Category: उत्तर प्रदेश

  • योगी सरकार में जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर, ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को दी चेतावनी

    योगी सरकार में जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर, ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को दी चेतावनी

    लखनऊ

    योगी सरकार प्रदेश में जनसमस्याओं के समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने संभव (शिकायत निस्तारण पोर्टल) के माध्यम से विभिन्न जिलों से प्राप्त शिकायतों की जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि गंभीर और लंबित शिकायतों में जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए।

    अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

    संभव पोर्टल शिकायतों का समयबद्ध पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने का एक पोर्टल है। अब इस पोर्टल के माध्यम से निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी भी सुनिश्चित की जा सकेगी। जनसुनवाई के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि बिजली चोरी करने वालों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

    अधिकारियों को मंत्री ने दी सख्त हिदायत

    नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने जनपदीय अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रभाव के तहत जनता को परेशान किए जाने की शिकायतें किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
    मंत्री ने अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    बजट की कोई कमी नहीं- मंत्री

    मंत्री ने कहा कि विभाग के पास जनहित के कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। जनता से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। शासन की मंशा स्पष्ट है कि जनता की समस्याओं का समाधान निचले स्तर पर ही प्रभावी ढंग से हो और किसी नागरिक को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए उच्च स्तर तक आने की आवश्यकता न पड़े।

  • छोटे-सीमांत किसानों के लिए सस्ता कर्ज, ब्याज दर 18% से घटकर 6%

    छोटे-सीमांत किसानों के लिए सस्ता कर्ज, ब्याज दर 18% से घटकर 6%

    योगी सरकार में 18 से छह प्रतिशत पर आया किसानों के कर्ज का ब्याज
     
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना से छोटे और सीमांत किसानों को सस्ता दीर्घकालिक ऋण
     
    11 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत की गई ब्याज दर, पांच लाख किसानों को लाभ देने का लक्ष्य
     
    10 लाख के ऋण पर सालाना ब्याज में 50 हजार रुपये का अंतर
     
    लखनऊ

    खेती के लिए ट्रैक्टर लेना हो, कृषि यंत्र खरीदने हों या खेत से जुड़ा कोई दूसरा बड़ा काम करना हो, छोटे और सीमांत किसानों के लिए पूंजी जुटाना अब पहले के मुकाबले सस्ता होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के जरिए उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक यानी एलडीबी से मिलने वाले दीर्घकालिक ऋण की ब्याज दर घटाकर छह प्रतिशत कर दी है। कभी यही कर्ज किसानों को 18 प्रतिशत तक के ब्याज पर मिलता था। बाद में यह दर 14 प्रतिशत और फिर करीब 11 प्रतिशत तक पहुंची। अब किसान को छह प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलेगा।
     
    ब्याज दर में पांच प्रतिशत अंक की कमी का असर किसान की जेब पर सीधे पड़ेगा। इसे 10 लाख रुपये के ऋण से समझें तो 11 प्रतिशत की दर पर एक वर्ष का साधारण ब्याज 1.10 लाख रुपये बनता है। छह प्रतिशत की दर पर यह 60 हजार रुपये होगा। यानी समान मूलधन पर एक वर्ष में ब्याज का अंतर 50 हजार रुपये है। वास्तविक बचत ऋण की अवधि, किस्त और बकाया मूलधन के आधार पर अलग होगी।
     
    पांच लाख किसानों तक पहुंचेगा सस्ता कर्ज
    मुख्यमंत्री योगी ने योजना के शुभारंभ पर अगले कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इस ऋण सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। खेती-बाड़ी और कृषि मशीनरी के लिए किसानों को कम ब्याज पर दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम में पांच किसानों को ऋण स्वीकृति पत्र देकर इसकी शुरुआत भी कर दी गई।
     
    मुख्यमंत्री का कहना है कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा और किसान समृद्ध होगा तो भारत भी समृद्ध होगा। इसी सोच के साथ किसानों की पूंजी की जरूरत को कम ब्याज वाले ऋण से पूरा करने पर जोर दिया गया है।
     
    18 से छह प्रतिशत तक ऐसे घटा ब्याज
    एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण पर ब्याज दर एक समय 18 प्रतिशत तक थी। इसे पहले घटाकर 14 प्रतिशत किया गया और बाद में करीब 11 प्रतिशत तक लाया गया। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के बाद अब यह छह प्रतिशत रह गई है। यानी 18 प्रतिशत के पुराने स्तर के मुकाबले ब्याज दर एक तिहाई रह गई है।
     
