Category: उत्तर प्रदेश

  • मंत्री पद के बंटवारे पर राजभर का तंज, चुनाव से पहले सपा पर उठाए सवाल

    मंत्री पद के बंटवारे पर राजभर का तंज, चुनाव से पहले सपा पर उठाए सवाल

    चुनाव हुआ नहीं, सपा में बंटने लगे मंत्री पद, राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज

    इंद्रजीत सरोज के मंत्री बनने और बालू खनन वाले बयान को लेकर सुभासपा अध्यक्ष ने सपा प्रमुख को घेरा

    कहा, पहले जनता की अदालत का फैसला तो आने दीजिए, फिर बांटिए विभाग

    बोले, सरकार बनने से पहले ही मंत्री पद और बालू-मिट्टी का हिसाब-किताब लगाया जा रहा

    अखिलेश से पूछा, 2027 के लिए किस-किस नेता को कौन-कौन सा विभाग सपने में बांट रखा है

     लखनऊ
     सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के बयान को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी समय है और जनता का फैसला भी नहीं आया है, लेकिन सपा में अभी से मंत्री पद और विभाग बांटने के सपने देखे जाने लगे हैं।

    राजभर ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सपा नेता इंद्रजीत सरोज अभी से बता रहे हैं कि 2027 में सपा की सरकार बनी तो उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। उन्होंने सरोज के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब वह पार्टी के बुरे दिनों के साथी रहे हैं तो बड़े मंत्री भी वही बनेंगे।

    राजभर ने सरोज की जेसीबी, डंपर और बालू खनन को लेकर की गई टिप्पणी पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव होने में अभी समय है, लेकिन सपा में मंत्री कौन बनेगा और कार्यकर्ताओं को जेसीबी-डंपर लगाकर बालू-मिट्टी खोदने की छूट कैसे मिलेगी, इसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है क्या?

    सुभासपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि ये चुनाव की तैयारी चल रही है या सरकार बनने से पहले ही मंत्री पद और बालू-मिट्टी का हिसाब-किताब लगाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता कोई खाली कुर्सी नहीं है कि किसी ने चाहा और उस पर बैठ गया। पहले जनता की अदालत का फैसला आने देना चाहिए।

    राजभर ने पोस्ट के आखिर में अखिलेश से पूछा कि 2027 के लिए और किस-किस नेता को कौन-कौन सा विभाग सपने में बांट रखा है। उन्होंने तंज किया कि चच्चू भी अपने विभाग का इंतजार कर रहे हैं। सपने में ही सही, लेकिन बता दीजिए कि पीडब्ल्यूडी देंगे या सिंचाई, ताकि नींद अच्छी आए।

  • UPITS-2026 में संभल का जलवा, हॉर्न-बोन क्राफ्ट और सोनपापड़ी को मिला मंच

    UPITS-2026 में संभल का जलवा, हॉर्न-बोन क्राफ्ट और सोनपापड़ी को मिला मंच

    यूपीआईटीएस-2026: संभल के हॉर्न-बोन क्राफ्ट और सोनपापड़ी का दुनिया में बजेगा डंका, सात फर्मों को मिले स्टॉल

    ओडीओपी और ओडीओसी योजना के तहत वैश्विक पटल पर चमकेगा संभल का हुनर, एमएसएमई हॉल में भी दिखेगी जिले की मजबूत धमक

    संभल
     प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और स्थानीय दस्तकारी को सात समंदर पार पहचान दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी आयोजन 'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय महामंच पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभल जनपद के हुनर का जलवा बिखरेगा। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद-एक उत्पाद', 'एक जनपद-एक व्यंजन' तथा एमएसएमई नीति के तहत संभल की सात प्रमुख औद्योगिक इकाइयों व दस्तकारों को विभिन्न हॉल में स्टॉल आवंटित कर दिए गए हैं। कुल 1.10 लाख वर्ग मीटर से अधिक के विशाल प्रदर्शनी क्षेत्र में आयोजित होने वाले इस पांच दिवसीय मेले में 2,400 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे, जिसमें संभल के विश्वविख्यात 'हॉर्न एवं बोन क्राफ्ट' और लजीज सोनपापड़ी का स्वाद अंतरराष्ट्रीय खरीदारों (बायर्स) के सामने पेश किया जाएगा।

