चुनाव के परिदृश्य में दोनों दलों के बीच गठबंधन संभवतः आने वाले दिनों में एक महत्वपूर्ण खबर बनकर सामने आ सकता है।

    कांग्रेस को मिले थे 29 प्रतिशत वोट
    साल 2021 के नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को आप और भाजपा के मुकाबले कम सीटें मिली थी ।लेकिन सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाली पार्टी कांग्रेस बनी है। निगम चुनाव में कांग्रेस को 29.79 फीसद वोट पड़े हैं।

    दूसरे नंबर पर भाजपा को 29.30 फीसद और तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी को 27.08 फीसद वोट पड़े हैं। निर्दलीय उम्मीदवार को 7.10 फीसद और अन्य को 6.26 फीसद वोट पड़ी हैं।मालूम हाे कि पंजाब में दोनो दल के नेता एक दूसरे का खुलकर विरोध करते हैं ।

     

  • पंजाब में ED एक्शन पर AAP का विरोध, केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप

    पंजाब में ED एक्शन पर AAP का विरोध, केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप

    चंडीगढ़.

    पंजाब में ईडी की कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ईडी की रेड करवाने लगती है।

    पंजाब को दबाने के लिए चार लाख ईडी के अधिकारी भी भेज दिए जाएं तो पंजाबी डरने वाले नहीं हैं। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि भाजपा की नीयत पंजाब पर कब्जा करने की है और इसी उद्देश्य से ईडी को पंजाब भेजा गया है। उन्होंने कहा कि ईडी पंजाब में रेड करके कुछ नहीं पा सकेगी। सिसोदिया ने पंजाब में कट्टर ईमानदारी वाली सरकार चलने का दावा करते हुए कहा कि यहां ईडी को भ्रष्टाचार नहीं मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी के अधिकारी लोगों के घरों के ताले तोड़कर अंदर जा रहे हैं।

  • मोहाली में ED कार्रवाई के खिलाफ AAP का प्रदर्शन, GAMADA ऑफिस पहुंचे कार्यकर्ता

    मोहाली में ED कार्रवाई के खिलाफ AAP का प्रदर्शन, GAMADA ऑफिस पहुंचे कार्यकर्ता

    मोहाली.

    ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) मुख्यालय पर 48 घंटे से चल रही ईडी की रेड के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को मोर्चा खोल दिया है। आम आदमी पार्टी के समर्थकों और प्रतिनिधियों ने गमाडा मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कार्यालय का घेराव किया।

    कार्यालय के बाहर खड़ी ईडी की टीम की गाड़ियों के शीशे तोड़े। प्रदर्शनकारियों की पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय का गेट तोड़ा और बड़ी संख्या में अंदर दाखिल हुए।
    प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गमाडा कार्यालय में चल रही ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी वरुण शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

    ईडी की कार्रवाई चल रही होने के कारण कार्यालय परिसर में सुरक्षा को लेकर पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। आप समर्थकों ने कहा कि गमाडा कार्यालय में लगातार तीसरे दिन ईडी की कार्रवाई चल रही है। इसे लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रदर्शन के कारण गमाडा कार्यालय के बाहर काफी देर तक माहौल गरमाया रहा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने और व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। पुलिस ने गमाडा ऑफिस के बाहर बैरिकेडिंग बढ़ा दी है। बता दें कि मंगलवार सुबह से ईडी की टीम ने गमाडा मुख्यालय और दो आईएएस अधिकारियों के घरों सहित दिल्ली, मोहाली और लुधियाना में कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। ईडी की टीम ने गमाडा की तीन मंजिलों को सील कर रखा है।

    कैबिनेट मंत्री के घर पर भी रेड
    इसी बीच बुधवार को ईडी ने कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी के लुधियाना स्थित घर पर भी रेड की थी। आप कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर पंजाब में डर का माहौल बना रही है। 