    सस्ते दीर्घकालिक कर्ज का सबसे अधिक लाभ उन छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा, जिन्हें खेती में एकमुश्त बड़े निवेश की जरूरत पड़ती है। कृषि मशीनरी और खेती की दूसरी जरूरतों के लिए कम ब्याज पर पूंजी मिलने से उन पर ब्याज का बोझ घटेगा। मुख्यमंत्री योगी का लक्ष्य इस व्यवस्था के जरिए किसान को खेती में निवेश के लिए सस्ता और संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है।

  • भारत टैक्सी के 5 सारथी सम्मानित, कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को मिला चेक

    भारत टैक्सी के 5 सारथी सम्मानित, कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को मिला चेक

    मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों को किया सम्मानित, कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को प्रदान किया चेक

    भारत टैक्सी और तीन प्रमुख संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान 

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों सुमनदीप कौर, अमित कुमार अग्रवाल, अमरीश सोनकर, शशांक पांडेय और पंकज कुमार वर्मा को मंच पर शेयर प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण के चेक भी वितरित किए, जिसमें अनिल कुमार सिंह को छह लाख रुपये, अंकुश कुमार को पांच लाख रुपये, अवधेश कुमार को चार लाख 50 हजार रुपये, बाबूलाल राजपूत को तीन लाख रुपये और संजय को दो लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया। इस अवसर पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग जेपीएस राठौर ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के लाभांश के रूप में दो करोड़ 69 लाख रुपये का चेक भी सौंपा।

    मुख्यमंत्री के समक्ष भारत टैक्सी के साथ तीन एमओयू

    मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मंच पर भारत टैक्सी और तीन प्रमुख संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। भारत टैक्सी के सीईओ हिमांशु ने अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन सिंह, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के मैनेजिंग डायरेक्टर सुशील कुमार तथा यातायात एवं सड़क सुरक्षा, लखनऊ के डीआईजी अरविंद कुमार मौर्य के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया।

    भारत टैक्सी से युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर : ब्रजेश पाठक
    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सहकारिता विभाग समाज के गरीब, किसान और मध्यम वर्ग से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूर्ववर्ती सरकारों में यह विभाग अपनी मूल भावना से भटक गया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सहकारिता विभाग को नई दिशा मिली है और आज सहकारी बैंक लाभ की स्थिति में हैं, जिसका लाभ किसानों और आम लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्तर पर सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद देश में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य तेजी से हुआ है। भारत टैक्सी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें अपनी गाड़ी, अपना ड्राइवर और अपनी कमाई की व्यवस्था होगी तथा पैसा स्थानीय स्तर पर परिवार और अर्थव्यवस्था में ही घूमेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से भारत टैक्सी को सफल बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने तथा स्वयं को इसका ब्रांड एंबेसडर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अपराध और कट्टा संस्कृति के स्थान पर कलम, शिक्षा और विकास की संस्कृति मजबूत हुई है। 

    उत्तर प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में हो रहा उल्लेखनीय कार्य: मुरलीधर मोहोल
    केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि आज लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी भारत टैक्सी की सेवा शुरू हो रही है तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 50 हजार से अधिक लोग ऑनलाइन इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। भारत टैक्सी के संबंध में उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ड्राइवर भाई-बहनों के खातों में पहुंच चुकी है। वर्तमान में भारत टैक्सी देश के करीब 15 शहरों में संचालित हो रही है और लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर तथा प्रयागराज के जुड़ने के साथ उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 40 हजार ड्राइवरों ने पंजीकरण कराया है। 
    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के नेतृत्व में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। प्रदेश में करीब 42 हजार सहकारी समितियां कार्यरत हैं। पैक्स के कंप्यूटरीकरण और ग्रामीण बैंकों के डिजिटलीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का सहकारिता मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी बन सकता है और भारत टैक्सी इस सहकारिता आंदोलन को मोबिलिटी के क्षेत्र में नई गति देने वाली महत्वपूर्ण पहल है।

  • कोयले की कमी से नहीं प्रभावित होगी बिजली सप्लाई, डिस्कॉम एमडी करेंगे रोज समीक्षा

    कोयले की कमी से नहीं प्रभावित होगी बिजली सप्लाई, डिस्कॉम एमडी करेंगे रोज समीक्षा

    योगी सरकार का निर्बाध बिजली आपूर्ति पर जोर, युद्धस्तर पर प्रयास के निर्देश

    त्योहारों पर नहीं होगी बिजली की किल्लत, वैकल्पिक व्यवस्था और फीडरवार निगरानी पर फोकस

