Category: उत्तर प्रदेश

  • सरकार की इस सख्ती के बीच आपूर्ति व्यवस्था भी नियंत्रण में

    सरकार की इस सख्ती के बीच आपूर्ति व्यवस्था भी नियंत्रण में

    कालाबाजारी पर मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई, 5813 जगहों पर पड़े छापे

    कालाबाजारी में संलिप्त 12 एलपीजी वितरकों एवं 74 अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

    कार्रवाई के दौरान 11 गिरफ्तार एवं 85 व्यक्तियों के खिलाफ हुई अभियोजन की कार्रवाई

    सरकार की इस सख्ती के बीच आपूर्ति व्यवस्था भी नियंत्रण में

    खाद्यायुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित

    लखनऊ
     प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर 12 से 17 मार्च तक पूरे प्रदेश में 5813 निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 12 एफआईआर दर्ज कराई गईं, जबकि कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 74 एफआईआर दर्ज हुई हैं। कार्रवाई के दौरान 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 85 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। यह अभियान लगातार जारी है और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को सक्रिय रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

    सरकार की इस सख्ती के बीच आपूर्ति व्यवस्था भी नियंत्रण में है। प्रदेश के 4108 एलपीजी गैस वितरकों के यहां बुकिंग के सापेक्ष उपभोक्ताओं को समय पर रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई जा रही है। वितरकों के पास गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आवश्यकता के अनुसार घरेलू एलपीजी रिफिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वाणिज्यिक सिलेंडरों के लिए भारत सरकार द्वारा कुल खपत के 20 प्रतिशत आवंटन की अनुमति भी दी गई है, जिससे बाजार में संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है।

    पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है और सामने आ रही समस्याओं का तत्काल निस्तारण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त होम कंट्रोल में भी खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जनपद स्तर पर भी कंट्रोल रूम स्थापित कर उन्हें सक्रिय रखा गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्थिति पर लगातार नजर बनी रहे।

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी कृत्रिम कमी की स्थिति न बनने पाए और उपभोक्ताओं को समय से आवश्यक ईंधन उपलब्ध होता रहे। प्रशासनिक स्तर पर की जा रही यह सतत निगरानी प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।

  • उत्तर प्रदेश में आठ डाटा सेंटर पार्क से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में मिलेगी नई दिशा

    उत्तर प्रदेश में आठ डाटा सेंटर पार्क से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में मिलेगी नई दिशा

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में आठ डाटा सेंटर पार्क उत्तर प्रदेश को बढ़ाएंगे आगे

    नोएडा से वाराणसी तक आठ शहरों में विकसित होंगे डेटा सेंटर पार्क

    लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव, कई बड़ी कंपनियां दिखा रहीं रुचि

    900 मेगावाट बिजली आपूर्ति और नई नीति से डेटा सेंटर उद्योग को मिलेगा बल

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश को देश का प्रमुख डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी रणनीति के अंतर्गत प्रदेश में 8 डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाने की योजना तैयार की गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रोद्योगिकी विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा सेंटर पार्कों के विकास से उत्तर प्रदेश देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही आने वाले समय में एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के लिए यह एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।

    सरकार की योजना के अनुसार इन डेटा सेंटर पार्कों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में विकसित किया जाएगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में जमीन की पहचान और आवंटन की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है। कुछ कंपनियों को जमीन आवंटित भी की जा चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर भूमि चिन्हांकन और मास्टर प्लान तैयार करने का काम जारी है।

    डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने रुचि दिखाई है। एचसीएल, अडानी ग्रुप, एनटीटी डेटा, योट्टा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टर्लाइट टेक्नोलॉजीज और सिफी टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां प्रदेश में निवेश की दिशा में आगे आईं हैं। इन कंपनियों की ओर से कुल मिलाकर करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें से कई परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं और कुछ परियोजनाएं निर्माण की दिशा में अग्रसर हो रहीं हैं। डेटा सेंटर के संचालन के लिए बड़े पैमाने पर बिजली की आवश्यकता होती है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने लगभग 900 मेगावाट बिजली की मांग को पूरा करने की योजना बनाई है। इसके लिए नए सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा और डेटा सेंटर पार्कों को समर्पित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि डेटा सेंटर संचालन को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके।