  • रविंदर ब्रह्मपुरा की AAP में एंट्री, CM भगवंत मान ने किया स्वागत

    रविंदर ब्रह्मपुरा की AAP में एंट्री, CM भगवंत मान ने किया स्वागत

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के माझा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी (आप) को आज बड़ी मजबूती मिली है। पूर्व सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा के पुत्र और पूर्व विधायक रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा पार्टी में शामिल हो गए। उनके साथ कई अन्य प्रमुख नेता और कार्यकर्ता भी 'आप' परिवार का हिस्सा बने।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी नए सदस्यों का सम्मान किया। उन्होंने औपचारिक रूप से उन्हें पार्टी में शामिल करवाया। रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा के पार्टी में आने से माझा क्षेत्र में 'आप' की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है।   
    रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा के साथ कंवरदीप सिंह ब्रह्मपुरा, अमरीक सिंह सरपंच, हरजिंदर सिंह बादशाह और बलबीर सिंह बल्ली निदेशक भी पार्टी में शामिल हुए। जतिंदर सिंह कैरों, फतेह और ब्लॉक समिति सदस्य परमिंदर सिंह कैरों ने भी सदस्यता ली। गुरभेज सिंह कैरों, लवप्रीत सिंह कैरों, बलजिंदर सिंह गोहलवड़, गौरवदीप सिंह खैरा, जगमीत हुंदल और गुरप्रीत सिंह भी 'आप' परिवार का हिस्सा बने।

     

  • AAP की चुनावी तैयारी तेज, CM आज लुधियाना में जारी करेंगे पैंफलेट; कल से घर-घर दस्तक देगा संगठन

    AAP की चुनावी तैयारी तेज, CM आज लुधियाना में जारी करेंगे पैंफलेट; कल से घर-घर दस्तक देगा संगठन

    चंडीगढ़
    आम आदमी पार्टी पंजाब में 20 सितंबर से एक बड़ा डोर-टू-डोर अभियान शुरू करेगी। यह घोषणा मनीष सिसोदिया ने की है। इस अभियान में पार्टी के 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य घर-घर जाकर भगवंत मान सरकार के कार्यों को जनता तक पहुंचाएंगे।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं धुरी में इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। सिसोदिया ने बताया कि यह अभियान पूरे राज्य में चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार की उपलब्धियों और जनहितैषी नीतियों से लोगों को अवगत कराना है। अभियान के दौरान आप का सदस्यता अभियान भी शुरू होगा। इससे पार्टी अपने जनाधार को और मजबूत करने का प्रयास करेगी।  

    सिसोदिया ने बताया कि अभियान की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान 19 सितंबर को लुधियाना में चुनावी अभियान का पैंफलेट जारी करेंगे। यह पैंफलेट अभियान की रूपरेखा और संदेशों को स्पष्ट करेगा। पार्टी का लक्ष्य हर घर तक पहुंचकर सरकार के सकारात्मक कार्यों को बताना है।

    इस मेगा कैंपेन के दौरान AAP के 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य घर-घर जाकर मान सरकार के कामों और उपलब्धियों की जानकारी लोगों को देंगे। AAP के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि इसी दौरान पार्टी के मेंबरशिप अभियान की भी शुरूआत करेगी।

    AAP प्रभारी मनीष सिसोदिया की अहम बातें
        एक महीने तक चलेगा अभियान:
    मनीष सिसोदिया ने कहा- हमने पंजाब में इतने काम किए, जो 75 साल में नहीं हुए। इन्हीं कामों के आधार पर पार्टी चुनाव में उतरेगी। परसों से शुरू हो रहे डोर टू डोर कैंपेन के जरिए सरकार के कामकाज घर-घर पहुंचाएंगे। पंजाब में 25,332 बूथ हैं। करीब 2.68 लाख कार्यकर्ता और बूथ लीडर इस अभियान में शामिल होंगे। यह अभियान एक महीने तक चलेगा।

        हर परिवार को 1.82 लाख का फायदा हो रहा: सिसोदिया ने कहा कि AAP ने अपनी एक-एक गारंटी पूरी की है। इससे हर परिवार को सालाना करीब 1.82 लाख रुपए का फायदा हुआ है, जबकि हर महीने करीब 15 हजार रुपए का लाभ मिल रहा है। पार्टी के कार्यकर्ता अब इन कामों और योजनाओं की जानकारी देने के लिए घर-घर जाएंगे।