    कोयले की कमी से न प्रभावित हो विद्युत आपूर्ति, बेहतर वैकल्पिक योजना बनाने के निर्देश

    डिस्कॉम के एमडी प्रतिदिन करेंगे समीक्षा, हर दो घंटे में फीडरवार रिपोर्ट भेजने का निर्देश

    लखनऊ
     योगी सरकार प्रदेश में निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने प्रदेश की विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास करने के निर्देश दिए। रणवीर प्रसाद ने कहा कि बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जहां से भी विद्युत की व्यवस्था संभव हो, वहां से आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने भविष्य में कोयले की कमी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की बेहतर योजना तैयार करने पर जोर दिया।

    प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया कि आपूर्ति की फीडर वाइज मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही विद्युत वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना के साथ परिणाम देने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय, तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति, फीडर मीटरों के आंकड़ों तथा वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मानकों की जानकारी ली। अध्यक्ष ने कहा कि फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण करते हुए जहां भी कमियां सामने आएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें। अधिक लाइन हानि वाले फीडरों एवं क्षेत्रों में फीडरवार कार्य योजना बनाकर नियमित कार्रवाई की जाए।

    अध्यक्ष ने प्रदेश के वितरण निगम के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए अभी से प्रभावी योजना बना ली जाए, जिसे उस दौरान सभी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि डिस्कॉम स्तर पर सभी प्रबन्ध निदेशक विद्युत आपूर्ति की समीक्षा प्रतिदिन करें। उसकी एक विस्तृत रिपोर्ट लखनऊ भेजें। जिसमें जिलेवार फीडर की जानकारी होगी। ब्रेकडाउन के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। इसी तरह रोस्टिंग की जानकारी भी फीडर वाइज रहेगी।

    उन्होंने कहा कि डिस्कॉम स्तर पर कंट्रोल रूम में हर दो घंटे की फीडरवाइज रिपोर्ट मंगाई जाए। जिसमें कभी भी किसी फीडर की जानकारी मांगी जाए। शक्ति भवन में सम्पन्न इस बैठक में उन्होंने विद्युत आपूर्ति, व्यवस्थागत ढ़ाचे का सुदृढ़ीकरण, बिल वितरण, बिल वसूली, बिजली चोरी रोकने, विद्युत दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियन्त्रण तथा विद्युत कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने आदि मुद्दों पर समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि इंडीपेन्डेन्ट फीडर के उपभोक्ताओं से विद्युत निगमों के वरिष्ठ अधिकारी सम्पर्क कर विद्युत आपूर्ति का फीड बैक लेते रहें और बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें।

    अध्यक्ष ने बिजनेस प्लान के कार्यों को समय से पूर्ण कराने हेतु सख्त निर्देश दिये। अध्यक्ष ने कहाकि बिजनेस प्लान में लखनऊ सहित प्रदेश के ऐसे स्थानों के लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाय, जहां विद्युत आपूर्ति को लेकर बार-बार समस्या आ रही है। शक्ति भवन में हुई आपूर्ति संबंधी इस समीक्षा बैठक में प्रबन्ध निदेशक नितीश कुमार सहित उत्पादन निगम एवं एस.एल.डी.सी. के अधिकारी तथा कारपोरेशन के निदेशक आदि वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • भारत टैक्सी में नहीं लगेगा कमीशन, ड्राइवरों को ₹5 लाख की सामाजिक सुरक्षा- CM योगी

    भारत टैक्सी में नहीं लगेगा कमीशन, ड्राइवरों को ₹5 लाख की सामाजिक सुरक्षा- CM योगी

    जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ
     
    लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में संचालन शुरू, टैक्सी के साथ टू और थ्री व्हीलर चालक भी जुड़ेंगे
     
    भारत टैक्सी की तर्ज पर ग्रामीण बस सेवा को आगे बढ़ाने के निर्देश, लाखों युवाओं के लिए खुलेगा रोजगार का रास्ता
     
    महाकुंभ में रैपिडो की सेवा का दिया उदाहरण, बोले- यात्रियों को सुविधा मिली और यातायात भी नहीं हुआ बाधित
     
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी के ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत
     
    पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को ऋण देने का लक्ष्य, खेती और मशीनरी के लिए मिलेगा दीर्घकालिक कर्ज
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो बड़े कदम उठाए। भारत टैक्सी से टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत कर दी गई है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहकारिता की कमान किन हाथों में है, उसी पर उसकी सफलता निर्भर करती है। अच्छा नेतृत्व सहकारिता को समृद्धि का माध्यम बनाता है, जबकि गलत नेतृत्व इसे अराजकता की ओर ले जा सकता है। आजादी के बाद पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बना और अब इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।
     