    हॉल-9 में दिखेगी सींग व हड्डी की नायाब नक्काशी
    संभल का हॉर्न एवं बोन क्राफ्ट वैश्विक स्तर पर अपनी अनूठी पहचान रखता है। यूपीआईटीएस-2026 के हॉल नंबर 9 (ओडीओपी पवेलियन) में संभल के तीन प्रमुख दस्तकारों को स्थान दिया गया है। इनमें मोहम्मद आरिफ को स्टॉल नंबर एच9-0116/ और शाह आलम को स्टॉल नंबर एच9-02/72 आवंटित किया गया है, जो हॉर्न व बोन से बने हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, अमेजिंग क्राफ्ट होम के विकास जैन को स्टॉल नंबर एच9-03/126, 127, 128 और 129 यानी चार स्टॉलों का बड़ा स्पेस मिला है, जहां वे काष्ठ शिल्प (वुडन हैंडीक्राफ्ट्स) का भव्य प्रदर्शन करेंगे।

    एमएसएमई और एक्सपोर्ट पवेलियन में भी संभल का दबदबा
    जिले के उद्यमियों ने केवल पारंपरिक ओडीओपी तक सीमित न रहकर आधुनिक कला और निर्यात क्षेत्र में भी कदम बढ़ाए हैं। हॉल नंबर 10 (एमएसएमई) में जुबैर उमर (फर्म: जुबैर उमर मिस्टर जुबैर) को स्टॉल नंबर एच10-08/457 मिला है, जहां वे हॉर्न-बोन के साथ रेजिन आर्ट और वुडन क्राफ्ट का अनूठा सम्मिश्रण प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा हॉल नंबर 14 (ओडीओपी) में हैंडीक्राफ्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले नीलकंठ ओवरसीज के कमल कौशल वार्ष्णेय को स्टॉल एच14-14/44 तथा शहादत हुसैन को स्टॉल एच14-14/42 आवंटित किया गया है। हॉल नंबर 11 में डेकोर वर्ल्ड एक्सपो के मोहम्मद आकिब यूपी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के तहत जिले के एक्सपोर्ट क्वालिटी उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे।

    ओडीओसी में घुलेगी संभल की मशहूर सोनपापड़ी की मिठास
    हस्तशिल्प के साथ-साथ इस बार संभल के लजीज स्वाद को भी वैश्विक मंच दिया गया है। 'एक जिला, एक व्यंजन' योजना के तहत हॉल नंबर 16 में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संभल के दक्ष स्वीट सेंटर के संचालक राजेंद्र कुमार को स्थान दिया गया है। यहां देश-विदेश से आने वाले मेहमानों और ट्रेडर्स को संभल की मशहूर सोनपापड़ी का मुरीद बनाया जाएगा। 

    वैश्विक बाजार में संभल के हुनर को मिलेगा नया मुकाम
    "यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो संभल के उद्यमियों और दस्तकारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों की पहचान स्थापित करने का एक स्वर्णिम अवसर है। ओडीओपी और ओडीओसी योजना के तहत चयनित इकाइयों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने के लिए स्टॉल आवंटित किए जा चुके हैं। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि हमारे पारंपरिक हॉर्न-बोन हस्तशिल्प और स्थानीय मिठास को देश-विदेश के बड़े खरीदारों से सीधे ऑर्डर्स मिलें, जिससे जिले के निर्यात को नई गति और कारीगरों को बेहतर आय मिल सके।"
    — मुकेश कुमार, उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, संभल

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज वितरित करेंगे 3,567 नियुक्ति पत्र

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज वितरित करेंगे 3,567 नियुक्ति पत्र

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मंगलवार यानी 22 सितंबर को 3,567 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे।लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को योग्य शिक्षक और कुशल प्रशासक मिलेंगे। चयनित अभ्यर्थियों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (पीजीटी) तथा 2372 सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल हैं।

    उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के माध्यम से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित इन अभ्यर्थियों को जुपिटर हॉल में आयोजित समारोह में नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी समेत अन्य नेता एवं अधिकारी मौजूद रहेंगे। 

     

  • यूपी बना एक्सपोर्ट इंजन, आबकारी निर्यात नीति से खेत से विदेशी बाजार तक जुड़ी पूरी चेन

    यूपी बना एक्सपोर्ट इंजन, आबकारी निर्यात नीति से खेत से विदेशी बाजार तक जुड़ी पूरी चेन