    प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए डेटा सेंटर नीति के अंतर्गत कई प्रोत्साहन भी तय किए हैं। इसमें पूंजीगत सब्सिडी, बिजली शुल्क में रियायत, स्टांप ड्यूटी में छूट और बुनियादी ढांचे के विकास में सरकारी सहयोग शामिल है। इसके अलावा निवेशकों को तेज और पारदर्शी अनुमति प्रक्रिया देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू किया गया है। इन 8 डेटा सेंटर पार्कों के विकसित होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे। लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष रोजगार और बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। अनुमान है कि परियोजनाओं के अधिकांश चरण अगले 3 से 5 वर्षों के भीतर पूरे हो जाएंगे।

  • संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2023: विभिन्न विधाओं के कलाकारों को मिलेगा सम्मान

    संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2023: विभिन्न विधाओं के कलाकारों को मिलेगा सम्मान

    संगीत नाटक अकादमी के पुरस्कारों की घोषणा, विभिन्न विधाओं के कलाकार होंगे सम्मानित

    वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2024 तक के अकादमी पुरस्कारों के लिए कलाकारों के नामों की घोषणा

    अकादमी पुरस्कार के साथ सफदर हाशमी एवं बी.एम.शाह पुरस्कारों के लिए कलाकारों के नामों का हुआ चयन 

    लखनऊ
     राज्य में संगीत, नृत्य, नाटक एवं लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार के लिए समर्पित संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश की ओर से अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की गई। इस अवसर पर अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत ने बताया कि संगीत नाटक अकादमी उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने एवं उसके संवर्धन में योगदान देने वाले कलाकारों को अकादमी पुरस्कारों से सम्मानित करती है। इसी क्रम में अकादमी की ओर से वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2024 तक के चार वर्षों के अकादमी पुरस्कार के साथ नाटक एवं रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कलाकारों को बी.एम. शाह पुरस्कार और सफदर हाशमी पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।   

    संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश की ओर से वर्ष 2021 के अकादमी पुरस्कार के लिए शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में पं. दीनानाथ मिश्रा,  लोक गायन के लिए श्रीकांत वैश्य, नक्कारा वादन के लिए कानपुर के प्रभु दयाल और शहनाई वादन के लिए वाराणसी के जवाहर लाल के नामों की घोषणा की गई। इस क्रम में रंगमंच निर्देशन के लिए भूमिकेश्वर सिंह, रंगमंच तकनीकी-प्रकाशन के लिए जगमोहन रावत, नौटंकी निर्देशन के लिए राजकुमार श्रीवास्तव एवं नाट्य लेखन के लिए विजय पंडित को सम्मानित किया जाएगा। 
    कला उन्नयन के लिए मथुरा के मोहन स्वरूप भाटिया और वाराणसी की माला होम्बल के नामों का चयन किया गया है। जबकि नृत्य विधा में मथुरा,वृदांवन की भरतनाट्यम नृत्यांगना प्रतिभा शर्मा को पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2021 के सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए रीवा के मनोज कुमार मिश्रा एवं बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए दिल्ली के सतीश आनन्द पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।
    इसी क्रम में वर्ष 2022 के अकादमी पुरस्कार के लिए शास्त्रीय गायन एवं लोक गायन के लिए मथुरा के आनन्द कुमार मलिक व माधुरी शर्मा, जबकि कथक नृत्य के लिए लखनऊ के पं. अनुज मिश्रा, पखावज वादन के लिए शशिकांत पाठक और तबला वादन के लिए प्रयागराज के पंकज कुमार श्रीवास्तव के नामों की घोषणा की गई है। वहीं गिटार वादन के लिए सुनील पावगी, बांसुरी वादन के लिए मोहन लाल कुंवर, रंगमंच अभिनय के लिए मंजू कौशल तथा रंगमंच तकनीक-कठपुतली के लिए मेराज आलम को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। 
    नाट्य लेखन,संगीत, नृत्य एवं रंगमंच के लिए वाराणसी के विजय शंकर मिश्रा एवं कला समीक्षा के लिए सीतापुर के पद्मकांत शर्मा को सम्मानित करने की घोषणा की गई है। जबकि वर्ष 2022 के सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए नई दिल्ली के राजेश सिंह एवं बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए भोपाल के कमल जैन के नामों का चयन किया गया है। 

