CHIRAG Scheme के पात्रता मापदंडों में संशोधन, हरियाणा के निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू

चंडीगढ़
शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चिराग योजना के तहत 47,250 सीटें निर्धारित की हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) अनिवार्य किया गया है, जिसमें दर्ज सत्यापित आय को ही आधार माना जाएगा।

हरियाणा में शिक्षा विभाग ने चिराग योजना को लेकर बड़ा बदलाव करते हुए आय सीमा फिर से घटा दी है। पहले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के दायरे को बढ़ाते हुए अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई थी, लेकिन अब विभाग ने इस फैसले को वापस लेते हुए दोबारा 1.80 लाख रुपये कर दिया है।

इस फैसले के साथ ही योजना का दायरा काफी सीमित हो गया है। अब केवल वही छात्र प्राइवेट मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिले के पात्र होंगे, जिनके परिवार की सालाना आय 1.80 लाख रुपये या उससे कम है।

47,250 सीटों पर होंगे दाखिले, पीपीपी अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चिराग योजना के तहत 47,250 सीटें निर्धारित की हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) अनिवार्य किया गया है, जिसमें दर्ज सत्यापित आय को ही आधार माना जाएगा।

सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नए नियमों के अनुसार दाखिला प्रक्रिया शुरू करें और पात्र बच्चों को ही लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। इस बदलाव के बाद अब योजना का फोकस फिर से जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों पर केंद्रित हो गया है।

 

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