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति 2026-29 का असर अब प्रदेश की पूरी एक्सपोर्ट चेन में दिखाई दे रहा है। खेतों में तैयार होने वाले गन्ने, शीरे और अनाज से लेकर फैक्ट्री, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन तक आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में यूपी के आबकारी निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 45.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान राष्ट्रीय वृद्धि 18.3 प्रतिशत रही।

    नई इकाइयों और पुराने प्लांट को मिला संबल
    निर्यात की संभावनाओं के साथ प्रदेश में नई औद्योगिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। उन्नाव में यूनाइटेड ब्रुअरीज और हरदोई में माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज नई इकाइयां स्थापित कर रही हैं। फर्रुखाबाद में वुडपेकर ग्रीनएग्री न्यूट्रिएंट्स ने इकाई स्थापित की है। वहीं एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स ने मुरादाबाद की बंद इकाई को दोबारा शुरू किया है। गोरखपुर की कियान डिस्टिलरी ने एथेनॉल उत्पादन के साथ पेय आसवनी और ब्रुअरी के लिए आवेदन किया है। रैडिको खेतान भी अन्य राज्यों से सीतापुर और रामपुर संयंत्रों में निर्यात उत्पादन स्थानांतरित कर रही है।

    10.2 से बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गई हिस्सेदारी
    अप्रैल-जून 2026 में देश से करीब 10.17 करोड़ अमेरिकी डॉलर का आबकारी निर्यात हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 127.8 लाख डॉलर रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 87.9 लाख डॉलर थी। इस तरह प्रदेश ने करीब 39.9 लाख डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि हासिल की। राष्ट्रीय निर्यात में यूपी की हिस्सेदारी भी 10.2 प्रतिशत से बढ़कर 12.6 प्रतिशत हो गई। प्रदेश इस अवधि में महाराष्ट्र और पंजाब के बाद तीसरे स्थान पर रहा।

    बस्ती का शीरा पहुंचा वैश्विक बाजार
    आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि यूपी की बढ़ती एक्सपोर्ट चेन में कृषि आधारित उत्पाद भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। बस्ती से 25 हजार कुंतल शीरे का विदेश निर्यात किया गया, जिससे करीब पांच लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई। शीरा अलग शुल्क वर्गीकरण में आता है, इसलिए यह राशि उपरोक्त आंकड़ों से अतिरिक्त है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश के कृषि उत्पाद प्रसंस्करण के बाद वैश्विक बाजार की आपूर्ति श्रृंखला में शामिल हो रहे हैं।

    बोतलों की सप्लाई में भी आया बड़ा उछाल
    अप्रैल-जुलाई 2026 के बीच यूपी की इकाइयों ने अन्य राज्यों को पिछले वर्ष की समान अवधि से 1.64 करोड़ अधिक बोतलें भेजीं। यह करीब 45.7 प्रतिशत की वृद्धि है। आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि निर्यात बढ़ने का असर गन्ना, शीरा और अनाज से लेकर कांच की बोतल, पैकेजिंग, ढक्कन, लेबलिंग, भंडारण और परिवहन तक पड़ता है। इस तरह त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति ने प्रदेश में खेत से फैक्ट्री और फैक्ट्री से विदेशी बाजार तक जुड़ी व्यापक एक्सपोर्ट चेन को गति दी है।

  • सीएम की अपीलः पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाइए

    सीएम की अपीलः पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाइए

    मंगलवार को फिर 2500 युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र: सीएम योगी

    मेरठ में युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    'राष्ट्र प्रथम' होना चाहिए हर युवा का भावः मुख्यमंत्री

    सीएम की अपीलः पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाइए

    हमने प्रशासन से कहा कि बुलडोजर का स्टेयरिंग ऐसे घुमाओ कि वाहन कटने की घटनाएं बंद हों, अब मेरठ में चोरी के वाहन कटने बंद हो गए- सीएम

    पुलिस वालों से कहा कि मॉकड्रिल का ही प्रदर्शन ही कर दो, ताकि दंगाई भूल न जाएं कि कार्रवाई कैसी होती हैः सीएम योगी

    हर कार्य को नकारात्मक भाव से देखने वाला युवा नहीं हो सकताः मुख्यमंत्री

    सीएम का तंज, मुझसे वे लोग प्रश्न पूछ रहे हैं, जिनके शासन में एक भी भर्ती साफ-सुथरी नहीं रही