    संगीत नाटक अकादमी की ओर से वर्ष 2023 के लिए शास्त्रीय गायन की श्रेणी में डॉ. रामशंकर, सुगम गायन के लिए मनोज गुप्ता एवं लोक गायन के लिए राकेश श्रीवास्तव को सम्मानित करने की घोषणा की गई। जबकि कथक नृत्य के लिए लखनऊ की डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव, तबला वादन के लिए अनूप बनर्जी और बांसुरी वादन के लिए चेतन कुमार जोशी के नामों का चयन किया गया है। वहीं नाटक एवं रंगमंच के क्षेत्र में निर्देशन के लिए राजकुमार उपाध्याय, अभिनय के लिए संजय देगलुरकर, लेखन-संगीत एवं नृत्य के लिए उमा त्रिगुणायत, कला उन्नयन के लिए डॉ. ओमेन्द्र कुमार एवं कला समीक्षा के लिए अर्जुनदास केसरी को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए गाजियाबाद के अजय कुमार और बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए गोरखपुर के रविशंकर खरे के नाम का चयन किया गया है। 

    इसी क्रम में वर्ष 2024 के अकादमी पुरस्कार में शास्त्रीय गायन के लिए रीतेश-रजनीश मिश्रा, सुगम गायन के लिए मुक्ता चटर्जी और लोकगायन (आल्हा) के लिए रामस्थ पाण्डेय को सम्मानित करने की घोषणा की गई है। वहीं लोक नृत्य के लिए सुगम सिंह शेखावत, दुक्कड़ वादन के लिए मंगल प्रसाद, वायलिन वादन के लिए सुखदेव मिश्रा एवं सितार वादन के लिए वाराणसी के राजेश शाह को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। जबकि रंगमंच के क्षेत्र में निर्देशन के लिए सुषमा शर्मा, अभिनय क्षेत्र में रविकांत शुक्ला ‘शिब्बू’, कला उन्नयन के लिए राजेश पंडित एवं कला समीक्षा के लिए शशिप्रभा तिवारी को सम्मानित किया जाएगा।

    इसके साथ ही वर्ष 2024 के लिए सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए लखनऊ के शुभदीप राहा और बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए भोपाल के संजय मेहता के नामों का चयन किया गया है। अध्यक्ष प्रो. जयंत ने बताया कि अकादमी की ओर से जल्द ही विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर इन सभी कलाकारों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

  • सीएम योगी ने बच्चे संग खींची सेल्फी, बच्चे को किया दुलार, चॉकलेट भी दी

    सीएम योगी ने बच्चे संग खींची सेल्फी, बच्चे को किया दुलार, चॉकलेट भी दी

    … और पूरी हो गई स्कूली बच्चे की इच्छा

    सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे बच्चे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर बुलाया 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर बुलाया, सेल्फी ले रहे बच्चे को किया सम्मानित

    सीएम योगी ने बच्चे संग खींची सेल्फी, बच्चे को किया दुलार, चॉकलेट भी दी

    जालौर/लखनऊ
     राजस्थान के जालौर स्थित श्री शांतिनाथ बालिका उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर में पढ़ने वाले एक बच्चे की इच्छा रविवार को पूरी हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो सदैव बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर देते हैं, ने उस बच्चे के मनोभाव को समझते हुए तत्काल उसके मन की मुराद पूरी कर दी। 

    दरअसल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को राजस्थान में रहे। वह श्री शांतिनाथ बालिका उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित नवीन भवन के अवलोकन कार्यक्रम में पहुंचे। यहां पढ़ने वाला एक बच्चा विद्यालय के कणिया गिरि मंच के नीचे खड़ा होकर मुख्यमंत्री के फ्रेम में बार-बार सेल्फी लेने की कोशिश कर रहा था। यह देखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उस बच्चे को मंच पर बुला लिया। बच्चे से उसका नाम, क्लास आदि की जानकारी ली, फिर मोबाइल लेकर अपने हाथों से बच्चे के साथ सेल्फी खींची। इस पर आह्लादित बच्चे ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहा। 

    मुख्यमंत्री ने यहां अपने विचार भी व्यक्त किए। अतिथियों ने मुख्यमंत्री का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। अंत में मुख्यमंत्री ने स्कूल के शिक्षकों, बच्चों, कलाकारों आदि के साथ फोटो खिंचवाई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट भी प्रदान की।

  • वीरभूमि को किया प्रणाम, महारानी पद्मावती के जौहरस्थल भी गए सीएम योगी

    वीरभूमि को किया प्रणाम, महारानी पद्मावती के जौहरस्थल भी गए सीएम योगी

    मुख्यमंत्री ने कालिका माता मंदिर में की पूजा-अर्चना 

    मुख्यमंत्री ने कालिका माता मंदिर में श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की

    वीरभूमि को किया प्रणाम, महारानी पद्मावती के जौहरस्थल भी गए सीएम योगी

    राजस्थान की धरती पर गूंजा ‘योगी-योगी’