        बीजेपी अकाली दल व कांग्रेस को घेरेंगे: सिसोदिया कहा कि कार्यकर्ता लोगों को यह भी याद दिलाएंगे कि 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार के दौरान पंजाब किस तरह नशे की समस्या से जूझता रहा। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। सिसोदिया ने कहा कि सरकार बनने के बाद वह कई वादों से पीछे हट गए और नशा भी खत्म नहीं कर पाए।

        BJP ने चलाई नशे की सप्लाई चेन: सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में नशे के खिलाफ युद्ध छेड़ा गया। तस्करों के घर तोड़े गए, उन्हें जेल भेजा गया और सप्लाई चेन तोड़ी गई। इसके बावजूद पंजाब में नशा कहां से आ रहा, इसका जवाब ये है कि पंजाब में बिकने वाला 80 फीसदी नशा भाजपा शासित राज्यों से आ रहा है।

    अरोड़ा ने कहा- भाजपा अपने राज्यों में नशा खत्म करे AAP के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर भाजपा वास्तव में पंजाब से नशा खत्म करना चाहती है तो पहले अपने-अपने राज्यों में नशे के कारोबार को खत्म करे। हरियाणा और गुजरात से नशा आ रहा है। अरोड़ा के मुताबिक, पंजाब की लोकल सप्लाई चेन तोड़ी जा चुकी है, अब बाहर से नशा पंजाब में आ रहा है। यात्रा निकालने वाले पंजाब का अपमान कर रहे है। अरोड़ा ने पिछली अकाली दल+भाजपा और कांग्रेस सरकारों पर पंजाब को कंगाली की ओर ले जाने का आरोप लगाया।

  • पंजाब में नशे और अपराध पर सरकार का सख्त रुख, AAP बोली- गैंगस्टर कहीं नहीं बचेंगे

    पंजाब में नशे और अपराध पर सरकार का सख्त रुख, AAP बोली- गैंगस्टर कहीं नहीं बचेंगे

    चंडीगढ़ 

    पंजाब की भगवंत मान सरकार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है. आम आदमी पार्टी (AAP) के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य में तेजी से नशे और गैंगस्टर्स के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. बलतेज पन्नू के मुताबिक पंजाब पुलिस दुनिया भर से एक दर्जन से ज्यादा गैंगस्टर्स को वापस ला चुकी है. उनका कहना है कि इसमें लॉरेंस बिश्नोई का करीबी करमवीर देव भी शामिल हैं. इन्हें हाल ही में कनाडा से डिपोर्ट किए जाने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था। 

    बलतेज पन्नू का कहना है कि अमेरिका, दुबई, मलेशिया से लेकर मोल्दोवा तक, भगवंत मान सरकार ने पंजाब पुलिस को हाई टेक बनाया है. उनके मुताबिक,  अपराध रोकने और गैंगस्टरों का पीछा करने के लिए पंजाब पुलिस को बेहतर इक्विपमेंट से लैस किया गया है. यह साफ संदेश दिया गया है कि पंजाब में अपराध में शामिल कोई भी गैंगस्टर दुनिया के किसी भी कोने को सुरक्षित जगह नहीं मान सकता। 

    एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, AAP पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “सत्ता में आने के बाद, भगवंत मान सरकार ने नशों और गैंगस्टरों के खिलाफ तेजी से अभियान चलाया है. हमने पंजाब में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की हैं और विदेश भागे गैंगस्टरों  का भी पीछा किया है। 

    पंजाब AAP मीडिया इंचार्ज का विपक्ष पर निशाना
    AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास पंजाब के लोगों को देने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वह बार-बार मुद्दे उठाकर पंजाब सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. उनका कहना है कि विपक्ष संगठित अपराध के खिलाफ हो रही कार्रवाई को नज़रअंदाज़ कर रहा है। 

    AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब का इतिहास बताता है कि 2007-2017 के समय में गैंगस्टरवाद में बहुत ज़्यादा बढ़ोतरी हुई थी. उन्होंने कहा, "अगर हम पंजाब में गैंगस्टरवाद के इतिहास को देखें, तो 2007-2017 के समय में गैंगस्टरवाद की घटनाएं काफ़ी बढ़ी थी. यह वह समय था जब 'गैंगस्टर' शब्द पंजाब की पहचान और पब्लिक डिस्कोर्स का हिस्सा बना था। 