    मेरठ, 
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ की क्रांतिधरा पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का 'युवा संवाद' कार्यक्रम में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हमने सत्ता संभालते ही युवाओं के लिए सरकारी भर्तियों को लेकर पारदर्शी व्यवस्था बनाई। अब तक 9.50 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। परसों से फिर मिशन रोजगार शुरू हुआ है। मंगलवार सुबह फिर ढाई हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलेंगे। छह महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी देंगे। यह क्रम अनवरत चलेगा।

    सीएम योगी ने तंज कसा कि मुझसे प्रश्न वो लोग पूछ रहे हैं, जिनके शासन में एक भी भर्ती साफ-सुथरी नहीं थी। विज्ञापन निकलते ही महाभारत के रिश्ते (चाचा-भतीजे, भाई, मामा) वसूली करने निकल पड़ते थे। थाने-तहसीलें बिक जाती थीं। सपा शासन के समय जिसने परीक्षा भी नहीं दी, ऐसे लोगों को भी नियुक्ति पत्र दे दिया गया। यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन की एक परीक्षा ऐसी हुई, उसमें 86 में से 56 एक ही जाति के थे। उसका टॉपर वह हुआ, जो हाईस्कूल-इंटर, स्नातक में तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुआ। बाकी की शिक्षा भगवान भरोसे हुई। अयोग्य व्यक्ति को चेयरमैन बना दिया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हर युवा का भाव राष्ट्र प्रथम होना चाहिए। डबल इंजन सरकार युवा ऊर्जा को प्लेटफॉर्म दे रही है। हर क्षेत्र में युवा शक्ति समेत सभी वर्गों के लिए कार्य हुए हैं। उन्होंने आह्वान किया कि पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ाइए। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि यह महत्वपूर्ण नहीं कि आपकी शिक्षा कितना धनार्जन कराती है, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि शिक्षा राष्ट्र के प्रति कितना समर्पण का भाव पैदा करती है। सीएम ने छात्रों, युवाओं से कहा कि हर क्षेत्र में आपके लिए संभावनाएं हैं। उसके अनुरूप करियर को बढ़ाइए। 

    सीएम ने महाभारत, हस्तिनापुर, आजादी के दौर में मेरठ का जिक्र किया, कहा कि मेरठ ने कई दौर को अपने आंखों से देखा है। जब भारत की आजादी का आह्वान हुआ तो उप्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। मंगल पांडेय ने बैरकपुर में जो चिंगारी जलाई, मेरठ में कोतवाल धन सिंह गुर्जर के नेतृत्व में उस चिंगारी ने दिल्ली के सिंहासन को हिला दिया था। झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, बिठूर में नाना साहेब, तात्या टोपे ने इस आंदोलन को बढ़ाया। उत्तर प्रदेश का कोई भी ऐसा कस्बा और जनपद नहीं था, जहां भारत की आजादी के लिए ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ गूंज न उठी हो। हमारी एकता ने ब्रिटिश ताकत की चूलें हिला दी थीं।

    सीएम ने कहा कि आजाद भारत में मेरठ ने वह दौर भी देखा है, जब दंगे यहां की नियति बन गए थे। सीएम ने प्रदेश भर से लूटे व चोरी किए गए वाहनों को स्क्रैप किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 में हमारे सामने वाहन चोरी के मामले आए तो हमने कहा कि वाहन कहां जा रहे हैं, पता चला कि मेरठ मे कट रहे हैं। हमने प्रशासन से कहा कि बुलडोजर का स्टेयरिंग ऐसे घुमाओ कि यह कारोबार बंद हो, फिर यहां चोरी के वाहन कटने बंद हुए। मेरठ अब 12 लेन के एक्सप्रेसवे, नमो भारत रैपिड रेल के साथ जुड़ गया। 

    सीएम ने कहा कि यूपी में साढ़े 9 साल में दंगा नहीं हुआ। मैंने पुलिस वालों से कहा कि मॉकड्रिल का प्रदर्शन ही कर दो ताकि दंगाई भूल न जाएं कि कार्रवाई कैसी होती है। अब डबल इंजन की सरकार है, इसलिए माता-पिता चिंतित नहीं होते हैं। 2017 के पहले हर मां-पिता को चिंता होती थी कि पश्चिमी उप्र में बच्चों को कैसे पढ़ाएं। 2017 के चुनावी अभियान का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि मेरा पहला कार्यक्रम बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद में था। पहली सभा में बोलने खड़ा हुआ तो कुछ लोग मेरे पास आए और बोले कि कुछ ऐसा-वैसा मत कह दीजिएगा। हमने कहा कि हमारी सरकार बनेगी तो दंगे बंद होंगे, बेटी सुरक्षित होगी। अच्छी शिक्षा मिलेगी। लोग देखते थे कि कोई देख तो नहीं रहा है, तब ताली बजाते थे। मैंने कहा कि कम से कम ताली तो खुलकर बजा दो। उस समय ताली बजाने में भी लोगों को डर लगता था। 