    भारत की गति को प्रगति में बदलेगी भारत टैक्सी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों के बारे में पहले कोई नहीं सोचता था। अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे और पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पाएंगे। सामाजिक सुरक्षा मिलने से चालक निश्चिंत होकर जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर सकेगा।
     
    उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी केवल यात्रियों को ढोने वाली टैक्सी नहीं है। यह पूरे भारत की टैक्सी है, जो भारत की गति को प्रगति में बदलने का काम करेगी। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी हुए हैं।
     
    महाकुंभ में देखा था रैपिडो का सफल प्रयोग
    मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक पहुंचा रहे थे। संगम से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भी उनका योगदान रहा। इससे यातायात बाधित नहीं हुआ और लोगों को आसानी से आवागमन की सुविधा मिली।
     
    उन्होंने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया तो लाखों नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
     
    पांच लाख किसानों को छह प्रतिशत पर ऋण
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था। इसे अब घटाकर छह प्रतिशत कर दिया गया है। खेती-बाड़ी और मशीनरी के लिए किसानों को पैसे की कमी न हो, इसके लिए दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है। आगामी कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो भारत समृद्ध होगा। सहकारिता क्षेत्र जितना मजबूत होगा, देश भी उतना ही मजबूत होगा।
     
    86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद 86 लाख लघु और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए। दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को पूरा होने में करीब 50 वर्ष लगे। अर्जुन सहायक, बाणसागर और मध्य गंगा जैसी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया।
     
    उन्होंने कहा कि पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। नहर और सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई भी मुफ्त है।
     
    3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें 100 से अधिक मिलें चौथे दिन गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद की थीं और इनमें से 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था।
     
    उन्होंने कहा कि किसानों को बीज से बाजार तक सुविधा देने के लिए काम किया गया है। पैक हाउस बने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगीं और एफपीओ के गठन के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों से तकनीकी सहयोग दिया गया। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस भी तैयार किए जा रहे हैं।
     
    54 लाख नए सदस्य, 15 सहकारी बैंक मुनाफे में
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे। इनमें किसानों के हजारों करोड़ रुपये जमा थे। अब 16 में से 15 बैंक फिर मुनाफे में आ चुके हैं। एक अन्य बैंक को भी बेहतर करने पर काम चल रहा है।
     
    उन्होंने बताया कि पैक्स को पहले 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सुविधा दी गई थी, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। सहकारिता से 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। किसानों को समय पर खाद, कीटनाशक और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
     
    कृषक समृद्धि पोर्टल लॉन्च, भारत टैक्सी को किया रवाना
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल ऐप यूपीसीडीसी लॉन्च किया। उर्वरक के लिए मोबाइल ऐप और सहकारिता की सेवाओं को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए कोऑपरेटिव डाटा सेंटर तथा मोबाइल ऐप की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने पांच सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे।
     
    भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु और अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन ने विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए एमओयू का आदान-प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल समेत अतिथियों ने फ्लैग ऑफ कर भारत टैक्सी को रवाना किया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर, परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति डॉ. विवेक कुमार सिंह तोमर, सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, भारत टैक्सी के उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता मौजूद रहे।

  • बरेली की जरी से पीलीभीत की नक्काशी तक, यूपी ट्रेड शो में दिखेगी रुहेलखंड की पहचान

    बरेली की जरी से पीलीभीत की नक्काशी तक, यूपी ट्रेड शो में दिखेगी रुहेलखंड की पहचान

    यूपी ट्रेड शो: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में चमकेगा रुहेलखंड, बरेली की जरी से मेंथा-फार्मा को मिलेगा बड़ा बाजार

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर को मिलेगा बड़ा बाजार

    बरेली की सबसे बड़ी भागीदारी, जरी से मेंथा तक दिखेगा दम

    पीलीभीत की नक्काशी, शाहजहांपुर की जरी और रुहेलखंड का स्वाद

    बरेली
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर और उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की मुहिम में रुहेलखंड बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2026 में बरेली की जरी-जरदोजी, मेंथा, दवा, बांस-बेंत और खाद्य उत्पादों की चमक दिखाई देगी। पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी और शाहजहांपुर की जरी कारीगरी भी खरीदारों के सामने होगी। नए निर्यातकों से लेकर पहले से विदेशों में कारोबार कर रही इकाइयों तक को अलग-अलग मंडप में जगह दी गई है। मंडलायुक्त बरेली शंभू कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्यमों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने की रही है। इसी दिशा में यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों के लिए बड़ा मंच बन रहा है। बरेली मंडल से पारंपरिक जरी-जरदोजी और लकड़ी की नक्काशी के साथ दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत से जुड़े उद्यम भी इसमें शामिल हो रहे हैं। 