    बलतेज पन्नू का कांग्रेस पर निशाना
    उन्होंने कांग्रेस के सरकार पर भी निशाना साधा है. उनका कहना है कि 2017-2022 के बीच कांग्रेस की सरकार के समय पंजाब का यही हाल था. उनका आरोप है कि कांग्रेस ने इस नेटवर्क को खत्म करने की बजाय उत्तर प्रदेश से एक गैंगस्टर को पंजाब में जेल में लाकर उसे VIP सुविधाएं दी. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार को उसकी वापसी के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। 

    बलतेज पन्नू ने कांग्रेस और भगवंत मान सरकार के कार्यकाल की तुलना की है. उनका कहना है कि भगवंत मान सरकार ने इस तरीके को बदला है. उन्होंने बताया कि भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई शुरू की और उनके विदेश भागने के बाद भी उनका पीछा करती रही. उन्होंने कहा, "पंजाब पुलिस की लगातार कोशिशों की वजह से अब तक 10 से ज़्यादा गैंगस्टर विदेश से वापस लाए जा चुके हैं। 

    उन्होंने बताया कि वापस लाए गए गैंगस्टरों में सचिन बिश्नोई, मनप्रीत सिंह उर्फ पीता, रमनजीत सिंह उर्फ रोमी, परमिंदर सिंह उर्फ पिंडी, अनमोल बिश्नोई, अमृतपाल उर्फ मेहरो, गुरविंदर सिंह और जोबनदीप सिंह उर्फ जोबन बिल्ला शामिल हैं। 

    लॉरेस बिश्नोई के साथी को वापस लाया गया: बलतेज पन्नू
    बलतेज पन्नू ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई के साथी अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से वापस लाया गया. उन्होंने कहा, "अमृतपाल उर्फ मेहरो, जिस पर विदेश भागने से पहले एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर की हत्या का आरोप है, उसे दुबई से लाया गया. गुरविंदर सिंह को मलेशिया से लाया गया था." पन्नू ने बताया कि दो दिन पहले, एजीटीएफ टीम गैंगस्टर अमृतपाल उर्फ अमृत ढल्लम को मोल्डोवा से वापस लाई है। 

    पन्नू ने बताया कि एक और बड़े गैंगस्टर करमवीर सिंह उर्फ करमवीर देव (देव) को भी पंजाब वापस लाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है. उन्होंने कहा, "करमवीर सिंह उर्फ करमवीर देव, जिसे देव के नाम से भी जाना जाता है, लॉरेंस बिश्नोई का करीबी साथी है. उसे कनाडा से डिपोर्ट किया गया है और दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद एजीटीएफ टीम उसे पंजाब ला रही है। 

    AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज के मुताबिक, पंजाब सरकार ने पंजाब पुलिस को बहुत मजबूत और मॉडर्न बनाया है. उनका कहना है कि पंजाब सरकार ने अपने जवानों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और इक्विपमेंट से लैस किया है. लुधियाना में हाल ही में हुए एनकाउंटर का ज़िक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, "पुलिस को ब्लड डोनेशन कैंप पर हमले की पहले से जानकारी थी. इस जानकारी की वजह से पुलिस अपराधियों के अपने प्लान को अंजाम देने से पहले ही एक्शन ले पाई। 

  • ‘विधायक की गाड़ी पीछे से आ रही थी, पता नहीं चला’, ट्रक ड्राइवर ने AAP विधायक पर लगाए पिटाई के आरोप

    ‘विधायक की गाड़ी पीछे से आ रही थी, पता नहीं चला’, ट्रक ड्राइवर ने AAP विधायक पर लगाए पिटाई के आरोप

    लुधियाना
    लुधियाना में आम आदमी पार्टी की हलका दक्षिणी से विधायक रजिंदरपाल कौर छीना ने ट्रक ड्राइवर को थप्पड़ मार दिया। ट्रक ड्राइवर का दोष इतना था कि उसने एमएलए की गाड़ी को साइड नहीं दी। एमएलए इसी बात से गुस्से में आई और उन्होंने ट्रक रूकवाकर ड्राइवर को थप्पड़ जड़ा। 