    सीएम ने कहा कि 2017 के पहले यूपी को बीमारू कहा जाता था। यहां कोई आना नहीं चाहता था। यहां से पलायन होता था। अब यहां पलायन, दंगा, कर्फ्यू, चोरी के वाहन की बिक्री बंद हो गई। अब हर व्यक्ति पसंद के अनुरूप संस्थान व रोजगार का चयन कर सकता है। हमने मेरठ में प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय बनाया। ओडीओपी में खेल उत्पाद की ब्रांडिंग करके उसे पहचान दी। अब किसान खुशहाल है, उसे चिंता नहीं है कि बेटी की शादी के लिए गन्ना मूल्य का भुगतान होगा कि नहीं होगा। सरकार अब गन्ना मूल्य भुगतान की गारंटी दे रही है। सरकार ने 2017 से 2026 के बीच 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया। 

    सीएम ने कहा कि अब बिचौलिए समाप्त हो गए। अब 100 में से 15 पैसा नीचे नहीं जाता, बल्कि मोदी जी ने जनधन, मोबाइल व डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से ऐसी व्यवस्था कर दी है कि पूरे 100 रुपये लाभार्थी के खाते में जाते हैं। एक भी पैसा इधर-उधर नहीं हो सकता। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने तकनीक की ताकत का अहसास कराया है। 

    सीएम ने कहा कि जब हम लोग सांसद थे तो कनेक्शन के 10-10 कूपन मिलते थे। कुछ लोग कूपन बेचने के लिए बदनाम हो गए थे। कांग्रेस की बेचने की प्रवृत्ति थी। उन लोगों की मानसिकता गलत थी तो उन्होंने चोरी करना सिखाया, लेकिन अटल जी प्रधानमंत्री बने तो टेलीकॉम क्षेत्र में रिफॉर्म किया। भारत इस क्षेत्र में बढ़ चुका है। स्मार्टफोन का श्रेय अटल जी व डिजिटल क्रांति का श्रेय मोदी जी को जाता है। दोनों के कार्य करने की नीयत और निर्णय लेने की क्षमता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनी। 

    सीएम ने परोक्ष रूप से राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि हर कार्य को नकारात्मक भाव से देखने वाला युवा नहीं हो सकता। युवा का भाव सकारात्मक होता है। उसका दृष्टिकोण स्पष्ट होना चाहिए। भारत की युवा शक्ति ने पलायन नहीं किया, चुनौती को समस्या नहीं माना बल्कि समाधान का रास्ता निकाला। सीएम ने श्रीराम, श्रीकृष्ण, बुद्ध, स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह का भी जिक्र किया। राक्षसों को नेस्तनाबूद करने के राम के संकल्प को बताया और कहा कि श्रीकृष्ण ने कंस के अत्याचार से त्रस्त मथुरा को मुक्ति दिलाई। श्रीकृष्ण ने कहा कि मुरली वृंदावन में बजेगी, मथुरा में सुदर्शन से काम चलाना पड़ेगा। 

    सीएम ने कहा कि 2017 के पहले यूपी में महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई की बजाय उन्हें मुख्यमंत्री आवास पर सम्मानित किया जाता था, लेकिन अब यूपी में ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है, जिससे पाकिस्तान के आका भी कांप उठते हैं। यूपी के पास सर्वाधिक युवा वर्कफोर्स है। सभी ने बदलते भारत के साथ बदलते यूपी को देखा है। अब इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही विकास और विरासत का सम्मान है। मेरठ से 40-45 मिनट में दिल्ली की दूरी तय की जा सकती है। हमारे जनप्रतिनिधि अब गंगा एक्सप्रेसवे से साढ़े तीन घंटे में लखनऊ पहुंचते हैं। यह गति प्रगति का आधार है। 