    चित्तौड़गढ़/लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीरभूमि राजस्थान पहुंचे। उन्होंने जौहर श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होने से पहले दुर्ग चित्तौड़गढ़ में ऐतिहासिक कालिका माता मंदिर में दर्शन-पूजन किया। सीएम ने मां को चुनरी भेंटकर श्रद्धा निवेदित की और प्रदेश व देशवासियों के मंगल के लिए प्रार्थना की।

    इसके बाद सीएम ने राजस्थान की वीरभूमि को नमन किया और महारानी पद्मावती के जौहर स्थल भी गए। मुख्यमंत्री ने यहां की वीरगाथाओं को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि हम आज इतिहास बनाने वाली धरती से साक्षात्कार कर रहे हैं। यह त्याग, बलिदान की परिपाटी का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब जौहर श्रद्धांजलि समारोह में पहुंचे और मंच पर संबोधन के लिए खड़े हुए तो समूचा समारोह स्थल ‘योगी-योगी’ की गूंज से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान सरकार के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ आदि भी मौजूद रहे।

  • सहारनपुर दौरे पर सीएम योगी, विकास कार्यों की समीक्षा के साथ मां शाकुंभरी देवी मंदिर में की पूजा

    सहारनपुर दौरे पर सीएम योगी, विकास कार्यों की समीक्षा के साथ मां शाकुंभरी देवी मंदिर में की पूजा

    सीएम योगी ने सहारनपुर में की विकास कार्यों की समीक्षा, मां शाकुंभरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ की पूजा-अर्चना

    मां शाकुंभरी देवी पर्यटन कॉरिडोर निर्माण की प्रगति का लिया जायजा, अक्टूबर माह में शारदीय नवरात्रि तक कार्य पूरा करने का दिया निर्देश

    निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समयबद्धता का रखा जाए ध्यान- सीएम योगी

    एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य यथाशीघ्र किया जाए पूर्ण- सीएम योगी 

    सहारनपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर जनपद में मां शाकुंभरी देवी सिद्धपीठ मंदिर पहुंचे और निर्माणाधीन पर्यटन विकास परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सोविनियर शॉप, टॉयलेट ब्लॉक, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, मल्टीलेवल पार्किंग की प्रगति को देखा। इसके उपरान्त उन्होंने भूरादेव एवं सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की।     

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों को गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए तथा अक्टूबर माह में पूर्ण होने वाली परियोजनाओं को शारदीय नवरात्रि तक तय मानकों के साथ पूरा कराएं। भूरा देव मंदिर से शाकुंभरी देवी मंदिर तक निर्माणाधीन एलिवेटिड रोड का कार्य यथाशीघ्र पूर्ण किया जाए। 

    निरीक्षण के दौरान संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सैनी, राज्यमंत्री लोक निर्माण ब्रजेश सिंह, विधायक नकुड मुकेश चौधरी, विधायक रामपुर मनिहारन देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नगर राजीव गुम्बर, एडीजी भानू भास्कर, मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, पूर्व विधायक नरेश सैनी एवं संबंधित अधिकारियों सहित जिलाध्यक्ष अजीत राणा, महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई उपस्थित रहे।

  • कालाबाजारी रोकने के लिए LPG सिलेंडरों पर कड़ी कार्रवाई, 2,554 स्थानों पर छापेमारी

    कालाबाजारी रोकने के लिए LPG सिलेंडरों पर कड़ी कार्रवाई, 2,554 स्थानों पर छापेमारी

    LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी, 2,554 स्थानों पर निरीक्षण व छापेमारी

    40 एफआईआर, 8 गिरफ्तार, 37 व्यक्तियों को किया गया अभियोजित

    आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी, सभी जनपदों में स्थापित किए गए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम

    उपभोक्ताओं को बुकिंग के सापेक्ष 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से सुनिश्चित कराई गई रिफिल डिलीवरी

    वितरकों के यहां आवश्यतानुसार एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आवश्यतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ ही एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी/अवैध बिक्री रोकने के लिए लगतार निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है।

    कालाबाजारी पर कसा कानून का शिकंजा
    इसी क्रम में जनपद स्तर पर प्रवर्तन टीमों द्वारा विगत दो दिनों में कुल 2,554 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की गई। इस दौरान एलपीजी वितरकों के विरुद्ध 5 एफआईआर दर्ज कराई गईं। इसके साथ ही एलपीजी गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 35 एफआईआर दर्ज की गईं। मौके से 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 37 व्यक्तियों को अभियोजित किए जाने की कार्रवाई की गई है। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं। प्रदेशभर में आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी के साथ निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, जिससे कहीं भी किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था न होने पाए।