    बरेली की जरी-जरदोजी दिखाएगी अपना जलवा

    एक जिला-एक उत्पाद में बरेली की छह इकाइयों को जगह मिली है। मनीषा ज्वेलरी सुनारी उद्योग के हस्तशिल्प उत्पाद लेकर पहुंचेगी। कमल ट्रेडर्स, पिंकी जरी आर्ट्स, शिखा जरी आर्ट, ज्योत्सना जरी वर्क और कृष्णा गारमेंट्स बरेली की जरी-जरदोजी की कारीगरी प्रदर्शित करेंगे। पीलीभीत से राशिद हैंडीक्राफ्ट और फाइजाह मलिक लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगे। 

    मसालों से रेजिन कला तक, छोटे उद्योग दिखाएंगे ताकत

     बरेली के छोटे और मझोले उद्योगों की विविधता भी दिखाई देगी। सृष्टिपूर्ति मसाले और मसाला मिश्रण, जबकि नंदू शेफ खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित करेगा। शील कलाकृति हाथ से तैयार रेजिन कला और ग्लिट्ज एंड थ्रेड्स आभूषण लेकर पहुंचेगा। हंकरी आर्ट एंड एसेंस सुगंधित मोमबत्तियां, रेजिन उत्पाद और धागे की चूड़ियां प्रदर्शित करेगा। फार्म टैब हेल्थ केयर दवा उत्पाद लेकर पहुंचेगा। इसके अलावा राजेश जरी गुड्स और रूबी जरी फैशन जरी-जरदोजी, हाथ की कढ़ाई और कृत्रिम आभूषणों के जरिए बरेली की कारीगरी दिखाएंगे। 

    नए निर्यातकों को बड़ा मौका, बरेली की तीन इकाइयों के पांच स्टॉल

    स्टॉल 14 नए निर्यातकों के लिए रखा गया है। इसमें बरेली की तीन इकाइयों को कुल पांच स्टॉल मिले हैं। एचएनवी फार्मा लिमिटेड (हम्बल हेल्थकेयर) दवा उत्पादों के लिए दो स्टॉल लगाएगी। दस्तकार बैम्बू केन डेवलपमेंट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बांस और बेंत से तैयार उत्पाद लेकर पहुंचेगी। सिरमौर सोप्स एंड एलाइड प्रोडक्ट्स साबुन, कपड़े धोने के उत्पाद और झाड़ू के साथ दो स्टॉल लगाएगी। पीलीभीत की पीटीआर ग्लोबल एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड भारतीय लकड़ी से तैयार उत्पादों के साथ यहां मौजूद रहेगी। इसे एक स्टॉल मिला है। 

    मेंथा की खुशबू से कपड़ों और पैकेजिंग तक बरेली की पहुंच

    नियमित निर्यातकों के लिए निर्धारित मंडप 15 में बरेली की तीन इकाइयां शामिल हैं। एसए इंटरनेशनल परिधान लेकर पहुंचेगी। केल्विन नेचुरल मिंट प्राइवेट लिमिटेड मेंथा तेल, पुदीना तेल, मेंथॉल क्रिस्टल और स्पीयरमिंट तेल जैसे उत्पाद प्रदर्शित करेगी। अंजनिनंदन प्रीमियर पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड पॉलीप्रोपाइलीन के थैले पेश करेगी। तीनों इकाइयों को एक-एक स्टॉल मिला है। वहीं पीलीभीत की राशिद हैंडीक्राफ्ट लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद प्रदर्शित करेगी। दारक्षा मलिक और सुभुही जरी-जरदोजी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगी। शाहजहांपुर से कुमकुम जरी वर्क्स जरी और उससे तैयार वस्तुओं के जरिए जिले की कारीगरी को खरीदारों के सामने रखेगी। 

    कारोबार के साथ बदायूं का पेड़ा और बरेली की बर्फी का स्वाद

    व्यापार मेले में सिर्फ उत्पादों का कारोबार नहीं होगा, रुहेलखंड का स्वाद भी लोगों को अपनी ओर खींचेगा। बरेली की अजंता स्वीट्स, रामपुर गार्डन और किप्स की बर्फी को पैकेज्ड खाद्य काउंटर में जगह मिली है। वहीं मोहित शर्मा नाश्ता कॉर्नर के छोले-भटूरे सीधे तैयार कर परोसे जाएंगे। वहीं बदायूं के हब्बू हलवाई का मशहूर पेड़ा भी व्यापार मेले में पहुंचेगा। पीलीभीत का पवन स्वीट हाउस खोया आधारित मिठाइयां और लौंज पेश करेगा। शाहजहांपुर से लोंजे को जगह मिली है। बदायूं के सूरज मिष्ठान भंडार, ककराला को भी स्थानीय व्यंजन के लिए स्टॉल संख्या 33 दिया गया है।  