    ड्राइवर को थप्पड़ मारने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि एमएलए आई और उन्होंने ट्रक का दरवाजा खोला और ड्राइवर को नीचे बुलाया।

    ड्राइवर जैसे ही नीचे उतरा तो एमएलए ने उसे थप्पड़ मार दिया। ड्राइवर व उसके साथियों ने देर शाम विधायक के खिलाफ धरना लगाया। ड्राइवर का कहना है कि उसे पता ही नहीं चला कि पीछे से विधायक आ रही हैं। विधायक ने आते ही उसे धमकाना शुरू कर दिया है। ड्राइवर ने इस मामले की शिकायत थाना डाबा में दे दी है।

    घटना सोमवार दोपहर बाद की है जब एक ट्रक डाबा रोड से निकल रहा था और उसके पीछे से एमएलए की कार आ रही थी। ट्रक सड़क पर खड़ा हो गया। विधायक का ड्राइवर पीछे से हूटर मारता रहा लेकिन ट्रक आगे नहीं निकला। इसी बीच विधायक कार के साथ उतरी और गनमैन के साथ आगे आ गई।

    हूटर बजाने पर भी नहीं मिली जगह तो खुद उतरीं विधायक
    यह पूरा मामला सोमवार दोपहर बाद डाबा रोड इलाके का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संकरे रास्ते से एक ट्रक गुजर रहा था और उसके ठीक पीछे महिला विधायक की गाड़ी चल रही थी। ट्रैफिक और संकरी सड़क के चलते ट्रक बीच रास्ते में रुक गया। विधायक की गाड़ी का चालक लगातार हूटर और हॉर्न बजाकर साइड मांगता रहा, लेकिन ट्रक आगे नहीं बढ़ सका। इससे नाराज होकर विधायक रजिंदरपाल कौर छीना अपनी गाड़ी से नीचे उतर आईं और गनमैन के साथ सीधे ट्रक की ओर बढ़ गईं।

    गेट खोलकर ड्राइवर को नीचे उतारा और मार दिया जोरदार तमाचा
    वायरल हो रही सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि महिला विधायक भारी गुस्से में ट्रक के पास पहुंचती हैं। उन्होंने खुद ट्रक का दरवाजा खोला। ड्राइवर अपनी सीट पर बैठकर ही स्थिति समझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन विधायक ने उसे नीचे उतरने का फरमान सुना दिया। पीड़ित चालक जैसे ही केबिन से नीचे उतरा, विधायक ने बिना कुछ सोचे-समझे उसके मुंह पर एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। उस दौरान विधायक का सुरक्षाकर्मी भी पीछे खड़ा नजर आ रहा था। पीड़ित ड्राइवर का कहना है कि थप्पड़ पड़ते ही वह बुरी तरह सहम गया और हाथ जोड़कर अपनी गलती पूछता रहा।

    ड्राइवर ने डाबा थाने में दी शिकायत, देर शाम साथियों संग दिया धरना
    पीड़ित ट्रक चालक ने बताया कि संकरे रास्ते और शोर के कारण उसे यह अहसास ही नहीं हुआ कि पीछे वीआईपी गाड़ी आ रही है और उसमें विधायक मौजूद हैं। उसने आरोप लगाया कि विधायक ने गाड़ी से उतरते ही बदसलूकी और धमकियां देनी शुरू कर दी थीं। इस घटना के विरोध में देर शाम ड्राइवर और उसके साथी चालकों ने एकजुट होकर विधायक के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पीड़ित ने थाना डाबा में लिखित शिकायत देकर इंसाफ और विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।

    सीसीटीवी में गुससे में दिखी एमएलए
    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सीसीटीवी फुटेज है। महिला विधायक कार से उतरकर गुस्से में अपने गनमैन के साथ आई और गुस्से में ट्रक का दरवाजा खोला। ड्राइवर अपनी सीट पर बैठकर ही बात कर रहा था तो विधायक ने उसे नीचे उतार दिया। जैसे वह नीचे उतरा विधायक ने उसे जोर से एक थप्पड़ मार दिया। उस समय उसके पीछे गनमैन भी खड़ा था। ड्राइवर का कहना है कि जैसे ही विधायक ने उसे थप्पड़ मारा वो सहम गया और अपनी गलती पूछने लगा।