    सीएम ने कैराना के पलायन का जिक्र कर वहां के व्यापारी का दर्द भी सुनाया। फिर कहा कि 2021 में मैं कैराना गया था। अब वहां लोग वापस आ चुके हैं। मैं खुद जाकर लोगों से मिला और उनकी समस्या सुनी। उस परिवार की बेटी ने अपना दर्द बताया। यूपी में अब कैराना, सहारनपुर से सोनभद्र, बिजनौर से बलिया तक हर जगह सुरक्षा है। पिछली सरकारों ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया। हमने ओडीओपी व एमएसएमई सेक्टर को संजोया। इससे 3.25 करोड़ लोगों को इसके माध्यम से रोजगार मिला। सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण मिला तो 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए। 15 लाख करोड़ की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हुई। हर क्षेत्र में यूपी में निवेश आए। पिछली सरकारों ने एक जिला-एक माफिया दिया। हमने एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज दिया।

    सीएम ने युवाओं से कहा कि तकनीक से भागिए नहीं। उसके अनुरूप खुद को न ढालिए, बल्कि अपने अनुरूप उसे ढालिए। क्वांटम कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, एआई समेत हर फील्ड को टटोलिए, क्योंकि आपके पास संभावनाएं हैं। अच्छी पुस्तकों का अध्ययन कजिए। विरासत, मातृभूमि, पूर्वजों, राष्ट्रनायकों, तीर्थों, बड़ों-गुरुजनों के प्रति श्रद्धा का भाव रखें, यह आपको ज्ञानवान और चुनौतियों से जूझने का जज्बा देगा। सपनों को साकार करने की तैयारी कीजिए, डबल इंजन सरकार आपके लिए पलक पांवड़े बिछाकर इंतजार कर रही है। 

    इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, सुभारती विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण आदि मौजूद रहे।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को वितरित करेंगे 3,567 नियुक्ति पत्र

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को वितरित करेंगे 3,567 नियुक्ति पत्र

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार, 22 सितंबर को 3,567 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे।लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को योग्य शिक्षक और कुशल प्रशासक मिलेंगे। चयनित अभ्यर्थियों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (पीजीटी) तथा 2372 सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल हैं।

    उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के माध्यम से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित इन अभ्यर्थियों को जुपिटर हॉल में आयोजित समारोह में नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी समेत अन्य नेता एवं अधिकारी मौजूद रहेंगे।

  • अखिलेश राज में बाबा साहेब की मूर्तियां हुईं खंडित, जनता लेगी हिसाब- सपा प्रमुख पर संजय निषाद का निशाना

    अखिलेश राज में बाबा साहेब की मूर्तियां हुईं खंडित, जनता लेगी हिसाब- सपा प्रमुख पर संजय निषाद का निशाना

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार अपनी प्रेस कांफ्रेंस में योगी सरकार में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। इसपर उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग मंत्री संजय निषाद ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जिस तरह मीडिया के माध्यम से लगातार बयान दे रहे हैं, वह जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के हर बयान और आरोप का लोग विश्लेषण करते हैं और उसकी तुलना योगी सरकार और सपा शासनकाल से की जाती है। लोग समझदार हैं, सब जानते हैं।

    मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव चाहते हैं कि मीडिया उनके सामने नतमस्तक रहे, लेकिन आज के दौर में ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब एआई (AI) से बने वीडियो के जरिए भी हमले किए जा रहे हैं। संजय निषाद ने कहा कि चुनाव में AI नहीं जनता वोट डालेगी। मंत्री संजय निषाद ने कहा कि जनता को गुमराह करने वाला नहीं, बल्कि जनता से सीधा जुड़ाव रखने वाला नेता चाहिए।

    अंबेडकर और आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश से सवाल
    संजय निषाद ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर से जुड़े मुद्दों पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने के दौरान बाबा साहेब की मूर्तियां खंडित हुईं और प्रमोशन में आरक्षण खत्म कर दिया गया। निषाद के मुताबिक, दलित समाज के लोग इन मुद्दों पर अखिलेश यादव से सवाल कर रहे हैं और उन्हें इसका जवाब देना पड़ेगा।

    निषाद समाज के साथ अन्याय का लगाया आरोप
    मंत्री ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के राज में निषाद समाज के साथ अन्याय हुआ। संजय निषाद ने निषादों के आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव को घेरा।

    सपा शासन में दंगों और कर्फ्यू का लगाया आरोप
    संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में दंगों की भरमार थी, आए दिन कर्फ्यू लगता था और पीएसी (PAC) तैनात करनी पड़ती थी। संजय निषाद ने कहा कि उस समय हर त्योहार तलवार के साथ मनाया जाता था, जबकि योगी सरकार में अब त्योहार संस्कार के साथ मनाए जाते हैं।