    जरी के धागे से निर्यात की उड़ान तक

    रुहेलखंड की कारोबारी तस्वीर अब सिर्फ पारंपरिक हुनर तक सीमित नहीं है। एक तरफ बरेली की जरी-जरदोजी और पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी है तो दूसरी ओर दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत जैसे उद्योग भी हैं। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में इन सभी को एक मंच मिलने जा रहा है। सबसे ज्यादा भागीदारी बरेली की दिखाई दे रही है, जिससे देश-विदेश से आने वाले खरीदारों के सामने जिले के पारंपरिक हुनर के साथ बदलती औद्योगिक तस्वीर भी रखी जाएगी।

  • किसानों और ग्रामीण परिवहन को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म, CM योगी करेंगे लॉन्च

    किसानों और ग्रामीण परिवहन को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म, CM योगी करेंगे लॉन्च

    सीएम योगी बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री करेंगे ई-पोर्टल व मोबाइल ऐप की लॉन्चिंग, किसानों और ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म

    मुख्यमंत्री आवास पर होगा एमओयू और ऋण स्वीकृति पत्र का वितरण

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (23 सितंबर) को भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करेंगे। लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल mkksylb.in, सहकारिता विभाग के उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप एवं उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के मोबाइल ऐप यूपीसीडीसी की लॉन्चिंग की जाएगी। 

    इस दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल, लखनऊ पुलिस एवं भारत टैक्सी के मध्य एमओयू होगा। साथ ही भारत टैक्सी के सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र वितरित किया जाएगा। सीएम योगी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित करेंगे। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह मौजूद रहेंगे।

  • 100 महिलाओं की क्षमता वाला राजकीय महिला शरणालय तैयार, बुधवार को CM करेंगे लोकार्पण

    100 महिलाओं की क्षमता वाला राजकीय महिला शरणालय तैयार, बुधवार को CM करेंगे लोकार्पण

    राजकीय महिला शरणालय भवन का बुधवार को लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री

    8 करोड़ रुपये की लागत से 100 महिलाओं की क्षमता का बना है शरणालय

    निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का निरीक्षण भी करेंगे सीएम योगी

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर में, महिला कल्याण विभाग की तरफ से संचालित होने वाले राजकीय महिला शरणालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर वह निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का भी निरीक्षण करेंगे।

    चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप 8 करोड़ 5 लाख 42 हजार रुपये की लागत से राजकीय महिला शरणालय के भवन का निर्माण कराया गया है। इस भवन की क्षमता 100 महिलाओं के रहने की है। इसमें आवासीय सुविधा के साथ आवश्यक सहायक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त 10 डारमेट्री कक्ष, 4 अध्ययन कक्ष, रोगी कक्ष, क्रेच रूम, डाइनिंग हॉल, किचन, स्टोर, शौचालय एवं स्नानघर जैसी आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया गया है। प्रशासनिक एवं संचालन संबंधी कार्यों के लिए वर्कशॉप, वार्डन कक्ष एवं कार्यालय की व्यवस्था की गई है। संवासनियों के अध्ययन एवं ज्ञानवर्धन हेतु पुस्तकालय भी बना है।

    राजकीय महिला शरणालय, महिला कल्याण विभाग के अधीन संचालित एक संरक्षणात्मक एवं आवासीय संस्था है। इन शरणालयों की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य घरेलू हिंसा, जरूरतमंद, संकटपूर्ण परिस्थितियों, भटकाव अथवा अन्य सामाजिक एवं पारिवारिक कठिनाइयों से प्रभावित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय, संरक्षण एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करना है। 

    राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण करने से पहले मुख्यमंत्री, किशोरों के लिए निर्माणाधीन संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण करेंगे। चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप ही राजकीय संप्रेषण गृह (किशोर) का निर्माण 14 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इसकी क्षमता 100 किशोरों के रहने की होगी। इसी परिसर में किशोर न्याय बोर्ड के लिए पृथक ब्लॉक का प्रावधान किया गया है। इसका निर्माण फरवरी 2027 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का मुख्य उद्देश्य कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों को सुरक्षित, संरक्षित, बाल-अनुकूल एवं सुधारात्मक वातावरण उपलब्ध कराते हुए उनकी समुचित देखभाल, संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोसामाजिक सहयोग, कौशल विकास एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इस गृह में ऐसे बालकों को रखा जाता है जिन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया हो तथा जिनके संबंध में बोर्ड द्वारा विधि के अनुरूप आवश्यक आदेश पारित किए गए हों।  