    सुनिश्चित कराई गई एलपीजी रिफिल डिलीवरी
    प्रदेश के 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को वितरकों के माध्यम से बुकिंग के सापेक्ष आवश्यकतानुसार एलपीजी रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई गई है। भारत सरकार ने कमर्शियल सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति प्रदान की है, जिससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी गैस आपूर्ति प्रभावित न हो।

    24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, फील्ड में सक्रिय प्रशासन
    आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है। होम कंट्रोल रूम में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो लगातार कार्य कर रहे हैं। जिला पूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपभोक्ताओं को एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं।

  • कांशीराम को अछूत मानती थी कांग्रेस, अब वोट के लिए राहुल गांधी कर रहे हैं नाटक: असीम अरुण

    कांशीराम को अछूत मानती थी कांग्रेस, अब वोट के लिए राहुल गांधी कर रहे हैं नाटक: असीम अरुण

    कांग्रेस की 'दलित नीति' के खिलाफ कांशीराम जी ने लिखी थी पूरी किताब, राहुल को 'चमचा युग' पढ़नी चाहिए: असीम अरुण 

    राहुल को इतिहास-भूगोल का पता नहीं, आजीवन कांग्रेस के खिलाफ थे कांशीराम, मानते थे दलितों के शोषण का जिम्मेदार: असीम अरुण

    कांशीराम को अछूत मानती थी कांग्रेस, अब वोट के लिए राहुल गांधी कर रहे हैं नाटक: असीम अरुण

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दलित वोट बैंक को साधने की राजनीतिक जंग तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लखनऊ में कांशीराम जयंती से जुड़े 'सामाजिक परिवर्तन दिवस' कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, 'अगर जवाहरलाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते।' 

    यह कार्यक्रम कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति (SC) विभागों तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सहयोग से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया। पार्टी ने मंच से प्रस्ताव पारित कर कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की। कांग्रेस का यह कदम 2027 चुनाव में दलितों को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह बसपा की कमजोर स्थिति को भुनाने की कोशिश है। राहुल ने कहा कि आज भाजपा ने समाज को 15-85 में बांट दिया है, जबकि कांशीराम बराबरी की बात करते थे।

    असीम अरुण का पलटवार: 'बनावटी प्रेम'
    उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री असीम अरुण ने राहुल गांधी के बयान और कांग्रेस के कांशीराम प्रेम को बनावटी करार दिया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी को इतिहास-भूगोल कुछ मालूम नहीं है। माननीय कांशीराम ने कांग्रेस के खिलाफ ही बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की थी। कांग्रेस द्वारा दलितों के शोषण पर तो कांशीराम जी ने पूरी किताब लिखी है। राहुल गांधी को कांशीराम जी की किताब 'चमचा युग' जरूर पढ़नी चाहिए। कांशीराम जी मानते थे कि कांग्रेस पार्टी ने ऐसी नीति अपनाई जिससे दलित नेता सिर उठाकर खड़ा न हो सके। कांग्रेस को दलित समाज से केवल चमचे नेता चाहिए थे। सच ये है कि कांग्रेस तो कांशीराम जी को अछूत मानती थी और उनके जीते जी कभी सम्मान नहीं दिया। अब केवल वोट के लिए राहुल गांधी नाटक कर रहे हैं। कांशीराम एक स्वाभिमानी नेता थे और पूरे जीवन दलित स्वाभिमान के लिए काम किया।' 

    असीम अरुण ने आरोप लगाया कि चुनावी साल में कांग्रेस और सपा दोनों कांशीराम की विरासत पर दावा पेश कर रहे हैं, लेकिन दोनों का इससे कोई वास्तविक लेना-देना नहीं है।

    सपा-कांग्रेस की होड़, बसपा की विरासत
    दिलचस्प है कि सपा और कांग्रेस दोनों कांशीराम को अपना बताने की कोशिश में लगे हैं, जबकि कांशीराम ने बसपा बनाकर कांग्रेस विरोधी रुख अपनाया था। कांशीराम के निर्देशन में बसपा ने भाजपा से तीन बार गठबंधन किया। माना जाता है कि अगर कांशीराम आज होते तो शायद भाजपा के सबसे करीब होते। बसपा सुप्रीमो मायावती ही इस विरासत पर सबसे ज्यादा हक रखती हैं, जो जानती हैं कि कांग्रेस और सपा ने दलितों के साथ कैसा व्यवहार किया और उनके नेताओं का शोषण किया। 