    रोजगार और नेताओं की भाषा पर भी निशाना
    संजय निषाद ने कहा कि योगी सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को नौकरी देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के कामों पर जनता ताली बजाती है, जबकि सपा ने गालीबाज पैदा किए और हर समाज से ऐसे नेताओं को पार्टी में जगह दी गई जो गाली देते हैं।

  • सपा राज में मिलता था अपराधियों को सरंक्षण, सवाल करने पर पूछते हैं पत्रकारों की जाति- अखिलेश पर दयाशंकर सिंह का हमला

    सपा राज में मिलता था अपराधियों को सरंक्षण, सवाल करने पर पूछते हैं पत्रकारों की जाति- अखिलेश पर दयाशंकर सिंह का हमला

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव को पूरी तरह बौखलाया हुआ बताते हुए कहा कि मीडिया के सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकारों की जाति पूछना उनकी बौखलाहट को दिखाता है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को तोड़े जाने के मुद्दे पर भी दयाशंकर सिंह ने सपा के पुराने शासनकाल याद दिलाते हुए गंभीर आरोप लगाए।

    अंबेडकर की मूर्तियों के मुद्दे पर सपा पर हमला
    प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव की ओर से बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियां तोड़े जाने का मुद्दा उठाए जाने पर दयाशंकर सिंह ने समाजवादी पार्टी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सपा अपने शासनकाल में बाबा साहब का लगातार अपमान करती रही है। दयाशंकर सिंह के मुताबिक, लखनऊ के अंबेडकर मैदान में स्थापित मूर्ति को भी सपाइयों ने खंडित करने का काम किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान बाबा साहब के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया।

    पत्रकारों की जाति पूछने पर अखिलेश पर निशाना
    दयाशंकर सिंह ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में उनकी जाति पूछने के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि जब मीडिया सपा शासनकाल में अपराध और बलात्कार के आरोपियों को संरक्षण दिए जाने को लेकर सवाल करती है, तो पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के बजाय उनकी जाति पूछी जाने लगती है।

    ‘अपराधियों को संरक्षण के आरोप
    मंत्री दयाशंकर सिंह ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान बलात्कारियों और अपराधियों को संरक्षण दिया जाता था। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर मीडिया सवाल उठाती है तो अखिलेश यादव बौखलाहट में पत्रकारों की जाति पूछने लगते हैं। इस तरह का व्यवहार अखिलेश यादव की राजनीतिक बौखलाहट को सामने लाता है।

    मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी बोला हमला
    वहीं योगी सरकार में मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। सपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने 2012 से 2017 के बीच रहे सपा शासन को भ्रष्टाचार और खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सपा शासन में लोगों के बीच सुरक्षा का अभाव था और कानून व्यवस्था की स्थिति भी ठीक नहीं थी।

    सपा शासन में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
    हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उनके कार्यकाल में यूपी में भ्रष्टाचार का बोलबाला था और कानून व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों में खुद को सुरक्षित महसूस करने की स्थिति नहीं थी।

  • सपा राज में कसाई प्राथमिकता थे, योगी सरकार में गाय और किसान… धर्मपाल सिंह का अखिलेश पर निशाना

    सपा राज में कसाई प्राथमिकता थे, योगी सरकार में गाय और किसान… धर्मपाल सिंह का अखिलेश पर निशाना

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा सरकार और योगी सरकार के कार्यकाल में गौ संरक्षण की व्यवस्था का अंतर बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते गाय कसाई को देखकर कांपती थी, जबकि 2017 के बाद स्थिति बदल गई है और अब 'कसाई गाय को देखकर कांपता है। धर्मपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में अवैध स्लॉटर हाउस बंद किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में किसान उनकी प्राथमिकता नहीं थे, जबकि योगी सरकार की प्राथमिकता गाय और किसान दोनों हैं।

    अखिलेश को गोबर में बदबू, योगी के लिए चंदन जैसा पवित्र
    पशुधन मंत्री ने गाय को लेकर अखिलेश यादव पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि 'अखिलेश जी को तो गाय के गोबर में बदबू आती है,' जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए गाय का गोबर चंदन की तरह पवित्र है। धर्मपाल सिंह ने गाय की धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि देसी गाय का दूध अमृत के समान माना गया है और इसी भावना के साथ योगी सरकार गौ संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है।