    गोरखनाथ मंदिर में होने वाले सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में सम्मिलित होंगे मुख्यमंत्री
    बुधवार (23 सितंबर) को गोरखपुर दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ कार्यक्रम में भी सम्मिलित होंगे। यह कथा ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है। प्रख्यात कथावाचक वृंदावन के मलूकपीठाधीश्वर राजेंद्रदास श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा सुनाएंगे।

  • उत्तर प्रदेश के डेयरी-मछली कारोबार को मिलेगी नई उड़ान, UPITS 2026 में वैश्विक खरीदारों से संपर्क

    उत्तर प्रदेश के डेयरी-मछली कारोबार को मिलेगी नई उड़ान, UPITS 2026 में वैश्विक खरीदारों से संपर्क

    यूपीआईटीएस 2026 : डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा वैश्विक बाजार

    निवेशकों और खरीदारों से सीधे जुड़ेंगे उत्तर प्रदेश के उद्यमी

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बनेगा यूपीआईटीएस

    मछली पालन से दुग्ध उत्पादन तक दिखेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई तस्वीर

    देश-विदेश के खरीदारों से रूबरू होंगे डेयरी क्षेत्र से जुड़े 14 प्रमुख स्टेकहोल्डर्स और मत्स्य क्षेत्र से जुड़ीं आठ प्रमुख कंपनियां

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में प्रदेश के डेयरी व मत्स्य क्षेत्र की उपलब्धियों, संभावनाओं और उद्यमिता की नई तस्वीर देखने को मिलेगी। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो में मत्स्य एवं डेयरी को प्रमुख फोकस सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की विविध क्षमताओं को देश-विदेश के खरीदारों, निवेशकों और कारोबारियों के सामने प्रस्तुत करना है।

    बड़े बाजार से जुड़ेंगे डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स
    डेयरी और मत्स्य क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्वरोजगार से सीधे जुड़े हैं। ट्रेड शो में इन क्षेत्रों से संबंधित सरकारी योजनाओं, उत्पादों, सेवाओं, तकनीकों और उद्यमिता के अवसरों को व्यापक मंच मिलेगा। इससे किसानों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, स्वयं सहायता समूहों व उद्यमियों को अपने कार्य और उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

    प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और विपणन में विकसित होंगे उद्यमिता के अवसर
    मत्स्य क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के साथ आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन, प्रसंस्करण और विपणन की संभावनाओं को भी सामने लाया जाएगा। यूपीआईटीएस 2026 में मछली पालन, इससे जुड़े उत्पादन, फीड, प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता के अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे मत्स्य पालकों और उद्यमियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।

    इसी तरह पशुधन, पशु स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन और इससे जुड़े व्यवसायों की पूरी श्रृंखला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है। ट्रेड शो के माध्यम से इन गतिविधियों में उपलब्ध संभावनाओं और कारोबार के अवसरों को भी व्यापक बाजार के सामने रखने का प्रयास किया जाएगा।

    एक मंच पर प्रदर्शित होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की विविधता
    यूपीआईटीएस में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, घरेलू बी2बी खरीदारों, घरेलू बी2सी ग्राहकों के माध्यम से मत्स्य व डेयरी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों और सेवाओं को नए खरीदारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। डेयरी और मत्स्य विभाग की सरकारी योजनाओं एवं नीतियों के साथ निजी क्षेत्र, उद्यमियों, निवेशकों, निर्यातकों और खरीदारों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। मत्स्य और पशुपालन जैसे कृषि-संबद्ध क्षेत्रों की भागीदारी से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत और विविधता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन और बाजार तक पूरी वैल्यू चेन में नए कारोबारी संपर्क विकसित होने की संभावनाएं बनेंगी।

     

    यूपीआईटीएस में मत्स्य विभाग की ओर से इन्हें मिलेगा मंच

    👉पीवीआर एक्वा – गाजियाबाद
    👉 ग्रोवेल फीड – लखनऊ
    👉 देवी फीड्स – बाराबंकी
    👉 फिश व्हाइट – वाराणसी
    👉 मणि एग्रो हब – मुरादाबाद
    👉 एबिस ग्रुप – अयोध्या
    👉 दयाल ग्रुप – लखनऊ
    👉 एडवांस फिश फार्म – मेरठ