    यह राजनीतिक बयानबाजी 2027 में दलित वोटों की लड़ाई को और रोचक बनाती है, जहां बसपा की कमजोरी कांग्रेस और सपा के लिए मौका बनी है, लेकिन भाजपा इसे विपक्षी वोट बंटवारे के रूप में देख रही है। 

     

  • उत्तर प्रदेश को मिला सबसे अधिक लाभ, 2.15 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित

    उत्तर प्रदेश को मिला सबसे अधिक लाभ, 2.15 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित

    प्रदेश के 2.15 करोड़ किसानों को निधि से मिले 4335 करोड़ से अधिक रुपये

    पीएम मोदी ने असम से जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त

    देश के 9.32 करोड़ किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंची सम्मान निधि

    उत्तर प्रदेश को मिला सबसे अधिक लाभ, 2.15 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित

    21 किस्तों में यूपी के किसानों को मिल चुके थे 94,668 करोड़ रुपये

    22वीं किस्त के साथ प्रदेश के किसानों को कुल लाभ 99,003.69 करोड़ रुपये दिया गया

    लखनऊ
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के दो दिवसीय दौरे के दौरान गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी कर दी। इस किस्त के तहत देशभर के 9.32 करोड़ किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि ट्रांसफर की गई। इसमें उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसानों को भी बड़ी राहत मिली है। उनके खातों में सीधे 4335.11 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मोदी-योगी की डबल इंजन सरकार किसानों की आय और सम्मान बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश के किसानों को अब तक 99 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मिल चुकी है।

    सर्वाधिक 23 प्रतिशत लाभार्थी किसान यूपी में
    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक लाभ पाने वाला राज्य बना हुआ है। 22वीं किस्त जारी होने से पहले तक प्रदेश के किसानों को 21 किस्तों में कुल 94,668.58 करोड़ रुपये की सहायता मिल चुकी थी। अब नई किस्त के 4335.11 करोड़ रुपये जुड़ने के बाद यह राशि बढ़कर 99,003.69 करोड़ रुपये हो गई है। देश के कुल लाभार्थियों में लगभग 23 प्रतिशत किसान उत्तर प्रदेश से हैं, जो इस योजना में प्रदेश की बड़ी भागीदारी को दर्शाता है।

    प्रतिवर्ष तीन किस्तों में मिलती है छह हजार रुपये की सहायता
    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में दो-दो हजार रुपये के रूप में सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।

    2019 में गोरखपुर से हुई थी योजना की शुरुआत
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। तब से यह योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए आर्थिक सहारा बन चुकी है। मोदी-योगी सरकार के प्रयासों से योजना का लाभ लगातार अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच रहा है और इससे किसानों की आय तथा सम्मान दोनों को मजबूती मिल रही है।

    मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी किए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा कि कृषक-कल्याण के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता एक बार फिर करोड़ों अन्नदाताओं के जीवन में विश्वास और संबल लेकर आई है। इस किस्त के तहत ₹18,640 करोड़ से अधिक की सम्मान राशि सीधे 9.32 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में पहुंची है जिसमें उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसान भी लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल किसानों के जीवन को सुगम बनाने और खेती को नई शक्ति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

  • लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर का अनावरण, राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ करेंगे उद्घाटन समारोह

    लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर का अनावरण, राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ करेंगे उद्घाटन समारोह

    लखनऊ वासियों को मिलेगा ग्रीन कॉरिडोर का अनमोल तोहफा 

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज करेंगे लोकार्पण 

    1519 करोड़ की लागत से विभिन्न कार्यों का होगा लोकार्पण व शिलान्यास 

    लखनऊ
     रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लखनऊवासियों को अनमोल उपहार देंगे। राजधानी के लोगों को इस दिन ग्रीन कॉरिडोर की सौगात मिलेगी। यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा, जिसके तहत 1519 करोड़ की लागत से विभिन्न कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया जाएगा। 

    मुख्यमंत्री व रक्षा मंत्री ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण (डालीगंज से समतामूलक चौराहे तक) का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तीसरे व चौथे चरण का शिलान्यास भी होगा। तीसरे चरण के अंतर्गत समतामूलक चौक से शहीद पथ व चौथे चरण के अंतर्गत शहीद पथ से किसान पथ तक का निर्माण होगा। लोकार्पण के उपरांत रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री झूलेलाल वाटिका, गोमती तट पर जनसभा को भी सम्बोधित करेंगे।