    यूपी में 7,500 गौ आश्रय केंद्र, 13 लाख गायें संरक्षित
    गौ आश्रय स्थलों को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए धर्मपाल सिंह ने कहा कि इस समय उत्तर प्रदेश में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 7,500 गौ आश्रय केंद्र हैं, जहां करीब 13 लाख गोवंश संरक्षित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए प्रतिदिन 30 रुपये दिए जाते थे, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर 50 रुपये प्रतिदिन कर दिया है।

    हर जिले में हरे चारे की व्यवस्था
    मंत्री ने बताया कि गौ संरक्षण केंद्रों में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर जिले में एक हेक्टेयर भूमि पर हरा चारा उगाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि गौचर भूमि को कब्जामुक्त कराकर वहां चारा बोने का काम किया गया है। उन्होंने बताया कि निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए छह विभागों की संयुक्त कमेटी बनाई गई है। इसमें ग्राम विकास, पंचायती राज, राजस्व, पुलिस, पशुधन और नगर विकास विभाग शामिल हैं। जिलाधिकारी को कमेटी का अध्यक्ष और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को संयोजक बनाया गया है।

    गौ तस्करों पर कार्रवाई, निराश्रित गोवंश को संरक्षण
    धर्मपाल सिंह ने कहा कि सभी विभाग मिलकर निराश्रित गोवंश के संरक्षण का काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि गौ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पशुधन मंत्री ने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता गौ संरक्षण है और प्रदेश में निराश्रित गोवंश को संरक्षण देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मूल सिद्धांत 'पशु सेवा अस्माकं धर्मः' है और इसी भावना के साथ गौ संरक्षण की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा रहा है।

  • पहले अपने कार्यकाल का हिसाब दें अखिलेश… भ्रष्टाचार के आरोपों पर अनिल राजभर का करारा जवाब

    पहले अपने कार्यकाल का हिसाब दें अखिलेश… भ्रष्टाचार के आरोपों पर अनिल राजभर का करारा जवाब

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार पर आरोप लगाने से पहले समाजवादी पार्टी को अपने कार्यकाल के कामकाज का हिसाब देना चाहिए। अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि हल्का आदमी ही अखिलेश यादव की तरह रोज-रोज बयानबाजी करता है। इसीलिए सपा प्रमुख की उपयोगिता खत्म हो गई है।

    सपा भ्रष्टाचार की बात करे, यह अजूबा है
    अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी का भ्रष्टाचार की बात करना ही अपने आप में अजूबा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेता लगातार सरकार को लेकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि जनता राजनीतिक दलों के दावों के साथ-साथ सपा के पुराने रिकॉर्ड को भी समझती है।

    उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी मौजूदा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है, तो उसे अपने शासनकाल से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए। अनिल राजभर ने इसी सिलसिले में JPNIC, गोमती रिवर फ्रंट, आगरा एक्सप्रेसवे, सरकारी नौकरियों और खनन जैसे मामलों का जिक्र किया।

    JPNIC से खनन तक के मुद्दे पर सपा को घेरा
    मंत्री ने कहा कि सपा राज में JPNIC और गोमती रिवर फ्रंट समेत कई परियोजनाओं को लेकर सवाल उठे थे। उन्होंने खनन को लेकर भी सपा सरकार पर निशाना साधते हुए अनियमितताओं के आरोप लगाए। अनिल राजभर ने यह भी कहा कि पिछली सरकार के दौरान खनन से जुड़े मामलों में मंत्रियों को जेल जाना पड़ा। उन्होंने इन मामलों का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी से जवाब मांगा। मंत्री ने कहा कि विपक्ष को मौजूदा सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन उसे अपने कार्यकाल से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।

    अखिलेश को सच्चाई सुनने की हिम्मत रखनी चाहिए
    मीडिया के सवालों को लेकर भी अनिल राजभर ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पत्रकार सपा सरकार के कार्यकाल या उत्तर प्रदेश के विकास से जुड़े सवाल पूछते हैं, तो पार्टी के नेता असहज हो जाते हैं।

    उन्होंने कहा कि पत्रकारों के सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और राजनीतिक दलों को कठिन सवालों का भी जवाब देने की हिम्मत रखनी चाहिए। अनिल राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेता मीडिया के सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकारों को ही निशाना बनाने लगते हैं।