    डेयरी क्षेत्र की देश-प्रदेश की 14 कंपनियों की रहेगी मौजूदगी

    👉 नमस्ते इंडिया
    👉 गंगोल सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड
    👉 भारत एसकेवाईआर एंड दूध प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
    👉 सिंहानिया मिल्क प्रोडक्ट्स प्रा. लि. (मलाई धारा)
    👉 वीआरएस फूड्स लिमिटेड
    👉 क्रीमी फूड्स लिमिटेड
    👉 सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. (ज्ञान डेयरी)
    👉 भोले बाबा मिल्क
    👉 अमूल (गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड)
    👉 न्यू एरा डेयरी इंजीनियर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
    👉 ज्यूड्स मिल्क
    👉 अल्फा मिल्क फूड
    👉 श्याम डेयरी
    👉 पराग डेयरी

    वर्जन 
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण (25 से 29 सितंबर) के आयोजन में डेयरी व मत्स्य विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। अतिथि व आगंतुक दुग्ध-मत्स्य क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति से रूबरू होंगे। आयोजन में दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, स्टेक होल्डर्स, कंपनियों आदि की भी सहभागिता रहेगी। दोनों विभागों की तैयारी पूरी हो गई है।
    धनलक्ष्मी के. 
    दुग्ध आयुक्त/महानिदेशक, मत्स्य
    उत्तर प्रदेश

  • यूपी में राज्यसभा-विधान परिषद चुनाव की तैयारी, 21 सीटों पर होगी नजर

    यूपी में राज्यसभा-विधान परिषद चुनाव की तैयारी, 21 सीटों पर होगी नजर

    लखनऊ
    यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों और विधान परिषद की 11 सीटों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. अगले दो महीने में इन सीटों के लिए चुनाव और चयन की पूरी प्रक्रिया पूरी होगी. राज्यसभा की इन 10 सीटों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है, जिनमें बीजेपी की 8, सपा की 1 और बसपा की 1 सीट शामिल है. बसपा के राज्यसभा से पूरी तरह खाली होने के बीच अब सबकी नजर बीजेपी और एनडीए के अतिरिक्त वोटों पर टिकी है, जबकि सपा के खाते में 2 सीटों का गणित बनता दिख रहा है। 

    लखनऊ से मिली जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर और नवंबर में त्योहारों के साथ-साथ सियासी समीकरण भी तेजी से बदलेंगे. जिन बीजेपी सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें पूर्व डीजीपी बृजलाल, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, गीता शाक्य, हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह और बीएल वर्मा शामिल हैं. डॉ. दिनेश शर्मा का कार्यकाल भी 25 नवंबर तक था, लेकिन अंडमान-निकोबार के एलजी बनने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया, इसलिए उनकी सीट पर भी अब चुनाव होगा. इसके अलावा सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। 

    सूत्रों की मानें तो अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो सकता है. आमतौर पर अधिसूचना जारी होने से लेकर मतगणना तक पूरी प्रक्रिया में करीब 20 दिन का समय लगता है. यूपी विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं, लेकिन पिछले एक साल में 6 विधायकों के निधन के बाद अभी विधायकों की संख्या 397 रह गई है. मौजूदा गणित के हिसाब से राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए करीब 37 विधायकों के वोट चाहिए होंगे। 

    बसपा विधानसभा में पहले ही शून्य हो चुकी है और रामजी गौतम का कार्यकाल खत्म होते ही पार्टी राज्यसभा में भी शून्य हो जाएगी. सपा के पास 101 विधायक हैं, जिससे उसे 2 सीटें मिलने का रास्ता बनता है और करीब 7 वोट अतिरिक्त बच जाएंगे. वहीं बीजेपी के पास 256 विधायक हैं और सहयोगी दलों को जोड़कर एनडीए का आंकड़ा करीब 289 बताया जा रहा है। 

    तीन निर्दलीय विधायकों और राजा भैया की पार्टी के 2 विधायकों के समर्थन से यह आंकड़ा 294 तक पहुंच जाता है, हालांकि सुभासपा के 2 विधायकों के सपा की तरफ झुकाव के चलते एनडीए की असल ताकत करीब 292 ही मानी जा रही है. इस हिसाब से बीजेपी और उसके सहयोगी दल 7 सीटें आसानी से जीत सकते हैं, लेकिन उसके बाद भी एनडीए के पास वोट बचेंगे जिससे दूसरी पसंद के वोट 10वीं सीट का फैसला कर सकते हैं।